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मध्‍य प्रदेश ने चार लाख टन मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदने की केंद्र सरकार से मांगी अनुमति

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मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 16 लाख टन से अधिक होने की संभावना है। उत्पादन अधिक होने के कारण मूंग का प्रचलित बाजार भाव न्यूनतम समर्थन से कम हो गया है। उत्पादन में वृद्धि और किसानों के हित को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल से कृषि भवन, नई दिल्ली स्थित कार्यालय में मुलाकात कर मूल्य स्थिरीकरण मद से चार लाख टन मूंग के उपार्जन की अनुमति मांगी। वहीं, उर्पाजन के लंबित लगभग छह हजार करोड़ रुपये का भुगतान करने की मांग भी की।

मध्य प्रदेश में इस बार 12 लाख हेक्टेयर में ग्रीष्मकालीन मूंग की बोवनी की गई थी। कृषि विभाग को अनुमान है कि 16 लाख टन से ज्यादा उत्पादन हुआ है। उत्पादन अधिक होने के कारण समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल सात हजार 275 रुपये से कम बाजार भाव है। इसे देखते हुए किसान हित में 16 लाख टन उतपादन का 25 प्रतिशत यानी चार लाख टन मूंग मूल्य स्थिरीकरण मद से करने की अनुमति दी जाए। अभी केंद्र सरकार ने दो लाख 25 हजार टन मूंग खरीदने की अनुमति प्रदेश को दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से विगत वर्षों से लंबित लगभग छह हजार करोड़ रुपये की राशि भी शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया। इस पर उन्होंने हरसंीाव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उधर, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की और बताया कि मध्यप्रदेश पहला ऐसा राज्य है, जिसने सार्वजनिक परिसंपत्तियों के प्रबंधन के लिए पब्लिक एसेट मैनेजमेंट कंपनी बनाई है। इसके लिए केंद्र शासन ने एक हजार 55 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि भी जारी की है। उन्होंने बताया कि यदि परिसंपत्ति का प्रबंधन शासकीय विभाग करता है तो उसे पूंजी लाभ कर नहीं लगता है। राज्य शासन की नीति में सार्वजनिक परिसंपत्तियों के प्रबंधन के लिए बनाई गई कंपनियों को भी पूंजी लाभ कर की छूट दी जाए।

ईपीएफओ ​​ने अप्रैल में जोड़े 17.08 लाख नए सदस्‍य

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ईपीएफओ का दायरा बढ़ता जा रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि नौकरियों की भी संख्‍या बढ़ी है एवं वेतनभोगी वर्ग में भी इज़ाफा हुआ है जिनका कि पीएफ अंशदान कटता है। हाल ही में केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ईपीएफओ का अस्थायी पेरोल डेटा जारी किया है। ईपीएफओ ने अप्रैल, 2022 के महीने में 17.08 लाख शुद्ध ग्राहक जोड़े हैं। पेरोल डेटा की साल-दर-साल तुलना अप्रैल, 2021 में शुद्ध सदस्यता की तुलना में अप्रैल, 2022 में 4.32 लाख शुद्ध ग्राहकों की वृद्धि दर्शाती है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली राज्यों में शामिल प्रतिष्ठान महीने के दौरान लगभग 11.60 लाख शुद्ध ग्राहकों को जोड़कर अग्रणी बने हुए हैं, जो कुल शुद्ध का 67.91% है। यह पेरोल डेटा इंटरिम है क्‍योंकि डेटा निर्माण एक रेग्‍युलर प्रक्रिया है, क्योंकि कर्मचारी रिकॉर्ड की एक अपडेटेड प्रोसेस है। पिछला डेटा इसलिए हर महीने अपडेट किया जाता है। अप्रैल-2018 के महीने से, ईपीएफओ सितंबर, 2017 की अवधि को कवर करते हुए पेरोल डेटा जारी कर रहा है।

