भोपाल। दीपावाली के तैयारियों के चलते शहर में लोगों की आवाजाही ज्यादा बढ़ गई है, इसके चलते कोरोना के नए केसों में भी इजाफ ा होने लगा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ने पिछले 24 घंटे में ही16 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। हालांकि इनमें से सबसे ज्यादा इंदौर में 8 केस मिले हैं। इसके बाद भोपाल, बालाघाट, सागर में दो-दो एवं धार व राजगढ़ में एक-एक केस मिले हैं। इसके साथ ही अब बढ़कर भोपाल में 35 वहीं प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या 115 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक पिछले दिन 56655 कोविड सैंपल लिए गए। जबकि इसके एक दो दिन पहले तक 50 से 52 हजार के करीब सैंपल लिए जा रहे थे। यदि कोविड सैंपलिंग और बढ़ाई जाए तो नए केसों में और इजाफा हो सकता है।
कॉर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 264 रुपये बढ़े
नई दिल्ली : LPG Cylinder Price Hike: दिवाली से पहले पेट्रोलियम कंपनियों ने महंगाई का बड़ा झटका दिया है. कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में 264 रुपये की भारी बढ़त की गई है. इस बढ़त के साथ अब दिल्ली में 19.2 किलो वाला कॉमर्शियल सिलेंडर (LPG commercial Cylinder) 2000.5 रुपये का हो गया है.
हालांकि, घरेलू इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो वाले रसोई गैस सिलेंडर में राहत देते हुए कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. गौरतलब है कि 6 अक्टूबर, 2021 को हुई समीक्षा के मुताबिक दिल्ली में 19.2 किलो ग्राम के सिलेंडर की कीमत सिर्फ 1736.50 रुपये थी. लेकिन इस महीने की शुरुआत यानी आज 1 नवंबर 2021 को ही इसमें 264 रुपये की भारी बढ़त कर दी गई है.
इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में अब कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2000.50 रुपये हो गई है. इसी तरह कोलकाता में 19.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 2073.5 रुपये, मुंबई में 1950 रुपये और लखनऊ में 2093 रुपये हो गई है.
खाना-पीना होगा महंगा
इसकी वजह से रेस्टोरेंट का खाना-पीना काफी महंगा हो जाएगा. गौरतलब है कि सब्जियों के दाम, सरसों के तेल की आसमान छूती कीमत की वजह से रेस्टोरेंट वाले पहले से काफी परेशान हैं. अब एलपीजी सिलेंडर की भारी कीमत से वे खाने-पीने के दाम बढ़ाने को मजबूर हो सकते हैं.
100 रुपये से ज्यादा का नुकसान
गौरतलब है कि एलपीजी कीमतों में बढ़त की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी. हालांकि घरेलू गैस की कीमतें अभी न बढ़ाकर तेल कंपनियों ने कुछ राहत दी है, लेकिन बाद में इन्हें भी बढ़ाया जा सकता है.
एक न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर को लागत से कम मूल्य पर बेचने से होने वाला नुकसान (अंडर रिकवरी) अब 100 रुपये प्रति सिलेंडर से ज्यादा हो चुका है.
इसके पहले रसोई गैस के दाम में आखिरी बार बढ़ोतरी 6 अक्टूबर को हुई थी. तब 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 15 रुपये बढ़ाई गई थी. जुलाई से लेकर अब तक इसके दाम 90 रुपये बढ़ चुके हैं. सब्सिडी पर सरकार साल में एक परिवार को 12 सिलेंडर ही देती है.
