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भारतीय मूल के तेज गेंदबाज ने बीबीएल में हैट्रिक लेकर रचा इतिहास, तीसरी बार किया यह कारनामा

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भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज गुरिंदर संधू ने बिग बैश लीग में हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने बीबीएल में अपनी पहली और घरेलू  क्रिकेट में तीसरी हैट्रिक पूरी की। वह ऐसा करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट भी बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में 50 ओवर के खेल में दो बार हैट्रिक अपने नाम की थी।

संधू ने सबसे पहले 2018 में जेएलटी वनडे कप में तस्मानिया की तरफ से खेलते हुए विक्टोरिया के खिलाफ पहली हैट्रिक ली थी। इसके बाद उन्होंने पिछले साल 2021 में मार्श कप में हैट्रिक लेने का कीर्तिमान बनाया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दो हैट्रिक लेने वाले वह पहले ऑस्ट्रेलियाई भी हैं। अब उन्होंने टी-20 लीग में हैट्रिक लेकर अपना कद और भी बढ़ा लिया है।

बीबीएल हैट्रिक की बात करें तो दाएं हाथ के 28 वर्षीय गेंदबाज संधू ने सिडनी थंडर्स की तरफ से खेलते हुए पर्थ स्कोचर्स के खिलाफ लगातार 3 गेंदों में 3 विकेट झटकते हुए अपनी हैट्रिक पूरी की। उन्होंने यह कारनामा दो ओवरों की 3 गेंदों में किया। गुरिंदर ने तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर कोलिन मुनरो को आउट किया और इसके बाद चौथे ओवर की शुरू की दो गेंदों में आरोन हार्डी और लौरी इवांस को अपना शिकार बनाया।

गुरिंदर ने पारी के 12वें ओवर की आखिरी गेंद पर कोलिन मुनरो को 18 रनों के निजी स्कोर पर बेन कटिंग के हाथों कैच कराया। इसके बाद वह 16वें ओवर में अपने कोटे का आखिरी ओवर करने लौटे और पहली ही गेंद पर हार्डी को चार रन के स्कोर पर अपनी जाल में फंसाया। इसके बाद संधू ने लॉरी इवांस को 20 रन के स्कोर पर विकेटकीपर सैम बिलिंग्स के हाथों कैच कराया।

तीन गेंदों में तीन खिलाड़ियों को पवेलियन भेजने के साथ ही संधू सिडनी थंडर्स के लिए हैट्रिक लेने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए। उन्होंने मैच में 4 ओवरों में 22 रन देकर 4 विकेट झटके।

संधू ने ऑस्ट्रेलिया के लिए दो एकदिवसीय मुकाबले भी खेले हैं। उन्होंने जनवरी 2015 में भारत के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। उस समय उन्होंने अजिंक्य रहाणे का विकेट चटकाया था और 58 रन देकर एक विकेट हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा मैच खेला और इसमें शतक लगाने वाले इयान बेल और और कप्तान इयोन मोर्गन को पवेलियन भेजा था।

सोनिया का सीएम चन्नी को निर्देश- मोदी पूरे देश के प्रधानमंत्री, जिम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई

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पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की सुरक्षा में चूक के 24 घंटे बाद कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से इस संबंध में बात की है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सीएम चन्नी से इस मामले की विस्तृत जानकारी ली है। उन्होंने चन्नी से कहा कि नरेंद्र मोदी पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

सोनिया ने सीएम चन्नी से कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरे को लेकर सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त किए जाने चाहिए थे।

सीएम चन्नी बोले, पीएम की सुरक्षा में कोई चूक नहीं
वहीं, सीएम चन्नी ने सोनिया गांधी को बताया कि पंजाब सरकार पूरे मामले की जांच करवा रही है। इसके लिए सेवामुक्त जस्टिस मेहताब सिंह गिल और राज्य के गृह सचिव अनुराग वर्मा की जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। उसमें जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी।
हालांकि एक तरफ सीएम चन्नी ने जांच कमेटी बनाई है तो दूसरी तरफ वह लगातार चूक से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर कहा कि इसमें कोई चूक नहीं हुई है और उन पर हमले का कोई खतरा नहीं था। पीएम मोदी ने ही आखिरी वक्त में सड़क से जाने का कार्यक्रम बनाया। अब वह चुनावी रैलियों में भी इस बात को भुना रहे हैं। पीएम की सुरक्षा में चूक के बहाने पंजाब और पंजाबियों को बदनाम किया जा रहा है।

