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पटियाला मे हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा

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पटियाला में शुक्रवार को हुई हिंसक झड़प के बाद शनिवार को माहौल शांतिपूर्ण बना रहा। वहीं , कुछ हिंदू संगठनों ने आज पटियाला बंद का आह्वान किया है। इससे पहले शुक्रवार को करीब चार घंटे शहर की सड़कों पर तलवारें लहराई गईं।

खालिस्तान के मुद्दे को लेकर शिव सैनिक और खालिस्तान समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई। शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ यह सिलसिला दोपहर तीन बजे तक चला। पुलिस ने दोनों पक्षों को मुश्किल से तितर-बितर कर हालात पर काबू पाया। सवाल है कि पिछले एक हफ्ते से शुक्रवार को शहर में खालिस्तान के मुद्दे को लेकर दोनों तरफ से लोगों के आमने-सामने होने की आशंका थी तो फिर पुलिस ने किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के ठोस इंतजाम क्यों नहीं किए।

सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कुछ दिन पहले शुक्रवार को खालिस्तान का स्थापना दिवस मनाने की घोषणा की थी। जिसके जवाब में शिवसेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश कार्यकारी प्रधान हरीश सिंगला ने पत्रकार वार्ता कर शुक्रवार को खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च निकालने का एलान किया था।

शिवसेना (बाल ठाकरे) पंजाब से निष्कासित पूर्व कार्यकारी प्रधान हरीश सिंगला को शुक्रवार शाम को एसपी (सिटी) हरपाल सिंह और डीएसपी मोहित अग्रवाल ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले श्री काली माता मंदिर में हिंदू संगठनों की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हरीश सिंगला के साथ मारपीट हुई। हरीश सिंगला ने भागकर अपनी जान बचाई लेकिन भड़के हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हरीश सिंगला की गाड़ी पर ईंट बरसा दी। गाड़ी के शीशे भी टूट गए।

शुक्रवार को श्री काली माता मंदिर के बाहर शिव सैनिकों और दूसरे गुट के बीच भिड़त के बाद शाम को श्री काली माता मंदिर में हिंदू समाज ने बैठक बुलाई थी। बैठक में मौजूद हिंदू समाज के नुमाइंदे उस समय भड़क उठे जब बिना बुलाए हरीश सिंगला व उनका बेटा कोमला सिंगला वहां पहुंच गए।

हिंदू समाज के लोगों ने हरीश सिंगला पर हिंदूओं के नाम पर अपनी सुरक्षा बढ़ाने और समाज का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। हिंदू समाज के लोगों ने हरीश सिंगला के सुरक्षा कर्मियों की भी परवाह न की और मारपीट करनी शुरू कर दी। गुस्सा बढ़ता देख हरीश सिंगला मौके से भागे और जाकर गाड़ी में बैठकर वहां से जाने में भी गनीमत समझा लेकिन भड़के लोगों ने सिंगला की गाड़ी पर ईंट से हमला कर दिया।

पीएम मोदी ने अपने आवास पर की सिख प्रतिनिधिमंडल की अगवानी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आवास पर एक सिख प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की और उन्हें संबोधित किया। इस समूह में विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी सिख परंपरा के मुताबिक लाल रंग की पग पहनी। इस मौके पर उपस्थित सिख समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुरुद्वारों में जाना, सेवा में समय देना, लंगर पाना, सिख परिवारों के घरों पर रहना, ये मेरे जीवन का हिस्सा रहा है। यहाँ प्रधानमंत्री आवास में भी समय समय पर सिख संतों के चरण पड़ते रहते हैं। उनकी संगत का सौभाग्य मुझे मिलता रहता है।

