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मध्‍य प्रदेश सरकार किसान को देसी गाय रखने पर 900 रुपये प्रतिमाह अनुदान देगी

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भोपाल। मध्य प्रदेश में प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार किसानों को देसी गाय रखने पर प्रतिवर्ष दस हजार 800 रुपये यानी प्रतिमाह नौ सौ रुपये का अनुदान देगी। प्राकृतिक कृषि किट लेने के लिए 75 प्रतिशत तक राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। खरीफ सीजन से पांच हजार 200 गांवों में प्राकृतिक खेती की गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। प्रदेशभर में कार्यशालाएं होंगी और प्रत्येक विकासखंड में पांच-पांच पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को नीति आयोग द्वारा नवोन्वेषी कृषि पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होकर कही। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड का गठन किया है, जो किसानों को प्रोत्साहित करेगा। सभी जिलों में 100-100 गांवों में प्राकृतिक खेती करने के लिए किसानों को तैयार किया जाएगा। अगले माह में कृषि से जुड़े विभागों के अधिकारियों के लिए कार्यशाला करेंगे।

उन्होंने बताया कि अब तक एक लाख 65 हजार किसानों ने प्राकृतिक खेती में रूचि दिखाई है। वे स्वयं पांच एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करेंगे। मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों से भी कहा गया है कि वे भी आगे आएं ताकि उन्हें देखकर अन्य किसान भी प्रेरित हों। प्राकृतिक खेती के लिए देसी गाय आवश्यक है।

इसके गोबर और मूत्र से ही जीवांमृत तथा धनजीवांमृत बनाए जा सकते हैं। इसके लिए तय किया है कि किसानों को देसी गाय रखने के लिए 900 रुपये प्रति माह यानी 10 हजार 800 रुपये प्रतिवर्ष अनुदान के तौर पर दिए जाएंगे। प्रत्येक गांव में किसान मित्र और किसान दीदी की व्यवस्था भी होगी, जो प्राकृतिक खेती के मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे। इन्हें मानदेय भी दिया जाएगा।

भूमि के संरक्षण के लिए जरूरी है प्राकृतिक खेती

मुख्यमंत्री ने कहा कि रसायनिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हुई है। भूमि की सतह कठोर होने के साथ आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूमि के संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने का आह्वान किया है। मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के दोनों ओर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यशाला को गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने संबोधित किया। इसके तकनीकी सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएसजगन मोहन रेड्डी ने भी अपने विचार रखे।

गेहूं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और बंगाल भेजे गए अधिकारी

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भोपाल । मध्य प्रदेश के गेहूं का निर्यात बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने अधिकारियों को गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल और आंध्र प्रदेश भेजा है। अधिकारी वहां निर्यातकों से बातचीत कर उन्हें मध्य प्रदेश का गेहूं निर्यात करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसके लिए मंडी बोर्ड में पंजीयन का शुल्क भी 3.16 लाख रुपये से घटाकर मात्र 1000 रुपये किया गया है। डेढ़ प्रतिशत मंडी शुल्क की प्रतिपूर्ति भी सरकार करेगी और बंदरगाहों पर अनाज रखने का व्यवस्था भी बनाई गई है ताकि निर्यातकों को परेशानी न हो।

मध्‍य प्रदेश से तीन लाख टन गेहूं निर्यात

मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक विकास नरवाल ने बताया कि गेहूं निर्यात बढ़ाने के लिए उठाए गए इन कदमों के परिणाम सामने आ रहे हैं। अभी तक प्रदेश से तीन लाख टन गेहूं निर्यात किया जा चुका है। अभी तक तीन पंजीयन हुए हैं।

भुगतान नहीं होने की शिकायतें दूर करें: सीएम

उधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गेहूं और चना उपार्जन के साथ ही गेहूं निर्यात को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि उपज बेचने के बाद भुगतान नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। जो भी समस्या है, उसे तत्काल दूर करें। भुगतान में विलंब नहीं होना चाहिए।

