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कोलकाता  पश्चिम बंगाल के दोमोहानी में गुरुवार को पटना से गुवाहाटी जा रही बीकानेर एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ट्रेन के पांच से छह डिब्बे पटरी से उतरे और ट्रैक के पास ही पलट गए। इस घटना में कम से कम तीन लोगों के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा कुछ और लोगों के घायल होने की भी बात सामने आई है। इस बीच एक यात्री ने कहा है कि ट्रेन में अचानक से एक झटका लगा, जिसके बाद डिब्बे पलट गए। यात्री ने कई लोगों की मौत की आशंका भी जताई।

हादसा स्थल पर 51 एंबुलेंस को भेजा गया है जिसके जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाएगा. DRM और ADRM घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं.

भारतीय रेलवे ने भी इस हादसे पर बयान जारी किया, बताया गया है कि हादसा शाम करीब पांच बजे हुआ. घटना में ट्रेन के करीब 12 डिब्बों पर असर पड़ा, डीआरएम और एडीआरएम दुर्घटना-राहत ट्रेन और मेडिकल वैन के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं.

बताया गया है कि दोमोहानी के सबसे करीब जलपाईगुड़ी स्टेशन है. यहां से एक राहत ट्रेन के साथ एंबुलेंसों को भी भेजा गया है. फिलहाल पुलिस और स्थानीय लोग राहत-बचाव कार्य में जुटे हैं. ट्रेन हादसे में घायल हुए लोगों को मैनागुड़ी अस्पताल और जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल भेजा गया है.

जिस वक्त यह ट्रेन हादसा हुआ उस वक्त पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोरोनावायरस के हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा कर रही थीं. हादसे की जानकारी मिलते ही सीएम ने अधिकारियों से राहत-बचाव कार्य तेज करने के लिए कहा है.

ट्रेन में 1200 से ज्यादा यात्री सवार
ट्रेन में करीब 1200 यात्री सवार थे जिसमें 700 करीब राजस्थान के यात्री हैं. रेलवे के सीपीआरओ कैप्टन शशि किरण ने बताया की इस ट्रेन में बीकानेर से 308 पैसेंजर सवार हुए थे.

ये है बीकानेर एक्सप्रेस का रूट
इस ट्रेन का रूट काफी लंबा है और ट्रेन राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल और असम के कई जिलों से गुजरकर गुवाहाटी पहुंचती है.  ये ट्रेन बीकानेर, नोखा, नागपुर, मकराना, जयपुर, भरतपुर, आगरा, टुंडला, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पटना, बख्तियारपुर, मोकोना, न्यू बरौनी, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार, दालकोला, किशनगंज, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूच बिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोआईगांव, कामख्या होते हुए गुवाहाटी पहुंचती है.

पीएम मोदी ने ममता बनर्जी से की बात
इस दौरान बीकानेर एक्सप्रेस 5 राज्यों के 34 रेलवे स्टेशनों से गुजरती है. बीकानेर एक्सप्रेस के हादसा ग्रस्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की है.

इसके अलावा ममता बनर्जी ने न्यू जलपाईगुड़ी और आसपास के इलाकों के शीर्ष अधिकारियों को मौके पर पहुंचने और लोगों की मदद करने का आदेश दिया है.

केंद्र सरकार की तरफ से घायलों के इलाज के लिए पश्चिम बंगाल सरकार को पास के मेडिकल कॉलेज अस्पताल को तैयार रखने के लिए कहा गया है. घटना स्थल पर बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया गया.

