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अमिताभ बच्चन का राजू श्रीवास्तव को खास तोहफा

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कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव इन दिनों अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे इस समय सबसे मुश्किल दौर में हैं। लेकिन अब उनके फैंस के लिए एक राहत देने वाली खबर आई है उनकी हालत में सुधार हो रहा है। लेकिन अभी तक उन्हें होश नहीं आया है। डाॅक्टर्स के मुताबिक उन्हें होश आने में थोड़ा समय लगेगा। राजू श्रीवास्तव के ठीक होने की हर कोई कामना कर रहा है। फैंस के साथ-साथ बाॅलीवुड सेलेब्स भी राजू के जल्द ही ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं इसी बीच अमिताभ बच्चन ने राजू श्रीवास्तव के लिए एक खास तोहफा भेजा है। बिग बी मे राजू श्रीवास्तव को 10 मैसेजेस भेजे है। जो कि बहुत ही खास हैं। अमिताभ ने राजू के फोन पर उनके उनके स्वास्थ्य की जानकारी के लिए और उनके जल्द ही ठीक होने की शुभकामनाएं देने के लिए अपने संदेश भेजे हैं।
अमिताभ का राजू का खास तोहफा
दरअसल अमिताभ बच्चन ने राजू श्रीवास्तव को करीब 10 मैसेजेस भेजे हैं। जो कि अमिताभ पहले दिन से ही भेज रहे हैं। लेकिन राजू के फोन के बंद होने के कारण उनका परिवार इन मैसेज को देख नहीं पाया। बता दें कि डॉक्टर ने राजू के परिवार से कहा था कि हो सकता है राजू रेस्पांड न कर पा रहे हों वे आसपास की आवाजें नहीं सुन पा रहे हों। ऐसी स्थिति में कोई प्रिय आवाज या बात वे सुनेंगे तो उनका मस्तिष्क अधिक सक्रिय हो सकेगा। इससे उनकी रिकवरी और आसान हो जाएगी। डॉक्टर की इन बातों के अनुसार राजू के परिवार ने सोचा कि राजू अपने आदर्श अमिताभ बच्चन की आवाज सुनकर खुश हो जाएंगे। ऐसे में क्या पता उनके ब्रेने में हरकत जैसा कोई चमत्कार हो जाए।
बिग बी के 10 मैसेजेस
इसके बाद से ही राजू के परिवार ने अमिताभ से कहा कि जो मैसेजेस वे लिखकर भेज रहे हैं क्या वे उसे बोलकर भेज देंगे जो कि राजू को सुनाया जा सके। साथ ही अमिताभ को डॉक्टर की सलाह भी बताई गई। इसके पांच मिनट के अंदर ही अमिताभ ने अपने ही अंदाज में राजू को एक ऑडिओ मेसेज भेजा। जिसमें उन्होंने कुछ ये बातें कहीं कि ‘राजू उठो, बस बहुत हुआ। अभी बहुत काम करना है।’ परिवार का कहना है कि इस मैसेज से फिलहाल कोई चमत्कार तो नहीं हुआ है लेकिन इन मैसेजेस को सुनाने के कारण अमित जी के बिग फैन राजू श्रीवास्तव को अच्छा जरूर लगेगा।

