Home Blog Page 180

मध्‍य प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फरवरी तक मिलेंगे सरकारी मोबाइल

0

भोपाल। प्रदेश की 76 हजार 263 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (महिला) को 18 फरवरी 2022 तक सरकारी मोबाइल मिल जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मोबाइल खरीदने की कार्ययोजना जारी कर दी है। जिसके हिसाब से सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी तय समय पर निविदा खोलेंगे, तकनीकी मूल्यांकन करेंगे और आदेश देने के 45 दिन में कार्यकर्ताओं को मोबाइल उपलब्ध कराएंगे। मोबाइल खरीदने के लिए कार्यकर्ताओं को नकद भुगतान करने पर केंद्र सरकार की रोक के बाद विभाग ने मोबाइल खरीदने की प्रक्रिया विकेंद्रीकृत कर दी है। अब जिला स्तर पर मोबाइल खरीदे जा रहे हैं।

प्रदेश में कुपोषण, एनीमिया, पोषण आहार सहित तमाम योजनाओं की मानीटरिंग आनलाइन की जा रही है। यहां तक कि कार्यकर्ताओं की उपस्थिति भी मोबाइल के माध्यम से ही ली जा रही है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल दिए जाने हैं।

इसके लिए केंद्र सरकार ने 10 हजार रुपये प्रति मोबाइल की दर से राज्य सरकार को चार साल पहले राशि दी है पर इन सालों में पांच बार मोबाइल खरीद प्रक्रिया स्थगित करना पड़ी है। हर बार खरीददारी की शर्तों को लेकर हंगामा खड़ा हुआ है। महिला एवं बाल विकास संचालनालय के कुछ अधिकारियों पर चंद कंपनियों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं।

इस स्थिति को देखते हुए पिछले साल मोबाइल खरीद प्रक्रिया निरस्त करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार ने मार्गदर्शन मांगा था। यह विकल्प भी रखा था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नकद राशि दे दें, पर केंद्र सरकार सहमत नहीं हुई, तो आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए विभाग ने खरीद प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण कर दिया।

कार्ययोजना इसलिए ताकि अब देर न हो

विभाग ने मोबाइल फोन खरीदने के लिए कार्ययोजना (टाइम लाइन) तय कर दी है। इसके तहत पहले चरण में मोबाइल खरीद चुके 16 जिलों को छोड़कर शेष जिले 30 नवंबर को निविदा जारी कर चुके हैं। इन जिलों को 21 दिसंबर को निविदा खोलना है और चार जनवरी 2022 को मोबाइल खरीदने का आदेश जारी करना है। आदेश जारी होने के 45 दिन (यानी 18 फरवरी) तक मोबाइल कार्यकर्ता के हाथों में पहुंचाना है।

ओरिएंटल विश्वविद्यालय में मोबाइल पर बात करने को लेकर सीनियर्स-जूनियर विद्यार्थियों के बीच विवाद

0

इंदौर। मोबाइल पर बात करने को लेकर जूनियर-सीनियर छात्रों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों में तीखी बहस होने के बाद शिक्षकों ने बीच-बचाव किया। विद्यार्थियों में समझौता करवा दिया। मगर निजी विश्वविद्यालय परिसर के बाहर सीनियर्स ने एक जूनियर छात्र की पिटाई कर दी।मामला बाणगंगा थाने तक पहुंच गया है। जूनियर छात्र रैंगिंग को लेकर सीनियर्स छात्रों पर आरोप लगा रहा है। जबकि विवि प्रबंधन ने रैंगिंग की घटना से इनकार किया है। उनके मुताबिक विद्यार्थियों का आपसी झागड़ा बताया जा रहा है।

मामला सांवेर रोड स्थित ओरिएंटल निजी विश्वविद्यालय से जुड़ा है। बीफार्मा सेकंड ईयर के छात्र शुभम का फाइनल ईयर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से विवाद हुआ। शुभम के मुताबिक सोमवार शाम को मित्र से मोबाइल पर बात कर रहा था। विवि परिसर में कुछ सीनियर्स छात्रों ने मुझे टोका। मैंने तुरंत मोबाइल बंद कर दिया।

