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IAS पूजा सिंघल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने किया गिरफ्तार

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रांची : झारखंड में मनी लॉन्ड्रिंग केस में IAS अधिकारी पूजा सिंघल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो गई है. ED ने कई घंटों की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. पिछले दिनों ईडी ने पूजा सिंघल के करीबियों के रांची और बाकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे थे. छापे के दौरान ईडी को 19 करोड़ से अधिक कैश और कई अहम दस्तावेज मिले थे.

अब जानकारी के लिए बता दें कि ये मामला कई साल पुराना है. दरअसल झारखंड में 2009-10 में मनरेगा घोटाला हुआ था. उसी मामले में कुछ दिन पहले ED ने एक साथ झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और राजस्थान में रेड डाली थी. तब उसी रेड के दौरान ये 19 करोड़ 31 लाख रुपये बरामद किए गए. 19 करोड़ 31 लाख रुपयों में से 17 करोड़ चार्टर्ड अकाउंटेंट अकाउंट के आवास से बरामद किए गए. बाकी रुपये एक कंपनी से मिले थे.

उस समय ईडी ने पूजा सिंघल के आवास के अलवा उनके पति के रांची में स्थित अस्पताल में भी रेड डाली थी. जांच एजेंसी को सिर्फ पैसे ही बरामद नहीं हुए बल्कि कई अहम दस्तावेज भी हाथ लगे. इसके अलावा दोनों द्वारा कई फ्लैट में किए गए निवेश की बात भी सामने आई. करीब 150 करोड़ के निवेश के कागजात मिलने की बात कही गई थी. उन तमाम सबूतों के आधार पर ही पूजा सिंघल, उनके पति, सीए सुमन कुमार से कई घंटों तक पूछताछ की गई. कई तरह के सवाल दागे गए, फर्जी कंपनियों को लेकर भी सवाल-जवाब हुए. बताया गया कि कई सवालों पर पूजा ठीक तरीके से जवाब भी नहीं दे पाईं.

पूजा से पहले उनकी सीए सुमन कुमार के खिलाफ भी ईडी की कार्रवाई हो चुकी है. वे पांच दिन की ईडी रिमांड पर जा चुकी हैं. कल उन्हें स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा. वैसे इस मामले में अरुण दुबे द्वारा झारखंड हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. उस याचिका में उन्होंने अपील की है कि पूजा सिंघल मामले की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए. वहीं उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि दूसरे कुछ और ऐसे अधिकारी हैं जिनकी संपत्ति की जांच होना जरूरी है. अपनी याचिका में उन्होंने ईडी दफ्तर की सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की है.

सपा विधायक व पूर्व मंत्री आजम खान को हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत लेकिन जेल से नहीं निकल पाएंगे

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समाजवादी पार्टी के विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को शत्रु संपत्ति के एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। हालांकि वह उत्तर प्रदेश के सीतापुर की जेल से बाहर नहीं निकल सकेंगे। कोर्ट ने एक लाख रुपए मुचलके व दो प्रतिभूति पर जमानत दे दे दी है। कोर्ट ने आजम खान से शत्रु संपत्ति को पैरा मिलिट्री फोर्स को सौंपने का आदेश दिया है। आज़म खान वर्तमान में रामपुर में उनके खिलाफ दर्ज भूमि हड़पने सहित कई मामलों के सिलसिले में बंद है।

हाल ही में एक पुराने मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने सपा नेता के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट के आधार पर वारंट सीतापुर भेज दिया गया है। अदालत ने पिछले सप्ताह मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परियोजना के लिए शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में आजम खान की जमानत अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जमीन हड़पने के एक मामले में विधायक की जमानत अर्जी पर सुनवाई में देरी पर नाराजगी जताई थी। विधायक आजम खां को 89 में से 88 आपराधिक मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसी दौरान राज्य सरकार ने एक दर्जन मामलो में जमानत निरस्त करने की अर्जी दाखिल की है। जो इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। आजम खां जमानत पर रिहा हों, इससे पहले ही एक और नई एफआइआर भी दर्ज की गई है।

