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मध्य प्रदेश कांग्रेस के पांच चेहरे उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रियंका के मददगार हो सकते हैं

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भोपाल। उत्तर प्रदेश में संभावित विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगा। पिछले तीन दशक से पार्टी सत्ता से बाहर है और सीटों के लिहाज से सदन में भी प्रभावहीन हो चुकी है। इस बार तो समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी सहित अन्य दलों के साथ गठबंधन की गुंजाइश भी लगभग खत्म है। इधर, प्रियंका गांधी वाड्रा राज्य में पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयासरत हैं। ऐसे में पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से भी दिग्गज नेताओं को सियासी जंग में उतारने की तैयारी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल मध्य प्रदेश से पांच ऐसे प्रमुख चेहरे हैं, जो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए सहायक साबित हो सकते हैं।

1. पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ

कांग्रेस में कभी गांधी परिवार के सबसे प्रभावशाली सदस्य संजय गांधी के करीबी रहे कमल नाथ का उत्तर प्रदेश से पुराना रिश्ता है। कमल नाथ का जन्म कानपुर में हुआ है तो उनके दादा बरेली की तहसील आंवला के निवासी बताए जाते हैं। उन्होंने कोलकाता जाने के पहले अपना मकान गांव को दान कर दिया था। चुनाव प्रचार के मैदान में इनके उतारे जाने की पूरी तैयारी है।

2. राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह

मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह लंबे समय तक उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश के कई सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाओं से भी जुड़े हुए हैं। अपने विवादित बयानों के चलते वह उत्तर प्रदेश में भी खासे चर्चा में रहते हैं। धार्मिक आधार पर मतों का ध्रुवीकरण होता है तो कांग्रेस को दिग्विजय सिंह की छवि का लाभ भी मिल सकता है।

3. राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा

पेशे से सुप्रीम कोर्ट में वकील और राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा अपनी स्पष्टवादिता की छवि के लिए दलीय सीमा से परे भी पसंद किए जाते हैं। तन्खा पार्टी के विधिक मामलों को देखने के अलावा अब चुनावों में भी रुचि लेते दिखाई पड़ रहे हैं। उन्हें कांग्रेस उत्तर प्रदेश अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों के बीच पैठ बनाने के लिए भेज सकती है।

4. पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव

कांग्रेस में फिलहाल केंध से प्रदेश स्तर तक ओबीसी चेहरों की कमी है। ऐसे में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव उत्तर प्रदेश में जातिगत समीकरणों को साधने में कांग्रेस के पास ओबीसी नेताओं की कमी को दूर कर सकते हैं। वे सोनिया और राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं।

5. पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल

इंदौर की पांच नंबर सीट तथा देपालपुर से विधायक रहे सत्यनारायण पटेल कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में पटेल प्रियंका गांधी के साथ लगातार उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उनकी यह सक्रियता चुनाव प्रचार के दौरान भी बनी रहेगी।

ईडी ने पांच घंटे तक की ऐश्वर्या राय बच्चन से पूछताछ

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बहुचर्चित पनामा पेपर्स लीक मामला एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। इस पेपर लीक में अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय समेत कई भारतीय हस्तियों के नाम थे और इन सभी लोगों पर टैक्स में धोखाधड़ी के आरोप लगे थे। वहीं, इस मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन से पूछताछ की। ईडी ने विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन के आरोप में 48 साल की ऐश्वर्या राय को तलब किया था। ऐश्वर्या राय सोमवार को दोपहर 2 बजे के आसपास ईडी ऑफिस पहुंची थीं।

उन पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन में विदेशों में धन जमा करने के आरोप हैं। ऐसे में ईडी के अधिकारियों ने ऐश्वर्या राय से लंबी पूछताछ की। दावा किया गया था कि अधिकारियों ने ऐश्वर्या से सवालों की एक लंबी लिस्ट बनाई थी। वहीं, ऐश्वर्या राय से पूछे गए कुछ सवाल भी सामने आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ईडी के अधिकारियों ने ऐश्वर्या राय से एमिक पार्टनर्स के बारे में जानने की कोशिश की और ये भी पूछा कि दस्तावेज में सामने आई कंपनी से उनका क्या संबंध है।