इस बीच थोड़ी बहस हुई। ये देखकर विवि के शिक्षक और डीन भी वहां आ गए। उन्होंने दोनों पक्षों में समझौता कराया। थोड़ी देर बाद शुभम अपने दो मित्रों के साथ घर जा रहा था। उस दौरान फिर सीनियर छात्रों ने रोका। फिर विवाद हुआ और मुझे डंडे से मारने लगे। हाथ-पैर में चोट आई।

निजी विवि के संचालक गौरव ठकराल ने कहा कि विवाद को लेकर शिक्षकों से जानकारी मिली है। उन्होंने विद्यार्थियों के बीच आपसी विवाद होना बताया है। बुधवार को विवि पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की जाएगी। वैसे अभी रैंगिंग से जुड़ा मामला नहीं है। वे बताते है कि अगर रैंगिंग होना साबित होता है तो विवि प्रशासन निश्चित तौर पर कार्रवाई करेंगा।

मप्र में पेंशनरों की पांच प्रतिशत बढ़ाई महंगाई राहत, न्यूनतम साढ़े तीन सौ रुपये का होगा लाभ

0

भोपाल।, प्रदेश के साढ़े चार लाख पेंशनर को अब 17 प्रतिशत महंगाई राहत मिलेगी। सरकार ने पांच प्रतिशत की राहत में वृद्धि के आदेश मंगलवार को जारी कर दिए। महंगाई राहत में वृद्धि का लाभ अक्टूबर से मिलेगा। इससे पेंशनर को न्यूनतम साढ़े तीन सौ रुपये प्रतिमाह का लाभ होगा। हालांकि, अब कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनर की महंगाई राहत में तीन प्रतिशत का अंतर आ गया है। कर्मचारियों को बीस प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है।

प्रदेश में पेंशनर द्वारा महंगाई राहत बढ़ाने की मांग काफी समय से की जा रही थी। सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 12 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया था और इसका लाभ अक्टूबर से दिया लेकिन पेंशनर काम मामला अटका हुआ था। दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने जुलाई 2021 से महंगाई राहत में पांच प्रतिशत की वृद्धि करते हुए मध्य प्रदेश सरकार को सहमति पत्र भेजा था। जबकि, मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में अक्टूबर 2021 से आठ प्रतिशत की वृद्धि की थी।

पेंशनर की महंगाई राहत में वृद्धि के लिए दोनों राज्यों के बीच में सहमति होना जरूरी होता है क्योंकि वर्ष 2000 के पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की महंगाई राहत का 74 प्रतिशत वित्तीय भार मध्यप्रदेश और 24 प्रतिशत छत्तीसगढ़ सरकार वहन करती है।

इस स्थिति को देखते हुए वित्त विभाग ने अक्टूबर से पांच प्रतिशत महंगाई राहत में वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया था।मुख्यमंत्री की अनुमति मिलने के बाद मंगलवार को आदेश जारी कर दिए गए हैं। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनर को मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत की वृद्धि दी जाएगी।

छठवां वेतनमान प्राप्त कर रहे पेंशनर की महंगाई राहत 10 प्रतिशत बढ़ाई गई है। अब इन्हें 164 प्रतिशत महंगाई राहत अक्टूबर 2021 से मिलेगी। दिसंबर में प्राप्त होने वाली पेंशन में बढ़ी हुई महंगाई राहत के हिसाब से मिलेगी। एक माह का एरियर पेंशनर को दिया जाएगा।

कैंसर के खतरे से बचना है तो पालीथिन से करनी होगी तौबा

0

उमरिया। आश्चर्यपूर्ण ढंग से ऐसे लोग कैंसर जैसी घातक बीमारी का शिकार हो रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन में न तो कभी शराब को हाथ लगाया और न ही सिगरेट और तंबाकू को छुआ। ऐसे लोगों के जीवन में एक बड़ा सवाल है कि जब वे किसी व्यसन में नहीं फंसे तो फिर उन्हें कैंसर जैसा घातक रोग कैसे हो गया। न सिर्फ इस सवाल का जवाब देने बल्कि लोगों को यह जानकारी देने का अभियान जिले की युवा टीम ने शुरू किया है। यह टीम लोगों को बता रही है कि पालीथिन के कारण कैंसर जैसे घातक रोगों का शिकार आम लोग बनते हैं। इसलिए पालीथिन से तौबा कर लेनी चाहिए।

