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श्रीलंका में लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर जमाया कब्जा,

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श्रीलंका के लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा जमा लिया है और वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। इनका कहना है कि जब तक राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे इस्तीफा नहीं देते, वो वहां से नहीं हिलेंगे। वैसे राष्ट्रपति ने 13 जुलाई को इस्तीफे का ऐलान किया है, लेकिन लोगों का कहना है कि अब उन्हें राष्ट्रपति की बातों पर यकीन नहीं है। बता दें कि कल यानी शनिवार को बड़ी संख्या में आम जनता ने राष्ट्रपति भवन पर हमला बोल दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे यहां से भाग गए थे। इसके कुछ ही देर के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफा दे दिया था। इस बीच रविवार को एक और कैबिनेट मंत्री ने इस्तीफा दे दिया। इस तरह अब तक 4 केन्द्रीय मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है।

राष्ट्रपति भवन में मिला बंकर

राष्ट्रपति भवन में एक बंकर पाया गया है। जानकारी के मुताबिक यह बंकर अंडरग्राउंड था और नकली दरवाजों के पीछे छुपाया गया था। बंकर तक पहुंचने के लिए एक लिफ्ट का भी इंतजाम था। मीडिया सूत्रों के मुताबिक महल में तैनात विशेष कार्य बल (एसटीएफ) टीम के सदस्यों ने भी इसकी पुष्टि की। यह बंकर इस तरह से तैयार किया गया है कि किसी भी तरह के हमले से सुरक्षित रह सकता है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने भागने के लिए इसी का इस्तेमाल किया गया होगा।

लापता राष्ट्रपति का निर्देश

श्रीलंका के लापता राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे अज्ञात स्थान से ही शासन चला रहे हैं। रविवार को गोटबाया राजपक्षे ने अधिकारियों के देश में गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आर्थिक संकट की मार झेल रहे श्रीलंका को 3700 मीट्रिंक टन एलपीजी मिली है जिसके बाद गोटबाया ने रसोई गैस का सुचारू वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उधर सेना प्रमुख ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। श्रीलंकाई सेना प्रमुख जनरल शैवेंद्र सिल्वा ने रविवार को कहा कि मौजूदा राजनीतिक संकट को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का अवसर अब उपलब्ध है।

भारत ने इंग्लैंड को 49 रन से हराया, सीरीज में 2-0 से बनाई बढ़त

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भारत ने दूसरे टी20 मैच में इंग्लैंड को 49 रन से हरा दिया। साथ ही तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने 20 ओवर में 8 विकेट गंवाकर 170 रन बनाए। रवींद्र जडेजा ने सबसे ज्यादा 46 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम 17 ओवर में 121 रन पर आलआउट हो गई। मोइन अली ने 35 रन बनाए। भारत के लिए भुवनेश्वर कुमार ने सबसे अधिक 3 विकेट लिए। जसप्रीत बुमराह और युजवेंद्र चहल के खाते में 2-2 विकेट आए। यह रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 में लगातार 14वीं जीत है।

पंत-शर्मा ओपनिंग करने उतरे

कप्तान रोहित शर्मा के साथ विकेटकीपर ऋषभ पंत ने पारी की शुरुआत की। रोहित (31 रन) और पंत (26 रन) ने पहले विकेट के लिए तेजी से 49 रनों की साझेदारी की। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के 29 गेंदों पर 46 रनों की पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 170 रन बनाए। क्रिस जार्डन ने चार और रिचर्ड ग्लीसन ने तीन विकेट लिए।

भारतीय गेंदबाजों का रहा जलवा

भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह ने शुरू से ही इंग्लैंड पर दबाव बनाए रखा। जिसके कारण इंग्लैंड ने 27 रनों पर ही तीन विकेट गंवा दिए। पूरी टीम 17 ओवर में 121 रनों पर सिमट गई। भुनेश्वर ने तीन जबकि बुमराह और चहल ने दो-दो विकेट लिए।

