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कालीचरण महाराज की गिरफ्तारी पर MP-CG सरकार में ठनी

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भोपाल. महात्मा गांधी पर टिप्पणी को लेकर कालीचरण महाराज को गुरुवार सुबह रायपुर पुलिस ने खजुराहो से गिरफ्तार किया. मध्य प्रदेश से गिरफ्तारी पर इंटर स्टेट प्रोटोकॉल के उल्लंघन का हवाला देते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आपत्ति दर्ज कराई है. मिश्रा का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार नोटिस लेकर भी बुला सकती थी. आने से पहले ना सही गिरफ्तारी करने पर मध्य प्रदेश पुलिस को जानकारी तो देती. मिश्रा ने मध्य प्रदेश डीजीपी को छत्तीसगढ़ डीजीपी से पूरे तरीके पर विरोध दर्ज कराने के साथ स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं. इधर, छ्त्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सही ठहराते हुए नरोत्तम मिश्रा पर पलटवार किया है.

कालीचरण की गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ पुलिस के तरीके को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आपत्ति जताई है. गृह मंत्री का कहना है कि छत्तीसगढ़ पुलिस के तरीके पर आपत्ति है. इंटरस्टेट प्रोटोकॉल का उल्लंघन कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार को नहीं करना था. संघीय मर्यादा इसकी बिल्कुल भी इजाजत नहीं देती है. छत्तीसगढ़ सरकार चाहती तो उनको नोटिस देकर भी बुला सकती थी. मध्य प्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि छत्तीसगढ़ के डीजीपी से बातचीत करें. गिरफ्तारी के तरीके को लेकर बातचीत कर स्पष्टीकरण लें.

उन्होंने आगे कहा कि संघीय मर्यादा का उल्लंघन 100 फ़ीसदी हुआ है. कल को रात को पुलिस का नाम लेकर कोई भी घुस जाएगा. खाकी के नाम पर घुसने की कोशिश करेगा. आखिर जनता की सुरक्षा भी है, जनता की सुरक्षा का सवाल भी है. आश्रम में जाने पर पुलिस को खबर कर देते. पुलिस को खबर नहीं कर पाए तो गिरफ्तारी के बाद खबर कर देते. मैं मानता हूं कि यह पूरा तरीका ही आपत्तिजनक है. मैंने डीजीपी को कहा है कि वह छत्तीसगढ़ डीजीपी को अपना विरोध दर्ज कराएं. जमानती धाराएं हैं. वह चाहते तो जमानत करा लेते. अगर जमानत नहीं करा पाते तो छत्तीसगढ़ बुला लेते. यह तो तरीका है पूरी तरह से गलत है.

इधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस विवाद पर पलटवार करते हुए ट्विटर पर लिखा कि न्याय में इतना विलम्ब नहीं होना चाहिए कि वो अन्याय लगने लगे. बघेल ने अपने एक अन्य ट्वीट में कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा, ‘छत्तीसगढ़ पुलिस ने कालीचरण महाराज के परिवार और वकील को उनकी गिरफ्तारी की सूचना दे दी है.’

यह था पूरा मामला
दरअसल रायपुर की धर्म संसद में जब महंत कालीचरण अपना वक्तव्य दे रहे थे, उसी दौरान उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी पर विवादित बयान दिया था. महात्मा गांधी पर सुखदेव, राजगुरु, भगत सिंह की फांसी ना रुकवाने का भी आरोप लगाया था.

कथित वीडियो वायरल हुआ तो उसमें महंत कालीचरण कहते हुए दिखाई दे रहे हैं, “कोई राष्ट्र का पिता नहीं हो सकता, राष्ट्रपिता बनाना है तो महाराणा प्रताप, शिवाजी, वलभ भाई पटेल को बनाया जाए. इन लोगों ने राष्ट्र के लिए काम किया है. गांधी ने तो सिर्फ बंटवारा किया है. उन्होंने कहा था 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया. मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया. नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया.”

इस बयान के बाद उन पर एफआईआर दर्ज कर ली गई थी, लेकिन वो फरार हो चुके थे. News 18 वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता.

