Home Blog Page 11

मुख्यमंत्री चौहान ने निवास में संत शिरोमणि हिरदाराम साहिब की पुण्यतिथि पर नमन किया

0

मुख्यमंत्री चौहान ने आज निवास में संत शिरोमणि हिरदाराम साहिब जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर मानवता के मंगल और कल्याण के लिए किये गए उनके कार्यों का स्मरण किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने किया अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ

0

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के वनवासी भाइयों को वनों के उत्पाद से अधिकाधिक लाभ दिलवाने के लिए अनेक निर्णय लिए गए हैं। इस कड़ी में वन मेला भी वनोपज उत्पादकों की आय वृद्धि का प्रमुख माध्यम है। वन्य-प्राणी संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश विशेष पहचान बना रहा है। वनों से वनवासियों को आर्थिक समृद्धि दिलाने के उद्देश्य से भी फैसले लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री चौहान आज भोपाल के लाल परेड मैदान में सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मेले में 12 देशों के प्रतिनिधि और वैज्ञानिक भी आए हैं। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय वन मेले की थीम “लघु वनोपज से आत्म-निर्भरता” है। वन मेले का आयोजन वन विभाग और मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित द्वारा किया गया है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सिर्फ टाइगर और लेपर्ड स्टेट ही नहीं अब चीता स्टेट भी है। अफ्रीका से आये चीतों को मध्यप्रदेश की जलवायु रास आ गई है। प्रदेश के वन, चीतों के कारण पर्यटन की दृष्टि से आकर्षण का केंद्र बनेंगे। ईको टूरिज्म की बात हो या वन औषधियों का महत्व हो, मध्यप्रदेश की अपनी अलग पहचान है। प्रदेश के वनों में वन औषधियों का प्रमुखता से उत्पादन होता है। इनसे अनेक रोग ठीक होते हैं। इस चिकित्सा पद्धति के दुष्प्रभाव भी कम हैं। इनका कोई तोड़ नहीं है। कोरोना काल में वन औषधियों से निर्मित काढ़ा ही काम आया था। मध्यप्रदेश का काढ़ा अन्य प्रदेशों के लोगों के भी काम आया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में वनोपज से स्थानीय वनवासियों को लाभ दिलवाने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित होने से तेंदूपत्ता संग्राहकों को हानि नहीं होती। पेसा एक्ट में वनवासी क्षेत्र की पंचायतों को अधिकार दिए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य पेसा विकासखण्डों में पंचायतों के माध्यम से हो सकेगा। वर्ष 2017 और 2018 में तेंदूपत्ता श्रमिकों को पानी की कुप्पी, साड़ी और चप्पल आदि सामग्री प्रदाय की गई थी। वर्ष 2019 में तत्कालीन सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को ये सुविधाएँ देना बंद कर दी। इसके बाद कोरोना काल में व्यवस्थाएँ प्रभावित हुईं। राज्य सरकार इस वर्ष से 40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को यह सामग्री फिर से प्रदान करेगी। जनजातीय बंधु और अन्य वनवासी बंधुओं का हित सुनिश्चित किया जाएगा। चिरौंजी का समर्थन मूल्य भी तय किया जाएगा, जिससे वनवासियों को पूरा लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वनवासी क्षेत्र के लोगों के हित में निरंतर कल्याणकारी निर्णय लिए जाने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लघु वनोपज समिति प्रबंधकों की भूमिका महत्वपूर्ण और सराहनीय है। इनका मानदेय वर्ष 2016 में 5 हजार रूपए था, जो 6 हजार रूपए किया गया था। इसे बढ़ा कर 10 हजार रूपए तक लाने का कार्य हुआ। अब इसमें पुन: वृद्धि कर 13 हजार रूपए मासिक किया जाएगा। प्रदेश में समिति प्रबंधकों की संख्या 1071 है। मुख्यमंत्री चौहान ने वन मेले में समस्त प्रतिभागियों का स्वागत किया और वन विभाग एवं मध्यप्रदेश लघु वनोपज सहकारी संघ की टीम को अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने वन मेला परिसर में विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और स्टाल संचालकों से उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में ईएमएफपी सॉफ्टवेयर का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने किया पौध-रोपण

0

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में अशोक, हरसिंगार और कचनार के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री चौहान के साथ न्यूज़ चैनल न्यूज़-18 एम.पी. के पत्रकार जितेंद्र शर्मा ने अपने जन्म-दिवस पर अशोक का पौधा लगाया। अतुल शर्मा, शैलेंद्र भदौरिया और वासुदेव चौरे साथ थे।

