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10 और 11 जून को निर्जला एकादशी पर बनेगा यह शुभ योग

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आगामी 10 एवं 11 जून को निर्जला एकादशी मनाई जाएगी।मान्यता है कि ज्येष्ठ मास की निर्जला एकादशी पर जो भक्त निर्जल रहकर व्रत रखते हैं, उन्हें वर्षभर की बारह एकादशी पर व्रत करने का पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन अष्ट महाभैरव में से एक बटुक भैरव के प्राकट्य की मान्यता भी है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी के अलावा भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। साल में पड़ने वाली 24 एकादशियों में से इसे सबसे कठिन एकादशी माना जाता है। क्योंकि इस एकादशी में बिना जल पिएं व्रत रखा जाता है। एकादशी भगवान विष्णु को अति प्रिय है। मान्यता है कि इस एकादशी में भगवान विष्णु की विधिवत तरीके से पूजा करने के साथ व्रत रखने से सभी एकादशियों के बराबर फल मिलता है। जानिए निर्जला एकादशी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

निर्जला एकादशी तिथि और शुभ मुहूर्त

निर्जला एकादशी तिथि- 10 और 11 जून 2022, शुक्रवार

एकादशी तिथि प्रारंभ- 10 जून सुबह 7 बजकर 25 मिनट से शुरू

एकादशी तिथि समाप्त- 11 जून सुबह 5 बजकर 45 मिनट में समाप्त

अभिजीत मुहूर्त – 10 जून को सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक

शिव योग – 11 जून शाम 08 बजकर 46 मिनट से 12 जून शाम 05 बजकर 27 मिनट तक

 

स्वाति नक्षत्र – 11 जून सुबह 03 बजकर 37 मिनट से 12 जून सुबह 02 बजकर 05 मिनट तक

रवि योग- 10 जून को सुबह 5 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर 11 जून सुबह 3 बजकर 37 मिनट तक।

सर्वार्थ सिद्धि योग- 11 जून सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 12 जून सुबह 2 बजकर 5 मिनट तक

पारण का समय- 11 जून सुबह 5 बजकर 49 मिनट’ से 8 बजकर 29 मिनट तक

निर्जला एकादशी पूजा विधि

– इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान आदि करके साथ कपड़े धारण कर लें।

– भगवान विष्णु का मनन करके हुए निर्जला व्रत का संकल्प ले लें।

– भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा अर्चना करें।

– सबसे पहले एक चौकी या फिर पूजा घर में ही पीले रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की तस्वीर या फिर मूर्ति स्थापित करें।

– इसके बाद फूल की मदद से जल अर्पित करके शुद्धि करें

– भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल और माला चढ़ाएं। इसके बाद पीले रंग का चंदन, अक्षत आदि लगा दें। भोग और तुलसी दल चढ़ा दें।

– घी का दीपक और धूप जलाकर विष्णु भगवान के मंत्र, चालीसा, स्तुति, स्तोत्र आदि का जाप कर लें।

– विधिवत आरती कर लें और दिनभर निर्जल व्रत रहने के बाद दूसरे दिन सूर्योदय होने के बाद पारण करें।

मोदी कैबिनेट ने बढ़ाई खरीफ फसलों की MSP

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बुधवार को मोदी कैबिनेट ने एक अहम फैसला लेते हुए किसानों को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट और सीसीईए (CCEA) की अहम बैठक में केंद्र सरकार ने खरीफ की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 2022-23 फसल वर्ष के लिए सभी अनिवार्य खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दी। इसके साथ ही धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। 2022-23 फसल वर्ष के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,040 रुपये प्रति क्विंटल होगा, जो पिछले साल 1,940 रुपये था। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा, ”आज की कैबिनेट बैठक में 14 खरीफ फसलों के एमएसपी को मंजूरी दी गई।”

इस साल के लिए धान की “ए” ग्रेड किस्म का समर्थन मूल्य 1,960 रुपये से बढ़ाकर 2,060 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। खरीफ की प्रमुख फसल धान है, जिसकी बुवाई शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग ने जून-सितंबर की अवधि के लिए सामान्य मानसून का अनुमान लगाया है। इस फैसले के बाद साल 2022-23 के लिए खरीफ की फसलों जैसे धान, सोयाबीन, मक्का आदि फसलों का MSP बढ़ जाएगा और किसानों को अपनी फसल की ज्यादा कीमत मिलेगी। मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के व्यापक विकास को सुनिश्चित करने के लिए मोदी सरकार द्वारा पिछले आठ वर्षों के दौरान शुरू किए गए कई कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला।

