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नगरीय निकाय से लेकर विधानसभा चुनाव तक नए चेहरों को मौका देने की तैयारी

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भोपाल। पीढ़ी परिवर्तन के दौर से गुजर रही भारतीय जनता पार्टी ने नगरीय निकाय चुनावों से लेकर विधानसभा चुनाव में युवा चेहरों को आगे करने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में 30 से 45 साल उम्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अधिक मौका मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। संगठन में मंडल स्तर पर अधिकतम 35 एवं जिला स्तर पर 50 साल की अधिकतम आयु वालों को पहले से ही कमान मिल चुकी है। वहीं अब पार्षद से विधायक के लिए भी 40 से 45 साल से कम आयु के चेहरों को अधिक मौका देने की तैयारी है। ये कवायद उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत अगले दो दशक तक पार्टी में नई पीढ़ी को मौका देकर नेतृत्व तैयार करना है। पार्टी का थिंक टैंक संगठन में ऐसा कोई पीढ़ी अंतराल नहीं चाहता, जिससे पार्टी कुछ वर्षों में वयोवृद्ध या युवाओं की कम मौजूदगी वाले दल के रूप में पहचानी जाए।

इससे पहले भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में 75 साल या अधिक उम्र के नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने से परहेज किया था। वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बाबूलाल गौर, सरताज सिंह, रामकृष्ण कुसमरिया, माया सिंह, कुसुम महदेले सहित कई नेताओं के टिकट काट दिए थे। इनमें से कई मंत्री भी थे। अगले साल के अंत में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। अनुमान है कि प्रदेश की 42 से अधिक सीटें हैं, जहां आयु वर्ग के लिहाज से युवाओं की संख्या निर्णायक है। इधर, संगठन में भी युवाओं को जिस तरह से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, उससे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी युवा शक्ति और अनुभव को अलग-अलग रखते हुए उपयोग में लेने के फार्मूले पर काम कर रही है।

संगठन में बूथ स्तर से प्रदेश स्तर तक के दायित्वों के लिए युवाओं को प्राथमिकता देने से युवा व ऊर्जावान लोगों की सहभागिता बढ़ेगी। मंडल व जिला स्तर पर चुनावी रणनीति व सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा जा रहा है। युवाओं को मौका मिलने से उन वर्गों का भी साथ पार्टी को निश्चित तौर पर मिलेगा, जिनकी भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही है। भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी में पीढ़ी परिवर्तन कोई विशेष अभियान नहीं बल्कि स्वाभाविक प्रक्रिया है। कार्यकर्ताओं की भावना और जनता की अपेक्षा के साथ ही जीतने की संभावना पर ध्यान रखते हुए पार्टी विचार करती है। यह पार्टी एक चुनाव के लिए नहीं बल्कि लगातार एक वैचारिक उद्देश्य को लेकर कार्य करती है इसलिए उस दृष्टि से निर्णय भी लिए जाते हैं।

COVID पॉजिटिव पाए गये दिल्ली कैपिटल्स के फिजियो पैट्रिक फरहार्ट

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आईपीएल पर एक बार फिर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। IPL 2022 यानी इसके 15वें सीजन में ठीक 25वें मैच से पहले कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। आईपीएल द्वारा जारी मीडिया अपडेट में बताया है कि दिल्ली कैपिटल्स के फीजियो पैट्रिक फरहार्ट को COVID-19 के टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है और वे इस समय आइसोलेशन में हैं। फिलहाल दिल्ली कैपिटल्स की मेडिकल टीम उनकी कड़ी निगरानी कर रही है। हाल-फिलहाल में वे टीम के साथ ट्रैवल नहीं करेंगे और कम से कम एक सप्ताह तक वे क्वारंटीन में रह सकते हैं। दिल्ली कैपिटल्स को शनिवार 16 अप्रैल को अपना अगला मुकाबला खेलना है। आपको बता दें कि अब तक IPL के 24 मुकाबले बिना किसी बाधा के खेले जा चुके हैं।

