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भारत ने दक्षिण अफ्रीका को दिया 305 रनों का लक्ष्य, दूसरी पारी में बनाये 174 रन

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सेंचुरियन टेस्ट के चौथे दिन भारत ने दूसरी पारी में सभी विकेट खोकर 174 रन बनाये। इसके साथ ही भारत ने दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 305 रनों का लक्ष्य दिया है। भारत की दूसरी पारी कुछ खास नहीं रही। पिछली पारी में शतक बनानेवाले केएल राहुल सिर्फ 23 रनों के स्कोर पर आउट हो गये। चेतेश्वर पुजारा और कप्तान विराट कोहली जैसे बल्लेबाज 20 रनों का आंकड़ा भी नहीं छू सके। 4-5 विकेट गिरने के बाद भारत ने तेज गति से रन बनाने का फैसला किया और रहाणे ने स्कोर को तेजी से बढ़ाने की कोशिश की । उन्होंने 23 गेदों में 20 रन बनाये। दूसरी पारी में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन (34) ऋषभ पंत ने बनाए। आर अश्विन ने भी 2 चौकों की मदद से 14 रनों का योगदान दिया। साउथ अफ्रीका की ओर से रबाडा और मार्को यानसेन ने 4-4 विकेट लिए, जबकि एनगिडी 2 विकेट लेने में सफल रहे।

इससे पहले तीसरे दिन के खेल खत्म होने तक भारत ने अपनी दूसरी पारी में विकेट पर 16 रन बना लिए थे और इस तरह 146 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। टेस्ट मैच के चौथे दिन केएल राहुल और शार्दुल ने संभवल कर खेलना शुरु किया, लेकिन विकेट लगातार गिरते रहे और कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया। वैसे टेस्ट मैच के हिसाब से 305 रनों का लक्ष्य भी आसान नहीं है और टीम इंडिया इस वक्त मजबूत स्थिति में दिख रही है। आपको बता दें कि अभी पांचवें दिन का खेल भी बाकी है।

मध्‍य प्रदेश में मिलने वाले हर 10 कोरोना संक्रमितों में से छह इंदौर के

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इंदौर । कोरोना का प्रकोप एक बार फिर बढ़ने लगा है। हालत यह है कि पांच दिन में 100 से ज्यादा संक्रमित शहर में मिल चुके हैं। चिंता की बात यह भी है पिछले पांच दिन में प्रदेश में मिले 187 संक्रमितों में से 114 अकेले इंदौर के हैं। यानी प्रदेश में मिलने वाले हर 10 संक्रमितों में से छह इंदौर के हैं।

शहर में संक्रमण की दर भी लगातार बढ़ रही है। सात दिन पहले 23 दिसंबर को जहां 6681 सैंपलों की जांच में 13 संक्रमित मिले थे वहीं 28 दिसंबर को 6960 सैंपलों की जांच में ही 32 संक्रमित मिल गए। संक्रमण दर बढ़ने के साथ-साथ उपचाररत मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। कुछ समय पहले तक यह एक अंक में पहुंच गई थी लेकिन अब यह डेढ़ सौ के पार पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि संक्रमितों में कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं हैं।

शहर में कोरोना एक बार फिर सिर उठाने लगा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह मौसम वायरस के लिए अनुकूल है। इसलिए जरूरी है कि कोरोना प्रोटोकाल का पूरा पालन किया जाए।

बाजार में लगातार बढ़ रही भीड़ और मास्क को लेकर बरती जा रही लापरवाही का असर है कि कुछ दिन पहले तक शहर में जहां इक्का-दुक्का संक्रमित मिल रहे थे वहीं अब यह संख्या तीन दर्जन के करीब पहुंच गई है।

शासकीय एमआरटीबी अस्पताल में फिलहाल 27 मरीज भर्ती हैं। निजी अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संक्रमण दर की बात करें तो छह दिन के भीतर शहर की कोरोना संक्रमण दर में ढाई गुना की बढ़ोतरी हुई है।

राहत की बात ज्यादातर में गंभीर लक्षण नहीं

लगातार चल रहे टीकाकरण का असर है कि कोरोना के ज्यादातर मरीजों में कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं। एमआरटीबी अस्पताल प्रभारी डा.सलिल भार्गव के मुताबिक अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है। एक भी मरीज को आक्सीजन की जरूरत अब तक नहीं पड़ी है।

भोपाल पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर की पदोन्नति में आड़े आ सकती है पद की कमी

