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आनलाइन गांजा तस्करी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार सख्त

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भोपाल । देश सहित मध्य प्रदेश में आनलाइन व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही इसके दुरुपयोग होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। भिंड के गोहद थाना क्षेत्र में आनलाइन माध्यम से गांजा तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। गोहद चौराहा पुलिस और साइबर की टीम ने 20 किलोग्राम गांजे के साथ दो व्यक्तियों को पकड़ा है। यह गांजा बाबू टैक्स कंपनी ने मंगाया था, जो अमेजन पर सेलर के तौर पर पंजीकृत है। गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। इसमें किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही मध्य प्रदेश में आनलाइन व्यापार को लेकर गाइड लाइन बनाई जाएगी। अमेजन कंपनी के अधिकारी यदि जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और ऐसा ही रहा तो फिर उन्हें पकड़कर लाएंगे।

भिंड के गोहद पुलिस और साइबर की टीम ने आनलाइन गांजा आपूर्ति के इस मामले को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपित सूरज उर्फ कल्लू पवैया और बिजेन्द्र उर्फ पिंटू तोमर को हिरासत में लिया है। इनके पास बीस किलोग्राम गांजा मिला है। यह अमेजन के जरिये बुक करके मंगाया था, जो विशाखापट्टनम से भेजा गया था। गृहमंत्री ने बताया कि बाबू टैक्स कंपनी के माध्यम से गांजा बुलाकर अब तक 12 जगह पर आपूर्ति करने की बात सामने आई है। इसमें मध्य प्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। अभी जांच चल रही है और यदि प्रमाण पाए गए तो अमेजन पर भी कार्रवाई करेंगे। मध्य प्रदेश में इस तरह की गतिविधि संचालित नहीं होने दी जाएगी। देश और प्रदेश में आनलाइन व्यापार करने को लेकर अभी कोई गाइड लाइन नहीं है। ऐसे तो कोई हथियार की भी आपूर्ति कर सकता है। यह बेहद गंभीर मामला है। इसे देखते हुए हमने तय किया है कि प्रदेश के अंदर आनलाइन व्यापार करने को लेकर गाइड लाइन बनाएंगे।

हबीबगंज थाने का नाम बदलने पर विचार

गृहमंत्री ने कहा कि हबीबगंज थाने का नाम परिवर्तन करने को लेकर प्रस्ताव आया है। इस पर विचार किया जा रहा है। मालूम हो कि हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया है।

भोपाल रेलवे स्टेशन में पटरी से उतरा इंजन

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भोपाल । भोपाल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह 11:30 बजे के करीब शंटिंग के लिए जा रहा एक इंजन पटरी से उतर गया। बताया जा रहा है कि सिगनलिंग की तकनीकी खामी के चलते यह इंजन पटरी से उतरा। इस घटना की हकीकत पूरी तरह से जांच के बाद ही सामने आ पाएगी। रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि यह डीजल इंजन शंटिंग यानी ट्रेन के डिब्बों को इधर से उधर ले जाने के लिए स्टेशन में ही उपयोग किया जाता है। गुरुवार को भोपाल स्टेशन के छह नंबर प्लेटफार्म पर खड़े कोचों को लेने के लिए बीना छोर से यह इंजन जा रहा था। तभी फुट ओवरब्रिज के आगे यह इंजन पहुंचा तो पटरी से नीचे उतर गया। उस वक्‍त इंजन की रफ्तार करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इस कारण पटरी से उतरने के बाद भी इंजन पलटा नहीं, वरना बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी। घटना के बाद तुरंत इंजीनियर व अन्‍य मैकेनिकल स्‍टाफ मौके पर पहुंचा और इंजन को वहां से हटाने का काम शुरू किया। ब्रेकडाउन क्रेन की मदद से इंजन को 12:20 बजे पटरी से हटा लिया गया। इंजन के पटरी से उतरने की वजह से करीब 50 मिनट तक 06 नंबर प्लेटफार्म बंद रहा। हालांकि यह अच्छी बात रही कि इस दौरान प्लेटफार्म नंबर 06 पर कोई भी ट्रेन आने वाली या यहां से रवाना होने वाली नहीं थी।

