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1 जनवरी से बदल जाएंगे डेबिट-क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल के नियम

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ऑनलाइन कार्ड लेनदेन के संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देश 1 जनवरी 2022 से लागू होंगे। इस दिन से ई-कॉमर्स और ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर कार्ड की जानकारी को सेव नहीं कर पाएंगे। आरबीआई ने कहा है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भुगतान के लिए ग्राहकों को हर बार डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स दर्ज करनी होगी। हालांकि कुछ कस्टमर्स इस परेशानी से बच सकते हैं। वह अपने कार्ड को टोकन देने के लिए एप को सहमति प्रदान करने का विकल्प चुन सकते हैं।

बता दें कि आरबीआई ने मार्च 2020 में दिशानिर्देश जारी किए थे, जो सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ग्राहकों के कार्ड के विवरण को सेव करने से प्रतिबंधित करते थे। वहीं सितंबर में रिजर्व बैंक ने सेफ्टी और सिक्योरिटी में सुधार लाने के लिए कार्ड टोकर सेवाओं पर दिशानिर्देशों को बढ़ाया था। बैंक ने कहा था कि कार्ड डेटा का टोकन ग्राहक सहमति के साथ किया जाएगा। जिसके लिए अतिरिक्त फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन की जरूरत होगी।

क्रेडिट-डेबिट कार्ड लेनेदेन के नए नियम पर अहम बातें

1. एक जनवरी 2022 से ग्राहक अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सेव नहीं कर पाएंगे।

2. कोई भी ऑनलाइन लेनदेन करते समय कार्ड की डिटेल्स दर्ज करनी होगी।

3. ग्राहक ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने कार्ड को टोकन करने की सहमति दे सकता है।

4. ई-कॉमर्स कंपनियां एन्क्रिप्टेड विवरण मिलने के बाद ग्राहक के लेनदेन के लिए कार्ड को सहेज सकते हैं।

5. फिलहाल अधिकांश ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सिर्फ मास्टरकार्ड और वीजा कार्डों को टोकन किया जा सकता है।

6. रिजर्व बैंक ने अपने नए दिशानिर्देशों में कहा कि क्रेडिट और डेबिट कार्ड दोनों के लिए मानदंडों का पालन किया जाना चाहिए।

7. आरबीआई ने कहा कि नए दिशानिर्देश अंतरराष्ट्रीय लेनदेन पर लागू नहीं हैं, बल्कि केवल घरेलू कार्ड और ट्रांजेक्शन के लिए लागू हैं।

8. कार्ड के टोकन के लिए ग्राहकों को कोई शुल्क नहीं देना होगा।

9. आरबीआई ने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ग्राहकों को आसानी से पहचानने के लिए टोकन वाले कार्ड के अंतिम चार अंक दिखाएंगे।

10. सभी लेनदेन के लिए कार्डों का टोकन अनिवार्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत जारी रहेगी मप्र में पंचायत चुनाव प्रक्रिया – राज्य निर्वाचन आयोग

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भोपाल । विधानसभा में गुरुवार को सत्तापक्ष और विपक्ष की सहमति से पंचायत चुनाव ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण के साथ ही कराने का संकल्प जरूर पारित हुआ है, पर राज्य निर्वाचन आयोग ने भी साफ कर दिया है कि पंचायत चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार ही कराए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को छोड़कर चुनाव प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, आयोग संकल्प को लेकर विधि वेत्ताओं से परामर्श भी लेेगा।

विधानसभा में संकल्प पारित होने के बाद पंचायत चुनाव को लेकर जनता की नजरें राज्य निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं कि ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को सामान्य में परिवर्तित करके चुनाव कराए जाएं। साथ ही ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को छोड़कर शेष पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन चुनाव परिणाम एक साथ जारी किए जाएंगे।

कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोग ने 18 दिसंबर को सरकार को पत्र लिखकर ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को सात दिन में सामान्य श्रेणी में पुन: अधिसूचित करने के लिए कहा था। यह अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही है। बुधवार देर शाम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आयोग को पत्र लिखकर बताया कि ओबीसी आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई है। हम याचिका पर सुनवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

कोर्ट के निर्देश पर ही रुकेगी चुनाव प्रक्रिया

पंचायत चुनाव प्रक्रिया अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही रुकेगी। यह तभी संभव है, जब सुप्रीम कोर्ट सरकार की पुनर्विचार याचिका पर त्वरित सुनवाई करे और आयोग को इस संबंध में निर्देश दे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को सीधे आदेश दिए हैं।

आयोग आरक्षित पदों के लिए तीसरे चरण में करा सकता है मतदान

पहले और दूसरे चरण के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। तीसरे चरण के चुनाव की प्रक्रिया 30 दिसंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू होगी। तब तक ओबीसी के लिए आरक्षित पदों की स्थिति स्पष्ट हो जाती है तो आयोग पहले और दूसरे चरण की शेष पदों के लिए तीसरे चरण में चुनाव करा सकता है।

रोक नहीं लगती है तो खर्च होगी अधिक राशि

चुनाव पर रोक नहीं लगती है तो ओबीसी के लिए आरक्षित पदों के लिए अलग से चुनाव कराने होंगे। ऐसे में मतपत्र छपाई, कर्मचारियों के भत्ते, यातायात सहित अन्य व्यवस्थाओं पर दोबारा राशि खर्च होगी। साथ ही आयोग को सारे इंतजाम भी फिर से करने होंगे।

मप्र के सीएम शिवराज का जनता को संबोधन : कोरोना के बढ़ते प्रकरण चिंता का विषय, रात 11 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू

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भोपाल। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों पर चिंता जताई है। शिवराज ने आज शाम प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो दौर को हम लोग भूले नहीं हैं। मौजूदा हालातों को देखते हुए राज्‍य में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक फ‍िर से कर्फ्यू लगाया जा रहा है। यह आदेश आज रात से लागू हो जाएगा।

सीएम ने कहा कि हमें तीसरी लहर को रोकना है तो गाइड लाइन का पालन करना होगा। महाराष्‍ट्र, गुजरात और दिल्‍ली में कोरोना के केस बढ़े हैं। कोरोना का नया स्‍वरूप ओमिक्रॉन के रूप में हमारे सामने आया है। हमें मास्‍क, शारीरिक दूरी और वैक्‍सीनेशन के माध्‍यम से ही इसका सामना करना होगा और खुद को सुरक्षा कवच देना होगा। उन्‍होंने कहा कि लोग मौजूदा हालातों को समझें और खुद का बचाव करें। उन्‍होंने कहा कि काफी समय बाद मप्र में कोविड के 30 नए प्रकरण मिले हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वैक्सीन का द्वितीय डोज लगाने में गति लाई जाये। कोई भी पात्र व्यक्ति कोरोना वैक्सीन के द्वितीय डोज से नहीं छूटे। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में कोरोना संक्रमण नियंत्रण एवं टीकाकरण की समीक्षा बैठक को संबोधित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना का वैक्सीनेशन कम हुआ है, वहांं के प्रभारी अधिकारी इस पर विशेष ध्यान देकर कार्य करना सुनिश्चित करें। टीकाकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। एक-एक व्यक्ति को ढूँढकर टीका लगायें। अभियान लगातार चलता रहे। इस कार्य में कोई कोताही नहीं बरतें।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वैक्सीन का द्वितीय डोज लगाने में गति लाई जाये। कोई भी पात्र व्यक्ति कोरोना वैक्सीन के द्वितीय डोज से नहीं छूटे। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में कोरोना संक्रमण नियंत्रण एवं टीकाकरण की समीक्षा बैठक को संबोधित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना का वैक्सीनेशन कम हुआ है, वहांं के प्रभारी अधिकारी इस पर विशेष ध्यान देकर कार्य करना सुनिश्चित करें। टीकाकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। एक-एक व्यक्ति को ढूँढकर टीका लगायें। अभियान लगातार चलता रहे। इस कार्य में कोई कोताही नहीं बरतें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। बिना वैक्सीन के वेतन नहीं दिया जाये।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष हुए कोरोना पॉजिटिव