    • हमारे गुरुओं ने हमें साहस और सेवा की सीख दी है। दुनिया के अलग अलग हिस्सों में बिना किसी संसाधन के हमारे भारत के लोग गए, और अपने श्रम से सफलता के मुकाम हासिल किए। यही स्पिरिट आज नए भारत की भी है।
    • पहले कहा जा रहा था कि भारत की इतनी बड़ी आबादी, भारत को कहाँ से वैक्सीन मिलेगी, कैसे लोगों का जीवन बचेगा? लेकिन आज भारत वैक्सीन का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच तैयार करने वाला देश बनकर उभरा है।
    • नया भारत नए आयामों को छू रहा है, पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ रहा है। कोरोना महामारी का ये कालखंड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। महामारी की शुरुआत में पुरानी सोच वाले लोग भारत को लेकर चिंताएं जाहिर कर रहे थे। लेकिन, अब लोग भारत का उदाहरण दे रहे हैं।
    • इसी कालखंड में हम दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप ecosystems में से एक बनकर उभरे हैं। हमारे unicorns की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत का ये बढ़ता हुआ कद, ये बढ़ती हुई साख, इससे सबसे ज्यादा किसी का सिर ऊंचा होता है तो वो हमारा diaspora है।
    • हमारे भारतीय डायस्पोरा को तो मैं हमेशा से भारत का राष्ट्रदूत मानता रहा हूं। आप सभी भारत से बाहर, मां भारती की बुलंद आवाज हैं, बुलंद पहचान हैं। भारत की प्रगति देखकर आपका भी सीना चौड़ा होता है, आपका भी सिर गर्व से ऊंचा होता है।
    • गुरु नानकदेव जी ने पूरे राष्ट्र की चेतना को जगाया था, पूरे राष्ट्र को अंधकार से निकालकर प्रकाश की राह दिखाई थी। हमारे गुरुओं ने पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण पूरे भारत की यात्राएं कीं। हर कहीं उनकी निशानियाँ हैं, उनकी प्रेरणाएं हैं, उनके लिए आस्था है।
    • हमारे गुरुओं ने लोगों को प्रेरणा दी, अपनी चरण रज से इस भूमि को पवित्र किया। इसलिए, सिख परंपरा वास्तव में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की जीवंत परंपरा है।
    • लंगर को टैक्स फ्री करने से लेकर, हरमिंदर साहिब को FCRA की अनुमति तक, गुरुद्वारों के आसपास स्वच्छता बढ़ाने से लेकर उन्हें बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने तक, देश आज हर संभव प्रयास कर रहा है।

NCP प्रमुख शरद पवार ने उठाई देशद्रोह कानून को निरस्‍त करने की मांग

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने देशद्रोह कानून को निरस्‍त करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि वर्तमान में सरकारें इस कानून का दुरुपयोग कर रही हैं। भीमा कोरेगांव आयोग को दिए एक हलफनामे में धारा 124 ए (देशद्रोह कानून) को निरस्त करने का आह्वान करते हुए कहा है कि इसका दुरुपयोग सरकारों द्वारा असहमति की आवाज को दबाने के लिए किया गया है। उन्होंने दंगा जैसी स्थितियों को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेटों को सशक्त बनाने के लिए सीआरपीसी और आईपीसी में कई संशोधनों का भी प्रस्ताव रखा है। भीमा कोरेगांव आयोग को दिए अपने हलफनामे में, पवार ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए, जो देशद्रोह से संबंधित है।

वर्ष 1870 में अंग्रेजों द्वारा उनके खिलाफ विद्रोह को नियंत्रित करने और स्वतंत्रता आंदोलनों को दबाने के लिए डाली गई थी। उन्होंने कहा, हाल के दिनों में इस धारा का अक्सर उन लोगों के खिलाफ दुरुपयोग किया जाता है जो सरकार की स्वतंत्रता को दबाने की आलोचना करते हैं और शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से असंतोष की किसी भी आवाज को दबाते हैं। इसलिए यह प्रस्ताव है कि आईपीसी की धारा 124ए के दुरुपयोग को संशोधनों के साथ रोका जाना चाहिए या उक्त धारा को निरस्त किया जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि उनके पास ऐसा कहने का कारण है क्योंकि आईपीसी और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधान राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पर्याप्त हैं। संयोग से, राकांपा प्रमुख का राजद्रोह कानून को निरस्त करने का प्रस्ताव महाराष्ट्र में उनकी गठबंधन सरकार द्वारा अमरावती के सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा पर उसी कानून के तहत मामला दर्ज किए जाने के कुछ ही दिनों बाद आया है।

दंपति को हाल ही में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर ‘हनुमान चालीसा’ पढ़ने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पवार ने यह भी कहा कि दंगा जैसी स्थितियों से निपटने और सार्वजनिक शांति भंग से बचने के लिए सीआरपीसी के साथ अन्य अधिनियमों में संशोधन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “ऐसी स्थितियों में पुलिस और मजिस्ट्रेटों को राज्य सरकार या केंद्र सरकार के किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाने की जरूरत है।”