किसान के आधार से लिंक खाते में भुगतान करने की व्यवस्था

इस बार किसान के आधार से लिंक खाते में भुगतान करने की व्यवस्था लागू की है। इसमें कुछ समय लगा है। रविवार तक 25 लाख 76 हजार टन गेहूं का उपार्जन किया गया। किसानों को 5191 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। 1107 करोड़ रुपये के भुगतान पत्रक तैयार हो चुके हैं। 24762 किसानों को 344 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। अब प्रतिदिन लगभग 35 हजार किसानों के खातों में पांच सौ करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। दो मई तक सभी लंबित भुगतान कर दिए जाएंगे।

भारत ने पाकिस्तान के 6 और देश के 10 यूट्यूब चैनलों पर लगाया बैन

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देश के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक बार फिर कड़ी कार्रवाई करते हुए गलत सूचनाएं फैलानेवाले 16 यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। इनमें से 6 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल और 10 भारत से चलने वाले यूट्यूब चैनल हैं। इन सभी चैनलों की कुल व्यूवरशिप 68 करोड़ से ज्यादा थी। सरकार का मानना है कि इन चैनलों का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाने और गलत सूचनाएं देकर लोगों को भड़काने के लिए किया जा रहा था। इन चैनलों पर भारत के विदेश मामलों, सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक व्यवस्था को लेकर भी गलत टिप्पणियां की जा रही थीं। इसके अलावा इससे देश की आंतरिक सुरक्षा को भी खतरा था।

मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक इन चैनलों में से किसी ने भी आईटी रूल्स, 2021 के तहत केंद्र सरकार को अपने प्रसारण के बारे में जानकारी नहीं दी थी। मंत्रालय ने कहा कि भारत से चलने वाले कुछ यूट्यूब चैनलों में एक समुदाय विशेष को आतंकवादी कहकर संबोधित किया जा रहा था। इससे अलग-अलग समुदायों के बीच वैमनस्यता पैदा होने का खतरा था। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी तमाम चीजों को ध्यान में रखते हुए ही इन चैनलों को ब्लॉक करने का फैसला लिया गया।

क्या हैं इन चैनलों पर आरोप?

    • सरकार के मुताबिक भारत से ही चलने वाले कई चैनलों पर बिना किसी वेरिफिकेशन के ही समाचारों का प्रसारण हो रहा था।
    • इन पर गलत वीडियोज दिखाए जा रहे थे, जिससे समाज के अलग-अलग वर्गों में भय की स्थिति पैदा हो जाए
    • इन पर कई बार गलत जानकारी दी गई कि सरकार पूरे भारत में कोरोना के चलते लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रही है। इसके चलते माइग्रेट लेबर्स में डर की स्थिति पैदा हुई।
    • इसके अलावा कुछ धर्मों को लेकर गलत जानकारी दी गई और उनके अनुयायियों को खतरा होने की बातें कही गईं। देश की कानून-व्यवस्था के भंग होने का खतरा था।
    • पाकिस्तान स्थित चैनलों से भारत के खिलाफ सुनियोजित ढंग से गलत सूचनाओं का प्रसारण किया जा रहा था
    • इनसे भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर, भारत के विदेश मंत्रालय, यूक्रेन की स्थिति जैसे मसलों पर गलत जानकारी का लगातार प्रसारण किया जा रहा था।
    • मिनिस्ट्री के मुताबिक इन चैनलों का कॉन्टेंट पूरी तरह से गलत पाया गया था। साथ ही यह राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और देश की अखंडता के लिए भी सही नहीं था।

IPL 2022 के ऑरेंज कैप की रेस में कूदे हार्दिक पांड्या

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 नई दिल्ली : मुंबई और पुणे में खेले जा रहे इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के 15वें सीजन का आधा पड़ाव अब समाप्त हो चुका है। 70 लीग मैचों में से कुल 36 मैच खेले जा चुके हैं। आईपीएल 2022 के लगभग आधे पड़ाव के बाद इस बार के सीजन की ऑरेंज कैप इंग्लैंड के बल्लेबाज ने अपना सिर पर सजाई हुई है। जी हां, राजस्थान रॉयल्स के ओपनर जोस बटलर इस वक्त आईपीएल 2022 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।