जिले में शुरू हुआ यह अभियान जिले के तीस गांव में एकसाथ चलाया जा रहा है। इस अभियान में जिले के अलग-अलग क्षेत्र के तीन सौ से ज्यादा युवा शामिल हैं। युवा टीम के लीडर हिमांशु तिवारी ने बताया कि तीन गांव में एक एक गांव में एक सप्ताह तक अभियान चलाया जा रहा है।

घरों में तैयार हो रहे थैले

लोगों को पालीथिन से मुक्ति का सिर्फ संदेश नहीं दिया जा रहा है बल्कि उन्हें कपड़े से बने थैले भी बांटे जा रहे हैं। हिमांशु तिवारी ने बताया कि कुछ रेडीमेड थैले जनसहयोग से एकत्र किए गए हैं। जबकि सभी सदस्यों के घरों पर पुराने कपड़ों से भी थैले तैयार कराए जा रहे हैं। थैला बनाने में युवा टीम के सदस्यों के घर की महिलाएं अपना सहयोग दे रहीं हैं। पिछले दो दिनों में एक हजार से ज्यादा लोगों को थैलों का वितरण किया जा चुका है।

खतरे से अनजान हैं लोग

हिमांशु तिवारी ने बताया कि पालीथिन के उपयोग से हो रहे दुष्प्रभावों से लोग अनभिज्ञ हैं। लोगों को बताया जा रहा है कि पालीथिन एक प्रकार का जहर है, जो पूरे पर्यावरण को नष्ट कर रहा है। पालीथिन के कारण पेड़-पौधे नहीं पनप पाते और इसे कचरे में फेंकने से मवेशियों पर भी इसका असर होता है। मूक मवेशी इसे खा लेते हैं और यह उनके पेट में एकत्र होती जाती है जिससे उनकी मौत भी हो जाती है।

ऐसे शुरू किया काम

कोरोना की पहली लहर के दौरान युवाओं ने परेशान लोगों को सहायता पहुंचने का काम शुरू किया था। यह अभियान अभी भी जारी है और इसकी के साथ इस टीम ने ग्रामीण क्षेत्र में अपना नेटवर्क तैयार किया था।

अच्छा प्रयास

युवा टीम पालीथिन उन्मूलन का अच्छा प्रयास कर रही है। लोगों को भी इसमें अपना सहयोग करना चाहिए।

CBI डायरेक्टर का कार्यकाल अब 5 साल होगा, संसद से संबंधित विधेयक को मिली मंजूरी

0

अब देश के सीबीआई डायरेक्टर का कार्यकाल 5 सालों तक का हो सकता है। इससे पहले इनके कार्यकाल की सीमा 2 साल की ही थी। मंगलवार को राज्यसभा ने राज्यसभा ने CBI को और मजबूती प्रदान करने वाले दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) विधेयक, 2021 ((The Delhi Special Police Establishment (Amendment) Bill, 2021)) को अपनी मंजूरी दे दी है। इस विधेयक में सीबीआई निदेशक के कार्यकाल को एक बार में एक साल बढ़ाने और 5 वर्ष की अवधि तक उसे विस्तार दिए जाने का प्रावधान है। लोकसभा ने 3 दिसंबर 2021 को ही इस बिल को मंजूरी दे दी थी। इस तरह ये बिल अब दोनों सदनों से पारित हो चुका है। चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया भर में किसी भी मशहूर जांच एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के कार्यकाल की सीमा दो साल नहीं है।

विधेयक के पक्ष में सरकार का बयान

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को राज्यसभा में “दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) विधेयक, 2021” पेश किया। विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने निलंबित 12 सदस्यों का निलंबन वापस लिए जाने की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट किया। जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बढ़ाने के लिए काम कर रही है। विभिन्न दलों के सांसदों ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इससे सीबीआई के कामकाज में स्थिरता आएगी और भ्रष्टाचार पर काबू पाने में मदद मिलेगी। वहीं, कुछ सदस्यों ने कहा कि देशभर के लोगों में एजेंसी के प्रति काफी भरोसा है जिसे कायम रखा जाना चाहिए। कुछ सदस्यों ने कई मामलों की जांच में काफी देरी होने पर चिंता जताई और जवाबदेही तय करने की मांग की। बाद में विधेयक को उच्च सदन में ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

