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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में मंगलवार को भोपाल पधारे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत किया, उन्हें बाबा महाकाल की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बागेश्वर धाम द्वारा संचालित संस्थानों की जानकारी दी और उन्हें कामधेनु गौमाता की प्रतिमा भेंट की।

पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल

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पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियों में एक बार फिर उबाल तब देखा गया जब तृणमूल कांग्रेस की मुखर सांसद महुआ मोइत्रा पर कृष्णानगर में एक रेस्टोरेंट के बाहर भीड़ ने अंडे फेंके। यह घटना बुधवार को घटित हुई, जिसके बाद सांसद मोइत्रा ने सीधा आरोप भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं पर लगाया और राज्य पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए, उन्हें तमाशबीन करार दिया। यह वाकया उस वक्त हुआ जब सांसद अपनी गतिविधियों के सिलसिले में बाहर निकली थीं और अचानक भीड़ ने उन्हें घेर लिया।

इस अप्रत्याशित घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सड़क पर जमा भीड़ में से कुछ लोग सांसद मोइत्रा पर अंडे फेंक रहे हैं। वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि जिस वक्त यह हमला हो रहा था, उसी भीड़ के पास कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन उनकी तरफ से कोई सक्रिय हस्तक्षेप या कार्रवाई होती नहीं दिखी। सांसद मोइत्रा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर इस वीडियो को साझा करते हुए अपनी आपबीती बयां की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह हमला भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अंजाम दिया गया है और राज्य की पुलिस मूकदर्शक बनकर सब देखती रही।

महुआ मोइत्रा ने खुद मोबाइल से रिकॉर्ड किया हमले का वीडियो
घटना के दो अलग-अलग कोणों से रिकॉर्ड किए गए वीडियो सामने आए हैं, जो इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को दर्शाते हैं। एक वीडियो में कुछ पुरुष और महिलाएं सांसद की ओर अंडे फेंकते हुए और नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि पास की सड़क पर वाहन सामान्य रूप से चल रहे थे। यह दृश्य कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। दूसरा वीडियो स्वयं सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। इस फुटेज में अंडे खिड़कियों पर लगते हुए साफ दिख रहे हैं, जबकि कृष्णानगर की सांसद अपने स्थानीय टीएमसी नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठी हुई इस घटना को रिकॉर्ड कर रही थीं। यह वीडियो उनके अंदरूनी दृष्टिकोण को दर्शाता है कि किस तरह वे इस हमले का सामना कर रही थीं।

मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: दो मेगा हाईवे परियोजनाओं को मिली स्वीकृति

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मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: दो मेगा हाईवे परियोजनाओं को मिली स्वीकृति
देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 14,115 करोड़ रुपये के दो महत्वपूर्ण हाईवे और टनल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन अहम परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की है। ये फैसले देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई राह देंगे।

दिल्ली में यातायात जाम से जूझ रहे लाखों लोगों को अब बड़ी राहत मिलने वाली है। सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के अंदर 6 लेन वाले अत्याधुनिक द्वारका टनल के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस बड़े प्रोजेक्ट पर कुल 6,970 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च आएगा। यह टनल राष्ट्रीय राजमार्ग 148AE पर बनेगा। इसका मुख्य उद्देश्य शिवमूर्ति इंटरचेंज को वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ना है। शिवमूर्ति इंटरचेंज द्वारका एक्सप्रेसवे (राष्ट्रीय राजमार्ग 248 BB) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस टनल के बनने से वेस्ट दिल्ली और साउथ दिल्ली के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और आवागमन तेज हो जाएगा।

5 साल में पूरा होगा मेगा प्रोजेक्ट
इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर तय की गई है। इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें से 3.1 किलोमीटर लंबा टनल दक्षिणी रिज फॉरेस्ट के नीचे से होकर गुजरेगा। सरकार ने इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 5 साल का समय निर्धारित किया है। इसका सीधा अर्थ है कि दिल्लीवासियों को अगले कुछ सालों में यातायात जाम से बड़ी राहत मिल जाएगी। यह एक आधुनिक ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट प्रोजेक्ट है, जिसे हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के आधार पर विकसित किया जाएगा।