भोपाल पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर एडीजी पद पर होंगे पदोन्नत

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भोपाल । भोपाल के पहले पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पद पर पदोन्नत करने का रास्ता साफ हो गया है। गृह विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पदोन्नति के पदों के संबंध में जो प्रस्ताव भेजा था, उसे देर शाम अनुमति मिल गई। अब देऊस्कर के साथ डी. श्रीनिवास वर्मा और उमेश जोगा भी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हो जाएंगे। सोलोमन यश कुमार विज केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वहीं, भोपाल देहात जोन के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली भी पदोन्नति के बाद पुलिस महानिरीक्षक हो जाएंगे। गृह विभाग पदोन्नति के आदेश शुक्रवार को जारी करेगा।

गुरुवार को आइपीएस अधिकारियों की पदोन्नति के लिए मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की अध्यक्षता में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हुई। इसमें मकरंद देऊस्कर सहित अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पद पर पदोन्नत करने के योग्य पाया गया, लेकिन पद उपलब्ध नहीं होने की वजह से पदोन्नति अटकने के आसार थे।

जब तक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पद पर पदोन्नति के लिए पद उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक पदोन्नति नहीं दी जा सकती है। इसके मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय को पदोन्नति के संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई। इसके बाद अब तय हो गया है कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पद पर पदोन्नति के लिए अधिकारियों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सेवा रिकार्ड के अनुसार उप पुलिस महानिरीक्षक निरंजन वायंगणकर के साथ पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी अनीता मालवीय और साकेत पांडे को पदोन्नति के योग्य नहीं पाया गया है।

ये भी हो जाएंगे पदोन्‍नत

भोपाल देहात जोन के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली डीआइजी से पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत हो जाएंगे। इनके साथ 2004 बैच के अधिकारी गौरव राजपूत, संजय कुमार, आरण्य डेहरिया और संजय तिवारी भी पदोन्नत होंगे। 2008 बैच के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को उप पुलिस महानिरीक्षक और नौ अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान में पदोन्नति मिलेगी। बैठक में पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी के साथ अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान और डा. राजेश राजौरा उपस्थित थे।

मध्‍य प्रदेश के सीएम शिवराज की अधिकारियों को चेतावनी-चला लेंगे, देख लेंगे, जैसी मानसिकता से बाहर आएं

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भोपाल। प्रदेश में किसानों को खाद की कमी नहीं होनी चाहिए। खाद की कमी नहीं है। जहां भी जरूरत हो कलेक्टर मांग करें, यूरिया उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए मैं केंद्र सरकार से बात करूंगा। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से खाद की स्थिति की समीक्षा के दौरान कही। साथ ही अधिकारियों को चेताया कि चला लेंगे, देख लेंगे, जैसी मानसिकता से बाहर आएं और वास्तविक स्थिति को देखें।

समीक्षा के दौरान प्रदेश में 25 रैक यूरिया की आवश्यकता बताई गई। उज्जैन कलेक्टर ने दो और रतलाम कलेक्टर ने दो हजार टन यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि यूरिया की मांग का आकलन करके रिपोर्ट दें, मैं केंद्र सरकार से बात करूंगा।

वहीं, कलेक्टरों को निर्देश दिए कि खाद की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। इसके बाद समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति बाहर से धान बेचने के लिए आए, यह स्वीकार नहीं किया जाएगा। जो किसान नहीं हैं, उनसे किसी भी कीमत पर धान की खरीद न हो। किसानों को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

एसडीएस पैसे लेते पकड़े जा रहे हैं, ये बर्दाश्त नहीं होगा

मुख्यमंत्री ने रायसेन में एसडीएम के रिश्वत लेते पकड़े जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने रायसेन कलेक्टर अरविंद दुबे सहित अन्य कलेक्टरों से कहा कि पैसे लेने वाले को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। माफियाओं के अतिक्रमण पर कार्रवाई करेंगे।

आठ जनवरी को मंत्री-विधायक स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा में लेंगे

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा आठ से 14 जनवरी के बीच होगी। आठ जनवरी को मैं भी एक आंगनबाड़ी में जाऊंगा। सभी मंत्री और विधायक भी जाएंगे। इसे आंदोलन का रूप देना है।

मध्‍य प्रदेश में बाघों के लिए बुरा साबित हुआ वर्ष-2021, 10 साल में सबसे ज्यादा 44 की मौत