दिल्ली कैपिटल्स टीम के एक अहम सदस्य के कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद पूरे IPL पर कोरोना का खतरा बढ़ गया है। अभी ये जानकारी नहीं मिली है कि फिजियो पैट्रिक फरहार्ट से संपर्क में आए खिलाड़ियों में किस-किस का टेस्ट किया गया है और कितनों की रिपोर्ट आनी बाकी है। जैसा कि अब तक देखा गया है कि अगर एक सदस्य को संक्रमण हुआ, तो इसके टीम के बाकी सदस्यों में फैलने की काफी संभावना रहती है।

गौरतलब है कि भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण, आईपीएल 2020 का पूरा सीजन यूएई में खेला गया था, जबकि आईपीएल 2021 का आधा सीजन कोरोना केसों के कारण स्थगित करना पड़ा था। आईपीएल 2021 का पहला भाग भारत में खेला गया था, जबकि दूसरा भाग आईपीएल के 14वें सीजन का यूएई में आयोजित किया गया था। अब आईपीएल 2022 भी सिर्फ मुंबई और पुणे में सख्त बायो-बबल में आयोजित किया जा रहा है।

मंदसौर के इस हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाना है तो 23 साल करना पड़ेगा इंतजार

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मंदसौर । शहर के मध्य में स्थित प्राचीन श्री तलाई वाले बालाजी मंदिर के भक्त देश के साथ ही विदेशों में भी हैं। मंदिर के प्रति श्रद्धा का ही नतीजा है कि यहां हनुमानजी को चोला चढाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। मंदसौर के दवा व्यवसायी मिलिंद जिल्हेवार ने हनुमान जयंती पर चोला चढ़ाने के लिए 7 अगस्त 2009 में बुकिंग करवाई थी। 13 साल बाद शनिवार को उन्हें हनुमानजी को चोला चढ़ाने का पुण्यलाभ मिलेगा। वे सुबह परिवार व स्वजन सहित मंदिर पहुंचेगे और हनुमानजी की प्राचीन प्रतिमा को चोला चढाएंगे।

हनुमानजी को चोला चढ़ाने के लिए ज्यादातर भक्तों की इच्छा रहती है कि उन्हें मंगलवार और शनिवार का दिन मिल जाए। लेकिन तलाई वाले बालाजी मंदिर में यदि मंगलवार को चोला चढ़ाना है तो 23 साल का

इंतजार करना होगा। कारण है 23 नंवबर 2045 तक के सभी मंगलवार की बुकिंग हो चुकी है। । इतना ही नहीं शनिवार को भी चोला चढ़ाने के लिए अगस्त 2045 तक का इंतजार करना पड़ेगा। सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार व रविवार को चोला चढ़ाने की इच्छा रखने वालों को भी मार्च 2031 तक तो रुकना ही पड़ेगा। फिलहाल 1104 मंगलवार, 1188 शनिवार और अन्य 2421 दिनों की बुकिंग मंदिर समिति के पास दर्ज है।

2019 से बंद है बुकिंग

मंदिर समिति ने वर्ष 2019 से मंगलवार को चोला चढ़ाने की बुकिंग बंद कर दी है। चूंकि 2045 तक के लिए कोई भी मंगलवार रिक्त नहीं है। देश-विदेश के भक्त इन दिनों की बुकिंग कर चुके हैं। इसलिए समिति अगले कुछ वर्षों बाद ही बुकिंग दोबारा शुरू करेगी।

भक्त को ही रखना होता है याद कब उसे चोला चढ़ाने जाना है

मंदिर समिति के अनुसार बुकिंग के समय ही चोला चढ़ाने की मंशा रखने वाले भक्त दान राशि दे देते हैं। इसके लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है, भक्त अपनी श्रद्धानुसार राशि मंदिर समिति के पास जमा करवा देते हैं। उससे समिति सदस्य सामग्री लाते हैं। मंदिर में लगे बोर्ड पर चोला चढ़ाने के लाभार्थी का नाम लिख दिया जाता है। तय दिन वह आए या न आए उसके नाम से चोला भगवान को चढ़ा दिया जाता है।

ओबामा के लिए दो बार हो चुका है हवन

अमेरिका में बराक ओबामा जब दोनों बार राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बने थे तब भी उनके भारतवंशी समर्थक ने अपने मंदसौर निवासी रिश्तेदार की मदद से श्री तलाई वाले बालाजी में हवन कराए थे।

