राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतों की मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी

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भोपाल। राज्य सरकार द्वारा पंचायतों का परिसीमन निरस्त किये जाने के बाद

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य शासन द्वारा जारी अध्यादेश (क्रमांक 14, दिनांक 21 नवम्बर 2021) के परिप्रेक्ष्य में प्रभावित ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी किया गया है।

सचिव राज्य निर्वाचन आयोग बी.एस. जामोद ने बताया कि पूर्व परिसीमन के आधार पर नये क्षेत्र विभाजन का चिन्हांकन करते हुए पंचायतवार वार्ड विभाजन का आधार पत्रक 25 नवम्बर 2021 तक तैयार किया जाना है। आधार पत्रक के अनुसार चिन्हित किये गये मतदाताओं को क्षेत्रवार कंट्रोल टेबल में शिफ्ट करने की कार्यवाही 26 नवम्बर तक पूरी करना है।

फोटो रहित प्रारूप मतदाता सूची का ग्राम पंचायत एवं अन्य चिन्हित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 29 नवम्बर 2021 को किया जाएगा। मतदाताओं को परिसीमन के आधार पर यथा स्थान शिफ्ट करने की कार्यवाही पर दावे-आपत्ति 29 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक लिये जायेंगे। प्राप्त दावे-आपत्तियों का निराकरण 4 दिसम्बर तक किया जायेगा। फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का ग्राम पंचायत तथा अन्य विहित स्थलों पर सार्वजनिक प्रकाशन 6 दिसम्बर 2021 को किया जायेगा।

यह पुनरीक्षण अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं को यथोचित स्थान पर प्रविष्ट करने तक सीमित होगा। इस दौरान नये नाम सम्मिलित करने या विलोपित करने की कार्यवाही नहीं की जा सकेगी।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन अध्यादेश क्रमांक 14 सन् 2021, राजपत्र प्रकाशन 21 नवम्बर 2021 के द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश, 2021 प्रख्यापित कर मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम में धारा 9क अंत:स्थापित किया गया है। इस धारा के अनुसार उन सभी पंचायत और उनके वार्डों अथवा जनपद पंचायत या उनके निर्वाचन क्षेत्रों अथवा जिला पंचायत या उसके निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन निरस्त किया गया है, जहाँ ऐसे परिसीमन के एक वर्ष के भीतर निर्वाचन की अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नहीं की गई है।

परिसीमन के निरस्त होने के परिणामस्वरूप अब इन पंचायत और उनके वार्डों अथवा जनपद पंचायत या उनके निर्वाचन क्षेत्रों अथवा जिला पंचायत या उसके निर्वाचन क्षेत्रों का निर्वाचन उस परिसीमन अथवा विभाजन के आधार पर किया जायेगा, जो उनकी संबंधित अवधि की समाप्ति के ठीक पहले विद्यमान थे। इस स्थिति में कतिपय ग्राम पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं/आतंरिक वार्डों की स्थिति में परिवर्तन हुआ है। इस प्रकार प्रभावित पंचायतों की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में सम्मिलित मतदाताओं को यथा स्थान प्रविष्ट किया जाना समीचीन है।

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