कोहली का खराब प्रदर्शन

विराट कोहली तीन बॉल पर एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। कोहली और रोहित को ग्लीसन ने आउट किया। पूर्व कप्तान कुछ सालों से फॉर्म से परेशान हैं। पिछले साल टी20 विश्व कप के बाद से उन्होंने दो टी20 मैच खेले हैं। विराट ने इस दौरान सिर्फ आईपीएल खेला, लेकिन उसमें भी प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट के दोनों पारियों में उनका बल्ला खामोश रहा। टीम इंडिया ने प्लेइंग इलेवन में चार बदलाव किए हैं। विराट कोहली, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा की वापसी हुई है। अर्शदीप सिंह, दीपक हुड्डा, अक्षर पटेल और ईशान किशन को बाहर किया गया है।

श्रीलंका में बदतर हुए हालात, प्रदर्शनकारियों ने पीएम विक्रमसिंघे के घर में लगाई आग

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आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की हालत अब ज्यादा खराब हो गई है। जनता ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास पर कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति अपना आवास छोड़कर भाग गए। गुस्साई प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे के आधिकारिक घर पर भी जमकर तोड़फोड़ की। साथ ही कई वीडियो सामने आए, जिसमें वह स्विमिंग पूल में नहाते दिख रहे हैं। इधर रैली के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। जिसमें लगभग 100 लोग घायल हो गए।

पीएम विक्रमसिंघे पद छोड़ने को तैयार

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे पद छोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने एक ऑडियो जारी कर कहा कि वह कुछ शर्तों के साथ पद से इस्तीफा देंगे। उन्होंने कहा, विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख की यात्रा और इंटरनेशनल मुद्रा कोष के साथ चर्चा के लिए देश में सरकार जरूरी है। प्रशासन के बिना देश का नेतृत्व करना ठीक नहीं है।

पीएम के घर की ओर बढ़ी भीड़

पीएम विक्रमसिंघे के आवास के बाहर हालत तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की। उनके सुरक्षा अधिकारियों ने घर के बाहर पत्रकारों की पिटाई कर दी।

राष्ट्रपति से इस्तीफा देने का अनुरोध

हालात काबू में करने के लिए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पार्टी नेताओं की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। उन्होंने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की अपील की। पोदुजाना पेरामुना के 16 सांसदों ने लेटर लिखकर राष्ट्रपति से इस्तीफा देने का अनुरोध किया। इससे पहले पिछले महीने तत्कालीन पीएम महिंदा राजपक्षे अपने परिवार के साथ भाग गए। उग्र लोगों ने कोलंबे में महिंदा के सरकारी आवास को घेर लिया था।

पीएम विक्रमसिंघे इस्तीफा देने को तैयार

स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धने के घर जूम पर नेताओं की बैठक हुई। जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पद से हटाने की बात रखी गई है। पीएम विक्रमसिंघे इस्तीफा देने को तैयार हैं। सांसद हर्षा डी सिल्वा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।+

कम मतदान से लाभ-हानि के आकलन में जुटी भाजपा-कांग्रेस

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मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में हुए कम मतदान ने भाजपा और कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। दोनों ही दल के नेता कम मतदान से लाभ एवं हानि का आकलन करने में जुटे हैं। महापौर प्रत्याशी अपने स्तर पर वार्डवार आकलन कर रहे हैं तो पार्टी नेता भी प्रभारियों के माध्यम से जानकारी जुटा रहे हैं। कांग्रेस कम मतदान का कारण सत्ता विरोधी माहौल को बता रही है तो भाजपा ने इसके लिए अव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, पार्टी नेताओं को सरकार के विकास कार्यों पर भरोसा है और आश्वस्त हैं कि परिणाम भाजपा के पक्ष में रहेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने सभी 11 नगर निगमों के महापौर प्रत्याशियों से मतदान को लेकर जानकारी ली। उन्होंने कम मतदान के बन रही स्थिति पर चर्चा की। पार्टी के चुनाव कार्य के प्रभारी जेपी धनोपिया ने बताया कि कम मतदान से साफ है कि प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी का कहना है कि कांग्रेस कम मतदान को लेकर यदि प्रसन्न् है तो 17 जुलाई बहुत दूर नहीं है। पहले चरण के नगरीय निकाय चुनाव के परिणाम 17 जुलाई को आएंगे। यदि कांग्रेस इतनी ही आश्वस्त है तो फिर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका पर प्रश्न क्यों उठाए जा रहे हैं। कम मतदान का कारण वर्षा और अव्यवस्था रही है। इसको लेकर पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह को ज्ञापन भी दिया है।