अखिलेश यादव ने किया एलान, नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
यूपी : यूपी में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एलान किया है कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान ये बयान दिया। अखिलेश यादव विधान परिषद सदस्य रहे हैं। उनके इस एलान से यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार भी वह विधान परिषद के जरिए ही सदस्य बनेंगे। वह इन दिनों आजमगढ़ से लोकसभा सदस्य हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 2017 में जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तब वह गोरखपुर से सांसद थे बाद में वह विधान परिषद के जरिए सदन के सदस्य बनें। हालांकि, इस बार उनके अयोध्या से चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।
यूपी में पांच साल सत्ता में रहने के बाद इस बार के चुनाव में भाजपा को सपा से ही मुख्य चुनौती मिलती हुई नजर आ रही है। अखिलेश यादव के साथ ही सपा कार्यकर्ता भी जोश से भरे हुए नजर आ रहे हैं।
सपा अध्यक्ष विजय रथ यात्रा पर हैं। वहीं, भाजपा की तरफ से गृहमंत्री अमित शाह ने भी चुनावी शंखनाद कर दिया है। भाजपा यूपी में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी।
इस बार के चुनाव में कांग्रेस भी यूपी में पहले से ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है। पार्टी की चुनाव प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा प्रदेश में रैली व यात्राएं कर रही हैं। रविवार को गोरखपुर में हुई रैली में उन्होंने भाजपा सरकार के अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा और कहा कि यूपी में मुख्य विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस ही नजर आ रही है। सपा अध्यक्ष कहीं भी सड़कों पर नजर नहीं आए। जनता की लड़ाई कांग्रेस ही लड़ रही है।
उधर, रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की प्रियंका गांधी से मुलाकात पर भी कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, जयंत ने लखनऊ में रविवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि रालोद का गठबंधन सपा से हो चुका है सीटों पर जल्द ही निर्णय होगा।
प्रियंका गांधी की गोरखपुर में हुंकार
गोरखपुर। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उप्र में कानून व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी इत्यादि का मुद्दा उठाते प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने के लिए लुभावने वायदों की झड़ी लगा दी। प्रियंका ने अपने भाषण की शुरुआत में भोजपुरी में लोगों का हाल-चाल पूछा-‘का हाल-चाल बा। आप सब ठीक बानी न।’
गोरखपुर में प्रतिज्ञा रैली को सम्बोधित करते हुए प्रियंका ने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार बनी तो 20 लाख युवाओं को रोजगार देंगे। महिलाओं को रोडवेज बस में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। एक साल में रसोई गैस का तीन सिलेंडर फ्री में मिलेगा। आशा बहुओं का मानदेय बढाकर 10 हजार रुपये किया जाएगा, संविदा कर्मियों को नियमित किया जाएगा। कांग्रेस महासचिव ने गोराखपुर में मत्स्येंद्र नाथ विश्वविद्यालय की स्थापना का वादा कर लोगों से खुद को जोडने की कोशिश भी की।
प्रियंका ने अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यूपी में अपराधियों को ढंढने के लिए दूरबीन की जरूरत नहीं, चश्मे से ही मंच पर खड़े गृह राज्य मंत्री अजय सिंह टेनी नज़र आ सकते थे।
