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पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह ने दी स्वर्ण विजेता निकहत को बधाई

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भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन (52 भारवर्ग) ने गुरुवार को विश्व चैंपियन बन गईं। उन्होंने 52 भारवर्ग के फाइनल में थाईलैंड की जितपोंग जुटामेंस को एकतरफा 5-0 से हरा दिया। तेलंगाना की मुक्केबाज भारत की ऐसी पांचवीं महिला मुक्केबाज हैं जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप में सोने का तमगा अपने नाम किया है। निकहत की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, ”निकहत जरीन को महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शानदार स्वर्ण पदक जीतने के लिए बधाई। मैं मनीषा मौन और परवीन हुड्डा को भी इसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक के लिए बधाई देता हूं।”

अमित शाह ने ट्वीट किया, ”महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर निकहत जरीन को बधाई। भारत को आपकी उपलब्धि पर गर्व है। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।”

भारत को चार साल बाद मिला स्वर्ण
जरीन के स्वर्ण पदक के अलावा मनीषा मौन (57 भारवर्ग) और पहली बार विश्व चैंपियनशिप में खेल रही प्रवीण हुड्डा (63 भारवर्ग) ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इन दोनों को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। निकहत इस बार फाइनल में पहुंचने वालीं पहली भारतीय मुक्केबाज बनीं। सेमीफाइनल में जरीन ने ब्राजील की कैरोलिन डि अलमेडा को भी 5-0 से पराजित किया था। भारत की ओर से 12  सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया था। भारत ने चार वर्ष के बाद स्वर्ण पदक हासिल किया है। इससे पहले 2018 में एम सी मैरीकॉम ने जीता था।

1960 से जिस इलाके पर चीन का अवैध कब्जा, वहां पुल बना रहा ड्रैगन, हमें यह मंजूर नहीं

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भारत ने शुक्रवार को कहा कि चीन द्वारा पैंगोंग झील पर बनाया जा रहा दूसरा पुल उस क्षेत्र में है जो 1960 से उसके अवैध कब्जे में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ने कभी भी भारत के क्षेत्र पर इस तरह के अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हमने चीन द्वारा पैंगोंग झील पर अपने पहले के पुल के साथ एक और पुल के निर्माण की रिपोर्ट देखी है। ये दोनों पुल 1960 के दशक से चीन के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में हैं। बागची इस मामले में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।

इस तरह के अवैध कब्जे स्वीकार नहीं
प्रवक्ता ने कहा, हमने अपने क्षेत्र पर इस तरह के अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है, न ही हमने अनुचित चीनी दावे या ऐसी निर्माण गतिविधियों को स्वीकार किया है। हमने कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग हैं और हम उम्मीद करते हैं कि अन्य देश भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए कि देश के सुरक्षा हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं, बागची ने कहा कि सरकार ने 2014 से विशेष रूप से सड़कों और पुलों के निर्माण सहित सीमा के बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि सरकार न केवल भारत की रणनीतिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बल्कि इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण के उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता ने कहा कि सरकार भारत की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखती है और इसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय करती है। चीनी निर्माण से परिचित लोगों ने बुधवार को कहा कि चीन पूर्वी लद्दाख में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पैंगोंग त्सो के आसपास के क्षेत्र में दूसरा पुल बना रहा है।