तबाही से बचना है तो शनिचरी अमावस्या पर न करें ये काम

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हिंदू कैलेंडर के अनुसार 30 अप्रैल, शनिवार को वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या है और इसी दिन पहला सूर्य ग्रहण भी लगेगा। हिंदू पंचांग के मुताबिक जब शनिवार के दिन अमावस्या आती है तो इस शनिचरी अमावस्या कहा जाता है और शनिचरी अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है और ऐसा माना जाता है कि शनिचरी अमावस्या के दिन पुण्य नदियों में स्नान करने के दान करना लाभकारी होता है।

शनिचरी अमावस्या पर ही लगेगा सूर्य ग्रहण

साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण, शनिचरी अमावस्या के दिन होना प्रमुख खगोलीय घटना है। हिंदू पंचांग के जानकारों व खगोल वैज्ञानिकों का भी कहना है कि यह सूर्य ग्रहण आंशिक होगा और भारत में दिखाई नहीं देगा। यही कारण है कि इस सूतक काल भी मान्य नहीं होगा, इसलिए शनिचरी अमावस्या के दिन किए जाने वाले स्नान-दान, पूजा-तर्पण में कोई बाधा नहीं आएगी, लेकिन एक ही दिन सूर्य ग्रहण और शनिश्चरी अमावस्या का होना कुछ लोगों के जीवन पर बड़ा प्रभाव डालेगा। इस दौरान विशेषकर तीन राशियों वाले जातकों को सावधान रहने की जरूरत है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव सही नहीं माना जा सकता है, इसलिए इन लोगों को शनिश्चरी अमावस्या पर सावधान रहने की जरूरत है। यात्रा के दौरान विशेष सावधानी रखनी चाहिए। स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। ग्रहण के बाद स्नान जरूर करें।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को शनिश्चरी अमावस्या पर सूर्य ग्रहण होने के कारण मानसिक तनाव हो सकता है। इस दौरान न तो कोई बड़ा फैसला लें और न ही किसी से विवाद करें। अपनी सोच को सकारात्मक रखने की कोशिश करें। मन अशांत रह सकता है। व्यर्थ के विवाद के उलझने से बचें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए भी यह सूर्य ग्रहण अच्छा नहीं माना जा रहा है। इस समय को धैर्य से काम लें और विवाद में न फंसे। मौन रहने का प्रयास करें। इस दौरान यात्रा न करें अन्यथा आप चोट के शिकार हो सकते हैं। अधिकारी वर्ग से सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करें। परिवार में भी कुछ तनाव हो सकता है।

हजार करोड़ से ज्यादा निवेश प्रस्तावों पर सहमति

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इंदौर । आटोमोबाइल इंडस्ट्रीज की मांग के अनुरूप कुशल कर्मिकों को तैयार करने के लिए पीथमपुर में नया स्किल डेवलपमेंट सेंटर खुलेगा। पीथमपुर की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी आयशर प्रमुख उद्योग संगठन सीआइआइ के साथ मिलकर इस स्किल डेवलपमेंट सेंटर को संचालित करेगी। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने शुक्रवार को इंदौर में मप्र आटो शो के मंच से यह घोषणा की। प्रदेश के पहले आटो शो के दूसरे दिन मुख्यमंत्री इसमें शामिल हुए। मंच पर आने के पहले खास उद्योगपतियों से बी-टू-बी मीटिंग में चर्चा की। सूत्रों के अनुसार पीथमपुर और मप्र में आटोमोबाइल उद्योगों की ओर से हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बन चुकी है। आटो शो के आखिरी में इन निवेश प्रस्तावों की घोषणा की जाएगी।

मंच पर आने के बाद मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर 10 कंपनियों के 15 वाहनों पर से पर्दा हटाया और बाजार के लिए लांच किया। इसमें कार से लेकर अर्थमूवर्स, ट्रक, गारबेज वाहन और इलेक्ट्रिक स्कूल रिक्शा तक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पहला प्रवासी भारतीय सम्मेलन करवाने का ऐलान भी कर दिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 9 और 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मेलन इंदौर में होगा। दुनियाभर में जाकर बसे भारतीय खासकर मप्र के निवासी इस सम्मेलन में शामिल होंगे। आटो शो के दूसरे दिन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के साथ मंच पर प्रदेश के तीन कैबिनेट मंत्री और पीथमपुर के प्रमुख उद्योगपति व आटोमोबाइल उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।औद्योगिक संगठनों के प्रमुखों ने मुख्यमंत्री के सामने क्षेत्र के औद्योगिक विकास और तरक्की के साथ भविष्य की रूपरेखा भी रखी। उद्योगपतियों ने कहा कि देश के आटो उद्योगों का कुल कारोबार करीब 100 बिलियन डालर है। इसमें से करीब 30 प्रतिशत हिस्सा हम निर्यात कर रहे हैं। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि एक्सपो को वार्षिक आयोजन के तौर पर मान्यता देते हुए हर वर्ष नियमित आयोजन की घोषणा की जाए। मंत्री दत्तीगांव ने मांग का समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने माइक संभालते ही सबसे पहले हर साल आटो शो करवाने का ऐलान किया।

