बॉलीवुड के गलियारों से बीते दिनों ऐसी खबरें सामने आई थीं कि अदाकार डेजी शाह (Daisy Shah) सलमान खान (Salman Khan) की अपकमिंग नो एंट्री 2 (No Entery 2) में लीड हीरोइन के रूप में दिखाई दे सकती हैं। डेजी शाह भाईजान के कैंप की ही अदाकारा हैं और दर्शकों ने इन्हें जय हो में साथ देखा था, जिस कारण लोगों को भरोसा हो चला था कि ये जोड़ी एक बार फिर से उन्हें गुदगुदाने आ रही है। हालांकि हम आपको बता दें कि अदाकारा डेजी शाह फिल्म नो एंट्री 2 में दिखाई नहीं देंगी। फिल्म से जुड़े सूत्र ने पिंकविला को बताया है, ‘फिल्म नो एंट्री 2 के लिए सलमान खान, अनिल कपूर और फरदीन खान लॉक किए जा चुके हैं, जो पहले भाग में भी दिखाई दिए थे। इनके अलावा बाकी पूरी कास्ट चुनी जानी बाकी है। मेकर्स जल्द ही बाकी कलाकारों को फाइनल करेंगे।’ Also Read – Aayush Sharma ने Salman Khan की Kabhi Eid Kabhi Diwali को मारी लात!!
फिल्म से जुड़े सूत्र ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा है, ‘फिल्म नो एंट्री 2 में 10 हीरोइनें होंगी। फिल्म में सलमान खान, फरदीन खान और अनिल कपूर तीनों ही ट्रिपल रोल में दिखेंगे। हर किरदार के अपोजिट एक अदाकारा होगी। इनके बीच कन्फ्यूजन की स्थिति तब पैदा होगी जब एक 10वीं क्लास की लड़की की एंट्री होगी।’
नो एंट्री 2 की शूटिंग के बारे में बात करते हुए सूत्र ने बताया है, ‘डायरेक्टर अनीस बज्मी कब तक नो एंट्री 2 को शुरू करेंगे यह नहीं कहा जा सकता है लेकिन इतना पक्का है कि सलमान खान कभी ईद कभी दिवाली के बाद ही नो एंट्री 2 शुरू करेंगे। फिल्म में सलमान खान तीन अलग-अलग किरदार निभाते दिखेंगे, जिसके लिए उन्हें काफी डेट्स देनी पड़ेंगी। फिल्म में भाईजान रेडी वाले अवतार में दिखेंगे, और दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।’ बतातें चलें कि इन दिनों सलमान खान टाइगर 3 की शूटिंग में व्यस्त हैं, जिसे यशराज बैनर बहुत बड़े स्तर पर शूट कर रहा है। इसके बाद वो कभी ईद कभी दिवाली की शूटिंग शुरू करेंगे, जो साजिद नाडियाडवाला के बैनर की फिल्म है।
Salman Khan की No Entry 2 में होंगी 10 हीरोइनें
तीसरे टेस्ट में विराट कोहली की होगी वापसी? हेड कोच राहुल द्रविड़ ने दिया अपडेट
भारत और दक्षिण अफ्रीका के दूसरे टेस्ट मैच से पहले पीठ में खिंचाव के कारण विराट कोहली नहीं खेले थे। इसके बाद केएल राहुल के नेतृत्व में जोहानसबर्ग में टीम खेलने उतरी। इस मुकाबले में इंडिया को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने कहा कि विराट के टीम में नहीं होने से भारतीय बल्लेबाजी कमजोर नजर आई। टीम में आक्रामकता की भी कमी दिखाई दीं। अब दोनों टीमों के बीच तीसरा और आखिकारी मैच 11 जनवरी से केपटाउन में शुरू होगा।
विराट कोहली ट्रेनिंग में लौटे
टीम इंडिया अगर दक्षिण अफ्रीका की धरती पर पहली टेस्ट सीरीज हासिल करना चाहती है। तब उसे तीसरा मुकाबला जीतना होगा। तीसरे मैच में विराट कोहली की वापसी होगी या नहीं। इसे लेकर हेड कोच राहुल द्रविड़ ने बड़ा अपडेट दिया है। द्रविड ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कोहली ट्रेनिंग में लौट चुके हैं। विराट को सभी स्तर पर फिट होना चाहिए।
हनुमा विहारी को मिला था मौका
राहुल ने कहा कि विराट को इधर-उधर दौड़ने का अवसर मिला है। साथ ही परीक्षण करने का समय मिला है। उम्मीद है कि कुछ नेट सत्र के बाद वो आगे जाने के लिए तैयार होंगे। मैं जो कुछ सुन रहा हूं और बातचीत कर रहा हूं। ऐसे में कोहली को चार दिनों में फिट हो जाना चाहिए। बता दें दूसरे टेस्ट मैच में टेस्ट कप्तान विराट कोहली की जगह हनुमा विहारी को मौका मिला था। दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 40 रन बनाए थे।