कोई भी दल हो, उसे विकासवाद की राजनीति के लिए मजबूर करना है-प्रधानमंत्री

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नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को इस तरह से देखा जाता है जहां पर लोग महत्वाकांक्षा से भरपूर हैं। अब भारत का हर नागरिक काम को पूरा होते देखना चाहता है, वह इसके परिणाम को देखना चाहता है। ऐसी स्थिति में सरकार की जिम्मेदारी बहुत अधिक बढ़ जाती है। पीएम मोदी ने कहा कि जिस एक और विषय पर हमें निरंतर काम करते रहना है वो है देश में विकास वाद की राजनीति की चौतरफा, चारो दिशा में स्थापना होनी चाहिए। कोई भी दल हो, उसको भी विकासवाद की राजनीति पर आने के लिए मजबूर करना है। आज गरीब से गरीब भी अपने आसपास लोगों को योजनाओं का लाभ मिलते देख रहा है। वो आज बहुत विश्वास से कहता है कि एक न एक दिन मुझे भी इस योजना का लाभ अवश्य मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पर, सरकार की व्यवस्थाओं पर, सरकार के डिलीवरी मैकेनिज्म पर किसी समय देश का जो भरोसा उठ गया था। 2014 के बाद जनता जनार्दन के आशीर्वाद से भाजपा सरकार उसे वापस लेकर आई है। मैं सैचुरेशन की बात करता हूं, यह सिर्फ पूर्णता का आंकड़ा भर नहीं है। ये भेदभाव, भाई-भतीजावाद, तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, के चंगुल से देश को बाहर निकालने का माध्यम है। पिछले 8 साल देश के छोटे किसानों, श्रमिकों, मध्यम वर्ग के लोगों की अपेक्षा को पूरा करने वाले रहे हैं। 8 साल के संतुलित विकास, सामाजिक न्याय और सामाजिक सुरक्षा के रहे हैं। माता बहनों, बेटियों के सशक्तिकरण के रहे है, उनकी गरिमा को बढ़ाने वाले साल रहे हैं।

पीएम मोदी ने एनडीए सरकार के 8 साल पूरे होने पर कहा कि येह 8 साल संकल्प के रहे हैं, सिद्धियों के रहे हैं, सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। हमे आराम नहीं करना है। आज भी हम अधीर हैं, बेचैन हैं, आतुर हैं क्योंकि हमारा लक्ष्य भारत को उस उंचाई तक पहुंचाना है जहां का सपना देश की आजादी की लड़ाई में मर-मिटने वालों ने देखा था। आजादी के इस अमृत काल में देश बड़े लक्ष्य के लिए काम कर रहा है। हमे बहुत सी बाते याद रखनी हैं, भाजपा का कार्यकर्ता होने के नाते हमे चैन से बैठने का हक नहीं है, मैं देश के उज्जवल भविष्य को भलि-भांति देख रहा हूं। जब मैं आत्मविश्वास से भरे हुए देश के युवाओं को देखता हूं, कुछ कर गुजरने के हौसले के साथ आगे बढ़ती हुई बहन-बेटियों को देखता हूं तो मेरा आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ जाता है।

राज्य निर्वाचन आयोग की पीएस रेवेन्यू, मतपत्र छपाई की तैयारी शुरू

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भोपाल :सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद प्रदेश में नगरीय एवं पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है। आज की स्थिति में नगरीय निकाय चुनाव में महापौर और अध्यक्ष का चुनाव सीधे न होते हुए पार्षदों के माध्यम से किया जाना है। लेकिन, सूत्रों के मानें तो सरकार जल्द ही इस मामले पर कोई नया फैसला ले सकती है।

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के लिए तैयारियां तेज हो गई है। आज राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह और सचिव राज्य निर्वाचन आयोग राकेश सिंह ने राजस्व विभाग एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी और गवर्नमेंट प्रेस के कंट्रोलर श्रीमन शुक्ला से चर्चा कर मतपत्र, लिफाफे और चुनाव सामग्री की छपाई को लेकर चर्चा की। उधर नगरीय निकाय चुनाव में महापौर और अध्यक्ष के चुनाव फिलहाल अप्रत्यक्ष रूप से ही होंगे। जनता सीधे उन्हें नहीं चुनेगी बल्कि पार्षद उनका चुनाव करेंगे।

राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह से आज मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने मुलाकात की। आयुक्त सिंह ने उन्हें कहा कि पंचायत आम निर्वाचन के लिए मतपत्रों के लिए सफेद, नीले, पीले और गुलाबी रंग के कागजों की व्यवस्था जिलों की मांग के अनुरूप करें। मतपत्र मुद्रण का इंतजाम किया जाए प्रारूप पत्र, लिफाफे का इंतजाम किया जए। जिले की मांग के अनुरूप मुद्रण की व्यवस्था करें। पीएस राजस्व मनीष सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि सभी काम समयसीमा के भीतर कराए जाएंगे।  नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने भी राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह से मुलाकात की।

अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाएंगे मेयर-अध्यक्ष
कांग्रेस सरकार के शासनकाल में किए गए संशोधन के अनुसार ही इस बार नगरीय निकाय चुनावों में महापौर और अध्यक्ष के अप्रत्यक्ष चुनाव कराए जाएंगे। भाजपा सरकार ने इस संशोधन में अब तक किसी तरह का संशोधन नहीं कराया है इसलिए बिना संशोधन के पूर्व की यथा स्थिति बरकरार है। नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह का कहना है कि महापौर और अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में बदलाव के लिए किसी तरह का अध्यादेश विभाग ने प्रस्तावित नहीं किया है। इसलिए पुराने विधेयक और संशोधन के मुताबिक ही चुनाव कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष सिंह का भी कहना है महापौर और अध्यक्ष के सीधे चुनाव कराने का कोई प्रस्ताव सरकार की ओर से प्रस्तावित नहीं किया गया है।

आरक्षण के बाद अधिसूचना जारी करने मिलेगा एक सप्ताह का समय
राज्य निर्वाचन आयोग ने दोनो निकायों की अद्यतन आरक्षण रिपोर्ट 25 मई तक देने को कहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टरों को पंचायतों के आम चुनाव, सरपंच, पंच, जनपद पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों और अध्यक्ष तथा जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों में ओबीवी आरक्षण कराने के लिए आदेश जारी कर दिए है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होंने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव की अधिसूचना जारी करने के लिए एक सप्ताह का समय और मिलेगा।

जिलों में होगा प्रशिक्षण
राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों के लिए 17 मई को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए एक बार प्रशिक्षण का आयोजन मैदानी अफसरों के लिए किया था। इसके बाद दूसरे दौर का प्रशिक्षण एक बार और होना है। जिलों में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से जुड़े अफसरों का चुनाव के लिए मैदानी स्तर पर प्रशिक्षण जिलों में ही किया जाएगा।

अफसरों को व्यवस्था करने निर्देश
राज्य निर्वाचन आयुक्त मैदानी अफसरों से लगातार वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बात कर रहे है।  चुनाव से  जुड़े अधिकारियों से मतपत्र की व्यवस्था, लाजिस्टिक, मैनपावर डिप्लायमेेंट और प्रशिक्षण के लिए चर्चा की जा रही है। इसके अलावा मतदान केन्द्र और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मौजूदा व्यवस्था और आगे की जरुरत पर भी चर्चा हो चुकी है।

भारत प्रतिबंध के बाद मिस्र को गेहूं देने को तैयार हुआ

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नई दिल्ली : भारत ने गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध के बावजूद गेहूं की एक बड़ी खेप मिस्र को भेजी है. मिस्र के अनुरोध के बाद भारत की तरफ से 61,500 टन गेहूं मिस्र को भेजा गया है. गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध के बाद भारत की तरफ से ये किसी देश को दी गई सबसे बड़ी खेप है. मिस्र की तरह ही करीब 12 देशों ने भारत से अनुरोध किया है कि वो उन्हें गेहूं का निर्यात करे.

पूरे मामले से अवगत एक अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए ये जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि कम से कम एक दर्जन देश ऐसे हैं जो भारत से गेहूं के लिए राजनयिक स्तर पर अनुरोध कर रहे हैं.

मिस्र को जितना गेहूं निर्यात किया जाना था, कस्टम ने उसमें से 17,160 टन गेहूं के निर्यात की अनुमति दी. अधिकारी ने बताया कि भारत की तरफ से निर्यात पर प्रतिबंध प्रभावी होने से पहले ही मिस्र को भेजे जा रहे शिपमेंट के लिए क्रेडिट गारंटी सहित अनिवार्य औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं.

मिस्र को भारत की तरफ से गेहूं की शिपमेंट मेरा इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कर रहा है. प्रतिबंध के प्रभावी होने के बाद गेहूं की इस खेप के लिए शिप को कस्टम क्लीयरेंस दिया गया. ये खेप 17 मई को गुजरात के कांडला बंदरगाह से निकल गई थी.

घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत ने लगाया गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध

दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक भारत ने 13 मई को कहा कि वो अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाता है. हालांकि, भारत ने ये जरूर कहा था कि वो खाद्य संकट झेल रहे उन देशों की मदद करेगा जो उनसे मदद की मांग करेंगे. भारत ने ये भी कहा कि प्रतिबंध से पहले जिन देशों के साथ गेहूं निर्यात को लेकर सौदा किया गया है, उन देशों को भी भारत गेहूं निर्यात करेगा.

वहीं, मिस्र को गेहूं भेजे जाने की जानकारी देने वाले अधिकारी ने कहा कि भारत विदेशों से प्राप्त हो रहे गेहूं के अनुरोध पर विचार करेगा. ये देश गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी जल्द ही अनुरोधों की समीक्षा करने के लिए चर्चा करने वाले हैं. हालांकि, अधिकारी ने ये नहीं बताया कि विदेश मंत्रालय को किन देशों से गेहूं के अनुरोध मिल रहे हैं.

भारत सरकार के अनुमानों के अनुसार, भारत में लगातार पांच वर्षों के रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के बाद पहली बार इसमें गिरावट देखने को मिल रही है. फरवरी में अनुमान लगाया गया कि उत्पादन 11.1 करोड़ टन होगा लेकिन उत्पादन 10.5 करोड़ टन ही है. यानी उत्पादन में कम से कम 5.7% की गिरावट आई है.

अप्रैल 2022 में, देश के व्यापारियों ने उच्च वैश्विक मांग और बढ़ी हुई कीमतों का लाभ उठाने के लिए विदेशों में 14 लाख टन गेहूं की बिक्री की. भारत ने वित्त वर्ष में मार्च तक रिकॉर्ड 78 लाख 50 हजार टन निर्यात किया, जो एक साल पहले की तुलना में 275% अधिक है.

24 मई को टोक्यो में होगा चौथा क्वाड सम्मेलन

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24 मई को टोक्यो में चौथा क्वॉड सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें हिस्सा लेने के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी भी जापान जाएंगे। इस दौरान उनकी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के पीएम फुमिओ किशिदा से मुलाकात होगी। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक इसके अलावा उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। पीएम मोदी ऑस्ट्रेलियाई पीएम के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ये हिन्द प्रशांत क्षेत्र और परस्पर हित के दूसरे विश्व मुद्दों पर विचार साझा करने का ये अच्छा अवसर होगा।आपको बता दें कि क्वॉड में सिर्फ चार देश अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान सदस्य हैं।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक अपने दौरे पर पीएम मोदी जापानी बिजनेस लीडर्स के साथ एक बिजनेस इवेंट में हिस्सा लेंगे। साथ ही वह जापान में भारतीय समुदाय से मिलेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी दक्षिण कोरिया और जापान की छह दिन की यात्रा पर रवाना हो गये हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवन ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

सुलीवन ने व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमारा मानना है कि यह सम्मेलन यह प्रदर्शित करेगा कि लोकतंत्र काम करता है और साथ मिलकर काम कर रहे ये चार देश. खुले एवं स्वतंत्र हिंद-प्रशांत के सिद्धांत की रक्षा करेंगे और उसे बरकरार रखेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बताया कि इस सम्मेलन में नयी आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए ‘हिंद-प्रशांत आर्थिक मसौदा’ (आईपीईएफ) लाया जा रहा है।

सुरेन्द्र कोली को आखिरी मामले में मिली फांसी

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नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के आखिरी मामले में मुख्य आरोपी सुरेन्द्र कोली को फांसी की सज़ा सुनाई गई है। इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने अन्य आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को भी देह व्यापार मामले में दोषी पाए जाने पर 7 साल कैद की सजा सुनाई है। ये दोनों आरोपी पहले से ही कई मामलों में डासना जेल में सजा काट रहे हैं।बता दें कि सुरेंद्र कोली को पहले 13 मामलों में फांसी की सजा हो चुकी है। सीबीआई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद उसे 14 बार फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।

निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को 13 मामलों में सबूतों के अभाव में और 3 मामलों में सबूतों के अभाव में बरी किया गया था। अभी तक केवल एक मामले में उसे फांसी दी जानी थी, लेकिन देरी के कारण सुप्रीम कोर्ट ने इसे भी रद्द कर दिया। एक अन्य मामले में हाईकोर्ट की ओर से फांसी में देरी को देखते हुए उसकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया। सीबीआई कोर्ट से मौत की सजा मिलने के बाद भी कई मामले हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।

क्या था निठारी कांड?

