छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा संभाग के 13 जिलों में 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। इससे इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जरूरी सेवाओं के लिए आवागमन में सुविधा मिल रही है।
बस सेवाओं के विस्तार से दूरस्थ गांवों से जिला और तहसील मुख्यालयों तक पहुंच आसान हुई है। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने, मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचने और ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों से जुड़े कामों के लिए यात्रा करने में सहूलियत मिल रही है।
हाट-बाजार तक पहुंच में भी सुधार
नियमित बस सेवा का लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिल रहा है। ग्रामीण अब साप्ताहिक हाट-बाजारों और स्थानीय व्यापारिक केंद्रों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। किसान और छोटे व्यापारी अपनी उपज तथा अन्य सामान बाजार तक ले जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर पा रहे हैं।
प्रशासनिक सेवाओं तक आसान पहुंच
बस्तर और सरगुजा के कई इलाके भौगोलिक रूप से दूरस्थ हैं। ऐसे क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बढ़ने से लोगों के लिए प्रशासनिक मुख्यालय और सरकारी संस्थानों तक पहुंच सुगम हुई है। इससे विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं से जुड़े कामों के लिए आने-जाने में लगने वाला समय और परेशानी कम होने की उम्मीद है।
सरकार का फोकस ऐसे क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का विस्तार करने पर है, जहां लंबे समय से नियमित बस सेवा की जरूरत महसूस की जा रही थी। 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन दूरस्थ अंचलों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।









