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राजस्थान सरकार की तरह छत्तीसगढ़ में भी लागू हो पुरानी पेंशन

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रायपुर । राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजक संजय शर्मा ने कहा है कि राजस्थान सरकार की तरह छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन पुनः लागू किया जाए। जनघोषणा पत्र में कांग्रेस सरकार ने जो पुरानी पेंशन लागू करने का वादा किया है, उसे भी पूरा किया जा सकता है।

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पुरानी पेंशन देना राज्य सरकार के अधीन

उन्होंने कहा है कि राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने का विषय राज्य सरकार के अधीन है। अब छत्तीसगढ़ सरकार इस पर तत्काल निर्णय ले। कर्मचारियों के अलग से 10 फीसद अंश जमा राशि 90 अरब को सरकार ब्याज में लेकर विकास कार्य बढ़ा सकती है, अभी बड़ी संख्या में NPS कर्मचारी रिटायर नहीं हो रहे हैं। अतः ज्यादा राशि के भुगतान का भार नहीं आएगा। एनपीएस हटाकर ओपीएस लागू करने से सरकार को विकास के लिए कुल 180 अरब की राशि प्राप्त हो सकता है।

प्रति वर्ष करीब 20 अरब राज्य शासन का बचत

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे ,लैलूंन भारद्वाज , रोहित तिवारी, तुलसी साहू, निर्मल साहू, डा. रवि बंजारे, एसपी देवांगन, बीबी जायसवाल, महेंद्र सिंह राजपूत, शैलेंद्र सोनी, संतोष कुमार वर्मा, राष्ट्रीय आईटी सेल प्रभारी बसंत चतुर्वेदी ने कहा है कि अपैल 2022 से 4 फीसद राज्यांश का निर्णय लिया गया है। पुरानी पेंशन लागू करने से राज्य सरकार द्वारा 14 प्रतिशत राज्यांश राशि जमा नहीं करने पर प्रति वर्ष करीब 20 अरब छत्तीसगढ़ राज्य शासन का बचत होगा।

एनपीएस से बुढ़ापे में गुजर बसर मुश्किल

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जनघोषणा पत्र में कहा गया है कि सीपीएफ पर विचार कर, 2004 के पूर्व जो पेंशन योजना थी उसे लागू करने की कार्यवाही की जाएगी, परंतु अभी तक छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुरानी पेंशन बहाली हेतु सार्थक पहल नही किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 1 नम्वबर 2004 से नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू की गई है। नवीन अंशदायी पेंशन योजना बाजार आधारित योजना है, इस योजना से सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को अल्प पेंशन का भुगतान हो रहा है, जिससे बुढ़ापे में उनका गुजर बसर अत्यंत पीड़ादायक होता जा रहा है।

T20 सीरीज में टीम इंडिया ने लगातार तीसरी विपक्षी टीम का किया क्लीन स्वीप

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भारतीय टीम का टी20 इंटरनेशनल सीरीज में विजयी अभियान लगातार जारी है। भारतीय टीम ने जो सिलसिला साल 2021 के टी20 विश्व कप के आखिरी तीन मैच जीतकर शुरू किया था, वो सिलसिला अभी भी जारी है। इतना ही नहीं, टीम इंडिया ने लगातार तीसरी टी20 सीरीज में सामने वाली टीम को क्लीन स्वीप किया है। भारत ने इस बार श्रीलंकाई टीम का सूपड़ा साफ किया है।

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धर्मशाला के एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हरा दिया और इसी के साथ लगातार तीसरी टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया। भारत ने इससे पहले वेस्टइंडीज को 3-0 से और उससे पहले पिछले साल के आखिर में न्यूजीलैंड को 3-0 से हराया था। इस तरह भारत का इस प्रारूप में जीत का सिलसिला जारी है।

इस मैच की बात करें तो श्रीलंकाई टीम के कप्तान दसुन शनाका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। हालांकि, कप्तान का ये फैसला सही साबित नहीं हुआ, लेकिन श्रीलंकाई टीम ने कप्तान शनाका की 38 गेंदों में 74 रन की तूफानी पारी के दम पर स्कोर बोर्ड पर 146 रन ठोक दिए। हालांकि, ये टारगेट भारतीय बल्लेबाजी क्रम के आगे बौना साबित हुआ।