प्रत्याशियों से नाराजगी भी बड़ा कारण

कम मतदान का बड़ा कारण प्रत्याशियों से नाराजगी भी रही है। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को लेकर कई जगह पर विरोध दर्ज कराया गया। कार्यकर्ता घर से नहीं निकले और उन्होंने मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने का काम भी नहीं किया।

उर्फी जावेद ने दिया हेटर्स का करारा जवाब, कहा मैं एक दिन कपड़े ही नहीं पहनूंगी

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उर्फी जावेद हमेशा अपने फैशन सेंस को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। लेकिन वे बड़ी ही बेबाक हैं। उन्हें अपनी बात दुनिया के सामने अच्छी तरह से रखना आता है। उर्फी न तो किसी सीरियल में आ रही हैं और न ही किसी म्यूजिक वीडियो में और न ही उर्फी ने कोई फिल्म साइन की है। लेकिन इन सब के बावजूद भी उर्फी सोशल मीडिया पर छाई हुई है। उर्फी हमेशा अपने अतरंगी कपड़ों के लिए सुर्खियों में बनी रहती है। और उनके ड्रेसिंग सेंस को लेकर वे कई बार ट्रोल भी हो चुकी हैं। अब एक बार फिर उर्फी ने ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है।

उर्फी ने दिया बड़ा स्टेटमेंट

उर्फी अक्सर घर से बाहर निकलते ही पैपराजी से घिरी हुई नजर आती हैं। हाल ही में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। मुंबई का बारिश में उर्फी काफी रेडी होकर घर से बाहर निकली थी। पैपराजी भी उन्हें कैप्चर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। उन्हें एक बार फिर घेर लिया गया। बातों ही बातों में उर्फी ने अपनी बोल्डनेस के साथ ऐसा स्टेटमेंट दे दिया जिसे सुनकर आप भी कहेंगे की उर्फी बेबाक होकर जीना पसंद करती हैं। पैपराजी से बात करते हुए उर्फी ने कहा कि ‘मैं एक दिन कपड़े ही नहीं पहनूंगी। क्या सरप्राइज यार। सारे आउटफिट ही सरप्राइज है। ऐसा मेरे दिमाग में नहीं रहता कि ऑडियंश को सरप्राइज देना है। मुझे जो पसंद आता है वो मैं पहन लेती हूं।’ इन शब्दों से समझा जा सकता है कि उर्फी जावेद ने हेटर्स का करारा जवाब दिया है। इसके बाद हर तरफ उर्फी जावेद चर्चा में बनी हुई हैं।

लाइट ब्लू कलर के ड्रेस में उर्फी के देखकर उनके फैंस काफी खुश हुए। उन्हें उर्फी का ये लुक खूब पसंद आया। वहीं कुछ लोग उर्फी को ट्रोल करने से बाज नहीं आते। इतना ही नहीं इससे पहले भी उर्फी जावेद ने एक इंटरव्यू में धर्म पर बड़ा बयान दिया था। उर्फी ने कहा था कि ‘वे किसी धर्म में विश्वास नहीं रखती हैं। उन्होंने इस्लाम का ठेका नहीं ले रखा है।’ उर्फी के इन बयानों से साफ समझा जा सकता है कि जैसे वे अपने कपड़ों से सभी को हैरान कर देती हैं वैसे ही अपने बयानों से भी वे सभी को शाॅक दे सकती हैं। उर्फी को लेकर कोई कुछ भी सोचें लेकर उन्हें किसी की बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता।