मुख्यमंत्री चौहान के साथ सर्व लाइफ ऑर्गेनाइजेशन के राजेश भाटिया ने हरसिंगार का पौधा रोपा। ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य संजीव मिश्रा ने कचनार का पौधा लगाया। अतुल समाधिया, नरसिंह सेंगर, सोमेश दवे, धनेश चतुर्वेदी और रितु समाधिया भी पौध-रोपण में शामिल हुए।

गुरुवार को इन उपायों को करने से आर्थिक स्थिति में आएगा सुधार

0

यदि बृहस्पति देव की विशेष कृपा चाहते हैं। वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति और आर्थिक लाभ पाने के इच्छुक हैं तो इस खबर को पूरा पढ़िए। आज इस खबर के माध्यम से हम आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताएंगे जो निश्चित ही आपके लिए लाभकारी साबित होंगे। धार्मिक मान्यता के मुताबिक गुरुवार को विष्णु भगवान का दिन माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। यदि भाग्य साथ नहीं दे रहा है या कोई भी समस्या चल रही है तो गुरुवार के दिन कुछ आसान उपाय करने से आपकी किस्मत बदल सकती है। गुरुवार को बृहस्पतिवार भी कहा जाता है। गुरु एक महत्वपूर्ण ग्रह है। बृहस्पति को देवताओं का गुरु भी कहा जाता है। हिंदू शास्त्रों में बृहस्पतिवार को धन और समृद्धि के लिए खासतौर पर माना जाता है। भगवान विष्णु की आराधना के लिए बृहस्पतिवार का दिन सर्वोत्तम माना गया है। अगर कुंडली में अगर गुरु खराब है तो मनुष्य अपने जीवन में कभी भी तरक्की नहीं कर सकता। गुरु को धन, वैवाहिक जीवन और संतान का कारक भी माना जाता है।
गुरुवार को करें ये उपाय
सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। स्नान के दौरान ‘ॐ बृ बृहस्पते नमः’ का जाप भी करें। यदि आपकी कुंडली में गुरु से संबंधित किसी भी प्रकार का दोष है तो गुरुवार के दिन नहाने के पानी में चुटकी भर हल्दी डालकर लें। गुरुवार का व्रत रखें और केले के पौधे में जल अर्पित कर पूजा कीजिए। ऐसा करने से विवाह में आने वाली बाधाएं खत्म हो जाएंगी। यदि आप विवाहित हैं तो आपके वैवाहिक जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आएगी। स्नान के बाद पीले रंग को वस्त्र धारण करें। माथे पर हल्दी, चंदन या केसर का तिलक धारण करें। भगवान विष्णु का ध्यान करें। ब्राह्मणों को पीले रंग की वस्तुएं जैसे-चने की दाल, फल आदि दान करें।

बेशरम रंग के बाद पठान के दूसरे गाने का फर्स्ट लुक आउट

0

शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म पठान काफी चर्चा में बनी हुई है। शाहरुख की इस फिल्म से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे इस फिल्म के साथ काफी धूम मचाने वाले हैं। फिल्म का पहला गाना ‘बेशरम रंग’ कुछ समय पहले ही रिलीज हुआ था। रिलीज होने के बाद बेशरम रंग गाने पर काफी विवाद हुए हैं। इन विवादों के बीच अब फिल्म के मेकर्स ने पठान के दूसरे गाने को रिलीज करने की पूरी तैयारी कर ली है। बता दें कि पठान के अगले गाने ‘झूमे जो पठान’ 22 दिसंबर को रिलीज किया जाने वाला है। फिल्म के डायरेक्टर ने गाने की रिलीज से पहले इससे जुड़ा एक अपडेट दिया है।
पठान फिल्म में शाहरुख के अपोजिट दीपिका पादुकोण हैं और जॉन अब्राहम नेगेटिव रोल में हैं। एक्शन से भरपूर ये फिल्म यशराज फिल्म के बैनर तले बनी है। शाहरुख फिल्म में जासूस की भूमिका में हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पठान के दूसरे सॉन्ग झूमे जो पठान गाना पठान की शख्सियत को दर्शाने वाला सॉन्ग है। इस गाने को शाहरुख पर फिल्माया गया है। डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने आगे बताया कि विशाल शेखर की बनाई हुए ये फ्यूजन कव्वाली हा और पठान के किरदार को पूरी तरह से दिखाती है। उन्होंने कहा शाहरुख को इस गाने पर थिरकते हुए काफी समय हो गया है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि लोग अपने पसंदीदा सुपरस्टार को डांस करते देखना काफी पसंद करेंगे।

कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है – स्वास्थ्य मंत्री का ट्वीट