जोस बटलर ने अब तक खेले सात मैचों में राजस्थान रॉयल्स के लिए 7 मैचों में 81.83 के औसत और 161.51 के स्ट्राइकरेट से 491 रन बना लिए हैं। यहां तक कि जो खिलाड़ी ऑरेंज कैप की रेस में दूसरे नंबर पर है, वो बटलर से करीब 200 रन पीछे है। इस वक्त आईपीएल 2022 के ऑरेंज कैप की रेस में दूसरा नाम हार्दिक पांड्या का है, जो 6 मैचों में 295 रन बना चुके हैं। उनका औसत 73.75 का और स्ट्राइकरेट 136.57 का है।

वहीं, आईपीएल सीजन में ज्यादा रन बनाने की रेस में हर बार की तरह इस बार भी केएल राहुल का नाम टॉप 3 में है। उन्होंने 7 मैचों में 44.17 के औसत और 141.71 के स्ट्राइकरेट से 265 रन बनाए हैं। चौथे पायदान पर आरसीबी के कप्तान फाफ डुप्लेसी का नाम है, जो 8 मैच खेल चुके हैं और 31.88 की औसत और 130 से ज्यादा के स्ट्राइकरेट से 255 रन बना चुके हैं। लिस्ट में पांचवें नंबर पर 254 रनों के साथ पृथ्वी शॉ हैं, जिन्होंने 7 मैचों में इतने रन बनाए हैं।

शिवराज सरकार जम्मू में शहीद CISF जवान के परिजनों को 1 करोड़ की सहायता राशि देगी

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नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ लोहा लेने के दौरान शहीद हुए जवान शंकर प्रसाद पटेल के परिजनों को राज्य सरकार 1 करोड़ रुपये देगी। सीआईएसएफ के एएसआई एसपी पटेल मध्य प्रदेश के सतना जिले के रहने वाले थे। 22 अप्रैल को जम्मू के सुजवान इलाके में हुए आतंकवादी हमले में उनकी शहादत हुई थी। अब राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद जवान के आश्रितों को आर्थिक मदद दिये जाने की बात कही है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बातचीत में कहा है कि आर्थिक मदद देने के अलावा शहीद जवान की प्रतिमा भी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि परिजनों से चर्चा करने के बाद प्रतिमा के लिए उचित जगह तय की जाएगी। जम्मू के भटिंडी सुजवान कैंप के पास सुरक्षा बलों पर आतंकियों ने फायरिंग की। इस पर भारतीय जवानों ने जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिसमें CISF के ASI पटेल शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर मिलते ही उनके घर-गांव में मातम छा गया। शहीद शंकर प्रसाद पटेल मैहर में अमदरा के समीप ग्राम नौगवां के रहने वाले थे।

बता दें कि शंकर प्रसाद CISF में सहायक उप निरीक्षक के तौर पर पदस्थ थे। वे भिलाई छत्तीसगढ़ में पदस्थ थे, जहां से 18 अप्रैल को ही उन्हें स्पेशल ड्यूटी में बटालियन के साथ जम्मू भेजा गया था। वे दो साल बाद यानी 2024 में रिटायर होने वाले थे।

पीएम आवास योजना शहरी के हितग्राहियों को वितरित करेंगे हितलाभ – मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 27 अप्रैल बुधवार को प्रातः11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के एक लाख से अधिक हितग्राहियों को हितलाभ वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री चौहान द्वारा सिंगल क्लिक से 50 हजार से अधिक हितग्राहियों को 500 करोड़ रूपये की राशि का अंतरण किया जायेगा। साथ ही 30 हजार से अधिक हितग्राहियों के आवासों का भूमि-पूजन एवं 21 हजार हितग्राहियों के नवीन आवासों का गृह प्रवेश भी करवाया जायेगा। इन आवासों की कुल लागत लगभग 3900 करोड़ रूपये है। मुख्यमंत्री चौहान हितग्राहियों से संवाद भी करेंगे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह एवं राज्य मंत्री ओ.पी.एस भदौरिया भी शामिल होंगे। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भी कार्यक्रम होंगे। जहाँ क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधियों सहित नागरिक और लाभार्थी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनसम्पर्क के पोर्टल, दूरदर्शन एवं सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से होगा।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर मध्‍यप्रदेश की 18 पंचायतें पुरस्कृत