कानपुर से कबरई तक बनेगा 242 किमी लंबा 4 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे
इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश राज्य को भी विकास का एक बड़ा तोहफा मिला है। यूपी में कानपुर से कबरई तक एक बिल्कुल नया 4 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे बनाया जाएगा। इस हाईवे प्रोजेक्ट की कुल लागत 7,145 करोड़ रुपये तय की गई है। यह 242 किलोमीटर लंबा हाईवे भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे बीओटी मोड यानी टोल के आधार पर विकसित किया जाएगा।

इस नए हाईवे के बनने से कानपुर, हमीरपुर और महोबा जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। महोबा एक आकांक्षी जिला है, और वहां विकास की नई किरण पहुंचेगी। सरकार ने इस पूरे काम को सिर्फ ढाई साल में खत्म करने का लक्ष्य रखा है। कबरई में एग्रीगेट माइनिंग का बड़ा काम होता है। वहां से कानपुर और भोपाल तक माल की आपूर्ति के लिए इस हाईवे की सख्त आवश्यकता थी।

इस प्रोजेक्ट से जाम होगा कम, सफर होगा तेज
नया हाईवे कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर और कबरई में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत दिलाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कानपुर से कबरई का सफर अब साढ़े तीन घंटे की बजाय सिर्फ डेढ़ घंटे में पूरा होगा। सफर के समय में सीधे 58 प्रतिशत की भारी कमी आएगी। इस हाईवे पर गाड़ियां 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की शानदार गति से दौड़ सकेंगी। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री गति शक्ति के 4 इकोनॉमिक नोड्स और 10 लॉजिस्टिक नोड्स को भी आपस में जोड़ेगा। कुल मिलाकर सरकार इन दोनों परियोजनाओं पर 14,115 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

3 मैचों में 5 गोल ठोक मेसी-एम्बापे की कतार में आए एर्लिंग हालैंड

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3 मैचों में 5 गोल ठोक मेसी-एम्बापे की कतार में आए एर्लिंग हालैंड
नॉर्वे के स्टार फुटबॉलर एर्लिंग हालैंड ने 30 जून को फीफा वर्ल्ड कप में एक बार फिर कमाल कर दिया। उनके मैच के आखिरी पलों में किए गए शानदार गोल की मदद से नॉर्वे ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के बाद हालैंड को ‘दुनिया का सबसे खतरनाक गोलस्कोरर’ बताया जा रहा है।

टेक्सास के एर्लिंगटन में मौजूद ‘एटीएंडटी स्टेडियम’ (AT&T Stadium) में खेले गए इस मैच में मैनचेस्टर सिटी के स्टार खिलाड़ी हालैंड ज्यादातर समय शांत रहे, लेकिन 86वें मिनट में उन्होंने मौका पाकर मैच का विजयी गोल दाग दिया। मैच में नॉर्वे के लिए पहला गोल एंटोनियो नुसा (Antonio Nusa) ने किया था, जिसके बाद आइवरी कोस्ट के अमाद डियालो ने गोल करके मैच को 1-1 की बराबरी पर ला दिया था। अंत में हालैंड ने गोल कर नॉर्वे को जीत दिला दी।

लगातार गोल कर हालैंड ने रचा इतिहास
इस वर्ल्ड कप के 3 मैचों में हालैंड का यह पांचवां गोल है। टूर्नामेंट में सिर्फ अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी (Lionel Messi) और फ्रांस के किलियन एम्बापे (Kylian Mbappé) (6-6 गोल) ही उनसे आगे हैं। हालैंड के इस गोल ने नॉर्वे को वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैच में उसकी पहली जीत दिलाई है और अब अगले राउंड (लास्ट-16) में नॉर्वे का सामना ब्राजील से होगा। हालैंड ने अपने पिछले 13 इंटरनेशनल मैचों में लगातार गोल किए हैं, जिसमें उन्होंने कुल 25 गोल दागे हैं।