ऐश्वर्या राय से पूछे गए सवाल

सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने ऐश्वर्या राय से पूछा कि एमिक पार्टनर्स 2005 में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में निगमित और पंजीकृत कंपनी थी। इस कंपनी के साथ उनका क्या संबंध है? क्या वह उस कानूनी फर्म के बारे में जानती हैं जहां मोसैक फोन्सेका ने कंपनी को पंजीकृत किया था? इस कंपनी के निदेशकों में ऐश्वर्या, उनके पिता कृष्णाराज राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय शामिल हैं और इसके बारे में भी ऐश्वर्या से पूछा गया। इसके अलावा, ऐश्वर्या से ये भी जानने की कोशिश की गई कि जून 2005 में उनके स्टेटस को शेयरहोल्डर के रूप में क्यों बदला गया? वहीं, 2008 में कंपनी को निष्क्रिय करने की वजह से लेकर लेनदेन में आरबीआई की अनुमति तक से जुड़े सवाल ऐश्वर्या से पूछे गए।

पहले भी जारी हुआ था समन

खबरों की मानें तो पहले भी ऐश्वर्या राय बच्चन को समन जारी किया गया था, जिसमें उन्हें 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया था लेकिन ऐश्वर्या राय बच्चन ने ईमेल के जरिए ईडी को अपना जवाब भेजा था। इसके बाद उन्हें दोबारा समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा, अमिताभ भी कह चुके हैं कि उनका इन कंपनियों से कोई संबंध नहीं है। इस मामले में नाम सामने आने के बाद अमिताभ ने कहा था कि उन्होंने भारतीय नियमों के तहत ही विदेश में धन भेजा है। उन्होंने पनामा पेपर्स में सामने आई कंपनियों से भी किसी तरह का संबंध होने से मना किया था।

क्या है पनामा पेपर्स लीक मामला

3 अप्रैल 2016 को टैक्स हेवेन कहे जाने वाले देश पनामा की एक लॉ फर्म मोसेक फोंसेका का 40 साल का डाटा लीक हुआ था। इसमें खुलासा हुआ था कि कैसे दुनियाभर के अमीर और प्रभावशाली लोग टैक्स बचाने के लिए पैसा ऑफ-शोर कंपनियों में लगा रहे हैं। इस तरह से बड़े तौर पर टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग तक हो रही थी। इन दस्तावेजों में 500 भारतीयों को नाम सामने आया था, जो फिल्मी सितारे और उद्योगपती हैं। इसी दस्तावेज में बच्चन परिवार का नाम सामने आया था। दावा किया गया कि ऐश्वर्या राय देश से बाहर एक कंपनी की डायरेक्टर और शेयरहोल्डर थीं। ऐश्वर्या के अलावा उनके पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने की विभिन्न सीईओ के साथ बैठक, अर्थव्यवस्था के लिए मांगे सुझाव

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PMModi
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केंद्रीय बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों की अलग-अलग दिग्गज कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ वार्ता की। बैठक में शामिल होने वाले सीईओ बैंकिंग, बुनियादी ढांचा, ऑटोमोबाइल्स, टेलीकॉम, उपभोक्ता वस्तुओं, टेक्सटाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, हॉस्पिटैलिटी, प्रौद्योगिकी, हेल्थकेयर, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के थे।

इस दौरान पीएम ने उनसे अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए सुझाव मांगे और विचार जाने। प्रधानमंत्री मोदी आगामी बजट सत्र से पहले निजी क्षेत्र से सुझाव जानने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कारोबारी सुधारों और व्यापार को आसान बनाने के मुद्दों पर प्रमुख निजी इक्विटी व उद्यम पूंजी फर्मों के साथ चर्चा की थी।

निजी इक्विटी और उद्यम पूंजी फर्मों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने सरकार की ओर से सुधारों को लाने के लिए, अनावश्यक अनुपालन बोझ कम करने के लिए और पीएम गतिशक्ति जैसे भविष्य की पहलों की संभावनाओं पर चर्चा की थी। उन्होंने भारत में जमीनी स्तर पर हो रहे इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा दिए जाने का भी उल्लेख किया था।