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भोपाल : राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर के दौरे पर हैं। इस दौरान पीएम ने 20 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें इस केंद्र शासित प्रदेश के दोनों क्षेत्रों के हमेशा एक-दूसरे से जोड़ने वाला बनिहाल-काजीगुंड सड़क सुरंग का उद्घाटन भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में देश भर की ग्राम सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। वह सांबा जिले की पल्ली पंचायत का भी दौरा करेंगे। इस मौके पर पीएम देश के हर जिले में 75 जलाशयों के विकास और पुनर्जीवन के प्रयास के तहत प्रधानमंत्री ‘अमृत सरोवर’ नाम से एक नई पहल की शुरूआत भी करेंगे, साथ ही देश भर की पंचायतों को केंद्रीय पंचायत राज मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कारों का वितरण भी करेंगे। इस श्रेणी में मध्यप्रदेश की दो जिला पंचायतों भोपाल और नरसिंहपुर तथा दो जनपद पंचायतों समेत 18 पंचायत निकायों को पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन पंचायतों के प्रतिनिधियों को रविवार को जम्मू में हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंचायत राज पुरस्कार कार्यक्रम से वर्चुअली जोड़ा गया है।

पुरस्कारों के लिए भोपाल और नरसिंहपुर जिला पंचायत, जनपद पंचायतों में सागर जिले की राहतगढ़ और छतरपुर जिले की बिजावर को शामिल किया गया है, जबकि पंचायत स्तर के पुरस्कारों में सीधी जिले की पंवार चौहान, खंडवा की जेतापुर कला और बिल्लोद माल, हरदा की धनवाड़ा, उज्जैन की धेड़िया, जबलपुर की सिहोदा, इंदौर की गवली पालिसिया, नीमच की केशरपुरा, सागर की हडली, गुना की भुलाया और सनवाड़ा  झाबुआ की गंगाखेड़ी , ग्वालियर की जौरासी,  सीधी की पंवार चौहान ग्राम पंचायत शामिल हैं। पंवार चौहान पंचायतको एक साथ दो पुरस्कार मिलेंगे।

मुंबई में सम्मान: मोदी को पहला लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मंगेशकर परिवार ने इस संबंध में इसी महीने घोषणा की थी। लता मंगेशकर के पिता मास्टर दीनानाथ मंगेशकर की आज 80वीं पुण्यतिथि पर लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार से पीएम मोदी को सम्मानित किया जाएगा।

पल्ली गांव में उमड़ा जनसैलाब, पीएम मोदी ने दी 20,000 करोड़ की सौगात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू का दौरा किया। यह पहला मौका है जब आर्टिकल 370 हटने के बाद पीएम मोदी जम्मू आए। पीएम ने यहां 20,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्धाटन किया। पीएम के दौरे से पहले जम्मू में हुए आतंकी हमलों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे। पीएम को देखने और सुनने विशाल जन समूह उमड़ा।