राज्य मंत्री जितेंद्र सिह ने विधेयक को पेश करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने की अपनी नीति पर कायम है और उसने अब तक इस दिशा में ऐसे कदम उठाए हैं जिससे उसकी नीति स्पष्ट होती है।सिंह ने भ्रष्टाचार, आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग सहित विभिन्न समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि अभी तक कानून में कार्यकाल के संबंध में केवल न्यूनतम सीमा तय थी और कार्यकाल को लेकर कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई थी, हमने इसकी सीमा पांच वर्ष तय कर दी है। आपको बता दें कि सीबीआई के निदेशक का चयन प्रधानमंत्री, भारत के प्रधान न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता की एक समिति की सिफारिश के आधार पर होता है।

महाराष्ट्र में सामने आये ओमिक्रॉन के 8 नये मामले, प्रदेश में अब तक 28 लोग नये वेरिएंट से संक्रमित

0

महाराष्ट्र:  महाराष्ट्र में कोरोना के नये वायरस का प्रसार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश में एक दिन में ओमिक्रोन के 8 और संक्रमित मरीज मिले। इनमें से 7 पॉजिटिव मामले मुंबई के हैं और 1 मरीज वसई विरार का है। इन्हें मिलाकर राज्य में अब तक ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों की संख्या 28 पहुंच चुकी है। वैसे, इनमें से 9 मरीजों की आरटी-पीसीआर टेस्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छुट्टी भी दे दी गई है। नये मामलों के साथ अब भारत में अबतक कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के 53 नये मामले सामने आ चुके हैं।

पहले राजस्थान और दिल्ली से इसके 4-4 नए मामले सामने आये और अब महाराष्ट्र से 8 नये मामले। इन्हें मिलाकर अब देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों की कुल संख्या 53 हो गई है। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि ओमिक्रॉन के चार और मामले सामने आए हैं। इस तरह राज्य से अब तक ओमिक्रॉन के 13 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं दिल्ली में ओमीक्रॉन के 4 नए मामले सामने आने के बाद अब राज्य में इसकी कुल संख्या 6 हो गई है। अन्य राज्यों की बात करें, तो अब तक महाराष्ट्र से ओमीक्रॉन के 28, कर्नाटक से 3, गुजरात से, केरल से 1, आंध्र प्रदेश से 1 और चंडीगढ़ से 1 मामला सामने आ चुका है।

गंगा आरती में शामिल हुए PM मोदी, वाराणसी में मनाई गई शिव ​दीपावली

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार की शाम वाराणसी में गंगा आरती में हिस्सा लिया। उनके साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद हैं। गंगा आरती के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण के उपलक्ष्य में आज वाराणसी में शिव ​दीपावली मनाई जा रही है। इसके लिए लगभग 84 घाटों पर दीप जलाये गये हैं। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद हैं। आरती में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में रविदास घाट से विवेकानंद क्रूज़ में सवार हुए। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा भी मौजूद हैं। पीएम मोदी ने इस मौके पर आयोजित लेजर शो का भी आनंद लिया।

इस क्रूज पर पीएम मोदी के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बोरेन सिंह, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवाराज बोम्मई आदि मौजूद हैं।

विवादास्पद कलाकार कुणाल और मुनव्वर को दिग्विजय का न्योता, गर्माई मप्र की राजनीति

0

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उन्होंने विवादास्पद हास्य कलाकार कुणाल कामरा और मुनव्वर फारुकी को भोपाल में आकर कार्यक्रम करने का न्योता दिया है। दोनों का बेंगलुरु में कार्यक्रम रद कर दिया है। इसके बाद सिंह ने ट्वीट करके कहा कि मैं आपका भोपाल में कार्यक्रम आयोजित करुंगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी होगी। आप मुझे दिनांक और समय बताएं। आपकी सभी शर्तें स्वीकार होंगी। उधर, भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाले कुणाल कामरा और मुनव्वर फारुकी के कार्यक्रम मध्य प्रदेश तो देश में कहीं भी देशभक्त नहीं होने देंगे।

