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लद्दाख में सेना का वाहन नदी में गिरा, 7 जवानों की मौत

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श्रीनगर : लद्दाख में श्योक नदी के पास शुक्रवार को सेना के एक वाहन के सड़क से फिसलकर खाई में गिरने से सात जवानों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 26 सैनिकों का एक दल परतापुर पारगमन शिविर से लेह जिले के तुरतुक से आगे जा रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि जवानों को ले जाने वाला वाहन सड़क से फिसल कर खाई में गिर गया जिससे सभी जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान तेजी से चलाया गया और सभी सैनिकों को परतापुर के स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया। उन्होंने कहा कि घायलों में से सात जवानों ने दम तोड़ दिया। अधिकारियों के मुताबिक, कईं अन्य कर्मियों को भी गंभीर चोटें आयीं हैं और उनका इलाज चल रहा है।

दुर्घटना लद्दाख के थोइस से करीब 25 किलोमीटर दूर हुई, जहां सेना का वाहन श्योक नदी में गिर गया। गाड़ीं में सवार 26 में से सात जवानों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं, बाकी 19 घायलों में कई की हालत गंभीर है। घायलों को परतापुर के 403 फील्ड अस्पताल में ले जाया गया और लेह से सर्जिकल टीमों को परतापुर भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक, जवानों की बस शुक्रवार सुबह 9 बजे ट्रांजिट कैंप से सब सेक्टर हनीफ की ओर जा रही थी जब वाहन असंतुलित होकर सड़क से करीब 50-60 फीट नीचे श्योक नदी में गिर गया।

19 जवानों की हालत गंभीर: आसपास के लोगों, पुलिस और सेना के जवानों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और नदी में गिरे सभी जवानों को निकाला गया। गंभीर रूप से घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर वेस्टर्न कमांड भेजा जा रहा है। मृत जवानों और घायलों के नाम और पते की जानकारी अभी नहीं मिली है। राहत और बचाव कार्य में वायु सेना के हेलीकाप्टर की भी मदद ली जा रही है। इस घटना को लेकर सेना की तरफ से भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फ़िहलाल, इस हादसे के बारे में विस्तृत जानकारी की अभी प्रतीक्षा है।

सभी जख्मी 26 जवानों को निकालकर परतापुर के 403 फील्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेह से सर्जिकल टीम को परतापुर अस्पताल भेजा गया. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक सात सैनिकों को मृत घोषित कर दिया गया है. बाकी घायल बचे 19 सैनिकों को वायुसेना की मदद से वेस्टर्न कमांड के अस्पताल चंडीमंदिर शिफ्ट कर दिया गया है, ताकि उनको बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकें.

भारत 2030 तक  ‘ड्रोन हब’ बन जाएगा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली : दिल्ली के प्रगति मैदान में देश के सबसे बड़े ड्रोन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत ड्रोन महोत्सव 2022 का उद्घाटन किया। इस दौरान PM ने कहा- पिछली सरकारों में तकनीक को समस्या का हिस्सा समझा गया, उसको गरीब विरोधी साबित करने की कोशिशें हुईं।

इस वजह से 2014 से पहले गवर्नेंस में टेक्नोलॉजी के उपयोग को लेकर उदासीनता का माहौल रहा। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब, वंचितों, मिडिल क्लास को हुआ। मैंने केदारनाथ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर ड्रोन से नजर रखी। अब यही तकनीक लाखों किसानों की मददगार बनेगी।

इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वे अद्भुत है. जो ऊर्जा नज़र आ रही है, वह भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब है. यह भारत में रोजगार के एक उभरते हुए बड़े सेक्टर की संभावनाएं दिखाती हैं. पीएम मोदी ने खेती के दौरान ड्रोन का क्या महत्व है, इसपर भी बात की और कहा कि ड्रोन टेक्नोलॉजी कैसे एक बड़ी क्रांति का आधार बन रही है, इसका एक उदाहरण पीएम स्वामित्व योजना भी है. इस योजना के तहत पहली बार देश के गांवों की हर प्रॉपर्टी की डिजिटल मैपिंग की जा रही है, डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड लोगों को दिए जा रहे हैं.