भगवंत मान की दुल्हन बनी गुरप्रीत कौर, केजरीवाल ने निभाई पिता की रस्में

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आज दूसरी शादी चंडीगढ़ में डॉक्टर गुरप्रीत कौर से हो रही है। शादी की सभी रस्में निभाई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक इस शादी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पहुंचे हैं और उन्होंने शादी में भगवंत मान के पिता की रस्में निभाई। केजरीवाल ने कहा, “आज बहुत खुशी का दिन है कि मेरे छोटे भाई और पंजाब के मुख्यमंत्री विवाह के बंधन में बंध रहे हैं। मैं भगवान से प्रार्थना करते हूं की उनको सुखी वैवाहिक जीवन दें।”

मुख्यमंत्री भगवंत मान का अपनी पिछली पत्नी से करीब 6 साल पहले तलाक हो गया था। भगवंत मान की पहली पत्नी इंद्रजीत कौर थी और फिलहाल इंद्रजीत और बच्चे अमेरिका में रहते हैं। मार्च में विधानसभा चुनाव के बाद जब आम आदमी पार्टी की पंजाब में सरकार बनी थी तो भगवंत मान के दोनों बच्चे शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए आए थे।

मां की इच्छा थी कि फिर बस जाए भगवंत मान का घर

भगवंत मान की मां हरपाल की इच्छा थी कि बेटे का घर एक बार फिर बस जाए। CM भगवंत मान के लिए मां-बहन ने खुद डॉक्टर गुरप्रीत कौर को चुना है। मिली जानकारी के मुताबिक डॉक्टर गुरप्रीत कौर भगवंत मान के परिवार के काफी करीबी है और लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं। इस शादी की तैयारियों की जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राघव चड्ढा पर है। राघव चड्ढा इस शादी की पूरी तैयारी कर रहे हैं।

पंचायत चुनाव के अंतिम चरण का मतदान शुक्रवार को, 40 हजार पुलिसकर्मी तैनात

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प्रदेश में त्रिस्तरीय (ग्राम, जनपद और जिला) पंचायत चुनाव के अंतिम चरण का मतदान शुक्रवार को होगा। इसमें जिला पंचायत सदस्य के 242, जनपद पंचायत सदस्य के एक हजार 916, सरपंच के छह हजार 408 और पंच के 22 हजार 378 पद के लिए एक करोड़ 13 लाख 11 हजार 479 (58 लाख 36 हजार 623 पुरुष, 54 लाख 74 हजार 592 महिला एवं 264 अन्य) मतदाता 20 हजार 608 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 40 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मतदान सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक होगा।

मतदान के ठीक बाद मतदान केंद्र स्तर पर मतगणना प्रारंभ हो जाएगी लेकिन पंच, सरपंच और जनपद सदस्य के परिणाम की घोषणा 14 जुलाई को होगी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 39 जिलों के 92 विकासखंडों की छह हजार 607 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। अधिकांश मतदान दल देर शाम तक मतदान केंद्रों पर पहुंच गए।

तीसरे चरण में जिला पंचायत सदस्य के 243, जनपद पंचायत सदस्य के एक हजार 955, सरपंच के छह हजार 607 और पंच के एक लाख पांच हजार 293 पद हैं। इनमें से एक जिला पंचायत सदस्य, 39 जनपद पंचायत सदस्य, 174 सरपंच और 68 हजार 216 पंच निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। 25 सरपंच और 14 हजार 699 पंच पद के लिए कोई नामांकन पत्र प्राप्त नहीं हुआ।

यहां राज्य निर्वाचन आयोग नियमानुसार छह माह के भीतर चुनाव कराएगा। मतदान के लिए एक लाख तीन हजार 110 मतदानकर्मी तैनात किए गए हैं। मतदान केंद्र स्तर पर मतगणना मतदान के ठीक बाद प्रारंभ होगी, जबकि विकासखंड मुख्यालय पर मतगणना 11 जुलाई को होगी। 14 जुलाई को तीनों चरणों के पंच, सरपंच और जनपद सदस्य के निर्वाचन परिणाम की घोषणा की जाएगी। जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन परिणाम की घोषणा 15 जुलाई को होगी।

जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रहेगा मतपत्र

प्रदेश में इस बार जिला और जनपद पंचायत सदस्य का चुनाव भी मतपत्र से कराया जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी और जनपद पंचायत सदस्य के लिए पीले रंग का मतपत्र रहेगा। सरपंच पद के लिए नीले और पंच पद के लिए सफेद रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है।

पीएम मोदी ने 1774 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी दौरे के आखिरी चरण में डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में 1774 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान पीएम ने स्टेडियम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 में काशी में बाहर से आने वाले लोग सवाल करते थे कि यहां इतना कुछ अव्यवस्थित है, ये कैसे ठीक होगा। अब काशी ने एक तस्वीर पूरे देश को दिखाई है जिसमें विरासत भी है और विकास भी है। काशी हमेशा से जीवंत, निरंतर प्रवाहमान रही है।

पीएम के संबोधन की अहम बातें

    • काशी के जागरूक नागरिकों ने जिस तरह देश को दिशा देने वाला काम किया है, उसे देखकर मैं आनंदित हूं। काशी के नागरिकों ने पूरे देश को संदेश दे दिया है कि शॉर्ट-कट से देश का भला नहीं हो सकता।
    • काशी की पहचान यहां की गलियां और घाटों को साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बनाना हो, या फिर गंगा जी को निर्मल बनाने का संकल्प हो, इस पर भी तेज़ गति से काम चल रहा है।
    • सावन बहुत दूर नहीं है। देश और दुनिया से बाबा भक्त भारी संख्या में काशी आने वाले हैं। विश्वनाथ धाम परियोजना पूरी होने के बाद ये पहला सावन उत्सव होगा। विश्वनाथ धाम को लेकर पूरी दुनिया में कितना उत्साह है ये आपने बीते महीनों में खुद अनुभव किया है।
    • आज जिस स्टेडियम (डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम) पर हम जनसभा कर रहे हैं वो बहुत ही जल्द विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होने वाला है। 6 दशक पहले बने इस स्टेडियम में 21वीं सदी की सुविधाएं तैयार की जाएगी।
    • हमारे लिए विकास का अर्थ सिर्फ चमक-धमक नहीं है। हमारे लिए विकास का अर्थ है गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, आदिवासी, माताएं-बहनें, सबका सशक्तिकरण।
    • हमारी सरकार ने हमेशा गरीब की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है, उसके सुख-दुख में साथ देने का प्रयास किया है। कोरोना की मुफ्त वैक्सीन से लेकर गरीबों को मुफ्त राशन की व्यवस्था तक, सरकार ने आपकी सेवा का कोई अवसर छोड़ा नहीं है।
    • एक तरफ हम देश के शहरों को धुआं मुक्त करने के लिए CNG से चलने वाली गाड़ियों के लिए सुविधाओ का विस्तार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हम गंगा जी का ध्यान रखने वाले हमारे नाविकों की डीजल और पेट्रोल से चलने वाली नावों को CNG से जोड़ने का भी विकल्प दे रहे हैं।

नगर सरकार चुनने के लिए 61 प्रतिशत मतदाताओं ने किया मतदान

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मध्य प्रदेश में पहले चरण का नगरीय निकाय चुनाव शांतिपूर्ण रहा। नगर सरकार चुनने के लिए 61 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। इसमें 59.10 प्रतिशत महिला, 63.20 प्रतिशत पुरुष और अन्य वर्ग में 34.60 प्रतिशत शामिल हैं। 44 जिलों में सर्वाधिक 88.40 प्रतिशत मतदान आगर-मालवा जिले में हुआ है। जबकि, ग्वालियर और भोपाल 49 प्रतिशत मतदान रहा।

मतदान के दौरान इंदौर, ग्वालियर, सीहोर सहित अन्य जगहों पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झगड़े की छुटपुट घटनाएं हुईं लेकिन इससे मतदान प्रभावित नहीं हुआ। माकपोल और मतदान के बीच इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (123 कंट्रोल यूनिट और 237 बैलेट यूनिट) में तकनीकी खराबी सामने आने पर उन्हें बदलकर मतदान कराया गया। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि मतदान प्रतिशत में अभी और वृद्धि संभावित है।