निठारी गांव के कोठी नंबर डी-5 में रहनेवाले मोनिंदर सिंह पंढेर ने 7 मई 2006 को निठारी की एक युवती को नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया था। इसके बाद युवती वापस घर नहीं लौटी। युवती के पिता ने नोएडा के सेक्टर 20 थाने में गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच शुरु की तो 29 दिसंबर 2006 को मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पीछे नाले में पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के मानव कंकाल मिले थे। साथ ही कोठी के पास नाले से बच्चों के अवशेष भी मिले। माना जाता है कि यहां से मानव शरीर के अंगों के पैकेट मिले थे, साथ ही कंकालों को नाले में फेंक दिया गया था। डी-5 कोठी में उसका नौकर सुरेंद्र कोली भी रह रहा था। माना जाता है इन सारी हत्याओं को इन दोनों ने मिलकर अंजाम दिया।

मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर कलेक्टर को लगाई फटकार, हरदा को सौंपी जांच

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भोपाल । वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान इधर-उधर देखने और किसी से बात करने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुरहानपुर कलेक्टर प्रवीण सिंह अठायच को जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर से कहा जब हम बोल रहे हैं, तो तुम्हें बोलने का अधिकार नहीं है। वहीं हरदा में भू-अधिकार पत्र की हितग्राही शशि परते को निर्धारित से कम मात्रा में खाद्यान्न् मिलने पर कलेक्टर ऋ षि गर्ग से शुक्रवार को रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा मिस्टर कलेक्टर टीम भेजकर जांच कराओ। मुख्यमंत्री से चर्चा में शशि परते ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से दिया जा रहा पांच किलो प्रति व्यक्ति अनाज उन्हें आज तक नहीं मिला है। ‘मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार” योजना के तहत गुरुवार को मुख्यमंत्री हितग्राहियों को भू-अधिकार पत्र और स्थाई पट्टे वितरित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केंद्र और राज्य की योजनाओं को मिलाकर परते के परिवार को 50 किलो अनाज हर माह मिलना था।

1428 रुपये में मिल गई कब्जे की भूमि

मुख्यमंत्री ने भू-अधिकार पत्र और स्थाई पट्टे पाने वाले हितग्राहियों से बात करते हुए कहा अब आपको कोई तंग नहीं करेगा। यह जमीन आपकी है। अपनी जमीन पर घर बनाकर रहें। जिंदगी के हर मोड़ पर सरकार आपके साथ है।

उन्होंने बालाघाट के अनिल मिश्रा से पूछा, कब से कब्जा था। मिश्रा ने बताया तीन पीढ़ी से कब्जा था। 1428 रुपये भू-भाटक देकर जमीन मिल गई है।

– बड़वानी के हरिओम आटो चालक हैं। वे 30 साल से 37.29 वर्गमीटर भूमि पर काबिज हैं। 12 हजार 791 रुपये भू-भाटक लेकर उन्हें भूमि का पट्टा दिया गया। कलेक्टर ने बताया कि इस भूमि की कीमत दो लाख से अधिक है। हरिओम ने बताया बेटी की पढ़ाई संबल योजना के तहत करा रहे हैं।

– हरदा की शशि परते ने बताया 35 साल से कब्जा है। आज अधिकार मिलने से अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा बेटी की शादी की चिंता है, तो मुख्यमंत्री ने कहा चिंता क्यों करते हो। मैं तो हूं। ये अधिकार पत्र है अब सीना तानकर कहो, ये मेरी है।

मुरैना के जितेंद्र शाक्य रिक्शा चालक हैं। वे बताते हैं कि 20 साल से कब्जा था, निकाय के कर्मचारी और दबंग परेशान करते थे। जितेन्द्र ने बताया बेटी नेहा डाक्टर बनना चाहती है। मुख्यमंत्री ने नेहा से भी बात की।

जो सामाजिक व्यवस्था से छेड़छाड़ करें, विद्वेष अशांति फैलाएं, उनके विरुद्ध सख्त एक्शन हो: CM शिवराज