0

बीते कुछ दिनों में विभिन्न देशों में कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं, जिसके चलते भारत में भी केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस संबंध में मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ बुधवार को एक रिव्यू मीटिंग की है और ताजा हालात पर चर्चा की और कोरोना संक्रमण के खतरे के संबंध में केंद्र व राज्य सरकारों की तैयारी का भी जायजा लिया। बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ट्टीट किया है कि विश्व में अभी कोरोना संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है और इस संबंध में सभी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना बेहद जरूरी है।5 देशों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद कई सख्तियां लागू की गई है। ऐसे में भारत में भी केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को अलर्ट जारी करते हुए कोरोना सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि नए वैरिएंट्स का समय रहते पता चलना जरूरी है, ऐसे में जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाना चाहिए।
चीन और अमेरिका में बढ़े कोरोना केस
बीते कुछ दिनों में चीन और अमेरिका में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की तरफ से NCDC और ICMR को पत्र लिखकर कहा गया है कि सभी राज्यों को जीनोम सीक्वेंसिंग पर जोर देना होगा।
भारत में अभी कोरोना के मामले ज्यादा नहीं
गौरतलब है कि भारत में अभी कोरोना संक्रमण के मामले ज्यादा नहीं निकल रहे हैं और मौत भी काफी कम हो गई हैं। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस एक बार फिर पैर पसार रहा है। यही कारण है कि केंद्र सरकार कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहती है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की तरफ से NCDC और ICMR को चिट्ठी में लिखा है कि अगर नए वैरिएंट्स की समय रहते पहचान करनी है, इसके लिए जीनोम सीक्वेंसिंग जरूरी है।

मणिपुर में हादसे का शिकार हुई स्कूली बच्चों से भरी बस

0

मणिपुर के नोनी (Noney) जिले में बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा होने की खबर है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक थम्बलनू हायर सेकेंडरी स्कूल (Thambalnu Higher Secondary School), यारिपोक के छात्रों को लेकर दो बसें हादसे का शिकार हो गईं। इस हादसे में कई छात्रों के घायल होने और कुछ की मौत की आशंका है। ये बसें एजुकेशन टूर (Study Tour) पर खौपुम की ओर जा रही थीं, तभी यह दुर्घटना हुई। घायल छात्रों को इलाज के लिए इंफाल के मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया है।
दुर्घटना लोंगलों साई तुबुंग गांव के पास बिष्णुपुर-खौपुम रोड पर हुई है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (N Biren Singh) ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक वीडियो ट्वीट कर कहा,”आज ओल्ड कछार रोड पर स्कूली बच्चों को ले जा रही बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। बचाव अभियान में समन्वय के लिए SDRF, मेडिकल टीम और विधायक घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। बस में सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं।”

लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव के नोडल/सहायक अधिकारी के आदेश जारी

0

कलेक्टर एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी अविनाश लवानिया ने लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव 2023-24 के कार्य संपादन के लिए नोडल/सहायक अधिकारी के आदेश जारी किए है।
कलेक्टर लवानिया ने संदीप केरकेट्टा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को मानव क्षमता प्रबंधन, मतदान दलों का गठन सेक्टर मजिस्ट्रेट/ऑफीसर की नियुक्ति सामग्री वितरण एवं वापिसी हेतु दल का गठन और मेन पॉवर मैनेजमेंट, मतपत्र पोस्टल वैलेट एवं ईटीपीबीएस का कार्य, मनोज वर्मा संयुक्त कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी गोविंदपुरा को ईव्हीएम प्रबंधन, दिलीप कुमार यादव परिवहन प्रबंधन, कानून एवं व्यवस्था, एमसीसी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ऋतुराज सिंह प्रशिक्षण प्रबंधन और स्वीप का कार्य, भूपेन्द्र कुमार गोयल एडीएम, सामग्री प्रबंधन, शिकायत प्रबंधन एवं वोटर हेल्पलाइन, रश्मि सुब्बा वरिष्ठ कोषालय अधिकारी निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण कार्य, ताजवर मुशर्रफ डीआईओ एनआईसी सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीक एवं कम्प्यूटर राइजेशन सायबर सुरक्षा एवं आईटी, अंकित त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर प्रेक्षक, शाश्वत सिंह मीना अपर आयुक्त नगर पालिका निगम कल्याण अधिकारी, रमीला श्रीवास्तव,अधीक्षक भू अभिलेख, मतदाता सूची प्रभारी, आर.के. सिंह, संयुक्त संचालक, सामाजिक न्याय को संचार आयोजना कम्यूनिकेशन प्लान, स्वप्नि शर्मा, जिला पंजीयक जोखिम प्रबंधन अधिकारी का दायित्व सौंपा गया हैं।
कलेक्टर लवानिया ने लोकसभा एवं विधानसभा के निर्वाचन में नोडल अधिकारियों के सहयोग के लिए सहायक नोडल अधिकारी और अन्य सहायक के भी आदेश जारी किए हैं।