ये  Make in India है
मोदी ने कहा-आप सभी को भारत ड्रोन महोत्सव के आयोजन के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आज इस ड्रोन प्रदर्शनी से मैं काफी प्रभावित हुआ हूं। मेरे लिए आज बहुत सुखद अनुभव रहा। जिन-जिन स्टॉल में मैं आज गया, वहां सभी लोग बहुत गर्व से कहते थे कि ये Make in India है। ड्रोन टेक्नॉलॉजी को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वो अद्भुत है। ये जो ऊर्जा नजर आ रही है, वो भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब है।

उभरते बड़े सेक्टर की संभावनाएं
ये भारत में Employment Generation के एक उभरते हुए बड़े सेक्टर की संभावनाएं दिखाती है। Minimum government, maximum governance के रास्ते पर चलते हुए, ease of living, ease of doing business को हमने प्राथमिकता बनाया। ये उत्सव सिर्फ एक तकनीक का नहीं है, बल्कि नए भारत की नई गर्वनेंस का, नए प्रयोगों के प्रति अभूतपूर्व सकारात्मकता का भी उत्सव है। 8 वर्ष पहले यही वो समय था, जब भारत में हमने सुशासन के नए मंत्रों को लागू करने की शुरुआत की थी।

हमारे यहां मान लिया गया था कि तकनीक सिर्फ अमीरों की है
हमारे वहां ये मान लिया गया था कि तकनीक सिर्फ अमीर लोगों का कारोबार है, सामान्य लोगों की जिंदगी में इसका कोई स्थान नहीं है। इस पूरी मानसिकता को बदलकर हमने तकनीक को सर्वजन के लिए सुलभ करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं और आगे भी उठाने वाले हैं। पहले की सरकारों के समय टेक्नॉलॉजी को समस्या का हिस्सा समझा गया, उसको anti-poor साबित करने की कोशिशें हुईं। इस कारण 2014 से पहले गवर्नेंस में टेक्नॉलॉजी के उपयोग को लेकर उदासीनता का वातावरण रहा। इसका सबसे अधिक नुकसान देश के गरीब को हुआ, वंचित को हुआ, मिडिल क्लास को हुआ।

पहले के समय में घंटों लाइन लगती थीं
पहले के समय में लोगों को घंटों तक अनाज, कैरोसीन, चीनी के लिए लाइन लगानी होती थी।  लोगों को डर रहता था कि उनके हिस्से का सामान उन्हें मिल भी पाएगा या नहीं। आज तकनीक की मदद से हमने इस डर को समाप्त कर दिया है। अब लोगों को भरोसा है कि उनके हिस्से का उन्हें मिलेगा ही मिलेगा। टेक्नोलॉजी ने last mile delivery को सुनिश्चित करने में, saturation के विजन को आगे बढ़ाने में बहुत मदद की है। मैं जानता हूं कि हम इसी गति से आगे बढ़कर अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

21वी सदी का नया भारत
21वीं सदी के नए भारत में, युवा भारत में, हमने देश को नई strength देने के लिए, स्पीड और स्केल देने के लिए तकनीक को अहम माध्यम बनाया है। आज देश ने जो Robust, UPI फ्रेमवर्क डवलप किया है, उसकी मदद से लाखों करोड़ रुपए गरीब के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर हो रहे हैं। महिलाओं को, किसानों को, विद्यार्थियों को अब सीधे सरकार से मदद मिल रही है। एम स्वामित्व योजना के तहत पहली बार देश के गांवों की हर प्रॉपर्टी की डिजिटल मैपिंग की जा रही है। डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड लोगों को दिए जा रहे हैं। इससे भेदभाव की गुंजाइश खत्म हुई है। इसमें बड़ी भूमिका ड्रोन की रही है। ड्रोन तकनीक हमारे कृषि सेक्टर को अब दूसरे स्तर पर ले जाने वाली है। स्मार्ट तकनीक आधारित ड्रोन इसमें बहुत काम आ सकते हैं। बीते 8 साल में जो प्रयास हुए हैं, उसने किसानों का तकनीक के प्रति भरोसा बहुत बढ़ा दिया है। आज देश का किसान तकनीक के साथ कहीं ज्यादा सहज है, उसे ज्यादा से ज्यादा अपना रहा है। पहले के समय में टेक्नोलॉजी और उससे हुए Invention, Elite Class के लिए माने जाते थे। आज हम टेक्नोलॉजी को सबसे पहले Masses को उपलब्ध करा रहे हैं। ड्रोन तकनीक भी इसका उदाहरण है। हमने बहुत कम समय में ड्रोन पर लगने वाले Restriction को हटा दिया है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा
महोत्सव के शुभारंभ पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया( Union Civil Aviation minister Jyotiraditya M. Scindia) ने कहा-अनुमान है कि वर्ष 2026 तक ड्रोन उद्योग 15,000 करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंच जाएगा। आज, भारत में 270 ड्रोन स्टार्टअप हैं। ड्रोन एक ऐसा विचार है जिसका भारत में समय आ गया है। प्रौद्योगिकी पहले, लेकिन अधिक महत्वपूर्ण है लोग पहले, पीएम कहते हैं। हालांकि, एक ड्रोन सुरक्षा बलों को सुरक्षा बनाए रखने में मदद कर सकता है, यह किसानों की भी मदद कर सकता है। हमने नए ड्रोन नियम लाए हैं और एक ड्रोन स्पेस मैप जारी किया है।

अक्षय संग मानुषी की जबरदस्त केमिस्ट्री और दिशा पाटनी का बोल्ड लुक

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बॉलीवुड की दुनिया चकाचौंध से भरी हुई है। लोग हमेशा से ही फिल्मी दुनिया और अपने चहेते सितारों के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। चाहे वह सेलेब्स की निजी जिंदगी हो या फिर उनकी प्रोफेशनल लाइफ फैंस हर एक चीज से अपडेट रहना चाहते हैं और सितारे भी अपने प्रशंसकों से जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया के जरिए कई पोस्ट साझा करते रहते हैं। तो चलिए 10 तस्वीरों से जानते हैं कि आज आपके पसंदीदा सितारे ने क्या अपडेट दिया है।

सबसे पहले बात करेंगे खिलाड़ी कुमार की। अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘पृथ्वीराज’ के प्रमोशन में लगे हुए हैं। फिल्म में उनके अपोजिट मिस यूनिवर्स मानुषी छिल्लर रानी संयोगिता के किरदार में दिखाई देने वाली हैं। अब अक्षय कुमार ने मानुषी संग अपनी कुछ तस्वीरें साझा की हैं। जिसमें दोनों की केमिस्ट्री देखते ही बन रही है।

दिशा पाटनी हमेशा ही अपने ग्लैमरस और बोल्ड लुक के लिए सुर्खियों में रहती हैं। अब एक बार फिर से उन्होंने लाल रंग की ड्रेस में अपनी तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह हॉट अंदाज में पोज देती दिखाई दे रही हैं।

12 दिनों के असमंजस के बाद अध्यादेश को मंजूरी

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भोपाल  नगरीय निकाय चुनाव में प्रणाली को लेकर 12 दिनों के असमंजस के बाद नए अध्यादेश को गुरुवार को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। अब नगर निगम के महापौर का चुनाव सीधे जनता से कराया जाएगा। जबकि नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पार्षद अपने ही बीच से चुनेंगे।