पीथमपुर में खुलेगा नया स्किल डेवलपमेंट सेंटर – मुख्यमंत्री ने कहा कि पीथमपुर को हम डेट्राइट नहीं बनाएंगे बल्कि ऐसा बनाएंगे कि दुनिया कहेगी कि हम अपने आटोमोबाइल औद्यौगिक क्षेत्र को पीथमपुर में बनाएंगे। पीथमपुर में स्थापित हो रहे आयशर-सीआइआइ स्किल डेवलपमेंट अकादमी शासन भवन और अधोसंरचना उपलब्ध करवाएगा। सेंटर का प्रबंधन सीआइआइ द्वारा किया जाएगा और तकनीकी ट्रेनिंग का जिम्मा आयशर संभालेगा। यहां ट्रेनिंग लेने वाले सभी युवाओं का प्लेसमेंट सुनिश्चित होगा। मौके पर ही मुख्यमंत्री ने सेंटर के लिए दो एकड़ भूमि और 40 हजार वर्गफीट भवन तत्काल आवंटित करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि आगे आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त भूमि और भवन भी दिया जाएगा। इस सेंटर में पहले से उद्योगों में काम रहे कर्मचारियों के लिए भी ट्रेनिंग हो सकेगी। प्रशिक्षण के लिए जापान, डेनमार्क और जर्मनी के विशेषज्ञों से करार किए जाएंगे।

उद्योगों के लिए घोषणाओं की झड़ी – मुख्यमंत्री ने उद्योगों और खासकर आटोमोबाइल क्षेत्र के लिए राहत भरी घोषणाओं की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मई में स्टार्टअप नीति के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए नई नीति घोषित करेगी। लोकेशन, पानी, जमीन की उपलब्धता के लिहाज से मप्र में उद्योगों के लिए आज भी आदर्श स्थिति है। इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग के लिए आ रही नई नीति में 40 प्रतिशत तक टैक्स राहत निवेश प्रोत्साहन सहायता के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। अगर उद्योग निजी या अविकसित सरकारी भूमि पर स्थापित होते हैं तो बिजली, पानी, सड़क पर किए व्यय की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। उद्योगों को पावर टैरिफ में राहत मिलेगी। आरएंडडी के साथ गुणवत्ता प्रमाणन के लिए उद्योग द्वारा किए गए खर्च की प्रतिपूर्ति भी सरकार करेगी। उद्योग दिव्यांगजन को ट्रेनिंग देते हैं, नौकरी देते हैं तो कौशल विकास और पीएफ राशि की प्रतिपूर्ति भी मप्र सरकार करेगी। इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, स्टाम्प ड्यूटी, अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े प्रस्तावों पर केस टू केस विचार कर राहत मिल सकेगी।

स्टार्टअप वाले मामा – स्टार्टअप पालिसी की घोषणा मुख्यमंत्री ने नहीं की लेकिन उसके अहम बिंदुओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मई माह में स्टार्टअप पालिसी आएगी। अगर युवाओं के पास आइडिया हैं तो उसमें लगाने के लिए धन की व्यवस्था तुम्हारा मामा करेगा। 50 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी के मिलेगा। सरकार इसकी गारंटी लेगी। सिंगल विंडो सिस्टम में अनुमतियां 30 दिन में मिलेगी। बैंकों से कहा गया है कि अब यह नहीं चलेगा कि पैसा यहां का जमा हो और वे लोन कहीं ओर जाकर बांटे। उन्हें यहां के युवाओं को लोन बांटना ही होगा।

उद्योगों ने मांगा एक्जीबिशन सेंटर – सीआइआइ के चेयरमैन सुनील चौरड़िया ने मुख्यमंत्री से कहा कि इंदौर में एक विश्वस्तरीय एक्जीबिशन सेंटर की जरूरत है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। ताकि विश्वस्तरीय औद्योगिक प्रदर्शनियां और आयोजन यहां हो सकें।

ये वाहन हुए लांच – आडी की इलेक्ट्रिकल कार ईट्रान, आयशर इलेक्ट्रिक बस, आयशर इलेक्ट्रिक बस लो फ्लोर,आयशर इलेक्ट्रिक ट्रक प्रो-ई 209, केस न्यू हालैंड का एक्सवेटर सीएस 220 अर्थमूवर्स, ल्यूगांग का अर्थमूवर्स, जीप इंडिया एसीवी जीप कंपास नाइट विजन, कैटको इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर (गारबेज करियर), कारवा ग्रुप ई आटो इलेक्ट्रिक लोडर, इंदौर टेक्नो कमर्शियल का ई-टूव्हीलर गरुड़ जी, ई-टू व्हीलर बोल्ड, इंदौर टेक्नो कमर्शियल बोल्ड प्लस, अनंत श्री व्हीकल ई टूव्हीलर वी 11, ई सवारी का टूव्हीलर आर्बिट, आई स्कूट का स्कूट वन।

CM चौहान दिल्ली में अहम मसलों पर केंद्रीय गृहमंत्री समेत अन्‍य मंत्रियों से करेंगे विमर्श

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नई दिल्ली : 18 माह बाद होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने गुरुवार को दिल्ली में एमपी भाजपा की कोर कमेटी को चुनावी गाइडलाइन बताई। सत्ता संगठन के साथ बुलाई गई इस बैठक में संघ के साथ समन्वय के अलावा पार्टी में हर स्तर पर सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए कहा गया ताकि कार्यकर्ता चुनावी रण के लिए ताकत के साथ जुट सकें। प्रदेश संगठन के बूथ विस्तारक कार्यक्रम के आधार पर केंद्रीय नेतृत्व ने आने वाले महीनों में जिलों और बूथों के कार्यकर्ताओं को लेकर तैयार किए गए कार्यक्रम भी कोर कमेटी के समक्ष रखे हैं।

दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की मौजूदगी में हुई बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, कोर कमेटी में शामिल संगठन के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारी, केंद्रीय मंत्रीगण और प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा मौजूद रहे। बैठक में आगामी चुनाव में उम्रदराज नेताओं को टिकट देने के बजाय घर बैठाने, कैबिनेट विस्तार, निगम मंडल में नियुक्ति, जिला अध्यक्षों के चुनाव लड़ने को लेकर गाइडलाइन, सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में संगठन की भागीदारी पर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश में सुनियोजित दंगों को लेकर संघ के फीडबैक और आगामी दिनों में संघ के साथ सत्ता संगठन के समन्वय के मामले में भी विचार किया गया। संघ की समन्वय बैठक में पिछले दिनों दी गई अनुषांगिक संगठनों की रिपोर्ट को भी इस बैठक में तवज्जो दी गई।

निचले स्तर पर सत्ता संगठन में समन्वय का मसला
पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तक यह बात पहुंची है कि प्रदेश में निचले स्तर तक सत्ता संगठन में समन्वय नहीं है। कई मामले में अनदेखी से पार्टी का मूल कार्यकर्ता सरकार से नाराज है। इसे पार्टी ने गंभीरता से लिया है और प्रदेश के सत्ता संगठन के बीच हर स्तर पर समन्वय और संतुष्टि के भाव रखने के लिए कहा है ताकि कार्यकर्ता में अच्छा संदेश जाए और वह 18 माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए प्राण प्रण से जुट सके। इस मामले में कुछ जिलों में कलेक्टरों और जिला अध्यक्षों के बीच निर्देशों को लेकर सामने आई शिकायतें भी संगठन तक पहुंची हैं जिस पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों हुई बैठक में पार्टी के राष्टÑीय स्तर के एक नेता ने संगठन का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा था कि जिलों में निचले स्तर पर सत्ता और संगठन के बीच समन्वय की स्थिति बेहतर नहीं है। हमें इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। इस बैठक में तब प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को संज्ञान लेकर निचले स्तर तक तालमेल बनाने के लिए निर्देशित किया गया था।

मंत्रियों के नवाचार और परफार्मेंस का जिक्र
दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय की बैठक में जिन अन्य मुद्दों पर चर्चा किए जाने की बात कही जा रही है उसमें मंत्रियों के नवाचार और कमजोर परफार्मेंस वाले मंत्रियों की मंत्रिमंडल से छुट्टी करने का मसला भी शामिल है। दो माह पहले मध्यप्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आए पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संतोष ने मंत्रियों के कामकाज पर नाराजगी भी जताई थी और उनके नवाचार भी पूछे थे। इस मामले में चर्चा के बाद सीएम शिवराज की ओर से कुछ मंत्रियों के विभागीय नवाचार भी संगठन की बैठक में बताए गए हैं। उन्होंने पचमढ़ी चिंतन शिविर में सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों और मंत्रियों के नवाचारों से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया।