कोच और कप्तान ने की जमकर तारीफ
नॉर्वे के कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड (Martin Ødegaard) ने कहा कि हालैंड का टीम में होना हमारे लिए गर्व की बात है। वहीं, कोच स्टेल सोलबैकेन (Ståle Solbakken) ने उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा गोलस्कोरर बताया। कोच ने कहा, ‘वह आज मैच में ज्यादा नहीं दिखे, लेकिन अंत में उन्होंने टीम के लिए विनिंग गोल कर दिया। उनके रहने से टीम में एक भरोसा रहता है।’

सिंधु जल संधि को लेकर फिर गिड़गिड़ाने लगा पाकिस्तान

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सिंधु जल संधि को लेकर फिर गिड़गिड़ाने लगा पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस्लामाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पानी को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत को चुनौती देते हुए कहा कि अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी रोका या कम किया तो दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं।

पाकिस्तान ने दी ‘युद्ध’ जैसी चेतावनी
पाकिस्तान ने कहा है कि अगर उसके हिस्से के पानी को रोकने या कम करने की कोशिश की गई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकना क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा। पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति पहले ही कह चुकी है कि पानी में किसी भी तरह की कटौती को गंभीर कदम माना जाएगा।

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान का बयान
सिंधु जल मामले में इशाक डार ने कहा कि पानी का इस्तेमाल कभी भी राजनीतिक हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियों का पानी देशों के बीच सहयोग और बातचीत का माध्यम होना चाहिए। पाकिस्तान का कहना है कि सिंधु जल संधि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे जल बंटवारे का आधार रही है और इसमें किसी भी तरह का बदलाव क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकता है।

पाकिस्तान ने दुनिया से मांगा समर्थन
इशाक डार ने भारत के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि कोई भी देश एकतरफा तरीके से ऐसे समझौते को खत्म नहीं कर सकता। साझा जल संसाधनों का इस्तेमाल कभी भी हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लाभ के लिए, इन्हें सहयोग, बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के आधार पर देशों के बीच एक सेतु के रूप में बने रहना चाहिए।

मुसादिक मलिक ने द्वितीय विश्व युद्ध की चेतावनी
पाकिस्तान के मंत्री मुसादिक मलिक ने सिंधु जल संधि को लेकर सबसे बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर यह समझौता कायम नहीं रहता तो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने अंतरराष्ट्रीय नियमों पर सवाल उठेंगे। मलिक ने कहा, सिंधु जल संधि ने दो परमाणु शक्तियों के बीच तीन युद्ध देखे हैं। यदि यह संधि कायम नहीं रहती है, तो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कागज पर बनी कोई भी विश्व व्यवस्था सुरक्षित नहीं रहेगी।

दिल्ली में EV पॉलिसी लागू होने के बाद पेट्रोल की गाड़ियां होंगी बंद

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दिल्ली में EV पॉलिसी लागू होने के बाद पेट्रोल की गाड़ियां होंगी बंद
दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई ईवी पॉलिसी लागू कर दी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि नई ईवी पॉलिसी गजट में नोटिफाई हो चुकी है. नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और छोटे कमर्शियल वाहन खरीदने वालों को सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी. साथ ही 30 लाख रुपये तक की कीमत वाले वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन टैक्स भी पूरी तरह माफ रहेगा.

EV खरीदने पर मिलेगी मोटी सब्सिडी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “एक जुलाई, आज दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी गजट में नोटिफाई हो चुकी है. इसका क्रियान्वयन भी हो गया है. आज से जो भी EV टू-व्हीलर खरीदेगा, उस पर सरकार 30 हजार रुपये की सब्सिडी देगी. थ्री-व्हीलर पर 50 हजार रुपये की सब्सिडी और N1, यानी जिसे छोटा हाथी कहा जाता है, उस पर सरकार ने 1 लाख रुपये की सब्सिडी देना मंजूर किया है.”