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भोपाल : सिवनी में दो आदिवासियों की हत्या के बाद वहां कानून व्यवस्था को लेकर की गई कार्यवाही की एसआईटी जांच के उपरांत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार सुबह सिवनी और नीमच के कलेक्टर एसपी को तलब कर कहा कि जो लोग सामाजिक व्यवस्था से छेड़छाड़ करें और समुदायिक विद्वेष व अशांति फैलाने का काम करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त एक्शन होना चाहिए। सिवनी में पीएम आवास प्लस स्कीम में नाम जुड़वाने के नाम पर पैसे मांगे जाने समेत करप्शन व अन्य मामलों में कुछ जिम्मेदार अफसरों की सूची दिखाते हुए सीएम ने कहा कि इनके विरुद्ध वे जांच करा रहे हैं और एक्शन लेंगे।

उन्होंंने कहा कि गोवंश के परिवहन और गौवध में लिप्त व्यक्तियों और इससे जुड़े माफिया की पड़ताल कर इस नेटवर्क को ध्वस्त करें। विकास और जन सेवा से हमें विभिन्न समुदायों में विश्वास पैदा कर सामाजिक समरसता को बनाए रखना है। हमारा प्रयास यह है कि किसी भी कीमत पर विभिन्न समुदायों में दूरियां नहीं बढ़ें। मुख्यमंत्री दबंगों और माफियाओं के अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि की जानकारी भी प्राप्त की। सिवनी कलेक्टर ने बताया कि अब तक 200 एकड़ भूमि मुक्त कराई गई है, यह भूमि प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री भू-अधिकार योजना के लिए सुरक्षित रखी गई है।

पेयजल व्यवस्था की रिपोर्ट ली
मुख्यमंत्री चौहान ने सिवनी जिले में पेयजल की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी कार्यों की अपडेट रिपोर्ट ली। चौहान ने एल एंड टी कंपनी को  कार्य शीघ्र पूर्ण करने और जिला अधिकारियों को जलापूर्ति की व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा की अमृत सरोवर के अंतर्गत 15 जून तक अधिक से अधिक कार्य पूर्ण किए जाएं। करप्शन कर रहे अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करें।

कांग्रेस हिंदुओं के मुद्दों पर बोलने में दिलचस्पी नहीं लेती -हार्दिक पटेल

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नई दिल्ली : कांग्रेस से इस्तीफा देने के एक दिन बाद पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने पर कोई निर्णय नहीं लिया है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर बगैर कोई नजरिया रखे काम करने के आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी के नेताओं पर भी सवाल उठाए।

28 वर्षीय पटेल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस का कोई दृष्टिकोण नहीं है और पार्टी के नेता गुजराती लोगों से पक्षपात करते हैं। गुजरात में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और पटेल ने बुधवार को यह कहते हुए कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं का ध्यान अपने मोबाइल फोन में लगा रहता है और गुजरात कांग्रेस के नेता उनके लिए चिकन सैंडविच का प्रबंध करने में लगे रहते हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह भारतीय जनता पार्टी या आप में शामिल हो सकते हैं, पटेल ने गुरुवार को कहा, “मैंने अभी तक किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है चाहे वह भाजपा हो या आप।” कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी कभी हिंदुओं के मुद्दों, जैसे कि सीएए या वाराणसी की मस्जिद में मिले शिवलिंग आदि पर कुछ नहीं बोलती।

पटेल ने कहा, “इसके अलावा गुजरात कांग्रेस में जातीय राजनीति बहुत ज्यादा होती है। मैंने पार्टी में तीन साल बर्बाद किये।” पटेल को जुलाई 2020 में गुजरात प्रदेश कांग्रेस का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था।

गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान पटेल ने पार्टी को काम करने के तरीके पर भी घेरा। उन्होंने कहा, ‘7-8 लोग 33 साल से कांग्रेस को चला रहे हैं। मेरे जैसे कार्यकर्ता हर रोज 500-600 किमी की यात्रा करते हैं। अगर मैं लोगों के बीच जाता हूं और उनके हालात जानने की कोशिश करता हूं, तो यहां बड़े नेता एसी कमरों में बैठकर मेरे प्रयासों में बाधा डालने की कोशिश करते हैं।’