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भोपाल। आइपीएस अधिकारियों की पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक गुरुवार को मंत्रालय में होगी। इसमें भोपाल के पहले पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के पद पर पदोन्नत होने के आड़े पद की कमी आ सकती है। प्रदेश में 36 अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद हैं और ये सभी भरे हुए हैं। अगले साल मार्च में पद रिक्त होंगे। ऐसी सूरत में अभी पदोन्नति देने पर समिति विचार कर सकती है। देऊस्कर के साथ तीन अधिकारी डी श्रीनिवास वर्मा, उमेश जोगा और सोलोमन यश कुमार विज भी प्रभावित हो सकते हैं।

गृह विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ वेतनमान में अधिकारियों को पदोन्नत करने पर विचार किया जाएगा। भोपाल देहात जोन के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली डीआइजी से पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत होंगे।

इनके साथ 2004 बैच के अधिकारी गौरव राजपूत, संजय कुमार, आरण्य डेहरिया और संजय तिवारी भी पदोन्‍नत होंगे। बैठक मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की अध्यक्षता में होगी। इसमें पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान और अपर मुख्य सचिव डा.राजेश राजौरा शामिल होंगे।

राहुल-दिग्विजय साजिश के तहत दे रहे असली-नकली हिंदू का बयान – डा. नरोत्तम मिश्रा

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भोपाल । मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी हों या दिग्विजय सिंह, पिछले कुछ समय से असली हिंदू-नकली हिंदू को लेकर साजिश के तहत बयानबाजी कर रहे हैं। यह जालीदार टोपीधारी नेता हिंदुओं को बांटने की मुहिम में लगे है। हिंदू हूं ..हिंदुत्ववादी नहीं, जैसी परिभाषा गढ़ कर टोपीधारी नेता हिंदुओं को बांट कर विभाजन का प्रयास कर रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि यह बात अलग है कि देश की जनता इनकी वास्तविकता जानती है इसलिए इनके मंसूबे पूरे नहीं हो रहे हैं। इनकी साजिश यह तो बताती ही है कि इन नेताओं की हिंदुओं के प्रति मानसिकता क्या है।

गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि जब आपको चिल्ला-चिल्ला कर बताना पड़े कि आप हिंदू हैं तो फिर आपकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा होना लाजिमी है। सच तो यह है कि इन कांग्रेसी नेताओं की खुद की विश्वनीयता ही नहीं बची है इसलिए वह सामने आकर बात नहीं करते बल्कि उनको खुद ट्वीट कर बताना पड़ता है कि ‘मैं भी हिंदू हूं”। अगर वे हिंदू हैं तो उन्हें इस तरह गाना गाने की जरूरत क्या है। कांग्रेस नेताओं के अलावा किसी और हिंदू नेता को दावा करने की जरूरत नहीं पड़ी कि वह हिंदू है।

देश में ओमिक्रोन संक्रमितों की संख्‍या 800 पार

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आखिर वही हुआ जिसका डर था। कोरोना का नया वैरियंट ओमिक्रोन देश में अब बहुत तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा कोरोना के भी मामलों में लगातार उछाल आता जा रहा है। जहां ओमिक्रोन के संक्रमण का आंकड़ा 800 पार कर गया है, वहीं दिल्‍ली और मुंबई में तो बीते 24 घंटों में कोरोना के मामलों की संख्‍या दोगुनी हो गई है। बुधवार को राजस्‍थान में 23, पश्चिम बंगाल में पांच, ओडिशा और यूपी में एक-एक, तमिलनाडु में 11 और आंध्र प्रदेश में 10 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही देश में ओमिक्रोन के संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर आठ सौ के पार पहुंच गया है। कोरोना का यह वैरिएंट अब तक 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहुंच गया है। दिल्ली में सबसे अधिक 238 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर है जहां ओमिक्रोन के 167 मामले आए हैं।

दिल्‍ली में एक दिन में कोरोना के 923 और मुंबई में 2510 मामले

दिल्‍ली में 24 घंटे में कोरोना के मामले बढ़कर लगभग डबल हो गए हैं। दिल्‍ली में एक दिन में कोरोना के 923 मामले सामने आए हैं। संक्रमण की दर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में अब तक कुल 25,107 संक्रमित दम तोड़ चुके हैं। सक्रिय मामले बढ़कर 2,191 हो गए हैं। मुंबई में एक दिन में कोरोना के 2,510 नए मामले सामने आए हैं जबकि एक शख्‍स की मौत हो गई है।

 