इसके लिए मध्य प्रदेश नगर पालिक विधि (संशोधन) अध्यादेश 2022 जारी करने की अनुमति राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दे दी। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल से मुलाकात भी की। देर शाम राजपत्र में इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई और इसके साथ ही अध्यादेश प्रभावी हो गया।

कमल नाथ सरकार ने निकाय चुनाव परोक्ष प्रणाली से कराए जाने का नियम लागू किया था। शिवराज सरकार पहले इसे बदलकर प्रत्यक्ष चुनाव कराने के पक्ष में थी लेकिन बाद में आंश्ािक परिवर्तन करते हुए सिर्फ महापौर का निर्वाचन जनता द्वारा किए जाने का अध्यादेश लाया गया है। नगरपालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का निर्वाचन पार्षद करेंगे। यह बदलाव कमल नाथ सरकार ने किया था जो इस अध्यादेश में भी लागू रहेगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने चेन्नई को दी 31500 करोड़ रुपए की सौगात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे सहित 31,500 करोड़ रुपए से अधिक की 11 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में रेलवे, पेट्रोलियम, आवास और सड़कों जैसे प्रमुख बुनियाजी क्षेत्र शामिल हैं। इस मौके पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने लाइट हाउट प्रोजेक्ट के तहत निर्मित 1152 घरों का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 116 करोड़ रुपए की लागत से इस परियोजना का निर्माण किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ये जगह स्पेशल है और यहां के लोग, यहां की संस्कृति और यहां की भाषा अद्भुत है। हाल ही में मैंने अपने आवास पर भारतीय मूक बधिर ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले दल की मेजबानी की। इस बार टूर्नामेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। हमने 16 पदक जीते हैं, उनमें से 6 पदकों में तमिलनाडु के युवाओं की भूमिका रही है।’

उन्होंने कहा कि हम यहां तमिलनाडु की विकास यात्रा का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। 31,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास हो रहा है। जिसमें सड़क निर्माण के क्षेत्र पर ध्यान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं उन सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं, जिन्हें आवास योजना के अंतर्गत ऐतिहासिक चेन्नई लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत घर मिलेगा। यह हमारे लिए एक संतोषजनक प्रोजेक्ट रहा है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। यह आधुनिकीकरण और विकास भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय कला और संस्कृति में भी विलीन हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक पार्क हमारे देश में माल ढुलाई के पारिस्थितिकी तंत्र में एक आदर्श बदलाव होगा। विभिन्न क्षेत्रों में इनमें से प्रत्येक परियोजना रोज़गार सृजन और आत्मनिर्भर बनने के हमारे संकल्प को बढ़ावा देगी।’

पीएम मोदी ने आगे कहा कि कुछ साल पहले इंफ्रास्ट्रक्चर में सड़क, बिजली और पानी के संदर्भ में बात की जाती थी। आज हम भारत के गैस पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार करने के लिए काम कर रहे हैं। आई-वे पर काम हो रहा है, हाई स्पीड इंटरनेट को हर गांव तक पहुंचाना हमारा विजन है। श्रीलंका मुश्किल दौर से गुजर रहा है। एक घनिष्ठ मित्र और पड़ोसी देश के रूप में भारत श्रीलंका को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।

भारत ने इंडोनेशिया को 16-0 से हराया, सुपर 4 के लिए किया क्वालीफाई

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भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेजबान इंडोनेशिया को ग्रुप चरण के अपने मुकाबले में गुरुवार को 16-0 के बड़े अंतर से हराकर एशिया कप के नाकआउट चरण में जगह बनाई। इस बड़ी जीत से भारत ने ना सिर्फ टूर्नामेंट में आगे क्वालीफाई किया है, बल्कि अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के लिए आगे के रास्ते बंद कर दिए।