दरअसल, 29 अक्टूबर को भाजपा के मेगा सदस्यता अभियान का उद्घाटन करने लखनऊ आए अमित शाह ने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा था कि अब उत्तर प्रदेश में दूरबीन से देखने पर भी अपराधी-माफिया नहीं दिखते। प्रियंका ने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा में किसानों को कुचले जाने का उल्लेख करते हुए शाह के मंच पर टेनी की मौजूदगी को मुद्दा बना और योगी सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताया।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘भाजपा और कांग्रेस एक जैसी हैं…’ वाले बयान का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मैं मर जाऊंगी लेकिन भाजपा के साथ मिलावट नहीं करूंगी। चंपा देवी पार्क में आयोजित प्रतिज्ञा रैली के मंच से प्रियंका ने सपा-बसपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों को सपा, बसपा की सरकारों ने बंद कराया। कांग्रेस ही संकट में आपके साथ खड़ी है।
पीएम की इटली यात्रा पर सवाल उठाते हुए प्रियंका ने कहा कि वे आठ हजार करोड़ की जहाज से इटली जाते हैं, यहां जमीन पर तल्ख सच्चाई दिखती है। उन्होंने कहा कि चुनाव में नेता आपके सामने आते हैं। सत्ता वाला नेता सपने दिखा रहा है। विपक्ष कमियां बताता है।
प्रियंका ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में वह काफी घूमी हैं। देश के बारे में सच्चाई जानी है। यह आस्थाओं का देश है। लोग धर्म, धरती के साथ नेताओं में भी आस्था रखते हैं। विज्ञापन में विकास दिखाया जाता है तो हम समझते हैं कि कहीं न कहीं विकास आया होगा। पीएम को आठ हजार करोड़ के जहाज से इटली जाते हुए देखते हैं तो लगता है कि देश की शोभा बढ़ा रहे हैं। सच्चाई जनता जी रही है।
प्रियंका ने पूर्वांचल की कई सीटों पर प्रभावी निषाद वोटों को लुभाने की पुरजोर कोशिश की। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में निषादों के गांव गई थी। वहां नाव को जलाकर राख बना दिया गया। नाव निषादों की मां और जीविका होती है। नदी पर निषादों का अधिकार है। इस सरकार ने उनका अधिकार छीना है। उन्हें पीटा और प्रताड़ित किया है।
प्रियंका ने अपने भाषण के अंत में कहा कि मैं इंदिरा गांधी के बल पर खड़ी हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि सत्ता में आई तो मछली पालन को कृषि का दर्जा दिया जाएगा। मछुआरों को किसानों जैसी सहूलियतें मिलेंगी। मछली पालन के साथ-साथ बालू खनन और नदी पर भी मछुआरों का अधिकार होगा। कांग्रेस सत्ता में आई तो गुरु मत्येन्द्रनाथ विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। प्रियंका ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार, गुरु गोरखनाथ के विपरीत चल रही है। गोरखवाणी पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जनता पर आक्रमण कर रही है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर में किसानों की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। वहां विज्ञापनों की असलियत दिखाई दी। किसान प्रताड़ित और समस्याओं से जूझ रहा है। सरकार मदद को तैयार नहीं है। गरीबों, ब्राह्मणों सबका शोषण हो रहा है। आगरा में थाने में रखकर 30 परिवारों को मारा गया। एक की हत्या पुलिस ने कर दी। एक महीने के बच्चे के लिए कोई सहायता नहीं आई। संकट में सरकार अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लेती है।
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि यूपी में किसानों को धान का मूल्य नहीं मिला। खाद, खेती और फसल पूंजीपतियों के हाथ दे दी गई। ललितपुर में खाद के लिए दो लोगों ने आत्महत्या कर ली। एक किसान ने लाइन में भूख-प्यास से दम तोड़ दिया। वे कर्ज में डूबे हुए थे। सिलेंडर और सरकारी मदद भी नहीं थी। ऐसे दृश्य जगह-जगह दिखाई दे रहे हैं।