स्मृति ईरानी ने साधा निशाना
सोनिया-चन्नी की बात पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि देर से जागी ये राजनीतिक आत्मा देश का आक्रोश देख रही थी… जनता की प्रार्थना, जनता की चिंता को देखकर सोनिया गांधी का ये कथन सामने आया है। कम से कम सोनिया गांधी ने इस बात को स्वीकारा की दोषी कांग्रेस की प्रदेश सरकार और प्रशासन है। कहीं ऐसा तो नहीं मोहरे को इस प्रकार का आदेश देकर परिवार ने अपना पल्ला झाड़ लिया है।

कांग्रेस में दोफाड़

वहीं तमाम कांग्रेस नेताओं बयानों से साफ नजर आ रहा है कि पीएम सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस में ही एकराय नहीं है। पार्टी दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है। पंजाब के सीएम जहां इसे चूक का मामला नहीं मान रहे हैं, वहीं फिरोजपुर से विधायक ने इसे चूक का बड़ा मामला बताया है। उधर, राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इसे भाजपा का ड्रामा करार देते हुए कहा था कि उसे बेकार का शोर नहीं मचाना चाहिए। जबकि सांसद मनीष तिवारी ने सुरक्षा चूक की जांच कराने की मांग की है।

भोपाल में दुकानों पर मास्क अनिवार्य न करने पर की जा सकती है दुकानें सील

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भोपाल। आम जनता और दुकान संचालकों से मास्क लगाने के लिए जागरूक करने के लिए कलेक्टर अविनाश लवानिया और एसीपी सचिव अतुलकर ने बुधवार रात आठ बजे न्यू मार्केट क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान मास्क न लगाने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए दुकान संचालकों को सख्त हिदायत दी कि दुकानों पर मास्क अनिवार्य न करने पर दुकानें सील की जा सकती है। इसलिए बिना मास्क के सामाग्री न दें। इस दौरान दुकानों पर मास्क है लगाने के लिए जागरुकता संबंधी स्टीकर भी दोनों अधिकारियों ने मिलकर चिपकाएं। कलेक्टर ने संचालकों को निर्देश दिए की दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को वैक्सीन के दोनों डोज अनिवार्य रूप से लगे हो और इसके साथ सभी लोग मास्क लगाएं। कलेक्टर अविनाश लवानिया और एसीपी सचिन अतुलकर ने मार्केट क्षेत्र का भ्रमण के दौरान उन्होंने मास्क नहीं लगाने वाले लोगों को समझाइश दी। इसके साथ पुराने भोपाल क्षेत्र पीर गेट, चौक में एडीएम दिलीप यादव, एसडीएम जमील खान, तहसीलदार बैरागढ़ में एसडीएम बैरागढ़ और तहसीलदार ने भी बैरागढ़ में चलानी कार्रवाई भी की। बैरागढ़ में 105 व्यक्तियों के विरुद्ध 10800 की चालानी कार्रवाई की गई।

ननि ने मास्क न पहनने वाले 648 लोगों पर 69 हजार रुपये का जुर्माना

नगर निगम भोपाल ने मास्क ना लगाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अपने-अपने जोन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 648 व्यक्तियों के खिलाफ मास्क न पहनने पर चालानी कार्रवाई की। इस दौरान 69 हजार 620 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने, अमानक स्तर की पाॅलीथीन का उपयोग व विक्रय, यूरिनेशन आदि के 360 प्रकरणों में 78 हजार 650 रूपये की राशि स्पाट फाईन के रूप में वसूली। इस कार्रवाई में 15 थानों की पुलिस भी शाfमिल है।