भारतीय टीम ने 147 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी शुरुआत हासिल नहीं की थी, लेकिन श्रेयस अय्यर ने टीम को जिताकर ही दम लिया। उन्होंने 45 गेंदों में 9 चौके और 1 छक्के की मदद से 73 रन बनाए और टीम इंडिया को 6  विकेट से जीत दिलाने में अहम योगदान दिया। भारतीय टीम ने 147 रन का लक्ष्य 16.5 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

रुस के साथ वार्ता को तैयार हुआ यूक्रेन

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रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। दोनों तरफ भारी नुकसान हुआ है। शुरू में लग रहा था कि यूक्रेन कमजोर पड़ रहा है और जल्द घुटने टेक देगा, लेकिन ऐसा नहीं है। यूक्रेन की तरफ से भी रूस को भारी नुकसान पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं। यूक्रेन का तो यहां तक कहना है कि उसने रूस के 3500 सैनिक मार गिराए हैं। ताजा खबर यह है कि यूक्रेन और रूस के बीच बातचीत से मामला सुलझाने के रास्ते खुल गये हैं। यूक्रे ने बेलारुस में रुसी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत पर सहमति जताई है, और अपना एक प्रतिनिधिमंडल बेलारूस भेजा है। रुस ने पहले ही अपना प्रतिनिधिमंडल वहां भेज दिया था। हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की चाहते थे कि ये वार्ता किसी वारसॉ, इस्तांबुल और बाकू में हो और इसलिए पहले उन्होंने वार्ता में शामिल होने से इंकार कर दिया था।

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अमेरिका ने चीन को दी चेतावनी

इस बीच, अमेरिका और चीन के बीच तनातनी शुरू हो गई है। दरअसल, रविवार सुबह अमेरिका ने चीन को चेतावनी जारी कि वह रूस का साथ देना बंद करे, अन्यथा बुरे परिणाम भुगतने होंगे। चीन ने भी जवाब देने में देर नहीं की और अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि रूस पर केवल आर्थिक प्रतिबंध लगाने से कुछ नहीं होगा। चीन ने सवाल दी कि अमेरिका को इस समस्या का राजनीतिक हल निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयास करने होंगे।

क्या होकर रहेगा तीसरा विश्व युद्ध (WWIII)

हमलों का आदेश देते समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि यदि कोई देश यूक्रेन के समर्थन में आया तो गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे। ताजा खबर यह है कि जर्मनी और फ्रांस ने यूक्रेन की मदद में कदम आगे बढ़ाए हैं। जर्मनी ने पहली बार यूक्रेन को अपने हथियार दिए हैं। वहीं फ्रांस ने बेलारूस से कहा है कि वह अपने यहां से रूसी सेना को भगाए। बता दें, बेलारूस शुरू से रूस के साथ है और से पुतिन की आर्मी ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया था। कुल मिलाकर यूक्रेन और रूस की जंग अब बढ़ती जा रही है। अन्य महाशक्तियों के शामिल होने से तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाएं उठने लगी हैं।

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अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- अब WWIII की विकल्प

इससे पहले रविवार सुबह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का बड़ा बयान आया। उन्होंने कहा, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दो ही विकल्प छोड़े है। या तो तीसरा विश्वयुद्ध हो जाए या रूस पर आर्थिक बैन लगाए जाएं। यही कारण है कि अमेरिका व अन्य देशों ने प्रतिबंधों का ऐलान किया है।

मारोयोपोल में रूसी हमले में ग्रीस के 10 नागरिकों की मौत हो गई है। इसके बाद ग्रीस भी रूस के खिलाफ भड़क गया है और ग्रीस में रूसी राजदूत को तलब किया गया है।

रूस के हमले के तीसरे दिन शनिवार को देर रात रूसी सेना की कमांडो टुकड़ी यूक्रेन की राजधानी कीव के मुहाने पर आ गई और वहां उसकी यूक्रेनी सैनिकों की आमने-सामने की लड़ाई शुरू हो गई। यह टुकड़ी टैंकों और भारी सैन्य वाहनों के लिए रास्ता बनाने के उद्देश्य से आगे आई है।

