एनएबीएच अस्पताल में सरकारी कर्मचारियों को ही मिलेगी कैशलेस उपचार की सुविधा
भोपाल । मध्य प्रदेश के पांच लाख कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मिलाकर 12 लाख लोगों को कैशलेस उपचार की सुविधा देने के लिए निजी अस्पतालों के पास नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फार हास्पिटल्स (एनएबीएच) का प्रमाण पत्र होना जरूरी है। अच्छी गुणवत्ता के साथ उपचार मिल सके, इसलिए यह व्यवस्था की जा रही है।
कर्मचारी निजी वार्ड में उपचार के लिए भर्ती होते हैं तो वह इलाज के पैकेज में शामिल नहीं माना जाएगा। वार्ड का खर्च कर्मचारी को उठाना होगा। बता दें कि इस साल अगस्त से कर्मचारियों के उपचार की नई नीति लागू होने के बाद कैशलेस उपचार की सुविधा दी गई है। इसके लिए निजी अस्पतालों से अनुबंध के बारे में शर्तें तय करने के लिए समिति बनाई गई थी।
समिति के सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य आयुक्त डा. सुदाम खाड़े ने अनुबंध के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। बीमा के तहत कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा शुरू की गई है।
नए दिशा निर्देश में कहा गया है कि अस्पतालों को अनुबंध करने के लिए नए सिरे से सीएमएचओ के पास आवेदन करना होगा। सीएमएचओ उसी अस्पताल से अनुबंध करेंगे जिनकी एनएबीएच मान्यता की अवधि कम से कम छह माह बची हो। यह भी तय किया गया है कि कैंसर सर्जरी के लिए उन्हीं अस्पतालों से अनुबंध किया जाए जहां कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध हो। ऐसा नहीं होने पर उन्हीं अस्पतालों की मान्यता पर विचार किया जाएगा जो दूसरे अस्पताल में यह सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में अनुबंध पत्र देंगे।
एनएबीएच अस्पताल में सरकारी कर्मचारियों को ही मिलेगी कैशलेस उपचार की सुविधा
जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों की बैठक मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने ली
भोपाल। विधानसभा चुनाव-2023 की तैयारी में जुटे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों की बैठक में पदाधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने की सीख दी है। उन्होंने कहा कि सभी मोर्चा एवं संगठन (महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, भाराछासं, सेवादल) में आपसी सामंजस्य होना चाहिए और पूरी ताकत से चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। बैठक गुरुवार को नाथ के आवास पर आयोजित की गई।
नाथ ने प्रभारियों से कहा कि आपके दायित्व वाले जिलों में संगठन, विभिन्न प्रकोष्ठ, मोर्चा, विभाग की हर गतिविधि में समन्वय स्थापित हो। मोर्चा एवं संगठन भी इसमें भूमिका निभाएं और प्रदेश कांग्रेस को जानकारी भेजें। विधानसभा क्षेत्रों में सेक्टर, बूथ और मंडलम का गठन जल्दी करें। कुछ स्थानों पर यह कार्य पूरा हो गया है, तो सत्यापन भी करें।
उन्होंने जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों से कहा है कि लगातार जिले का दौरा करें। इस दौरान जिले के ब्लाक कांग्रेस क्षेत्रों में भी संपर्क करते रहें। नाथ ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पुनरीक्षण कार्य चुनाव आयोग के अनुसार कराएं। उन्होंने विधानसभा वार बाल कांग्रेस का गठन करने और उसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के परिजनों के बच्चों को जोड़ने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें।
श्री हरि को देवउठनी एकादशी पर इस तरह जगाएं
श्री हरि को देवउठनी एकादशी पर इस तरह जगाएं
हिंदू धर्म में कार्तिक महीने का काफी महत्व होता है। कार्तिक के महीने में कई बड़े व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। कार्तिक का महीना भगवान विष्णु को प्रिय है। इस महीने श्रीहरि और लक्ष्मी पूजन का विधान होता है। इसी महीने की देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चातुर्मास की योग निद्रा से जागते हैं। वहीं इस बार देवउठनी एकादशी का पर्व 4 नवंबर शुक्रवार को मनाया जाने वाला है। इस दिन कुछ गीतों के माध्यम श्री हरि का जगाया जाता है। एकादशी की शाम तुलसी विवाह कराने के बाद इन गीतों के माध्यम से भगवान विष्णु से जागने के आग्रह किया जाता है। आज हम आपके लिए देवउठनी एकादशी पर गाए जाने वाले कुछ खास गीत लेकर आए हैं।