तीन विवि में कोरोना ने दी दस्तक

भोपाल, राजधानी के तीन यूनिवर्सिटी में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, जागरण लेकसिटी, और बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में हॉस्टल में रहने वाले बच्चे संक्रमित मिले है। जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी मे हॉस्टल में रहने वाले 2 बच्चे, माखनलाल यूनिवर्सिटी के एपीआर डिपार्टमेंट का एक छात्र, बरकतउल्ला में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का कर्मचारी भी पॉजिटिव आया है। सभी को तत्काल आइसोलेट कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सभी संक्रमित छात्र दूसरे राज्यों के रहने वाले है और कुछ दिन पहले ही घर से यूनिवसिर्टी में आए है।

नगर पंचायत के चुनाव नहीं कराने पर प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त 14 को तलब

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ग्वालियर। हाई कोर्ट की युगलपीठ ने शिवपुरी जिले की नरवर नगर पंचायत के चुनाव समय पर नहीं कराए जाने के मामले में प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त बसंत प्रताप सिंह को 14 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। उन्हें अवमानना के संबंध में जवाब देना है।

चुनाव आयोग को वर्ष 2018 में नरवर नगर पंचायत के चुनाव कराने थे, लेकिन राज्य के चुनाव आयोग ने नहीं कराए। एक साल से अधिक समय बीत गया था। इसको लेकर नरवर निवासी बृजेश सिंह तोमर ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 25 अप्रैल 2019 में आदेश दिया था कि तीन महीने में चुनाव प्रक्रिया को खत्म किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद भी चुनाव नहीं कराए गए। जब चुनाव नहीं हुए तो जुलाई 2019 में अवमानना याचिका दायर की। इसके बाद भी चुनाव आयोग ने गंभीरता नहीं दिखाई। अवमानना याचिका 2019 से लंबित है। अवमानना याचिका की स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने 15 दिसंबर 2021 को मुख्य चुनाव आयुक्त बसंत प्रताप सिंह को तलब किया था, लेकिन आयुक्त उपस्थित नहीं हुए। हाजिरी माफी का आवेदन पेश किया गया था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें हाजिरी माफी नहीं दी। गुरुवार को कोर्ट ने चुनाव आयुक्त के उपस्थित नहीं होने पर नाराजगी जताई और 14 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।

चार याचिकाएं सुनी जा रही हैं एक साथ

-बृजेश सिंह तोमर ने 2020 में नई रिट पिटीशन दायर की है। इस याचिका में तर्क दिया गया है कि 2018 में चुनाव का जो गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था, उसके अनुसार चुनाव कराने थे, लेकिन 2020 मेंं चुनाव की नई अधिसूचना जारी कर दी, जिससे कोर्ट के आदेश की अवमानना हुई है।

– इस याचिका के साथ बृजेश सिंह तोमर की अवमानना याचिका भी जोड़ी गई है।

– बसंत प्रताप सिंह ने भी याचिका दायर की है। इस याचिका को भी इसके रिट पिटीशन के साथ सुना जा रहा है।

– बीएल कांताराव भी मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके हैंं, उन्होंने भी याचिका दायर की थी। यह याचिका को भी रिट पिटीशन के साथ जोड़ा गया है।

बुल्ली बाई एप मामले के आरोपित नीरज बिश्नोई को वीआइटी ने किया निष्कासित

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सीहोर । विवादित बुल्ली बाई एप तैयार करने के मामले में दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपित नीरज बिश्नोई को वेल्लोर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (वीआइटी) विश्वविद्यालय ने गुरुवार को निष्कासित कर दिया। नीरज यहां बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) द्वितीय वर्ष का छात्र था। यह जानकारी विश्वविद्यालय के सूचना अधिकारी अमित कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में दाखिले के बाद से नीरज कभी संस्थान में नहीं आया।

कोरोना संक्रमण के कारण संस्थान ने आनलाइन कक्षाएं व परीक्षाएं आयोजित की थीं। वह उनमें शामिल हुआ था। वह संस्थान के होशियार विद्यार्थियों में शामिल था। प्रवेश परीक्षा में भी अच्छी रैंकिंग थी और उसका वार्षिक परीक्षा परिणाम भी अच्छा रहा है। नीरज की गिरफ्तारी को लेकर अभी जिला प्रशासन या पुलिस ने संस्थान से कोई जानकारी नहीं मांगी है। संस्थान को भी मीडिया के माध्यम से ही गिरफ्तारी की जानकारी मिली। एएसपी समीर यादव ने बताया कि इस मामले को लेकर स्थानीय पुलिस से कोई जानकारी नहीं मांगी गई है।