राजेश गोपीनाथन, CEO और MD, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने कहा कि अनुसंधान, नवाचार पर उनका फोकस है। क्षमता में उनका विश्वास है कि भारत को और आगे बढ़ना है। उन्होंने एक बहुत स्पष्ट विजन रखा कि हर उद्योग में, हर क्षेत्र में शीर्ष 5 में हमें होना चाहिए, संभव हो तो नंबर एक। शीर्ष नेतृत्व से इस तरह की बातें देश को वर्तमान सफलता से आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करेंगी।

मल्लिका श्रीनिवासन, सीएमडी, ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट्स लिमिटेड ने कहा कि आज पूरी चर्चा इसी मुद्दे पर थी कि भारत को आगे कैसे लिया जाए। उनके विजन, विश्वास और सोच ने हम सभी को विश्वास से भर दिया कि आने वाले दशक में भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा।

केनिची आयुकावा, एमडी-सीईओ, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कहा कि PM मोदी के पास भारत के लिए भव्य विजन है। उद्योग जगत भारत को एक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकांश विदेशी निवेशक भारत में निवेश करना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री की नीतियों पर भरोसा है।

विनीत मित्तल, अध्यक्ष, अवादा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने बताया कि उनका सपना सभी क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को दुनिया भर में शीर्ष 5 में देखना है। सरकार इसके लिए सभी जोखिम उठाने, एक मंच और सही वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह एक बहुत अच्छी प्रेरणादायक चर्चा थी।

सुमंत सिन्हा, अध्यक्ष एवं एमडी, रीन्यू पावर ने कहा कि पीएम के साथ बातचीत दिलचस्प और उत्साहजनक रही। उन्होंने हमें 2 घंटे तक सभी मुद्दों और समस्याओं और उन अवसरों के बारे में सुना, जिनके बारे में हम जैसे कॉरपोरेट बात करते हैं। उन्होंने भारत में अवसरों और उनकी अपेक्षाओं के बारे में बात की।

उदय कोटक, एमडी-सीईओ, कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा कि भारतीय उद्योग, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए बिना किसी डर के बड़े पैमाने के बारे में सोचने का समय आ गया है। भारत की क्षमता को लेकर उत्साहित हूं।

अपोलो हॉस्पिटल्स की वाइस चेयरपर्सन प्रीता रेड्डी ने कहा कि मैं एक हेल्थ केयर वर्कर के रूप में कोविड के दौरान सरकार द्वारा किए काम को जानती हूं। मुझे भारतीय होने पर बहुत गर्व है। आयुष्मान भारत योजना और आत्मनिर्भर भारत योजना पर चर्चा की गई। उन्होंने हमें धैर्यपूर्वक सुना।

रितेश अग्रवाल, CEO, Oyo ने बताया कि मुझे खुशी है कि भारत ने 2016 में प्रधानमंत्री के निर्देशन में स्टार्ट-अप की राह पर चलना शुरू किया। भारत में आज 79 यूनिकॉर्न हैं और ये तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। PM ने हमें बताया कि भारत को हर उद्योग में दुनिया की शीर्ष 5 रैंकिंग में कैसे लाया जाए।

मध्य एशियाई देश हमारे लिए बहुत अहम: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत अपने विस्तारित पड़ोस के अपने हिस्से के तौर पर मध्य एशियाई देशों के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को बहुत महत्व देता है। प्रधानमंत्री ने यह बात कजाकिस्तान, किरग्जि गणराज्य, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ एक संयुक्त मुलाकात के दौरान कही थी।

आपसी संबंधों को और ज्यादा मजबूत करने पर जोर

इस बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2015 में सभी मध्य एशियाई देशों और उसके बाद कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य की अपनी यात्राओं को भी याद किया। उन्होंने इस दौरान आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।

पुतिन ने की मोदी से बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की। अपनी बातचीत में दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति पुतिन की हाल की भारत यात्रा के दौरान चर्चा किए गए कुछ मुद्दों पर बातचीत की।

