भारत और श्रीलंका के बीच टी-20 सीरीज खत्म हो चुकी है। टीम इंडिया ने 3-0 के अंतर से सीरीज जीतकर लगातार 12वां टी-20 अपने नाम किया है। वर्ल्डकप की तैयारियों के मद्देनजर यह सीरीज बेहद अहम थी और रोहित को कई सवालों के जवाब मिल चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में होने वाले वर्ल्डकप के लिए भारत की टीम ‘बी’ भी पूरी तरह से तैयार है। इसके बावजूद रोहित और द्रविड़ को कुछ अहम बिंदुओं पर काम करना होगा और वर्ल्डकप से पहले भारतीय टीम को पूरी तरह से तैयार करना होगा।

श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में भारत ने दो मैच लक्ष्य का पीछा करते हुए जीते। वहीं पहला मैच श्रीलंका के खिलाफ बड़ा लक्ष्य खड़ा करके जीता था। इससे यह साफ होता है कि भारत को लक्ष्य का पीछा करने या पहले बल्लेबाजी करने में समस्या नहीं है, लेकिन खराब फील्डिंग और ओपनिंग जोड़ी पर काम करना जरूरी है।
हार्दिक का विकल्प मिला
इस सीरीज में विराट कोहली, ऋषभ पंत और लोकेश राहुल जैसे खिलाड़ी नहीं खेल रहे थे, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने सभी मैच बड़े अंतर से जीते। इसमें खास बात यह थी कि हर मैच में श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन, ईशान किशन और आवेश खान जैसे खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जिनकी जगह टीम में पक्की नहीं है। इससे यह बात साफ होती है कि भारत की टीम ‘बी’ तैयार है और वर्ल्डकप के दौरान किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर उनकी जगह नए खिलाड़ी अच्छे प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।
ओपनिंग जोड़ी बनी नई समस्या
भारत के लिए ओपनिंग जोड़ी नई परेशानी बन चुकी है। कप्तान रोहित शर्मा भी लय में नहीं दिख रहे हैं और पिछले कई मैचों से वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। वहीं उनके ओपनिंग जोड़ीदार लगातार बदल रहे हैं। रोहित के साथ राहुल भारत के प्रमुख ओपनर हैं, लेकिन पिछले कुछ मैचों में रोहित ने ईशान किशन, संजू सैमसन और वनडे में तो पंत के साथ भी ओपनिंग की है। ऐसे में भारत को जल्द ही अपनी ओपनिंग जोड़ी तय करनी होगी और अच्छे तरीके से पारी की शुरुआत करनी होगी।
पिछले दो सीरीज से भारत की फील्डिंग खराब रही है। टीम इंडिया इस दौरान सभी मैच जीती और गेंदबाजों ने विकेट भी निकाले। इससे खराब फील्डिंग की कमजोरी सामने नहीं आ रही है। भारत की पिछली दो सीरीज वेस्टइंडीज और श्रीलंका जैसी टीम के खिलाफ रही है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड के खिलाफ कैच छोड़ने पर भारतीय टीम को दूसरा मौका नहीं मिलेगा।









