भारत और ओमान के रिश्तों से जुड़ी एक पुरानी कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। यह किस्सा ओमान के दिवंगत सुल्तान काबूस बिन सैद अल सैद और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा से जुड़ा है। बताया जाता है कि सुल्तान काबूस ने भारतीय राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचकर प्रोटोकॉल से अलग कदम उठाया और उन्हें खुद अपनी कार में लेकर गए।
एयरपोर्ट पर खुद पहुंचे थे सुल्तान
रिपोर्टों के अनुसार, जब डॉ. शंकर दयाल शर्मा ओमान पहुंचे, तो सुल्तान काबूस खुद उनका स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे। इतना ही नहीं, राष्ट्रपति को लेने पहुंची कार में ड्राइवर मौजूद होने के बावजूद सुल्तान ने खुद कार चलाने का फैसला किया और डॉ. शर्मा को अपने साथ लेकर गए। इस घटना को भारत-ओमान संबंधों में व्यक्तिगत गर्मजोशी के उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है।
वजह जानकर सामने आया गुरु-शिष्य का रिश्ता
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात इसकी वजह बताई जाती है। रिपोर्टों के मुताबिक, सुल्तान काबूस ने कहा था कि डॉ. शंकर दयाल शर्मा केवल भारत के राष्ट्रपति नहीं थे, बल्कि उनके शिक्षक भी रह चुके थे। काबूस ने भारत में शिक्षा प्राप्त की थी और पुणे में पढ़ाई के दौरान डॉ. शर्मा उनके प्रोफेसर रहे थे। इसी सम्मान के चलते उन्होंने राष्ट्रपति के स्वागत को व्यक्तिगत रूप से करने का फैसला किया।
डॉ. शंकर दयाल शर्मा थे भारत के नौवें राष्ट्रपति
डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक भारत के नौवें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी उनका कार्यकाल दर्ज है। भारतीय दूतावास के अनुसार, डॉ. शर्मा ने ओमान की यात्रा की थी।
भारत-ओमान रिश्तों की अलग मिसाल
सुल्तान काबूस का भारत से पुराना शैक्षणिक और व्यक्तिगत जुड़ाव था। इसी वजह से डॉ. शर्मा के साथ उनका रिश्ता सामान्य राजनयिक संबंधों से अलग गुरु-शिष्य के सम्मान से जुड़ा हुआ बताया जाता है। यही वजह है कि दशकों पुराना यह किस्सा आज भी भारत और ओमान के संबंधों की गर्मजोशी को याद करने वाली कहानियों में शामिल है।