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साल भर के बाद भी दुनिया से कोरोना का साया हटा नहीं है, और लगता नहीं कि वैज्ञानिकों के पास इसे रोकने का कोई उपाय है। वजह ये है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। हैरानी की बात ये है कि मालदीव के विदेश मंत्री शाहिद कोविड-रोधी वैक्सीन के दोनों टीके लगवा चुके हैं और इसके अलावा बूस्टर डोज भी ले चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें कोरोना वायरस ने संक्रमित कर दिया है। वैसे उन्होंने बताया कि संक्रमण के लक्षण हल्के हैं और वह फिलहाल घर में क्वारंटीन हैं। UNGA के 76वें सत्र के अध्यक्ष शाहिद अबदुल्ला ने ट्विटर पर ये जानकारी देते हुए कहा, ‘मुझे कोविड-19 होने का पता चला है। मैं घर में पृथक-वास में हूं और (संक्रमण के) लक्षण हल्के हैं। मैंने टीके की दोनों खुराक के साथ बूस्टर खुराक भी लगवा ली है। कोविड से जूझ रहे लाखों और टीका नहीं लगवा सके अरबों लोगों के साथ मेरी दुआएं हैं।’

दुनिया भर में बढ़े मामले

आपको बता दें कि कोरोना के कुल वैश्विक मामले बढ़कर 27.71 करोड़ हो गए हैं और मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 53.7 लाख हो गई है। गुरुवार को जारी यूनिवर्सिटी ऑफ सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSSE) के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में कोरोना संक्रमण के वैश्विक मामले 27 करोड़ 71 लाख 51 हजार 167 हैं और मरने वालों की संख्या 53 लाख 76 हजार 725 पहुंच गई है। CSSE के मुताबिक 5,15,45,991 मामलों और 8,12,069 मौतों के साथ अमेरिका दुनिया के सबसे अधिक प्रभावित देश बना हुआ है। इसके बाद दूसरा स्थान भारत का (3,47,58,481 संक्रमण और 4,78,325 मौतें) और तीसरा स्थान ब्राजील (2,22,22,928 संक्रमण और 6,18,091 मौतें) का है।

स्वदेशी मिसाइल Pralay का सफलतापूर्वक परीक्षण, इंटरसेप्टर मिसाइल को भी चकमा देने की क्षमता

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भारत ने ओडिशा के बालासोर तट पर स्वदेश निर्मित सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल ‘प्रलय’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। DRDO ने इसकी जानकारी दी। रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित ठोस-ईंधन वाली यह मिसाइल, भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के पृथ्वी डिफेंस वेहिकल पर आधारित है, जो 150 से 500 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकता है। ‘प्रलय’ कम दूरी वाली सतह से सतह पर मार करने में सक्षम मिसाइल है, जिसकी पेलोड क्षमता 500-1,000 किलोग्राम है। ये एक एडवांस मिसाइल है, जो दुश्मन देश द्वारा छोड़ गये इंटरसेप्टर मिसाइल को भी चकमा दे सकता है। ये एक निश्चित दूरी के बाद अपना मार्ग बदलने में भी सक्षम है। DRDO के मुताबिक एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से प्रक्षेपित इस मिसाइल ने मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा किया है।

साल 2015 से ही इस मिसाइल पर काम चल रहा था। DRDO की वार्षिक रिपोर्ट में बताया था कि बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय, चीन की बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है। इसे जमीन के साथ-साथ कन्सटर से भी दागा जा सकता है। मिसाइल इस तरह से बनाई गई है, जिससे यह अन्य कम दूरी वाली मिसाइलों की तुलना में कहीं अधिक घातक है।

इस सफलता के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने डीआरडीओ और उससे जुड़ी टीम को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है, ‘पहले विकास फ्लाइट ट्रायल के लिए डीआरडीओ और संबंधित टीमों को बधाई। सतह से सतह पर मार करने वाली आधुनिक अर्ध बैलिस्टिक मिसाइल के तेजी से विकास और सफल प्रक्षेपण के लिए मैं उनकी सराहना करता हूं। यह ऐसा महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसे आज हासिल किया गया है।’

पीएम मोदी गुरुवार को करेंगे समीक्षा बैठक

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देश में कोरोना महामारी के नए वैरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक्शन में आ गए हैं। समाचार एजेंसी ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि पीएम मोदी गुरुवार को एक बड़ी समीक्षा बैठक करके देश में ओमिक्रोन की स्थिति का जायजा लेंगे। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे। बता दें, देश में ओमिक्रोन मरीजों का आंकड़ा हर रोज बढ़ रहा है। यह वैरिएंट अब देश के 15 राज्यों में फैल चुका है। पीएम मोदी की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब केंद्र ने राज्यों को अलर्ट पर रहने और संक्रमण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है। केंद्र की इस चिट्ठी में जरूरत के मुताबिक नाइट कर्फ्यू लगाने और शादी, पार्टी, अंतिम संस्कार में लोगों की संख्या सीमित करने का बात कही गई है।

भारत में कब लगेगा बूस्टर डोज, पढ़िए एक्सपर्ट्स् की राय

नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल के मुताबिक, ‘कोरोना संक्रमण हमेशा शुरुआती चरणों में हल्के लक्षणों के साथ आता है। हम देश में सामने आ रहे मामलों और पैटर्न में किसी भी बदलाव को बहुत सावधानी से देख रहे हैं। जहां तक बूस्टर डोज का सवाल है, स्वास्थ्य मंत्री ने संसद में कहा है कि जरूरत और समय के आधार पर वैज्ञानिक निर्णय लिया जाएगा।’

वहीं आईएलबीएस दिल्ली के निदेशक डॉ. एस के सरीन का कहना है, बूस्टर डोज जरूरी है। जब आप किसी टीके की दो खुराकें लेते हैं तो आपका सुरक्षा स्तर, विशेष रूप से 3 से 6 महीने के बाद नीचे चला जाता है। तीसरी खुराक या बूस्टर हो तो गंभीर संक्रमण, अस्पताल में भर्ती होने की संभावना कम हो जाती है।

राहुल गांधी ने पूछा- कब लेगा बूस्टर डोज

इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार से पूछा है कि देश में शेष आधी आबादी को कोरोना वैक्सीन कब लगेगी। साथ ही राहुल ने बूस्टर डोज लगाने की मांग भी की। बता दें, इसी तरह की मांग दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी की है। बकौल केजरीवाल, मैं केंद्र से दिल्ली में कोविड वैक्सीन बूस्टर खुराक की अनुमति देने की अपील करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार उभरते संकट से निपटने के लिए तैयार है और होम आइसोलेशन पर ध्यान केंद्रित करेगी क्योंकि ज्यादातर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं हो सकती है।

सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो दोगुना तक देना होगा जुर्माना

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भोपाल । धरना, जुलूस, हड़ताल, बंद, दंगा या व्यक्तियों के समूह द्वारा पत्थरबाजी, आग लगाने या तोड़फोड़ से सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर अब उनसे वसूली की जाएगी। इसके लिए सरकार घटना विशेष के लिए दावा अधिकरण गठित करेगी। यह तीन माह में जांच करने के बाद क्षतिपूर्ति की राशि तय करेगा, जिसका भुगतान संबंधित को 15 दिन में करना होगा। इसके लिए उस व्यक्ति को आवदेन करना होगा, जिसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

इसके लिए गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को विधानसभा में ‘मध्य प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान का निवारण एवं नुकसानी की वसूली विधेयक-2021″ प्रस्तुत किया। इस पर गुरुवार को चर्चा होगा। कानून बनने के बाद सरकार इसके नियम अलग से बनाएगी।

