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पीएम आवास योजना शहरी के हितग्राहियों को वितरित करेंगे हितलाभ – मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 27 अप्रैल बुधवार को प्रातः11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के एक लाख से अधिक हितग्राहियों को हितलाभ वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री चौहान द्वारा सिंगल क्लिक से 50 हजार से अधिक हितग्राहियों को 500 करोड़ रूपये की राशि का अंतरण किया जायेगा। साथ ही 30 हजार से अधिक हितग्राहियों के आवासों का भूमि-पूजन एवं 21 हजार हितग्राहियों के नवीन आवासों का गृह प्रवेश भी करवाया जायेगा। इन आवासों की कुल लागत लगभग 3900 करोड़ रूपये है। मुख्यमंत्री चौहान हितग्राहियों से संवाद भी करेंगे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह एवं राज्य मंत्री ओ.पी.एस भदौरिया भी शामिल होंगे। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भी कार्यक्रम होंगे। जहाँ क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधियों सहित नागरिक और लाभार्थी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनसम्पर्क के पोर्टल, दूरदर्शन एवं सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से होगा।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर मध्‍यप्रदेश की 18 पंचायतें पुरस्कृत

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भोपाल : राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर के दौरे पर हैं। इस दौरान पीएम ने 20 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें इस केंद्र शासित प्रदेश के दोनों क्षेत्रों के हमेशा एक-दूसरे से जोड़ने वाला बनिहाल-काजीगुंड सड़क सुरंग का उद्घाटन भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में देश भर की ग्राम सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। वह सांबा जिले की पल्ली पंचायत का भी दौरा करेंगे। इस मौके पर पीएम देश के हर जिले में 75 जलाशयों के विकास और पुनर्जीवन के प्रयास के तहत प्रधानमंत्री ‘अमृत सरोवर’ नाम से एक नई पहल की शुरूआत भी करेंगे, साथ ही देश भर की पंचायतों को केंद्रीय पंचायत राज मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कारों का वितरण भी करेंगे। इस श्रेणी में मध्यप्रदेश की दो जिला पंचायतों भोपाल और नरसिंहपुर तथा दो जनपद पंचायतों समेत 18 पंचायत निकायों को पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन पंचायतों के प्रतिनिधियों को रविवार को जम्मू में हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंचायत राज पुरस्कार कार्यक्रम से वर्चुअली जोड़ा गया है।

पुरस्कारों के लिए भोपाल और नरसिंहपुर जिला पंचायत, जनपद पंचायतों में सागर जिले की राहतगढ़ और छतरपुर जिले की बिजावर को शामिल किया गया है, जबकि पंचायत स्तर के पुरस्कारों में सीधी जिले की पंवार चौहान, खंडवा की जेतापुर कला और बिल्लोद माल, हरदा की धनवाड़ा, उज्जैन की धेड़िया, जबलपुर की सिहोदा, इंदौर की गवली पालिसिया, नीमच की केशरपुरा, सागर की हडली, गुना की भुलाया और सनवाड़ा  झाबुआ की गंगाखेड़ी , ग्वालियर की जौरासी,  सीधी की पंवार चौहान ग्राम पंचायत शामिल हैं। पंवार चौहान पंचायतको एक साथ दो पुरस्कार मिलेंगे।

मुंबई में सम्मान: मोदी को पहला लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मंगेशकर परिवार ने इस संबंध में इसी महीने घोषणा की थी। लता मंगेशकर के पिता मास्टर दीनानाथ मंगेशकर की आज 80वीं पुण्यतिथि पर लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार से पीएम मोदी को सम्मानित किया जाएगा।

पल्ली गांव में उमड़ा जनसैलाब, पीएम मोदी ने दी 20,000 करोड़ की सौगात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू का दौरा किया। यह पहला मौका है जब आर्टिकल 370 हटने के बाद पीएम मोदी जम्मू आए। पीएम ने यहां 20,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्धाटन किया। पीएम के दौरे से पहले जम्मू में हुए आतंकी हमलों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे। पीएम को देखने और सुनने विशाल जन समूह उमड़ा।

पीएम मोदी ने कहा, आज अनेक परिवारों को गांवों में उनके घर के प्रॉपर्टी कार्ड भी मिले हैं। 100 जनऔषधि केंद्र जम्मू कश्मीर के गरीब और मिडिल क्लास को सस्ती दवाएं, सस्ता सर्जिकल सामान देने का माध्यम बनेंगे। इस बार पंचायती राज दिवस जम्मू कश्मीर में मनाया जाना एक बड़े बदलाव का प्रतीक है।  ये गर्व की बात जब लोकतंत्र जम्मू कश्मीर में ग्रास रूट तक पहुंचा है, तब यहां से मैं देशभर की पंचायतों से संवाद कर रहा हूं। पिछले 2-3 सालों में जम्मू कश्मीर में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। केंद्र के करीब पौने दो सौ कानून जो यहां लागू नहीं किए जाते थे। हमने जम्मू कश्मीर के हर नागरिक को सशक्त बनाने के लिए उन कानूनों को लागू कर दिया। दशकों-दशक से जो बेड़ियां वाल्मीकि समाज के पांव में डाल दी गई थीं, उनसे वो मुक्त हुआ है। आज हर समाज के बेटे-बेटियां अपने सपनों को पूरा कर पा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में बरसों तक जिन साथियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला, अब उन्हें भी आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, देश भर से जुड़े साथियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज जम्मू-कश्मीर के विकास को गति देने के लिए ये बहुत बड़ा दिन है। न ये भू-भाग मेरे लिए नया है, और न मैं आप लोगों के लिए नया हूं। मैं यहां की बारिकियों से अनेक वर्षों से परिचित रहा हूं। मेरे लिख खुशी की बात है कि आज यहां कनेक्टिविटी और बिजली से जुड़े 20,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है।

आशीष मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किया सरेंडर

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लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीश मिश्रा ने रविवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्र उर्फ सोनू की जमानत खारिज कर दी थी और एक हफ्ते में कोर्ट के सामने पेश होने के आदेश दिया था। कोई उपाय ना देख आशीष मिश्रा ने सोमवार को डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले ही मजिस्ट्रेट के सामने सरेंडर कर दिया। जिसके बाद आरोपी को एक बार फिर जेल भेज दिया गया है। लखीमपुर खीरी के आरोपी के सरेंडर को लेकर इलाके में भारी पुलिसबल की तैनात की गई है।

आशीश मिश्रा को लखीमपुर खीरी में चार किसानों को गाड़ी के कुचलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मामले की जांच कर SIT ने आशीष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की सिफारिश की, और उसकी जमानत का विरोध भी किया था। लेकिन चार महीने जेल में रहने के बाद आरोपी आशीष मिश्र को हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी।

लेकिन उसे जमानत दिए जाने का खूब विरोध हुआ और किसान संगठनों ने तुरंत उनकी जमानत को खारिज करने की मांग की। साथ ही इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए 18 अप्रैल को अपना फैसला सुनाया और आशीष मिश्र की जमानत को खारिज कर दिया।

राजद्रोह के केस में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गये नवनीत और रवि राणा

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मुंबई में हनुमान चालीस पाठ पर विवाद बढ़ता जा रहा है। निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके निर्दलीय विधायक पति रवि राणा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा पाठ का ऐलान किया था, जो शिवसैनिकों ने नहीं होने दिया। इस पर शनिवार को दिनभर हंगामा होता रहा। शाम होते-होते पुलिस ने नवनीत राणा और उनके पति को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि कानून के जानकार गिरफ्तारी पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं भाजपा ने राणा दंपत्ति का साथ दिया, तो भी शिवसैनिक भड़क गए। भाजपा नेता किरीट सोमैया का आरोप है कि थाने में ही उन पर हमला किया गया। कुल मिलाकर पूरे मामले में आज भी हंगामा हो रहा है।

राणा दम्पत्ति को बांद्रा की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जमानत पर 29 अप्रैल को सुनवाई होगी। कोर्ट ने पुलिस कस्डटी की मांग खारिज कर दी। मामला अब हाई कोर्ट आ जा सकता है। नवनीत राणा को भायखला जेल भेजा जा सकता है जबकि रवि राणा को आर्थर रोड़ जेल में शिफ्ट किया जा सकता है। वहीं खबर यह भी है कि नवनीत राणा और रवि राणा के खिलाफ राजद्रोह की धारा 124-A की धारा भी लगाई गई है। अब तक धारा 153 के तहत की कार्रवाई की जा रही थी। ऐसा इसलिए किया गया ताकि दोनों को जमानत न मिल सके।

इस साल पड़ेंगे चार ग्रहण, अप्रैल माह से हो रही शुरुआत

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वर्ष 2022 में कुल चार ग्रहण पड़ेंगे जिसमें दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण होंगे। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि अप्रेल माह से ग्रहण लगने का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। सूर्य और चंद्र ग्रहण का हमारे जीवन में बड़ा महत्व होता है। ये ऐसी दुर्लभ घटनाएं होती हैं, जिनसे हमारा वर्तमान और भविष्य प्रभावित हो जाता है। हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना गया है। इसलिए ग्रहण के दौरान कुछ नियमों का पालन करना अति आवश्यक है। जिससे ग्रहण के दुष्‍प्रभावों से बचा जा सके। ग्रहण शुरू होने से पहले ही खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए, ताकि इन पर ग्रहण का बुरा असर न पड़े। इस दौरान कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए। मंदिर के पट बंद रखना चाहिए। घर पर ही भगवान की आराधना करना चाहिए। ग्रहण के दौरान गर्भवती स्त्रियों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। ग्रहण समाप्ति के बाद स्‍नान दान जरूर करना चाहिए ऐसा करने से ग्रहण का अशुभ फल कम होता है।

वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण:

वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल की मध्य रात्रि व 1 अप्रैल की पूर्व रात्रि 12:15 से मोक्ष रात्रि 4:08 तक रहेगा। यह ग्रहण भारत मे दृश्य नही होने से इसका सूतक भी यहां नही लगेगा।

वर्ष का दूसरा सूर्य ग्रहण:

वर्ष का दूसरा सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को पड़ेगा। इसका स्पर्श समय दोपहर 4:31 बजे से मोक्ष समय 5:57 बजे तक होगा। यह सूर्य ग्रहण भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा। यह सूर्यग्रहण स्वाति नक्षत्र एवं तुला राशि पर होगा। इस लिए इस राशि वालो को रोग, पीड़ा व कष्ट हो सकते है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर के इलाकों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में यह ग्रहण देखा जा सकेगा। यह सूर्य ग्रहण इस साल की सबसे बड़ी दुर्लभ घटना होगी। इस दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा कुछ इस तरह आ जाएगा कि लोगों को सूर्य 63 प्रतिशत ढंका नजर आएगा। सम्पूर्ण भारत मे जहां पर भी ग्रहण दृश्य होगा वह ग्रसता ग्रस्त होगा। इसका सूतक सुबह 4:31बजे से प्रारम्भ होगा।

वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण:

वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण 16 मई को खग्रास चंद्र ग्रहण होगा। जो सुबह 7.02 बजे से शुरू होकर 12.20 बजे तक रहेगा। ये ग्रहण भारत मे दृश्य नही होगा।

वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण:

वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण 8 नवम्बर को पड़ेगा जो दोपहर 1:32 बजे से शाम 7.27 बजे तक रहेगा। यह भी पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। भारत मे इस समय दिन होगा, जिस कारण यह ग्रहण भारत मे मोक्ष होता हुआ ग्रस्तोदय रूप में दृश्य होगा। भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर के इलाकों में आसानी से देखा जा सकेगा। जबकि देश के बाकी हिस्सों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा।

हनुमान चालीसा पाठ पर हंगामा, आमने-सामने सांसद नवनीत राणा और शिवसैनिक

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मुंबई में हनुमान चालीसा पाठ पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) अपने पति रवि राणा के साथ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने पर अड़ी हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, नवनीत राणा और उनके पति को अपने समर्थकों के साथ शनिवार सुबह मातोश्री पहुंचना था और हनुमान चालीसा का पाठ करना था। वहीं इन्हें रोकने के लिए भारी संख्या में शिवसैनिक मातोश्री के बाहर जमा हो गए हैं। शिवसैनिकों का कहना है कि वे नवनीत राणा को हनुमान चालीसा के नाम पर राजनीति नहीं करने देंगे। टकराव के हालात बने हुए हैं और पुलिस को हालात काबू करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सीएम शिवराज ने पीएम नरेंद्र मोदी से मिलकर इंदौर में होने वाली इंवेस्टर समिट में आने का दिया न्योता

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की और केंद्र एवं राज्य की योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री को सात व आठ जनवरी 2023 को इंदौर में प्रस्तावित इंवेस्टर समिट में आने का न्योता भी दिया। बताया जा रहा है कि तब तक महाकाल कारीडोर का काम भी पूरा हो जाएगा और प्रधानमंत्री कारीडोर का लोकार्पण भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 9 जनवरी 2023 को इंदौर में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट का इस मुलाकात की जानकारी दी और लिखा कि मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी परिवर्तनकारी योजनाएं लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव कैसे ला रही हैं।

मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे प्रधानमंत्री से मिले। करीब एक घंटे की इस मुलाकात में चौहान ने प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश आने का न्योता दिया और प्रदेश के गेहूं की अन्य देशों में मांग, निर्यात नीति, रोजगार दिवस, गौरव दिवस, केंद्र सरकार की फ्लेक्सिब योजनाओं में प्रदेश के प्रदर्शन, इथेनाल नीति, अमृत सरोवर और कृषि विविधिकरण की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया को बताया कि प्रदेश से अभी 20 लाख टन गेहूं निर्यात हो सकता है। मिस्र (इजिप्ट) ने भी प्रदेश का गेहूं लेने की इच्छा जाहिर की है। वहां की टीम भी आने वाली है। वहीं निर्यात नीति में हम निर्यातकों को कई सुविधाएं दे रहे हैं।

हर महीने रोजगार दिवस मनाने और दो लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री से इसके संबंध में चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गौरव दिवस (गांव-शहर का जन्म दिवस) मनाने की परंपरा शुरू की है। 14 हजार गांव और 31 नगरीय निकायों में कार्यक्रम हो चुके हैं। यह गांव की तस्वीर बदलने का अभियान है। केंद्र की फ्लेक्सिब योजनाओं में प्रदेश का प्रदर्शन बहुत अच्छा है। यह भी प्रधानमंत्री को बताया।

स्वतंत्रता दिवस पर सरोवर स्थल पर लहराएगा तिरंगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आव्हान किया था कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर एक जिले में कम से कम 75 सरोवर तो बनें। हम प्रदेश में तीन हजार आठ सौ अमृत सरोवर बना रहे हैं। ये साधारण सरोवर नहीं होंगे। जनभागीदारी से सौंदर्यीकरण कराएंगे। स्वतंत्रता दिवस पर अमृत सरोवर स्थल पर ही ध्वजारोहण किया जाएगा।

ई-वाउचर नंबर से मिलेगा योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी योजनाओं में ई-रुपये का उपयोग बढ़ा रहे हैं। हम ई-वाउचर नंबर देंगे। जिसे दिखाकर चिन्हित दुकानों से निर्धारित वस्तु खरीदी जा सकेगी। वर्तमान में इसके लिए राशि दी जाती है। हमने इथेनाल नीति बनाई और 50 करोड़ लीटर इथेनाल का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कृषि के विविधीकरण का आव्हान किया था। मप्र ने इसकी नीति बनाई है। तिलहन फसलों का अधिक उत्पादन करेंगे। जिससे खाद्य तेल खरीदने के लिए विदेशों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मार्गदर्शन दिया है। उस आधार पर कई योजनाएं बनाएंगे और पुरानी को अपडेट करेंगे और उनकी अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करेंगे। प्रदेश की तरक्की की दिशा में यह भेंट महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

किसान को लहसुन-प्याज की कीमत नहीं मिली तो लगाई उठक-बैठक

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भोपाल : मध्य प्रदेश में इन दिनों किसानों को कई फसलों की कीमत नहीं मिल रही है जिससे वे परेशान हैं। बुंदेलखंड के सागर जिले की रहली तहसील का एक किसान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह कसम खा रहा है कि अब दोबारा लहसुन-प्याज की खेती नहीं करेगा। इस किसान का वीडियो बुंदेलखंड में जमकर वायरल हो रहा है। मध्य प्रदेश में इन दिनों कई फसलें अच्छी आई हैं लेकिन इससे किसान की हालत खराब भी रही है। सागर के रहली क्षेत्र के एक किसान ने अपने तीन एकड़ खेत में लहसुन और प्याज की खेती की थी। इसकी अच्छी पैदावार हुई तो प्याज 5-6 रुपए किलोग्राम बिकी और लहसुन 15 से 25 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बाजार में बिका। संदई गांव के राधेश्याम नामक के इस किसान ने गांव में सबके सामने उठक-बैठक की। उसने गांव वालों के सामने कसम खायी कि अब वह कान पकड़ता है कि कभी भी दोबारा लहसुन-प्याज की खेती नहीं करेगा। इस किसान का गांव वालों ने वीडियो बना लिया है जो वायरल हो रहा है। राधेश्याम कह रहा है कि उसने साहूकार से उधार लेकर लहसुन-प्याज लगाया था तो वह उधार वापस मांग रहा है।

