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बंगाल कैबिनेट का फैसला, अब बंगाल के विश्वविद्यालयों की चांसलर होंगी सीएम

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल की कैबिनेट ने फैसला किया है कि अब राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के चांसलर गवर्नर नहीं बल्कि मुख्यंत्री होंगी। राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्या बसु ने कहा कि इस फैसले को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है और अब विधानसभा में कानून में संशोधन करके इसे लागू किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले राज्य के विश्वविद्यालयों का चांसलर गवर्नर होते थे जो कि कुलपतियों की भी नियुक्ति करते थे।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही विश्विद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति को लेकर बंगाल में रस्साकसी की खबरें सामने आई थीं. बंगाल की ममता सरकार ने आरोप लगाया था कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य सरकार की सहमति के बिना कई कुलपतियों की नियुक्ति कर दी. इसलिए राज्यपाल की शक्तियां कम करने के लिए ममता सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है.

बता दें कि केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच 36 के आंकड़े जगजाहिर हैं. हाल ही में सीएम ममता बनर्जी को कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया था.

इस साल जनवरी में सीएम ममता ने गवर्नर जगदीप धनखड़ को ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया था. ममता ने कहा था कि वो बंगाल के गवर्नर के ट्वीट से परेशान हो गई थीं, जिसके बाद उन्होंने जगदीप धनखड़ को ब्लॉक कर दिया. इस दौरान ममता बनर्जी ने गर्वनर धनखड़ पर गंभीर आरोप भी लगाए थे.

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़, चीफ सेक्रेटरी और पुलिस महानिदेशक को धमकी दे रहे थे. ममता ने कहा था कि उन्होंने गर्वनर जगदीप धनखड़ के बारे में पीएम को कई पत्र लिखे कि वह नहीं सुन रहे हैं. उन्होंने कहा था कि धनखड़ कई फाइलों को मंजूरी नहीं देते हैं.

रवींद्र जडेजा बने नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर, रविचंद्रन अश्विन नंबर-2 पर

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भारत में इस वक्त इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्लेऑफ मुकाबले चल रहे हैं, तो इस बीच आईसीसी ने ताज़ा रैंकिंग जारी की है. (ICC Test Ranking) भारत के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) एक बार फिर टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 ऑलराउंडर बन गए हैं, जबकि रविचंद्रन अश्विन नंबर-2 पर हैं. कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली भी बल्लेबाजों की रैंकिंग में टॉप-10 में छाए हुए हैं.

रवींद्र जडेजा इस वक्त दुनिया के नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं, उनके 385 प्वाइंट हैं. उनके बाद रविचंद्रन अश्विन का नंबर है, जिनके 341 प्वाइंट हैं. आईपीएल में खेल रहे जेसन होल्डर तीसरे नंबर पर हैं, जिनके 336 प्वाइंट हैं. ऑलराउंडर से अलग अगर बॉलर्स की रैंकिंग देखें तो उसमें टॉप-5 में पांच भारतीय हैं, रविचंद्रन अश्विन नंबर-2 और जसप्रीत बुमराह नंबर-3 पर बरकरार हैं.

महापौर को जनता, नगर पालिका और परिषद के अध्यक्षों को चुनेंगे पार्षद

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भोपाल । मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव अब प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों प्रणाली से होंगे। नगर निगम के महापौर सीधे जनता द्वारा चुने जाएंगे। जबकि, नगर पालिका और नगर परिषदों के अध्यक्षों का चुनाव पार्षदों के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने अध्यादेश के प्रारूप में संशोधन किया है, जिसके कानून पहलूओं का विधि एवं विधायी ने परीक्षण भी कर लिया है। अब राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनुमति के बाद इसे राजपत्र में अधिसूचित करके प्रभावी किया जाएगा।

नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, इसको लेकर काफी दिनों से मंथन चल रहा था। कमल नाथ सरकार के फैसले में परिवर्तन करते हुए पार्षदों की जगह सीधे जनता से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव करने का निर्णय पहले लिया गया था। इसके लिए मध्य प्रदेश नगर पालिका विधि में संशोधन के लिए अध्यादेश का मसौदा राजभवन भी भेज दिया था लेकिन इसमें फिर संशोधन का निर्णय लिया गया।