किस राज्‍य में कितने मामले

दिल्ली- 238

महाराष्ट्र- 167

गुजरात- 73

केरल- 65

तेलंगाना- 62

राजस्थान- 68

कर्नाटक-34

तमिलनाडु-45

हरियाणा-12

पश्चिम बंगाल-11

मध्‍य प्रदेश-9

ओडिशा-9

आंध्र प्रदेश-6

उत्तराखंड-4

चंडीगढ़-3

जम्मू-कश्मीर-3

गोवा-1

हिमाचल प्रदेश-1

लद्दाख-1

मणिपुर-1

एक दिन में कोरोना से 302 लोगों की मौत

वहीं केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में एक दिन में कोरोना संक्रमण के 9,195 नए मामले सामने आए हैं जिससे संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 3,48,08,886 हो गया है। इसके साथ ही देश में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्‍या बढ़कर 77,002 हो गई है। यही नहीं बीते 24 घंटे में संक्रमण से 302 लोगों की मौत हो गई है जिससे महामारी से मरने वालों की संख्‍या बढ़कर 4,80,592 हो गई है। राहत की बात यह है कि देश में लगातार 62 दिन से कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले 15 हजार से कम हैं।

नए साल पर पीएम मोदी देंगे किसानों को सौगात

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नई दिल्ली : नए साल का पहले दिन देश के किसानों के खुशियां लेकर आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 10वीं किस्त जारी करेंगे। पीएमओ के अनुसार पीएम मोदी 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खातों में 20 हजार करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर करेंगे।

अब तक 1.6 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी को हर साल छह हजार रुपए दिए जाते हैं। सरकार तीन किस्तों में पैसे बैंक खाते में जमा करती है। इस योजना में अब तक 1.6 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी इक्विटी अनुदान जारी करेंगे। वहीं किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ बातचीत और राष्ट्र को संबोधित भी करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहेंगे।

अप्रैल में जमा हुई पहली किस्त

मौजूदा वित्त वर्ष में योजना की पहली किस्त अप्रैल में 11.16 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक अकाउंट में जमा हुई। दूसरी किस्त अगस्त 2021 में जमा हुई। जिसका फायदा 11.11 करोड़ किसानों को हुआ। पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम में अब तक कुल 12.31 करोड़ किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

आधार नंबर लिंक होना जरूरी

पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के रिकार्ड की जांच की जा रही है। रजिस्ट्रेशन और गलत जानकारी देने पर अकाउंट में पैसे जमा नहीं होंगे। वहीं लाभार्थियों को आधार नंबर लिंक करवाना भी जरूरी है। नाम और रजिस्ट्रेशन में गलती होने पर किस्त रोकी जा सकती है।

तारक मेहता को रेस्टोरेंट का खाना पड़ा महंगा, अंजलि और तारक में छिड़ी जंग

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नीला फिल्म प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड प्रस्तुत तारक मेहता का उल्टा चश्मा में अंजलि के हाथों ऐसा सबूत मिला है जिससे तारक मेहता की सिर्फ भूख, प्यास ही नहीं, बल्कि नींद भी उड़ने वाली है। एक तरफ अंजलि का डाइट के प्रति अनुशासन और दूसरी तरफ इन दिनों तारक मेहता की खाने में चल रही मनमर्जी, इससे दोनों के बीच जो जंग छिड़ी है, वह जेठालाल को भारी पड़ सकती है। पिछली बार बात जब ऐसी ही संगीन हुई थी, तब अंजलि घर छोड़ के जा रही थी। वह तो जैसे-तैसे गोकुलधामवासियों ने उन्हें रोक लिया था। पर इस बार अंजलि के हाथ लगा है रेस्टोरेंट का बिल, लेकिन तारक कहते हैं कि उससे कुछ भी साबित नहीं होता। लेकिन बात यहीं ख़त्म नहीं हो रही है। अंजलि ने इस बार तारक की रेस्टोरेंट में खाना खाते समय की फोटो भी तारक और जेठालाल के हाथों थमा दी है। तारक कुछ भी बहाना बनाये, पर अंजलि की जांच पड़ताल जारी है।

अंजलि के पास और भी सबूत हैं। अंजलि और तारक मेहता के बीच यह सवाल -जवाब का सिलसिला जारी रहेगा। हो सकता है इसमें जेठालाल के साथ और भी कई गोकुलधामवासी फंस जाए। यह किस्सा बड़ा दिलचस्प होनेवाला है। पर एक बात तो तय है कि तारक मेहता का यह राज अंजलि जानकर ही रहेगी। आप भी जानने के लिए देखते रहिये नीला फिल्म प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सोमवार से शनिवार रात 8:30 बजे सब टीवी पर। इस शो के सर्जक और निर्माता असित कुमार मोदी हैं।

तारक मेहता का उल्टा चश्मा भारतीय टेलीविजन पर पहली बार 28 जुलाई, 2008 को प्रसारित किया गया था और इस शो के 3300 से अधिक एपिसोड पूरे हुए हैं।