कुणाल कामरा और मुनव्वर फारुकी, दोनों काफी विवादों में रहे हैं। मुनव्वर फारुकी पर भगवान श्रीराम और माता सीता पर टिप्पणी करने का आरोप है। इन पर इंदौर में पुलिस प्रकरण दर्ज हुआ था। वहीं, कुणाल कामरा ने न्यायपालिका पर तंज कसा था। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित भाजपा, संघ व हिंदुत्व को लक्ष्य करके उपहास उड़ाने को लेकर विवादों में रहे हैं। मुनव्वर को बेंगलुरु में पिछले माह कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद आयोजकों ने कुणाल कामरा का कार्यक्रम भी रद कर दिया था।

इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोमवार को ट्वीट करके कहा में कुणाल तुम्हारे और मुनव्वर के लिए भोपाल में कार्यक्रम आयोजित करता हूं। सारी जिम्मेदारी मेरी रहेगी पर शर्त एक होगी कि विषय सिर्फ दिग्विजय सिंह होगा। इसमें तो संघियों को एतराज नहीं होना चाहिए। आओ डरो मत। अपनी सुविधा के अनुसार दिनांक व समय दो। तुम्हारी सभी शर्तें मंजूर हैं।

देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा हिंदुस्तान

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा विवादित कुणाल कामरा और मुनव्वर फारुकी को भोपाल आकर कार्यक्रम करने का आमंत्रण देने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे तो कल पाकिस्तान के आतंकवादियों को घर पर बुलाकर बिरयानी खिलाना चाहते हैं, तो क्या हम पाकिस्तानियों को हिंदुस्तान में आकर आतंकवादियों को बिरयानी खिलाने की अनुमति देंगे। हिंदू, हिंदुत्व और राम को काल्पनिक बताकर कांग्रेस क्या दिखाना चाहती है।

उन्‍होंने सवाल किया कि क्‍या कुणाल कामरा और मुनव्वर फारुकी को बुलाकर भगवान राम और माता सीता का अपमान कराना चाहते हैं। हिंदुस्तान इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा। हमने औरंगजेब, बाबर, हुमायू, अकबर से भी लड़ाई लड़ी है। दिग्विजय सिंह जैसे लोग देश में नए जिन्न के रूप में अवतरित हो रहे हैं। हिंदू और मुस्लमान के बीच खाई डालने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कुणाल कामरा और मुनव्वर फारुकी के लिए कहा कि कान खोलकर सुन लो देवी-देवताओं को अपमान किया तो देशभक्त उठेंगे और मध्य प्रदेश तो क्या किसी भी प्रदेश में कार्यक्रम नहीं होगा।

 

कोरोना काल के दौरान मप्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के मामले में उपलब्धि

0

भोपाल । कोरोना संकट के दौरान जब ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का संकट था और काम ठप पड़े हुए थे, तब मध्य प्रदेश सरकार ने एक लाख 75 हजार से ज्यादा प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास तैयार किए। इस साल साढ़े तीन लाख आवास बनाने थे, पर चार लाख बन चुके हैं। वित्त वर्ष के जो साढ़े तीन माह बचे हैं, उनमें तीन लाख और आवास बनाने की तैयारी है। इस प्रकार इस वर्ष कुल सात लाख आवास बन जाएंगे, जो प्रदेश का एक वित्तीय वर्ष में आवास बनाने का रिकार्ड होगा। योजना में कुल 27 लाख से ज्यादा आवास बनाए जाने हैं।

छह साल में 21 लाख बन चुके हैं। उधर, प्रदेश सरकार की पहल पर केंद्र सरकार ने मजदूरी भुगतान के प्रविधान में भी संशोधन कर दिया है। अब आवास निर्माण के प्रत्येक चरण की जगह जरूरत के हिसाब से भुगतान किया जा सकता है।