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भोपाल । बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश के लिए साल 2021 काफी बुरा साबित हुआ है। इस साल अब तक 44 बाघों की मौत हो चुकी है। यह प्रदेश में पिछले 10 साल में मरे बाघों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इनमें से आठ मामले शिकार एवं चार बाघ के अंगों की जब्ती के हैं। देश में बाघों की मौत के मामले में महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है, पर मध्य प्रदेश में उससे भी लगभग दो गुना बाघों की मौत हो गई है और यह आंकड़ा देश में सबसे ज्यादा है।

देश में बाघों की मौत का आंकड़ा मध्य प्रदेश ने ही बढ़ाया है। पिछले 10 साल में बाघों की मौत पर नजर डालें, तो प्रदेश में साल-दर-साल 24 से 33 बाघों की मौत होती रही है, पर इन सालों में पहली बार एक साल में 44 बाघों की मौत हुई है। जिसने वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है पर सरकार को कोई चिंता नहीं है।

वन अधिकारी जैसा बता देते हैं, सरकार मान लेती है। सरकार ने यह भी जानने की कोशिश नहीं की कि करीब आधा दशक से प्रदेश में सबसे ज्यादा बाघों की मौत का आखिर कारण क्या है?

प्रदेश में बाघ आकलन-2018 में 526 बाघ गिने गए थे। इसके साथ ही प्रदेश को वर्ष 2010 में खोया टाइगर स्टेट का तमगा मिल गया। इस बार फिर कर्नाटक से मुकाबला है। वर्ष 2018 में वहां 524 बाघ गिने गए थे और वर्ष 2010 से 2018 तक कर्नाटक ही टाइगर स्टेट रहा है।

कर्नाटक में एक भी मौत नहीं, मप्र में 10 मरे

कर्नाटक में सालभर में 15 बाघों की मौत हुई है। 17 सितंबर 2021 के बाद वहां एक भी बाघ की मौत होना नहीं पाया गया। जबकि मध्य प्रदेश में इसके बाद के साढ़े तीन महीनों में 10 बाघों की मौत की पुष्टि हुई है। यदि बाघों की मौत के मामले में देश में दूसरे नंबर पर रहने वाले राज्य महाराष्ट्र की बात करें, तो वहां भी अब तक 24 बाघों की ही मौत हुई है।

नए वर्ष में ग्रह-नक्षत्रों के बन रहे हैं ये शुभ योग

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आप सभी को नये साल का बेसब्री से इंतजार होगा, साथ ही ये उम्मीदें भी होंगी कि नया साल आपके लिए शुभ हो। लेकिन ज्योतिष के मुताबिक आपका शुभ समय तब आता है, जब ग्रहों के अच्छे योग बनते हों। शुभ योग में जातक की किस्मत बदल सकती है। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं, साल 2022 में आनेवाले वो शुभ संयोग, जब आपकी किस्मत आपका साथ देगी। पहले आपको बता दें ग्रहों की मौजूदा स्थिति। साल की शुरुआत ज्येष्ठा नक्षत्र में शनिवार के दिन होने वाली है, जिसके स्वामी शनि हैं। इस समय शनि शुक्र ग्रह के साथ दसवीं राशि मकर में स्थित हैं। वहीं बृहस्पति ग्रह कुंभ राशि में, राहु वृषभ राशि में तथा केतु वृश्चिक राशि में मौजूद है। आइए अब आपको बताएं कि ये ग्रह, कब अन्य ग्रहों के साथ मिलकर हमारे लिए शुभ योग का निर्माण करेंगे।

शश योग

यह योग पंच महापुरुष योगों में से एक है। शश योग तब बनता है जब कुंडली में शनि की एक विशेष स्थिति होती है। जब शनि अपनी स्वराशि या फिर अपनी उच्च राशि में स्थित होता है, तब यह योग तब बनता है। वर्ष 2022 के अधिकांश समय में मकर राशि यानी स्वराशि में स्थित है। ये सिर्फ 29 अप्रैल, 2022 से 12 जुलाई, 2022 तक के समय में इस राशि में नहीं रहेगा। यानी ये समय छोड़ दिया जाए, तो शनि लगभग पूरे साल जातकों को यह शुभ योग प्रदान कर रहा है।

क्या होंगे लाभ?