आनन-फानन में गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राजभवन को अभी अध्यादेश का कोई मसौदा नहीं भेजा गया है। उधर, सूत्रों ने बताया कि महापौर और अध्यक्ष का सीधे निर्वाचन करने वाले अध्यादेश के मसौदे को वापस लेकर नया प्रस्ताव तैयार किया गया। इसमें सिर्फ महापौर का चुनाव सीधे जनता के माध्यम से कराए जाने का प्रविधान किया गया है।

प्रस्ताव को नए सिरे से तैयार कर विधि विभाग से मंजूरी ली गई। इसके मुताबिक नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का चुनाव पार्षदों के माध्यम से कराया जाएगा। दरअसल, नगरीय क्षेत्रों मंे भाजपा की स्थिति मजबूत है, इसलिए काफी विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रदेश में सोलह नगर निगम हैं और महापौर पद का आरक्षण 2020 में हो चुका है।

तीन विकल्प पर किया गया विचार

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने के लिए तीन विकल्पों पर विचार किया गया। पहला- महापौर और अध्यक्ष पद का चुनाव सीधे जनता से कराए जाएं।

दूसरा- महापौर का जनता और नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्ष पदों का चुनाव पार्षदों से कराया जाए।

तीसरा- महापौर और नगर पालिका के अध्यक्ष पदों का चुनाव जनता और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव पार्षद के माध्यम से कराया जाए। तीनों विकल्पों को मद्देनजर रखते हुए अध्यादेश के तीन प्रारूप भी तैयार किए गए लेकिन अंतिम सहमति सिर्फ महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने पर बनी।

प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव जीतने सांसदों को नड्डा की नसीहत

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भोपाल : प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान जिन पोलिंग बूथ पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है, उन बूथों पर जीत की प्लानिंग में भाजपा जुट गई है। इसको लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एमपी प्रवास के पहले सभी सांसदों की क्लास ली और उसमें भाजपा की सीट से चुनाव हारने वाले व हार वाले पोलिंग बूथों के कार्यकर्ताओं को भी तलब कर जीत की प्लानिंग के बारे में चर्चा की है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा एक जून से तीन जून तक एमपी के दौरे पर आने वाले हैं। उनके दौरे के ठीक एक हफ्ते पहले प्रदेश के सभी 28 सांसदों की बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई है। बैठक में केंद्रीय संगठन मंत्री भी जुड़े हैं। सूत्रों के अनुसार नड्डा ने साफ कहा है कि जहां पार्टी ने जीत हासिल की है, उन बूथों का ध्यान तो रखना है लेकिन उन बूथों पर अधिक फोकस करना है जहां पिछले चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। उसके कारण तलाशें, लोगों से संवाद करें। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व खजुराहो सांसद वीडी शर्मा समेत अन्य पार्टी नेता भी इस बैठक से प्रदेश कार्यालय के जरिये नड्डा की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। बैठक में जनोपयोगी कामों पर जोर दिये जाने और पब्लिक कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया। हितग्राहीमूलक योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क और संवाद की बात भी कही गई है।

हर सांसद 30 कार्यकर्ताओं के साथ बैठे
पार्टी के निर्देश थे कि नड्डा की वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान हर सांसद अपने क्षेत्र के तीस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में शामिल होंगे। कई जगह हारे हुए पार्टी प्रत्याशियों को भी बुलाया गया। लोकसभा चुनाव की तैयारियों के साथ विधानसभा को फोकस कर बुलाई गई इस बैठक में पार्टी नेतृत्व ने कहा कि चूंकि बूथ डिजिटलीकरण और बूथ विस्तार अभियान के जरिये पार्टी ने अपनी अलग पहचान बनाई है, इसलिए नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव में मिलने वाली जीत आपकी ताकत बताएगी।