मध्य प्रदेश में चार सिस्टम सक्रिय, जेट स्ट्रीम के असर से गिर रहे ओले

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भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर बने चार वेदर सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मप्र पर बने जेट स्ट्रीम के कारण उज्जैन, सागर, ग्वालियर संभागों के जिलों में ओला वृष्टि हो रही है। शुक्रवार से बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक शाजापुर में 35, ग्वालियर में 27.2, टीकमगढ़ में 22, नौगांव में 14, खजुराहो में 7.6, इंदौर में 5.8, गुना में 5, सतना में 0.4 मिलीमीटर बारिश हुई। उज्जैन में बूंदाबांदी हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से चार डिग्रीसे. अधिक रहा। साथ ही बुधवार के अधिकतम तापमान 26.5 डिग्रीसे. की तुलना में 1.8 डिग्रीसे. अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 15 डिग्रीसे. रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से चार डिग्रीसे. अधिक रहा। यह बुधवार के न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्रीसे. के मुकाबले 3.4 डिग्रीसे. अधिक रहा।

इन सिस्टम के असर से बिगड़ा मौसम का मिजाज

मौसम विज्ञान के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और आसपास बना हुआ है। उसके प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और उसके आसपास बना है। इस सिस्टम के असर से शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बनने की संभावना है। इसके अतिरिक्त एक जेट स्ट्रीम (लगभग 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर 200 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का बहाव) उज्जैन, सागर, ग्वालियर संभाग से होते हुए उत्तर प्रदेश तक बना हुआ है। इसकी वजह से इन तीन संभागों के जिलों में ओला वृष्टि हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिश की गतिविधियां शुरू होने के आसार हैं। इस दौरान ओले भी गिर सकते हैं।

ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमित होने पर होती हैं ये परेशानी

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देश में एक बार फिर कोविड के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। केंद्र से लेकर राज्य सरकारें तीसरी लहर से बचाव के लिए प्रतिबंधों को बढ़ाना शुरू कर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया गुरुवार को एम्स दिल्ली पहुंचे। वहां उन्होंने कोरोना से गस्त डॉक्टरों और हेल्थ वर्कर्स से मुलाकात की। एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि मास्क, हाथ धोना, भीड़ से बचना और वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण है। घबराएं नहीं, यह एक हल्की बीमारी है, लेकिन सतर्क रहें। वहीं डॉ. सुरेश कुमार ने कहा, जिस तरह से मामले बढ़ रहे हैं, ये एक अलार्मिंग सिग्नल है। पिछले बार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। संक्रमण तेजी से फैल रहा है। राजधानी में पिछले 3-4 दिन से मामले लगातार बढ़ हैं। यह संख्या डबल भी हो सकती है।

बता दें कोरोना वायरस पर एक हद तक दुनिया ने काबू पा लिया था। लेकिन इसके नए ओमिक्रोन वैरिएंट ने सबको चिंता में डाल दिया है। ये संस्करण डेल्टा वैरिएंट से भी तेज फैसला है। नए वैरिएंट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेताया है। अब दुनियाभर के वैज्ञानिक ओमिक्रोन के स्टडी पर जुट गए हैं। वहीं लोगों में भी इसे लेकर कई सवाल हैं। आखिर इसके लक्षण, बचाव और पता कैसे चलता है। आइए जानते हैं ओमिक्रोन से जुड़ी सभी महत्वपू्र्ण बातों को यहां।

ओमिक्रोन वैरिएंट के लक्षण

1. ओमिक्रोन से संक्रमिक व्यक्ति को गले में खराब, नाक बहना और सिरदर्द की समस्या होती है।

2. बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है।

3. हल्का बुखार आता है, जो अपने आप ठीक हो जाता है।

4. संक्रमित को बहुत अधिक पसीना आता है।

5. सूखी खांसी की समस्या होती है।

6. गले में जलन और चुभन होता है।

बचाव के लिए क्या करना होगा

1. कोविड के लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करवाकर आइसोलेट हो जाएं।

2. संपर्क में आए लोगों को सूचना दें और जांच कराने को कहें।

3. डॉक्टर से संपर्क में रहें।

4. वैक्सीन लगवाएं और दोस्तों और परिजनों को भी लगवाने के लिए कहें।

5. घर से बाहर मास्क पहनकर ही निकलें।

6. भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाएं।

7. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

ओमिक्रोन संक्रमण का पता कैसे चलता है

ओमिक्रोन से संक्रमित है या नहीं। इसका पता आरटी-पीसीआर टेस्ट से चल सकता है। इसमें लार के नमूने को पैथोलॉजी लैब में भेजा जाता है। अगर सिर्फ ये पता करना है कि संक्रमण है या नहीं। इसके लिए रैपिड टेस्ट करवाया जा सकता है। हालांकि इसमें किस वैरिएंट से संक्रमित हैं। इसका पता नहीं चल पता है। ओमिक्रोन की पुष्टि के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग जरूरी है। जिसमें चार से छह दिन लगते हैं।

देश में ओमिक्रोन के कुल 2,630 मामले, 26 राज्यों में फैला संक्रमण

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केंद्र सरकार ने एक बार फिर राज्‍यों को कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर आगाह किया है। अब तक देश के 26 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में पैर पसार चुके ओमिक्रोन के कुल मामले 2,630 हो गए हैं। ओमिक्रोन से महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बीते 24 घंटे में महाराष्‍ट्र में 144 और केरल में 50 नए मामले सामने आए हैं। महाराष्‍ट्र में ओमिक्रोन के सबसे ज्‍यादा 797 मामले आए हैं। बिना लक्षण वाले मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए नौ राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से कोरोना जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मिजोरम, मेघालय, जम्मू-कश्मीर और बिहार को लिखे पत्र में कोविड-19 जांच की दर कम होने की ओर इशारा करते हुए इस पर चिंता जताई है। उन्‍होंने कहा है कि पर्याप्त जांच नहीं होने की स्थिति में समुदाय में फैले संक्रमण के सही स्तर का आकलन करना असंभव होगा।

सुरक्षा में चूक मामले पर मुख्यमंत्री चन्नी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, घटना पर जताया खेद

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काफिले के दौरान सुरक्षा में चूक को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि उन्हें इस घटना पर खेद है, लेकिन इसमें राज्य सरकार की ना तो कोई गलती है और ना ही कोई साजिश। उन्होंने कहा कि मुझे खुद भी बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी करने जाना था, लेकिन जिन लोगों को मेरे साथ जाना था, वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए, इसलिए मैं प्रधानमंत्री को रिसीव करने नहीं गया। उन्होंने कहा कि मुझे खेद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज फिरोजपुर ज़िले के दौरे के दौरान वापस लौटना पड़ा। हम अपने प्रधानमंत्री का सम्मान करते हैं। और ये भरोसा दिलाते हैं कि पीएम को किसी तरह का कोई खतरा नहीं था और ना ही सुरक्षा में कोई चूक हुई थी।

सीएम ने बताया कि हमने उनसे (पीएमओ) खराब मौसम की स्थिति और विरोध के कारण यात्रा बंद करने के लिए कहा था। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की अचानक मार्ग परिवर्तन करने की कोई सूचना नहीं थी। ऐसे में कुछ किसान अचानक आकर धरने पर बैठ गये, तो इसमें सुरक्षा में चूक का सवाल कहां पैदा होता है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पर कोई हमला नहीं हुआ, ऐसी कोई सोच भी नहीं थी। पहले भी दिल्ली में किसान आंदोलन हुआ। उनकी कुछ मांग थी जो 1 साल बाद पूरी हुई। आज भी अगर कोई शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने रास्ते पर आ गया, तो इसे प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ नहीं जोड़ना चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर भी मामले को बेकार तूल देने और राजनीति करने का आरोप लगाया।

पीएम का काफिला सड़क के रास्ते से फिरोजपुर जा रहा था, लेकिन बीच रास्ते में कोटकपूरा पुल पर किसानों के प्रदर्शन की वजह से उनके काफिले को रोक दिया गया। 20 मिनट के इंतजार के बाद उनका काफिला बठिंडा वापिस लौट गया।

मध्‍य प्रदेश में सात जिलों के रेत ठेके निरस्त

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भोपाल। प्रदेश की सबसे बड़ी रेत खदान नर्मदापुरम(होशंगाबाद)), भोपाल सहित सात जिलों के रेत ठेके सरकार ने निरस्त कर दिए हैं। ठेकेदारों की सुरक्षा राशि (सौ करोड़ से अधिक) जब्त कर ली है। वहीं संबंधित ठेकेदारों द्वारा भंडारित रेत की जांच के निर्देश संबंधित जिलों के कलेक्टरों को दिए गए हैं। ये ठेकेदार पिछले तीन महीने से मासिक किस्त जमा नहीं कर रहे थे।

ठेकेदारों ने पिछले माह स्वेच्छा से खदानें छोड़ने का आवेदन भी दिया था। ज्ञात हो कि नर्मदापुरम(होशंगाबाद) जिले की 118 रेत खदानों के समूह का ठेका 19 महीने में दूसरी बार निरस्त हुआ है। वर्ष 2019 में रेत खदानों की नीलामी में शामिल होकर तेलंगाना की पावरमैक कंपनी ने 217 करोड़ में ठेका लिया था, जिसे मई 2020 में निरस्त किया गया था। जनवरी 2021 में छत्तीसगढ़ की कंपनी आरके ट्रांसपोर्ट ने 262 करोड़ रुपये में यह ठेका लिया था।

खनिज निगम ने रायल्टी की राशि नियमित रूप से नहीं मिलने पर नर्मदापुरम(होशंगाबाद), भोपाल, खरगोन, बड़वानी, जबलपुर, दमोह और टीकमगढ़ की रेत खदानों के समूह के ठेके निरस्त कर दिए हैं। प्रदेश की सबसे बड़े रेत खदानों के समूह नर्मदापुरम(होशंगाबाद) के ठेकेदार पर 63 करोड़ से अधिक की देनदारी थी।

ठेकेदार ने दिसंबर 2021 में खदान समर्पित करने का आवेदन तो दे दिया था, पर वह अक्टूबर 2021 से रायल्टी की नियमित किस्तों का भुगतान नहीं कर रहे थे। इसे देखते हुए ठेका निरस्त किया गया है और 65 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि जब्त कर ली गई है। साथ ही ठेकेदार को काली सूची (ब्लैक लिस्ट) में डाला गया है।

कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा ठेकेदार

रिस्क एंड कास्ट के नियम सहित अन्य प्रतिबंधों के खिलाफ ठेकेदार ने हाईकोर्ट जबलपुर में याचिका लगाई है। जानकार बताते हैं कि रिस्क एंड कास्ट के नियम में ठेकेदार को राहत मिल सकती है।

ठेकेदारों ने 39 में से 24 खदानें छोड़ीं

वर्ष 2019 में सरकार ने रेत खदानों के 39 समूह (जिला स्तर पर समूह) नीलाम किए थे। इनमें से आठ ठेकेदारों ने खदानें छोड़ दी हैं, तो 16 ठेकेदारों के ठेके निरस्त कर दिए गए हैं। इस तरह प्रदेश में वर्तमान में 15 जिलों की खदानों से ही रेत निकाली जा रही है। उल्लेखनीय है कि रतलाम, भिंड और पन्ना के ठेकेदार पहले खदानें समर्पित कर चुके हैं। बैतूल, देवास, ग्वालियर, नरसिंहपुर और डिंडौरी के दिसंबर में खदानें समर्पित कर दी हैं। वहीं भोपाल, नर्मदापुरम(होशंगाबाद), रायसेन, धार, आलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, शिवपुरी, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, मंदसौर, रीवा, राजगढ़ और शाजापुर की खदानें निरस्त की गई हैं।