बता दें भारत और पाकिस्तान के ग्रुप-ए में चार-चार अंक हैं। लेकिन भारत ने बेहतर गोल अंतर से जीत दर्ज कर एशिया कप के सुपर-4 स्टेज के लिए क्वालीफाई कर लिया है। मैच की बात करें तो गत विजेता इंडिया को टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए इंडोनेशिया को 15-0 से या इससे बेहतर स्कोर के अंतर से जीतना जरूरी था।

भारत के लिए दीपसन ने सर्वाधिक पांच गोल दागे, जबकि सुदेव बेलिमागा ने तीन गोल, अनुभवी खिलाड़ी एसवी सुनील, पवन राजभर और कार्ति सेलवम ने दो-दो गोल तथा उत्तम सिंह और नीलम संदीप जेस ने एक-एक गोल किया। वहीं, एक अन्य मुकाबले में पाकिस्तान को जापान के हाथों 2-3 से हार का सामना करना पड़ा।

भारत को इस बार ग्रुप ए में पाकिस्तान, जापान और इंडोनेशिया के साथ रखा गया। भारत का पहला लीग मैच पाकिस्तान से हुआ। ये मुकाबाल 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ। दूसरे लीग मैंच में भारत का सामना जापान के साथ हुआ। इस मुकाबले में इंडिया को 2-5 से हार का सामना करना पड़ा। ग्रुप ए में जापान ने तीन मैच जीतकर पहले स्थान पर रहा। ग्रुप बी से मलेशिया और साउथ कोरिया सुपर 4 में पहुंची है।

टीकमगढ़ अफसरों से CM ने कहा किसी माफिया-गुंडों पर दया की जरूरत नहीं

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने टीकमगढ़ कलेक्टर और एसपी से कहा है कि किसी माफिया, गुंडा की दादागिरी क्षेत्र में न चलने दें। दया की कोई आवश्यकता नहीं है। ऐसे लोगों पर सख्त एक्शन लें। जुआरियों, सटोरियों पर कार्यवाही करें। हमारा पवित्र धर्म है कि हमारे क्षेत्र के आंगनबाड़ी के बच्चे कुपोषित न रहें। सरकारी सामग्रियों का ठीक से वितरण हो लेकिन हम समाज से जो करवा सकते हैं, वो कराएंं। इसे रस्मी तौर पर न देखें। हर महीने आंगनबाड़ी के बच्चों का टारगेट बनाकर वजन कीजिये और अंडरवेट बच्चों को स्वस्थ कीजिए। सीएम चौहान ने ये बातें गुरुवार की सुबह टीकमगढ़ जिले की समीक्षा बैठक में कहीं।

उन्होंने कलेक्टर सुभाष द्विवेदी से कहा कि टीकमगढ़ जिले के जिन गांवों में दूर से पानी ला रहे हैं, वहां पेयजल की व्यवस्था करें। जिला प्रशासन के लोग प्रभारी मंत्री के साथ विशेष बैठक कर तात्कालिक और दीर्घकालिक समाधान निकालें। जहां हैंडपंप की आवश्यकता है, वहाँ, तुरंत लगाएं। एमडी, जल निगम टीकमगढ़ जिले में जो सामग्री लग रही है, उसकी जांच करें। घटिया सामग्री की जानकारी मिली है। सीएम चौहान ने कहा कि जहां भर्तियाँ होना है, उसे भी चेक करें। कंपनियों पर दबाव बनाएँ, उनके पेमेंट तभी हों, जब वो सड़कों का रेस्टोरेशन पूरा कर लें। जो काम लेट चल रहे हैं, उन्हें दिखा लें। इसके अलावा राशन वितरण समेत अन्य प्राथमिकता वाले कामों की भी समीक्षा की गई।