इसके अलावा परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के श्री रामानुजजी महाराज भी यहां के भक्त हैं और हर साल हनुमान जन्मोत्सव पर वे मंदिर में ही रहते हैं।

श्री तलाई वाले मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष धीरेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि मूर्ति लगभग 700 वर्ष पुरानी है। प्रारंभ में वटवृक्ष के नीचे स्थापित थी। उस समय यह स्थान शहर से दूर सूबा साहब (कलेक्टर) बंगला कहलाता है।

आज भी इसे पुरानी सुबात कहा जाता है।

ऐसे मंदिर का नाम पड़ा

मंदिर के पास एक तलाई थी। इसके कारण मंदिर का नाम तलाई वाले बालाजी हो गया है। बाद में यहां मंदिर का निर्माण हुआ है और अभी इसका नवनिर्माण चल रहा है। तलाई की जगह नगर पालिका ने तरणताल बना दिया है। किंवदंती है कि मूर्ति की स्थापना सिद्ध परमहंस संत द्वारा की गई थी। बहुत समय तक यहां बनी धर्मशाला, तलाई एवं मंदिर साधु-संतों एवं जमातों का विश्राम एवं आराधना स्थल रहा है।

हनुमानजी की 108 फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण कल पीएम मोदी करेंगे

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कल हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मोरबी में भगवान हनुमान की 108 फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ के मुताबिक, भगवान हनुमान से संबंधित चार धाम परियोजना के तहत देश के चारों दिशाओं में हनुमान की मूर्ति स्थापित की जानी है। इस कड़ी में यह हनुमान की दूसरी मूर्ति होगी जो पश्चिम दिशा में होगी। इसकी स्थापना मोरबी के बापू केशवानंद आश्रम में की गई है।

इस श्रृंखला की पहली मूर्ति वर्ष 2010 में उत्तर दिशा में यानी शिमला में स्थापित की गई थी। वहीं दक्षिण दिशा में यह मूर्ति रामेश्वरम में स्थापित की जानी है और इसका काम भी चल रहा है।

ईडी ने पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से की छह घंटे तक पूछताछ, रेत खनन और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

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ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। पंजाब में रेत खनन मामले से जुड़ी धनशोधन जांच के सिलसिले में ED ने उनसे छह घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की। चरणजीत सिंह चन्नी, बुधवार रात जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अपना बयान दर्ज करवाकर बाहर निकले। आपको बता दें कि इसी मामले में चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह उर्फ ​​हनी को ईडी ने 20 फरवरी को गिरफ्तार किया था। पिछले कुछ समय से चन्नी के भांजे भूपेंद्र सिंह हनी (Bhupendra Singh Honey) के खिलाफ भ्रष्ट्राचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में जांच चल रही है। उसी जांच के दौरान मौजूदा मुख्यमंत्री चन्नी का नाम भी सामने आया था।

ED ने इस महीने की शुरुआत में उनके और इस मामले में नामजद अन्य लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने चन्नी को पहले भी कई बार समन भेजे थे। इस बार पेश होने पर ईडी के अधिकारियों ने चन्नी से हनी और अन्य लोगों के साथ उनके संबंधों और मुख्यमंत्री कार्यालय में उनके भतीजे की कुछ यात्राओं के बारे में पूछताछ की। साथ ही उनसे राज्य में अवैध बालू खनन अभियान के तहत कुछ अधिकारियों के तबादले और पदस्थापना के आरोपों के बारे में भी पूछताछ की गयी।

इस मामले में ईडी की कार्रवाई 18 जनवरी को हनी और अन्य के खिलाफ छापेमारी के बाद शुरू हुई थी। हनी के परिसर से ईडी ने लगभग 7.9 करोड़ रुपये नकद और संदीप कुमार नामक एक व्यक्ति से लगभग 2 करोड़ रुपये जब्त किये थे। ईडी के अधिकारियों ने कहा था कि उन्होंने तलाशी के दौरान कुदरतदीप सिंह, भूपिंदर सिंह (हनी), हनी के पिता संतोख सिंह और संदीप कुमार के बयान दर्ज किये। बयान से साफ हो गया कि जब्त रुपये हनी के ही थे। ईडी ने एक बयान में दावा किया था, भूपिंदर सिंह (हनी) ने स्वीकार किया कि उन्हें रेत खनन कार्यों और अधिकारियों के स्थानांतरण व पदस्थापना में मदद के बदले में ये नकदी प्राप्त हुई थी।