इससे पहले राजधानी में रूसी एजेंटों की मौजूदगी की बात मेयर कह चुके हैं और कहा है कि वे रूसी सेना के लिए काम कर रहे हैं। शनिवार को दिन भर कीव को तीन तरफ से घेरकर रूसी टैंक गोलों की बरसात करते रहे, जबकि आसमानी रास्ते से क्रूज मिसाइल लक्ष्यों को निशाना बना रही हैं।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि कीव से महज 30 किलोमीटर दूर रूसी सेना ने भारी जमावड़ा लगा रखा है। रूसी सेना राजधानी के नजदीक अपनी स्थिति मजबूत करती जा रही है। अमेरिका रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है। जबकि राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि सेना और सरकार का राजधानी पर पूरा नियंत्रण बना हुआ है और हम पूरी ताकत से हमलों का मुकाबला कर रहे हैं।

होली-रंगमंचमी धूमधाम से मनाओ, गेर भी निकालो – सीएम शिवराज

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 इंदौर। इंदौर शहर में इस बार 22 मार्च को रंगपंचमी पर गेर निकलेगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को बुढ़ी बरलाई की सभा में कहा कि कोरोना जा रहा है। होली-रंगपंचमी धूमधाम से मनाओ, गेर भी निकालो। गेर को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा सि्थति स्पष्ट करने के बाद गेर आयोजकों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। दो साल से कोरोना के कारण शहर की इस सांस्कृतिक परंपरा पर विराम लग गया था, लेकिन इस बार खुशियों की गेर का सिलसिला फिर शुरू होगा, हालांकि जिस रुट से गेर निकलती है, उसके बड़े हिस्से पर निर्माण कार्य चल रहा है, ऐसे में इस साल रुट में बदलाव हो सकता है।

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गेर को लेकर मुख्यमंत्री के बयान के बाद उत्सव समितियों का गेर निकालने को लेकर उत्साह दुगना हो गया है। संगम कार्नर रंग पंचमी महोत्सव समिति के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल का कहना है कि गेर को लेकर सि्थति स्पष्ट होने के बाद प्रशासन को अब समितियों की तैयारियों में सहयोग देना चाहिए। वर्तमान में गेर मार्ग पर निर्माण कार्य चल रहा है। उसे जल्द ठीक किया जाना चाहिए। टोरी कार्नर रंग पंचमी महोत्सव समिति के समन्वयक शेखर गिरी का कहना है कि दो साल बाद एक बार फिर दुगने उत्साह के साथ हम गेर निकालने की तैयारी हम कर रहे है। मारल क्लब के आयोजक अभिमन्यु मिश्रा ने बताया कि गेर को लेकर कार्यकर्ता में बहुत उत्साह है। इसके लिए महाराष्ट्र के अमरावती की 100 सदस्यी ढोल पार्टी को बुलाया जा रहा है।

धुलेंडी के बाद रंगपंचमी पर गेर निकालने की परंपरा आजादी के पहले से चली आ रही है। होलकर राजवंश के समय राजपरिवार के लोग रंगपंचमी पर जुलूस की शक्ल में लोगों के साथ रंग खेलने के लिए सड़कों पर निकलते थे। इंदौर के अलावा मालवा-निमाड़ के कुछ नगरों में भी रंगपंचमी पर गेर निकाली जाती है। समय के साथ गेर में बदलाव हुए होते रहे। अब गेर में 40-50 फुट तक रंगों की बौछार करती मिसाइलें, पिचकारी, वाटर टैंकर शामिल होते है।

चित्रकूट में नानाजी की पुण्यतिथि में हुआ देश की नई शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय विचार

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चित्रकूट/सतना। भारत रत्न नानाजी देशमुख की 12 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान एवं महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के संयोजन में दीनदयाल परिसर के विवेकानंद सभागार में नानाजी की दृष्टि में राष्ट्र निर्माण : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। जिसमें मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रदीप जोशी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक और भारत में कृषि शिक्षा के सचिव डा. त्रिलोचन महापात्रा के साथ प्रदेश के अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपतियों सहित मध्य प्रदेश से बाहर के 12 राज्यों के कुलपतियों ने उद्घाटन सत्र में सहभागिता की। हाईब्रिड मोड़ में प्रारंभ इस संगोष्ठी में प्रख्यात चिंतक एबीएम राजू, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं संयोजक राष्ट्रीय संगोष्ठी एनसी गौतम, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर भरत मिश्रा, दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव अतुल जैन और संगठन सचिव अभय महाजन उपस्थित रहे।

