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सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो दोगुना तक देना होगा जुर्माना

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narottammishra
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भोपाल । धरना, जुलूस, हड़ताल, बंद, दंगा या व्यक्तियों के समूह द्वारा पत्थरबाजी, आग लगाने या तोड़फोड़ से सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर अब उनसे वसूली की जाएगी। इसके लिए सरकार घटना विशेष के लिए दावा अधिकरण गठित करेगी। यह तीन माह में जांच करने के बाद क्षतिपूर्ति की राशि तय करेगा, जिसका भुगतान संबंधित को 15 दिन में करना होगा। इसके लिए उस व्यक्ति को आवदेन करना होगा, जिसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

इसके लिए गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को विधानसभा में ‘मध्य प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान का निवारण एवं नुकसानी की वसूली विधेयक-2021″ प्रस्तुत किया। इस पर गुरुवार को चर्चा होगा। कानून बनने के बाद सरकार इसके नियम अलग से बनाएगी।

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और हरियाणा में पत्थरबाजों द्वारा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर क्षतिपूर्ति दिलाने का कानून लागू है। इसका अध्ययन करने के बाद गृह विभाग ने अधिनियम तैयार किया है। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकार के साथ स्थानीय निकाय, सहकारी संस्था, कंपनियों और निजी संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई हो सकेगी। अधिकरण का अध्यक्ष सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश का बनाया जाएगा। इसमें एक सदस्य सेवानिवृत्त सचिव या समकक्ष अधिकारी रहोग।

अधिकरण सभी तथ्यों की जांच करने के बाद तीन माह के भीतर अपना फैसला सुनाएगा। जिसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उसे एक माह के भीतर आवेदन करना होगा। नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकरण अधिकारी नियुक्त कर सकेगा। क्षतिपूर्ति की राशि दोगुना तक हो सकता है। संबंधित व्यक्ति को इसका भुगतान 15 दिन में करना होगा।

यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं होता है तो ब्याज लगाया जा सकेगा। इसकी वसूली ठीक उसी तरह से की जाएगी जैस भू-राजस्व के बकाया की वसूली होती है। इसमें चल-अचल संपत्ति नीलाम भी की जा सकती है। अधिकरण को सिविल कोर्ट के अधिकार होंगे। इसके आदेश को 90 दिन के भीतर हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी। पुलिस की कार्रवाई अलग से चलती रहेगी।

मप्र सरकार ला रही है रोप-वे पालिसी

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rope_way_demo
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भोपाल। मप्र सरकार रोप-वे ट्रांसपोर्ट के लिए पालिसी बना रही है। इसकी शुरुआत भोपाल, इंदौर, रीवा, सतना सहित 16 नगर निगम में की जाएगी। इस प्रस्ताव के बाद रोप-वे के लिए संबंधित चयनित स्थानों पर फिजिबिलटी सर्वे भी कराया जाएगा। भोपाल में 1991 के मास्टर प्लान में स्व. एमएन बुच ने रोप-वे ट्रांसपोर्ट पालिसी को शामिल किया था लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया। अब फिर से यह पालिसी लाई जा रही है।

हालांकि रोप-वे पालिसी का प्रयोग पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन के लिए ही अब तक किया जाता था। मप्र में इस तरह की कोई पालिसी नहीं थी। अब हिमाचल प्रदेश की रोप-वे पालिसी के अनुरूप प्लानिंग शुरू की गई है। इस पालिसी से भीड़ वाले क्षेत्र में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इसके अनुसार पहले चरण में मेट्रो सिटी को लिया गया है जिसमें भोपाल और इंदौर शामिल हैं। इस प्रणाली में पेड़ काटने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा।

नगर निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के अलावा भीड़ वाले स्थानों पर भी इस तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। इससे बिना किसी बाधा के लोग आवागमन कर सकेंगे। अभी इसके लिए बड़ा-छोटा तालाब, चौक बाजार सहित एमपी नगर में फिजिबिलटी सर्वे कराया जा रहा है। इसके आधार पर जाम वाली स्थितियों में यह व्यवस्था कितनी कारगर होगी, यह देखा जाएगा। इसके बाद रोप-वे लगाने का काम श्ाुरू होगा।