देवउठनी एकादशी गीत
मूली का पत्ता हरिया भरिया ईश्वर का मुख पानी भरिया,
मूली का पत्ता हरिया भरिया रविन्द्र का मुख पानो भरिया।
(इसी तरह से परिवार के सब लड़कों के नाम लेते है।)
ओल्या-कोल्या धरे अनार जीयो वीरेन्द्र तेरे यार।
ओल्या-कोल्या धरे अनार जीयो पुनीत तेरे यार।
( इसी तरह से परिवार के सब लड़कों के नाम लें।
ओल्या कोल्या धरे पंज गट्टे जीयो विमला तेरे बेटे।
ओल्या-कोल्या धरे पंज गट्टे जीयो मनीषा तेरे बेटे।
(इसी तरह से परिवार की सब बहुओं के नाम लेते हैं।)
ओल्या-कोल्या धरे अंजीर जीयो सरला तेरे वीर।
ओल्या कोल्या धरे अंजीर जीयो पूनम तेरे बीर।
(इसी तरह से परिवार की सब लड़कियों के नाम लेते हैं।)
ओल्या-कोल्या लटके चाबी, एक दीपा ये तेरी भाभी।
ओल्या-कोल्या लटके चाबी एक शगुन ये तेरी भाभी।
(इसी तरह से परिवार की सब लड़कियों के नाम लेते हैं।)
स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को दी जायेंगी सुविधाएँ : मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार ऐसे उद्योग को तमाम सुविधाएँ और सहूलियत देगी जो प्रदेश के स्थानीय निवासियों को रोजगार देगी। मुख्यमंत्री चौहान गुरूवार को रायसेन जिले की गौहरगंज तहसील के तामोट में सागर टेक्सटाईल मैन्यूफेक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड की 1070 करोड़ रूपये लागत की नई निवेश परियोजना के अनावरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज टेक्सटाईल इंडस्ट्री में मध्यप्रदेश देश के 10 अग्रणी राज्यों में शुमार है। उनकी कोशिश है कि प्रदेश अव्वल स्थान पर पहुँचे। वर्तमान में मध्यप्रदेश के टेक्सटाईल उत्पाद दुनिया के विभिन्न देशों में निर्यात हो रहे हैं और अपनी अलग पहचान भी बनाई है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज तामोट में प्रारंभ उद्योग से प्रदेश के 3 हजार से अधिक बेटे-बेटियों को सीधे रोजगार और बड़ी संख्या में नागरिकों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इस परियोजना के आने से क्षेत्र का चौतरफा विकास होगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उनका पूरा ध्यान बेटा-बेटियों और भांजे- भांजियों को रोजगार देने पर है। अगले एक वर्ष में एक लाख सरकारी नौकरियाँ और हर माह करीब 2 लाख युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ने की मुहिम चल रही है। मुख्यमंत्री ने सागर ग्रुप में 60 फीसदी कामगार महिलाएँ होने और परिसर को नशा मुक्त बनाने पर संस्थान की तारीफ भी की। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि रातापानी डेम बनने से इस क्षेत्र का लगातार विकास हो रहा है। स्थानीय जन-प्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए रखी गई माँगों को शीघ्र पूरा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। कई उत्पाद जैसे गेहूँ, दलहन-तिलहन में प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। कृषि में भी रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है। बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए रोजगार बढ़ाने के लिये निवेश एवं अन्य क्षेत्रों में प्रयास करना आवश्यक है। प्रदेश के सभी अंचलों में निवेश बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में जनवरी 2023 में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट और प्रवासी भारतीय सम्मेलन इंदौर में किया जा रहा है। इसमें अनेक देशों के साथ बड़े उद्योगपति शामिल होंगे। बड़े-बड़े उद्योगों में युवाओं को रोजगार प्राप्त करने के लिये प्रदेश में आईटीआई स्थापित किये गये हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि तामोट क्षेत्र से मेरे बचपन की यादें जुड़ी हैं। यह क्षेत्र मेरा ननिहाल रहा है, यहाँ मैं महीनों रहा हूँ। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। निवेश के माध्यम से रोजगार बढ़ाने के लिये प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश में लगातार नये निवेश लाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कल बुधवार को मैं पन्ना में था, आज तामोट में हूँ और कल धार के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में नये निवेश का शुभारंभ करूंगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान चला कर युवाओं को रोजगार से जोड़ कर सुखी और समृद्ध जीवन की और जोड़ना है। नशा नाश की जड़ है। इसके खिलाफ अभियान चलाया गया है, जिसमें बड़े स्तर पर कार्रवाई कर हुक्का लाउंज भी ध्वस्त किये गये हैं। अभियान अभी जारी है।