अमित शाह ने तिरंगा घर पर फहराया

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देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर इन दिनों आजादी का अमृत महोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ चलाया जा रहा है। पीएम मोदी ने सभी से अपील की है कि वे अपनी सोशल मीडिया DP की तस्वीर तिरंगे से बदल लें। इस कांग्रेस ने सियासत शुरू करते हुए आरएसएस और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने DP नहीं बदली है। लेकिन इस बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की डीपी बदल ली है। मोहन भागवत ने अपनी डीपी में देश का तिरंगा लगा लिया है। साथ ही RSS के भी आधिकारिक ट्विटर पेज पर DP में तिरंगा लगा लिया है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने घर पर फहराया तिरंगा
इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आज से शुरू हुए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत शनिवार सुबह 8 बजे राष्ट्रीय राजधानी में अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। वहीं कर्नाटक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रामानगर के हरोहल्ली में हर घर तिरंगा अभियान के भाग के रूप में आयोजित की गई प्रभात फेरी में हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में अपने आवास पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगा रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया।
राहुल गांधी ने बनाया था मुद्दा
इस मामले में सियासत करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था कि इतिहास गवाह है, ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम चलाने वाले उस देशद्रोही संगठन से निकले हैं, जिन्होंने देश की आजादी के बाद 52 सालों तक तिरंगा नहीं फहराया था। आरएसएस पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि आजादी की लड़ाई से ये तब भी कांग्रेस पार्टी को नहीं रोक पाए थे और आज भी नहीं रोक पाएंगे। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी ट्वीट कर लिखा था कि RSS वालों अब तो तिरंगे को अपना लो।
आरएसएस ने दिया विपक्ष व सरकार को दिया बड़ा संदेश
आरएसएस व मोहन भागवत ने अपनी डीपी में तिरंगा लगाकार सरकार और विपक्ष को बड़ा संदेश दिया है। संघ ने साफ संदेश दिया है कि वह केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर मुहिम के साथ खड़ा है। मोहन भागवत के साथ साथ संघ के जनरल सेक्रेटरी दत्तात्रेय होसबोले ने भी अपनी DP में तिरंगा लगा लिया है। मनमोहन वैद्य और अरुण कुमार जैस बड़े संघ नेता भी अपनी डीपी में तिरंगा लगा चुके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी कॉमनवेल्थ गेम्स के सभी पदक विजेताओं से मिले

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज #CWG22 में भाग लेने वाले भारतीय टीम के सदस्यों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने #CWG22 भारतीय दल के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि आप सभी ने अपने कार्यक्रम में से समय निकाल कर परिवार के सदस्यों के रूप में मेरे आवास पर मुझसे मिलने आ रहे हैं। मैं, अन्य सभी भारतीयों की तरह, आपसे बात करके गर्व महसूस कर रहा हूं। मैं आप सभी का स्वागत करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सुबह 11 बजे कॉमनवेल्थ गेम के सभी पदक विजेताओं की मेजबानी अपने सरकारी आवास पर की। यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने बर्मिंघम में शानदार प्रदर्शन के बाद कॉमनवेल्थ गेम के विजेताओं के साथ बातचीत की। पीएम ने एक ट्वीट में कहा, “13 अगस्त को सुबह 11 बजे मेरे आवास पर भारत के कॉमनवेल्थ गेम के 2022 दल के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं।
पूरे देश को खेलों में हमारे एथलीटों की उपलब्धियों पर गर्व है। पीएम मोदी पहले ही देश के लिए मेडल जीतने वाले हर एथलीट को शुभकामनाएं दे चुके हैं। इस कार्यक्रम में पदक जीतने के बाद भारतीय एथलीटों को बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कई ट्वीट किए थे।
पीएम मोदी ने उन्हें भी शुभकामनाएं भेजीं थी जो जीतने में असफल रहे। 28 जुलाई से 8 अगस्त तक, लगभग 200 भारतीय एथलीटों ने बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेल 2022 में 16 विभिन्न खेलों में पदक के लिए प्रतिस्पर्धा की।

”आज देश के लिए मरने की नहीं, जीने की ज़रूरत है” – मुख्यमंत्री

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज हर घर तिरंगा अभियान के तहत एक स्कूल में बच्चों को तिरंगे और देश के महान क्रांतिकारियों के बारे में शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि ‘विजयी वश्वि तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा। इसकी शान न जाने पाए, चाहे जान भले ही जाए।’ यह केवल गीत नहीं आजादी की लड़ाई का मंत्र था। हमारे देश का 5000 सालों का ज्ञात इतिहास है। जब दुनिया के विकसित देशों में सभ्यता के सूर्य का उदय नहीं हुआ था, तो हमारे देश में वेदों की ऋचाएं रची गई थीं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अंग्रेजों के साथ लड़ाई सन 1761 में ही शुरू हो गई थी। सन 1761 में सन्यासी विद्रोह से हमारी लड़ाई शुरू हुई फिर 1857 आया , जिसमें अमर क्रांतिकारी मंगल पांडे ने क्रांति शुरू की।
मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को बताया कि आजादी की लड़ाई की बाद में दो धाराएं बन गईं। एक धारा थी अहिंसक आंदोलन वाली, दूसरी तरफ ऐसे क्रांतिकारी भी थे जिन्होंने माना कि अंग्रेज केवल हाथ जोड़ने से भारत छोड़ के नहीं जाएंगे, अस्त्र-शस्त्र उठाने पड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि यह माना जाता है कि भारत का पहला राष्ट्रीय ध्वज 7 अगस्त 1906 को कोलकाता के ग्रीन पार्क में फहराया गया था। इसमें लाल, पीले और हरे रंग की तीन पट्टियां थीं, जिनके बीच में ‘वंदे मातरम्’ लिखा हुआ था, मतलब वंदे मातरम् भारत की आजादी का मूल मंत्र था।
उन्होंने यह भी बताया कि 1917 में लोकमान्य तिलक एवं श्रीमती एनी बेसेंट के नेतृत्व में होमरूल आंदोलन चल रहा था। इसका मतलब था कि ब्रिटिश गवर्नमेंट के अंतर्गत स्वशासन का अधिकार भारत को मिले। होमरूल आंदोलन के प्रमुख भाग के रूप में एक नया झंडा अपनाया गया था।