इंदौर के निजी मेडिकल कालेज की लैब में दो और लोगों में ओमिक्रोन की पुष्टि

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इंदौर । शहर के एक निजी मेडिकल कालेज की लैब में मंगलवार को दो और लोगों में ओमिक्रोन की पुष्टि हुई। इसे मिलाकर अब तक 11 लोगों में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन मिल चुका है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इनकी संख्या नौ ही बता रहा है। निजी मेडिकल कालेज ने दोनों लोगों की रिपोर्ट क्रासमैचिंग के लिए दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट आफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटेड बायलाजी (आइजीआइबी) को भेज दी है। जिन दो लोगों में ओमिक्रोन मिला है उनकी स्थिति सामान्य है और दोनों ही अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं। इनमें से एक तो अमेरिका रवाना भी हो चुका है।

शहर में सिर्फ अरबिंदो मेडिकल कालेज के पास ही जीनोम सिक्वेंसिंग जांच का इंतजाम है लेकिन यहां की रिपोर्ट को तब तक अधिकृत नहीं माना जाता जब तक कि दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फार डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) से उसकी पुष्टि नहीं हो जाती। अरबिंदो मेडिकल कालेज सूत्रों के मुताबिक जिन दो लोगों में मंगलवार को ओमिक्रोन की पुष्टि हुई है उनमें से एक 20 वर्षीय युवती है तो दूसरा 19 वर्षीय पुरुष। इन दोनों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। दोनों की हालत ठीक है।

ओमिक्रोन के कोई विशेष लक्षण नहीं

डाक्टरों के मुताबिक ओमिक्रोन के कोई अलग लक्षण नहीं हैं। अब तक जिन लोगों में ओमिक्रोन वैरिएंट की पुष्टि हुई उनमें कोई लक्षण नहीं थे। सभी मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य थे। औचक जांच में उनमें कोरोना की पुष्टि हुई थी हालांकि इन मरीजों को न सर्दी थी न खांसी। चूंकि ये लोग विदेशों से लौटे थे और इनमें कोरोना की पुष्टि हुई थी इसलिए इनके सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए दिल्ली भेजे थे। संभागायुक्त ने कुछ लोगों के सैंपल जांच के लिए निजी मेडिकल कालेज भिजवाए थे। इसके बाद लैब में अन्य सैंपल भी जांचे जाने लगे।

देश में ओमिक्रोन का खतरा बढ़ा, दिल्‍ली में स्‍कूल बंद, कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू

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कोरोना वायरस का नया वैरियंट ओमिक्रोन देश में तेजी से फैलता जा रहा है। इसके रोज नए मामले आ रहे हैं और तेजी से बढ़ते संक्रमण ने केंद्र समेत राज्‍य सरकारों को चिंता में डाल दिया है। इस संभावित खतरे को देखते हुए देश के कई राज्‍यों ने नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। आज दिल्‍ली में स्‍कूल एवं कॉलेज भी बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है। एहतियात बरतते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है। केंद्र और राज्य सरकारें टीकाकरण पर जोर दे रही हैं। देशभर के अब तक 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ओमिक्रोन दस्तक दे चुका है।

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश सरकार ने ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए राज्य में रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू किया है। वैक्सीन पर जोर देते हुए राज्य सरकार ने दोनों डोज नहीं लेने वाले 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के सिनेमा हाल, मल्टीप्लेक्स, थिएटर, जिम, कोचिंग क्लासेस, स्वीमिंग पूल, क्लब में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है।

उत्तर प्रदेश

यहां 200 से कम लोगों के जमावड़े वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए राज्यवार रात्रि कर्फ्यू के सख्त आदेश जारी हैं। नोएडा और लखनऊ में 31 दिसंबर, 2021 तक सीआरपीसी की धारा 144 जारी रहेगा। यहां भी रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।

दिल्ली

ओमिक्रोन के सबसे ज्यादा मामले अभी तक दिल्ली में दर्ज किए गए हैं, जिसे देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट हो गई है। आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में येलो अलर्ट की घोषणा की है। इसके तहत सभी स्कूल-कालेज बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा बाजारों, रेस्टोरेंट और होटलों में ज्यादा भीड़ इकट्ठा होने पर मनाही है। शादियों में भी सिर्फ 20 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई है।

गुजरात

गुजरात के कई शहरों अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भावनगर, जामनगर, गांधी नगर और जूनागढ़ में रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में अभी तक ओमिक्रोन के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। राज्य सरकार ने इसे देखते हुए 31 दिसंबर तक के लिए धारा 144 लागू कर दी है। सार्वजनिक स्थलों पर पांच से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी है।