मेरे पास अवैध शराब बिक्री की खबर, आप क्या कर रहे हैं?- CM

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नरसिंहपुर जिले में अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें आ रही हैं। कलेक्टर इस पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेकर काम करें। यहां नशे के कारोबार को लेकर भी शिकायतें हैं। रायसेन और नरसिंहपुर जिलों के प्रभारी मंत्री आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए खिलौने जुटाने वैसा प्रयोग करें जैसा राजधानी में हुआ है। यहां तीन घंटे में लोगों ने दस ट्रक सामान आंगनबाड़ियों के लिए दिए हैं। इसके साथ ही पंचायतों में निर्विरोध प्रतिनिधि चुने जाएं, इसके लिए भी प्रभारी मंत्री संवाद करें ताकि शासन की गरीब कल्याण की योजनाओं के जरिये ऐसी पंचायतों में एक समान काम कराए जा सकें।

सीएम चौहान ने ये बातें बुधवार को सुबह 6.30 बजे नरसिंहपुर, रायसेन के प्रभारी मंत्रियों,कलेक्टर, एसपी के साथ जिलों की समीक्षा बैठक में कहीं। वीडियो कांंफ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि समरस पंचायतों के मामले में प्रभारी मंत्रियों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके लिए कोशिश करें। नरसिंहपुर कलेक्टर रोहित सिंह ने सोशल मीडिया के जरिये समस्याओं के निदान के नवाचार की जानकारी दी। लॉ एंड आॅर्डर की स्थिति पर चर्चा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि कोई बड़ा क्राइम पिछले एक साल में नहीं हुआ। रेत के विवाद भी नहीं हो रहे हैं। स्मैक के खिलाफ अभियान चलाया है, 32 प्रकरणों से 100 ग्राम स्मैक पकड़ी है। 79 लोगों को सजा हुई है। इस पर सीएम चौहान ने कहा कि मैं संतुष्ट नहीं हूँ। अवैध शराब बिक्री की खबर मेरे पास है। आप क्या कर रहे हैं? आप अंदर गहराई में जाओ।  स्मैक के खिलाफ सामाजिक अभियान चलाएँ। लोगों को साथ लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ संगठन हैं जो समाज को तोड़ने और देश को कमजोर करने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों को आइडेंटिफाई करें। इसके साथ ही एनजीओ के काम में तेजी लाने के लिए भी कहा गया।

लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करें
मंडीदीप में पेयजल समस्या के मामले में प्रमुख सचिव नगरीय विकास से भी सीएम ने बात की और कहा कि जो ठेकेदार सही काम नहीं कर रहा है, उसे ब्लैकलिस्ट कर कार्यवाही करें। ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की स्थिति को लेकर सीएम ने प्लान भेजने को कहा। उदयपुरा के कांट्रक्टर पर कसावट के निर्देश दिए। अमृत सरोवर को लेकर कलेक्टर दुबे ने बताया कि 101 साइट पर काम चल रहा है। जनभागीदारी से कम हो रहा है। तालाब और चेक डैम का चयन किया है। सभी साइट पर स्थानीय लोगों की कमेटी बनी है। सीएम ने इसे एप्रिसिएट कर कहा कि अमृत सरोवर के फोटो मेरे कार्यालय भेजें। रेत के खनन के मामले में जब्त होने वाले वाहन अवैध होने पर राजसात करने के निर्देश सीएम ने दिए। सीएम ने कहा कि जिनका पीएम आवास योजना का मकान है, ऐसे गरीबों को मुफ्त में रेत दे दो। गरीब को रेत मिल जाए तो उसकी लागत बच जाएगी।

रायसेन में सहकारी बैंकों की दशा सुधारने हुए काम को सराहा
रायसेन जिले की समीक्षा के दौरान सीएम चौहान ने जिला प्रशासन से कहा कि आप पहले संकल्प यही लें कि समाज के सहयोग से आंगनबाड़ी में बच्चों में कुपोषण दूर करना है। इसे रस्मी तौर पर नहीं करना है। आप परंपरा बनाएँ और जनता को साथ लेकर आंगनवाड़ी को स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कार का केंद्र बनाएँ। कलेक्टर अरविन्द दुबे ने जिले में किए गए नवाचार के बारे में बताया कि रायसेन में 90% आबादी कृषि आधारित है। कोआॅपरेटिव बैंक की स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए हमने ठाना कि इसकी स्थिति सुधारी जाए। हमने रेट आॅफ इंट्रेस्ट बढ़ाया, हमने वसूली की। हमने 110 करोड़ रुपए फर्टिलाइजर का पेमेंट कर दिया है। सीएम ने इसकी सराहना की और मिलावटी फर्टिलाइजर की शिकायतों के बारे में जानकारी ली तो कलेक्टर ने कहा कि ऐसी कम्प्लेन नहीं है।