ई-केवाइसी के लिए विशेष अभियान प्रारंभ करने के निर्देश – कलेक्टर लवानिया

0

सुशासन सप्ताह के अंतर्गत जिले में जनता को प्रत्येक समस्या का समाधान किया जाना है। जनता की शिकायतों का निराकरण और हितग्राहियों को लाभांवित करने के उद्देश्य से कलेक्टर अविनाश लवानिया ने जिले में ई-केवाइसी के लिए विशेष अभियान प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर लवानिया ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर कैम्प लगाकर ई-केवाइसी का कार्य एमपी ऑनलाइन सीएससी और एलएस के माध्यम से कराए जाने के लिए आयुक्त नगर निगम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सभी अनुविभागीय अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला खाद्य अधिकारी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत फंदा एवं बैरसिया को निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर लवानिया ने ई-केवाइसी अभियान के लिए ई-केवाइसी प्रक्रिया के अंतर्गत नागरिकों की जानकारियों का सत्यापन एजेंसी के केन्द्रों पर उनके बायोमेट्रिक एवं आधार आईडी विवरण के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि एजेंसियों के जिला स्तरीय समन्वयों के साथ सतत संपर्क कर जिले की ई-केवाइसी कार्य योजना क्रियान्वित की जाए। कलेक्टर लवानिया ने कहा कि जिला, तहसील, ब्लॉक, पंचायत, ग्राम और वार्ड स्तर पर प्रचार-प्रसार कर नागरिकों को एजेंसी के केन्द्र पर अथवा कैम्प स्थल पर पहुँचकर केवाइसी करवाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह में जिले के अंतर्गत कम से कम 5 लाख व्यक्तियों के ई-केवाइसी कराये जाने का लक्ष्य एजेंसियों को दिया जाए।
कलेक्टर लवानिया ने मैदानी अमले द्वारा दुरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में केवाइसी अभियान हेतु एजेंसियों को विशेष कैम्प के लिए आवश्यक सहयोग और समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संचालन एवं क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाई को दूर करने में विभागीय अमलों द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाए।
कलेक्टर लवानिया ने कहा कि विकासखंड, नगर पालिका, नगर परिषद स्तर के मैदानी अमले से ई-केवाइसी की अद्यतन जानकारी प्रत्येक सप्ताह एकत्रित कर आयुक्त नगर निगम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और अपर कलेक्टर को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पृथक – पृथक विभागों द्वारा हो रही योजनाओं में भी ई-केवाइसी की प्रक्रिया के साथ हितग्राहियों का समग्र पोर्टल पर भी इस प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि निर्देशों का पालन करते हुए समग्र धारकों के शत- प्रतिशत ई-केवाइसी की प्रक्रिया समग्र पोर्टल पर अभियान के तहत करना सुनिश्चित करें।

सुशासन सप्ताह में नि:शुल्क साईकिल वितरण योजना

0

सुशासन सप्ताह के तहत स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत नि:शुल्क साईकिल वितरण योजना में वर्ष 2022-23 में भोपाल संभाग में कक्षा 6वीं एवं कक्षा 9वीं की छात्र-छात्राओं को 4 लाख 78 हजार 105 नि:शुल्क साईकिल स्वीकृत की गई है।
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण भोपाल संभाग ने बताया कि कक्षा 6वीं के छात्र-छात्राओं को भोपाल संभाग में एक लाख 68 हजार 953 और कक्षा 9वीं के छात्र-छात्राओं को 3 लाख 9 हजार 152 साईकिलें स्वीकृत की गई हैं।
संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण भोपाल संभाग ने बताया कि नि:शुल्क साईकिल वितरण योजना में कक्षा 6वीं के छात्र-छात्राओं को विदिशा जिले में 3537, रायसेन में 3876, राजगढ़ में 4434, भोपाल में 1130 एवं सीहोर में 2537 साईकिलें स्वीकृत की गई हैं और कक्षा 9वीं में छात्र-छात्राओं को विदिशा जिले में 5949, रायसेन जिले में 6110, राजगढ़ जिले में 8430, भोपाल जिले में 2248 एवं सीहोर जिले में 4657 साईकिलें स्वीकृत की गई हैं।