आर्थिक मामलों की मंत्रीमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इसे फैसले पर अंतिम मुहर लगाई गई है। इससे पहले, रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि भारत के पास खरीफ के साथ साथ रबी सत्र की उर्वरक की जरूरत को पूरा करने के लिए भी यूरिया का पर्याप्त स्टॉक है और दिसंबर तक इसका आयात करने की जरूरत नहीं होगी।

लॉरेन्स बिश्नोई ही है वारदात का मास्टर माइंड – दिल्ली पुलिस

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दिल्ली पुलिस ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या मामले में बड़ा खुलासा किया है। दिल्ली के स्पेशल स्पेशल सीपी एच जी एस धालीवाल ने बताया कि ये हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई है और इसका मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में 5 आरोपियों की पहचान हो चुकी है। दिल्ली पुलिस ने सिद्धू मुसेवाला केस में सीतेश हीरामन कामले उर्फ महाकाल को गिरफ्तार किया है। यह शूटिंग में शामिल नहीं था, लेकिन हत्या में शामिल शूटर्स में से एक का करीबी है। उसे 14 दिनों के लिए महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत में दिया गया है। धालीवाल ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिल कर हम भी महाकाल के साथ पूछताछ करेंगे।

लॉरेंस बिश्नोई ने किये कई खुलासे

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई से स्पेशल सेल की पूछताछ में कई नये खुलासे हुए हैं। स्पेशल सेल की पूछताछ में सामने आया कि लॉरेंस बिश्नोई, सिद्धू मूसेवाला पर गाना गाने के लिए दबाव डाल रहा था। उसके इंकार करने पर उन्होंने मूसेवाला की हत्या की साजिश रची। लॉरेंस और गोल्डी बरार चाहते थे कि मूसेवाला उसके लिए गाना गाए, और इसे लेकर लॉरेंस के गुर्गों ने कई बार सिद्धू मूसेवाला को धमकी भी दी थी। इसी वजह से सिद्धू मूसेवाला दविंदर बंबीहा गैंग के संपर्क में आ गये थे।

जांच एजेंसियों को ऐसी भी खुफिया सूचनाएं मिली हैं कि लॉरेंस बिश्नोई कस्टडी से या जेल से भगाने की फिराक में है। इसलिए उसे रिमांड और पेशी के दौरान उसे जबरदस्त सुरक्षा घेरे में रखा जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक अगर उसे कभी कोर्ट से जमानत मिलती है तो वो विदेश भी भाग सकता है। पुलिस के मुताबिक लॉरेंस का भाई अनमोल भी जांच के दायरे में है, लेकिन वो अभी ऑस्ट्रिया में है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल हाथियार नॉर्थ-ईस्ट राज्यों से यूपी के रास्ते शूटरों तक पहुंचा था।

केएल राहुल और कुलदीप यादव साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज से हुए बाहर

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साउथ अफ्रीका के खिलाफ 9 जून से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज से पहले टीम इंडिया को एक बड़ा झटका लगा है। टीम इंडिया के कप्तान केएल राहुल और स्पिनर कुलदीप यादव चोट के कारण साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। बीसीसीआई की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि हो गई है।

नियमित कप्तान रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में केएल राहुल को टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था, लेकिन वे अब चोट के चलते इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे। इस स्थिति में ऋषभ पंत टीम की कप्तानी करेंगे। इसका ऐलान बीसीसीआई ने कर दिया है, जिन्हें इस पांच मैचों की सीरीज के लिए टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया था। अब उपकप्तान की जिम्मेदारी हार्दिक पांड्या को सौंपी गई है, जिन्होंने हाल ही में गुजरात टाइटन्स को आईपीएल चैंपियन बनाया था।

बीसीसीआई ने ट्वीट करते हुए बताया है कि केएल राहुल और कुलदीप यादव चोट की वजह से इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे। बोर्ड ने बताया, “टीम इंडिया के कप्तान केएल राहुल राइट ग्रोइन इंजरी के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं, जबकि कुलदीप यादव कल शाम नेट्स पर बल्लेबाजी के दौरान दाहिने हाथ में चोट लगने के कारण टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं।”