सीएम शिवराज आज होने वाली तीन घंटे की बैठक के बाद दिल्ली में रुक सकते हैं। उनका वापसी का कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। इस दौरान वे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के अलावा कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिय और अन्य मंत्रियों से मुलाकात कर प्रदेश के विकास के मसलों पर आवश्यक सहयोग और बजट को लेकर चर्चा कर सकते हैं। केंद्रीय नेतृत्व द्वारा बुलाई गई प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीब कल्याण के लिए चलाई गई योजनाओं, देश के हित में लिए गए फैसलों की बात मध्यप्रदेश के हर व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। खासतौर पर दस फीसदी वोट बढ़ाने के लिए टारगेट किए गए आदिवासी समाज तक यह बात पहुंचाना है। आदिवासी वर्ग को प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जमीनी स्तर पर और अधिक तेजी से काम करने और फीडबैक लेने के लिए कहा गया है।

मच्छर पर ट्विटर वार
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने रात में एक ट्वीट किया कि वे दिल्ली में हैं। यहां पिछले एक घंटे से लाइट नहीं है। खिड़की खोली तो हवा के साथ मच्छर भी आ गए हैं। अंधेरे में मच्छर मार रहा हूं। सुबह स्कोर बताऊंगा, जय हो फ्री बिजली वाली सरकार। इस पर कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने तंज कसते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में भी यही स्थिति है।

पीवी सिंधु बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में

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मनीला (फिलीपींस): दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने सिंगापुर की युई यान जेस्लिन हूई को सीधे गेम में हराकर गुरुवार को बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप (Badminton Asia Championships) के महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की तीसरी वरीय भारतीय पुरुष डबल्स टीम भी दूसरे दौर में जीत के साथ अंतिम-8 में जगह बनाने में सफल रही। लेकिन लंदन ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट विजेता साइना नेहवाल (Saina Nehwal) और विश्व चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

गिमचियोन में 2014 एशिया चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली चौथी वरीय पीवी सिंधु ने दुनिया की 100वें नंबर की खिलाड़ी जेस्लिन हूई को 42 मिनट में 21-16, 21-16 से हराया।अगले दौर में सिंधु की भिड़ंत चीन की तीसरी वरीय ही बिंग जियाओ से होगी, जिन्हें हराकर उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक का कांस्य पदक जीता था। बिंग जियाओ के खिलाफ सिंधु ने सात मुकाबले जीते हैं लेकिन 9 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय खिलाड़ी ने हालांकि पिछले दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की है।

रैंकिंग में बड़ा अंतर होने के बावजूद पीवी सिंधु को जेस्लिन हूई ने कड़ी टक्कर दी। सिंधु पहले गेम में एक समय 7-9 से पिछड़ रही थी लेकिन ब्रेक तक उन्होंने स्कोर 10-11 कर दिया। सिंधु ने हालांकि वापसी करते हुए 16-16 पर स्कोर बराबर किया और फिर पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में सिंधु ने 12-8 की बढ़त बनाई लेकिन सिंगापुर की खिलाड़ी ने वापसी करते हुए स्कोर 15-16 कर दिया। सिंधु ने हालांकि इसके बाद जोरदार खेल दिखाते हुए गेम और मैच जीत लिया।

सात्विक और चिराग की तीसरी वरीय भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने अकीरा कोगा और ताइची साइतो की जापान की जोड़ी को सीधे गेम में 21-17 21-15 से हराया। दुनिया की सातवें नंबर की भारतीय जोड़ी का सामना अगले दौर में आरोन चिया और सोह वूई यिक की पांचवीं वरीय मलेशियाई जोड़ी तथा डेनी बावा क्रिसनांता और जुन लियांग एंडी क्वेक की सिंगापुर की जोड़ी के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।

साइना का हालांकि इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय टूर्नामेंट में चौथा पदक जीतने का सपना टूट गया, जब उन्हें चीन की 22 साल की दुनिया की 16वें नंबर की खिलाड़ी वैंग झी यी के खिलाफ 21-12, 7-21, 13-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। साइना चोट के बाद वापसी कर रही थी और उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और उबेर कप के ट्रायल में भी हिस्सा नहीं लिया था।