उन्होंने आगे बताया, “30 लाख रुपये से कम कीमत की जितनी भी गाड़ियां हैं, उन पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन टैक्स पूरी तरह माफ है. अगर किसी को अपना पुराना वाहन बदलकर नया वाहन लेना है, तो स्क्रैपिंग पर भी सरकार इंसेंटिव दे रही है. टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर, सभी पर इंसेंटिव मिलेगा.”

पेट्रोल गाड़ियां नहीं होंगी बंद- सीएम
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नई नीति का मतलब मौजूदा पेट्रोल वाहनों पर रोक लगाना नहीं है. उन्होंने कहा, “बहुत सारे लोग यह कह रहे हैं कि पेट्रोल के वाहन बंद हो जाएंगे. नहीं, यदि आपके पास पेट्रोल वाहन है, तो उसकी जितनी भी समय-सीमा है, आप उसे बिना किसी रोक-टोक के चला सकते हैं.”

2027 और 2028 से लागू होंगे नए नियम
रेखा गुप्ता ने आगे कहा, “जब हम सुधार की बात करते हैं, प्रदूषण कम करने की बात करते हैं और दूसरी देशों के लिए उदाहरण स्थापित करने की बात करते हैं, तो दिल्ली शहर में पहली बार दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अगर यह सारी कार्रवाई पहले की सरकारों ने कर दी होती, तो शायद अब यह कदम नहीं उठाने पड़ते. जनवरी 2027 से जो एक लाख थ्री-व्हीलर हैं, उन्हें बदलने के लिए सरकार उत्साहित भी है. उनका रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा. वहीं, अप्रैल 2028 से पेट्रोल के नए टू-व्हीलर वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएगा.”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भैंसवा माता, राजगढ़ में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव भैंसवा माता, राजगढ़ में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास है। सबसे पहले पृथ्वी पर जलचर आए। जल से ही जीवन है। जल तत्व में सभी तत्व समाहित हैं। हम जब जल संरचनाओं को देखते हैं तो हमारा मन आनंद से भर जाता है। जल से स्नान के बाद हमें ताज़गी मिलती है। हमारे पूर्वजों ने जल के महत्व को समझा और निरंतर जल संरचनाओं का निर्माण किया। आज हमारा दायित्व है कि हम उन सब का संरक्षण करें एवं उन्हें सहेजें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन का अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी गत 3 वर्षों से यह अभियान वृहद रूप से जन सहयोग से चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में जल संरचनाओं का संरक्षण एवं पुनरुद्धार किया गया है। आज यहां जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम है, परंतु मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा का अनुमान है, इसलिये प्रदेश में अमृत सरोवर रैन वॉटर हार्वेस्टिंग, नदी संरक्षण जैसे जल स्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। गत 19 मार्च से लगभग 100 दिन प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ की लागत से 3 लाख 63 हज़ार कार्य कराए गए। इन कार्यों में भरपूर जन समर्थन एवं जन सहयोग मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 252 करोड़ 65 लाख रुपए के 31 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने भैंसवा माता क्षेत्र के विकास के लिए 20 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पंच तत्वों, विशेष रूप से जल का विशेष महत्व है। हमारे यहां हर पवित्र कार्य जल के साथ ही होता है। प्रसिद्ध कवि रहीम ने भी पानी की महत्ता बताई। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ जिले में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। इस कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में चिन्हित छह सर्वश्रेष्ठ जिलों में राजगढ़ जिले का भी नाम शामिल है। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधितों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि का आधार सिंचाई की सुविधा है। गत 20 वर्षों में हमारी सरकारों में प्रदेश में सिंचाई के रकबे में तेजी से वृद्धि हुई है। हर खेत तक पानी पहुंचाना हमारा संकल्प है और हम उसे पूरा कर रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम भी दिलवाया जा रहा है। हमारी सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपए कर दिया है। किसानों को किसान सम्मन निधि दी जाती है। हमारी सवा करोड़ बहनों को लाडली बहना योजना का लाभ दिया जा रहा है। बच्चों को उनकी शिक्षा के लिए हर संभव सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जो उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र हैं। ये विद्यालय हमें सांदीपनि ऋषि, भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की याद दिलाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता एवं प्रेम को आज पूरी दुनिया याद करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि विश्व का सबसे बड़ा मेला, हमारी सनातन संस्कृति का प्रतिबिंब, सिंहस्थ उज्जैन मध्यप्रदेश में आयोजित होता है। इसे भव्य, दिव्य बनाने और श्रद्धालुओं के स्नान आदि की सुविधाओं के लिए उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी के स्वच्छ एवं पावन जल में सहजता एवं सुविधापूर्वक, बिना किसी परेशानी के स्नान एवं उज्जैन तीर्थ के दर्शन हो सकें।

पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर भावी पीढ़ी का भविष्य करें सुरक्षित : मंत्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में अब तक हुए सभी कार्य प्रामाणिकता के साथ हुए है। इस साल बारिश के मौसम में कम वर्षा का अनुमान है इसलिए जल संचयन और जल स्त्रोतों का संरक्षण निरंतर जारी रखना आवश्यक है। हम सभी को पानी की एक-एक बूंद संचित कर भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करना है। राज्य सरकार और सभी अधिकारी-कर्मचारी जनभागीदारी से जल संरक्षण के प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन को मां भैंसवा के पवित्र स्थल पर रखने के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के लिए किए भगीरथी प्रयास : राज्यमंत्री डॉ.टेटवाल
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाएं को बढ़ाने के लिए भागीरथी प्रयास किए हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जल संरक्षण के इस अभियान में पंचायतों को जोड़कर जनभागीदारी से कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियों की सफाई और प्राचीन जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया है। राज्यमंत्री टेटवाल ने सांदीपनि विद्यालय, पीकेसी परियोजना से पानी, भैंसवा माता लोक निर्माण सहित अनेक निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

सांसद रोमल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत से विकास की यात्रा अनवरत जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर भगवान बाबा महाकाल और मां बिजासन की विशेष कृपा है। सारंगपुर में 251 करोड़ रूपए की लागत से भैंसवा माता धार्मिक स्थल शेत्र का विकास किया जा रहा है। रोजगार के स्थानीय साधन उपलब्ध कराते हुए यहां बहनों को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही संस्कृत वैदिक पाठशाला, गोशाला, योग केंद्र और सामुदायिक भवन तैयार करने के कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के यह प्रयास समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखण्ड में प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर में दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने दूधतलाई पर पहुंचकर पवित्र गंगा-पूजन किया। पर्यावरण संरक्षण और जीव-दया के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुओं को चारा खिलाया और गौ-पूजन भी किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बेलपत्र का पौध-रोपण किया और नागरिकों को हरित पर्यावरण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0’ की विकास प्रदर्शनी का गहन अवलोकन किया और जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक रूप से ‘कन्या पाद पूजन’ और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत राजगढ़ जिले में हुए विभिन्न विकास कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया। साथ ही राजगढ़ की स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक पटल पर लाने के उद्देश्य से जिला पुरातत्व एवं राजगढ़ पर्यटन पर केंद्रित एक विशेष प्रमोशनल फिल्म, आकर्षक कॉफी टेबल बुक तथा आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स का अनावरण भी किया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, विधायक नरसिंहगढ़ मोहन शर्मा, विधायक राजगढ़ अमर सिंह यादव, विधायक खिलचीपुर, हजारीलाल दांगी, ज्ञानसिंह गुर्जर, भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा सहित जन प्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना” पुस्तक का किया विमोचन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना” पुस्तक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना’ पुस्तक का समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विमोचन किया। मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में बताया गया कि लोकमाता, पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर का जीवन और कर्म किसी आकस्मिक महानता का परिणाम नहीं, बल्कि दीर्घ सांस्कृतिक धारा का स्वाभाविक विस्तार रहा। उनकी जीवन गाथा इस तथ्य का प्रमाण है कि भारतीय नारी संत, विदुषी, योद्धा होने के साथ-साथ कुशल शासिका भी रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विमोचित इस पुस्तिका में कुल 19 अध्याय हैं। पुस्तक अहिल्याबाई होल्कर की दृष्टि में नारी स्वाभिमान और समाजोत्थान, सांस्कृतिक पुनर्निर्माण से राष्ट्रीय एकता, पंच परिवर्तन से समाज कल्याण, जीवन प्रबंधन की पाठशाला, बाल विवाह-सामाजिक कुरीति की चुनौतियाँ और समाधान पर शोध पत्रों का संकलन हैं। पुस्तक में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना न्यायप्रियता और प्रशासनिक दक्षता, समग्र जीवन चिंतन, भारतीय हस्तशिल्प के उत्थान में लोकमाता अहिल्याबाई की भूमिका तथा महिलाओं के लिए न्याय और समानता पर शोधपरक लेख हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा में लोकमाता अहिल्याबाई के योगदान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विश्लेषण पर भी पुस्तक में एक अध्याय है। पुस्तक का मूल्य 160 रूपए मात्र है।