मेट्रो से 10 गुना सस्ता है रोप-वे परिवहन

जानकारों के मुताबिक रोप-वे परिवहन मेट्रो के मुकाबले 10 गुना सस्ता है। इसके तहत नौ मीटर से लेकर पांच किमी तक लंबा रोप-वे बनाया जा सकता है। एक ट्राली में छह से दस लोग एक बार में सफर कर सकते हैं। बिजली से संचालित होने वाले रोप-वे के निर्माण में सिर्फ एक कंट्रोल रूम और रोप-वे सेटअप की जरूरत होती है। कहीं पेड़, हरियाली या अन्य प्राकृतिक चीजों में नुकसान नहीं पहुंचता है। बता दें कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उसी सोच का हिस्सा है, जिसमें लोगों की उम्मीदों को पूरा करने और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए अलग-अलग परिवहन साधनों का विकास किया जा सकेगा।

केरल में सामने आए कोरोना वेरिएंट के 9 नए मामले, राजस्थान में मिले 4 नये मरीज

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कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट देश में तेजी से पांव पसारता जा रहा है। बुधवार को केरल से ओमिक्रॉन के 9 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 24 पहुंच गया है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि केरल में एर्नाकुलम पहुंचे 6 और तिरुवनंतपुरम पहुंचे 3 व्यक्ति नए वैरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं। एर्नाकुलम पहुंचे 6 लोगों में से 2 लोग यूके से पहुंचे थे जबकि एक महिला और एक लड़का तंजानिया से पहुंचे थे। इसके अलावा एक अन्य महिला घाना से और एक और महिला आयरलैंड से पहुंची थी। वहीं त्रिवेंद्रम में नाइजीरिया से पहुंचे पति, पत्नी और एक अन्य महिला संक्रमित पाए गए हैं। आपको बता दें कि कोरोना का नया वेरिएंट धीरे-धीरे विकराल रूप लेता जा रहा है और अब तक देश के 15 राज्यों में फैल चुका है।

राजस्थान में भी आज ओमिक्रॉन के चार नये मामले सामने आए हैं। ये सभी मामले जयपुर में दर्ज हुए हैं। इनमें से दो मामले जवाहर नगर से, एक प्रताप नगर में 65 साल के बुजुर्ग, और केन्या से आई एक महिला पॉजिटिव पाई गई है। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की तलाश जारी है। आपको बता दें कि कुछ ही दिनों में देश में ओमिक्रॉन का आंकड़ा 225 तक पहुंच गया है। सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र और दिल्ली में सामने आए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना (Coronavirus) के नए मामलों में एक बार फिर से तेजी देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शाम के पांच बजे जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 125 मामलों की पुष्टि हुई है, जो 22 जून के बाद से सबसे अधिक है।

दिल्ली में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए DDMA ने क्रिसमस और नए साल को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीडीएमए ने सभी प्रकार के समारोहों पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं, और सिर्फ 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सम्मेलन करने की मंजूरी दी है।

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, जीता कांस्य पदक

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hockeyindvspak
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शियन चैंपियंस ट्रॉफी के तीसरे स्थान के मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं पाक टूर्नामेंट में चौथे पायदान पर रही। मुकाबले के पहले हाफ से दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मैच के तीसरे मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर किया। वह भारत को 1 गोल की बढ़त दिलाई।

पाकिस्तान ने की वापसी

पाकिस्तान टीम ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर को 1-1 पर ला खड़ा किया। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने काफी मेहनत की, लेकिन एक भी गोल नहीं हो सका। मुकाबले के तीसरे हाफ में पाकिस्तान के अब्दुल राणा ने गोल दाग दिया। वह टीम को 2-1 से बढ़त दिलाई।

