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भाजपा और कैप्टन ने लिखा चुनाव आयोग को पत्र, 16 फरवरी को गुरु श्री रविदास जयंती का दिया हवाला

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पंजाब में 14 फरवरी को होने वाले मतदान को टालने की मांग अब तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी रविवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मतदान टालने की मांग की है। इसके पीछे वजह 16 फरवरी को होने वाली संत गुरु श्री रविदास की जयंती बताई है।

इससे पहले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और बहुजन समाज पार्टी की पंजाब इकाई यह मांग चुनाव आयोग से कर चुके हैं। अब भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर सूबे में 14 फरवरी को होने वाली मतदान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है। भाजपा ने पत्र में लिखा है कि 16 फरवरी को गुरु रविदास जयंती का पावन पर्व होने के कारण राज्य का एक बड़ा वर्ग वाराणसी जा सकता है। ऐसे में यदि राज्य में मतदान हुआ तो वह लोग वोट देने के अधिकार से वंचित रह जाएंगे। ऐसे में भाजपा पंजाब चुनाव आयोग से राज्य में 14 फरवरी को होने वाले मतदान को कुछ दिन आगे बढ़ाने की मांग करती है।

चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र की पुष्टि करते हुए पंजाब भाजपा के प्रदेश महासचिव डॉ. सुभाष शर्मा ने बताया कि भाजपा को उम्मीद है कि चुनाव आयोग उनकी इस मांग पर गौर करेगा। भाजपा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है, इसलिए वह नहीं चाहती कि कोई भी वर्ग अपने वोट के अहम अधिकार से वंचित रहे। वहीं, दूसरी तरफ पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मतदान प्रक्रिया की तिथि 20 फरवरी करने की मांग की है।

मान और केजरीवाल के बीच का जल्द फूटेगा बुलबुला
भाजपा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय चंडीगढ़ में पत्रकारवार्ता में बातचीत के दौरान कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने के लिए बनाया गया एप एक नाटक है। यह पूरी कवायद भगवंत मान को कुचलने की कुटिल चाल है। इसकी असली सच्चाई जल्द ही सबके सामने आ जाएगी। जिसके बाद मान और केजरीवाल के बीच का बुलबुला फूट जाएगा। अब केजरीवाल शैली की राजनीति का नाटक चरम पर पहुंच गया है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के पंजाब और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तीखी नोकझोंक देखी जा रही है। दुर्भाग्य से आप के केंद्रीय नेता पंजाबी संस्कृति की बारीकियों, पंजाब के समृद्ध इतिहास के गौरव को नहीं समझते हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल खुद को पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर पेश नहीं कर पाएंगे।

शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू और अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनने की जल्दी है। शर्मा ने कहा कि पार्टियां हमेशा व्यक्ति से ऊपर होती हैं लेकिन अति महत्वाकांक्षी राजनेताओं ने बेशर्मी की सभी हदें पार कर मुख्यमंत्री बनने की रट लगाई है। शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रतिष्ठित पद सभी के कल्याण के प्रति अत्यधिक जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का ताज है। बेहतर भविष्य और समतामूलक समाज की दिशा में काम करना हर राजनीतिक दल का धर्म है। दुर्भाग्य से आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू में परिपक्वता और दूरदर्शिता की भारी कमी है।

मध्‍य प्रदेश की पंचायतों की प्रशासकीय समितियों को मिल सकते हैं अधिकार, प्रधान और सदस्यों को मुख्यमंत्री करेंगे संबोधित

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भोपाल। । मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार फिर से ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समूहों को सक्रिय करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोेमवार को ग्राम, जनपद और जिला पंचायत की प्रशासकीय समितियों के प्रधान और सदस्यों को संबोधित करेंगे। इसमें उन्हें रोको-टोको अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। साथ ही पंचायतों की प्रशासकीय समितियों को फिर से अधिकार भी दिए जा सकते हैं। इसको लेकर पूर्व पंचायत प्रतिनिधि प्रदेशभर में ज्ञापन दे रहे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री से भी पूर्व सरपंचों ने मुलाकात की थी। छह जनवरी 2022 को पूर्व सरपंच (प्रधान) की प्रशासकीय समिति से वित्तीय अधिकार वापस ले लिए गए थे।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को मुख्यमंत्री के संबोधन के लिए पंचायत, जनपद और जिला पंचायत स्तर पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जिले के एनआइसी केंद्र पर चयनित पंचायतों की प्रशासकीय समिति के सदस्य और प्रधान भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री इनसे संवाद भी करेंगे। बताया जा रहा है कि जिस तरह कोरोना की पहली और दूसरी लहर से निपटने में पंचायतों की प्रशासकीय समिति ने जागरुकता के काम किए थे, उसी तरह एक बार फिर गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री आपदा प्रबंधन समूहों को टीकाकरण से जो भी पात्र व्यक्ति या बच्चे वंचित रह गए हैं, उन्हें चिन्हित कराके टीका लगवाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंप चुके हैं। साथ ही यह अपील भी की है कि जिन व्यक्तियों को सर्दी, खांसी या बुखार है, उनकी पहचान करके स्वास्थ्य कर्मियों को सूचित करें ताकि जांच हो सके। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किसी भी जगह पर भीड़ को एकत्र न होने दें और मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के लिए लोगों को प्रेरित करें। उधर, पंचायतों की प्रशासकीय समितियों को वित्तीय अधिकार वापस देने के संबंध में भी निर्णय लिया जा सकता है।

पंचायत चुनाव की घोषणा होने के बाद पूर्व सरंपच की अध्यक्षता वाली प्रशासकीय समितियों से अधिकार वापस ले लिए गए थे। चुनाव निरस्त होने के बाद चार जनवरी को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने फिर से वित्तीय अधिकार बहाल करने के आदेश जारी किए पर एक दिन बाद ही छह जनवरी को इस पर रोक लगा दी। पूर्व सरपंच इसका विरोध कर रहे हैं और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त श्ार्मा सहित मंत्रियों से मुलाकात करके ज्ञापन भी सौंप चुके हैं।

मध्‍य प्रदेश सरकार मंगलवार को दो हजार करोड़ रुपये का ऋण लेगी, अब तक इतना कर्ज!

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भोपाल। । प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकार मंगलवार को दो हजार करोड़ रुपये का ऋण लेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के माध्यम से यह ऋण बीस साल के लिए लिया जाएगा।

प्रदेश सरकार इस वर्ष अब तक 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक ऋण ले चुकी है। सरकार के ऊपर मार्च 2021 की स्थिति में दो लाख 53 हजार 335 करोड़ रुपये का ऋण है। जो अब बढ़कर दो लाख 68 हजार 335 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। इसमें बाजार का ऋण सर्वाधिक एक लाख 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक है।

विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों ने प्रदेश के ऊपर ऋण की स्थिति को लेकर प्रश्न भी पूछे थे। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया था कि सरकार नियमों के दायरे में रहते हुए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और विकास परियोजनाओं के लिए ऋण लेती है और उसके लिए बजट में प्रविधान भी किए जाते हैं।

केंद्रीय राज्यमंत्री डा.एल मुरुगन ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, पशुपालन, मत्स्य और डेयरी राज्य मंत्री डा. एल मुरुगन ने रविवार को भोपाल में पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभाग के कामकाज की समीक्षा की। विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में विभिन्न् क्षेत्रों किए जा रहे कामों के बारे में जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि पशुपालन और मत्स्य पालन के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय कार्यक्रमों का क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से किया जाए। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात भी की।

लक्ष्य सेन ने जीता इंडिया ओपन का खिताब, कड़े मुकाबले में वर्ल्ड चैंपियन को दी मात

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भारत के शटलर लक्ष्य सेन ने रविवार को केडी जाधव स्टेडियम में चल रहे इंडिया ओपन 2022 का पुरुष एकल फाइनल जीता। लक्ष्य ने 54 मिनट तक चले मुकाबले में मौजूदा विश्व चैंपियन सिंगापुर के लोह कीन यू को 24-22, 21-17 से हराया। यह पहली बार है जब लक्ष्य सेन अपने करियर में सुपर 500 का खिताब जीतने में सफल रहे हैं। लक्ष्य ने शनिवार को सेमीफाइल में मलेशिया के एनजी त्जे योंग को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

 

सात्विक और चिराग की जोड़ी बनी चैंपियन, इंडोनेशिया को हराकर रचा इतिहास

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सात्विक साईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) की जोड़ी ने रविवार को केडी जाधव स्टेडियम में चल रहे इंडियन ओपन 2022 के पुरुष युगल फाइनल में जीत हासिल की। यह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट श्रृंखला (BWF World Tour Tournament Series) का हिस्सा है। भारतीय जोड़ी ने 43 मिनट तक चले मैच में इंडोनेशिया की मोहम्मद अहसान (Mohammad Ahsan) और हेंड्रा सेतियावान (Hendra Setiawan) की जोड़ी को 21-16, 26-24 से शिकस्त दी।

पीवी सिंधु सेमीफाइनल में हारी

इससे पहले सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सेमीफाइनल में फ्रांस की फैबियन डेलरू (Fabien Delrue) और विलियम विलेगर (William Villegar) की जोड़ी को हराया था। वहीं शटलर पीवी सिंधु (PV Sindhu) 59 मिनट तक चले सेमीफाइनल मुकाबले में थाईलैंड की सुपनिदा कटेथोंग (Supanida Katethong) से 14-21, 21-13, 10-21 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

इंदौर के मेदांता अस्‍पताल में आग से हड़कंप, कोई जनहानि नहीं

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इंदौर । विजय नगर क्षेत्र स्थित मेदांता अस्पताल की चौथी पर बने मेडिकल आइसीयू में रविवार शाम आग लग गई। हादसे के वक्त वहां एक दर्जन से ज्यादा मरीज भर्ती थे। इनमें से चार-पांच वेंटिलेटर पर थे। आग लगते ही आइसीयू में धुआं भराने लगा और अफरा-तफरी मच गई। धुएं की वजह से मरीजों को घबराहट होने लगी और उनकी सांस फूलने लगी। मरीजों के स्वजन ने आग लगने की जानकारी तुरंत मौके पर मौजूद स्टाफ को दी जिसके बाद आग काबू करने की कवायद शुरू हुई।

आइसीयू में भर्ती मरीजों को एक-एक कर तीसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया। जो मरीज वेंटिलेटर पर थे उन्हें सबसे अाखिरी में शिफ्ट किया गया। हादसे ने अस्पताल की फायर सेफ्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वजन का कहना है कि आग लगने की जानकारी उन्होंने खुद अस्पताल के कर्मचारियों को दी थी।

अलार्म बजा ही नहीं था जबकि प्रबंधन का दावा है कि तल मंजिल पर बने कंट्रोल रूम में फायर सेफ्टी अलार्म बजा था। कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। जांच दल में एडीएम पवन जैन, सीएमएचओ डा.बीएस सैत्या, अग्नि सुरक्षा अधिकारी और बिजली कंपनी के अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच दल जांच के बाद अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगा।

आग रविवार शाम करीब छह बजे लगी थी। अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने आइसीयू में भर्ती मरीजों के स्वजन के मुताबिक वे अस्पताल की तीसरी, चौथी और पांचवी थे। अचानक उन्होंने देखा कि मेडिकल आइसीयू से धुआं उठने लगा। इसे देखकर वे घबरा गए और तुरंत आइसीयू के भीतर तरफ दौड़े।

उन्होंने देखा कि आइसीयू में धुआं भर रहा था। उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। वे दौडकर अपने मरीज के पास गए। धुआं भराने से मरीज घबराने लगे थे। कुछ मरीजों की सांस अचानक फूलने लगी। आग की वजह से अस्पताल के कर्मचारियों में भी अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने आग बुझाने के उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस बीच आइसीयू में भर्ती मरीजों को अस्पताल की तीसरी मंजिल पर दूसरे आइसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।

SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ FIR दर्ज, कोरोना प्रोटोकॉल का किया उल्लंघन

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शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया एक बार फिर कानूनी मामले में फंस गये हैं। उनके खिलाफ कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन से संबंधित अधिनियम के तहत सुलतानविंड पुलिस थाने में FIR दर्ज किया गया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शनिवार को अमृतसर शहर के प्रवेश द्वार पर सैकड़ों शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने कोविड प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए बिक्रम सिंह मजीठिया का स्वागत किया। इसमें कहा गया है कि शिरोमणि अकाली दल समर्थकों को पंजाब के पूर्व मंत्री को माला पहनाते और ‘सिरोपा’ पहनाते देखा गया। बयान में कहा गया है कि मजीठिया और उनके समर्थकों ने कोविड संबंधी प्रावधानों तथा निर्वाचन आयोग की ओर से लगाए प्रतिबंधों का उल्लंघन किया।

बिक्रम सिंह मजीठिया, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के साले और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं। पिछले महीने कांग्रेस सरकार ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है। जमानत मिलने के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की चन्नी सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा था कि इतिहास में पहली बार 3 महीने में 4 डीजीपी बदले गए हैं। उन्होंने सीएम पर अन्‍य मंत्रियों के साथ मिलकर फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। शिरोमणि अकाली दल ने भी इस एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था। लेकिन अब मजीठिया के खिलाफ एक बार फिर से एफआईआर दर्ज हो गई है, जिसमें पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।

कार्यकर्ताओं के स्वभाव और व्यवहार की निगरानी में जुटी भाजपा

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भोपाल मिशन 2023 की तैयारी में जुटी भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों से जोड़ने के साथ उनके स्वभाव और व्यवहार की निगरानी रखने की तैयारी में भी जुटी है। प्रदेश संगठन ने इसी के चलते बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों को यह संदेश दिया है कि उनका स्वभाव और व्यवहार पार्टी की छवि और भविष्य तय करता है। इसलिए ऐसे कदम न उठाएं जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़े।

कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंचें तो उन्हें हर वर्ग के लिए शुरू की गई योजनाओं की जानकारी हो ताकि पब्लिक को उसके बारे में अवगत करा सकें। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने एक माह में किए गए जिलों के प्रवास के जरिये प्रदेश और केंद्र की मंशा से पार्टी के विधायकों सांसदों मोर्चा पदाधिकारियों और प्रदेश पदाधिकारियों को अवगत कराने का काम किया है। उन्होंने कई मौकों पर दल का महत्व बताते हुए कहा कि सफलता से हमारे अंदर घमंड नहीं आना चाहिए क्योंकि घमंड में सत्ता दुरावस्था की ओर जा सकती है। जब कार्यकर्ता हमारे महापुरुषों के जीवन की पृष्ठभूमि में झांकते हैं तो उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में काम करने की एक दिशा मिलती है।

हम पार्टी में जिस भी पद पर हैं उसके अनुरूप हमारा व्यवहार भी होना चाहिए।  जब सभी कार्यकर्ता टीम भावना के साथ आगे बढ़ेंगे तो पार्टी का हर अभियान सफल होगा। इससे पार्टी भी मजबूत होगी और हमारा कार्यकर्ता भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा है कि हमें राजनीति में सामूहिकता लाने का प्रयास करना चाहिए। सुनने का मानस बनाकर कार्यप्रणाली में सुधार करने का प्रयास भी लगातार करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय, प्रभावी काम करने वाले लोगों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष ने जिलों में प्रवास के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकतार्ओं की स्वभाव और व्यवहार पर भी निगाह रखने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हमारे पदाधिकारी का स्वभाव और व्यवहार पार्टी की छवि निर्माण करने का काम करता है। हमारे पदाधिकारी को समाज के लिए सहज, सुलभ और सरल होना चाहिए।

जिलों में प्रवास के दौरान पार्टी के विस्तार में सभी मोर्चो की भूमिका पर भी चर्चा हुई है। इनसे कहा गया है कि मोर्चा के कार्यकर्ता अपने संबंधित वर्ग को पार्टी से जोड़ने का काम करें। सभी मोर्चा कार्यकतार्ओं को संबंधित वर्ग की सारी जानकारियां होना चाहिए। मोर्चा पदाधिकारियों को उन वर्गों के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का भी पूरा अध्ययन होना चाहिए।

मोर्चा के कार्यकर्ता जब सारी जानकारियों से लैस होकर समाज के बीच में काम करेंगे तो निश्चित ही पार्टी का जनाधार बढेगा।मोर्चा पदाधिकारियों का दायित्व है कि वह इन सभी कामों को जनता के बीच में लेकर जाए और विस्तारक अभियान में भी अपनी भूमिका निभाएं।