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने कहा कि नवीन टेक्सटाईल परियोजना प्रारंभ होने से कई युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। साथ ही क्षेत्र का चौतरफा विकास होगा। उद्योग के लिए रातापानी डेम से पानी की आपूर्ति एवं भूमि की कीमत कम करने की माँग पर जल्द ही निर्णय लिया जायेगा। परियोजना में विश्व स्तरीय तकनीक एवं कुशल स्टाफ नियुक्त किया गया है।
विधायक सुरेन्द्र पटवा ने तामोट के पास स्थित प्लास्टिक पार्क को सबके लिए खोलने की माँग की। यह टेक्सटाईल इंडस्ट्री भी प्रदेश के विकास में सहयोगी बनेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने नवनिर्मित टेक्सटाईल इकाई का अवलोकन भी किया। इसमें निर्मित फेब्रिक का 20 से ज़्यादा देशों में निर्यात किया जाएगा। प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने कन्या- पूजन कर पारिजात का पौधा रोपा।
सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंध और रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. अरविन्द भदौरिया, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, विदिशा सासंद रमाकांत भार्गव, सिलवानी विधायक रामपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीना सहित जन-प्रतिनिधि, एमपीआईडीसी के एमडी जॉन किंगस्ले एवं सागर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के एमडी सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए फोटो परिचय पत्र की तर्ज पर मिलेगी 1500 रुपये की रसीद
उज्जैन । ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए भक्तों को जल्द ही फोटो परिचय पत्र की तर्ज पर 1500 रुपये की रसीद मिलेगी। मंदिर समिति ने गर्भगृह में प्रवेश में हो रही गड़बड़ी को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। अब तक भस्म आरती की आफलाइन अनुमति में फोटो युक्त पर्ची का उपयोग होता आया है।
महाकाल मंदिर में गर्भगृह में जाकर भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं को 1500 रुपये की रसीद कटवाना अनिवार्य है। अब तक श्रद्धालु मंदिर के विभिन्न काउंटरों से रसीद प्राप्त कर रहे थे। सूत्र बताते हैं इस व्यवस्था में गड़बड़ी हो रही थी, कुछ लोग कर्मचारी व सुरक्षा कर्मियों से सांठ-गांठ कर एक रसीद का दोबारा उपयोग कर रहे थे।
मामले की शिकायत मंदिर प्रशासन को मिलने के बाद प्रशासक ने फोटो परिचय पत्र युक्त पर्ची के माध्यम से गर्भगृह में प्रवेश की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए व्यक्ति को स्वयं रसीद काउंटर पर मौजूद रहना होगा। कर्मचारी 1500 रुपये लेकर दर्शनार्थी का फोटो खीचेंगे तथा फोटो युक्त पर्ची प्रदान करेंगे। प्रवेश द्वार पर दर्शनार्थी के चेहरे से फोटो की तस्दीक करने के बाद ही गर्भगृह में प्रवेश दिया जाएगा।
अब पन्ना जिले में नए युग की शुरुआत होगी: मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के विकास के लिए उद्योग आवश्यक है। कृषि क्षेत्र में प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। गेहूँ के उत्पादन में भी प्रदेश देश में नंबर वन हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में हर सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के लिए खेती के साथ उद्योग आवश्यक है। खेती के साथ प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर के उद्योग लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान आज पन्ना जिले के हरदुआ केन में 2800 करोड़ रूपये की लागत के जे.