इंदौर की सेंट्रल जेल में बंदी ने लगाई फांसी

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इंदौर। सेंट्रल जेल में बंदी ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात लोवर की नाड़ी से बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।मामले में न्यायिक जांच के लिए जेल अधीक्षक ने पत्र लिखा है।बंदी पिछले दिनों जेल में तंबाखू बेचते हुए पाया गया था और इस संबंध में उससे पूछताछ की जा रही थी।

जेल अधीक्षक अलका सोनकर के मुताबिक बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात सवा बारह बजे उन्हें सूचना मिली कि बंदी 36 वर्षीय कालू उर्फ ललित पुत्र श्यामलाल ने बैरक में लोहे के गेट पर लोवर की नाड़ी से फांसी लगा ली है।मौके पर तैनात प्रहरी ने उसे फंदे से उतारा।गले में नाड़ी दो-तीन बार लपटी हुई थी।

जेल के मेडिकल स्टाफ ने जांच की तो उसकी पल्स चल रही थी।जिस पर उसे एमवायएच में भर्ती कराया गया, जहां रात में उसकी मौत हो गई।जेल अधीक्षक के अनुसार रात को 11 बजे तक वह ठीक था,प्रहरियों से उसकी बातचीत भी हुई थी।इसके बाद वह सोने चला गया और घटना हो गई।

जेल में वर्ष 2008 के बाद से सजा काट रहा था।उस पर दो हत्या के अलावा अन्य मामले भी दर्ज थे।8 अप्रैल को वह जेल में तंबाखू बेचते हुए मिला था।उसे अन्य बंदियों से अलग रखा गया था। मामले में उससे पूछताछ की जा रही थी। तंबाखू कहां से लाया किसने दी, प्रहरियों की भूमिका के बारे में भी उससे पूछा गया था, लेकिन इस बीच उसने फांसी लगाकर जान दे दी।बैरक में गेट पर लोहे की रॉड पर लटक लोवर की नाड़ी से फांसी लगाने को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे है।मामला संदिग्ध मानते हुए जेल अधीक्षक ने भी न्यायिक जांच के लिए पत्र लिख दिया।जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

खरगोन में दंगे में जिनके घर जले हैं, उनके घर मध्‍य प्रदेश सरकार फिर से बनवाएगी

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भोपाल। भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 131वीं जयंती के उपलक्ष्य में मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। यह अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्‍य में मनाया गया। अध्यक्षता जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की मंत्री मीना सिंह ने की।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेशाध्‍यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, मंत्री तुलसी सिलावट, जगदीश देवड़ा, डॉ. प्रभुराम चौधरी, विश्वास सारंग, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विधायक रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री और कृष्णा गौर उपस्थित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डॉ अंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्‍ज्‍लित कर की। मंत्री मीना सिंह ने तुलसी का पौधा भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि आने वाले समय में हनुमान जयंती हो, गुड फ्राइडे हो, ईद हो प्रेम से भाई चारे से मनाइए, सरकार सबके साथ हैं। खरगोन दंगे में जिनने घर जलाये हैं उनके खिलाफ़ कार्रवाई होगी। लेकिन जिनके घर जले हैं, वो चिंता न करें, मामा फिर से घर बनवाएगा। अभी तो हम करेंगे,लेकिन बाद में जिन्होंने जलाये हैं उनसे वसूल करूँगा छोडूंगा नहीं।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर को संसद में जाने से रोका, वह कांग्रेस थी। प्रदेश के वित्‍त मंत्री मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के उत्थान के लिए 1920 करोड़ का बजट दिया इससे पहले किसी कांग्रेस की सरकार ने नहीं दिया। आज अनुसूचित जनजाति के 114 बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं उनके लिए 50 करोड़ सरकार ने दिए।

इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि आज बाबा साहब की जयंती है। दो साल बाद मना पा रहे हैं। कोरोना के बाद आज फिर खुली हवा में सांस ले रहे हैं। बाबा साहब की जयंती मना रहे हैं। उन्‍होंने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अद्भुत प्रतिभा के धनी, मेरा बेटा-बेटियों जब बाबा साहब ये चमत्कार कर सकते हैं तो तुम भी कर सकते हो, भारत का संविधान बनना था, पूरे देश ने कहा- एक ही व्यक्ति है हमारे पास बाबा साहेब आंबेडकर। अद्भुत संविधान दिया बाबा साहेब ने, किसी भी तरह के भेदभाव से रहित। उपेक्षितों के आर्थिक, शैक्षणिक विकास के सबसे प्रबल प्रकाशपुंज थे तो वह थे बाबासाहब आंबेडकर। विविधता होते हुए भी एकता और समानता का अधिकार किसी ने दिलाया तो वह थे बाबासाहब आंबेडकर। पढ़ाई के क्षेत्र में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे बेटा-बेटियो, बाबा साहब ने कहा था- शिक्षित बनो, ये पहला मंत्र था उनका और तुम शिक्षित बनो इसमें हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

मुख्‍यमंत्री ने इसी दौरान प्रदेश में डा आंबेडकर के नाम पर आर्थिक कल्‍याण योजना शुरू करने का ऐलान किया। उन्‍होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना हमने प्रारंभ करने का फैसला किया है। अगर किसी को छोटा उद्योग शुरू करना है तो उसके लिए एक लाख रुपए तक का लोन, जिसके ब्याज की भरपाई सरकार करेगी। साथ ही मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना के अंतर्गत स्वरोजगार, कौशल उन्नयन, नवाचार के लिए दो करोड़ रुपए तक लोन और अनुदान दिया जाएगा। उन्‍होंने महिलाओं से भी स्‍वरोजगार के जरिए आत्‍मनिर्भर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि तेजी से आजीविका मिशन के साथ जुड़ो मेरी बहनों, ताकि हम गरीबी दूर कर सकें, अगर धरती पर आए हैं तो अपने परिश्रम और सरकार की योजनाओं के माध्यम से अच्छा जीवन जीने का प्रयास करेंगे।

शोपियां में आतंकियों और सुरक्षाबलों में मुठभेड़

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जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में 4 आतंकियों को ढेर कर दिया गया है। शोपियां के बड़गाम के जैनपुरा इलाके में 3-4 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसी जानकारी के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान घिर जाने पर आतंकियों ने फायरिंग शुरु कर दी और ये अभियान मुठभेड़ में तब्दील हो गया। कश्मीर के आईजी ने बताया कि एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा के 4 आतंकियों को मार गिराया गया। इलाके में अभी भी कुछ आतंकियों के छिपे होने की आशंका है और सुरक्षाबल उनकी तलाश में जुटे हुए हैं।

इसी मुठभेड़ से जुडे़ एक अन्य हादसे में सेना के दो जवान शहीद हो गये हैं, जबकि दो अन्य जवानों के घायल होने की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक 44 RR चौगाम कैंप से सैनिकों को लेकर मुठभेड़ स्थल की ओर जा रही एक गाड़ी बुडिगाम में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और वह सड़क से नीचे फिसल गई। इस हादसे में चार जवान घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल शोपियां ले जाया गया। लेकिन इनमें से दो की मौत हो गई। बाकी दो घायल जवानों को श्रीनगर के 92 बेस आर्मी अस्पताल में पहुंचाया गया है।

इन दिनों दक्षिणी कश्मीर में आये दिन सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबरें सामने आ रही हैं। आतंकियों ने सुरक्षाबलों के अलावा आम लोगों को भी निशाना बनाना शुरु कर दिया है। बुधवार 13 अप्रैल को आतंकियों ने एक स्थानीय ड्राइवर सतीश कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सतीश कुलगाम के कुकरान के रहने वाले थे। पुलिस ने बताया कि उन्होंने इलाके की घेराबंदी कर दी है। पुलिस ने बताया कि इस भीषण अपराध में शामिल आतंकवादियों का जल्द ही सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

ICC T20 टॉप 10 में के एल राहुल इकलौते भारतीय

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बल्लेबाज केएल राहुल आईसीसी की टी20 रैंकिंग में टॉप 10 में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। राहुल बैट्समैन की लिस्ट में 10वें स्थान पर है। पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम टॉप पर है। वहीं मोहम्मद रिजवान नंबर 3 पर है। भारत के कप्ताह रोहित शर्मा 14वें रैंक पर है। जबकि विराट कोहली 16वें स्थान पर हैं।

