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बलौदा बाजार-सिमगा मार्ग पर 38 करोड़ से बनेगा रिंगनी रेलवे ओवरब्रिज, हजारों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

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जिले के सिमगा विकासखंड में हथबंद के पास ग्राम रिंगनी में मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से 962 मीटर लंबे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद बलौदा बाजार-सिमगा मार्ग पर रेलवे फाटक के कारण लगने वाले लंबे जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

24 घंटे में करीब 20 घंटे बंद रहता है रेलवे फाटक
रिंगनी स्थित रेलवे क्रॉसिंग से मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर प्रतिदिन 220 से अधिक यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। इसके कारण रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहता है। कई बार राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों और एंबुलेंस जैसे जरूरी वाहनों को भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।

उद्योगों और 80 से ज्यादा गांवों को होगा फायदा
सिमगा क्षेत्र में कई सीमेंट और स्टील संयंत्र होने के कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव भी रहता है। वहीं सुहेला और हथबंद क्षेत्र की 80 से अधिक ग्राम पंचायतों के लोग रोजमर्रा के काम, रोजगार, व्यापार और सरकारी कार्यों के लिए इस मार्ग से आवाजाही करते हैं। ROB बनने के बाद रेलवे फाटक पर निर्भरता कम होगी और यातायात अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

26 कॉलम पर तैयार होगा 962 मीटर लंबा पुल
परियोजना के तहत कुल 26 कॉलम बनाए जाएंगे। इनमें एप्रोच रोड समेत 23 कॉलम का निर्माण सेतु निगम के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि रेलवे ट्रैक के ऊपर आने वाले तीन मुख्य कॉलम रेलवे विभाग बनाएगा। परियोजना को सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

भागीरथपुरा कांड की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, समय पर कार्रवाई होती तो टल सकती थी 36 मौतों की त्रासदी

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भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्थाओं की कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह त्रासदी किसी एक घटना या एक अधिकारी की गलती का नतीजा नहीं थी, बल्कि करीब तीन दशक से चली आ रही सीवर और पेयजल व्यवस्था की खामियों, निगरानी की कमी और समय पर कार्रवाई नहीं होने का परिणाम थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या और लोगों के बीमार पड़ने की जानकारी 2024 में ही सामने आने लगी थी। इसके बावजूद पाइपलाइन बदलने की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। रिपोर्ट के मुताबिक, पाइपलाइन बदलने का काम मूल रूप से मई 2024 तक पूरा होना था, लेकिन प्रशासनिक और टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण इसे जनवरी 2026 में बदला जा सका।

सीवर और पेयजल लाइन की खामियां बनीं बड़ी वजह
जांच में सामने आया कि कई स्थानों पर सीवर और पेयजल पाइपलाइन निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप अलग-अलग दूरी पर नहीं थीं। कुछ जगह दोनों लाइनें समानांतर थीं और कहीं एक-दूसरे को क्रॉस करती मिलीं। इससे लीकेज या पाइपलाइन खराब होने की स्थिति में सीवर का दूषित पानी पेयजल लाइन में पहुंचने का खतरा बना हुआ था।

रिपोर्ट के अनुसार, घटना का तत्काल कारण सीवरेज का दूषित पानी पेयजल वितरण व्यवस्था में पहुंचना था, जबकि इसके पीछे सीवर नेटवर्क की पुरानी प्लानिंग और निर्माण संबंधी खामियों को मूल कारणों में शामिल किया गया है।

36 मौतों ने खड़े किए जवाबदेही के सवाल
भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए और 36 लोगों की मौत हुई। न्यायिक जांच में कई स्तरों पर जिम्मेदारियों और व्यवस्थागत कमियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी घटना को केवल किसी एक अधिकारी की गलती के तौर पर नहीं देखा जा सकता, बल्कि लंबे समय तक चली कई चूकों ने स्थिति को गंभीर बनाया।

1 अक्टूबर से देशभर में बदल गए 10 बड़े नियम, LPG से UPI और ATM तक पड़ेगा सीधा असर

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अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही देश में कई वित्तीय और बैंकिंग नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इनका असर LPG सब्सिडी, SBI ATM ट्रांजेक्शन, FD, NPS, UPI भुगतान, NRI प्रॉपर्टी खरीद और अन्य वित्तीय सेवाओं पर पड़ सकता है। कुछ बदलाव सीधे आम लोगों की जेब और मासिक बजट से जुड़े हैं।

1. LPG सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक जरूरी
1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल के लिए Biometric Aadhaar Authentication जरूरी किया गया है। यह प्रक्रिया डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी पर या संबंधित OMC के मोबाइल ऐप से पूरी की जा सकती है। सरकार के मुताबिक, 27.43 करोड़ उपभोक्ता पहले ही यह प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं।

2. SBI ATM से फ्री ट्रांजेक्शन की सीमा बदली
SBI के सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर मुफ्त मासिक ट्रांजेक्शन की सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। सीमा पार होने पर निर्धारित शुल्क लागू हो सकता है।