जनता के करोड़ों रुपये में हेराफेरी का मामला

खान और अन्य के खिलाफ कथित तौर पर दुश्मन की संपत्ति हड़पने और जनता के करोड़ों रुपये में हेराफेरी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया था कि विभाजन के दौरान एक इमामुद्दीन कुरैशी पाकिस्तान चला गया और उसकी जमीन को दुश्मन की संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया। हालांकि, खान ने अन्य लोगों की मिलीभगत से 13.842 हेक्टेयर के भूखंड को हथिया लिया। मालूम हो कि शत्रु संपत्ति अधिनियम 1971 और 1965 के युद्धों के बाद पाकिस्तानी और चीनी नागरिकता लेने वाले लोगों द्वारा भारत में छोड़ी गई संपत्तियों से संबंधित है।

इरा खान ने बिकनी में आमिर फैमिली के संग काटा अपना बर्थडे केक

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इरा खान ने रविवार को अपने पैरेंट्स के साथ 25वां बर्थ डे सेलिब्रेट किया. केक काटने के दौरान इरा बिकनी में नजर आईं। वहीं, इरा के साथ वहां मौजूद सभी लोगों ने इस पूल टाइम को काफी एन्जवाॅय किया.

इरा के ब्वाॅयफ्रेंड नुपूर ने इरा को बर्थडे की बधाई देते हुए लिखा है, हैप्पी बर्थडे माय लव। साथ ही उन्होंने लव का इमोजी भी पेस्ट किया है.

सोशल अकाउंट पर तस्वीर शेयर होने के बाद इरा के लिए बर्थडे विशेस का तांता लग गया है. इरा जल्द ही फिल्म लाइन में डेब्यू करने वाली हैं. जिसकी फिल्म की एक्ट्रेस हेजल कीच ने भी इरा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी है.

इंग्लैंड दौरे से पहले न्यूजीलैंड के बल्लेबाज हेनरी निकोल्स हुआ चोटिल

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नई दिल्ली : न्यूजीलैंड के बल्लेबाज हेनरी निकोल्स को इस सप्ताह के अंत में टीम के इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होने से पहले ट्रेनिंग के दौरान काफ इंजरी हुई है। न्यूजीलैंड के मुख्य कोच गैरी स्टीड ने खुलासा किया कि माउंट माउंगानुई में प्री-टूर कैंप में निकोल्स के दाहिने पैर में चोट लगी थी। सोमवार को अभ्यास के दौरान उनको चोट लगी थी और इसके बाद उनका स्कैन किया जाएगा और तभी स्पष्ट होगा कि चोट से उबरने में उनको कितना समय लगेगा।

इंग्लैंड के दौरे पर जाने से पहले न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम को बड़ा झटका हेनरी निकोल्स के रूप में लगा है, जो शायद दौरे से बाहर हो सकता है। मंगलवार को कोच गैरी स्टीड ने कहा, “उनका आज शाम को एमआरआई स्कैन होना है। हम उसके बाद ही जानेंगे कि यह चोट कितनी गंभीर है, लेकिन उन्होंने इसे ठीक कर लिया है और मुझे लगता है कि अगले 24 से 48 घंटे हमें इस बात का संकेत देंगे कि यह कितना गंभीर है।”

निकोल्स न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम में काफी समय से एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं, उन्होंने 46 टेस्ट मैचों में 40.38 के औसत से आठ शतक बनाए हैं। आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में मध्य क्रम के इस बल्लेबाज ने छह मैचों में 280 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक भी शामिल है जो न्यूजीलैंड की साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में आया था। पिछले WTC चक्र में उन्होंने 11 मैचों में 592 रन बनाए थे।

इंग्लैंड तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जिसकी शुरुआत 2 जून को लॉर्ड्स में होगी। इसके बाद ट्रेंट ब्रिज और हेडिंग्ले में मुकाबले खेले जाएंगे। मेजबान टीम इंग्लैंड वर्तमान में डब्ल्यूटीसी तालिका में 12.50% के अंक के साथ सबसे नीचे हैं, जबकि न्यूजीलैंड 38.88% के साथ छठे स्थान पर है। यह सीरीज इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट के नए युग की शुरुआत का भी प्रतीक है, जिसमें बेन स्टोक्स टेस्ट कप्तान के रूप में अपना पहला कार्यभार संभाल रहे हैं।

कांग्रेस एक परिवार एक टिकट का फॉर्मूला लागू करेगी

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नई दिल्ली : कांग्रेस ने उदयपुर में चिंतन शिविर से पहले बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। सोमवार को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में एक परिवार में एक ही व्यक्ति को टिकट देने, अहम पद पर रहने के बाद तीन साल कूलिंग ऑफ पीरियड होने और पैनलों में बड़ी संख्या को कम करने जैसे प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि हाईकमान को सुझाव दिया गया था कि प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष या राष्ट्रीय कार्यकारिणी शामिल नेताओं को एक कार्यकाल पूरा होने के बाद तीन सालों तक पद से दूर रखा जाना चाहिए। इस पर सहमति बन गई है। इसके अलावा एक परिवार से एक ही व्यक्ति को टिकट देने पर भी सहमति बनी है। पार्टी का मानना है कि इससे वह भाजपा की ओर से लगाए जा रहे परिवारवाद के आरोपों का जवाब दे सकेगी।

उदयपुर में 13 से 15 मई तक कांग्रेस का चिंतन शिविर होना है। इसमें इन सभी प्रस्तावों को पेश किया जाएगा। 2024 के आम चुनाव से पहले पार्टी उन सभी पेचों को कस लेना चाहती है, जहां कोई भी ढिलाई नजर आ रही है। इसी के तहत उसने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इसके अलावा यूपी और बिहार जैसे राज्यों के लिए भी प्लानिंग करने में जुटी है। यही नहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर भी पार्टी की नजर है, जहां इसी साल के अंत तक चुनाव होने वाले हैं। इस चिंतन शिविर में 400 पार्टी नेता शामिल होंगे।

खुद गांधी परिवार पर भी लागू होगा एक टिकट का फैसला?
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद एक नेता ने कहा, ‘एक परिवार एक टिकट के प्रस्ताव पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका ऐलान करेंगे। यह भी ऐलान किया जा सकता है कि 2024 के आम चुनाव में परिवार का एक ही व्यक्ति लड़ेगा।’ इसके अलावा कांग्रेस में बदलाव की मांग करने वाले नेता संसदीय बोर्ड के भी पुनर्गठन की बात करते रहे हैं। राजनीतिक मामलों की समिति ने सुझाव दिया है कि पार्टी को देश भर में गठबंधन करने चाहिए। खासतौर पर लोकसभा चुनाव के लिए समान विचारधारा वाले दलों को साथ लेना चाहिए।

संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा का निधन

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देश के मशहूर शास्त्रीय संगीतकार और संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा का निधन हो गया है। 84 वर्षीय शर्मा बीते 6 महीनों से किडनी से जुड़ी समस्या से पीड़ित थे और डायलिसिस पर थे। मंगलवार को उनका कार्डिएक अरेस्ट के चलते निधन हो गया। शिवकुमार शर्मा को संतूर को एक लोकप्रिय वाद्ययंत्र के तौर पर स्थापित करने के लिए जाना जाता है। संतूर जम्मू-कश्मीर में प्रचलित वाद्ययंत्र था, जिसे शिव कुमार शर्मा ने दुनिया भर में लोकप्रिय बना दिया था। उनके निधन से शास्त्रीय संगीत की दुनिया का एक युग समाप्त हो गया है।

यह शिवकुमार शर्मा का संतूर वादन ही था कि इस वाद्य यंत्र को भी सितार और सरोद की श्रेणी में माना जाने लगा था। उन्होंने बांसुरी वादक पंडित हरि प्रसाद चौरसिया के साथ जोड़ी बनाई थी, जिसे संगीत प्रेमियों के बीच शिव-हरि के नाम से जाना जाता था। दोनों ने मिलकर सिलसिला, लम्हे, चांदनी जैसे कई लोकप्रिय फिल्मों के लिए संगीत दिया था। पंडित शिवकुमार शर्मा ने महज 13 साल की उम्र में ही संतूर का वादन शुरू कर दिया था। उन्होंने मुंबई में 1955 में पहली परफॉर्मेंस दी थी। उन्हें 1991 में पद्म श्री और फिर 2001 में पद्म विभूषण से नवाजा गया था।

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सांस्कृतिक विरासत को बड़ा नुकसान

पीएम नरेंद्र मोदी ने शिवकुमार शर्मा के निधन पर शोक जताया है। ट्विटर पर श्रद्धांजलि देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा, ‘शिवकुमार शर्मा जी के निधन से हमारी सांस्कृतिक विरासत को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने संतूर को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया था। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा। मैं उनके साथ अपनी मुलाकात को याद करता हूं। उनके परिवार और उन्हें चाहने वालों को ईश्वर यह दुख सहने की शक्ति दे। ओम शांति।’

तजिंदर बग्गा को बड़ी राहत, 5 जुलाई तक गिरफ्तारी से छूट

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पंजाब के मोहाली में पुलिस के खुफिया इकाई के मुख्यालय परिसर में सोमवार रात रॉकेट चालित ग्रेनेड से हमला किया गया, जिससे इमारत की एक मंजिल की खिड़की के शीशे टूट गए। इसके अलावा भीषण चक्रवाती तूफान ‘असानी’ के तटों के करीब पहुंचने पर दोबारा उत्तर-उत्तरपूर्वी दिशा में मुड़ने और कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के आसार हैं। पूर्वी तट की तरफ बढ़ रहे ‘असानी’ के चलते प्रभावित इलाकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाए चलने के साथ ही भारी बारिश भी हो रही है।

सीहोरवाले पंडित प्रदीप मिश्रा पर देशद्रोह के मुकदमे की मांग

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मध्य प्रदेश के खंडवा में प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठी है। बहुजन समाज और संविधान को मानने वाले लोगों ने इसके लिए ज्ञापन दिया है। इन लोगों का आरोप है कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने भजन के दौरान संविधान बदलने की बात कही है, जो देशद्रोह का काम है। इसके मुताबिक उन्होंने खुले तौर पर हजारों लोगों की मौजूदगी में संविधान के विरोध में बात कही है। इसलिए उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

संविधान की आस्था पर चोट
गौरलतब है कि नर्मदापुरम में शिवपुराण कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि अब देश का संविधान बदलकर भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए। इसी बात को लेकर अब बहुजन समाज ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसके लिए डीएम ऑफिस में ज्ञापन सौंपा गया है। बहुजन समाज ने अपने ज्ञापन में कहाकि पं. प्रदीप मिश्रा के बयान से संविधान में आस्था रखने वाले लोगों को चोट पहुंची है। उन्हें भविष्य में इस तरह से संविधान को लेकर कोई बयान नहीं देना चाहिए। बहुजन समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने साफ तौर पर संविधान को बदलने की बात कही है न कि संशोधन की। वैसे भी संविधान का संशोधन संसद में किया जाता है न कि किसी धर्मसभा में।

बताया दुस्साहस
बहुजन समाज के प्रेमलाल कोठारे ने बताया कि हम सभी बहुजन समाज के लोग आज यहां ज्ञापन सौंपने आए हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा नर्मदापुरम में एक कथा के दौरान उन्होंने संविधान को बदलने की बात कही थी। पं. प्रदीप मिश्रा को ज्ञात होना चाहिए कि वह संविधान के विरोध में या राष्ट्रीय प्रतीकों के विरोध में कोई बात कहते हैं तो यह राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। लेकिन उनके द्वारा यह दुस्साहस किया गया है जिससे संविधान को मानने वाले लोगों के मन में हताषा और विरोध है। ऐसे पंडित पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

भाजपा चुनावी मोड में

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भोपाल : चुनावी मोड में आ चुकी भाजपा अब सत्ता और संगठन के तालमेल के जरिये संगठनात्मक कामों में तेजी लाने के साथ फील्ड में पदस्थ अफसरों के फीडबैक भी सरकार को देगी। इसकी शुरुआत सोमवार से हो गई है और 17-17 जिलों की जिला प्रबंध समितियों से एक-एक करके फीडबैक लेने का काम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने लेना शुरू कर दिया है।

प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद की मौजूदगी में हो रही अलग-अलग दौर की बैठकों में सीधे तौर पर इस बात पर फोकस किया जा रहा है कि किस जिले में कौन सा अधिकारी सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में हीलाहवाली कर रहा है और संगठनात्मक प्रतिनिधियों के साथ असहयोग कर रहा है।

माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर अगले छह माह में अधिकारियों की मैदानी जमावट की जाएगी। प्रदेश कार्यालय में हो रही बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान पूरे समय तक मौजूद रहकर जिलों की प्रबंध समितियों के फीडबैक को जानेंगे और सरकार के कामकाज में आनाकानी करने वाले अफसरों का फीडबैक अपने स्तर पर लेने के साथ संगठन से भी ले रहे हैं। चूंकि अब 18 माह बाद चुनाव होने हैं, इसलिए जिलों में दो साल से पदस्थ अधिकारियों का हटना भी तय है।

इस फीडबैक में कलेक्टर, एसपी, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, एएसपी, एसडीओपी और टीआई स्तर के अधिकारी कर्मचारी खासतौर पर चर्चा में होंगे। इसलिए सत्ता और संगठन के फीडबैक के आधार पर अधिकारियों की पदस्थापना की जाना तय मानी जा रही है। सीएम पहले भी अफसरों को चेता चुके हैं कि जो अधिकारी सरकार की प्राथमिकता को नहीं मानेगा वह फील्ड में नहीं रहेगा। सूत्रों का कहना है कि जिलों की कोर कमेटी के रूप में काम कर रहीं जिला प्रबंध समिति को इसलिए बैठक में बुलाया गया है ताकि सभी के फीडबैक के आधार पर निर्णय लिया जा सके। कई बार जिला अध्यक्ष अधिकारी से पटरी नहीं बैठने पर गलत रिपोर्ट भी दे देते हैं। प्रबंध समिति से चर्चा में स्पष्ट रिपोर्ट आएगी।

दस प्रतिशत वोट बढ़ाने, सौंपे गए कामों की समीक्षा भी होगी
संगठन ने आगामी चुनाव में दस प्रतिशत अधिक वोट शेयर के लिए जो रणनीति तय की है और संगठनात्मक कामों की जो जिम्मेदारियां जिला प्रभारियों, जिला प्रबंध समितियों को सौंपी हैं, उनके क्रियान्वयन की समीक्षा भी बैठक में होना है। प्रदेश संगठन अन्य स्त्रोतों से मिली रिपोर्ट के आधार पर जिलों के संगठन पदाधिकारियों के कामों में हुई गड़बड़ी भी बताएगा और सुधार के लिए निर्देशित करेगा।

कुशाभाऊ ठाकरे समारोह के साथ अन्य कार्यक्रमों पर फोकस
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के दो साल का कार्यकाल इसी माह पूरा हो रहा है। इसलिए प्रदेश संगठन केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर तीस मई से प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन बैठकों में कुशाभाऊ ठाकरे शताब्दी समारोह समिति द्वारा तय कार्यक्रमों के साथ संगठन के द्वारा सौंपे गए अन्य कार्य का फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही नई कार्ययोजना भी बताई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग अतिक्रमण पर याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

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नई दिल्ली – देश में जगह-जगह हुई साम्प्रदायिक हिंसा के बाद अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। हनुमान जयंती पर दिल्ली में जहांगीरपुरी में हुई हिंसा (Jahangirpuri violence) के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। अब म्यूनिसिपल कार्पोरेशन ऑफ दिल्ली(MCD) का बुलडोजर नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 (CAA)  और नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर(National Register of Citizens-NRC) के खिलाफ हुए आंदोलन के कारण चर्चाओं में आए शाहीन बाग तक पहुंच गया है। यह कार्रवाई अगले 5 दिनों तक चलेगी। हालांकि इसका विरोध भी हो रहा है। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके लिए MCD पहले ही नोटिस भेज चुकी थी। इस बीच MCD सेंट्रल जोन के चेयरमैन राजपाल सिंह ने बताया कि नोटिस के बाद 70 फीसदी इलाकों में लोगों ने खुद अतिक्रमण हटा लिए हैं। लोगों के विरोध के चलते दोपहर करीब 12.30 बजे MCD का बुलडोजर शाहीन बाग से लौट गया। अफसरों ने कहा कि फिलहाल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकी गई है। भाजपा ने कांग्रेस और आप पर अतिक्रमण विरोधी मुहिम का साम्प्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है। वहीं,  MCD ने मुहिम के खिलाफ शाहीन बाग पहुंचे ओखला के आप विधायक अमानतुल्ला खान पर खुद अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की
साउथ दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका खारिज की दी गई है। यह  याचिका भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी मार्क्सवादी(CPIM) ने दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कह कि इस मामले में पीड़ितों को कोर्ट में आना चाहिए, राजनीति दल क्यों आ रहे हैं? सीनियर वकील पी सुरेंद्रनाथ ने तर्क दिया कि एक याचिका रेहड़ीवालों की एसोसिएशन की तरफ से भी लगाई गई है। इस पर जस्टिस राव ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट में जाना चाहिए था। अगर रेहड़ी वाले भी नियम तोड़ रहे हैं, तो उन्हें भी हटाया जाएगा। जस्टिस एल नागेश्वर राव और बी आर गवई की बेंच ने कहा कि जहांगीरपुरी मामले में इसलिए दखल दिया गया, क्योंकि वहां परिस्थितियां अलग थीं। कोर्ट ने उदारता दिखाई इसका यह मतलब नहीं कि हर किसी को सुनते रहें, भले निर्माण अवैध ही क्यों न हो? जिसे याचिका दाखिल करनी है, वह पहले दिल्ली हाई कोर्ट जाए।

कांग्रेसियों ने किया हंगामा
अतिक्रमण हटाने पहुंचे बुलडोजर को
 रोकने कांग्रेसियों ने हंगामा कर दिया। वे बुलडोजर के सामने आकर बैठ गए। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई बीजेपी के इशारे पर हो रही है। हालांकि एसडीएमसी अधिकारी ने दो टूक कहा कि नगर पालिका अपना काम करेगा। वर्कर और अधिकारी तैयार हैं। तुगलकाबाद, संगम विहार, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी या शाहीन बाग में जहां भी अतिक्रमण है, उन्हें हटाया जाएगा। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान ने कहा कि एमसीडी बताए अतिक्रमण कहां है? इलाके में जो अतिक्रमण था, उसे पहले ही हटा दिया गया है।

अप्रैल में शाहीन बाग का सर्वे कराया गया था
दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग सहित कई इलाकों में अप्रैल के आखिरी हफ्ते में मेयर मुकेश सूर्यन ने खुद अधिकारियों के साथ जाकर अवैध निर्माण का सर्वे कराया था। दिल्ली के कई इलाकों में अतिक्रमण हटाने के लिए तीनों नगर निगम(MCD) ने ब्लू प्रिंट तैयार किया है। पिछले दिनों दिल्ली के भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता ने दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगम क्षेत्रों में रोहिंग्या, बांग्लादेशियों और विरोधी आसामाजिक तत्वों द्वारा इलाकों में अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए नगर निगमों को पत्र लिखा था। यह कार्रवाई इसी पत्र के बाद शुरू हुई है।  हालांकि इधर, दक्षिण दिल्ली में ओखला, शाहीन बाग में अवैध बस्तियों को हटाने के आदेश के खिलाफ भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) मार्क्सवादी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है।

अतिक्रमण हटाने को लेकर सख्ती में आया है निगम
साउथ दिल्ली म्यूनिसिपल कार्पोरेशन( South Delhi Municipal Corporation-SDMC) के मेयर मुकेश सुर्यान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि शाहीन बाग, ओखला, तिलक नगर वेस्ट सहित कई वार्ड को चिह्नित किया गया है। मदनपुर खादर में भी अतिक्रमण है। सड़क पर जो भी अतिक्रमण है, उसे हटाया जाएगा। जिन जगहों पर अतिक्रमण करके बिल्डिंग खड़ी हुई हैं, वहां के लिए प्लान तैयार किया गया है। पिछले दिनों एसडीएमसी के सेंट्रल जोन के अस‍िस्‍टेंट कम‍िश्‍नर ने डीसीपी साउथ ईस्‍ट द‍िल्‍ली को पत्र ल‍िखकर कहा था कि 4  से 13 मई तक अत‍िक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बनाए रखने के ल‍िए एमसीडी स्‍टॉफ को पर्याप्‍त पुल‍िस बल मांगा जा चुका है। सेंट्रल जोन के तहत शाहीन बाग के अलावा संगम व‍िहार, अमर कालोनी, न्‍यू फ्रेंडस कालोनी, लोधी कालोनी और काल‍िंदी कुंज के अलग-अलग इलाकों में अतिक्रमण चिह्रित किए गए हैं।