कपिल सिब्बल ने कांग्रेस छोड़ी सपा के समर्थन से राज्यसभा जाने की तैयारी

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नई दिल्ली : कांग्रेस पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वाले कपिल सिब्बल ने सोनिया गांधी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस छोड़ने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी और उनका व्यवहार मेरे प्रति सद्भावपूर्ण था। पार्टी से इस्तीफे को लेकर कपिल सिब्बल ने बातचीत में कहा, ‘कांग्रेस से इस्तीफा देना आसान नहीं था। परिवार को छोड़ना आसान नहीं था। लेकिन आपको एक वक्त में फैसला लेना ही होता है। कांग्रेस ने मुझे बहुत कुछ दिया है, लेकिन मैं हमेशा एक स्वतंत्र आवाज के तौर पर पहचान रखता रहा हूं। मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा चुनाव के लिए पर्चा दाखिल किया है और समाजवादी पार्टी मुझे समर्थन कर रही है।’

कपिल सिब्बल ने कहा कि मैंने 16 मई को ही कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाांधी से मीटिंग को लेकर कपिल सिब्बल ने कहा कि यह निजी मुलाकात थी और उनका व्यवहार मेरे प्रति बहुत अच्छा था। बीते साल अगस्त से कांग्रेस से तनाव बढ़ने को लेकर कहा कि मुझे जो भी महसूस हुआ था, वह मैंने कहा था। अब मैं कांग्रेस से बाहर हूं और उसके आंतरिक मामले को लेकर कुछ नहीं कहूंगा। यही नहीं जी-23 के भविष्य को लेकर भी उन्होंने कहा कि मैं इससे बाहर हूं और मेरी ओर से यह चैप्टर समाप्ट हो गया है।

तृणमूल कांग्रेस समेत कुछ और दलों की ओर से संपर्क किए जाने पर कपिल सिब्बल ने कहा कि यह निजी मसला था, जिसके बारे में बता नहीं कर सकता। लेकिन मेरी प्राथमिकता में किसी दल के साथ जुड़ना नहीं था। मेरी इस पोजिशन को समाजवादी पार्टी ने स्वीकार कर लिया। गौरतलब है कि कपिल सिब्बल ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पैरवी भी सुप्रीम कोर्ट में थी। माना जा रहा है कि आजम खान के लिए कानूनी जंग लड़ने के इनाम के तौर पर ही समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपने समर्थन से राज्यसभा भेजने का फैसला लिया है।

पहले ये समझ लेते हैं कि आखिर सिब्बल की मदद को सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान से क्यों जोड़कर देखा जा रहा है. दरअसल, आजम खान हाल ही में जेल से रिहा होकर लौटे हैं. उनके ऊपर 80 से ज्यादा मुकदमे थे, जिसके चलते उन्हें 27 महीने से ज्यादा समय जेल में गुजारना पड़ा. इससे भी बड़ी बात ये कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लंबे वक्त तक आजम खान की जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके चलते वो बाहर नहीं आ पा रहे थे. इस मामले को फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जहां आजम खान की तरफ से वकील के तौर पर कपिल सिब्बल ने मोर्चा संभाला और कामयाबी हासिल की.

आजम खान ने सिब्बल की खूब तारीफ की

जेल से रिहा होने के बाद अपने पहले बयान में खुद आजम खान ने कपिल सिब्बल की तारीफ की. आजम खान ने यहां तक कहा था कि उनके पास शब्द नहीं है कि वो कैसे कपिल सिब्बल का शुक्रिया अदा करें.