योगी सरकार ने साढ़े चार साल में गन्ने की कीमत नहीं बढ़ाया। आज 1000 रुपये में सिलेंडर, 110 के पेट्रोल मिल रहा है। प्रियंका ने लोगों से पूछा इतनी महंगाई में कैसे गुजारा करते हैं आप? गोरखपुर में बुलडोजर लगा रखा है।
जबसे देश में भाजपा की सरकार आई है परिवारों की आय घाटी है। किसान प्रतिदिन 27 रुपये और सरकार के पूंजीपति मित्र खरबों कमाते हैं। अमीरों के लोन माफ हो रहे हैं गरीबों के नहीं। सड़क, हवाई जहाज सब कुछ सरकार बेच रही है। 70 साल की मेहनत सात साल में गवां दी है। उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ बेरोजगार हैं। हर दिन तीन युवा आत्महत्या कर रहे हैं। 10 लाख खाली पद हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी की नौकरियों में भ्रष्टाचार हुआ। सिद्धार्थनगर में मंत्री के भाई ने गरीब बनकर नौकरी हथिया ली। गरीबों के लिए निर्धारित पद वास्तविक गरीब को नहीं मिला। प्रियंका ने गोरखपुर की प्रतिज्ञा रैली में भी महिलाओं को लुभाने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने पार्टी द्वारा 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दिए जाने के ऐलान का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राजनीति में उनका दखल बढ़ेगा। प्रियंका ने कहा कि गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी की हत्या हुई। जनता के सामने ऐसे संकट आते हैं तो सरकार सुनवाई नहीं करती। लोगों की आस्था हिल जाती है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके ऊपर अत्याचार हुए हैं। उन्नाव में लड़की के साथ अपराध हुआ। हाथरस में गैंगरेप पीड़िता की हत्या के बाद परिवारीजनों को उसका शव तक नहीं देखने दिया गया। गोरखपुर में लड़की ने अपने पिता की पिटाई का वीडियो बनाया तो उसे गोली मार दी गई। यूनिवर्सिटी की छात्रा का परिवार दर-दर भटक रहा है। ऐसी महिलाओं को मैं अपनी शक्ति दूंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं में करूणा होती है। उनमें संवेदना और शक्ति होती है। वे राजनीति में आएंगी तो निश्चित बदलाव आएगा।
शिक्षकों ने वेतन के लिए बीईओ को घेरा
शिवपुरी।पोहरी संकुल के बीईओ व बाबुओं की लापरवाही के कारण 100 से अधिक शिक्षकों को दो माह का पेंडिंग वेतन नहीं मिल पाया है। ऐसे में शिक्षकों की दीवाली काली हो गई है।
अधिकारियों की इस लापरवाही पर शनिवार को कुछ शिक्षकों ने शिक्षक नेताओं के साथ BEO मोतीलाल खंगार के घर पर डेरा डाल लिया और वहीं बैठकर वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई।
बीईओ के घर पर शिक्षक नेताओं के घर का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में पोहरी के लापरवाह स्टाफ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
बीईओ कार्यालय की इस लापरवाही से 105 शिक्षकों के घर दीवाली पर रोशन नहीं हो पाए हैं।
*क्यों नहीं मिला वेतन*
उक्त कर्मचारियों का एम्प्लॉय कोड न बन पाने के कारण फिक्ससेशन नहीं हो पाया था, परंतु एक माह पहले यह कोड भी बन चुका है, इसके बाबजूद भी बीईओ कार्यालय के अधिकारियों व बाबुओं की लापरवाही के कारण यह फिक्ससेशन नहीं हो पाया। यही कारण रहा कि शिक्षकों का वेतन नहीं मिल पाया।
वायरल वीडियो में एक दूसरे पर आरोप
पोहरी में दो बीईओ काम देख रहे हैं। प्रशासनिक काम जहां मोतीलाल खंगार देखते हैं, वहीं आहरण पावर पातीराम पर हैं। फिक्ससेशन का काम बाबू प्रदीप शर्मा को करना था। वायरल वीडियो में जहां बीईओ लापरवाही के लिए बाबू प्रदीप को दोषी ठहरा रहे हैं, वहीं बीईओ बाबू की लापरवाही बता रहे हैं। कुल मिला कर बीईओ और बाबू की लड़ाई में नुकसान शिक्षकों का हो रहा है।
प्रदीप ने घर ले जाकर रख लीं सेवा पुस्तिका