भूकंप जैसे कई झटके उज्जैन में महसूस किए गए

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मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के महिदपुर के ग्राम जगोटी,बरखेड़ी सहित आसपास गांव मे भूमि के अंदरूनी भाग में हलचल और हल्के भूकम्प जैसे झटके लगे है जिसके कारण डर से ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल गए ग्रामीणों द्वार बतया जा रहा है की सुबह 8 बजे से अभी तक कुल मिलकर 5 बार ऐसा महसूस कर चुके है ग्रामीणों को झटके के साथ हलचल होने से लोग डर कर अपने घरों से बाहर निकल कर बाहर आगये हैं।
जगोटी में बर्तन का व्यापार करने वाले व्यापारी मोहनलाल जाट ने बताया कि, “मैं दुकान में बैठा था तो ऐसा झटका लगा कि पूरे शरीर में कम्पन हुई जैसे कोई दुकान गिरी हो यहाँ पूरे गांव में ऐसे झटके महसूस किए गए हैं।
जगोटी गांव के सरपंच राहुल मुकति ने बताया उनकी तहसीलदार से बात हुई तो उन्होंने बताया कि ऐसी भू-गर्भीय घटनाएं होती रहती हैं। गांव में किसी प्रकार की दरार या कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। जांच टीम ने बताया कि कई बार भूकंप के झटके आए हैं जिसमें से एक तो कम तीव्रता का झटका करीब 11:30 बजे था। दूसरा करीब 12:30 बजे आया। घरों के अंदर रहने वाले परिवार के लोग बाहर आ गए।
एसडीएम कैलाश ठाकुर ने बताया की वहां टीम भेजी गई थी। ग्रामीणों ने बताया की भूगर्भीय हलचल और धमाके की आवाज सुनाई दे रही है। लेकिन टीम को ऐसा कुछ नहीं मिला। इसमें डरने जैसी कोई बात नहीं है। शनिवार को जियोलॉजिस्ट की टीम को जांच के लिए भेजा जाएगा।

जाह्नवी कपूर श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी पर भावुक हुईं