एक तरफ आजम खान ने सिब्बल की तारीफ की तो दूसरी तरफ वो अपनी ही पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के प्रति तंज भरे अंदाज में बयान भी देते रहे. यहां तक कि आजम खान विधानसभा पहुंचे तो वहां अखिलेश के बगल वाली उनकी सीट खाली पड़ी रह गई और वो शपथ लेते ही रामपुर लौट आए.

लेकिन मौजूदा राज्यसभा चुनाव के लिए जिन खाली सीटों पर अखिलेश को प्रत्याशी उतारने थे, उसमें अखिलेश ने बड़ा दांव चल दिया. अब कहा ये जा रहा है कि जो सिब्बल आजम खान के लिए मसीहा बनकर उभरे, अखिलेश ने उन्हें राज्यसभा की सदस्यता के तोहफे से नवाज दिया है. हालांकि, ये सब तुरंत हुआ है ऐसा भी नहीं कहा जा सकता. क्योंकि आजम खान की जेल से रिहाई से पहले ही सिब्बल 16 मई को कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके थे. यानी पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी.

तो क्या सिब्बल पर दांव चलने की कुछ और भी वजह?

कपिल सिब्बल को समर्थन देने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा है कि ”वो सपा के समर्थन से राज्यसभा जा रहे हैं. कपिल सिब्बल जी वरिष्ठ अधिवक्ता हैं. देश के जाने-माने केस उन्होंने लड़े हैं. और उनका पॉलिटिकल करियर भी रहा है. एक वकील के तौर पर वो काफी सक्सेसफुल रहे हैं.”

अखिलेश ने अपने बयान में जाने-माने केस का जिक्र कर सिब्बल की अहमियत को बताने का प्रयास किया है और उम्मीद की है कि आगे भी देश के सामने जो बड़े मुद्दे होंगे सिब्बल उनके लिए आवाज उठाएंगे.

सिब्बल के अबतक के सफर को देखा जाए तो उन्होंने देश के राजनेताओं से जुड़े केसों के साथ ही अन्य बड़े मुद्दों पर कोर्ट के सामने अपनी दलीलें पेश की हैं. सबसे दिलचस्प बात ये है कि देश में पिछले कुछ वक्त में मुस्लिम समाज से जुड़े जो अहम केस रहे हैं, उनके साथ भी सिब्बल का जुड़ाव रहा है.

प्लेऑफ और फाइनल की प्लेइंग कंडीशन को लेकर नियम तय

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इंडियन प्रीमियर लीग 2022 आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। लीग मैच खत्म हो चुके हैं। अब 4 प्लेऑफ बाकी हैं। आईपीएल ने प्लेऑफ और फाइनल की प्लेइंग कंडीशन को लेकर नियम जारी कर दिए हैं। यदि फाइनल सहित चारों मैच बरसात के कारण नहीं हो पाते हैं, या तय समय पर मुकाबला नहीं हो पाता है। तब सुपर ओवर से मैच का फैसला होगा। अगर ग्राउंड की परिस्थितियां ऐसी होती हैं। जिस पर मैच नहीं खेला जा सकेगा, तो लीग स्टेज में टॉप पर रहने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाएगा।

30 मई रिजर्व दिन रखा गया

पहले प्लेऑफ में 24 मई को गुजरात टाइटंस का सामना राजस्थान रॉयल्स से होगा। 25 मई को एलिमिनेटर में लखनऊ सुपर जाएंट्स और रॉयल चैलेंजर्स की टीमें भिड़ेंगी। दोनों मैच कोलकाता के ईडन गार्डन पर खेले जाएंगे। दूसरा क्वालिफायर 27 मई और फाइनल 29 मई को अहमदाबाद में होगा। फाइनल रात 8 बजे शुरू होगा। फाइनल के लिए 30 मई को रिजर्व डे रखा गया है। अगर किसी कारण से फाइनल उस दिन नहीं हो पाता है, तो यह अगले दिन खेला जाएगा। कोलकाता में वर्षा की आशंका जताई जा रही है।