बीईओ मोतीलाल खंगार का कहना है कि बाबू प्रदीप का पोहरी से ट्रांसफर हो चुका है, परंतु उसने अब तक दूसरे बाबू को चार्ज नहीं दिया है। कई शिक्षकों की सेवा पुस्तिका अपने घर ले जाकर रख ली हैं। यही वजह है कि फिक्ससेशन नहीं हो पाया है। मैंने यह बात डीईओ साहब को भी बता दी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि बाबू पर एफआईआर दर्ज करा दो। हम जल्द से जल्द भुगतान करवाएंगे, इसके लिए दिन रात काम कर रहे हैं।
Bhopal में बीजेपी नेता ने सुसाइड क्यों किया
भोपाल : भोपाल के केरवा डैम इलाके में भाजपा नेता व पूर्व सरपंच ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। नीलबड़ निवासी विजय सिंह मारण (58) की इलाके में बड़े जमींदारों में भी गिनती होती थी।सुसाइड नोट नहीं मिलने के कारण पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया गया कि सुसाइड से पहले उन्होंने नौकर को फोन कर बोला कि चारों बेटों को केरवा नर्सरी के जंगल में भेज देना। उनसे जरूरी बात करनी है। नौकर के बताए अनुसार एक बेटा नर्सरी पहुंचा। वहां पेड़ पर पिता फांसी पर लटके मिले।
पुलिस के मुताबिक, उनके बेटे गोलू उर्फ अमरीश मारण ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पिता ने पेट्रोल पंप पर काम करने वाले नौकर को फोन किया। उन्होंने उससे कहा कि चारों बेटों को केरवा नर्सरी के पास जल्दी भेज देना। उनसे अर्जेंट बात करनी है।
नौकर के बताने पर गोलू करीब पौने 2 बजे नर्सरी के पास पहुंचा। मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर अंदर जंगल में जाकर देखा तो पिता सागौन के पेड़ पर लटके मिले। उसने तुरंत ही पुलिस को घटना की जानकारी दी। तब तक काफी देर हो चुकी थी। विजय के दो बेटे हैं। जबकि दो भतीजे हैं। वह भतीजों को भी अपने बेटों की तरह ही मानते थे। विजय की अंतिम इच्छा के अनुसार उनके शव को खेत में ही अंतिम संस्कार किया गया।
परिजन के बयान नहीं हुए
पुलिस ने बताया कि विजय हर रोज की तरह शुक्रवार सुबह घर से निकले थे। परिजन को यकीन नहीं हो रहा कि विजय ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेंगे। परिजनों को लग रहा था कि वे लोगों से मिलने गए होंगे।
भ्रष्टाचार मे लिप्त DEO और पंचायत सचिव की सम्पत्ति होगी राजसात
भोपाल: प्रदेश मेंCorruption के जरिए अवैधानिक कमाई करने वाले सरकारी महकमों के अफसरों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। एक जिला शिक्षा अधिकारी और एक पंचायत सचिव की सम्पत्ति राजसात करने के लिए भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत विशेष न्यायालय में केस चलाकर सुनवाई की जाएगी।
सिवनी जिले की माध्यमिक कन्या शाला मठ की प्रधान अध्यापिका और जिला शिक्षा अधिकारी ताराचंद पटले पर पद पर रहते हुए भ्रष्ट साधनों का इस्तेमाल करते हुए आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित की थी। उनके विरुद्ध वर्ष 2012 में जांच कर प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान मिले दस्तावेजो की छानबीन में यह प्रमाणित हुआ है कि वंदना पटले ने भ्रष्ट (Corruption}साधनों का सहारा लेकर आय से अधिक अनुपातहीन सम्पत्ति अर्जित की है।
राज्य सरकार ने उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार(Corruption) अधिनयम के अधीन गठित विशेष न्यायालय में केस चलाकर सुनवाई करने का निर्णय लिया है। सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय के आदेश पर उनकी अनुपातहीन सम्पत्ति राजसात की जाएगी।
इसी तरह सीधी जिले की जनपद पंचायत सीधी की ग्राम पंचायत जमुनिहा के सचिव राजकुमार सिंह ने भी पद पर रहते हुए भ्रष्ट साधनों से अपनी आय से अधिक अनुपातहीन सम्पत्ति अर्जित की है।