12 करोड़ रुपये खर्च कर इंसानी कोशिकाओं को अंतरिक्ष भेज रहे वैज्ञानिक

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Antriksh
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पृथ्वी पर एक लैब में पैदा की गई इंसानी कोशिकाओं को अंतरिक्ष में भेजा जा रहा है। ये पहली बार है जब वैज्ञानिक 12 करोड़ रुपये (करीब 12 लाख पाउंड) के खर्च से किसी इंसान को नहीं, बल्कि इंसानी कोशिकाओं को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) भेजेंगे। कंपनी का कहना है कि वह एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के फैल्कन 9 रॉकेट के जरिए इन मानव सेल्स को अंतरिक्ष में भेजेंगे। इसकी लॉन्चिंग मंगलवार को तय की गई है।

इस एक्सपेरिमेंट की तैयारी यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के वैज्ञानिकों की तरफ से की जा रही है। वहीं, इसकी लॉन्चिंग का जिम्मा माइक्रोएज नाम की कंपनी ने उठाया है, जिसे उम्मीद है कि इस स्टडी से इंसानों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी खोज सामने आएगी। बताया गयया है कि इन कोशिकाओं को 3-डी प्रिंटेड होल्डर में रखा गया है, जिसका आकार एक पेंसिल शार्पनर जितना ही है।

क्या है ये एक्सपेरिमेंट?

इस एक्सपेरिमेंट में शामिल वैज्ञानिक अंतरिक्ष की माइक्रोग्रैविटी में इंसानी कोशिकाओं के विकास की निगरानी रखकर इससे कई अहम जानकारियां जुटाना चाहते हैं। बताया गया है कि 24 कोशिकाओं को आईएसएस में रखने के साथ इन्हें इलेक्ट्रिक प्रवाह के जरिए सक्रिय रखा जाएगा। वहीं, बाकी कोशिकाओं को सुरक्षित कर के गर्मी से भरे प्रोटीन्स दिए जाएंगे। यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे उम्र के साथ मांसपेशियों का बढ़ना नियंत्रित रहता है। एक्सपेरिमेंट के अंत में इन कोशिकाओं को फ्रीज कर यानी बर्फ में जमा कर पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा, जहां इस पर अतिरिक्त विश्लेषण किया जाएगा।

क्या होता है स्पेस में इंसानी मांसपेशियों पर असर?

दरअसल, गुरुत्वाकर्षण यानी ग्रैविटी की गैरमौजूदगी वाले वातावरण में समय बिताने से अंतरिक्षयात्रियों की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती हैं। यह मांसपेशियों पर बिल्कुल वैसा ही असर है, जैसे किसी की उम्र बढ़ने के दौरान होता है। हालांकि, पृथ्वी पर लौटने के बाद यह असर पूरी तरह खत्म हो जाता है और इंसानी मांसपेशियां फिर से सख्त और मजबूत हो जाती हैं।

इसी के आधार पर रिसर्चर यह जानना चाहते हैं कि आखिर इंसानी कोशिकाओं पर अंतरिक्ष में क्या असर होता है। बाद में इसकी तुलना प्राकृतिक रूप से उम्र बढ़ने के दौरान मांसपेशियों में होने वाले बदलाव से की जाएगी। इन दोनों नतीजों के आधार पर वैज्ञानिक बदलते गुरुत्वाकर्षण और मांसपेशियों पर पड़ने वाले उसके असर को लेकर स्टडी पेश करेंगे। माना जा रहा है कि दुनिया की एक बड़ी आबादी के स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र के लिहाज से यह स्टडी काफी अहम साबित होने वाली है, क्योंकि इसके नतीजों पर ही रिसर्चर बताएंगे कि कौन सी स्थितियों में उम्र का असर ज्यादा पड़ता है और कौन सी स्थितियों में उम्र बढ़ने के बावजूद मांसपेशियों पर प्रभाव कम रहता है।

स्टार टेनिस प्लेयर राफेल नडाल कोरोना पॉजिटिव, टूर्नामेंट खेल पहुंचे थे घर

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Rafel_nadal
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स्टार टेनिस प्लेयर राफेल नडाल कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. सोमवार को राफेल नडाल ने ट्विटर पर अपने फैंस को ये जानकारी दी. अबुधाबी में टूर्नामेंट खेल वापस अपने घर लौट रहे राफेल नडाल ने जब कोरोना टेस्ट करवाया तब वह पॉजिटिव पाए गए.