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बॉलीवुड की बेहतरीन एक्ट्रेसेस में शुमार रहीं श्रीदेवी (Sridevi) की आज बर्थ एनिवर्सरी है। एक ओर जहां सोशल मीडिया पर फैन्स दिवंगत एक्ट्रेस को याद कर रहे हैं तो दूसरी ओर जाह्नवी कपूर ने अपनी मां के लिए एक इंस्टाग्राम पोस्ट किया है। जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) ने सोशल मीडिया पर मां श्रीदेवी के साथ अपनी एक थ्रोबैक फोटो शेयर की है। जाह्नवी कपूर के सोशल मीडिया पोस्ट पर फैन्स और सेलेब्स रिएक्ट कर रहे हैं।
क्या है जाह्नवी कपूर का इंस्टा पोस्ट
जाह्नवी कपूर ने एक बेहद क्यूट इंस्टाग्राम पोस्ट किया है। इस पोस्ट में जाह्नवी ने अपनी मां श्रीदेवी के साथ एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर की है। तस्वीर में एक नन्हीं जाह्नवी बेहद क्यूट और श्रीदेवी खूबसूरत नजर आ रही हैं। तस्वीर को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए जाह्नवी ने कैप्शन में लिखा, ‘हैप्पी बर्थडे मम्मा, मैं आपको हर दिन और ज्यादा याद करती हूं। मैं आपको हमेशा प्यार करूंगी।’
श्रीदेवी का असली नाम था श्री अम्मा अय्यपन यंगर
बता दें कि श्रीदेवी का असली नाम श्री अम्मा अयपन्न यंगर था, लेकिन फिल्मों में आने बाद उन्होंने अपना नाम बदल लिया। श्रीदेवी ने महज चार साल की उम्र से एक्टिंग शुरू कर दी थी। श्रीदेवी ने फिल्मी करियर तमिल फिल्म से बतौर एक चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में शुरू किया था। श्रीदेवी ने तेलुगू, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी आदि फिल्मो में काम किया है। लीड डेब्यू के पहले श्रीदेवी ने बॉलीवुड फिल्म जूली में बतौर बाल कलाकार काम किया था। श्रीदेवी ने अपने करियर में कई एक्टर्स के साथ काम किया और उनकी जोड़ी अनिल कपूर और जितेंद्र के साथ काफी हिट रही। श्रीदेवी को उनके कई फैन्स ‘चांदनी’ और ‘हवा- हवाई गर्ल’ भी बुलाते हैं। गौरतलब है कि फरवरी 2018 में श्रीदेवी ने दुनिया को अलविदा कह दिया था।
जाह्नवी का बॉलीवुड करियर
जान्हवी कपूर ने ईशान खट्टर के साथ साल 2018 में धड़क से डेब्यू किया था। इसके बाद जाह्नवी, रूही, गुंजन सक्सेना और गुड लक जेरी में नजर आईं। जाह्नवी का सिनेमाई करियर कुछ खास नहीं है, लेकिन उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग है। जाह्नवी कपूर के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनके पास ‘मिस्टर और मिसेज माही’ और ‘बवाल’ है। इसके अलावा वह बोनी कपूर के प्रोडक्शन की फिल्म ‘मिली’ में भी नजर आएंगी। बवाल में जाह्नवी कपूर जोड़ी वरुण धवन के साथ नजर आएगी तो वहीं मिस्टर और मिसेज माही में वो राजकुमार राव के साथ ऑनस्क्रीन नजर आएंगी। बता दें कि जाह्नवी कपूर सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं और उनकी क्यूट और बोल्ड अंदाज पर लाखों- करोड़ों फैन्स फिदा हैं।