चयन समिति ने केएल राहुल और कुलदीप यादव की जगह किसी को रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल नहीं किया है।दोनों क्रिकेटर अब एनसीए को रिपोर्ट करेंगे, जहां मेडिकल टीम उनका आगे आकलन करेगी और इलाज के भविष्य के बारे में फैसला करेगी।

भारत की T20I टीम अब इस प्रकार है

ऋषभ पंत (कप्तान/विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या (उप-कप्तान), रुतुराज गायकवाड़, ईशान किशन, दीपक हुड्डा, श्रेयस अय्यर, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), वेंकटेश अय्यर, युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, अवेश खान, अर्शदीप सिंह और उमरान मलिक।

क्या है देवी-देवता के सामने दीपक जलाने से जुड़े ज़रूरी नियम

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हिंदू धर्म में देवी देवताओं की पूजा के लिए दीप प्रज्वलित किया जाता है. बिना दीपक जलाए किसी भी देवी-देवता की पूजा पूरी नहीं मानी जाती. हम सभी अपने घर में पूजा के समय सुबह और शाम भगवान को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने करने के लिए दीपक जलाते हैं.

इससे ना सिर्फ देवी देवता प्रसन्न होते हैं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और घर के सदस्यों के मन में शांति भी बनी रहती है. क्या आप जानते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपक जलाने के कुछ नियम है, जिनका पालन करना ज़रूरी होता है.

कहां रखें दीपक
जब भी हम पूजा करते हैं तो घी या तेल का दीपका ईश्वर के सामने जलाते हैं. पूजा करते समय इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि अगर हम घी का दीपक जला रहे हैं, तो इसे भगवान के सामने अपने बाएं हाथ की तरफ रखना चाहिए और घी के दीपक में हमेशा रूई की बाती का उपयोग करना चाहिए. वहीं अगर हम तेल का दीपक प्रज्वलित कर रहे हैं, तो उसे हमेशा भगवान के समक्ष अपने दाएं हाथ की तरफ रखना चाहिए. तेल का दीपक जलाते समय लाल धागे का उपयोग करना बेहतर माना जाता है.

दीपक जलाने का सही समय और सही दिशा
पंडित जी बताते हैं कि पूजा का सही समय सुबह 5 बजे से 10 बजे तक माना जाता है. पूजा जितनी जल्दी हो उतना ही अच्छा होता है, क्योंकि यह समय ऐसा होता है जब व्यक्ति एकाग्रता के साथ पूजा कर पाता है. शाम के समय 5 से 7 के बीच पूजा करना उत्तम माना जाता है. इसके अलावा दीपक रखने की शुभ दिशा पूर्व और उत्तर मानी जाती है. पश्चिम दिशा में दीपक रखने से अनावश्यक धन खर्च होता है. वहीं दक्षिण दिशा में दीपक पितरों के निमित्त जलाया जाता है.

खंडित दीपक का इस्तेमाल ना करें
मिट्टी का दीपक जलाते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह खंडित ना हो. कोशिश करें कि धातु के दीपक में घी या तेल डालकर भगवान के समक्ष प्रज्वलित करें. इस बात का भी ध्यान रखें कि दीपक जलने के बाद बुझे ना इसलिए इसे हवा से बचाकर जलाएं.

रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल पर भड़के कपिल देव, बोले- या तो बैटिंग अप्रोच बदलें

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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान Kapil Dev ने टी20 फॉर्मेट में Rohit Sharma, Virat Kohli और KL Rahul के बैटिंग अप्रोच पर सवाल खड़े किए हैं। क्रिकेट से सबसे छोटे फॉर्मेट में इन तीनों के प्रदर्शन से कपिल काफी निराश नजर आए। टीम इंडिया को अपनी कप्तानी में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कपिल ने कहा कि तीनों ही बड़े खिलाड़ी हैं और दबाव में तेजी से रन बना सकते हैं, लेकिन जब भी टीम को उनसे रन की जरूरत होती है, तीनों आउट होकर पवेलियन लौट जाते हैं। हाल में खत्म हुए इंडियन प्रीमियर लीग 2022 में विराट कोहली और रोहित शर्मा की फॉर्म ने टीम इंडिया का सिरदर्द बढ़ा दिया है, हालांकि केएल राहुल अच्छी फॉर्म में नजर आए। इस साल अक्टूबर-नवंबर में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप खेला जाना है, ऐसे में कपिल का मानना है कि इन तीनों की बल्लेबाजी से टीम इंडिया पर दबाव बढ़ सकता है।