तय समय में दो घंटे और जोड़े गए

तय समय में करीब दो घंटे और जोड़े गए है। तीनों प्लेऑफ देर से रात 9.40 बजे शुरू हो सकता है। फाइनल 10.10 बजे शुरू हो सकता है। दोनों पारियों में दो-दो स्ट्रेटजिक टाइमआउट होंगे। पहली पारी खत्म होने के बाद ब्रेक के समय में कटौती की जा सकती है। प्लेऑफ में ओवर्स भी कम किए जा सकते हैं। हालांकि इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि दोनों टीमों को कम से कम 5-5 ओवर खेलने का मौका मिले। इसमें टाइमटाउट नहीं होगा। इसके लिए कट ऑफ टाइम 11.56 मिनट रखा गया है। इसमें दस मिनट का इनिंग ब्रेक होगा।

टेबल में टॉप टीम विजेता होगी

प्लेऑफ मैच अगर उसी दिन अतिरिक्त समय में 5 ओवर भी नहीं हो पाते तो विजेता तय करने के लिए सुपर ओवर की मदद ली जाएगी। अगर सुपर ओवर नहीं हो सका तो टेबल की टॉप टीम प्लेऑफ की विजेता घोषित कर दी जाएगी। क्वालिफायर और एलिमिनेटर में यदि एक पारी हो जाती है। दूसरी पारी में बारिश आ जाती है तो विजेता का फैसला डकवर्थ लुईस नियम से होगा। फाइनल के लिए रिजर्व दिन रखा गया है। यदि 29 को टॉस के बाद भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी तो रिजर्व दिन दोबारा टॉस होगा।

जापान के तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों ने टोक्यों में पीएम मोदी से की मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को टोक्यो में पीएम फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले जापान के तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की। योशीहिदे सुगा, शिंजो आबे और योशिरो मोरी के साथ ये बैठकें पीएम मोदी की विशाव सद्भावना और पर्सनल केमिस्ट्री को दर्शाती हैं।

जेआईए द्वारा किए गए योगदान की सराहना

योशिरो मोरी जापान-भारत संघ (JIA) के वर्तमान अध्यक्ष है। शिंजो आबे जल्द ही इस भूमिका को संभालेंगे। 1903 में स्थापित जेआईए, जापान के सबसे पुराने मैत्री संघों में से एक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने राजनीति, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भारत और जापान के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में योशिरो के नेतृत्व में जेआईए द्वारा किए गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना  की।

सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने पर चर्चा

उन्होंने शिंजो आबे को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं भी दीं। जेआईए द्वारा अपनी जरूरी भूमिका जारी रखने की आशा की। नेताओं ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के साथ शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत के लिए साझा दृष्टिकोण पर भी चर्चा की। साथ ही सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को और बढ़ावा देने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।पुरानी मुलाकात को किया याद

योशीहिदे सुगा से मुलाकात के दौरान नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने पिछली बातचीत को याद किया। जिसमें सितंबर 2021 में वाशिंगटन डीसी में पहली बार व्यक्तिगत रूप से क्वाड लीडर्स समिट के मौके पर उनकी मीटिंग भी शामिल थी।

इन-पर्सन क्वाड लीडर्स समिट में लिया भाग

इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं के साथ टोक्यो में दूसरे इन-पर्सन क्वाड लीडर्स समिट में भाग लिया। शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं के स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक के लिए अपनी प्रतिबद्धता, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांतों को बनाए रखने के महत्व को दोहराया।

‘एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी अभियान में 10 मिनट में एक ट्रक के खिलौने एकत्रित

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भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में हाथठेला लेकर आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए खिलौना मांगने निकल पड़े। इसी के साथ आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए सामग्री एकत्रीकरण के अभियान का शुभारंभ हुआ।