चित्रकूट परमिट टैक्स विवाद सुलझाने में जुटे CM, नौ माह पहले यूपी सरकार कर चुकी फैसला

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भोपाल भगवान राम की तपस्थली चित्रकूट जाने वाले यात्री वाहनों के परमिट टैक्स को लेकर बने विवाद को खत्म करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके संकेत दिए हैं और कहा है कि जल्द ही टैक्स लगने से होने वाली दिक्कत का समाधान किया जाएगा। सरकार के पास नौ माह से पेंडिंग प्रस्ताव पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं के आने जाने के दौरान जांच-पड़ताल से होने वाली परेशानी से राहत दी जा सके। यूपी सरकार पहले ही इस बारे में फैसला ले चुकी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो दिन पहले परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि चित्रकूट से आने वाले वाहनों को अनावश्यक शुल्क नहीं लगेगा। चित्रकूट मेला और अन्य अवसरों पर लगने वाले टैक्स में कमी करने या उसे समाप्त करने पर विचार कर शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद यह माना जा रहा है कि चित्रकूट में बसों और अन्य यात्री वाहनों की एंट्री के दौरान परमिट और अन्य रूप में वसूले जाने वाले टैक्स में सरकार राहत दे सकती है। तीर्थ स्थल चित्रकूट में हर अमावस्या को मेला लगता है। खासतौर पर दीपावली के दौरान यहां होने वाली दीपदान में शामिल होने के लिए देश भर से 12 से 15 लाख लोगों का आना-जाना होता है। ऐसे में परमिट के विवाद में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसलिए होता है विवाद
चित्रकूट में एमपी और यूपी दोनों ही राज्यों के क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में सड़क पर गुजरते हुए कब एमपी और कब यूपी की सीमा लग जाती है, यह पता ही नहीं चल पाता है। भगवान राम की तपस्थली आने वाले श्रद्धालु अगर यूपी से आते हैं तो एमपी में प्रवेश कर जाने पर उनके वाहन का परमिट सिर्फ यूपी का होने पर वाहन जब्ती और परमिट टैक्स की अतिरिक्त अदायगी करनी पड़ती है। इसी तरह एमपी का वाहन यूपी की सीमा में जाने पर परमिट टैक्स जमा नहीं करने के दायरे में आता है और परेशान अलग होना पड़ता है। इसी कारण लंबे समय से यह मांग की जा रही है कि चित्रकूट में एमपी और यूपी की सीमा का विवाद छोड़कर वाहनों के परिवहन शुल्क टैक्स फ्री कर देना चाहिए।

नौ माह पहले हुई थी बैठक, यूपी ने फैसला कर दिया
बताया गया कि इसको लेकर एमपी और यूपी के अफसरों की संयुक्त बैठक नौ माह पहले हुई थी। इसके बाद यूपी सरकार ने आदेश जारी कर दिया है कि चित्रकूट में यूपी की सीमा में आने वाले एमपी के परमिट वाले वाहनों पर दस किमी की परिधि में टैक्स फ्री माना जाएगा। यहां कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा। इसके विपरीत एमपी की सरकार नौ माह से इस प्रस्ताव पर निर्णय नहीं ले पाई है।

नर्मदा सहित अन्य नदियों में नहीं होगा स्नान, प्रशासन ने लगाया प्रतिबंध

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उज्जैन मकर संक्रांति पर  इस बार नदियों में स्नान नहीं होगा. कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे लगने वाले मेलों और स्नान पर रोक लगा दी है. नर्मदा, बेतवा और क्षिप्रा सहित अन्य तटों पर मेला और स्नान नहीं होगा. कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी है. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मकर संक्रांति पर नर्मदा क्षिप्रा तटों पर लगने वाले मेलों और स्नान पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है. कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

सूर्य के उत्तरायण होने के पर्व मकर संक्रांति पर नर्मदा किनारे सदियों से मेले लगते रहे हैं. लोक परम्परा के ऐसे पर्वों में बड़ी संख्या में लोग नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं. जबलपुर के तिलवाराघाट में तो खास तौर पर तिल-गुड़ के इस पर्व में हजारों लोग जुटते है.

कोरोना के बढ़ते संक्रमण और इससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए एसडीएम दिव्या अवस्थी ने गोरखपुर अनुभाग के अंतर्गत नर्मदा नदी के सभी घाटों ग्वारीघाट, जिलहरीघाट, खारीघाट, सिद्धघाट, उमाघाट, घुघराघाट, शंकरघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट और भेड़ाघाट पर 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर भरने वाले मेलों पर रोक लगा दी है. एसडीएम के आदेश में यह भी कहा गया है कि आने वाले अन्य पर्वों के दौरान भी मेलों के आयोजन को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधित कर दिया है.