शश योग के कारण जातक की नेतृत्व क्षमता बेहतर होती है। वह व्यक्तिगत तथा पेशेवर जीवन में लोकप्रियता हासिल करता है और व्यापारिक सौदों में भी सफल होता है। इस योग वाले जातक अपने जीवन काल के अंत में सफलता की ऊंचाइयों को छूने में सक्षम होते हैं। जिनकी कुंडली में शनि मजबूत या शुभ स्थिति में है, उन्हें इस योग से विशेष लाभ होगा।

देश में ओमिक्रोन के मामले एक हजार के पार, अब तक 22 राज्‍यों में फैला संक्रमण

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देश में कोरोना वायरस का वैरियंट ओमिक्रोन अब बहुत तेज़ी से पैर पसार रहा है। इसके संक्रमण की गति अब घातक हो गई है। ओमिक्रोन अब तक 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल चुका है। एजेंसियों से प्राप्‍त रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में अब तक ओमिक्रोन के 1100 से ज्‍यादा मामले मिल चुके हैं। गुरुवार को महाराष्‍ट्र में ओमिक्रोन के सबसे ज्‍यादा 198 मामले सामने आए। अकेले मुंबई में 190 मामले सामने आए हैं। ओडिशा में पांच नए मामले दर्ज किए गए। स्‍वास्‍थ्‍य सचिव लव अग्रवाल ने गुरुवार को बताया कि ओमिक्रोन से संक्रमित 320 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। बुधवार को इसकी चपेट में आने वाला पंजाब 23वां राज्य बना। दुनिया में 121 देशों में एक महीने में ओमिक्रोन के 3,30,000 से ज्‍यादा मामले और कुल 59 मौतें रिपोर्ट की गई हैं।

कोरोना के 13,154 नए मामले

इसके अलावा भारत में एक दिन में कोरोना के 13,154 नए मामले सामने आए। इसके बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,48,22,040 हो गई है। वहीं, सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 82,402 हो गई है। 268 और संक्रमितों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 4,80,860 हो गई है।

झांसी रेलवे स्टेशन बन गया वीरांगना लक्ष्मीबाई

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यूपी सरकार ने एक और रेलवे स्टेशन का नाम बदल दिया है.अब झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन रख दिया गया है उत्तर प्रदेश सरकार के नाम परिवर्तित करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद शासनादेश जारी कर दिया गया है.

तीन महीने पहले गृह मंत्रालय को ये प्रस्ताव दिया गया था कि झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदला जाए. अब उसी प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए यूपी सरकार ने झांसी ने झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदल वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन कर दिया है. रेलवे स्टेशन का कोड भी अब बदल दिया जाएगा. सरकार की तरफ ये तर्क दिया जा रहा है कि स्टेशन का नाम बदलने से भी क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. बुंदेलखंड इलाके में भी इसका लाभ देखने को मिल सकता है.

भारत ने दक्षिण अफ्रीका को दिया 305 रनों का लक्ष्य, दूसरी पारी में बनाये 174 रन

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सेंचुरियन टेस्ट के चौथे दिन भारत ने दूसरी पारी में सभी विकेट खोकर 174 रन बनाये। इसके साथ ही भारत ने दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 305 रनों का लक्ष्य दिया है। भारत की दूसरी पारी कुछ खास नहीं रही। पिछली पारी में शतक बनानेवाले केएल राहुल सिर्फ 23 रनों के स्कोर पर आउट हो गये। चेतेश्वर पुजारा और कप्तान विराट कोहली जैसे बल्लेबाज 20 रनों का आंकड़ा भी नहीं छू सके। 4-5 विकेट गिरने के बाद भारत ने तेज गति से रन बनाने का फैसला किया और रहाणे ने स्कोर को तेजी से बढ़ाने की कोशिश की । उन्होंने 23 गेदों में 20 रन बनाये। दूसरी पारी में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन (34) ऋषभ पंत ने बनाए। आर अश्विन ने भी 2 चौकों की मदद से 14 रनों का योगदान दिया। साउथ अफ्रीका की ओर से रबाडा और मार्को यानसेन ने 4-4 विकेट लिए, जबकि एनगिडी 2 विकेट लेने में सफल रहे।

इससे पहले तीसरे दिन के खेल खत्म होने तक भारत ने अपनी दूसरी पारी में विकेट पर 16 रन बना लिए थे और इस तरह 146 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। टेस्ट मैच के चौथे दिन केएल राहुल और शार्दुल ने संभवल कर खेलना शुरु किया, लेकिन विकेट लगातार गिरते रहे और कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया। वैसे टेस्ट मैच के हिसाब से 305 रनों का लक्ष्य भी आसान नहीं है और टीम इंडिया इस वक्त मजबूत स्थिति में दिख रही है। आपको बता दें कि अभी पांचवें दिन का खेल भी बाकी है।

मध्‍य प्रदेश में मिलने वाले हर 10 कोरोना संक्रमितों में से छह इंदौर के

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इंदौर । कोरोना का प्रकोप एक बार फिर बढ़ने लगा है। हालत यह है कि पांच दिन में 100 से ज्यादा संक्रमित शहर में मिल चुके हैं। चिंता की बात यह भी है पिछले पांच दिन में प्रदेश में मिले 187 संक्रमितों में से 114 अकेले इंदौर के हैं। यानी प्रदेश में मिलने वाले हर 10 संक्रमितों में से छह इंदौर के हैं।

शहर में संक्रमण की दर भी लगातार बढ़ रही है। सात दिन पहले 23 दिसंबर को जहां 6681 सैंपलों की जांच में 13 संक्रमित मिले थे वहीं 28 दिसंबर को 6960 सैंपलों की जांच में ही 32 संक्रमित मिल गए। संक्रमण दर बढ़ने के साथ-साथ उपचाररत मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। कुछ समय पहले तक यह एक अंक में पहुंच गई थी लेकिन अब यह डेढ़ सौ के पार पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि संक्रमितों में कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं हैं।

शहर में कोरोना एक बार फिर सिर उठाने लगा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह मौसम वायरस के लिए अनुकूल है। इसलिए जरूरी है कि कोरोना प्रोटोकाल का पूरा पालन किया जाए।

बाजार में लगातार बढ़ रही भीड़ और मास्क को लेकर बरती जा रही लापरवाही का असर है कि कुछ दिन पहले तक शहर में जहां इक्का-दुक्का संक्रमित मिल रहे थे वहीं अब यह संख्या तीन दर्जन के करीब पहुंच गई है।

शासकीय एमआरटीबी अस्पताल में फिलहाल 27 मरीज भर्ती हैं। निजी अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संक्रमण दर की बात करें तो छह दिन के भीतर शहर की कोरोना संक्रमण दर में ढाई गुना की बढ़ोतरी हुई है।

राहत की बात ज्यादातर में गंभीर लक्षण नहीं

लगातार चल रहे टीकाकरण का असर है कि कोरोना के ज्यादातर मरीजों में कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं। एमआरटीबी अस्पताल प्रभारी डा.सलिल भार्गव के मुताबिक अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है। एक भी मरीज को आक्सीजन की जरूरत अब तक नहीं पड़ी है।

भोपाल पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर की पदोन्नति में आड़े आ सकती है पद की कमी

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भोपाल। आइपीएस अधिकारियों की पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक गुरुवार को मंत्रालय में होगी। इसमें भोपाल के पहले पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के पद पर पदोन्नत होने के आड़े पद की कमी आ सकती है। प्रदेश में 36 अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद हैं और ये सभी भरे हुए हैं। अगले साल मार्च में पद रिक्त होंगे। ऐसी सूरत में अभी पदोन्नति देने पर समिति विचार कर सकती है। देऊस्कर के साथ तीन अधिकारी डी श्रीनिवास वर्मा, उमेश जोगा और सोलोमन यश कुमार विज भी प्रभावित हो सकते हैं।

गृह विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ वेतनमान में अधिकारियों को पदोन्नत करने पर विचार किया जाएगा। भोपाल देहात जोन के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली डीआइजी से पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत होंगे।

इनके साथ 2004 बैच के अधिकारी गौरव राजपूत, संजय कुमार, आरण्य डेहरिया और संजय तिवारी भी पदोन्‍नत होंगे। बैठक मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की अध्यक्षता में होगी। इसमें पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान और अपर मुख्य सचिव डा.राजेश राजौरा शामिल होंगे।