सातवें वरीय श्रीकांत को भी पुरुष एकल के दूसरे दौर में कड़े मुकाबले में तीन गेम में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें पुरुष एकल के दूसरे दौर के मुकाबले में चीन के वेंग होंग यांग के हाथों एक घंटा और 17 मिनट चले मुकाबले में 16-21, 21-17, 17-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी।

न्यूजीलैंड में जन्में बेन स्टोक्स इंग्लैंड के 81वें टेस्ट कप्तान

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लंदन: इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने ऑलराउंडर बेन स्टोक्स (Ben Stokes) को अपना नया टेस्ट कप्तान बनाया है। इसी महीने जो रूट (Joe Root) ने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। पिछले कुछ समय में रूट की कप्तानी में इंग्लैंड टीम का प्रदर्शन कुछ खास नहीं था। टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार मिली। उससे पहले एशेज में भी इंग्लिश टीम एक भी मैच नहीं जीत पाई थी। भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज स्थिगित होने के समय इंग्लैंड टीम 1-2 से पीछे थी। अब स्टोक्स के सामने टीम को उबारने की चुनौती होगी।
बेन स्टोक्स का जन्म न्यूजीलैंड में हुआ था। स्टोक्स के पिता रग्बी कोच थे और उन्होंने रग्बी लीग के क्लब वर्किंगटन टाउन का मुख्य कोच बनाया गया था। 12 साल की उम्र में स्टोक्स इंग्लैंड आ गए। अब वे टेस्ट में टीम की कप्तानी करेंगे। स्टोक्स पहले इंग्लिश टेस्ट कप्तान नहीं हैं जिसका जन्म विदेश में हुआ है। हालांकि, वे इंग्लैंड पुरुष टीम के पहले कप्तान हैं, जिसका जन्म न्यूजीलैंड में हुआ है।
इंग्लैंड के अलावा 11 अन्य देशों में जन्में खिलाड़ी भी इंग्लिश टेस्ट टीम की कप्तानी कर चुके हैं। जिसमें वेल्स, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, इटली, पेरू और न्यूजीलैंड शामिल है। इटली, जर्मनी और पेरू नॉन क्रिकेटिंग देश हैं, लेकिन यहां जन्में खिलाड़ी भी इंग्लिश टीम की कप्तानी कर चुके हैं। पेरू में जन्में फ्रेडी ब्राउन, जर्मनी में जन्में डोनाल्ड कैरा और इटली में जन्में टेड डेक्सटर भी इंग्लिश टेस्ट टीम के कप्तान रहे हैं।
भारत में जन्में डगलस जार्डिन, कॉलिन काउड्रे और नासिर हुसैन इंग्लैंड के कप्तान रह चुके हैं। मुंबई में जन्में जार्डिन ने 15 जबकि चेन्नई में जन्में काउड्रे ने 27 और नासिर हुसैन ने 45 मैचों में देश की कप्तानी की है। नासिर हुसैन की गिनती इंग्लैंड के सबसे सफल कप्तानों में होती है। इंग्लैंड के दूसरे ही टेस्ट कप्तान लॉर्ड हैरिस का जन्म त्रिनिदाद एंड टोबैगो में हुआ था।

टाइगर श्रॉफ की फिल्म ने रिलीज से पहले ही कमाए करोड़ो रुपये

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टाइगर श्रॉफ और तारा सुतारिया की फिल्म ‘हीरोपंति 2’ इस महीने के आखिर में 29 अप्रैल को रिलीज होने जा रही है। इसके ठीक बाद ही ईद का वीकेंड चालू हो जाएगा। ये पहली बार होगा जब टाइगर की कोई फिल्म ईद के मौके पर रिलीज होने जा रही हो। फिल्म का ट्रेलर देखकर ही फैंस काफी एक्साइटेड थे और वो फिल्म के लिए कितना इंतजार कर रहे थे, ये फिल्म की एडवांस बुकिंग से साफ हो गया है। फिल्म ने रिलीज से पहले ही करोड़ों रुपयों की कमाई कर ली है। फिल्म की कुछ एडवांस बुकिंग रविवार को खोल दी गई थी और अब हमारे सामने एडवांस बुकिंग के दो दिन के आंकड़े सामने आ गए हैं।