इस अवसर पर संचालक म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी अशोक कड़ेल, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक चंद्रचारु त्रिपाठी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी उपस्थिति थे।

खेल प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराएगी हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय

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खेल प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराएगी हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित समिति के सदस्यों ने वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया तथा सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को अंतिम स्वरूप प्रदान किया। इनमें 20 अलग-अलग खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं।

बैठक में अनुमोदित 156 खिलाड़ियों की सूची को सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इसे अधिसूचित करने के बाद खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में लेने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ होगी। राज्य के खिलाड़ी लंबे समय से इस सूची की प्रतीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में आज हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद खिलाड़ियों का यह इंतजार जल्द समाप्त हो जाएगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शी, समयबद्ध और प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चयनित उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पात्रता के अनुरूप उन्हें शासकीय सेवा में नियुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया और व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों का अनुभव और उपलब्धियां प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, इसलिए उनकी सेवाओं का उपयोग खेल प्रशिक्षण, प्रतिभा संवर्धन और खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में भी किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत खेल व्यवस्था विकसित करना है, जहां गांव से लेकर राज्य स्तर तक प्रतिभाओं की समय रहते पहचान हो, उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से खेल गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा खेल प्रतिभाओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल अधोसंरचना के विस्तार, आधुनिक सुविधाओं के विकास तथा नई खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसे उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार करना है जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि आज चयनित खिलाड़ी भविष्य में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक में बताया गया कि राज्य में अब तक 182 उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जा चुके हैं। इसी क्रम में वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए पूर्व में विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण और निर्धारित मानकों के आधार पर 156 खिलाड़ियों को पात्र पाया गया।

बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम उपस्थित थीं।

मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा का अनुपम संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा का अनुपम संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने सरगुजा प्रवास के दौरान विकासखंड उदयपुर स्थित रामगढ़ के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस “राम वाटिका” में स्थापित भगवान राम की प्रतिमा को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, इसके साथ ही उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम 3.0” अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा तथा आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि माँ के नाम पर लगाया गया एक पौधा न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला भी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएँ तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लें, ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के संतुलन को बनाए रखा जा सके।

भगवान राम की प्रतिमा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता का अनुपम आदर्श है, जो युगों-युगों से समस्त मानवता का मार्गदर्शन करता आ रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से प्रभु राम द्वारा प्रशस्त आदर्श पथ पर चलते हुए सेवा, सद्भाव एवं समर्पण के भाव से समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।