उनके विर्द्ध जांच एजेंसी ने वर्ष 2014 में कार्यवाही कर जांच की थी। उनके पास मिले दस्तावेजों के आधार पर सरकार ने पाया है कि उन्होंने भ्रष्ट साधनों से आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित की है। उनके विरुद्ध भी भ्रष्टाचार(Corruption) अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायालय में केस चलाते हुए सुनवाई की जाएगी। निर्णय के आधार पर सम्पत्ति राजसात करने की कार्यवाही की जाएगी।
मध्य प्रदेश मे 63.88% मतदान हुआ, पिछले चुनाव के मुकाबले 13% कम
लोकसभा उपचुनाव के लिए आज शाम मतदान (Voting) की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई। पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदाता की उदासीनता और नाराज़गी ज्यादा नज़र आई। शाम 6 बजे मतदान थमने तक इस लोकसभा क्षेत्र में मतदान 63.88 प्रतिशत ही रहा! विधानसभा वार देखें तो सर्वाधिक मतदान बागली में 67.74 प्रतिशत रहा, जबकि खंडवा विधानसभा क्षेत्र में यह 54.39 प्रतिशत ही रहा। मांधाता में 63.74, पंधाना में 67.12, नेपानगर में 69.72, बुरहानपुर में 64.34 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि, भीकनगांव में 64 प्रतिशत और बड़वाह में 60.1 प्रतिशत ही मतदान हुआ। अमूमन शहरी क्षेत्र खंडवा, बुरहानपुर और बड़वाह में ज्यादा उदासीनता दिखी। जबकि, ग्रामीण क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से स्थिति ठीक थी।
खंडवा लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। यहाँ भाजपा की कमान जहां स्वयं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने हाथ में ले रखी थी, तो कांग्रेस की कमान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के हाथ में थी। दोनों नेताओं ने खंडवा लोकसभा क्षेत्र में अनेक सभाएँ अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में की। भाजपा की तरफ से यहाँ ज्ञानेश्वर पाटिल उम्मीदवार हैं, तो कांग्रेस से राजनारायण सिंह। ज्ञानेश्वर पाटिल जहाँ खंडवा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, तो राजनारायण सिंह मांधाता से दो बार विधायक चुने गए है। इस चुनाव में कुल 16 प्रत्याशी मैदान में थे। लेकिन, मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है।
यहाँ से 6 बार सांसद रह चुके नंदकुमार सिंह चौहान के आकस्मिक निधन के कारण यह चुनाव की नौबत बनी। कोरोना संक्रमण के बाद यहाँ जनजीवन अभी तक पूरी तरह सामान्य भी नहीं हो सका, इसका असर इस चुनाव पर भी साफ नज़र आया। यहाँ आज सुबह से ही मतदान बहुत धीमी गति से शुरू हुआ और मतदान समाप्ति तक भी यह कुछ ख़ास गति नहीं पकड़ सका। किसी भी मतदान केंद्र पर मतदाताओं की कतारे देखने को नहीं मिली।
यहाँ पिछले चुनाव में मतदान की स्थिति देखें तो जहाँ 2019 के लोकसभा चुनाव में मतदान 76. 90 प्रतिशत था वहीं इसके पहले 2014 में यह 71.48 प्रतिशत था। ये दोनों ही चुनाव में भाजपा के नंदकुमार सिंह चौहान ने विजयश्री हासिल की थी। 2019 में वे जहाँ 2 लाख 73 हजार 303 मतों से विजयी हुए थे, तो 2014 में यह अंतर 2 लाख 59 हजार 714 था। जबकि, 2009 में यहाँ मतदान गिरकर 60.01 प्रतिशत पर सिमट गया। तब यहाँ से कांग्रेस के अरुण यादव ने चौहान को 49 हजार 801 मतों से पराजित किया था।
हालाँकि, मतदान के घटते-बढते आंकड़ों से कोई अनुमान लगा पाना इस बार भी संभव नहीं है। फिर भी यह समझा जाता है कि खंडवा जो बीते तीन दशक से भाजपा के गढ़ में तब्दील हो गया, वहां मतदान का कम होना, भाजपा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं बुरहानपुर में जहाँ अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। मतदान का कम होना कांग्रेस के लिए मुश्किल बढ़ा सकता है। इधर, बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में भी मतदान का कम होना दिखाता है कि यहाँ भी विधायक सचिन बिरला के कांग्रेस में भाजपा में जाने से मतदाताओं में निराशा बढ़ाई है।