प्रदेश में आर्थिक सामाजिक जनगणना 2011 के आधार पर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के लिए पात्रता निर्धारित हुई है। वर्ष 2020-21 में जब कोरोना संक्रमण की वजह से आर्थिक गतिविधियों से लेकर अन्य काम ठप पड़े थे तब मध्य प्रदेश ने एक लाख 75 हजार प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास का निर्माण कार्य पूरा किया था। सितंबर 2020 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गृह प्रवेश कराया था। प्रदेश में अब तक लगभग 21 लाख आवास बन चुके हैं। इस वर्ष चार लाख आवास का निर्माण हो चुका है।

तीन लाख आवास और बनाए जाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह निर्माण कार्य की समीक्षा की जा रही है। 45 दिन में हितग्राही को किस्त दी जाती है। यदि इस अवधि में मांग नहीं होती है तो उसकी पड़ताल कराई जाती है। इसका असर यह हुआ कि काम की गति बढ़ गई। ग्वालियर और चंबल संभाग में अतिवर्षा के कारण कार्य प्रभावित हुआ था लेकिन अब स्थितियां सामान्य होती जा रही हैं। ऐसे में पूरा विश्वास है कि इस साल मध्य प्रदेश सर्वाधिक प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास बनाने का रिकार्ड बना लेगा।

इसमें एक समस्या मजदूरी भुगतान की आती थी। केंद्र सरकार का प्रविधान था कि चरणवार मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। आवास निर्माण के समय सर्वाधिक मजदूरी की आवश्यता छत पड़ने के समय आती है। इसे दृष्ट्रिगत रखते हुए केंद्र सरकार से इस बाध्यता को समाप्त करने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। किस्त की राशि समय पर मिल जाए, इसके लिए जरूरी वित्तीय व्यवस्था भी बनाई जा रही है।

23 हजार 972 करोड़ रुपये किए जा चुके हैं व्यय

 

20 नवंबर 2016 से प्रारंभ हुई इस योजना में अब तक मध्य प्रदेश 23 हजार 972 करोड़ रुपये व्यय कर चुका है। केंद्र सरकार 60 प्रतिशत राशि देती है, जबकि 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार लगाती है। हितग्राही चाहे तो 70 हजार रुपये का वित्तीय संस्था से ऋण दिलाने की सुविधा भी दी जाती है। इकाई सहायता के अलावा आवास निर्माण के लिए मनरेगा से 90 से 95 दिन की मजदूरी का प्रविधान भी किया गया है। शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन और मनरेगा से 12 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं।

रायपुर में पहली बार दो दिवसीय धर्म संसद, 25 दिसंबर से होगा आयोजन

0

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पहली बार धर्म संसद का आयोजन होगा। 25 और 26 दिसंबर को भारत के अनेक जाने माने संत- महात्मा रायपुर में एकत्रित होंगे। यह आयोजन सन 1974 के बाद रायपुर के नीलकंठ सेवा संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है।

धर्मसंसद 2021 छत्तीसगढ़ में आयोजन के मुख्य संरक्षक दूधाधारी मठ के महंत राम सुंदर दास ने बताया कि धर्म संसद 2021 करवाने का उद्देश्य अलग-अलग संगठनों में बिखरे हुए हिंदुओं को एक मंच में लाना है। सनातन धर्म की रक्षा के लिए हिंदुओं को जागरूक करना है। धर्म संसद के कार्यक्रम में सभी संत महात्माओं को एकमंच पर एकत्रित कर संत महात्माओं द्वारा हिंदू समाज के लोगों को अपने समाज, अपने सनातन धर्म के प्रति कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।

महंत रामसुंदर दास ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए संत महात्मा लगातार प्रयास करते हैं। आने वाले दिनों में सनातन धर्म पर पड़ने वाले खतरे को देखते हुए धर्म संसद में चर्चा की जाएगी। पड़ोसी देशों में बसे सनातनियों पर लगातार आक्रमण से पड़ने वाले प्रभावों पर धर्म संसद में चर्चा की जाएगी।

श्री नीलकंठ सेवा संस्थान के संस्थापक पं. नीलकंठ त्रिपाठी ने बताया कि अब समय आ गया है कि भारत देश के समस्त सनातनियों को एकत्रित किया जाएगा और देश हित के लिए कार्य करने का संतों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। संत महात्माओं को सनातन धर्म के लिए आगे कर सनातन धर्म के विस्तार एवं रक्षा के लिए कार्य किया जाएगा।