शाहीन अफरीदी का जलवा रहा

बॉलर्स की टी20 रैंकिंग में पाकिस्तान के शाहीन अफरीगी चार पायदान ऊपर चढ़कर 10वें नंबर पर पहुंच गए है। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड नंबर 3 पर हैं। इंग्लैड के आदिल राशिद रैंक 2 पर मौजूद हैं।

टेस्ट में अश्विन-रवींद्र जडेजा को फायदा

ऑलराउंडरों की टेस्ट रैंकिंग में रवींद्र जडेजा और आर अश्विन टॉप-2 पर बने हुए हैं। गेंदबाजों के लिए टेस्ट रैंकिंग में अश्विन और जसप्रीत बुमराह दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। पहली स्थान पर ऑस्ट्रेलिया कप्तान पैट कमिंस है। टेस्ट रैंकिंग में रोहित शर्मा 8वें और विराट कोहली 10वें रैंक पर हैं। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के मार्नस लाबुशेन टॉप पर हैं।

जबरदस्त एक्शन और दमदार एक्टिंग का सुपरहिट कॉम्बीनेशन है KGF Chapter 2

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साउथ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित एक्शन फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2’ आज सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। फिल्म ‘केजीएफ 2’ अपनी मूल भाषा कन्नड़ के अलावा हिंदी, तमिल, तेलुगू और मलयालम में रिलीज हो चुकी है। फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले लोग सोशल मीडिया पर ‘केजीएफ चैप्टर 3’ की मांग कर रहे हैं। लोगों ने सोशल मीडिया पर संजय दत्त और रवीना टंडन स्टारर फिल्म को रिव्यू देना भी शुरू कर दिया है। फिल्म की एडवांस बुकिंग को देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि उनकी यह फिल्म काफी आकर्षक और दमदार होने वाली है। फिल्म दस हजार स्क्रीन्स पर रिलीज हुई है । केजीएफ 2 का क्रेज भारत के साथ-साथ विदेश में भी चल रहा है।

KGF2 की कहानी है दमदार

कहानी को डायरेक्टर प्रशांत नील ने शानदार अंदाज में पेश किया है। फिल्म का एक-एक फ्रेम जबरदस्त है। मूवी की एक डार्क टोन है, उसी तरह का सेटअप है, इमोशंस और एक्शन मूवी को बांधे रखते हैं। साथ ही रोमांस का थोड़ा सा तड़का भी है। डायलॉग्स पर अच्छी मेहनत हुई है जो ऑडियंस का इंट्रेस्ट बनाए रखते हैं। जैसे ‘नेपोटिज्म से नहीं मेरिट से आए’, ‘जब मेरे बाप से दूसरा रॉकी पैदा नहीं हुआ तो और किसी से क्या होगा’। ‘सांप-सीढी के खेल में अब नेवला उतर चुका है’।

अभिनय भी शानदार

रवीना और संजय दत्त दोनों के ही रोल दमदार हैं, लेकिन आज दौर यश का है, ये मूवी खासतौर पर उसी के लिए लिखी गई है। उसका किरदार इस तरह खड़ा किया गया है कि उसके आगे सब फीके लगते हैं। वैसे सभी कलाकारों ने अपने रोल के साथ न्याय किया है और एक्टिंग में कोई कमी नहीं दिखती। म्यूजिक साधारण है, लेकिन एक्शन मूवी में वैसे ही संगीत का ज्यादा रोल नहीं होता।

यहां रह गई कमी

हालांकि कहानी में एक चूक साफ समझ आती है कि जिन सुबूतों के भरोसे रॉकी देश की पीएम तक को पीछे हटने को मजबूर कर देता है, बाद में वो सुबूत डायरेक्टर किनारे क्यों कर देता है? रॉकी उनको मीडिया आदि को देकर पीएम रमिका को क्यों नहीं पीछे हटने पर मजबूर करता है? कह सकते हैं कि बड़ी मूवीज में बड़े बड़े स्टार्स के आगे कहानी की छोटी-छोटी गलतियां दब जाती हैं। वैसे पूरी फिल्म दमदार है और उम्मीद है कि दर्शकों को ये पसंद आएगी।