राफेल ने ट्वीट कर अपने फैंस को जानकारी दी कि अबुधाबी टूर्नामेंट से वापस लौटने के बाद मैं कोरोना पॉजिटिव पाया गया हूं. जब मैं स्पेन में आया था, मैंने RT-PCR टेस्ट करवाया था. राफेल के मुताबिक, अभी उन्हें कुछ तकलीफ हो रही है लेकिन उम्मीद है कि ये जल्द ठीक हो जाएगा.

राफेल नडाल अभी होम क्वारनटीन हैं, साथ ही उनके संपर्क में आए सभी लोगों को भी टेस्ट करवाने के लिए कहा गया है. राफेल नडाल ने अपने फैंस को कहा कि वह आने वाले दिनों में अपनी तबीयत के हिसाब से टूर्नामेंट और शेड्यूल के बारे में फैसला करेंगे.

राफेल नडाल ने हाल ही में टेनिस कोर्ट पर वापसी की थी. अबुधाबी में खेले गए वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के एग्जीबिशन मैच में उन्हें पूर्व नंबर-1 प्लेयर एंडी मरे से हार का सामना करना पड़ा था. एंडी मरे ने राफेल नडाल को 6-3, 7-5 से मात दी थी.

राफेल नडाल के अब ऑस्ट्रेलियन ओपन खेलने पर संशय बढ़ गया है. 13 जनवरी से ऑस्ट्रेलियन ओपन की शुरुआत होनी है, पहले ही राफेल नडाल को लेकर अटकलें चल रही थीं कि वह कोरोना गाइडलाइन्स की वजह से इसमें नहीं खेलेंगे. लेकिन अब जब वह खुद कोरोना का शिकार हो गए हैं, तब ये संशय और भी बढ़ गया है.

सानिया मिर्जा के भतीजे ने 19 साल की उम्र में जड़ा तिहरा शतक

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लाहौर. मोहम्मद हुरैरा (Mohammad Huraira) ने सोमवार को रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया है. 19 साल की उम्र में उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तिहरा शतक लगाकर पाकिस्तान (Pakistan) टीम के लिए भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है. कायदे आजम ट्राॅफी (Quaid E Azam Trophy 2021-22) के एक मुकाबले में उन्होंने नाॅर्दन पाकिस्तान की ओर से खेलते हुए बलूचिस्तान के खिलाफ (Balochistan vs Northern Pakistan) यह कारनामा किया. वे जावेद मियांदाद (Javed Miandad) के बाद सबसे कम उम्र के तिहरा शतक लगाने वाले पाक बल्लेबाज भी बन गए हैं.

मोहम्मद हुरैरा का पाकिस्तान के सीनियर खिलाड़ी शोएब मलिक (Shoaib Malik) और सानिया मिर्जा से खास रिश्ता है. मलिक के भतीजे हुरैरा ने 327 गेंद पर तिहरा शतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 39 चौके और 4 छक्के लगाए. यानी उन्होंने 180 रन तो सिर्फ बाउंड्री से बना डाले. उन्होंने 19 साल 239 दिन की उम्र में यह कारनामा किया. जावेद मियांदाद की बात करें तो उन्होंने 17 साल 310 दिन की उम्र में तिहरा शतक जड़ा था. हुरैरा ओवरऑल फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले 8वें युवा खिलाड़ी बने हैं. वे 311 रन बनाकर नाबाद रहे.

इस मुकाबले से पहले 2 शतक लगाया

इस मुकाबले से पहले मोहम्मद हुरैना ने सिर्फ 9 फर्स्ट क्लास के मैच खेले हैं. 15 पारियों में 41 की औसत से 567 रन बनाए हैं. 2 शतक और 3 अर्धशतक लगाया है. 112 रन की सबसे बड़ी पारी खेली. इस साल अक्टूबर में ही उन्होंने फर्स्ट क्लास डेब्यू किया है. इससे पहले वे पाकिस्तान की ओर से अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under-19 World Cup) में भी उतर चुके हैं. ऐसे में उन्हें आईसीसी टूर्नामेंट में खेलने का अनुभव है.