बिजली आपूर्ति और बिजली बिल माफी योजना
सीएम चौहान ने कहा कि आप ऊर्जा साक्षरता मिशन भी चलाएं। हम 22,500 करोड़ रुपए बिजली सब्सिडी पर खर्च कर रहे हैं। हमें लोगों को जागरुक करना है कि अगर जरूरत न हो, तो बिजली उपकरण न चलाएं। अगर हम बिजली बचाएंगे तो प्रदेश के 4000 करोड़ रुपए बच जाएंगे। इसको हम दूसरे काम में लगाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्युत बिल राहत योजना में 47 करोड़ रुपए की राहत जिले में दे रहे हैं। मैं कलेक्टर को निर्देश दे रहा हूँ, बिजली बिल माफी कैंप में जनप्रतिनिधियों को इन्वॉल्व करें। आगे से जितने बिजली बिल राहत के कैम्प लगें उसमें आमंत्रित करें। सीएम ने कहा कि टीकमगढ़ जिले की हर विधानसभा के विकास का सुनियोजित रोडमैप चाहिए। विधायकगण आजीविका मिशन की बहनों के साथ जुड़ें, उनसे संवाद करें। हमारी बहनें नई शक्ति बनकर उभरी हैं। मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना में 10,000 से अधिक पात्र उम्मीदवार हैं। 106 गाँव में अतिरिक्त आबादी भूमि घोषित करना होगी। सीएम ने कहा कि पात्रता अच्छे से चेक कर लें। कोई इसमें गरीबों से पैसे न मांगे।

पीएम आवास के काम की सराहना
पीएम आवास योजना में 91.86% मकान ग्रामीण में पूरे हुए हैं। यह प्रशंसनीय है। यह राज्य के एवरेज से ज्यादा है। मैं बधाई देता हूँ। जो बचे हैं उन्हें जल्द पूरा कराएं। जिन हितग्राहियों की मृत्यु हो गई है, उनके वारिस ढूंढकर उनके नाम पर उस मकान को पूरा करें। लोगों के दिमाग में यह रहे कि सरकार गरीबों को मकान दे रही है। 28 मई को दोपहर 1 बजे कार्यक्रम आयोजित होगा जिसमें हितग्राहियों द्वारा भूमिपूजन कराया जाएगा। आप सभी कहीं न कहीं उपस्थित रहें।

बंगाल कैबिनेट का फैसला, अब बंगाल के विश्वविद्यालयों की चांसलर होंगी सीएम

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल की कैबिनेट ने फैसला किया है कि अब राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के चांसलर गवर्नर नहीं बल्कि मुख्यंत्री होंगी। राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्या बसु ने कहा कि इस फैसले को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है और अब विधानसभा में कानून में संशोधन करके इसे लागू किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले राज्य के विश्वविद्यालयों का चांसलर गवर्नर होते थे जो कि कुलपतियों की भी नियुक्ति करते थे।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही विश्विद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति को लेकर बंगाल में रस्साकसी की खबरें सामने आई थीं. बंगाल की ममता सरकार ने आरोप लगाया था कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य सरकार की सहमति के बिना कई कुलपतियों की नियुक्ति कर दी. इसलिए राज्यपाल की शक्तियां कम करने के लिए ममता सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है.

बता दें कि केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच 36 के आंकड़े जगजाहिर हैं. हाल ही में सीएम ममता बनर्जी को कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया था.

इस साल जनवरी में सीएम ममता ने गवर्नर जगदीप धनखड़ को ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया था. ममता ने कहा था कि वो बंगाल के गवर्नर के ट्वीट से परेशान हो गई थीं, जिसके बाद उन्होंने जगदीप धनखड़ को ब्लॉक कर दिया. इस दौरान ममता बनर्जी ने गर्वनर धनखड़ पर गंभीर आरोप भी लगाए थे.

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़, चीफ सेक्रेटरी और पुलिस महानिदेशक को धमकी दे रहे थे. ममता ने कहा था कि उन्होंने गर्वनर जगदीप धनखड़ के बारे में पीएम को कई पत्र लिखे कि वह नहीं सुन रहे हैं. उन्होंने कहा था कि धनखड़ कई फाइलों को मंजूरी नहीं देते हैं.