एसडीएम गोरखपुर के आदेश में घाटों पर समूह में इकट्ठा होने और नदी में सामूहिक रूप से स्नान करने पर भी रोक लगाई गई है. आदेश में इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. सूर्य के उत्तर्रायण होने पर मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है. मध्यप्रदेश की जीवन दायिनी कही जाने वाली मां नर्मदा के घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु तिल गुड़ का दान कर स्नान करते हैं. लेकिन इस बार स्नान पर भी रोक रहेगी.

क्षिप्रा में नहीं होगा स्नान
उज्जैन जिला प्रशासन ने भी इस बार कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए क्षिप्रा नदी में स्नान पर रोक लगा दी है. कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. यहां हर साल मकर संक्रांति पर रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं. लेकिन इस बार रामघाट पहुंचने वाले सारे रास्ते बैरिकेड लगा कर बंद कर दिये गए हैं.

देवास-खंडवा में भी रोक
देवास में भी प्रशासन ने नर्मदा के नेमावर घाट पर स्नान पर रोक लगा दी है. प्रशासन आगामी त्यौहारों को देखते हुए लोगों के नेमावर घाट पहुंचने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. अगर कोई स्नान करता घाट पर देखा जायेगा तो उसके विरुद्ध पुलिस प्रशासन कार्रवाई करेगा. हर साल सक्रांति के दिन करीबन 1 लाख श्रद्धालु नर्मदा घाट पर स्नान के लिए पहुंचते हैं. इस बार प्रतिबंध के कारण मकर संक्रांति 14/15 जनवरी पर मेला भी नहीं लगेगा.

मध्‍य प्रदेश के तीन मंत्री विश्‍वास सारंग, तुलसी सिलावट और कमल पटेल कोरोना संक्रमित

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भोपाल। मध्‍य प्रदेश के तीन मंत्री विश्‍वास सारंग, कमल पटेल और तुलसी सिलावट कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। मंत्रियों ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वासर सारंग ने हल्के लक्षण दिखने के बाद उन्होंने भोपाल में गुरुवार को कोरोना की रैपिड एंटीजन किट से जांच कराई थी जिसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई है। उन्होंने टि्वटर के जरिए इसकी जानकारी दी है। साथ ही संपर्क में आए सभी लोगों को आइसालेट होकर जांच कराने के लिए कहा है।

उन्होंने बुधवार को विदिशा मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान आक्सीजन प्लांट का लोकार्पण किया था। इसके बाद कोरोना से निपटने की तैयारियों को लेकर बैठक की थी। इसके पहले मंगलवार को उन्होंने टीकमगढ़ के जिला अस्पताल में कोविड से निपटने की तैयारियों की लेकर बैठक की थी। मंगलवार को विधायक रामेश्वर शर्मा और बुधवार को पूर्व मंत्री एवं विधायक पीसी शर्मा पाजिटिव आ चुके हैं।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को आपदा प्रबंधन समूह के साथ बैठक करेंगे। इसमें सभी मंत्री, विधायक, संभागायुक्त, कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे। बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।

मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, उसे देखते हुए कुछ प्रतिबंध और बढ़ाए जा सकते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ को एकत्र होने से रोकने के लिए सख्ती बढ़ाई जा सकती है। वहीं, पहली से आठवीं तक के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर रोक लगाने पर भी विचार किया जा सकता है। बैठक में रोको-टोको अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में आपदा प्रबंधन समूह की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

दिल्ली में 24 घंटे में 28 हजार से ज्यादा नये मामले, संक्रमण की दर भी बढ़कर हुई 29.21 फीसदी