के. सीमेंट प्लांट का लोकार्पण कर रहे थे। प्लांट से 1000 को सीधे और 10 हजार को लोगों अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में होने वाली इन्वेस्टर मीट में विश्व के अनेक देश से उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास के लिए हरसंभव प्रयास और लगातार काम कर रही है। पन्ना जिले में उद्योग की अनंत संभावनाएँ हैं। जो भी सहयोग आवश्यक होगा, सरकार देने के लिए कृत-संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के साथ ही यहाँ की जनता भी उद्योगपतियों को उद्योग लगाने में सहयोग करे। उद्योग आने से क्षेत्र में समृद्धि आती है और हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेंगे। उद्योग आने से आने वाले समय में क्षेत्र की आर्थिक दशा बदल जाएगी। अब पन्ना जिले में नए युग की शुरुआत हो और स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता दी जायेगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पन्ना जिले में अगले शिक्षा सत्र से कृषि महाविद्यालय शुरू किया जाएगा। सिंघानिया ग्रुप द्वारा आईटीआई प्रारंभ की जा रही है, इसमें स्थानीय युवाओं को काम सिखाए जाएंगे और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसके लिए उन्होंने सिंघानिया ग्रुप को धन्यवाद दिया।
उद्योग नीति एवं निवेश संवर्धन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने सिंघानिया परिवार को बधाई देते हुए कहा कि रिकॉर्ड अवधि में सीमेंट प्लांट तैयार कर उत्पादन प्रारंभ किया गया है। पन्ना में यह सिर्फ शुरूआत है, आगाज है, अभी तो अंजाम बाकी है।
खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा आज का दिन पन्ना जिले के लिए ऐतिहासिक है। आज क्षेत्र को एक बड़े उद्योग की सौगात मिली है, जो मुख्यमंत्री की सफल आर्थिक नीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब पन्ना उद्योग विहीन नहीं रहा। कोविड काल के बावजूद भी मात्र 18 माह में प्लांट तैयार कर उत्पादन शुरू करने के लिए सिंघानिया ग्रुप को बधाई दी। इस उद्योग से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा ने पन्ना जिले को उद्योग की श्रेणी में खड़ा करने के लिए सिंघानिया परिवार को धन्यवाद ज्ञापित किया। कम्पनी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, जल-संरक्षण के क्षेत्र में भी कार्य किया है। रोजगार के अवसर के अलावा हर तरफ क्षेत्र का विकास होगा। पूरे प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में पन्ना अव्वल रहा, सबसे ज्यादा पर्यटक पन्ना टाइगर रिजर्व में आए।
मुख्यमंत्री चौहान ने पन्ना में कम्पनी प्रबन्धन द्वारा वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर, आई.टी.आई. का शिलान्यास और जे.के. सीमेंट प्लांट का लोकार्पण किया। साथ ही प्लांट के पहले उत्पादन 500 बोरी सीमेंट की खेप को हरी झंडी दिखाकर पवई की प्रसिद्ध कंकाली माता मंदिर के लिये रवाना किया। साथ ही कम्पनी द्वारा अमानगंज अस्पताल के लिए भेंट की गई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाई।
सीईओ श्री माधव सिंघानिया ने मुख्यमंत्री और सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए आभार जताया। कार्यक्रम में पवई विधायक प्रहलाद लोधी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रामबिहारी चौरसिया, सिंघानियां ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. राघवपत सिंघानिया के साथ ही कलेक्टर संजय कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा सहित नागरिक मौजूद रहे।
गुलमोहर, केसिया और सारिका इंडिका के पौधे मुख्यमंत्री चौहान ने रोपे
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में गुलमोहर, केसिया और सारिका इंडिका के पौधे लगाए। बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने अपने जन्म-दिवस पर पौध-रोपण किया। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल अग्रवाल लिली भी साथ थे। अग्रवाल परिवार के बालक पार्थ और बालिका अवी ने अपने जन्म-दिवस पर पौधे लगाए। लाल घाटी अग्रवाल समाज के नवीन अग्रवाल, अशोक गुप्ता, संदीप गुप्ता, विनीत अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, हिमांशु गुप्ता और दर्शन गर्ग ने भी मुख्यमंत्री चौहान के साथ पौधे लगाए।
रोमांचक मैच में भारत ने बांग्लादेश को हराया
रोमांचक मैच में भारत ने बांग्लादेश को हराया
भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे टी20 वर्ल्ड कप 2022 के 35वां मुकाबले में भारत ने 5 रनों से जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ जीत के साथ भारत 6 अंकों के साथ ग्रुप 2 में शीर्ष पर पहंच गया है। साथ ही उसके सेमीफाइनल में पहुंचने का रास्ता भी साफ हो गया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने बांग्लादेश के सामने जीत के लिए 185 रनों का लक्ष्य रखा। बांंग्ला देश ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 7 ओवरों के बाद बारिश शुरु हो गई। बारिश रुकी तो मैच को 16 ओवरों का कर दिया गया और डकवर्थ लुईस नियम के तहत 151 रनों का नया लक्ष्य तय किया गया। फिर से बल्लेबाजी करने उतरी बांग्ला देश की टीम 16 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 145 रन ही बना सकी।
इससे पहले बांग्ला देश ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ 2 रन के निजी स्कोर पर आउट हो गये। लेकिन उनके बाद केएल राहुल और विराट कोहली ने पारी संभाल ली और स्कोर को 100 रनों के पार पहुंचाया। केएल राहुल ने शानदार अर्धशतक जमाया और 50 रनों के स्कोर पर आउट हुए। भारत के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार ने कुछ अच्छे शॉट्स लगाये, लेकिन 30 रनों के स्कोर पर कैच आउट हो गये। हार्दिक पांडया और दिनेश कार्तिक भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। लेकिन विराट कोहली ने एक छोर संभाले रखा और 44 गेंदों में नाबाद 64 रन बनाये। उन्हें मैन ऑफ द मैच का अवार्ड भी मिला। भारत ने 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 184 रन बनाये।
सेमीफाइनल के लिहाज से ये मैच दोनों टीमों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। साउथ अफ्रीका पर्थ में पिछले रविवार को भारत को एक लो स्कोरिंग मैच में 5 विकेट से हराकर टेबल टॉपर बना है। प्वाइंट्स टेबल में भारतीय टीम दूसरे नंबर पर मौजूद है, जबकि बांग्लादेश की टीम तीसरे स्थान पर है। भारत अगर ये मैच जीतता है तो वह टेबल में पहले नंबर पर पहुंच जाएगा और सेमीफाइनल के करीब पहुंच जाएगा। वहीं बांग्लादेश अगर जीतती है तो वह भी सेमीफाइनल में पहुंचने की दावेदार बन जाएगी और भारत की टेंशन बढ़ जाएगी।
अब ऊँचे आसमान में लंबी उड़ान भरेंगी बेटियाँ : मुख्यमंत्री चौहान
अब ऊँचे आसमान में लंबी उड़ान भरेंगी बेटियाँ : मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की बेटियों को शिक्षा में सहयोग के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में विकास और सामाजिक नेतृत्व के लिए सक्षम बनाया जाएगा। लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 का क्रियान्वयन इसी उद्देश्य से ही प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान आज रविन्द्र भवन भोपाल में योजना के अंतर्गत 1477 लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए 1 करोड़ 85 लाख रूपये की राशि अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। खुशी का अंदाजा नहीं लगा सकते। रोम-रोम पुलकित है। आज वो बेटियाँ कॉलेज की पढ़ाई शुरू कर रही हैं, जिन्हें गोद में खिलाया था। उन नन्हीं बेटियों को अपने हाथों से प्रमाण-पत्र दिए थे। आज उन्हीं बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता राशि देने का सौभाग्य मिला है। मुख्यमंत्री चौहान ने सभी बेटियों को नमन करते हुए कहा कि यह दिन मध्यप्रदेश के इतिहास में याद किया जाएगा। बेटियों के विकास के लिए सभी बधाएँ दूर हो गई हैं। बेटियाँ पढ़ें और आगे बढ़ें, वे ऊँचे आसमान तक जाकर लम्बी उड़ान भरें। ये बेटियाँ अपने साथ प्रदेश और देश के भविष्य को बनाने का कार्य भी करेंगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में बेटियों को शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण मिले, इसके लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। शिक्षकों की भर्ती में 50 प्रतिशत, पुलिस की भर्ती 30 प्रतिशत और पंचायतों सहित स्थानीय निकायों में आरक्षण के प्रावधान से बेटी और बहनों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। मध्यप्रदेश सरकार यह प्रयास निरंतर जारी रखेगी।
सार्थक जीवन का किया आहवान