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और हरियाणा में पत्थरबाजों द्वारा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर क्षतिपूर्ति दिलाने का कानून लागू है। इसका अध्ययन करने के बाद गृह विभाग ने अधिनियम तैयार किया है। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकार के साथ स्थानीय निकाय, सहकारी संस्था, कंपनियों और निजी संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई हो सकेगी। अधिकरण का अध्यक्ष सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश का बनाया जाएगा। इसमें एक सदस्य सेवानिवृत्त सचिव या समकक्ष अधिकारी रहोग।

अधिकरण सभी तथ्यों की जांच करने के बाद तीन माह के भीतर अपना फैसला सुनाएगा। जिसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उसे एक माह के भीतर आवेदन करना होगा। नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकरण अधिकारी नियुक्त कर सकेगा। क्षतिपूर्ति की राशि दोगुना तक हो सकता है। संबंधित व्यक्ति को इसका भुगतान 15 दिन में करना होगा।

यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं होता है तो ब्याज लगाया जा सकेगा। इसकी वसूली ठीक उसी तरह से की जाएगी जैस भू-राजस्व के बकाया की वसूली होती है। इसमें चल-अचल संपत्ति नीलाम भी की जा सकती है। अधिकरण को सिविल कोर्ट के अधिकार होंगे। इसके आदेश को 90 दिन के भीतर हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी। पुलिस की कार्रवाई अलग से चलती रहेगी।

मप्र सरकार ला रही है रोप-वे पालिसी

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भोपाल। मप्र सरकार रोप-वे ट्रांसपोर्ट के लिए पालिसी बना रही है। इसकी शुरुआत भोपाल, इंदौर, रीवा, सतना सहित 16 नगर निगम में की जाएगी। इस प्रस्ताव के बाद रोप-वे के लिए संबंधित चयनित स्थानों पर फिजिबिलटी सर्वे भी कराया जाएगा। भोपाल में 1991 के मास्टर प्लान में स्व. एमएन बुच ने रोप-वे ट्रांसपोर्ट पालिसी को शामिल किया था लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया। अब फिर से यह पालिसी लाई जा रही है।

हालांकि रोप-वे पालिसी का प्रयोग पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन के लिए ही अब तक किया जाता था। मप्र में इस तरह की कोई पालिसी नहीं थी। अब हिमाचल प्रदेश की रोप-वे पालिसी के अनुरूप प्लानिंग शुरू की गई है। इस पालिसी से भीड़ वाले क्षेत्र में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इसके अनुसार पहले चरण में मेट्रो सिटी को लिया गया है जिसमें भोपाल और इंदौर शामिल हैं। इस प्रणाली में पेड़ काटने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा।

नगर निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के अलावा भीड़ वाले स्थानों पर भी इस तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। इससे बिना किसी बाधा के लोग आवागमन कर सकेंगे। अभी इसके लिए बड़ा-छोटा तालाब, चौक बाजार सहित एमपी नगर में फिजिबिलटी सर्वे कराया जा रहा है। इसके आधार पर जाम वाली स्थितियों में यह व्यवस्था कितनी कारगर होगी, यह देखा जाएगा। इसके बाद रोप-वे लगाने का काम श्ाुरू होगा।

मेट्रो से 10 गुना सस्ता है रोप-वे परिवहन

जानकारों के मुताबिक रोप-वे परिवहन मेट्रो के मुकाबले 10 गुना सस्ता है। इसके तहत नौ मीटर से लेकर पांच किमी तक लंबा रोप-वे बनाया जा सकता है। एक ट्राली में छह से दस लोग एक बार में सफर कर सकते हैं। बिजली से संचालित होने वाले रोप-वे के निर्माण में सिर्फ एक कंट्रोल रूम और रोप-वे सेटअप की जरूरत होती है। कहीं पेड़, हरियाली या अन्य प्राकृतिक चीजों में नुकसान नहीं पहुंचता है। बता दें कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उसी सोच का हिस्सा है, जिसमें लोगों की उम्मीदों को पूरा करने और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए अलग-अलग परिवहन साधनों का विकास किया जा सकेगा।