खंडवा जिले की दो विधानसभा क्षेत्रो के दो गाँवो में मतदाताओं ने अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। पंधाना विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर गांव के लोग अपने यहाँ सड़क की समस्या से परेशान थे। वहीं उनके गांव में मतदान केंद्र नहीं बनना भी उनकी नाराज़गी की वज़ह थी। इसी तरह मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नांदिया रैयत में भी सड़क के साथ ही राशन की दुकान और वहां कब्रिस्तान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। इसी तरह बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के खनगांव में लोगो ने बाँकुड नदी पर पुल बनाने की बरसों पुरानी मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया।
गौरतलब यह है कि किसी भी पार्टी के विधायक या नेता इन ग्रामीणों को समस्या के समाधान का वादा भी नहीं कर सके जिससे उनका विरोध थम पाता। जबकि, पिछले मांधाता विधानसभा उपचुनाव में भी ग्राम सिंधखेड़ा में भी ग्रामीण चुनाव के बहिष्कार पर आमदा थे। तब तत्कालीन सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने मोबाइल पर ही ग्रामीणों से चर्चा कर उनका भरोसा हासिल किया और वे मतदान पर राजी हुए। ज़ाहिर है इस क्षेत्र में अब चौहान जैसा कोई दूसरा कद्दावर नेता अब नहीं है, जो लोगो को चुनाव का बहिष्कार करने से रोक पाता।
जैन संत ने इंदौर में आत्महत्या की
इंदौर : जैन संत विमद सागर महाराज ने lllआत्महत्या कर ली। यह घटना नंदानगर के एक जैन मंदिर के नजदीक की एक धर्मशाला में हुई। बताया गया कि उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। FSL की टीम भी जांच के लिए वहां पहुंच गई है।
संत का नाम आचार्य श्री 108 विमद सागर है। वे चातुर्मास के लिए इंदौर आए थे। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जानकारी जुटा रही है। जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु मौके पर जमा हैं। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका।
CSP निहित उपाध्याय के मुताबिक, नंदानगर जैन मंदिर के नजदीक एक धर्मशाला में जैन मुनि रुके थे। जानकारी मिलने पर परदेशीपुरा थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।
राजस्थान मे थानों और ऑफिस में नहीं बन सकेंगे पूजा स्थल
जयपुर : राजस्थान के किसी पुलिस थाने या ऑफिस में अब कोई पूजा स्थल नहीं बन सकेगा(No Temples in Offices & Police Stations)| पुलिस आवास विभाग (Police Housing Department) के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) ए पोन्नूचामी ने आदेश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी ADG, IG, SP और पुलिस कमिश्नर के नाम यह निर्देश जारी किया है। जबकि, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी BJP ने यह आदेश वापस लेने की मांग की।
Rajasthan Police के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (Housing) ए पोन्नूचामी के मुताबिक, ‘राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थल अधिनियम 1954’ के नियमों का पालन कराए जाने के बारे में जारी परिपत्र का मकसद थानों में धार्मिक स्थल का निर्माण कराकर अनावश्यक दखल की संभावना को रोकना है।
उन्होंने बताया कि आम लोगों को मिलने वाले न्याय को प्रभावित करने के कतिपय उदाहरण सामने आए थे। इसे ध्यान में रखते हुए 1954 में जारी आदेशों के पालन के लिए परिपत्र जारी किया गया।