देश में मिले कोरोना के 2 लाख 68 हजार नए केस, ओमिक्रोन के कुल मामले 6 हजार पार

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शनिवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देशभर में 2,68,833 नए केस मिले हैं। शुक्रवार को 2,64,202 केस मिले थे। इस तरह एक दिन पहले के मुकाबले शनिवार को चार हजार ही नए मामले अधिक मिले। इससे पहले गुरुवार को 2,47,417 और बुधवार को 1,94,720 नए केस मिले थे। इन दो दिनों में नए मामलों में 50 हजार से अधिक का अंतर था। इस दौरान पूरे देश में 402 और लोगों की मौत हुई है, जिसमें 199 अकेले केरल और 34 मौतें दिल्ली से हैं। सक्रिय मामले बढ़कर 14,17,820 हो गए हैं जो 223 दिन में सर्वाधिक और कुल मामलों का 3.85 प्रतिशत है। 24 घंटे में 1.45 लाख सक्रिय मामले बढ़े हैं। दैनिक संक्रमण दर 16.66 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 12.84 प्रतिशत हो गई है।

ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. प्रदीप व्यास ने कहा है कि राज्य में अभी भी डेल्टा प्रमुख वैरिएंट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नवंबर के बाद से 4,265 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई गई थी जिसमें 68 प्रतिशत मामले डेल्टा वैरिएंट के मिले और 32 प्रतिशत ओमिक्रोन के। हालांकि, दिल्ली में इसके उलट है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 80 प्रतिशत मामले ओमिक्रोन के मिल रहे हैं।

ओमिक्रोन के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है और इसके कुल मामलों का आंकड़ा छह हजार को पार कर गया है। अब तक देशभर में ओमिक्रोन के 6,041 केस मिल चुके हैं, जिसमें सबसे अधिक महाराष्ट्र के 1,605 मामले शामिल हैं। अब तक 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके मामले मिल चुके हैं। वैसे तीसरी लहर में बढ़ रहे मामलों के पीछे ओमिक्रोन को ही माना जा रहा है, लेकिन चूंकि सभी संक्रमितों की जीनोम सीक्वेंसिंग संभव नहीं है, इसलिए ओमिक्रोन के मामले कम सामने आ रहे हैं।

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इंदौर । मध्यप्रदेश में हुए व्यापम घोटाले के मुख्य आरोपित जगदीश सिंह सागर को शनिवार को एरोड्रम पुलिस ने जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा। आरोपित को इंदौर विमानतल से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह इंदौर से ग्वालियर रवाना हो रहा था। इसी दौरान विमानतल पर तैनात सुरक्षा प्रहरियों ने स्कैनर से जांच की तो बैग में जिंदा कारतूस मिला।

पूछने पर अरोपित ने बहाना बनाया तो विमानतल प्रबंधन ने एरोड्रम थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस आरोपित को थाने ले आई और उस पर आर्म्स एक्ट कर तहत कार्रवाई की है। आरोपित ने बताया कि व्यापम घोटाले मामले में जेल में रहने के बाद उसकी दो बंदूकों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाया था। इसके बाद उसने दोनों बंदूकें बेच दीं। एक कारतूस गलती से बैग में रह गया। पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया था। वहां से उसे जमानत पर शाम को छोड़ दिया गया।

डा. जेपी सिंह सागर को पीएमटी 2013 में सीबीआइ ने रैकेटियर के रूप में आरोपित बनाया था। भिंड के गोहद निवासी डाक्टर सागर ने 1991 में पीएमटी से ग्वालियर मेडिकल कालेज में प्रवेश लिया और 2000 में यानी नौ साल में एमबीबीएस किया था। फिर 2004 में इंदौर के एमजीएम में पीजी के लिए प्रवेश लिया, जो चार साल बाद 2008 में पूरा हुआ।

व्यापम घोटाले में इंदौर पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज करने के बाद सागर को क्राइम ब्रांच ने 15 जुलाई 2013 को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ एसटीएफ ने चार अक्टूबर 2013 में चालान पेश किया था। उसने व्यापमं ही नहीं, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से राज्य सेवा का अफसर बनवाने के लिए भी कई सौदे किए थे। इसमें 6 पदों के लिए 95 लाख रुपये का सौदा किया गया था। इसके बाद आरोपित को दो साल की जेल भी हुई थी।