पिछले दिनों मोहम्मद हुरैरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मैं खुदकिस्मत हूं कि शोएब मलिक मेरे चाचा हैं. वे हमेशा मेरे लिए प्रेरणा रहे हैं. उन्होंने मुझे हमेशा कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है. हुरैना विराट कोहली (Virat Kohli), बाबर आजम (Babar Azam) और केन विलियमसन (Kane Williamson) को अपना रोल मॉडल मानते हैं.

चुनाव सुधार संबंधी विधेयक 2021 लोकसभा में पारित

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election_laws_amendment_bill
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संसद के शीतकालीन सत्र में आज केंद्र सरकार ने लोकसभा में चुनाव सुधार संबंधी विधेयक (The Election Laws (Amendment) Bill 2021) पेश किया, जिसे विपक्ष के हंगामे के बीच पारित कर दिया गया। बिल पारित होने के तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई. इस विधेयक के तहत मतदाता सूची में दोहराव और फर्जी मतदान रोकने के लिए वोटर कार्ड और सूची को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा।

इस कानून के बनने से देश के हर नागरिक को आने वाले दिनों में अपने वोटर आईडी को भी आधार से लिंक करना पड़ेगा। सकता है। केंद्र सरकार के The Election Laws (Amendment) Bill 2021 बिल का विपक्ष ने इसका विरोध किया। कांग्रेस की ओर से शशि थरूर ने पक्ष रखा और कहा, ‘आधार का मतलब केवल निवास का प्रमाण है, यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है। यदि आप मतदाताओं के लिए आधार मांग रहे हैं, तो आपको केवल एक दस्तावेज मिल रहा है जो नागरिकता नहीं बल्कि निवास दर्शाता है।’

वहीं लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए। इसमें बहुत सारी कानूनी कमियां हैं। यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है और जो हमारी निजता का उल्लंघन करता है। इससे लाखों लोगों के चुनावी अधिकार छिन सकते हैं। इस पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि स्टैंडिंग कमिटी में व्यापक चर्चा के बाद ये बिल लाया गया है। उन्होंने कहा कि हम अपनी मर्जी से ये बिल नहीं लाए हैं। कमिटी ने वोटर डेटा को आधार से लिंक करने का प्रस्ताव दिया था।

बिल पारित होने से क्या होगा?

वोटर आईडी को आधार से लिंक करने को लेकर पिछले बुधवार को हुई कैबिनेट में चर्चा हुई थी। जिसे केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी। चुनाव आयोग 2015 से ही वोटर आईडी को आधार से लिंक करने की मांग कर रहा है। चुनाव आयोग ने आधार को मतदाता पहचान संख्या से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय चुनाव कानून शुद्धिकरण और प्रमाणीकरण कार्यक्रम शुरू किया भी था। लिंकिंग से वोटर आईडी में एक शख्स का नाम एक ही बार आएगा। हालांकि तब यह अभियान रोक दिया गया था, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार का उपयोग वैकल्पिक रहेगा। इसके बाद चुनाव आयोग ने अपने प्रस्ताव में संशोधन किया और कहा कि लिंकिंग वैकल्पिक होगी। यदि विधेयक संसद में पारित हो जाता है, तो भी प्रावधान वैकल्पिक रहेगा।

क्या अभी आधार और वोटर आईडी को लिंक किया जा सकता है

ध्यान देने वाली बात यह है कि जो लोग अभी वोटर आईडी को आधार से लिंक करना चाहते हैं, वो ऐसा कर सकते हैं। चुनाव आयोग के पोर्टल पर वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक करने के विकल्प हैं। एसएमएस और फोन दोनों के माध्यम से भी लिंक करने के विकल्प हैं।

How to link Aadhaar card and Voter ID card

1. https://voterportal.eci.gov.in/ पर जाएं।

2. यदि आपके पास पहले से खाता है तो मोबाइल नंबर/वोटर आईडी नंबर/ईमेल आईडी का उपयोग करके लॉग इन करें। या नया खाता बनाएं।

3. अपना विवरण जैसे नाम, जन्म तिथि आदि दर्ज करें और सर्च पर क्लिक करें।

4. फीड आधार नंबर का एक विकल्प दिखाई देगा जहां आपको अपना आधार विवरण प्रदान करना होगा।

5. एक बार हो जाने के बाद, अपने वोटर और आधार कार्ड को लिंक करने के लिए सबमिट पर क्लिक करें।