हरियाणा

वैक्सीनेशन को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें लगातार जोर दे रही हैं। सिर्फ टीकाकरण करवा चुके लोगों को ही सार्वजनिक स्थलों जैसे माल, सिनेमा हाल, रेस्टोरेंट में जाने की अनुमति है। यहां रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा। यह नाइट कर्फ्यू एक जनवरी, 2022 तक लागू रहेगा।

उत्तराखंड

नए वैरिएंट और कोरोना के मामलों के बढ़ने के कारण उत्तराखंड सरकार ने नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। जिला प्रशासन और पुलिस को नाइट कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू करने की हिदायत दी गई है। हालांकि नाइट कर्फ्यू के दौरान आवश्यक सेवाएं खुली रहेंगी।

असम

असम में भी ओमिक्रोन दस्तक दे चुका है। इसके चलते राज्य सरकार ने रात 11.30 बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निरस्त, राज्य निर्वाचन आयोग ने की घोषणा

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भोपाल। मध्य प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार देर शाम निरस्त कर दिया। राज्य सरकार द्वारा मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश वापस लिए जाने के बाद चुनाव का आधार समाप्त होने से आयोग ने यह निर्णय लिया। इसके लिए दो दिन से आयोग विधि विशेषज्ञों से परामर्श रहा था। चुनाव प्रक्रिया निरस्त होने के बाद अब अभ्यर्थी अपनी निक्षेप राशि वापस ले सकेंगे। उधर, निर्वाचन से जुड़ी अन्य सभी प्रक्रियाओं को आयोग ने रोक दिया है।

आयोग ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश-2021 के आधार पर चार दिसंबर को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। इसमें वर्ष 2019 में पंचायतों के परिसीमन को निरस्त करके पुराने आरक्षण के आधार पर चुनाव कराए जा रहे थे, जिसे विभिन्न् याचिकाकर्ताओं द्वारा न्यायालयों में चुनौती दी गई थी। इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित पदों के चुनाव पर रोक लगाते हुए शेष प्रक्रिया को जारी रखने के आदेश दिए थे।

इससे बने हालात को देखते हुए सरकार ने विधानसभा में सर्वसम्मति से ओबीसी आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव कराने का संकल्प पारित कराया और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की, ताकि ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव हों। सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इन्कार कर दिया। इसके बाद सरकार ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश को वापस लेने का निर्णय लिया। एक दिन में पूरी कार्रवाई करके इसकी अधिसूचना भी राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई लेकिन आयोग ने चुनाव निरस्त करने के लिए विधिक अभिमत मांगा था।

जब आधार ही खत्म हो गया तो चुनाव कैसे

विधि विशेषज्ञों ने अभिमत दिया कि जिस अध्यादेश के आधार पर चुनाव प्रक्रिया संचालित की जा रही थी, जब वो ही समाप्त हो गया तो फिर चुनाव कराने का कोई औचित्य ही नहीं बचा था। दरअसल, अध्यादेश वापस लेने से वह परिसीमन पुन: लागू हो गया, जिसे निरस्त किया गया था। 1200 से ज्यादा पंचायतें पुन: अस्तित्व में आ गईं। ऐसी स्थिति में चुनाव कराया जाना संभव ही नहीं था। आयोग ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 42 में दी गई शक्ति और मध्य प्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 18 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए चुनाव कार्यक्रम और इससे संबंधित सभी कार्यवाहियों को निरस्त कर दिया।

अब यह होगा

राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने आदेश में कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल मार्च, 2020 में समाप्त हो चुका है और चुनाव की प्रक्रिया में काफी विलंब हो चुका है। आगामी चुनाव प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा 17 दिसंबर 2021 को पारित आदेश का पालन करते हुए जल्द प्रारंभ की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से किया विचार-विमर्श

राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विचार-विमर्श किया। दरअसल, ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को आदेश दिए थे कि ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को सामान्य में पुन: अधिसूचित कराया जाए। शेष पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया जारी रहे लेकिन परिणाम घोषित न किए जाएं।

तीन जनवरी को होगी ओबीसी आरक्षण पर सुनवाई

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगाए जाने के आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर तीन जनवरी को सुनवाई प्रस्तावित है। वहीं, सरकार द्वारा मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश के माध्यम से 2019 के परिसीमन को निरस्त करने और पुराने आरक्षण के आधार पर चुनाव कराने के विरुद्ध जो याचिकाएं दायर हुई थीं, वे अगली सुनवाई में निराकृत हो जाएंगी।