3. बल्क FD के ब्याज की जानकारी ज्यादा पारदर्शी होगी
1 अक्टूबर से बैंकों को बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों को पहले से सार्वजनिक करना होगा और लागू दरों की जानकारी रोजाना सुबह 10 बजे उपलब्ध करानी होगी।

4. UPI पर 15 अक्टूबर से नया MDR नियम
15 अक्टूबर 2026 से कुछ ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होगा। हालांकि ₹2,000 तक के भुगतान और जीरो-MDR व्यवस्था वाले छोटे व्यापारियों के लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे। यह शुल्क मुख्य रूप से मर्चेंट पक्ष से संबंधित है, सीधे ग्राहक से वसूला जाना जरूरी नहीं है।

5. NPS में नए शुल्क लागू
NPS और NPS Lite में Point of Presence (PoP) के जरिए नया PRAN खोलने पर ₹200 का ऑनबोर्डिंग चार्ज लागू होगा। शुल्क की वसूली नई शुल्क संरचना के अनुसार होगी।

6. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS प्रक्रिया में बदलाव
NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF के लिए TDS की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। खरीदार अपने PAN के माध्यम से TDS कटौती, जमा और रिपोर्टिंग कर सकेंगे।

7. LPG की कीमतों की मासिक समीक्षा
तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होने पर इसका सीधा असर रसोई और कारोबार के बजट पर पड़ सकता है।

8. पेंशनर्स के लिए Life Certificate का समय शुरू
1 अक्टूबर से पेंशनर्स के लिए वार्षिक Life Certificate जमा करने की अवधि शुरू हो गई है। समय पर प्रमाणपत्र जमा करना पेंशन भुगतान की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है।

9. EPF/EPS में वेतन सीमा से जुड़े बदलाव
₹15,000 से ₹25,000 तक की वेतन सीमा वाले कुछ कर्मचारियों के लिए EPF/EPS योगदान व्यवस्था में बदलाव से टेक-होम सैलरी और रिटायरमेंट सेविंग्स पर असर पड़ सकता है।

10. त्योहारों में इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों पर नजर
टीवी, फ्रिज, AC जैसे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में कच्चे माल और लागत में बदलाव के कारण उतार-चढ़ाव की संभावना है। हालांकि किसी वस्तु की कीमत बढ़ना सभी कंपनियों के लिए एक समान अनिवार्य बदलाव नहीं है।

पीएम किसान में बड़ा अपडेट, दिवाली से पहले मिल सकती है ₹2,000 की किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटस

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत किसानों को अगली यानी 24वीं किस्त का इंतजार है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में किसानों के खातों में ₹2,000 की अगली किस्त ट्रांसफर किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार ने अभी तक किस्त जारी करने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।

PM-KISAN के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने 20 जून 2026 को 23वीं किस्त जारी की थी। ऐसे में अगली किस्त को लेकर किसानों की नजर अब अक्टूबर पर है।

इन किसानों को मिल सकता है ₹2,000 का लाभ
अगली किस्त का लाभ पाने के लिए किसानों का e-KYC पूरा होना, जमीन का रिकॉर्ड यानी Land Seeding सही होना और बैंक खाते का आधार से सीडेड होना जरूरी है। कृषि मंत्रालय की ओर से भी किसानों को इन प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने की सलाह दी गई है।

ऐसे चेक करें PM किसान का स्टेटस
किसान अपना स्टेटस ऑनलाइन आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Know Your Status” विकल्प चुनें। इसके बाद अपना Registration Number दर्ज करें और कैप्चा भरें। OTP के जरिए सत्यापन के बाद किसान अपने Payment Status, Bank Name, UTR Number और खाते में राशि जमा होने की तारीख जैसी जानकारी देख सकते हैं।

विमान हादसा टालने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की पीएम मोदी ने की तारीफ

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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में सामने आई गंभीर घटना के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुई घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। इस दौरान कैप्टन मच्छार घायल हो गए, लेकिन उन्होंने स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के सह-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट में हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सुरक्षित रूप से तबूक में उतारा गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मच्छार के साहस की प्रशंसा करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। घटना के बाद भारतीय दूतावास के अनुसार कैप्टन मच्छार का तबूक के अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।

कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई के रहने वाले हैं और फ्लाईदुबई में कैप्टन के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले वह स्पाइसजेट में भी लंबे समय तक काम कर चुके हैं। इस घटना के बाद उनकी सूझबूझ और साहस की व्यापक चर्चा हो रही है।

शारदीय नवरात्रि में हाथी पर आएंगी मां दुर्गा, जानिए क्या है धार्मिक मान्यता

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शारदीय नवरात्रि 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ने लगा है। इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होगी। धार्मिक परंपरा के अनुसार रविवार को नवरात्रि शुरू होने के कारण मां दुर्गा का आगमन हाथी यानी गज पर माना जा रहा है।

हाथी पर माता का आगमन क्यों माना जाता है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं में हाथी को शक्ति, स्थिरता, समृद्धि और वर्षा का प्रतीक माना गया है। इसी वजह से मां दुर्गा का गज पर आगमन अच्छी वर्षा, बेहतर कृषि और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।

किस दिन कौन सा वाहन माना जाता है?
प्रचलित धार्मिक परंपरा के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन के वार के आधार पर माता के आगमन का वाहन निर्धारित किया जाता है। रविवार और सोमवार को हाथी, मंगलवार और शनिवार को घोड़ा, बुधवार को नाव, जबकि गुरुवार और शुक्रवार को पालकी/डोली का उल्लेख मिलता है।

कब होगी मां की विदाई?
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयादशमी के साथ होगा। प्रचलित मान्यता के अनुसार मंगलवार को देवी के प्रस्थान को चरणायुध यानी मुर्गे से जोड़ा जाता है। इससे जुड़ी शुभ-अशुभ व्याख्याएं अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में मिलती हैं।

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। श्रद्धालु व्रत, पूजा-पाठ, गरबा और डांडिया सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों के माध्यम से देवी की आराधना करेंगे।

दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कैंसर की दवा के 10 गुना दाम पर उठाए सवाल

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कैंसर समेत जरूरी दवाओं की कीमतों में भारी अंतर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान ऐसी दवाओं पर एक समान 16 प्रतिशत मार्जिन की व्यवस्था पर केंद्र सरकार से विचार करने को कहा।

सुनवाई के दौरान पीठ ने एक कैंसर की दवा का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस दवा की प्राइस टू रिटेलर (PTR) करीब 2,700 रुपये है, उसका अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) करीब 27,000 रुपये रखा गया है। अदालत ने सवाल उठाया कि कीमत में इतना बड़ा अंतर क्यों है और इसका भार आखिर मरीजों और करदाताओं पर क्यों पड़े।

अस्पतालों की फार्मेसी व्यवस्था पर भी सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने उन आरोपों पर भी केंद्र से गौर करने को कहा, जिनमें दावा किया गया है कि कुछ कॉरपोरेट अस्पताल मरीजों को अपनी या निर्धारित फार्मेसी से ही दवाएं खरीदने के लिए बाध्य करते हैं। पीठ ने कहा कि यदि मरीज सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत इलाज करा रहा है तो दवाओं की कीमत का बोझ अप्रत्यक्ष रूप से करदाताओं पर भी पड़ सकता है।

अदालत ने Drugs (Prices Control) Order, 2013 के तहत दवाओं की कीमत, जेनेरिक दवाओं और मेडिकल डिवाइस के मूल्य नियंत्रण से जुड़े मामलों पर सुनवाई करते हुए गैर-अनुसूचित दवाओं की कीमतों को लेकर भी सवाल उठाए। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों के हितों के बीच संतुलन बनाने का रास्ता तलाशना होगा।

मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को होगी। फिलहाल 16 प्रतिशत मार्जिन की व्यवस्था अदालत का अंतिम आदेश नहीं है, बल्कि केंद्र से विचार और जवाब मांगा गया है।

उज्जैन पहुंची सेवा संकल्प यात्रा, युवा संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्चुअली हुए शामिल

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प्रदेश में युवाओं और नागरिकों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से निकाली जा रही सेवा संकल्प यात्रा उज्जैन पहुंची। इस दौरान आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली शामिल हुए और युवाओं से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण ताकत हैं। सरकार युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

युवा संवाद के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। युवाओं ने अपने विचार और सुझाव भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा का उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना तथा आमजन से सीधा संवाद स्थापित करना है।

उज्जैन पहुंची यात्रा के दौरान स्थानीय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी और युवाओं की सक्रिय भूमिका से विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को नई गति मिलेगी।

नई कृषि तकनीक से किसानों की बढ़ेगी आय, खेती होगी अधिक लाभकारी : CM डॉ. यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं। आधुनिक तकनीक के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों का उपयोग समय की आवश्यकता है। ड्रोन, स्मार्ट सिंचाई, उन्नत बीज, मृदा परीक्षण और आधुनिक कृषि उपकरणों जैसी तकनीकों से किसानों को उत्पादन लागत कम करने और फसल की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि किसानों को नई तकनीकों की जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें कृषि योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी सरकार का विशेष जोर है। आधुनिक कृषि पद्धतियों को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों को बदलते कृषि बाजार और मौसम की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक और परंपरागत कृषि ज्ञान के बेहतर समन्वय से मध्यप्रदेश का किसान अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बन सकता है। सरकार का उद्देश्य कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाते हुए किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता लाना है।

युवाओं को रोजगार और आधुनिक कौशल से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ नागरिकों को सुगम और प्रभावी सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुरूप युवाओं को आधुनिक कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की क्षमता और प्रतिभा को प्रदेश के विकास से जोड़ने के लिए कौशल विकास पर विशेष जोर दे रही है। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को उद्योगों और रोजगार बाजार की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी और पारदर्शिता के साथ मिले, इसके लिए सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा रहा है। तकनीक के बेहतर उपयोग से सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच आम नागरिकों तक तेजी से सुनिश्चित करने पर भी सरकार का फोकस है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार, कौशल विकास और सुगम नागरिक सेवाएं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण आधार हैं। सरकार युवाओं को अवसर देने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।