करीब 3 साल पहले हबीबगंज रेलवे स्टेशन (अब रानी कमलापति स्‍टेशन) पर इसी तरह की घटना शंटिंग के दौरान हुई थी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद इस मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

मजबूत स्थिति में है देश का बैंकिंग सेक्टर, 5 लाख करोड़ की हुई रिकवरी : PM मोदी

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आज सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ PM मोदी ने बैठक की और उपस्थित PSU बैंक प्रमुखों को संबोधित किया। वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज की ओर ये आयोजित कार्यक्रम के दूसरे दिन समापन समारोह को संबोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बैंकिंग सेक्टर काफी मजबूत स्थिति में हैं। अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि बैंकों की फाइनेंशियल स्ट्रेंथ काफी सुधरी है क्योंकि सरकार की तरफ बैंकिंग सेक्टर में कई अहम रिफॉर्म किए गए। सरकार के सपोर्ट के कारण आज बैंकों की रिजॉल्यूशन, रिकवरी बेहतर हुई है। लेकिन देश की बैलेंस शीट सुधारने के लिए उन्हें काफी सक्रियता से काम करना होगा। उन्होंने बैंकों (Banking) को ‘लेंडर्स’ की भूमिका से आगे बढ़कर पार्टनरशिप मॉडल अपनाने को कहा।
पीएम ने कहा कि सरकार ने पिछले 5-6 साल से बैंकों को लगातार सपोर्ट किया और सरकार ने प्रतिबद्धता, पारदर्शिता के साथ काम किया गया। जिसका प्रतिबिंब रिकवरी के रूप में वापस लाये गये धन से दिखाई देता है। पीएम मोदी ने कहा कि 5 लाख करोड़ से ज्यादा की रिकवरी की जा चुकी है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि हमारे देश से कोई पैसा लेकर चला जाता है तो उसके बारे में काफी चर्चा होती है लेकिन जब कोई हिम्मतवाली सरकार उस पैसे को वापस देश में लाती है तो उस पर कोई चर्चा नहीं करता है।
उन्‍होंने कहा कि आज भारत के बैंकों की ताकत इतनी बढ़ चुकी है कि वो देश की इकॉनॉमी को नई ऊर्जा देने में, एक बड़ा ‘पुश’ देने में, भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। मैं इस फेज को भारत के बैंकिंग सेक्टर का एक बड़ा ‘मील का पत्‍थर’ (Milestone) मानता हूं।

पुष्यमित्र उपाध्याय ने लगाया प्रियंका गांधी पर कविता चोरी का आरोप

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“बहुत हुआ इंतजार अब, सुनो द्रौपदी शस्त्र उठा लो अब गोविंद ना आएंगे. औरों से कब तक आस लगाओगी”…इस कविता की चोरी का आरोप कविता के लेखक पुष्यमित्र उपाध्याय ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर लगाया है, लेखक पुष्यमित्र उपाध्याय ने उनकी लिखी कविता के राजनीतिक उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, पुष्यमित्र उपाध्याय ने ये कविता “निर्भया कांड” के समय आहत होकर लिखी थी.
प्रियंका गांधी पर कविता चोरी का आरोप
कवि पुष्यमित्र उपाध्याय ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर कविता चोरी का आरोप लगाते हुए कहा है कि ये कविता उन्होंने देश की स्त्रियों के लिए लिखी थी न कि घटिया राजनीति के लिए. दरअसल उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार 17 नवंबर को चित्रकूट पहुंचीं थी. उन्‍होंने पहले मत्स्यगजेन्द्रनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया और उसके बाद महिलाओं से संवाद किया. इस संवाद के दौरान उन्होंने चित्रकूट के रामघाट पर महिलाओं को संबोधित करते हुए महिलाओं से यूपी को बदहाली से निकालने के लिए संघर्ष में आगे आने का आह्वान किया, उन्होंने एक कविता पाठ किया, “बहुत हुआ इंतजार अब, सुनो द्रौपदी शस्त्र उठा लो अब गोविंद ना आएंगे. औरों से कब तक आस लगाओगे.”
कवि पुष्यमित्र उपाध्याय को आपत्ति
अब  कविता को लिखने वाले कवि पुष्यमित्र उपाध्याय ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रियंका गांधी को कविता के राजनीतिक उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, ये जानकारी पुष्यमित्र उपाध्याय ने खुद ट्वीट करके दी है. कवि पुष्यमित्र उपाध्याय ने कहा कि ये कविता मैंने देश की स्त्रियों के लिए लिखी थी न कि आपकी घटिया राजनीति के लिए. उन्होंने लिखा है कि न तो मैं आपकी विचारधारा का समर्थन करता हूं और न ही मैं आपको अपनी साहित्यिक संपत्ति का राजनैतिक उपयोग की अनुमति देता हूं.

अरुणाचल प्रदेश में IAF हेलीकॉप्टर क्रैश

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अरुणाचल प्रदेश में भारतीय नौसेना का हेलीकॉप्टर एमआई-17 क्रैश हो गया है। यह हादसा पूर्वी अरुणाचल प्रदेश में हुआ। हेलीकॉप्टर में दो पायलट और तीन क्रू सदस्य थे और सभी सुरक्षित हैं।

जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय हेलीकॉप्टर इलाके की गश्ती कर रहा था। हादसे की वजह क्या थी, यह जानने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।

बता दें कि बीते महीने ही मध्य प्रदेश के भिंड में एयरफोर्स का मिराज विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान के क्रैश होने से पहले ही चीफ पायलट अभिलाष पैराशूट से सुरक्षित बाहर निकल आए थे।

सितंबर माह में ही जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में पटनीटॉप के पास भी आर्मी हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था, जिसमें दो पायलटों की मौत हो गई थी।

पेटीएम का स्टॉक मार्केट में कमजोर डेब्यू

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नई दिल्ली: देश के इतिहास का सबसे बड़ा IPO (Initial Public Offering) लेकर आई डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm गुरुवार को स्टॉक बाजार में लिस्ट हो गई. हालांकि, कंपनी के शेयर मार्केट डेब्यू कमजोर रहा. पेटीएम की पैरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयर लिस्टिंग के बाद शुरुआती कारोबार में ही 20 फीसदी से ज्यादा गिर गए. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयर अपने इशू प्राइस 2,150 से 9.3 फीसदी या 200 रुपये गिरकर 1,950 रुपये पर खुले. हालांकि इसके बाद शेयर की कीमतों में और गिरावट आई और स्टॉक 21 फीसदी तक गिर गए. इस दौरान ये 1,705 के इंट्रा डे लो यानी कि दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए. कंपनी के शेयर सुबह 11.03 बजे 1,633.95 की कीमत पर दर्ज हो रहे थे. हालांकि, कमजोर डेब्यू के बावजूद कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन 1 लाख करोड़ के पार पहुंच गया.
मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि पेटीएम का एक्सपेंसिव वैल्यूएशन यानी ऊंची कीमत इसके स्टॉक प्राइस में गिरावट की वजह रही है. Macquarie Research फर्म के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा कि कंपनी के बिजनेस मॉडल में ‘फोकस और डायरेक्शन की कमी है.’ कंपनी ने यह भी कहा कि कंपनी के लिए प्रॉफिटेबल बनना अभी बड़ी चुनौती है.
डिजिटल मोबाइल पेमेंट सेक्टर की शीर्ष की कंपनी Paytm देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लेकर आया था. 18,300 करोड़ का यह आईपीओ अब तक के सबसे बड़े आईपीओ- Coal India के 15,000 करोड़ के आईपीओ- से भी बड़ा था. नवंबर 10 को कंपनी का आईपीओ बंद हुआ था, जिसके बाद आज शेयर मार्केट में इसका ट्रेडिंग डेब्यू हुआ है. पेटीएम के आईपीओ को बिडिंग प्रोसेस के खत्म होने तक 1.89 गुना तक सब्सक्राइब किया गया था.
आईपीओ खुलने के बाद ही दिखी थी कमजोर प्रतिक्रिया
कंपनी के आईपीओ को शुरुआत में बहुत मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी, वहीं कई रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रे मार्केट में भी इसकी कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, कंपनी ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड 2,080 से 2,150 रुपये प्रति शेयर रखा था. रिटेल इन्वेस्टर्स न्यूनतम छह शेयरों के एक लॉट से लेकर 15 लॉट तक के लिए बोली लगा सकते थे. अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट की कीमत 12,900 रुपये आ रही थी.
कैसा रहा आईपीओ का सब्सक्रिप्शन?
पेटीएम के 18,300 करोड़ रुपये के आईपीओ को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इसे हाथों हाथ लिया. शेयर बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, पेटीएम की मूल कंपनी One97 Communications Ltd. के आईपीओ को 4.83 करोड़ शेयरों के प्रस्ताव आकार के मुकाबले 5.24 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. शुरुआती दो दिन में आईपीओ को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह ना दिखाने वाले योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) ने अपने लिए आरक्षित शेयरों से 1.59 गुना ज्यादा के लिए सब्सक्राइब किया.
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने क्यूआईबी के लिए आरक्षित 2.63 करोड़ शेयरों के मुकाबले 4.17 करोड़ शेयरों के लिए अभिदान दिया. रिटेल निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित 87 लाख शेयरों से 1.46 गुना ज्यादा के लिए सब्सक्राइब किया. वहीं गैर संस्थागत निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित 1.31 करोड़ शेयरों में से केवल आठ प्रतिशत के लिए बोलियां दीं.
पेटीएम ने अपने 8,235 करोड़ के शेयर 100 से ज्यादा संस्थागत निवेशकों को अलॉट किया था. इसमें सिंगापुर की सरकार भी शामिल रही. Paytm के IPO में 8,300 करोड़ के शेयरों का फ्रेश इशू और बिक्री पेशकश (ओएफएस) से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव था.

46 की उम्र में जुड़वा बच्चों की मां बनीं Priety Zinta

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90 के दशक की पॉपुलर एक्ट्रेस में से एक मानी जाने वाली प्रीति जिंटा (Preity Zinta) भले ही बड़े पर्दे पर ना नजर आती हों. लेकिन आए दिन किसी ना किसी कारण से सुर्खियां बटोरती रहती हैं. अब हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने फैंस के संग गुडन्यूज शेयर की है. 46 की उम्र में प्रीति जिंटा जुड़वा बच्चों की मां बन चुकी हैं. सोशल मीडिया (Social Media) पर पोस्ट शेयर कर प्रीति जिंटा ने इस बारे में बताया है. जैसे ही सोशल मीडिया पर प्रीति जिंटा ने ये खुशखबरी (Preity Zinta Shared Good News) शेयर की चारों तरफ से उन्हें बधाइयां मिलनी शुरू हो गई.

पति जीन गुडइनफ (Gene Goodneough) के संग फोटो शेयर हुए प्रीति जिंटा ने पोस्ट शेयर किया. इसी पोस्ट के जरिए उन्होंने जुड़वा बच्चों से जुड़ी गुडन्यूज फैंस संग साझा की है. प्रीति जिंटा के जुड़वा बच्चों में एक लड़का है और एक लड़की. लड़की का नाम प्रीति ने जिया गुडइनफ रखा है और बेटे का नाम जय गुडइनफ रखा है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि प्रीति जिंटा सेरोगेसी के जरिए मां बनीं हैं. हालांकि अपने पोस्ट में एक्ट्रेस ने इस बारे में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी है.

मध्य प्रदेश में कोरोना से जुड़े प्रतिबंध हटाए गए तो पूर्व सीएम कमलनाथ ने कसा तंज

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स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल खोलने के सरकार ने दिया आदेश

भोपाल। कोरोना संक्रमण नियंत्रित होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए इससे जुड़े सभी प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया है। लगभग आठ माह बाद अब प्रदेश में रात का कर्फ्यू भी नहीं होगा। विवाह, अंतिम संस्कार और चल समारोह के लिए व्यक्तियों की अधिकतम उपस्थिति की सीमा का भी कोई बंधन नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रतिबंधों को हटाने के संबंध में दिशा निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। उधर, देर शाम गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया। मप्र सरकार के इस निर्णय के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरु हो गई है। मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ ने माइक्रोब्लागिंग साइट कू पर पोस्ट कर कहा कि कोरोना महामारी के तमाम प्रतिबंध भाजपा के लिये तो पहले से ही नही थे, अब भाजपा के पिछले दिनों संपन्न भोपाल के जम्बूरी मैदान के मेगा आयोजन के बाद आज से मध्यप्रदेश की आम जनता के लिये भी यह तमाम प्रतिबंध हटा लिये गये है। ऐसा लग रहा है कि शिवराज सरकार ने जल्दबाज़ी में यह निर्णय लिया है।   कोरोना महामारी के तमाम प्रतिबंध भाजपा के लिये तो पहले से ही नही थे, अब भाजपा के पिछले दिनो संपन्न भोपाल के जम्बूरी मैदान के मेगा आयोजन के बाद आज से मध्यप्रदेश की आम जनता के लिये भी यह तमाम प्रतिबंध हटा लिये गये है। ऐसा लग रहा है कि शिवराज सरकार ने जल्दबाज़ी में यह निर्णय लिया है।   स्कूल, मॉल, सिनेमा हाल सहित सबकुछ खोलने के निर्देश

मप्र सरकार ने तय किया गया कि सिनेमा हाल, मॉल, स्विमिंग पूल, जिम, योग केंद्र और रेस्टोरेंट अब पूरी क्षमता के साथ खोले जा सकेंगे। स्कूल, कालेज, छात्रावास और कोचिंग संस्थान पूरी क्षमता से संचालित होंगे। सभी मेलों में दुकानदार दुकान लगा सकेंगे लेकिन उन्हें कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगी होना अनिवार्य होगा। वहीं, छात्रावासों में 18 साल से अधिक उम्र के विद्यार्थी तथा सभी कर्मचारियों को दोनों डोज लगवानी अनिवार्य है। सिनेमाघरों में स्टाफ को दोनों और दर्शकों को कम से कम एक डोज लगी होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करने का काम संचालक का होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की आम लोगों से अपील

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आम नागरिकों से कोविड अनुकूल व्यवहार यानी मास्क लगाना, शारीरिक दूरी के पालन सहित बचाव के अन्य साधन अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में है। हम सभी तरह की गतिविधियां प्रारंभ कर रहे हैं पर कोरोना पर नियंत्रण करने के लिए सावधान रहना है। टीकाकरण अवश्य कराएं। इसी बीच, उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भी भस्मारती दर्शन के लिए सीटों की संख्या बढ़ा दी गई है। मंदिर प्रशासन द्वारा अब तक 1000 लोगों को दर्शन की अनुमति दी जा रही थी। अब प्रतिदिन 1500 लोगों को अनुमति दी जाएगी।  हमें कोविड को लेकर सतर्क भी रहना है। बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन जारी रखें, जैसे मास्क लगाना, हाथ स्वच्छ रखना, मामूली लक्षण पर तत्काल जांच आदि। दूसरा टीका सभी अवश्य लगवा लें। 31 दिसंबर तक हम सभी को मिलकर मध्यप्रदेश के सम्पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करना है।

जब दोस्त संजय गांधी के लिए जज से लड़कर तिहाड़ जेल चले गए थे

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संजय गांधी और कमलनाथ की मित्रता को लेकर कई किस्से भी मशहूर है

देश और मध्यप्रदेश की सियासत में जब भी अहम किरदारों की बात होती है, तो कमलनाथ का नाम शीर्ष नेताओं की लिस्ट में गिना जाता है. उन्होंने मध्यप्रदेश में 15 वर्षों के वनवास को खत्म कर एक बार फिर कांग्रेस को सत्ता दी थी, हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों की बगावत के बाद उनकी सरकार गिर गई थी. 18 नवंबर 1946 को उत्तरप्रदेश के कानपुर में जन्मे कमलनाथ आज मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में कांग्रेस का एक जाना माना चेहरा हैं.

कमलनाथ की शुरूआती शिक्षा कानपुर में हुई. पिता महेंद्र नाथ की इच्छा थी कि बेटा वकील बने, किन्तु कमलनाथ की किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था. कमलनाथ देहरादून स्थित दून स्कूल के छात्र रहे हैं. कहा जाता है कि दून स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही वह पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी के संपर्क में आए थे और वहीं से उनकी सियासत में एंट्री की नींव तैयार हुई थी. सियासी जानकार बताते हैं कि वक़्त के साथ ही कमलनाथ और संजय गांधी की मित्रता दिन व दिन गहरी होती चली गई, मगर एक वक्त ऐसा आया जब दोनों की दोस्ती में दूरियां आ गईं, वो समय था जब कमलनाथ कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ने चले गए. हालांकि दोनों के दूर होने के बाद उनकी दोस्ती कम नहीं हुआ. ये दोस्ती सियासत में भी चर्चे में रहती थी, वजह थी दोनों का हरदम साथ रहना.

संजय गांधी और कमलनाथ की मित्रता को लेकर एक किस्सा भी मशहूर है कि ‘जब आपातकाल के बाद जनता पार्टी की सरकार बनी थी. तब एक मामले में संजय गांधी को तिहाड़ जेल भेज दिया गया था. उस वक़्त इंदिरा गांधी को संजय गांधी की सुरक्षा की चिंता थी. ऐसे में कमलनाथ, संजय गांधी के पास जेल जाने के लिए जानबूझकर एक जज से लड़ लिए थे. जिसके बाद अवमानना के आरोप में कमलनाथ को तिहाड़ जेल में डाल दिया गया था.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘सिडनी संवाद’ में ‘प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति’ पर देंगे मुख्य भाषण

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सिडनी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 9 बजे सिडनी संवाद में मुख्य भाषण देंगे. प्रधानमंत्री देश के प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति के विषय विचार व्यक्त करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री आरंभिक भाषण देंगे. बता दें, सिडनी संवाद 17 से 19 नवंबर तक आयोजित किया गया है. ये ऑस्ट्रेलियाई सामरिक नीति संस्थान की एक पहल है.

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन का भी होगा संबोधन

दरअसल, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजनेताओं, उद्दोग हस्तियों समेत सरकारी प्रमुखों का व्यापक चर्चा, नए विचार पेश करना है. साथ ही महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों से उत्पन्न अवसरों व चुनौतियों की सामान्य समझ विकसित करने की दिशा में काम करने के लिए एक मंच सभी को लेकर आएगा. वहीं, इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन समेत जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का भी संबोधन होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्वाड शिखर सम्मेलन से पहले स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात की थी. इस मुलाकात में उन्होंने हिंद-प्रशांत सहित द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा की थी. वहीं, इस बैठक से पहले दोनों ने फोन पर बातचीत की थी और उस दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक पर बातचीत हुई थी.