केरल में सामने आए कोरोना वेरिएंट के 9 नए मामले, राजस्थान में मिले 4 नये मरीज

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कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट देश में तेजी से पांव पसारता जा रहा है। बुधवार को केरल से ओमिक्रॉन के 9 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 24 पहुंच गया है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि केरल में एर्नाकुलम पहुंचे 6 और तिरुवनंतपुरम पहुंचे 3 व्यक्ति नए वैरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं। एर्नाकुलम पहुंचे 6 लोगों में से 2 लोग यूके से पहुंचे थे जबकि एक महिला और एक लड़का तंजानिया से पहुंचे थे। इसके अलावा एक अन्य महिला घाना से और एक और महिला आयरलैंड से पहुंची थी। वहीं त्रिवेंद्रम में नाइजीरिया से पहुंचे पति, पत्नी और एक अन्य महिला संक्रमित पाए गए हैं। आपको बता दें कि कोरोना का नया वेरिएंट धीरे-धीरे विकराल रूप लेता जा रहा है और अब तक देश के 15 राज्यों में फैल चुका है।

राजस्थान में भी आज ओमिक्रॉन के चार नये मामले सामने आए हैं। ये सभी मामले जयपुर में दर्ज हुए हैं। इनमें से दो मामले जवाहर नगर से, एक प्रताप नगर में 65 साल के बुजुर्ग, और केन्या से आई एक महिला पॉजिटिव पाई गई है। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की तलाश जारी है। आपको बता दें कि कुछ ही दिनों में देश में ओमिक्रॉन का आंकड़ा 225 तक पहुंच गया है। सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र और दिल्ली में सामने आए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना (Coronavirus) के नए मामलों में एक बार फिर से तेजी देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शाम के पांच बजे जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 125 मामलों की पुष्टि हुई है, जो 22 जून के बाद से सबसे अधिक है।

दिल्ली में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए DDMA ने क्रिसमस और नए साल को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीडीएमए ने सभी प्रकार के समारोहों पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं, और सिर्फ 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सम्मेलन करने की मंजूरी दी है।

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, जीता कांस्य पदक

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शियन चैंपियंस ट्रॉफी के तीसरे स्थान के मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं पाक टूर्नामेंट में चौथे पायदान पर रही। मुकाबले के पहले हाफ से दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मैच के तीसरे मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर किया। वह भारत को 1 गोल की बढ़त दिलाई।

पाकिस्तान ने की वापसी

पाकिस्तान टीम ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर को 1-1 पर ला खड़ा किया। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने काफी मेहनत की, लेकिन एक भी गोल नहीं हो सका। मुकाबले के तीसरे हाफ में पाकिस्तान के अब्दुल राणा ने गोल दाग दिया। वह टीम को 2-1 से बढ़त दिलाई।

मैच भारत के काबू में

तीसरा क्वार्टर खत्म होने से पहले भारत ने वापसी की। सुमित कुमार ने गोल कर टीम की वापसी करवाई। मैच के आखिरी हाफ में भारत पाकिस्तान पर हावी हो गया। वरुण कुमार ने तीसरा गोल दागा। अक्षयदीप सिंह ने चौथा गोल कर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।

इन खिलाड़ियों ने किए गोल

भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह, सुमित कुमार, वरुण कुमार और आकाशदीप ने गोल किए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से अफराज, अब्दुल राणा और अहमद नदीम ने गोल किए। बता दें मंगलवार को खेले गए पहले सेमीफाइल में साउथ कोरिया ने पाकिस्तान को 6-5 से हराया था। जबकि टीम इंडिया को जापान से 5-3 से हार देखनी पड़ी।