मुख्यमंत्री चौहान ने लाड़ली लक्ष्मियों से आहवान किया कि वे अपने लिए ही जीवन न जिएँ बल्कि देश और समाज के लिए भी जिएँ। इसी में जीवन की सार्थकता है। लाड़ली लक्ष्मियाँ ग्रामों में नारी जागरण और नशा मुक्ति अभियान के लिए कार्य करें। इसके अलावा बेटियों को आगे चल कर बड़े-बड़े कार्य करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कामना की कि ये बेटियाँ प्रदेश भी चलाएंगी। मुख्यमंत्री चौहान ने स्वामी विवेकानंद के उस कथन का स्मरण दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा था, दुनिया में ऐसा कोई कार्य नहीं है, जो नहीं किया जा सकता। आप उठें, जागृत हों और तब तक कार्य करें, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों के साथ है, उन्हें शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य के लिए पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमत्री चौहान ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी बेटियाँ, स्वयं को कमजोर न समझें। बेटियों में ऐसी क्षमता है कि वे समाज को दिशा देने का कार्य करेंगी। बेटियाँ नया इतिहास रचेंगी। वे अपने जीवन के साथ ही मध्यप्रदेश और देश का भविष्य और भाग्य को सुनहरा बनायेंगी। मुख्यमंत्री ने सभी लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को आशीर्वाद के साथ शुभकामनाएँ दी।
मुख्यमंत्री चौहान ने योजना प्रारंभ होने की पृष्ठभूमि बताई
मुख्यमंत्री चौहान ने लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रारंभ होने की पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए बताया कि वे जब सार्वजनिक जीवन में आए तो ग्राम स्तर पर होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में जाते थे। समाज में बेटियों के प्रति तिरस्कार का भाव देखने को मिलता था। भारतीय समाज में अनेक इलाकों में बेटियों की उपेक्षा देखने को मिलती है। बेटियों को अभिशाप मान लिया गया था। ग्रामों में यह माना जाता था कि शिक्षा का अधिकार सिर्फ बेटों को ही है, बेटियों को नहीं। बेटियाँ तो सिर्फ घर के कामकाज की जिम्मेदारी लेने के लिए हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि अक्सर पति-पत्नी के आपसी झगड़ों में पति द्वारा अत्याचार को भी खुद स्त्रियाँ ही जायज मानती थी। यह देख कर आत्मा को कष्ट होता था। बेटे को कुल दीपक और बुढ़ापे की लाठी भी माना जाता था। लेकिन बहुत से मामलों में बेटों की बेरूखी और बेटियों की आत्मीयता, माता-पिता के लिए दिखाई देती थी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सामाजिक प्रवृत्ति के कारण बेटियों की संख्या में कमी भी आई थी।
सूर्य गोचर होने से इन राशि वालों पर होगी सूर्यदेव की विशेष कृपा
सूर्य गोचर होने से इन राशि वालों पर होगी सूर्यदेव की विशेष कृपा
सूर्य को सभी ग्रहों का स्वामी ग्रह माना जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब भी कोई ग्रह अपना राशि परिवर्तन करता है या वक्री होता है तो उसका सीधा असर देश और दुनिया के साथ-साथ सभी राशि के जातकों पर पड़ता है। सूर्य देव ने तुला राशि में गोचर किया है। सूर्य के इस गोचर से नीचभंग राजयोग बन रहा है। इसका असर सभी राशि पर पड़ने वाला है। तीन राशियां ऐसी हैं जिन पर भगवान सूर्य की विशेष कृपा होने वाली है। इन राशि के जातकों को करियर के साथ-साथ व्यापार में भी अच्छी सफलता मिलने वाली है। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी है।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों को नीचभंग राजयोग करियर के मामले में काफी फायदा करा सकता है। इस समय इस राशि वालों को भाग्य का साथ मिलेगा। किसी भी परीक्षा में सफलता हासिल कर सकते हैं। वहीं वैवाहिक जीवन में भी खुशियां बनी रहेंगी। यह राजयोग तुला राशि की गोचर कुंडली के लग्न भाव में बन रहा है। ऐसे में कार्यक्षेत्र में भी काफी लाभ होने वाला है। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होंगे।
मकर राशि
मकर राशि वालों की कुंडली में नीचभंग राजयोग दशम स्थान में बन रहा है। यह राजयोग नौकरी और व्यापार का भाव है। इस राशि के जातकों को नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं। कारोबार में कोई बड़ा लाभ हो सकता है। अविवाहित जातकों के लिए शादी के रिश्ते आ सकते हैं। कहीं से उधार दिया हुआ पैसा वापिस मिलने की संभावना है।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के चतुर्थ भाव में नीचभंग राजयोग बन रहा है। ऐसे में इस राशि वालों के लिए यह समय काफी लाभकारी साबित हो सकता है। चतुर्थ भाव माता का भाव माना जाता है। धन कमाने के लिए आपको कई अवसर मिलेंगे। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है। यह समय प्रॉपर्टी या कारोबार में निवेश करने के लिए काफी अच्छा है।