6. <वोटर आईडी नंबर> <आधार नंबर> फॉर्मेट में 166 या 51969 पर एसएमएस भेजकर लिंक किया जा सकता है।

परिसीमन आयोग प्रस्ताव, जम्मू में 6 और कश्मीर में बढ़ेगी एक विधानसभा सीट

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delimitation_commission
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श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए परिसीमन आयोग ने सीटों के निर्धारण की तैयारी कर ली है। Jammu and Kashmir में Delimitation की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। परिसीमन आयोग ने अंतिम प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इस प्रस्ताव में 6 सीटों को बढ़ाने की बात कही गई है, वहीं कश्मीर में भी 1 सीट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

अशोका होटल में हुई परिसीमन आयोग की बैठक
दिल्ली के अशोका होटल में परिसीमन आयोग की बैठक आज सम्पन्न हुई। इस बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सहित कई आला अधिकारी मौजूद थे। आयोग की ओर से बैठक के बाद बने प्रस्ताव में जम्मू कश्मीर में 7 सीटों को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। जम्मू-कश्मीर में पहली बार अनुसूचित जाति को प्रतिनिधित्व का मौका दिया गया है। प्रस्ताव में बताया गया है कि जम्मू डिवीजन में 6 विधानसभा सीट बढ़ाने की सिफारिश की गई है। वहीं कश्मीर क्षेत्र में भी 1 सीट का इजाफा किया जाएगा।
जम्मू में 43 और कश्मीर में होगी 47 विधानसभा सीट
नए प्रस्ताव के मुताबिक जम्मू में 43 और कश्मीर में 47 विधानसभा सीटों का प्रस्ताव है। अनुसूचित जाति के लिए 7 और अनुसूचित जनजाति के लिए 9 सीटों को आरक्षित करने का प्रस्ताव रखा है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा में 83 सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 90 करने का प्रस्ताव भी परिसीमन आयोग ने रखा है।
पाक अधिकृत कश्मीर के लिए आरक्षित रखी है 24 सीटें
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने परिसीमन आयोग के काम की तारीफ की है। परिसीमन आयोग की बैठक में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की 24 सीटों को आरक्षित रखा गया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी जम्मू कश्मीर विधानसभा की इन 24 सीटों को आरक्षित रखा जाता रहा है। परिसीमन आयोग ने प्रस्ताव पर 31 दिसंबर 2021 तक आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद असेंबली सीट्स का फाइनल ड्राफ्ट जारी कर दिया जाएगा।

ओबीसी आरक्षण को लेकर मध्‍य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को होगी बहस

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भोपाल। विधानसभा में मंगलवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को लेकर बहस होगी। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कार्य मंत्रणा समिति में सत्तापक्ष-विपक्ष के बीच इस पर सहमति बन गई है। उधर, कांग्रेस विधायक दल की ओर से चक्रानुक्रम आधार पर चुनाव न कराने, परिसीमन निरस्त करने और ओबीसी आरक्षण को लेकर स्थगन सूचना दी गई है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सुप्रीम कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य में परिवर्तित करने के आदेश दिए हैं। इसके चलते राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले और दूसरे चरण के चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षित पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य पद की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

उधर, ओबीसी का आरक्षण पंचायत और नगरीय निकाय में समाप्त किए जाने को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रही है तो कांग्रेस इसे भाजपा सरकार का सुनियोजित षड्यंत्र करार दे रही है। इसके लिए कांग्रेस विधायक दल ने राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया है।

वहीं, विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने को उठाने की तैयारी की है। दल के सदस्यों की ओर से स्थगन सूचना भी दी गई हैं। कार्य मंत्रणा समिति में भी नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ और मुख्य सचेतक डा.गोविंद सिंह ने इस विषय पर सदन में चर्चा कराने की मांग रखी थी। सत्ता पक्ष ने भी इस पर सहमति दी और तय हुआ कि सदन में चर्चा कराई जाएगी।

भाजपा को जनता कभी माफ नहीं करेगी : कमल नाथ

विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा कराते हुए नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर जो स्थिति पैदा हुई है, उसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। न तो सरकार और न ही राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में कोई पक्ष रखा। इसके लिए प्रदेश की जनता कभी भाजपा सरकार को माफ नहीं करेगी।

बड़ी आबादी की पीठ में कांग्रेस ने छुरा घोंपा है : डा.नरोत्तम मिश्रा

संसदीय कार्य मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस ने बड़ी आबादी की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। अदालत में कांग्रेस के प्रवक्ता और सांसद गए थे। अब बताएं कि क्यों गए थे। उन्हें जनता की अदालत में जाना चाहिए था। लोकतंत्र में जनता की अदालत सबसे बड़ी होती है। अब कांग्रेस के नेता सफाई दे रहे हैं पर कुछ नहीं होगा। खेद व्यक्त करें और जनता से माफी मांगें।

वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा की ओर से दिए दस करोड़ रुपये के मानहानि के नोटिस पर कहा कि दस करोड़ रुपये तो मिल जाएंगे पर जिन करोड़ों नागरिकों के साथ अन्याय हुआ है, उनका क्या होगा।

मध्य प्रदेश के जंगलों में नव वर्ष का उत्सव, सभी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की भीड़

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उमरिया। मध्य प्रदेश में इन दिनों शीतलहर है। वर्ष का अंत होने को है और इसे उत्सव की तरह मनाने के लिए मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की बंपर बुकिंग हुई है। सभी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की भीड़ है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सुबह 75 और शाम को 72 जिप्सी कोर के तीन गेट से प्रवेश करती हैं। यहां की यह सभी जिप्सियां जनवरी के पहले सप्ताह तक के लिए बुक हैं। कान्हा की 232 जिप्सी, पेंच टाइगर रिजर्व की 99 जिप्सी प्रतिदिन पर्यटकों को लेकर पार्क के अंदर जा रही हैं। इन सभी पार्कों में जनवरी के पहले सप्ताह तक यही स्थिति बनी रहने वाली है। स्थिति यह है कि बिना बुकिंग के आने वाले पर्यटकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई पर्यटक तो इंतजार के बावजूद बिना सफारी के भी लौट रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ होटल संचालकों ने भी पर्यटकों के लिए कई तरह के कार्यक्रम बना रखे हैं।

दिसंबर के पहले पखवाड़े में 50 हजार ने की सफारी

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व सहित प्रदेश के सभी छह टाइगर रिजर्व में पर्यटकों का रेला लगा हुआ है। जनवरी के पहले सप्ताह तक के लिए बुकिंग फुल चल रही है। 15 दिसंबर तक कान्हा टाइगर रिजर्व में 14327, बांधवगढ़ में 9300, पेंच में 7900, पन्नाा में 8200, सतपुड़ा में 8540, संजय में 2000 पर्यटक वन्यजीवों का दीदार करके वापस लौट चुके हैं। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या इससे ज्यादा होने की संभावना है।

बफर में भी रौनक

पर्यटकों की लगातार बढ़ती भीड़ के कारण सभी टाइगर रिजर्व के बफर में भी रौनक दुगनी हो गई है। जो पर्यटक आनलाइन बुकिंग करके नहीं आते उन्हें परमिट के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कोर का परमिट नहीं मिलने पर टाइगर रिजर्व तक पहुंच चुके पर्यटक बफर में ही सफारी करके अपने परिवार के लोगों की निराशा को दूर करते हैं। हालांकि बांधवगढ़, कान्हा, पेंच और पन्नाा में बफर का सफर भी कम रोचक नहीं है। बांधवगढ़ और कान्हा में तो बफर में भी पर्यटकों को बाघ देखने को मिल रहे हैं।

होटल में ही खुश पर्यटक

बिना बुकिंग के सफारी की उम्मीद में पहुंचने वाले पर्यटक या तो बफर का सफर कर रहे हैं या फिर होटल में ही परिवार को खुश रखने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कुछ होटल वालों ने उमरिया जिले के स्थानीय पर्यटन क्षेत्रों के भ्रमण की व्यवस्था भी पर्यटकों को दी है। इस व्यवस्था के तहत उमरिया जिले के घुनघुटी के जंगल में स्थित तुम्मी, मढ़ीवाह, झोझा फॉल आदी स्थानों का भ्रमण करने भी पर्यटक जा रहे हैं।