राहुल गांधी के सर्वें से राजस्थान के बदल सकते है समीकरण

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राहुल गांधी द्वारा सचिन पायलट के धैर्य की तारीफ करने के बाद राजस्थान में एक गुप्त सर्वे से अटकलों को बाजार गर्म हो गया है। गहलोत की विदाई होगी या फिर पायलट का रास्ता साफ?। पायलट समर्थक उन्हें अगले सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करने में जुटे हैं। वहीं गहलोत समर्थक अपने नेता के समर्थन में राग आलाप रहें है। दोनों ही नेताओं के समर्थकों के अपने-अपने तर्क है। गहलोत समर्थकों का कहना है कि राहुला गांधी गहलोत के कामकाज से खुश है। समर्थकों का तर्क है गहलोत के नेतृत्व में पंचायत चुनाव, विधानसभा उप चुनाव और राज्यसभा की तीनों सीटें कांग्रेस ने जीती है। भाजपा सत्ता विरोधी लहर पैदा नहीं कर पाई है। जबकि पायलट समर्थकों का कहना है कि राज्य में हर बार सरकार बदलने के ट्रेंड रहा है। इसलिए कांग्रेस सरकार रिपीट के लिए राजस्थान कांग्रेस की कमान सचिन पायलट को मिले। पायलट समर्थकों का तर्क है कि विधानसभा चुनाव 2018 में पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस को जीत मिली। पायलट समर्थक एक विधायक ने दावा है कि राहुल गांधी का गुप्त सर्वें पायलट के पक्ष में है। पायलट एक बार प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने जा रहे हैं। राहुल गांधी की टीम ने हाल ही में प्रदेश में गुप्त सर्वे किया है। सर्वे में पता लगाया गया है कि गहलोत-पायलट में से कांग्रेस की सरकार रिपीट कौन कर सकता है। सर्वें से राजस्थान में तेजी से सियासी समीकरण बदल रहे हैं।
क्या गहलोत अगली बार सीएम फेस नहीं?
अशोक गहलोत ने करीब दो महीने पहले एक कार्यक्रम में कहा था कि मेरा इस्तीफा परमानेंट सोनिया गांधी के पास है। पहली बार सीएम बना तभी से मेरा इस्तीफा सोनिया गांधी के पास पड़ा है। सीएम गहलोत के इस बयान प्रदेश की सियासत में कयासबाजी का दौर शुरू हो गया था। बतौर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह तीसरा टर्म है। वह पहली बार 1998 में मुख्यमंत्री बने थे। दूसरी बार 2008 में उन्होंने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण किया था। फिर 2018 में जीत के बाद बतौर मुख्यमंत्री गहलोत का यह तीसरा मुख्यमंत्री कार्यकाल है। गहलोत ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें तीन बार केंद्रीय मंत्री, तीन बार पीसीसी अध्यक्ष और तीन बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला है। अगर यहां के गहलोत के तीन के आंकड़ों वाली बात लागू करें तो वह खुद मानते हैं कि चौथी बार वह मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार नहीं होंगे। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी की टीम ने राज्य की सभी 200 विधासनभा सीटों का गुप्त सर्वें किया है। सर्वे में यह भी पता लगाया गया है कि सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट में सबसे लोकप्रिय कौन है।
सचिन पायलट का रास्ता साफ?
दूसरी तरफ वर्ष 2020 में गहलोत के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले सचिन पायलट पूरी तरह से शांत नहीं बैठे हैं। हाल ही में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उन्होंने अपने गुट के लोगों को मंत्रीपद दिलाया। वहीं सचिन पायलट खुद लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क की मुहिम में लगे हुए हैं। अपने क्षेत्र के साथ-साथ वह विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्हें संगठन की जिम्मेदारी देकर उन्हें राजस्थान से हटाने की चर्चा भी थी। लेकिन बाद में पायलट ने खुद बयान जारी कर कहा था कि अगले 50 साल तक वह कहीं नहीं जाने वाले। बाद में एक चैरिटी कार्यक्रम में उन्होंने जीना यहां, मरना यहां गीत गाया था, जिससे संकेत मिले थे कि वह राजस्थान की राजनीति से दूर नहीं होने वाले। राहुल गांधी ने सचिन पायलट के धैर्य की तारीफ की है उसके बाद से ही प्रदेश की सियासत में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।

भारतीय टीम के फिर कोच बने लक्ष्मण, जिम्बाब्वे दौरे पर संभालेंगे कमान

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भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण एक बार फिर टीम इंडिया में कोच की जिम्मेदारी निभाने वाले हैं। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख लक्ष्मण को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम का कार्यवाहक कोच बनाया गया है। इसकी पुष्टि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह ने की। भारतीय टीम जिम्बाब्वे के हरारे में 18, 20 और 22 अगस्त को तीन वनडे मैच खेलेगी।

वीवीएस लक्ष्मण तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए जिम्बाब्वे में भारतीय टीम के प्रभारी होंगे। ऐसा नहीं है कि राहुल द्रविड़ ब्रेक ले रहे हैं। जिम्बाब्वे में वनडे सीरीज 22 अगस्त को समाप्त होगी और द्रविड़ भारतीय टीम के साथ 22 अगस्त को एशिया कप के लिए यूएई पहुंचेंगे। दोनों में काफी कम अंतर है इसलिए लक्ष्मण जिम्बाब्वे में भारतीय टीम के प्रभारी होंगे।”

जय शाह ने कहा, ”चूंकि जिम्बाब्वे में वनडे टीम के साथ केवल केएल राहुल और दीपक हुड्डा हैं, इसलिए यह तर्कसंगत था कि मुख्य कोच टी20 टीम के साथ जाएं।” दरअसल, जिम्बाब्वे में वनडे सीरीज खेलने वाली टीम में एशिया कप टीम के सिर्फ दो सदस्य राहुल और हुड्डा हैं। शाह ने यह भी बताया कि केएल राहुल और दीपक हुड्डा दुबई से हरारे के लिए सीधे उड़ान भरेंगे क्योंकि वे एशिया कप टीम का हिस्सा हैं।