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गुरुवार को भी देश में कोरोना के मामलों में बड़ी तेजी देखी गई। राजधानी दिल्ली में तो सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। दिल्ली में आज कोरोना के 28,867 नए मामले सामने आए और 31 मरीजों की मौत हो गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 94,160 हो गई है। वहीं, दिल्ली में संक्रमण दर भी बढ़कर 29.21 फीसदी पहुंच गई है। देश की बात करें तो पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2,47,417 नए केस आए हैं, जबकि 380 लोगों की मौत हो गई। ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले भी बढ़ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना को 100 साल की सबसे बड़ी महामारी करार दिया।

अन्य राज्यों में बढ़े मामले

    • महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 46,406 नये मामले दर्ज हुए, और इसके संक्रमण की वजह से 36 लोगों की मौत हो गई।
    • मुंबई में आज कोरोना के 13,702 नए मामले दर्ज किए गए और 6 मरीजों की मौत हो गई। शहर में सक्रिय मामलों की संख्या 95, 123 है।
    • मुंबई पुलिस में कोरोना का विस्फोट देखा जा रहा है। पिछले 48 घंटों में 329 पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित पाए गए। कोरोना की वजह से अब तक कुल 126 पुलिसकर्मियों की मौत हुई है।
    • तमिलनाडु में कोरोना के 20,911 नए मामले सामने आए, जबकि 25 मरीजों की मौत हो गई। वहीं, राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 1,03,610 पहुंच गई है।
    • कर्नाटक में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 25,005 नए मामले सामने आए और 8 लोगों की जान चली गई। यहां सक्रिय मामलों की संख्या 1,15,733 पहुंच गई है।
    • गुजरात में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 11,176 नए मामले सामने आए, जबकि 5 मरीजों की मौत हो गई। वहीं, पिछले 24 घंटे में 4285 मरीज ठीक भी हुए।
    • गोवा में आज कोरोना के 3728 नए मामले सामने आए और 4 लोगों की मौत हो गई। राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 16,887 है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल के खिलाफ कांग्रेस नेताओं की अभद्रता को आदिवासी अस्मिता से जोड़ेगी भाजपा

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भोपाल।  मंगलवार को राजभवन में के खिलाफ कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई नारेबाजी और अमर्यादित टिप्पणी को भाजपा मुद्दा बनाएगी। भाजपा ने इसे आदिवासी अस्मिता से जोड़ते हुए इसे संपूर्ण आदिवासी समाज का अपमान बताया है। पार्टी इस तैयारी में है कि वह कांग्रेस नेताओं के इस व्यवहार को आदिवासी विरोधी मानसिकता बताते हुए अभियान चलाए। उधर,गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राज्यपाल जी आदिवासी वर्ग से इसलिए कांग्रेसी नेताओ ने अपमान किया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि वे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ राज्य सभा के सभापति से शिकायत करेंगे।

भाजपा पदाधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल का पद संवैधानिक हैं। उनको लेकर अमर्यादित शब्दों का उपयोग करना बताता है कि कांग्रेस नेता की आदिवासियों के प्रति मानसिकता क्या है। इसको लेकर हम समाज के बीच जाएंगे और कांग्रेस की असलियत उजागर करेंगे। गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस और दिग्विजय सिंह ने राज्यपाल का अपमान इसलिए किया क्योंकि वह जनजातीय समुदाय से आते है।

वैसे भी संवैधानिक संस्थाआंे और आदिवासी वर्ग को अपमानित करना हमेशा से कांग्रेस का स्वभाव रहा है। कांग्रेस में मंत्री रहे उमंग सिंगार ने कहा कि दिग्विजय सिंह आदिवासी विरोधी और प्रदेश के सबसे बड़े माफिया है। वहीं, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस के नेता लगातार आदिवासी समाज के व्यक्तियों का अपमान कर रहे हैं। पार्टी ने किसी भी आदिवासी नेता को आगे नहीं बढ़ने दिया। राज्यपाल के प्रति जिस अमर्यादित भाषा का उपयोग किया गया है, वहां निंदनीय है।