आपको निडर क्रिकेट खेलना चाहिए। ये तीनों ऐसे खिलाड़ी हैं, जो 150-160 के स्ट्राइक रेट से रन बना सकते हैं। जब हमें उनसे रन चाहिए होते हैं, ये आउट होकर चल देते हैं। जब रन तेजी से बनाने की जरूरत होती है, ये आउट हो जाते हैं और इससे दबाव बढ़ जाता है। या तो आप स्ट्राइकर की तरह खेलें या फिर एंकर की तरह।’

कपिल देव ने केएल राहुल का जिक्र करते हुए कहा कि आप अगर पूरे 20 ओवर बल्लेबाजी करके 60 रन बना रहे हैं, तो आप टीम के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं। कपिल ने साथ ही कहा कि अगर ये तीनों अपने बैटिंग अप्रोच को नहीं बदलते हैं, तो ऐसे में भारत को टी20 क्रिकेट के लिए और बल्लेबाजों को तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अप्रोच बदलने की जरूरत है, और अगर ऐसा नहीं होता है, तो आपको खिलाड़ियों को बदलना चाहिए। एक बड़े खिलाड़ी से उम्मीद होती है कि उसका बड़ा असर हो। सिर्फ नाम बड़ा होने से कुछ नहीं होता है। आपको शानदार प्रदर्शन करना होता है।’

सामंथा ने दिखाया अपना बोल्ड अवतार

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साउथ की फिल्मों की बेहतरीन एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु अपने बोल्ड लुक से फिल्मों से ज्यादा सुर्खियां बटोर रही है। हाल ही में सामंथा ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ फोटोज शेयर की है जिसे देख हर कोई हैरान रह गया है। सामंथा की इन फोटोज से फैंस के पसीने छूट रहे है। साझा की गई तस्वीरों में सामंथा का बेहद बोल्ड और सेक्सी अंदाज नजर आ रहा है। उनकी इन फोटोज ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। फोटोज में देखा जा सकता है कि उन्होंने काले रंग के बिकनी टाॅप और पेंट पहन रखी है। फैंस एक्ट्रेस की फोटोज पर जमकर कमेंट कर रहे है। वे काफी खूबसूरत लग रही हैं।

सामंथा का बोल्ड अंदाज

सामंथा रुथ प्रभु इन दिनों एक फेमस ब्रांड का प्रमोशन कर रही हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर उनके ये लुक खूब वायरल हो रहे है। सामंथा की इन फोटोज पर फैंस भी जमकर कमेंट कर रहे है। इसके पहले भी सामंथा ने एक बैग के साथ फोटोशूट की तस्वीरें शेयर की थी। सामंथा ने अपने एक्टिंग करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। साथ ही वे साउथ के कई बड़े सुपस्टार्स के साथ भी स्क्रीन शेयर कर चुकी हैं। इतना ही नहीं वे मनोज वाजपेयी की वेब सीरिज फैमिली मैन में भी नजर आ चुकी है। सामंथा ने इस सीरिज में राजी के रुप में बेहतरीन रोल अदा किया था।

फैंस और एक्ट्रेसेस ने किए जमकर कमेंट

सामंथा की शेयर की गई इन सिजलिंग फोटोज पर फैंस तरह-तरह के कमेंट कर रहे है और उनकी खूब तारीफ कर रहे है। एक ने कमेंट करते हुए लिखा कि ‘आग लगा दी’ तो वहीं दूसरे ने लिखा कि ‘क्या प्लीज कोई फायर ब्रिगेट बुला सकता है’। वहीं एक और ने कमेंट करते हुए लिखा कि ‘मैं इतनी गर्मी बर्दाश्त नहीं कर सकता।’ इतना ही नहीं फैंस के साथ-साथ बाॅलीवुड और साउथ एक्ट्रेसेस ने भी सामंथा की इन फोटोज पर कमेंट किया है। अनुष्का शर्मा ने कमेंट करते हुए लिखा कि ‘हाॅटी’ जिसके रिप्लाई में सामंथा ने हैप्पी इमोजी का रिएक्शन दिया। इसके साथ ही हंसिका मोटवानी और तेलुगु एक्ट्रेस लक्ष्मी मंचू ने भी कमेंट कर तारीफ की।