11 नगर निगम, 36 नगर पालिका और 86 नगर परिषद के लिए सुबह सात बजे से 13 हजार 148 मतदान केंद्रों पर मतदान प्रारंभ हुआ। धीमी श्ाुरुआत के बाद मतदान ने गति पकड़ी और शाम पांच बजे तक 61 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। कुछ मतदान केंद्रों पर पांच बजे के बाद भी मतदाताओं की लाइन लगी रही। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले में सुबह नौ तक मतदान सवा आठ से लेकर 11 प्रतिशत तक हुआ था। इसके बाद गति बढ़ी। पांच बजे के बाद भोपाल के कुछ मतदान केंद्रों पर मतदान होता रहा।

इंदौर में अधिक ईवीएम हुई खराब

माकपोल और मतदान के दौरान इंदौर में सर्वाधिक इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (कंट्रोल यूनिट सीयू और बैलेट यूनिट बीयू) खराब हुईं। यहां 22 सीयू और 65 बीयू को बदलना पड़ा। जबकि, ग्वालियर में 11 सीयू और 24 बीयू और जबलपुर में 18 सीयू और 16 बीयू खराब हुईं। भोपाल में 14 सीयू और 26 बीयू मशीनों को बदलना पड़ा। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि माकपोल के दौरान कुल 62 सीयू और 123 बीयू को बदला गया। जबकि, मतदान के बीच में 61 सीयू और 114 बीयू को बदला गया। मतदान में किसी प्रकार की व्यवधान न हो, इसके लिए प्रत्येक वार्ड में ईवीएम आरक्षित करके रखी गईं थीं।

भाजपा ने ग्वालियर में मतदान की अवधि बढ़ाने की उठाई मांग

उधर, प्रदेश भाजपा के महामंत्री भगवानदास सबनानी ने राज्य निर्वाचन आयोग में ज्ञापन देकर ग्वालियर में एक घंटा मतदान अवधि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में वर्षा के कारण कई मतदान केंद्रों पर एक से डेढ़ घंटे तक मतदाता नहीं पहुंच पाए। इसी तरह कुछ अन्य जिलों के मतदान केंद्रों पर भी मतदान प्रभावित हुआ। इसे देखते हुए ग्वालियर सहित जिन मतदान केंद्रों पर वर्षा के कारण मतदान प्रभावित हुआ है, वहां मतदान की अवधि में एक घंटे की वृद्धि की जाए। हालांकि, इस पर आयोग ने किसी निर्णय नहीं लिया।

पीटी उषा, इलैयाराजा समेत 4 दिग्गज राज्यसभा के लिए मनोनीत

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देश की महान एथलीट पीटी उषा को राज्यसभा के लिए नामित किया गया। पीटी के साथ फिल्म कंपोजन और संगीतकार इलैयाराजा, वीरेंद्र हेगड़े और वी. विजयेंद्र प्रसाद को राज्यसभा भेजा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। पीएम मोदी ने कहा कि पीटी उषा को खेलों में उनकी उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। पिछले कई सालों में नए एथलीटों का मार्गदर्शन करने के लिए उनका काम उतना ही सराहनीय है। उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर शुभकामनाएं।

संगीतकार इलैयाराजा के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उनकी रचनाएं भावनाओं को खूबसूरती से दर्शाती है। वह विनम्र पृष्ठभूमि से उठे और बहुत कुछ हासिल किया। खुशी है कि उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया।

वीरेंद्र हेगड़े को राज्यसभा भेजा जा रहा है। उनके बारे में जानकारी देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया, ‘वह उत्कृष्ट सामुदायिक सेवा में सबसे आगे हैं। मुझे धर्मस्थल मंदिर में प्रार्थना करने, स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे महान कार्यों को देखने का अवसर मिला है। वह संसदीय कार्यवाही को निश्चित समृद्धि करेंगे।’

इसके अलावा वी. विजयेंद्र प्रसाद को राज्यसभा भेजा जा रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि वह दशकों से रचनात्मक दुनिया से जुड़े हुए हैं। उनकी रचनाएं भारत की गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करती है। वह विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं।