भोपाल । बुंदेलखंड की दिशा और दशा बदलने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए मध्य प्रदेश को केंद्रीय बजट में 1400 करोड़ रुपये मिलेंगे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। मध्य प्रदेश में आठ लाख हेक्टेयर क्षेत्र से ज्यादा में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। औद्योगिकीकरण होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पूरे क्षेत्र में पेयजल का संकट भी खत्म होगा।
केंद्र सरकार ने 44 हजार 605 करोड़ रुपये की लागत वाली केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना को स्वीकृति दी है। इससे मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा और दतिया जिले को सिंचाई और पेयजल के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। गैर वर्षाकाल (नवंबर से मई तक) में दौधन बांध से मध्य प्रदेश को 1834 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर यानी 1834 अरब लीटर) और उत्तर प्रदेश को 750 एमसीएम (750 अरब लीटर) पानी मिलेगा। सामान्य वर्षाकाल में मध्य प्रदेश को दो हजार 350 और उत्तर प्रदेश को एक हजार 700 एमसीएम (अरब लीटर) वार्षिक जल मिलेगा।
2005 में हुआ था परियोजना के लिए समझौता
परियोजना के लिए सबसे पहले मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच वर्ष 2005 में समझौता हुआ था। जल बंटवारे सहित अन्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण इस पर काम प्रारंभ नहीं हो पा रहा था। 22 मार्च, 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता अनुबंध हुआ। दौधन के पास बांध बनाकर केन नदी का पानी रोका जाएगा। यहां से 221 किमी लंबी नहर के माध्यम से केन बेसिन के 1074 अरब लीटर पानी बेतवा बेसिन में पहुंचाया जाएगा। तीन बांध बेतवा नदी पर बनाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 470 किमी लंबी केन नदी बुंदेलखंड की प्रमुख नदी है।