बीसीसीआई में यह परंपरा रही है कि दूसरी या ए टीमों की कोचिंग के लिए एनसीए प्रमुख को बुलाया जाता है। लक्ष्मण इससे पहले जून-जुलाई में भारतीय टीम के साथ ब्रिटेन गए थे। वहां वह आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों की सीरीज के दौरान भारत के कोच थे। उस वक्त राहुल द्रविड़ टेस्ट टीम के साथ इंग्लैंड में थे।

केएल राहुल होंगे कप्तान

इससे पहले जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया में बड़ा बदलाव किया गया। केएल राहुल की टीम में वापसी हुई और उन्हें कप्तानी सौंपी गई। उन्हें पहले इस दौरे के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल नहीं किया गया था। 30 जुलाई को जब तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम की घोषणा की गई थी, तो राहुल उस टीम में नहीं थे। तब शिखर धवन को कप्तानी सौंपी गई थी। राहुल की वापसी के बाद अब धवन को उप-कप्तान बना दिया गया।

भारत-चीन के बीच संबंध जल्द सुधरेंगे-विदेश मंत्री एस जयशंकर

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वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के संबंध काफी खराब हैं। इसे पटरी पर लाने के लिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन दोनों देश के बीच संबंध अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। इस बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत-चीन संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि सीमा की स्थिति सामन्य नहीं होती है। उन्होंने कहा कि अगर चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति भंग करता है, तो यह संबंधों को और प्रभावित करेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बेंगलुरु में कहा, “हमने अपनी स्थिति बनाए रखी है कि अगर चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति भंग करता है, तो यह हमारे संबंधों को प्रभावित करेगा। हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं। यह तब तक सामान्य नहीं हो सकता जब तक सीमा की स्थिति सामान्य नहीं होती है।”
जयशंकर ने यह भी कहा कि बड़ी समस्या सीमा की स्थिति है और भारतीय सेना जमीन पर डटी हुई है। उन्होंने कहा, “हमने उन जगहों से पीछे हटने में काफी प्रगति की है जहां हम एलओसी के बहुत करीब थे।”
इसके अलावा एस जयशंकर ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर बोलते हुए कहा, “यह हमारी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन था। तीसरा देश दूसरे देश के कब्जे वाले संप्रभु भारतीय क्षेत्र पर काम कर रहा है।”
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत तथाकथित सीपीईसी में परियोजनाओं का दृढ़ता से और लगातार विरोध करता है जो कि भारतीय क्षेत्र में हैं जो पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है, “ऐसी गतिविधियां स्वाभाविक रूप से अवैध, नाजायज और अस्वीकार्य हैं, और भारत द्वारा उनके अनुसार व्यवहार किया जाएगा।”
सीपीईसी परियोजनाओं में तीसरे देशों की भागीदारी के संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा: “हमने तथाकथित सीपीईसी परियोजनाओं में तीसरे देशों की प्रस्तावित भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर रिपोर्ट देखी है।” उन्होंने कहा, “किसी भी पार्टी द्वारा इस तरह की कोई भी कार्रवाई सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है।”

तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष पवन वर्मा ने दिया इस्तीफा

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पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस को शुक्रवार को एक और झटका लगा। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पवन के वर्मा ने आज पद से इस्तीफा दे दिया।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को भेजे इस्तीफे में वर्मा ने उनसे इसे मंजूर करने का आग्रह किया है। हालांकि, इसमें उन्होंने इस्तीफे की वजह नहीं बताई है। उन्होंने एक ट्वीट में इस्तीफे की जानकारी दी। वर्मा ने ममता बनर्जी को भेजे पत्र में लिखा, ‘मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। मैं आपके स्नेह और शिष्टाचार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं आपके संपर्क में रहने के लिए तत्पर हूं। सभी को शुभकामनाएं।’
पवन वर्मा पिछले साल ही तृणमूल कांग्रेस में शाामिल हुए थे। वे भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं। वे इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाहकार थे। वे जून 2014 से जुलाई 2016 तक राज्यसभा सदस्य, जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता थे।
उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का समर्थन करने के जदूय के फैसले के विरोध में पार्टी छोड़ दी थी। वर्मा ने कई देशों में भारत के राजदूत और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के रूप में सेवा करने के अलावा कई किताबें भी लिखी हैं।