31 दिसंबर को मांगा था समय- दिग्विजय सिंह

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा कि देवास जिले के नेमावर में आदिवासी परिवार के सदस्यों के पांच सदस्यों की हत्या करके शव को खेत में दफना दिया गया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। वह राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। हमने सीबीआइ जांच की मांग की थी। नारी सम्मान जागृति चेतना संस्था ने न्याय यात्रा प्रारंभ करने से पहले 31 दिसंबर 2021 को न सिर्फ यात्रा प्रारंभ करने की सूचना दी थी बल्कि 11 जनवरी को मुलाकात का समय भी मांगा था। यात्रा जब भोपाल आई तो मैं भी इसमें शामिल हुआ और प्रतिनिधिमंडल के साथ आपसे मिलने के लिए पुलिस द्वारा हमें राजभवन लाया गया पर मिलने नहीं दिया गया। आप राज्य के संवैधानिक मुखिया हैं इसलिए सीबीआइ को समय सीमा में जांच करके हत्यारों को सजा दिलाने के लिए निर्देश दें ताकि पीड़ित आदिवासी परिवार को न्याय मिल सके।

कांग्रेस ने उत्तराखंड से पूर्व पार्टी प्रमुख किशोर उपाध्याय को पार्टी के सभी पदों से हटाया

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जैसे जैसे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे ही सियासी गर्मी तेज होती जा रही है। योगी सरकार के वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्य खेमे के एक और विधायक विनय शाक्य ने भाजपा छोड़ने का ऐलान किया। शाक्य ने कहा है कि मैं स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ हूं और उनके साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो होऊंगा। कांग्रेस ने उत्तराखंड से पूर्व पार्टी प्रमुख किशोर उपाध्याय को पार्टी के सभी पदों से यह कहते हुए हटा दिया, “कई चेतावनी के बावजूद भाजपा और अन्य दलों के साथ मिलनसार हैं।”

दूसरी ओर स्वामी प्रसाद मौर्य के भारतीय जनता पार्टी छोड़ने के बाद जहां पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है, वही ऐसी भी सूचना है कि समाजवादी पार्टी आज अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है।

स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे की सफाई, मेरे लिए नहीं मांगा था टिकट

दलित नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़ने के बाद उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पार्टी से अपने बेटे के लिए टिकट मांगा था, लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कर्ष मौर्य ने सफाई दी है कि मेरे पिता ने मेरे या मेरी बहन के लिए टिकट नहीं मांगा है।

डैमेज कंट्रोल में जुटी भाजपा

स्वामी प्रसाद के पार्टी छोड़ने के ऐलान के बाद भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पार्टी से नाराज एक अन्य भाजपा विधायक दारा सिंह को भी पार्टी आलाकमान ने आज दिल्ली तलब किया है। वहीं बांदा से भाजपा विधायक बृजेश प्रजापति ने कहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य जिस पार्टी शामिल होंगे, वहीं भी उन्ही के साथ जाएंगे। उन्होंने कहा कि बहुत जल्दी ही कुछ और विधायक भी भाजपा छोड़कर स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ आ सकते हैं।

WHO ने माना, कोरोना के नये वेरिएंट्स के लिए मौजूदा टीके पर्याप्त नहीं, ज्यादा प्रभावी Vaccines की जरुरत

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दुनिया भर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने साफ चेतावनी दी है कि मौजूदा टीके या उनकी बूस्टर डोज नये वैरिएंट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। ऐसे में इसके संक्रमण से बचाव के लिए दुनिया को इनसे ज्यादा प्रभावी वैक्सीन विकसित करने की जरूरत है। ये बात WHO की टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट में कही है। इन विशेषज्ञों ने आगाह किया कि ऑरिजिनल कोविड टीकों की बूस्टर खुराक को दोहराने से उभरते हुए वेरिएंट के प्रसार को रोकना मुश्किल है। ऑमिक्रॉन के म्यूटेशनल प्रोफाइल और शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि मौजूदा वैक्सीन इसे रोकने में उतने प्रभावी नहीं है, लेकिन इसके गंभीर परिणामों से जरुर बचाते हैं।

कोविड -19 वैक्सीन संरचना पर WHO टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ( (TAG-Co-VAC ) ने एक बयान में कहा कि मूल वैक्सीन संरचना की बूस्टर खुराक (Booster Dose) के आधार पर वैक्सीनेशन रणनीति उचित या फिर टिकाऊ नहीं है। शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मौजूदा टीके उन लोगों में कोविड बीमारी को रोकने में कम प्रभावी थे, जो नए ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Varinat) से संक्रमित हुए हैं। जल्द ही ऐसे टीके विकसित करने की जरूरत है, जो न केवल लोगों को गंभीर रूप से बीमार पड़ने से बचाते हैं, बल्कि पहले ही संक्रमण और संचरण को बेहतर तरीके से रोक सकते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप के विशेषज्ञों के एक समूह ने कोरोना वैक्सीन के कंपोजिशन (TAG-Co-VAC) पर कहा कि मौजूदा टीके गंभीर बीमारी और वेरिएंट ऑफ कंसर्न (Variants of Concern) के कारण होने वाली मौतों के खिलाफ उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। लेकिन इस वायरस को रोकने के लिए हमें ऐसे टीके विकसित करने की जरूरत है, जो संक्रमण को और मजबूती के साथ रोक सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि अगले छह से आठ हफ्ते के भीतर यूरोपीय आबादी का करीब 50 फीसदी कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित हो जाएगा।

नीति आयोग की चेतावनी, सामान्य Flu नहीं है ओमिक्रॉन, कहा- मास्‍क और वैक्‍सीन जरुरी

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ओमिक्रोन को लेकर सरकार ने फिर जनता को चेताया है। नीति आयोग सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने कहा है कि ओमिक्रोन कोई सामान्य सर्दी नहीं है, इसे धीमा करना हमारी जिम्मेदारी है। आइए मास्‍क लगाएं और टीका लगवाएं। यह सच है कि वे (टीके) एक हद तक मददगार होते हैं। टीकाकरण हमारी COVID प्रतिक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्‍सा है।उन्‍होंने कहा, दवा के उपयोग के लिए एक तर्कसंगत दृष्टिकोण होना चाहिए। हम दवाओं के अति प्रयोग और दुरुपयोग के बारे में चिंतित हैं। अति प्रयोग न करें, इसके परिणाम होंगे। गर्म पानी पिएं, घरेलू देखभाल में गरारे करें। इस बीच, महाराष्ट्र कैबिनेट ने कहा है कि कोविड के मद्देनजर इस साल सभी स्कूल बसों को सालाना वाहन कर से शत-प्रतिशत छूट मिलेगी। 10 से कम श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों सहित सभी प्रतिष्ठानों के लिए मराठी साइनबोर्ड अनिवार्य होंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, COVID स्थिति पर पीएम द्वारा समीक्षा बैठक के बाद, हमने हल्के और मध्यम मामलों में वर्गीकृत गंभीरता के साथ अपनी डिस्चार्ज नीति को संशोधित किया है। लगातार 3 दिनों तक पॉजिटिव और गैर-आपातकालीन परीक्षण से कम से कम 7 दिनों के बाद माइल्ड केस डिस्चार्ज, डिस्चार्ज से पहले परीक्षण की कोई आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि चुनावी रैलियों पर प्रतिबंध बढ़ाया जाएगा या नहीं, यह बाद में पता चलेगा। चुनाव आयोग ने सभा, रैलियों से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जैसे-जैसे स्थिति होती है हम चुनाव आयोग के साथ समन्वय करेंगे। उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। दूसरी तरफ आईसीएमआर के डीजी डॉ बलराम भार्गव ने कहा है कि सभी रोगसूचक व्यक्तियों का परीक्षण किया जाना आवश्यक है, जिसमें प्रयोगशाला द्वारा पुष्टि किए गए मामलों के सभी हाई रिस्‍क वाले मामले के संपर्क शामिल हैं। टच मामलों को तब तक परीक्षण करने की आवश्यकता नहीं है जब तक कि वे हाई रिस्‍क में न हों। सभी संपर्कों के लिए 7 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन होना चाहिये।

ग्वालियर में ओमिक्रोन की दस्तक, चंडीगढ़ से लौटे डीआरडीई के वैज्ञानिक हुए संक्रमित

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ग्वालियर। ग्वालियर में कोरोना के म्यूटेंट वायरस ओमिक्रोन की दस्तक हो गई है। इसकी पुष्टि डीआरडीई की वायरोलॉजिकल लैब में कोरोना सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग जांच में हुई है। एक सप्ताह पहले डीआरडीई के एक वैज्ञानिक चंडीगढ़ से लौटे थे। जिन्हें सर्दी, जुकाम व बुखार के लक्षण थे। उन्होंने कोरोना की जांच कराई तो वे पाजिटिव आ गए। उसके बाद सैंपल को डीआरडीई लैब में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा, ताकि वायरस का पता लगाया जा सके। जिसमें वैज्ञानिक के ओमिक्रोन वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। वहीं शहर में कौनसा वायरस फैल रहा है इसका पता लगाने के लिए डीआरडीई के डायरेक्टर ने जीआर मेडिकल कालेज के डीन को पत्र लिखकर संक्रमित मरीजों के सैंपल की मांग की है। जिससे जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की जा सके। जीआर मेडिकल कालेज के डीन डा. समीर गुप्ता का कहना है कि भोपाल से अनुमति मिलने पर ही डीआरडीई को सैंपल उपलब्ध कराए जाएंगे। डीआरडीई के डायरेक्टर का कहना है कि यदि सैंपल मिले तो वह एक सप्ताह में जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच रिपोर्ट उपलब्ध करा देंगे।

क्या होता है जीनोम सिक्वेंसिंग

हमारी कोशिकाओं के अंदर आनुवांशिक पदार्थ होता है। इसे डीएनए, आरएनए कहते हैं। इन सभी पदार्थों को सामूहिक रूप से जीनोम कहा जाता है। एक जीन की तय जगह और दो जीन के बीच की दूरी व उसके आंतरिक हिस्सों के व्यवहार तथा उसकी दूरी को समझने के लिए कई तरीकों से जीनोम मैपिंग या जीनोम सिक्वेंसिंग की जाती है। जीनोम मैपिंग से पता चलता है कि जीनोम में किस तरह के बदलाव आए हैं। यानी ओमिक्रोन की जीनोम मैपिंग होती है तो उसके जैनेटिक मटेरियल की स्टडी करके यह पता किया जाता है कि इसके अंदर किस तरह के बदलाव हुए हैं। यह पुराने कोरोना वायरस से कितना अलग है। जीनोम में एक पीढ़ी से जुड़े गुणों और खासियतों को अगली पीढ़ी में भेजने की काबिलियत होती है। इसलिए अलग-अलग वैरिएंट मिलकर नया कोरोना वैरिएंट बनाते हैं। इनके अंदर पुरानी पीढ़ी के जीनोम व नए वैरिएंट की खासियत होती है। जीनोम के अध्ययन को ही जीनोमिक्स कहा जाता है।

16 सैंपल भेजे, रिपोर्ट अब तक नहीं मिली

नवंबर-दिसंबर में मिले 16 मरीजों का सैंपल दिल्ली की लैब में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया। सैंपल जांच के लिए भेजे हुए डेढ़ माह हो गया है, लेकिन रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।

इनका कहना है

डीआरडीई से पत्र मिला है। पत्र में जीनोम सिक्वेंसिंग कर वायरस का पता लगाने की बात बताई गई है। इसके लिए कोरोना मरीजों के सैंपल उपलब्ध कराने को कहा गया है, लेकिन हम सैंपल बिना आइसीएमआर की अनुमति के डीआरडीई को उपलब्ध नहीं करा सकते। इसलिए भोपाल में विभाग के आला अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगेंगे और जो पत्र मिला है वह भी भेजा जाएगा। अनुमति मिलने पर ही जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल दे सकेंगे।