पीएम मोदी ने कहा, आज अनेक परिवारों को गांवों में उनके घर के प्रॉपर्टी कार्ड भी मिले हैं। 100 जनऔषधि केंद्र जम्मू कश्मीर के गरीब और मिडिल क्लास को सस्ती दवाएं, सस्ता सर्जिकल सामान देने का माध्यम बनेंगे। इस बार पंचायती राज दिवस जम्मू कश्मीर में मनाया जाना एक बड़े बदलाव का प्रतीक है।  ये गर्व की बात जब लोकतंत्र जम्मू कश्मीर में ग्रास रूट तक पहुंचा है, तब यहां से मैं देशभर की पंचायतों से संवाद कर रहा हूं। पिछले 2-3 सालों में जम्मू कश्मीर में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। केंद्र के करीब पौने दो सौ कानून जो यहां लागू नहीं किए जाते थे। हमने जम्मू कश्मीर के हर नागरिक को सशक्त बनाने के लिए उन कानूनों को लागू कर दिया। दशकों-दशक से जो बेड़ियां वाल्मीकि समाज के पांव में डाल दी गई थीं, उनसे वो मुक्त हुआ है। आज हर समाज के बेटे-बेटियां अपने सपनों को पूरा कर पा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में बरसों तक जिन साथियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला, अब उन्हें भी आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, देश भर से जुड़े साथियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज जम्मू-कश्मीर के विकास को गति देने के लिए ये बहुत बड़ा दिन है। न ये भू-भाग मेरे लिए नया है, और न मैं आप लोगों के लिए नया हूं। मैं यहां की बारिकियों से अनेक वर्षों से परिचित रहा हूं। मेरे लिख खुशी की बात है कि आज यहां कनेक्टिविटी और बिजली से जुड़े 20,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है।

आशीष मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किया सरेंडर

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लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीश मिश्रा ने रविवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्र उर्फ सोनू की जमानत खारिज कर दी थी और एक हफ्ते में कोर्ट के सामने पेश होने के आदेश दिया था। कोई उपाय ना देख आशीष मिश्रा ने सोमवार को डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले ही मजिस्ट्रेट के सामने सरेंडर कर दिया। जिसके बाद आरोपी को एक बार फिर जेल भेज दिया गया है। लखीमपुर खीरी के आरोपी के सरेंडर को लेकर इलाके में भारी पुलिसबल की तैनात की गई है।

आशीश मिश्रा को लखीमपुर खीरी में चार किसानों को गाड़ी के कुचलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मामले की जांच कर SIT ने आशीष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की सिफारिश की, और उसकी जमानत का विरोध भी किया था। लेकिन चार महीने जेल में रहने के बाद आरोपी आशीष मिश्र को हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी।

लेकिन उसे जमानत दिए जाने का खूब विरोध हुआ और किसान संगठनों ने तुरंत उनकी जमानत को खारिज करने की मांग की। साथ ही इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए 18 अप्रैल को अपना फैसला सुनाया और आशीष मिश्र की जमानत को खारिज कर दिया।

राजद्रोह के केस में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गये नवनीत और रवि राणा

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मुंबई में हनुमान चालीस पाठ पर विवाद बढ़ता जा रहा है। निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके निर्दलीय विधायक पति रवि राणा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा पाठ का ऐलान किया था, जो शिवसैनिकों ने नहीं होने दिया। इस पर शनिवार को दिनभर हंगामा होता रहा। शाम होते-होते पुलिस ने नवनीत राणा और उनके पति को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि कानून के जानकार गिरफ्तारी पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं भाजपा ने राणा दंपत्ति का साथ दिया, तो भी शिवसैनिक भड़क गए। भाजपा नेता किरीट सोमैया का आरोप है कि थाने में ही उन पर हमला किया गया। कुल मिलाकर पूरे मामले में आज भी हंगामा हो रहा है।

राणा दम्पत्ति को बांद्रा की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जमानत पर 29 अप्रैल को सुनवाई होगी। कोर्ट ने पुलिस कस्डटी की मांग खारिज कर दी। मामला अब हाई कोर्ट आ जा सकता है। नवनीत राणा को भायखला जेल भेजा जा सकता है जबकि रवि राणा को आर्थर रोड़ जेल में शिफ्ट किया जा सकता है। वहीं खबर यह भी है कि नवनीत राणा और रवि राणा के खिलाफ राजद्रोह की धारा 124-A की धारा भी लगाई गई है। अब तक धारा 153 के तहत की कार्रवाई की जा रही थी। ऐसा इसलिए किया गया ताकि दोनों को जमानत न मिल सके।