अशोका गार्डन में जबरदस्त भीड़ देखी गई। लोग बच्चों के लिए नए-नए खिलौने और कपड़े लेकर आए। सीएम शिवराज सिंह चौहान एक हाथ ठेला लेकर निकले थे परंतु शुरुआत के 10 मिनट में लगभग एक ट्रक के बराबर खिलौने और दूसरी सामग्री एकत्रित हो गई। सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग और गोविंदपुरा की विधायक श्रीमती कृष्णा गौर भी हैं।
वे जनता के बीच हाथ ठेला लेकर बच्चों के लिए खिलौने जुटा रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री राजधानी के अशोका गार्डन इलाके के स्वामी विवेकानंद चौराहा पहुंचे। अभियान को ‘एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी’ नाम दिया गया है। इस अभियान में लोग भी अपने घर की बालकनी व छत पर खड़े होकर मुख्यमंत्री को खिलौने देकर अपना सहयोग दे रहे हैं। इस बारे में चिकित्सा शिक्षामंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए खिलौने और जरूरी चीजें जन-सहयोग से जुटा रहे हैं।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों से अपील की है कि आप भी मेरे साथ इस अभियान से जुड़ें और कुछ न कुछ योगदान अवश्य दें।

पंचायत और निकाय चुनाव में बीजेपी ने पदाधिकारियों की जिम्मेदारी बढायेगी

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भोपाल रू पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की जिला और संभागवार रिपोर्ट मंगाने के बाद भाजपा अब इस मामले में एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश संगठन इसी के चलते 22 मई के पहले कराई गई बैठकों के बाद संगठनात्मक रिपोर्ट और निकायों में साफ होती आरक्षण की स्थिति के मद्देनजर पार्टी के पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपेगा। मुुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव इस बैठक में पार्टी की रणनीति पर चर्चा करने के साथ आगामी तैयारियों के बारे में जानकारी देंगे।

भाजपा के प्रदेश संगठन ने 21 मई तक नगरीय निकाय चुनाव संचालन समितियों के सदस्यों को जिलों में प्रभारी बनाकर रिपोर्ट लाने के लिए समय सीमा तय की थी। इसी तरह पंचायत चुनाव संचालन समिति को 22 मई तक संभागीय स्तर पर बैठकें कर जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। अब जबकि कुछ जिलों में आरक्षण की कार्यवाही मंगलवार को पूरी हो गई है और कुछ जिलों में बुधवार को होना है। इसलिए आरक्षण की साफ होती स्थिति के मद्देनजर पार्टी की चुनावी तैयारियों में प्रदेश पदाधिकारियों को भी लगाया जाएगा। इसको लेकर पदाधिकारियों और चुनाव संचालन समितियों के सदस्यों के बैठक मंगलवार शाम को प्रदेश कार्यालय में होने वाली है। बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी मौजूद रहेंगे।

यूथ कनेक्ट के प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे राव
प्रदेश भाजपा प्रभारी मुरलीधर राव और प्रदेश अध्यक्ष शर्मा इसके पूर्व प्रदेश कार्यालय में यूथ कनेक्ट कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार बांटेंगे। भोपाल व नर्मदापुरम संभाग के 8 जिलों के 80 विजेता प्रतिभागियों को ये पुरस्कार दिए जाएंगे। भाजयुमो द्वारा यह भाषण प्रतियोगिता 15 से 22 मई के बीच कराई गई है।

सीएम से मिले प्रदेश अध्यक्ष
इसके पहले मंगलवार को सुबह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शर्मा सीएम निवास पहुंचे। यहां सीएम चौहान के साथ शर्मा की चर्चा हुई जिसमें चुनावी रणनीति पर विमर्श हुआ। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने महापौर और नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का निर्णय लिया है लेकिन इसको लेकर पार्टी में एकमत नहीं है। इसलिए दोनों नेताओं के बीच इस मसले पर भी चर्चा हुई है। हालांकि इसमें कोई बदलाव होगा, अभी यह साफ नहीं हुआ है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के दौरे पर भी चर्चा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तीन दिन के प्रवास पर प्रदेश आ रहे हैं। नड्डा एक जून को भोपाल आएंगे और संगठनात्मक बैठकों में शामिल होंगे। दो जून को वे जबलपुर में रहेंगे और तीन जून को वहां से दिल्ली रवाना होंगे। नड्डा द्वारा ली जाने वाली बैठक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनके कार्यक्रम को लेकर भी प्रदेश कार्यालय में होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी।