प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल संसदीय सहयोग और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है और देश लोकतांत्रिक सहयोग, संवाद तथा विकास के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय संस्थाओं की मजबूती का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल शासन की व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम भी है। भारत अपने अनुभवों और नवाचारों के जरिए वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में योगदान दे रहा है।
भारत हाल के वर्षों में वैश्विक मंचों पर अपनी सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है। BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व और विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है।
प्रधानमंत्री के संदेश में लोकतंत्र, संसदीय सहयोग और वैश्विक साझेदारी को भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका के महत्वपूर्ण आधार के रूप में रेखांकित किया गया।