मैच भारत के काबू में

तीसरा क्वार्टर खत्म होने से पहले भारत ने वापसी की। सुमित कुमार ने गोल कर टीम की वापसी करवाई। मैच के आखिरी हाफ में भारत पाकिस्तान पर हावी हो गया। वरुण कुमार ने तीसरा गोल दागा। अक्षयदीप सिंह ने चौथा गोल कर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।

इन खिलाड़ियों ने किए गोल

भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह, सुमित कुमार, वरुण कुमार और आकाशदीप ने गोल किए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से अफराज, अब्दुल राणा और अहमद नदीम ने गोल किए। बता दें मंगलवार को खेले गए पहले सेमीफाइल में साउथ कोरिया ने पाकिस्तान को 6-5 से हराया था। जबकि टीम इंडिया को जापान से 5-3 से हार देखनी पड़ी।

पंचायत चुनाव की मतगणना होगी, परिणाम की घोषणा नहीं

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भोपाल । अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित पदों की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग ने परिणामें की घोषणा पर भी रोक लगा दी है। त्रिस्तरीय पंचायत के पहले चरण के लिए मतदान छह जनवरी और दूसरे चरण के लिए 28 जनवरी को होगा। मतगणना भी निर्धारित दिनांक को होगी पर परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति में भी निर्वाचित अभ्यर्थी के निर्वाचन की न तो घोषणा की जाएगी और न ही प्रमाण पत्र दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में यह निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए हैं।

बुधवार को आयोग के सचिव बीएस जामोद ने निर्देश दिए कि त्रिस्तरीय पंचायत के सभी पदों के लिए मतगणना का सारणीकरण तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा से जुड़ी कार्यवाही स्थगित रहेगी। इस संबंध में आयोग अलग से निर्देश जारी करेगा। पहले चरण में पंच और सरपंच के लिए छह जनवरी को मतदान के बाद मतगणना होगी।

दस जनवरी को जनपद और जिला पंचायत सदस्य के लिए विकासखंड मुख्यालय पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से मतों की गणना की जाएगी। इसी तरह दूसरे चरण में पंच और सरपंच पद के लिए 28 जनवरी और जनपद व जिला पंचायत सदस्य के लिए एक फरवरी को विकासखंड मुख्यालय पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से मतों की गणना की जाएगी।

मतगणना से संबंधित सभी अभिलेख अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ताओं की उपस्थिति में सील बंद करके सुरक्षित अभिरक्षा में रखे जाएंगे। आयोग के इस आदेश पर नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ ने कहा कि मतदान और मतगणना कराई जा रही है पर परिणाम घोषित नहीं होंगे। ओबीसी के लिए आरक्षित पदों के लिए चुनाव नहीं होंगे। नए-नए आदेशों से पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता का माहौल बढ़ता जा रहा है। सरकार आखिर स्पष्ट क्यों नहीं कर रही है कि वह चाहती क्या है।

हल्दिया के इंडियन ऑयल रिफाइनरी में जोरदार धमाका

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पश्चिम बंगाल के हल्दिया में स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की रिफाइनरी में एक बड़ा ब्लास्ट हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गये। घायलों को कोलकाता शिफ्ट किया गया है। ब्लास्ट के बाद रिफाइनरी में भीषण आग भी लग गई थी, लेकिन इस पर अब काबू पा लिया गया है। जानकारी के मुताबिक धमाका दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जिसके बाद रिफाइनरी में आग लग गई। हादसे में 3 कर्मचारियों की मौत हो गई जबकि 44 कर्मचारी झुलस गए हैं। इनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सीएम ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार घायलों के इलाज और जल्द रिकवरी में पूरी मदद करेगी।

चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक राज्यसभा से भी पारित, दुर्व्यवहार की वजह से सस्पेंड हुए TMC सांसद

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TMC
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विपक्ष के हंगामे के बीच चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक 2021 राज्य सभा में भी पास हो गया है। लोकसभा में यह विधेयक पहले ही पारित हो चुका है। कानून और न्याय मंत्री किरन रिजिजू ने राज्यसभा में ‘चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021’ को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। इस विधेयक में आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ने का प्रावधान है। हालांकि विपक्ष इस विधेयक का कड़ा विरोध कर रहा है। AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार के पास ऐसे कानून बनाने की विधायी क्षमता नहीं है। आधार में वोटर लिस्ट से 1.5 फीसदी ज्यादा गलतियां हैं। साथ ही यह कानून सार्वभौमिक मताधिकार के खिलाफ है।

बिल के कानून बनने से क्या होगा?

