किसानों की आय में दस गुना वृद्धि – नरेंद्र सिंह तोमर

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दावा किया है कि किसानों की आय न केवल दोगुनी हुई है बल्कि दस गुना बढ़ गई है। तोमर ने यह भी कहा कि आधुनिक तरीके से खेती करने वाले किसानों को गांवों में जाकर जागरूकता फैलानी चाहिए ताकि सभी किसान अपना आर्थिक विकास हासिल कर सकें। वह ‘किसान भागीदारी, हमारी प्राथमिकता’ अभियान के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे। केंद्र की भाजपा सरकार ने 2016 से 2022 के बीच देश में किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा था। वह ‘किसान भागीदारी, प्राथमिकता हमारा है’ अभियान के शुभारंभ पर बोल रहे थे।

किसान समृद्ध हुए हैं और उनके परिवार अत्याधुनिक तकनीक और कृषि संबंधी योजनाओं की मदद से समृद्ध हुए हैं। पांच से छह साल में ऐसे किसानों की आय दोगुनी होकर दस गुना हो गई है। तोमर ने फसल बीमा संपर्क अभियान को संबोधित करते हुए कहा कि अगर ये किसान कृषि दूत बनकर गांवों में जाएंगे और अन्य किसानों को शिक्षित करेंगे, तो कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

किसानों के उत्पाद एमएसपी से बेहतर दाम पर मिल रहे हैं। गेहूं और सरसों के अच्छे दाम मिल रहे हैं। सरसों के तेल में मिलावट बंद होने से किसान राहत महसूस कर रहे हैं। तोमर ने कहा कि सरकार किसानों के हित में अन्य कदम उठाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि अवसंरचना की स्थापना के लिए एक लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसमें से 8,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। भण्डारण एवं अन्य सुविधाओं का विकास होगा, अत्याधुनिक तकनीक एवं कृषि संबंधी कल्याणकारी योजनाओं ने किसानों को समृद्ध किया है और उनके परिवारों को समृद्ध बनाया है।

तोमर ने यह भी दावा किया कि ऐसे किसानों की आय पांच से छह साल में दो से दस गुना बढ़ गई है। पूरे देश में प्राकृतिक कृषि के तहत क्षेत्र को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। प्राकृतिक खेती से किसानों की उत्पादन लागत कम होगी। तोमर ने कहा कि देश भर में 38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा रही है और इसका लाभ भी किसानों को मिल रहा है।

रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग ने मिट्टी की बनावट को ख़राब कर दिया है और कार्बनिक कार्बन की मात्रा को कम कर दिया है। तोमर ने कहा कि विशेष रूप से देश को रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है, इसलिए वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को प्राथमिकता देने की जरूरत है।

एक समय देश में अन्न की कमी थी। हरित क्रांति शुरू हुई और रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल किया जाने लगा। हरित क्रांति की सफलता में पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख योगदान था। कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि वर्तमान में देश में आवश्यकता से अधिक खाद्यान्न का उत्पादन हो रहा है और बागवानी फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है।

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