टाइगर श्रॉफ की हीरोपंति 2 ने दो दिन की एडवांस बुकिंग मे ही करीब 4 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। फिल्म की कुल मिलाकर करीब 1 लाख से ज्यादा टिकटें एडवांस बुकिंग में बुक हो गई हैं। फिल्म ने पीवीआर, आईनोक्स और सिनेपॉलिस से ही करीब 3 करोड़ की कमाई की है। सबसे ज्यादा एडवांस बुकिंग मुंबई, दिल्ली, बरोडा और इंदौर में हुई है। इस फिल्म को अहमद खान ने डायरेक्ट किया है। टाइगर श्रॉफ एक बार फिर एक्शन अवतार मे होंगे और नवाजुद्दीन सिद्दीकी विलेन के रोल मे नजर आ रहे हैं।

कमल नाथ ने नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ा, डा.गोविन्द सिंह नए नेता प्रतिपक्ष होंगे

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भोपाल।  मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की दोहरी भूमिका निभा रहे पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने एक पद छोड़ दिया है। वे अब सिर्फ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष की बागडोर पार्टी ने वरिष्ठ विधायक डा गोविंद सिंह को सौंप दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा गुरूवार को जारी पत्र में कहा गया है कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कमल नाथ का इस्तीफा स्वीकार करते हुए वरिष्ठ विधायक डा.गोविन्द सिंह को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है। सिंह का प्रस्ताव कमल नाथ ने ही रखा था।

इस निर्णय से पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि आगामी चुनाव में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र उसकी प्राथमिकता में रहेगा। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर जाने के बाद से पार्टी दमदार चेहरे की तलाश में थी। डा.सिंह की छवि तेजतर्रार नेता की है और वे बिना लागलपेट के अपनी बात करने के लिए चर्चित हैं।

दो पदों पर रहने के कारण भाजपा भी हमेशा कमल नाथ पर निशाना साधती रही है। कमल नाथ ने भी कई मौकों पर यह बात कही कि उन्हें पद का लोभ नहीं है। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है और जब कहा जाएगा तो बिना समय गंवाए पद छोड़ देंगे लेकिन मध्य प्रदेश में ही रहेंगे। पिछले दिनों संगठन और चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से हुई कई दौर की चर्चा के बाद उन्होंने नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ने का मन बनाया और इस्तीफा सौंप दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

सात बार के विधायक हैं डा गोविंद सिंह- मूल रूप से समाजवादी नेता डा.गोविन्द सिंह लगातार सात बार के विधायक हैं और मुख्य सचेतक पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।1990 में पहली बार भिंड जिले की लहार विधानसभा क्षेत्र से जनता दल की टिकट पर निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वे कांग्रेस में आ गए। उधर, देर शाम डा.सिंह ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से उनके आवास पर मुलाकात की और आभार जताया।

चुनाव की तैयारियों में जुटेंगे कमल नाथ

कमल नाथ अब पूरी तरह से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटेंगे। इसके लिए उन्हें विभिन्न् समितियां भी गठित कर दी हैं। जिला स्तर पर उनके बूथ, सेक्टर और मंडलम के पदाधिकारियों के साथ बैठकों का सिलसिला भी शुरू होने वाला है। एक मई को राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक भी बुलाई है।

दिग्विजय समर्थकों का बढ़ा प्रभाव

वहीं, संगठन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समर्थकों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष डा.विक्रांत भूरिया को दिग्विजय का समर्थक माना जाता है। डा.गोविन्द सिंह भी उनके काफी नजदीकी माने जाते हैं।

कांग्रेस रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी- शिवराज

डा.गोविन्द सिंह को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि डा.सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सदन में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जन कल्याण के विषय पर सकारात्मक रहेगी। वहीं भाजपा नेता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की उपेक्षा कर एकबार फिर अपना सामंती चेहरा दिखाया है।

नावनियुक्त नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ उनके निवास पर जाकर मुलाक़ात की , उनका आभार माना। इस अवसर पर अरुण यादव , पूर्व मंत्री लाखन यादव , पीसी शर्मा भी उपस्थित थे।

अन्याय बर्दाश्त नहीं

नेता प्रतिपक्ष नियुक्त होने के बाद डा.गोविन्द सिंह ने कहा कि अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है पर अन्याय बर्दाश्त नहीं है। गलत तरीके से फंसाकर किसी के निर्माण पर बुलडोजर चला दिया जाए तो यह कानून के खिलाफ है। इसका विरोध होगा। महंगाई, बेरोजगारी, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं प्रदेश में बढ़ी हैं। किसान परेशान हैं। इन सभी मुद्दों को सदन से लेकर सड़क तक प्रमुखता से उठाया जाएगा। प्रदेश का दौरा भी जल्द करूंगा और हम सब मिलकर काम करेंगे।