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मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि नानाजी का शैक्षिक चिंतन उनके अन्य सामाजिक आयामों के चिंतन की तरह अति विशिष्ट था, नयापन लिए हुए था। देश में जिस महत्‍वाकांक्षी दस्तावेज राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारत निर्माण के लिए आवश्यक शिक्षा का सपना देखा, उसे नाना जी ने चित्रकूट में वर्ष 1991 में सोच रखा था। यह जानकार सुखद अनुभूति होती है कि नाना जी के शैक्षिक चिंतन पर आधारित नवाचार और अभिनव प्रयोग चित्रकूट के ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ प्रारंभ हुए हैं। आज मध्य प्रदेश सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को पूरी तत्परता और समर्पण के साथ प्रतिबद्धता पूर्वक लागू करने वाले राज्यों में सबसे आगे है। नाना जी के चिंतन के विचार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समाहित हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधान प्रभावी ढंग से लागू होते हैं तो नाना का शैक्षिक चिंतन भी देश के कोने कोने में पहुंचेगा। अतः हमारे लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इसीलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समग्र रूप में लागू किए जाने की जो चुनौतियां सम्मुख हैं उन पर विचार विमर्श कर उन्हें एक रोडमैप, एक ब्लूप्रिंट बने यही इस संगोष्ठी का प्रमुख लक्ष्य है। देशभर से विद्वान जन आ चुके हैं मुझे विश्वास है कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के माध्यम से बड़े-बड़े शिक्षाविदों के तमाम मंथन के बाद जो अमृत निकलेगा वह निश्चित तौर पर शिक्षा क्षेत्र में एक नया मार्ग प्रशस्त करेगा। शिक्षा नीति पर दो दिवसीय इस विचार संगोष्ठी में रविवार को भी मंत्रियों और वीआइपी शामिल रहेंगे जिसमें नानाजी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में रविवार को मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम, प्रदेश के वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डा. कुंवर विजय शाह, प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, प्रदेश की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग मंत्री ऊषा ठाकुर, प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार सतना पहुंचेंगे और यहां से चित्रकूट में कार्यक्रम में शामिल होंगे।

नानाजी का चिंतन सदैव समग्रता पर रहा: डा. त्रिलोचन महापात्रा

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज जो शिक्षा के किसी भी आयाम पर देश सोच रहा है उसे नाना जी ने तीन दशकों पहले ही क्रियान्वित करना प्रारंभ कर दिया था, यह उनकी दूरदृष्टि थी। नाना जी का चिंतन सदैव समग्रता पर रहा और इसलिए उन्होंने ग्रामोदय विश्वविद्यालय की परिकल्पना की। जिसमें ग्रामीण जीवन के बहुआयामी जीवन के समस्त पक्षों को प्रधानता मिल सके।

संगोष्ठी के निष्कर्ष पूरे देश को दिशा देने वाले होंगे: प्रदीप जोशी

संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने नानाजी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मैं विविध सेवाओं के लिए चयन के लिए देश की सर्वोच्च संस्था के प्रतिनिधि के रूप में मंच में हूं, इसलिए इस देश के युवाओं की नौकरी के प्रति आकर्षण का प्रत्यक्ष गवाह हूं। भारत जैसे देश में चाह कर भी सभी को नौकरी देना संभव नहीं है और इस बात की आवश्यकता महसूस करते हुए नाना जी ने वर्षो पूर्व शिक्षा में नौकरी के बजाय स्वावलंबी बनने पर जोर दिया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सभी आत्मनिर्भर भारत का स्वर सबसे मुखर है मुझे विश्वास है कि संगोष्ठी के निष्कर्ष पूरे देश को दिशा देने वाले होंगे।

यूक्रेन की महिला सांसद ने उठाई बंदूक, बोलीं- रूस के खिलाफ जंग को तैयार

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रूस और यूक्रेन के बीच जंग का आज तीसरा दिन है। एक तरफ रूसी सैनिक धीरे-धीरे आगे बढ़कर यूक्रेन की धरती को नेस्तनाबूत कर कब्जा कर रहे हैं तो दूसरी ओर यूक्रेन घुटने टेकने को तैयार नहीं है। यूक्रेन का कहना है कि वह आखिरी दम तक लड़ता रहेगा। इस बीच यूक्रेन की सांसद किरा रुडिक ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की है। उन्होंने तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा कि यूक्रेन का हर पुरुष और महिला रूसी दमनकारियों के आगे हथियार उठाने के लिए तैयार है। उनकी तस्वीर अब दुनियाभर में वायरल हो रही है।

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रूस और यूक्रेन के बीच जंग ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। एक तरफ रूसी सैनिक धीरे-धीरे राजधानी कीव में आगे बढ़ रहे हैं तो दूसरी ओर यूक्रेन की सरकार सरेंडर करने को तैयार नहीं दिख रही है। खबर है कि अमेरिका और पश्चिमी देश सीधे तौर पर लड़ाई में नहीं उतरे लेकिन यूक्रेन को हथियार देकर मदद कर रहे हैं। इस बीच यूक्रेन के युवा रूसी सैनिकों के खिलाफ लड़ाई में आगे आए हैं।

इन्हीं में एक हैं यूक्रेन की सांसद किरा रुडिक। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है कि यूक्रेन का हर पुरुष और महिला हथियार उठाने और हमलावर रूसी सेना के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है। कलाश्निकोव राइफल के साथ रूडिक की तस्वीर 25 फरवरी को पोस्ट करने के बाद ट्विटर पर वायरल हो गई है।

“हम युद्ध शुरू करने वाले नहीं हैं, हम एक शांतिपूर्ण देश हैं। फिर वे आते हैं और उनके कारण मेरे जैसे लोग जिन्हें हथियार नहीं उठाना चाहिए था, वे ऐसा कर रहे हैं। हम जो मानते हैं उसके लिए लड़ने के लिए तैयार हैं, न कि जीतने और दूसरों से कुछ हथियाने के लिए, लेकिन ये हमारी स्वतंत्रता, हमारे लोगों, हमारे राष्ट्र की रक्षा के लिए है।”

यूहर दिन ’15 खरब रुपये’ खर्च कर रहा रूस क्रेन से जंग में

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रूस के लिए यूक्रेन के खिलाफ जंग आसान नहीं होने वाली है। खुफिया सूत्रों ने दावा किया है कि यूक्रेन के साथ व्लादिमीर पुतिन का युद्ध क्रेमलिन के ‘अति आत्मविश्वास’ और ‘खराब सामरिक योजना’ की भेंट चढ़ जाएगा। इसके अलावा अपने देश के अस्तित्व के लिए लड़ने वाले यूक्रेनियन जवान रूस के आगे आसानी से घुटने टेकने को तैयार नहीं हैं।

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शनिवार को एक वीडियो सामने आया जिसमें यूक्रेन की सेना ने कथिततौर पर राजधानी कीव पर कब्जा करने के लिए बढ़ रहे रूसी वाहनों को सफलतापूर्वक खदेड़ दिया। वीडियो में यूक्रेन के दक्षिण में खेरसॉन के पास जेड-चिह्न वाले तबाह हो चुके रूसी काफिले को दिखाया गया है।

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अब तक रूस के लगभग 2,800 सैनिक, 80 टैंक, 516 बख्तरबंद वाहन और 10 हवाई जहाजों और सात हेलीकॉप्टर मार गिराए हैं।

भारत ने दूसरे टी20 मैच में श्रीलंका को 7 विकेट से हराया, सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाई

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भारत ने श्रीलंका को दूसरे टी20 मैच में 7 विकेट से हरा दिया है। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल करते हुए सीरीज अपने नाम की। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए। इसके जवाब में भारत ने 3 विकेट खोकर 17.1 ओवर में 186 रन बनाकर ये मैच जीता। भारत की ओर से श्रेयस अय्यर ने 41 गेंद में 70 रन की पारी खेली।

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भारत T20 वर्ल्ड कप 2021 में उपविजेता न्यूजीलैंड के हाथों मिली हार के बाद से अब तक कोई मैच नहीं हारा है। रोहित की कप्तानी में टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 से और वेस्टइंडीज के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप की है। वहीं, श्रीलंका के खिलाफ जारी तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम दूसरा मैच जीतकर सीरीज में 2-0 से आगे है। भारत ने शनिवार को ही टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी लगातार 11वीं जीत दर्ज की है। भारत ने इससे पहले, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में लगाातार 7 T20 मैच जीते थे।

ऋतुराज गायकवाड़ T20I सीरीज से बाहर , मयंक अग्रवाल टीम में शामिल

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भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ श्रीलंका के साथ जारी तीन मैचों की टी20 सीरीज से बाहर होने के बाद अब नेशनल क्रिकेट अकेडमी (एनसीए) जाएंगे, जहां वह अपनी चोट से उबरने पर काम करेंगे। बीसीसीआई ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। गायकवाड़ ने दाहिनी कलाई में दर्द की शिकायत थी, जिससे उनकी बल्लेबाजी प्रभावित हो रही थी। इस वजह से वह पहले टी20 के लिए चयन के लिए अनुपलब्ध थे। बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने उनकी जांच करने के बाद पाया कि उन्हें एनसीए जाना होगा।

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BCCI की ऑल इंडिया सीनियर सेलेक्शन कमेटी ने टी20 सीरीज के बाकी बचे मैचों के लिए गायकवाड़ की जगह मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया है। मयंक धर्मशाला में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़ चुके हैं, जहां टीम को शनिवार को अपना दूसरा मैच खेलना है।

भारत के तीन खिलाड़ी हुए बाहर

सूर्यकुमार यादव और दीपक चाहर के बाहर होने के बाद ऋतुराज मौजूदा टीम से बाहर होने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। दोनों को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी टी20 मैच के दौरान चोट लग गई थी।

अतरंगी आउटफिट छोड़ उर्फी जावेद ने ग्रीन सूट में लूटा फैंस का दिल

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बिग बॉस ओटीटी (Bigg Boss OTT) फेम उर्फी जावेद (Urfi Javed) सुर्खियों का हिस्सा बनी रहती हैं. वह आए दिन अजीबो-गरीब आउटफिट्स में तस्वीरें और वीडियो शेयर करती रहती हैं जिसकी वजह से चर्चा का हिस्सा बन जाती हैं. वह अपने कपड़ों के साथ एक्सपेरिमेंट करती रहती हैं जिसकी वजह से ट्रोल्स के निशाने पर आ जाती हैं. उनके ड्रेसिंग स्टाइल की वजह से कई लोग उन्हें टोकते रहते हैं मगर उर्फी को किसी की बातों का फर्क नहीं पड़ता है. वह हमेशा अपने मन की करती हैं. अतरंगी कपड़े पहनने वाली उर्फी ने इस बार ट्रेडिशनल अवतार फैंस को दिखा दिया है. जिसे देखने के बाद फैंस उनपर अपना दिल हार बैठे हैं.

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उर्फी ने इस बार अतरंगी कपड़े छोड़ ग्रीन कलर के सूट में वीडियो शेयर की है. जिसमें वह अपना दुपट्टा संभालती नजर आ रही हैं. उर्फी सिंपल से लुक में बेहद खूबसूरत लग रही हैं. उनके इस लुक से कोई नजर नहीं हटा पा रहा है और उनकी ढेर सारी तारीफ कर रहे हैं.

फैंस हुए दीवाने

उर्फी ने पार्क में अपना ये वीडियो शूट करवाया है. उन्होंने ग्रीन सूट के साथ झुमके पहने हुए हैं. खुले बाल और सिंपल मेकअप. उर्फी के फैंस उनकी इस वीडियो पर खूब कमेंट कर रहे हैं. उर्फी के पोस्ट पर एक फैन ने लिखा- बहुत सुंदर लग रही हो.  वहीं दूसरे ने लिखा- हाय, साथ में फायर इमोजी पोस्ट की.

वर्कफ्रंट की बात करें उर्फी के हाल ही में कई म्यूजिक वीडियो रिलीज हुए हैं. उनके ये गाने रिलीज होते ही वायरल हो गए हैं. उर्फी के म्यूजिक वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वह काफी एक्टिव रहती हैं और अपने अतरंगी अंदाज में तस्वीरें और वीडियो शेयर करती रहती हैं. उर्फी को रील्स बनाने का काफी चौक है. वह आए दिन ट्रेंडिंग गानों पर डांस करते हुए वीडियो बनाती रहती हैं.