रवींद्र जडेजा बने नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर, रविचंद्रन अश्विन नंबर-2 पर

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भारत में इस वक्त इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्लेऑफ मुकाबले चल रहे हैं, तो इस बीच आईसीसी ने ताज़ा रैंकिंग जारी की है. (ICC Test Ranking) भारत के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) एक बार फिर टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 ऑलराउंडर बन गए हैं, जबकि रविचंद्रन अश्विन नंबर-2 पर हैं. कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली भी बल्लेबाजों की रैंकिंग में टॉप-10 में छाए हुए हैं.

रवींद्र जडेजा इस वक्त दुनिया के नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं, उनके 385 प्वाइंट हैं. उनके बाद रविचंद्रन अश्विन का नंबर है, जिनके 341 प्वाइंट हैं. आईपीएल में खेल रहे जेसन होल्डर तीसरे नंबर पर हैं, जिनके 336 प्वाइंट हैं. ऑलराउंडर से अलग अगर बॉलर्स की रैंकिंग देखें तो उसमें टॉप-5 में पांच भारतीय हैं, रविचंद्रन अश्विन नंबर-2 और जसप्रीत बुमराह नंबर-3 पर बरकरार हैं.

महापौर को जनता, नगर पालिका और परिषद के अध्यक्षों को चुनेंगे पार्षद

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भोपाल । मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव अब प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों प्रणाली से होंगे। नगर निगम के महापौर सीधे जनता द्वारा चुने जाएंगे। जबकि, नगर पालिका और नगर परिषदों के अध्यक्षों का चुनाव पार्षदों के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने अध्यादेश के प्रारूप में संशोधन किया है, जिसके कानून पहलूओं का विधि एवं विधायी ने परीक्षण भी कर लिया है। अब राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनुमति के बाद इसे राजपत्र में अधिसूचित करके प्रभावी किया जाएगा।

नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, इसको लेकर काफी दिनों से मंथन चल रहा था। कमल नाथ सरकार के फैसले में परिवर्तन करते हुए पार्षदों की जगह सीधे जनता से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव करने का निर्णय पहले लिया गया था। इसके लिए मध्य प्रदेश नगर पालिका विधि में संशोधन के लिए अध्यादेश का मसौदा राजभवन भी भेज दिया था लेकिन इसमें फिर संशोधन का निर्णय लिया गया।

आनन-फानन में गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राजभवन को अभी अध्यादेश का कोई मसौदा नहीं भेजा गया है। उधर, सूत्रों ने बताया कि महापौर और अध्यक्ष का सीधे निर्वाचन करने वाले अध्यादेश के मसौदे को वापस लेकर नया प्रस्ताव तैयार किया गया। इसमें सिर्फ महापौर का चुनाव सीधे जनता के माध्यम से कराए जाने का प्रविधान किया गया है।

प्रस्ताव को नए सिरे से तैयार कर विधि विभाग से मंजूरी ली गई। इसके मुताबिक नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का चुनाव पार्षदों के माध्यम से कराया जाएगा। दरअसल, नगरीय क्षेत्रों मंे भाजपा की स्थिति मजबूत है, इसलिए काफी विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रदेश में सोलह नगर निगम हैं और महापौर पद का आरक्षण 2020 में हो चुका है।

तीन विकल्प पर किया गया विचार

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने के लिए तीन विकल्पों पर विचार किया गया। पहला- महापौर और अध्यक्ष पद का चुनाव सीधे जनता से कराए जाएं।

दूसरा- महापौर का जनता और नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्ष पदों का चुनाव पार्षदों से कराया जाए।

तीसरा- महापौर और नगर पालिका के अध्यक्ष पदों का चुनाव जनता और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव पार्षद के माध्यम से कराया जाए। तीनों विकल्पों को मद्देनजर रखते हुए अध्यादेश के तीन प्रारूप भी तैयार किए गए लेकिन अंतिम सहमति सिर्फ महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने पर बनी।