संसद में मंगलवार को पारित इस बिल का नाम इलेक्शन लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2021 है। इस बिल में आधार संख्या को वोटर लिस्ट या वोटर आईडी के साथ जोड़ने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे किसी के दूसरे के नाम पर वोट देने का फर्जीवाड़ा रुकेगा। बिल में इसे एच्छिक रखा गया है। वोटिंग अधिकारी वोटर से पूछेगा कि उसके आधार को वोटर रोल या आईडी से जोड़ना है या नहीं। वोटर के कहने पर ही आधार को जोड़ने या नहीं जोड़ने पर फैसला किया जाएगा। जानकारों के मुताबिक आधार को वोटर आईडी से जोड़ने से ई-वोटिंग का रास्ता साफ होगा। इसके बाद जिस तरह अभी लोग राशन लेने के लिए फिंगरप्रिंट स्कैनर पर उंगली दबाते हैं, उसी तरह आगे चलकर वोटिंग मशीन में भी फिंगरप्रिंट स्कैन के जरिए वोट डाले जा सकेंगे।

बिल से क्या होगा फायदा?

    • विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आधार को वोटिंग के लिए अनिवार्य बना दिया जाए तो वोटर आईडी कार्ड की जरूरत ही खत्म हो जाएगी।
    • अभी वोटर को वोटिंग परची के साथ आधार भी दिखाना होता है। फिर पोलिंग अधिकारी परची पर नाम और फोटो को आधार के नाम और फोटो से मैच करता है। लेकिन इस व्यवस्था में देर होती है।
    • अगर ई-वोटिंग शुरु हो गई तो फिंगरप्रिंट स्कैनर से वोटर का वेरिफिकेशन होगा तो वोटिंग की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
    • स्कैनर पर वोटर उंगली रखेगा, जिसका मिलान आधार नंबर के साथ किया जाएगा। अगर स्कैनर वोटर को सही पाता है तो वह वोट दे पाएगा।
    • इससे वोटिंग प्रोसेस में पारदर्शिता आएगी और बोगस वोटिंग से बचा जा सकेगा।
    • आधार से मतदान पर वोटिंग की इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग और काउंटिंग भी तेज होगी।
    • इससे मतगणना में ना तो समय ज्यादा लगेगा, ना गलती की गुंजाइश रहेगी और ना ही ज्यादा मैनपावर की जरुरत पड़ेगी।

सेमीफाइनल में जापान ने भारत को 5-3 से हराया, अब पाकिस्तान से होगी ब्रॉन्ज मेडल के लिए भिड़ंत

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ढाका में एशियन हॉकी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भारत को हार का सामना करना पड़ा है। जापान ने इस मुकाबले को 5-3 से जीत लिया। इससे पहले मैच में टीम इंडिया ने जापान को 6-0 से हराया था। अब तीसरे स्थान के लिए बुधवार को भारत की भिड़ंत पाकिस्तान से है।

इस टूर्नामेंट में भारत ने पहले खेले गए मुकाबले में पाक भी हराया था। जापान के साथ मैच के शुरुआत में ही टीम भारत पर हावी रही। पहले क्वार्टर में इंडिया के खिलाफ जापान ने छह पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। जिसका पूरा फायदा जापानी टीम ने उठाया। पहले क्वार्टर में जापान ने 2 गोल दाग दिए। इसके बाद दूसरे क्वार्टर में भारत से दिलप्रीत सिंह ने गोल खाता खोला।

इसके बाद भी टीम जापान के खिलाफ आक्रमक नहीं हो पाई। दूसरे क्वार्टर के 14वें मिनट में जापान टीम ने गोल कर दिया। वह पहले हाफ में भारत को 3-1 से पीछे कर दिया। दूसरे हाफ में टीम इंडिया कुछ कमाल नहीं दिखा पाई। आखिरी क्वार्टर तक जापान की टीम भारत से 5-1 से आगे थे। आखिरी क्वार्टर में इंडिया ने 2 गोल किए। हालांकि तब तक मैच हाथ से निकल चुका था।

पाकिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचा

भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशियन चैंपियनशिप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। टीम इंडिया का प्रदर्शन टूर्नामेंट में जोरदार रहा है। पहले मैच में साउथ कोरिया के साथ मुकाबला 2-2 की बरबारी पर था। अगले मैच में बांग्लादेश को 9-0 से करारी तरह से हराया था।

वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर पर जताई आपत्ति, हाईकोर्ट ने लगाया 1 लाख का जुर्माना

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केरल:  केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने कोविड-19 वैक्सीन सर्टिफिकेट (Covid-19 Vaccination Certificate) पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की तस्वीर हटाने की याचिका को खारिज कर दिया। मंगलवार को दिए फैसले में याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, किसी राजनीतिक दल या विचारधारा के नहीं है। इस तरह की याचिका की एक नागरिक से उम्मीद नहीं थी।

जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन (Justice PV Kunhikrishnan) की पीठ ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता, पीटर मयालपरंभिल (Peter Myalparambhil) जुर्माना देने में विफल रहता है, तब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण वसूली की कार्यवाही कर सकता है। कोर्ट ने कहा, मयालपरंबिल ने अपना बहुमूल्य समय बर्बाद किया है। यह जुर्माना उन लोगों के लिए एक संदेश है, जो तुच्छ दलील के साथ आते हैं।

जस्टिस पीवी ने कहा कि मुझे संदेह है कि याचिकाकर्ता का राजनीतिक एजेंडा भी है। यह एक पब्लिसिटी और ओरिएंटेड पिटीशन है। इस लिए यह एक भारी कीमत के साथ खारिज करने लायक एक उपयुक्त मामला है। अदालत ने कहा, ‘जब हजारों अपीलें, जमानत याचिकाएं और मुकदमे लंबित है। तब ऐसी याचिकाएं वक्त बर्बाद करती हैं।’ इससे पहले कोर्ट ने याचिका वापस लेने के लिए मयालपरमभिल को समय दिया था, लेकिन उन्होंने सुनवाई जारी रखने पर जोर दिया।

याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पहले कहा कि वह (नरेंद्र मोदी) हमारे प्रधानमंत्री हैं। किसी अन्य देश के पीएम नहीं है। वह जनादेश से सत्ता में आए। केवल इसलिए कि आपके राजनीतिक मतभेद हैं, आप इसे चुनौती नहीं दे सकते हैं। 100 करोड़ लोगों को इससे कोई परेशानी नहीं, तो आपको क्यों है?

पीटर मयालपरंभिल ने अक्टूबर में अदालत का रुख किया था। कहा था कि प्रमाणपत्रों पर पीएम मोदी की फोटो का कोई सार नहीं है। उनके वकील अजीत एम जॉय ने वैक्सीन सर्टिफिकेट को अपना निजी स्थान बताया। कहा कि इस पर उनका अधिकार है। जॉय ने इसे अपने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि अन्य देशों के टीकाकरण प्रमाणपत्रों में सरकार के प्रमुखों की तस्वीरें नहीं होती हैं।

वहीं पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन ने कहा था कि अगर कोई महात्मा गांधी की छवि नोटों से हटाने के लिए याचिका के साथ आता है, तो इसकी अनुमति कैसे दी जा सकती है? तब वकील जॉय ने कहा कि गांधी की तस्वीर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार नोटों पर छपी थी। उन्होंने कहा, टीकाकरण प्रमाण पत्र पर प्रधानमंत्री की फोटो किसी वैधानिक प्रावधान या नियम के आधार पर नहीं लगाई गई है।