उदाहरण बनीं मुरैना जिले की तीन पंचायत, महिलाएं निर्विरोध बनेंगी सरपंच व पंच

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मुरैना। मुरैना जिले की तीन ग्राम पंचायतों ने इतिहास रच दिया है। यह तीनों ग्राम पंचायतें महिला सम्मान व महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर उभरी हैं। यहां सरपंच व पंच पदों पर महिलाओं को निर्विरोध चुना गया है। संभवत: पूरे प्रदेश में मुरैना जिला पहला है, जहां तीन ग्राम पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधि निर्विरोध चुनावी रण में उतारी गई है। इनमें केबिनेट मंत्री दर्जा व एमपी एग्रो के चेयरमैन ऐंदल सिंह कंषाना का नाम सबसे अव्वल है, जिन्होंने अपने गृह गांव नायकपुरा और पड़ोसी हुसैनपुर ग्राम पंचायत में सरपंच व 12-12 पंच पदों पर महिलाओं को निर्विरोध चुनवाया है।

नायकपुरा से ऐंदल सिंह कंषाना की भावी कैलादेवी तो हुसैनपुर से जनकश्री निर्विरोध सरपंच बनेंगी। तीसरी ग्राम पंचायत सबलगढ़ जनपद की सिमरौदा किरार है, जहां ओमवती धाकड़ को निर्विरोध सरपंच चुनी गई हैं। पंचायत के सभी 12 वार्ड में भी महिलाओं को निर्विरोध पंच प्रत्याशी चुना गया है।

69 लाख खर्च कर कराए काम, तब हुई निर्विरोध
सबलगढ़ जनपद की सिमरौदा किरार ग्राम पंचायत में दो गांव सिमरौदा व झारेला गांव आते हैं। पिछली बार हुए चुनाव में यहां आधा दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में थे और दामोदर धाकड़ ने चुनाव जीता था, जो कैंसर रोग से ग्रसित हो गए। पंचायत में उतना काम नहीं हुआ जितनी उम्मीद थी। ऐसे मंे आेमवती धाकड़ के पति रामप्रकाश धाकड़ ने करीब चार साल पहले ही सरपंची के लिए दावा कर दिया था, लेकिन चुनाव समय पर नहीं हुए। इस बीच प्रकाश धाकड़ ने बिना किसी सरकारी बजट के अपने खर्च से 69 लाख रुपये खर्च करके 20 फीट गहरा गुमा नाले के अलावा कई काम करवाए। इसके लिए रामप्रकाश धाकड़ ने कुछ लोगों की समिति बनाई, जिसने काम की मानीटरिंग व खर्च का हिसाब रखा। इसी काम की दम पर रामप्रकाश की पत्नी ओमवती को पूरे गांव में बिना विरोध के सरपंच चुन लिया है।

तीनों पंचायतों को नकद मिलेंगे 12-12 लाख, 15 लाख विकास कार्यों को

पंचायत चुनाव में निर्विरोध जीत हासिल करने वाले प्रत्याशियों और उनके क्षेत्र को सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। जिस पंचायत में केवल सरपंच निर्विरोध चुना जाएगा उसे पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। ऐसी ग्राम पंचायत जिसके सरपंच तथा सभी पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, उन्हें सात लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी और जिन पंचायतांे में सरपंच व पंच पदों पर महिलाएं निर्विरोध चुनी जाएंगी, उस ग्राम पंचायत को सरकार नकद 12 लाख रुपये और 15 लाख रुपये विकास कार्याें के लिए अलग से दिए जाएंगे।

विश्व बैंक ने घटाया अनुमान, साल 2022-23 में 7.5% रह सकती है आर्थिक विकास दर

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विश्व बैंक ने अपने ताजा अनुमान में साल 2022-23 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर को घटा दिया है। विश्व बैंक के मुताबिक इस दौरान देश की आर्थिक विकास दर 7.5 प्रतिशत रह सकती है। वहीं, इससे पहले विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि की दर को 8.7 प्रतिशत तक होने का अनुमान लगाया था। वैसे, विश्व बैंक के मुताबिक भारत ही नहीं पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था खतरे में है। 7 जून को जारी नवीनतम वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट में, विश्व बैंक ने बढ़ती मुद्रास्फीति, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और वैश्विक तनाव के कारण आर्थिक विकास में कमी की भविष्यवाणी की है।

क्या है विश्व बैंक का अनुमान?

आनेवाले वर्षों के लिए भी विश्व बैंक का अनुमान है कि साल 2023-24 में भारत की आर्थिक विकास दर 7.1 प्रतिशत और 2024-25 में 6.5 प्रतिशत रह सकती है। यानी आनेवाले वर्षों में देश की विकास दर कम होती जाएगी। हालांकि, चालू वित्त वर्ष के लिए विश्व बैंक का अनुमान रिजर्व के अनुमानों के आसपास ही है। विश्व बैंक के 7.5 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर के अनुमान की तुलना में RBI ने इससे भी कम 7.2 प्रतिशत जीडीपी का अनुमान लगाया है।

इससे पहले मूडीज ने 2022-23 में भारत के आर्थिक विकास के अनुमान को भी घटा दिया था। रेटिंग एजेंसी ने मुद्रास्फीति में वृद्धि के कारण 2022-23 में भारत की जीडीपी विकास दर को 9.1 प्रतिशत से घटाकर 8.8 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है। वहीं इस रेटिंग एजेंसी के मुताबिक अगले साल जीडीपी 5.4 फीसदी तक गिर सकती है। मूडीज के मुताबिक कच्चे तेल, खाद्य और उर्वरक की कीमतों में वृद्धि के कारण भारतीयों की वित्तीय स्थिति उनकी खर्च करने की क्षमता से प्रभावित होगी।

क्यों गिरेगी आर्थिक विकास की दर?

मॉर्गन स्टेनली, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स और मूडीज ने अगले दो वर्षों के लिए जीडीपी विकास दर के अनुमान में कटौती की थी, जो इस तथ्य की ओर इशारा करता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कच्चे तेल सहित कमोडिटी और खाद्य तेल की कीमतों में किस हद तक गिरावट आई है। भारत में खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2022 में 8 साल के उच्च स्तर 7.79 फीसदी पर पहुंच गई है, जबकि थोक महंगाई दर, नौ साल के उच्च स्तर 15.08 फीसदी पर पहुंच गई है। अगर इसी तरह महंगाई बढ़ती रही, तो इसका असर सभी क्षेत्रों पर पड़ेगा।

केन्द्र सरकार ने CDS पद पर नियुक्ति के नियमों में किया बदलाव

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केंद्र सरकार ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पद पर नियुक्ति के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। रक्षा मंत्रालय ने सीडीएस के पद के लिए पात्रता का विस्तार करते हुए नये दिशा-निर्देश जारी किये है, जिसके तहत अब थल सेना के अलावा नौसेना और वायु सेना या उनके समकक्ष सेवारत लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारी भी सीडीएस बन सकते हैं। इस तरह नये नियमों के तहत तीनों सेवाओं के दूसरे सर्वश्रेष्ठ सक्रिय रैंक के अधिकारियों के लिए सीडीएस बनने का रास्ता साफ हो गया है। यानी अब ये अधिकारी थल सेनाध्यक्ष, वायु सेना प्रमुख और नौसेना प्रमुख जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को ‘सुपरसीड’ कर भी CDS बन सकते हैं। योग्यता के मानदंड में दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि हाल ही में सेवानिवृत्त सेना प्रमुख और उप-प्रमुख भी इस पद के लिए पात्र होंगे, हालांकि इसके लिए आयु सीमा 62 वर्ष ही है।

आपको बता दें कि सेना प्रमुख के पद से रिटायर होने के बाद जनरल बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया गया था। लेकिन जनरल बिपिन रावत की पिछले साल दिसंबर में तमिलनाडु में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद से सीडीएस का पद खाली है। इस हेलीकॉप्टर में जनरल बिपिन रावत की पत्नी समेत कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों की जान चली गई थी। अब सरकार इस पद पर नई नियुक्ति की कोशिश में है, इसलिए ये बदलाव किये गये हैं।

गुरुवार की दोपहर तीनों सेना प्रमुख नेशनल मीडिया सेंटर में संयुक्त प्रेस वार्ता भी करनेवाले हैं। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सरकार की अहम नीतियों और उनमें बदलावों को लेकर होगी। माना जा रहा है कि तीनों सेना प्रमुख टूर ऑफ ड्यूटी की घोषणा करेंगे, जिसके तहत 40 से 50 हजार जवानों की भर्ती की जाएगी। इनकी नौकरी करीब साढ़े तीन से चार साल की होगी। चार साल की सेवा के बाद 75 प्रतिशत लोग चले जाएंगे, जबकि 25 प्रतिशत लोग सेना में सेवा जारी रख सकेंगे। आपको बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से करीब ढाई साल से सेना में जवानों की भर्ती नहीं हुई है। इस वजह से सरकार को विपक्ष और युवाओं के रोष का भी सामना करना पड़ा है।