चने की जगह लगाया था लहसुन-प्याज
बताया जाता है कि खेती में मुनाफा कमाने के लिए कई किसानों ने गेहूं-चना की जगह लहसुन-प्याज की खेती की थी। अब जब फसल की बाजार में आवक शुरू हुई तो लहसुन और प्याज के भाव बहुत कम मिले। कई किसानों के पास लहसुन-प्याज के स्टॉक के लिए व्यवस्था नहीं है तो वे उसे अभी मिल रहे औने-पौने दाम में ही बेच रहे हैं।

इ-खसरा परियोजना मध्‍य प्रदेश में किसानो के लिए बनी वरदान

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भोपाल : मध्य प्रदेश के किसानों (MP Farmers) के लिए बड़ी खबर हैं। दरअसल किसानों को अब खाते के खसरा और नक्शा की नकल निकालने के लिए पटवारी के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। घर बैठे उनके सारे काम आसान किए जाएंगे। इसके लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। किसान भू अभिलेख की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन अथवा एमपी ऑनलाइन पोर्टल एवं लोक सेवा केंद्र के माध्यम से खेती किसानी से जुड़े खसरा की प्रतिलिपि के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही साथ डिजिटल हस्ताक्षर दस्तावेज भी डाउनलोड कर प्राप्त कर सकते हैं।

आई नवीन जानकारी के मुताबिक किसानों के सुविधा के लिए कंप्यूटर सेंटर स्थापित कर दिए गए हैं। वहीं ₹30 प्रति पेज के शुल्क पर कोई भी किसान खतरा और नक्शा की नकल प्राप्त कर सकता है। साथ ही भू अभिलेख की वेबसाइट mpbhulekh.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कर अथवा एमपी ऑनलाइन पोर्टल कियोस्क के जरिए किसान किसानी से जुड़े खसरा की प्रतिलिपि, B1 की प्रतिलिपि, नक्शा की प्रतिलिपि, खसरा की प्रतिलिपि, खाता खसरा की प्रतिलिपि के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

वही वेबसाइट से प्रमाणित और अप्रमाणित दोनों प्रकार की प्रतिलिपि प्राप्त की जा सकेगी। एक तरफ जहां प्रमाणित प्रतिलिपि के लिए शुल्क होने हैं। वही ऑनलाइन भुगतान विभिन्न माध्यम से किया जा सकेगा। हालांकि अप्रमाणित प्रतिलिपि को निशुल्क रखा जाएगा। कलेक्टर कार्यालय की माने तो राष्ट्रीय भूअभिलेख आधुनिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत भू-अभिलेख आयुक्त और बंदोबस्त ने खसरा परियोजना को लागू किया है। भू अभिलेख अधीक्षक, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारियों की आईडी मॉडिफिकेशन अपडेशन का कार्य किया जा रहा है।

इ-खसरा परियोजना के तहत सभी तहसील में आईटी सेंटर स्थापित किए गए हैं। जिसमें किसानों को उनकी मांग के अनुसार प्रमाणित खसरा बीवन नक्शा की प्रतिलिपि प्रति पृष्ठ ₹30 में उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके लिए प्रमाणित प्रतिलिपि के सभी भूमि रिकॉर्ड डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होंगे और नागरिकों को वित्तीय लेनदेन भूमि रजिस्ट्री सहित अन्य राजस्व विभाग कार्य में उपयोगी साबित होंगे।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

  • ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले mpbhulekh.gov.in पर रजिस्टर्ड करें।
  • इसके लिए रजिस्टर इज अ पब्लिक यूजर के विकल्प पर पंजीयन करें।
  • साथ ही पंजीयन करने के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड का विकल्प उपलब्ध होगा।
  • यूजर आईडी और पासवर्ड भरने के बाद लोगिन करें
  • लॉगिन के बाद खसरा की प्रतिलिपि, b1 की प्रतिलिपि, नक्शा की प्रतिलिपि, खसरा की प्रतिलिपि, आदेश की प्रतिलिपि आदि विकल्प का चयन कर किसान आवेदन करने की पात्रता रखेंगे।