मध्‍य प्रदेश विधानसभा में मुख्‍यमंत्री शिवराज का कांग्रेस नेताओं पर हमला

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भोपाल। याचिका आपकी थी, ओबीसी के आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव हमारी सरकार करा रही थी। आप कोर्ट क्यों गए। आपको क्या तकलीफ थी। अगर अध्यादेश जारी किया था, वह संविधान के प्रावधान के अनुरूप था। ऐसा नहीं होता तो हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट रोक देती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस के मित्रों ने अध्यादेश रोकने का प्रयास किया, वह सफल नहीं हुआ। इसी याचिका पर यह फैसला आया है याचिका आपने लगाई थी। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को विधानसभा में ओबीसी आरक्षण पर विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव के जवाब में कही।

सीएम ने कांग्रेस नेताओं पर हमला करते हुए कहा कि कमल नाथ जी कह रहे थे रोटेशन की बात। ओबीसी आरक्षण का विरोध नहीं किया लेकिन चक्रानुक्रम आरक्षण का विरोध किया। यह ओबीसी आरक्षण का ही विरोध है। जब किसी पक्षकार के विरूद्ध प्रतिकूल ओदश आता है तो वह कोर्ट नही जाता। आप क्यों नही गए ? सामाजिक न्याय और समरसताहमारी सरकार की नीति रही है। इसलिए चाहे मामला ओबीसी,अनुसूचित जाति जनजाति का मामला हो या सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने का, तो भाजपा ने दिया।

उन्‍होंने कहा कि जहां तक ओबीसी का सवाल है मैं पहले ही यह प्रतिबद्धता जाहिर करता हूं कि पिछड़े वर्ग के कल्याण में न तो कोई कसर छोड़ी है न छोड़ी जाएगी। मैं प्रधानमंत्री जी को आभार देना चाहता हूं कि जिन्होंने नीट की परीक्षा में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया। इससे हजारों विद्यार्थियों को फायदा होगा। पिछड़े वर्ग के कल्याण की ऐतिहासिक पहल करते हुए पहली बार प्रधानमंत्री जी ने पिछड़ेे वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। उसका अनुसरण प्रदेश की सरकार ने भी किया।

शिवराज के सवाल- 10 मार्च 2019 को उधा न्यायालय में पिटीशन दायर की गई। 19 मार्च 2019 को केस की सुनवाई हुई । लेकिन आपके महाधिवक्ता सुनवाई में उपस्थित नहीं थे। क्यों

-उस स्टे के खिलाफ आपने क्या किया। क्या, आप हाईकोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए थे

– आपके शासन काल में एक भी नौकरी नहीं मिली ओबीसी वर्ग को आरक्षण से।

-कांग्रेस सरकार ने स्वयं कोर्ट में जाकर पूछा कि क्या ये स्थगन पीएससी पर भी लागू होगा और इसी आधार पर कोर्ट ने लोकसेवा आयोग ने 27आरक्षण पर स्टे दे दिया। आपने पीएससी का आरक्षण भी खत्म करवा दिया।क्यों ।

-27 प्रतिशत आरक्षण शासकीय सेवा में मिले उसके लिए हम प्रतिबद्ध है।

– पहले मैरिट के आधार पर ओबीसी का कोई बधाा सिलेक्ट हो जाता था तो वह 14 प्रतिशत आरक्षण की श्रेणी में नहीं आता था। आपकी सरकार ने नियम क्यों बदला।

– उधातर माध्यमिक शिक्षक की परीक्षा के लिए ओबीसी के लिए विज्ञापित

2757 पदों में से 2219 पदों में 27 प्रतिशत के मान से आदेश जारी किए।माध्यमिक शिक्षा के 1138 पदों में से 807 की भर्ती हुई। आपकी सरकार का ब्योरा दें।

-हमारी सरकार ने जितनी योजनाएं चालू की थी या तो आपने बंद कर दीं, क्यों?