मध्य प्रदेश सरकार सोना सहित 21 प्रमुख खनिजों की खदानें नीलाम करेगी
भोपाल । उच्च गुणवत्ता के हीरा के बाद अब मध्य प्रदेश की धरती सोना भी उगलेगी। राज्य सरकार पहली बार सिंगरौली जिले के गुरहार पहाड़ क्षेत्र में स्थित 21 वर्गमीटर की सोने की खदान नीलाम कर रही है। इसके साथ प्रमुख खनिजों की 21 खदानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनमें चूना पत्थर, बाक्साइट, लोह अयस्क, मैग्नीज की खदानें शामिल हैं। इन खदानों की नीलामी में शामिल होने की इच्छुक कंपनियां 15 फरवरी तक निविदा दस्तावेज खरीद सकेंगी और 22 फरवरी की रात 11.59 बजे तक बोली लगा सकेंगी।
निविदा डालने से पहले इच्छुक ठेकेदार क्षेत्र का मुआइना भी कर सकेंगे। विभाग ने चूनापत्थर के आठ ब्लाक, बाक्साइट के दो, सोना और लौह अस्यक के एक-एक ब्लाक के लिए नीलामी और खनन पटटे के अनुदान के लिए निविदा बुलाई है। जबकि मैग्नीज अयस्क के सात, बाक्साइट के एक और बाक्साइट एवं चूना पत्थर के एक ब्लाक की नीलामी के लिए निविदा बुलाई है। वित्तीय बोली सिर्फ डिजिटल तरीके से लगाई जा सकेगी। जबकि तकनीकी बोली के लिए योग्य बोलीदारों को डिजिटल और भौतिक दोनों विकल्प दिए जाएंगे।
प्रदेश में वर्ष 2002 से सिंगरौली, कटनी, बालाघाट, सिवनी, बैतूल, जबलपुर, शहडोल और उमरिया जिलों में सोने के भंडार की खोज चल रही थी। जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया ने सोने की संभावनाओं का सर्वे करते हुए कटनी और सिंगरौली में सोने की खदानों की पुष्टि की है। इसमें से सिंगरौली के चकरिया में चार हेक्टेयर में सोने का डेढ़ लाख टन और गुरहार पहाड़ में 21 वर्गमीटर, थापरा में 24 वर्गमीटर, कर्माहीपुरी सिली में 32 वर्गमीटर और निबुआ में 25 वर्गमीटर क्षेत्र में सोने की खोज हुई है।
इस सर्वे में छिंदवाड़ा के जंगलदेही क्षेत्र में आठ हेक्टेयर में 16 लाख टन और बैतूल के बिसखान क्षेत्र में छह हेक्टेयर में 20 लाख टन जिंक का भंडार भी मिला है। वर्तमान में सिंगरौली जिले के गुरहार पहाड़ पर 21 वर्गमीटर में स्थित सोने की खदान की निविदा निकाली गई है।
ये खदानें की जा रहीं नीलाम
सतना जिले में चूना पत्थर की सात और रीवा में एक खदान है। निवाड़ी में लौह अयस्क, सिंगरौली में सोने, डिंडौरी और सतना में बाक्साइट, बालाघाट, झाबुआ, खरगोन, सिवनी में मैग्नीज, कटनी में बाक्साइट और सतना में बाक्साइट एवं चूना पत्थर की खदानें नीलाम की जा रही हैं।
मध्य प्रदेश में तीन सिस्टम सक्रिय, 11 जनवरी तक बौछारें पड़ने के आसार
भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय तीन वेदर सिस्टम के असर से मध्यप्रदेश के विभिन्ना जिलों में बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर रहे हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम का मिजाज 11 जनवरी तक ऐसा ही बना रहने के आसार हैं। हालांकि रविवार से इंदौर, उज्जैन, भोपाल संभागों के जिलों में मौसम कुछ साफ होने लगेगा, लेकिन ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। उधर शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक पचमढ़ी में दो, खजुराहो में 1.2, नौगांव में एक मिलीमीटर बारिश हुई। सतना, गुना में बूंदाबांदी हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि शनिवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 25 डिग्रीसेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से एक डिग्रीसे. अधिक रहा। जो शुक्रवार के अधिकतम तापमान 21.9 डिग्रीसे. की तुलना में 3.1 डिग्रीसे. अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 15 डिग्रीसे. रिकार्ड किया गया। जो सामान्य से चार डिग्रीसे. अधिक रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में पाकिस्तान के मध्य क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर दक्षिणी मप्र तक एक ट्रफ बना हुआ है। इन तीन वेदर सिस्टम के सक्रिय रहने से बौछारें पड़ रही हैं। शुक्ला के मुताबिक अब भोपाल, उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद संभागों के जिलों में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। शेष संभागों में 11 जनवरी तक बादल बने रहने के साथ बौछारें पड़ती रह सकती हैं। उसके बाद मौसम साफ होने लगेगा।
मप्र के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित होगी आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा
भोपाल । गुजरात के स्टेच्यू आफ यूनिटी की तरह ओंकारेश्वर में आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। 54 फीट ऊंचे प्लेटफार्म पर स्थापित होने वाली प्रतिमा की लागत दो हजार करोड़ रुपये होगी। वर्ष 2023 तक प्रतिमा की स्थापना का लक्ष्य है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 280 मीटर (918 फीट) होगी। एकात्मता की प्रतिमा का निर्माण वासुदेव कामथ के निर्देशन में होगा। वे ही आकल्पन व चित्रण करेंगे।
प्रतिमा निर्माण में एकात्म यात्रा के माध्यम से प्रदेश, देश एवं कुछ अन्य देशों से एकत्रित धातुओं का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में शनिवार को मंत्रालय में आयोजित आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास की बैठक में प्रतिमा एवं संग्रहालय की स्थापना और अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में महामंडलेश्वर आचार्य अवधेशानंद, स्वामी परमात्मानंद सरस्वती महाराज, स्वामी चिदानंदपुरी, स्वामी हरिब्रह्मेन्द्रानंद महाराज, स्वामी मित्रानंद सहित कई संत उपस्थित थे, तो कई संत वर्चुअल जुड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य शंकर की ज्ञान भूमि ओंकारेश्वर का प्रकल्प अद्वैत वेदांत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करेंगे। इसे ‘एकात्मता की प्रतिमा’ नाम दिया है। यह प्रकल्प अद्वैत वेदांत को व्यावहारिक जीवन में उतारने की शिक्षा देगा। साथ ही विश्व में पर्यटन के साथ ही आध्यात्मिक क्रांति को भी सृजित करेगा।
बैठक में प्रस्तावित कार्य का विस्तृत प्रजेंटेशन हुआ और उपस्थित संतों ने सुझाव दिए। शंकर संग्रहालय की विशेषताएं शंकर संग्रहालय में माया वेदांत व्याख्या केंद्र (3डी होलोग्राम), निधि ध्यानसेन केंद्र (प्रतिमा आधार के नीचे) प्रदर्शनी दीर्घाएं, बाह्य प्रदर्शनी दीर्घाएं, हाई स्क्रीन थिएटर, अद्वैत नौका विहार, मुक्ताकाश मंच और अन्न क्षेत्र व वस्तु विक्रय केंद्र मुख्य विधिका होंगी।
अलग-अलग केंद्र बनाए जाएंगे
आचार्य हस्तामलक अद्वैत विज्ञान केंद्र
इसका मुख्य द्वार शारदा पीठ के द्वार जैसा होगा। शेष संरचना पश्चिम भारत की वास्तु शैली के अनुसार होगी।
आचार्य सुरेश्वर अद्वैत सामाजिक विज्ञान केंद्र
इसका मुख्य द्वार शृंगेरी पीठ के द्वार और शेष संरचना दक्षिण भारत की वास्तु शैली जैसी होगी।
आचार्य गौड़पाद अद्वैत विस्तार केंद्र
इसका निर्माण दक्षिण की वास्तु संरचना पर आधारित होगा। मुख्य द्वार के समीप आचार्य गौड़पाद की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
आचार्य गोविंद भगवत्पाद अद्वैत गुरुकुलम
मुख्य द्वार के समीप आचार्य गोविंद भगवत्पाद की प्रतिमा स्थापित होगी। आचार्य गोविंद भगवत्पाद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को अभिव्यक्त किया जाएगा।
मालवा निमाड़ में ओलों ने ढाया कहर, खेतों में बिछी फसलें, सर्वे को लेकर किसानों ने किया चक्काजाम
मालवा-निमाड़ । बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों का मिजाज बिगाड़ दिया है। शुक्रवार रात ओले गिरने से मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, धार जिले में कई स्थानों पर फसलें आड़ी हो गई हैं। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर नुकसानी का जायजा लिया। मंदसौर जिले में शनिवार को तत्काल सर्वे की मांग को लेकर किसानों ने चक्काजाम कर दिया। अफसरों ने सर्वे प्रारंभ होने की बात कही, तब जाकर किसान प्रदर्शन स्थल से हटे।
मंदसौर : नौ जनवरी तक सर्वे रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
मंदसौर जिले में सीतामऊ, शामगढ़ व मल्हारगढ़ तहसील के 15 से अधिक गांवों में बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। इससे अफीम, गेहूं, चना, मैथी सहित रबी की फसलों में नुकसान हुआ है। रात में गिरे ओले सुबह तक खेतों में ही थे। तत्काल सर्वे की मांग कर नाराज किसानों ने सीतामऊ तहसील के सेदरा फंटा और खजूरी के बीच चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे बाद तहसीलदार टीना मालवीय ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया कि सर्वे प्रारंभ हो रहा है, इसके बाद किसान हटे। कलेक्टर गौतमसिंह ने निर्देश दिए हैं कि नौ जनवरी की शाम तक सर्वे रिपोर्ट पेश की जाए।
अन्य जिलों में भी नुकसान से किसान बेहाल
उज्जैन : जिले में शुक्रवार रात भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। लाखों रुपये के गेहूं, चना, लहसुन पैदा होने के पहले ही नष्ट हो गए। कृषि विभाग के अफसर खेतों में जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। रतलाम : जिले में भी फसलों में काफी नुकसान हुआ है। तितरी में अंगूर के बगीचे बुरी तरह प्रभावित। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने सर्वे के आदेश दिए हैं।
बड़वानी : जिले में भी फसलें प्रभावित हुई हैं। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष मंसाराम पंचोले ने कहा सर्वे के लिए 11 जनवरी को जिले के तहसील मुख्यालयों पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
झाबुआ : जिले के पेटलावद क्षेत्र में शुक्रवार रात ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है।
धार : जिले के बामनखेड़ी, भीलगुन, दसाई, सोन्याखेडी, बालोदा आदि गांवों में विधायक प्रताप ग्रेवाल ने पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया।
देश में 24 घंटों के अंदर कोरोना के 1 लाख 41 हजार से अधिक नए मामले, ओमिक्रोन के कुल 3,071 केस
देश के कई अन्य राज्यों में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। केंद्र द्वारा शनिवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों के अंदर देश में कोरोना के 1 लाख 41 हजार से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं। देशभर में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन भी लगातार बढ़ता जा रहा है। देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ओमिक्रोन के कुल 3,071 मामले सामने आ चुके हैं। इस नए वैरिएंट के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से आ रहे हैं। दिल्ली में शनिवार को पिछले 24 घंटों के अंदर 20 हजार से अधिक नए मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 41 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 1,203 मरीज ठीक हो चुके हैं। शनिवार शाम दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को 20,181 कोरोना के नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राजधानी में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 48,178 हो गई है।
भारत की हार के बाद द्रविड़ और कोहली पर पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज का फूटा गुस्सा, केएल राहुल का किया बचाव
भारतीय क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले में सात विकेट से हार गई। जोहानिसबर्ग में खेले गए दूसरे टेस्ट को अफ्रीकी टीम ने कप्तान डीन एल्गर के नाबाद 96 रनों की पारी की बदौलत अपने नाम कर लिया। इस टेस्ट में केएल राहुल के रक्षनात्मक कप्तानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और नियमित कप्तान विराट कोहली को आड़े हाथों लिया है।
कनेरिया ने कहा कि 29 वर्षीय राहुल को हार के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि वह अपने करियर में पहली बार टेस्ट टीम की कप्तानी कर रहे थे। पाकिस्तान के इस पूर्व गेंदबाज का मानना है कि कोहली और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ की जोड़ी को चौथे दिन ड्रेसिंग रूम से राहुल की मदद करनी चाहिए थी।
41 वर्षीय कनेरिया ने कहा कि भारतीय थिंक टैंक को तेज गेंदबाजों को छोटे स्पैल में गेंदबाजी करने के लिए कहना चाहिए था। टीम इंडिया ने रविचंद्रन अश्विन का उपयोग सही तरीके से नहीं किया। कनेरिया ने कहा, “उन्हें तेज गेंदबाजों- जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज को छोटे स्पैल गेंदबाजी करने के लिए कहना चाहिए था। अश्विन का इस्तेमाल नहीं किया गया था। केवल 11 रन शेष थे तब अश्विन का इस्तेमाल किया गया था। शमी और बुमराह ने रन दिए। सिराज के मामले में भी ऐसा ही था। टेस्ट क्रिकेट में धैर्य होना सबसे ज्यादा जरूरी है।”
कनेरिया ने दक्षिण अफ्रीकी टीम की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत के लिए तीसरे और अंतिम टेस्ट में वापसी करना बहुत मुश्किल होगा। सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर आ चुकी है। तीसरा और निर्णायक टेस्ट केप टाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में 11 से 15 जनवरी तक खेला जाएगा।
पंजाब चुनाव में स्टेट आइकन नहीं रहे सोनू सूद, चुनाव आयोग ने रद्द की नियुक्ति
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद कोरोना काल में देशवासियों के लिए सुपरहीरो की तरह सामने आए हैं। अभिनेता ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान लोगों की खूब मदद की। उन्होंने शहर से गांव जा रहे लोगों को अपने घर पहुंचाया। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य व्यवस्था भी मुहैया करवाई। उनके इस कदम की हर जगह तारीफ भी हुई। इसी बीच सोनू सूद को एक बड़ा सम्मान दिया गया। अभिनेता को साल 2020 में चुनाव आयोग ने स्टेट आइकन ऑफ पंजाब के पद से सम्मानित किया गया था लेकिन अब सोनू सूद को इस पद से हटा दिया गया है, जो उनके फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं है।
दरअसल, इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने ये फैसला लिया है कि सोनू सूद अब पंजाब स्टेट आइकन नहीं रहेंगे और इस बात की पुष्टि पंजाब के मुख्य चुनाव ऑफिसर डॉक्टर एस करुणा राजू ने की है। उन्होंने बताया कि 4 जनवरी 2021 को सोनू सूद को इस उपाधि से हटा दिया गया है। हालांकि, जब सोनू सूद को ये उपाधि दी गई थी तब खुद चुनाव आयोग ने ट्वीट कर कहा था कि लोगों का असली हीरो अब पंजाब का स्टेट आइकन है- सोनू सूद।
राजनीति में उतर चुकी हैं सोनू सूद की बहन मालविका
अभिनेता सोनू सूद की बहन मालविका सूद पंजाब की राजनीति में उतर चुकी हैं और अब कयास लगाए जा रहे हैं कि मालविका जल्द ही कोई पार्टी ज्वाइन कर सकती हैं। सोनू सूद ने खुद अपनी बहन मालविका की राजनीति पारी की घोषणा की थी। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि वह अभी राजनीति में नहीं आ रहे हैं और उनका किसी पार्टी के साथ कोई संबंध नहीं है। सोनू सूद के इस एलान के बाद ही चुनाव आयोग ने ये कदम उठाया है।
सोनू सूद की राजनेताओं से मुलाकात
सोनू सूद ने राजनीति में आने से इनकार किया है लेकिन बीते कुछ दिनों में वह कई राजनेताओं से मिल चुके हैं और ये चीज देखकर फैंस भी हैरान हैं। उन्होंने सबसे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। इसके बाद सोनू सूद पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी, अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल से मिले थे। इसके अलावा, वह कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी मिल चुके हैं।
सोनू सूद को मिला था ये सम्मान
सोनू सूद पंजाब के मोगा जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान लोगों के खाने और घर पहुंचाने तक की व्यवस्था की थी। उन्होंने हजारों लोगों को अपने घर पहुंचाया था। सोनू सूद को लोगों की मदद करने के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की तरफ से विशेष मानवीय कार्रवाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
सफेद बाघों का फिर बसेरा बनेगा मध्य प्रदेश
भोपाल। मध्य प्रदेश का संजय दुबरी टाइगर रिजर्व सीधी 71 साल बाद सफेद बाघों का बसेरा बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने यहां सफेद बाघों को बसाने और उन्हें खुला जंगल देने की परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके तहत ह्वाइट टाइगर सफारी एवं चिड़ियाघर मुकुंदपुर, रीवा में मौजूद एक जोड़ा सफेद बाघ और शावकों को वाइल्ड (जंगली) बनाकर सीधी के जंगल में छोड़ा जाएगा।
बता दें कि वर्तमान में सफेद बाघ खुले जंगल में नहीं हैं। मध्य प्रदेश के चिड़ियाघरों में छह और अन्य राज्यों के चिड़ियाघरों को मिलाकर देश में सिर्फ 108 सफेद बाघ हैं। वन विभाग दूसरे राज्यों आंध्र प्रदेश , छत्तीसगढ़, तमिलनाडू, तेलंगाना से भी युवा सफेद बाघ मांगने की तैयारी कर रहा है, ताकि अच्छे जीन (वंशाणु) के सफेद बाघ (शावक) जंगल में छोड़े जा सकें। शुरुआत में इन्हें बाड़ा बनाकर रखा जाएगा।
जब जंगल में रहने की आदत पड़ जाएगी और वे शिकार में माहिर हो जाएंगे, तब उन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। इस परियोजना में पांच से सात साल लग सकते हैं। सफेद बाघ मध्य प्रदेश की विशेषता रही है। इस गौरव को पाने के लिए सरकार ने प्रयास शुरू किए हैं। परियोजना की सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए वन विभाग से पूरी योजना मांगी गई है।
सीधी से ही दुनिया में पहुंचा सफेद बाघ
दुनिया का पहला सफेद बाघ सीधी के जंगल (अब-संजय दुबरी टाइगर रिजर्व) में मिला था। शिकार के दौरान चार जून 1951 को रीवा महाराज मार्तण्ड सिंह जूदेव की नजर सफेद बाघ (शावक) पर पड़ी थी। वे मांद (गुफा) में पिंजरा लगाकर शावक को गोविंदगढ़ किले में ले आए थे। बाद में इसी शावक का नाम ‘मोहन’ पड़ा। मोहन को किले में रखकर पाला गया। 19 साल की जिंदगी में बाघ मोहन एवं बाघिन राधा के 34 शावक हुए। इनमें से 21 सफेद थे। माना जाता है कि इसी बाघ की संतानें ब्रिटेन, अमेरिका, जापान सहित भारत के अन्य राज्यों में भेजी गईं।