9.23 लाख नए सदस्य पहली बार ईपीएफ सामाजिक सुरक्षा कवर के तहत

महीने के दौरान जोड़े गए कुल 17.08 लाख ग्राहकों में से, लगभग 9.23 लाख नए सदस्य पहली बार ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 के सामाजिक सुरक्षा कवर के तहत आए हैं। लगभग 7.85 लाख सदस्‍य ईपीएफओ के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठानों के भीतर अपनी नौकरी बदलकर ईपीएफओ के तहत शामिल प्रतिष्ठानों से बाहर निकले और फिर से जुड़ गए। उन्‍होंने अपने पीएफ निकासी की बजाय योजना के तहत सदस्यता बनाए रखने का विकल्प चुना।

पेरोल डेटा की आयु-वार तुलना

पेरोल डेटा की आयु-वार तुलना इंगित करती है कि 22-25 वर्ष के आयु-समूह ने अप्रैल, 2022 के दौरान 4.30 लाख अतिरिक्त के साथ सबसे अधिक शुद्ध नामांकन दर्ज किया है। इसके बाद 29-35 वर्ष के आयु-समूह के साथ एक माह के दौरान 3.74 लाख शुद्ध जोड़ियां स्वस्थ रूप से जोड़ी गईं। इन दो आयु समूहों में महीने के दौरान लगभग 47.07% शुद्ध ग्राहक जोड़े गए। 29-35 वर्ष के आयु समूह को अनुभवी कर्मचारी माना जा सकता है जिन्होंने करियर ग्रोथ के लिए नौकरी बदली है और ईपीएफओ के साथ रहने का विकल्प चुना है।

यशवंत सिन्हा होंगे विपक्ष के उम्मीदवार, अटल जी की सरकार में रह चुके हैं मंत्री

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राष्ट्रपति चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रही है, वैसे भी राष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों के नाम पर भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी बनाने का ऐलान किया गया है। मंगलवार को दिल्ली में NCP प्रमुख शरद पवार के आवास पर हुई विपक्षी दलों की बैठक में यशवंत सिन्हा के नाम को मंजूरी दी गई। TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने यशवंत सिन्हा के नाम का प्रस्ताव रखा था।

अटलजी की सरकार में मंत्री रह चुके हैं यशवंत सिन्हा

यशवंत सिन्हा ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली NDA सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री और विदेश मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद भाजपा में उनकी पटरी नहीं जमी और समय-समय पर पार्टी हाईकमान पर ही निशाना साधते रहे। ऐसे में भाजपा में यशवंत सिन्हा पूरी तरह से साइड लाइन हो गए थे। साल 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने से पहले यशवंत सिन्हा ने 2018 में भाजपा छोड़ दी थी। यशवंत सिन्हा को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक टीएमसी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

राष्ट्रपति चुनाव प्रत्याशी को लेकर ये बोले यशवंत सिन्हा

यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया कि TMC में मुझे जो सम्मान दिया, उसके लिए मैं ममता जी का आभारी हूं। अब समय आ गया है जब एक बड़े राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए मुझे पार्टी के बाहर अधिक से अधिक विपक्षी एकता के लिए काम करना चाहिए।

विपक्ष में इन नामों पर भी हुई थी चर्चा

इससे पहले दिल्ली में शरद पवार के आवास पर हुई बैठक से पहले एक तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए संभावित विपक्षी उम्मीदवार के रूप में यशवंत सिन्हा के नाम का प्रस्ताव करने के लिए कुछ दलों सामने आए थे। आपको बता दें कि 15 जून को तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली में विपक्ष की बैठक बुलाई थी, जिसमें विपक्षी उम्मीदवार के तौर पर सर्वसम्मति से शरद पवार का नाम प्रस्तावित किया गया था, लेकिन शरद पवार ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा ममता बनर्जी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी के नामों को को भी प्रस्तावित किया था, लेकिन दोनों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

बीजेपी ने द्रौपदी मुर्मू को बनाया राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

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झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार होंगी। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यह ऐलान किया है। उड़ीसी की रहनेवाली द्रौपदी मुर्मू झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं, जो झारखंड की पहली महिला राज्यपाल रही। पिछले बार भी इनका नाम राष्ट्रपति के लिए चला था। अंत में रामनाथ गोविंद का फ़ाइनल हुआ। बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने उनके नाम का ऐलान किया।

इसी सिलसिले में देर शाम बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक हुई। इस बैठक में पीएम मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बीजेपी की इस हाई लेवल मीटिंग में राष्ट्रपति पद के लिए कई उम्मीदवारों के नाम पर मंथन किया गया। बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह ने पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा के साथ उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वेंकैया नायडू को राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाया जा सकता है। लेकिन बाद में बीजेपी ने तमाम कयासों को दरकिनार करते हुए द्रौपदी मुर्मू के नाम पर मुहर लगा दी।

Disha Patani ने फिर बढ़ाया सोशल मीडिया का पारा

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फिल्म अभिनेत्री दिशा पटानी की सोशल मीडिया पर बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है। दिशा पटानी जब भी कोई फोटो या वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर करती है तो उनके फैन्स के रिएक्शन की बाढ़ सी आ जाती है। उनकी हॉट फोटो के साथ साथ जिम में पसीना बहाते हुए पोस्ट काफी पसंद किए जाते हैं। अब हाल ही में दिशा पटानी ने एक बार फिर कुछ हॉट फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं, जो यूजर्स का पसीना निकाल रही है। कट आउट ड्रेस में दिशा की लेटेस्ट तस्वीरों ने तहलका मचा दिया है।

दिशा व्हाइट शीर बॉडीकॉन ड्रेस में लग रही हॉट
Disha Patani ने जो तस्वीरें शेयर की हैं, उन्होंने व्हाइट शीर बॉडीकॉन ड्रेस पहनी हुई है। फैंस ही नहीं बॉलीवुड सेलेब्स भी उनकी तारीफ कर रहे हैं। आपको बता दें कि इससे पहले भी Disha Patani कई ग्लैमरस फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर कर सभी को अपनी बोल्डनेस से हैरान कर चुकी है।
अपना टोंड फिगर दिखाने में नहीं कतराती दिशा पटानी
फिटनेस एडिक्ट Disha Patani अपने टोंड फिगर को दिखाने से कभी भी हिचकिचाती नहीं है। 19 जून को Disha ने सफेद कट-आउट बॉडी-हगिंग सिल्हूट में अपनी एक हॉट फोटो साझा की। इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर में दिशा साफ दिख रही है तो दूसरी फोटो में धुंधली दिखाई दे रही है। दूसरी तस्वीर में दिशा पटानी को सेक्सी पोज देते हुए अपनी टोन्ड बॉडी फ्लॉन्ट करते हुए देखा जा सकता है।
फिलहाल इन प्रोजेक्ट पर काम कर रही Disha Patani
दिशा पटानी के वर्कफ्रंट की बात की जाए तो वह जल्द ही जॉन अब्राहम, अर्जुन कपूर, आदित्य रॉय कपूर और तारा सुतारिया के साथ ‘एक विलेन 2’ में नजर आएंगी। साथ ही सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​​​के साथ ‘योद्धा’ में दिखाई देगी। इसके अलावा दिशा पटानी जल्द ही प्रभास, अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण के साथ भी नजर आने वाली है। दिशा पटानी की एकता कपूर की फिल्म ‘कतीना’ भी पाइपलाइन में है।

सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में 2 शूटर्स समेत 3 गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने पुलिस ने 2 शूटरों समेत उनके मॉड्यूल हेड को भी गिरफ्तार किया है। इनके पास से बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक इनके पास से 8 ग्रेनेड, 3 पिस्तौल और लगभग 50 गोलियां मिली हैं। दिल्ली स्पेशल सेल के CP एच.जी.एस. धालीवाल ने बताया कि 6 शूटरों की पहचान की गई है। इसमें 2 मोड्यूल शामिल थे, जिनका सीधा संपर्क गोल्डी बराड़ से है। मनप्रीत मन्नू ने सिद्धू मूसेवाला पर पहले गोली चलाई और बाद में 6 लोगों ने इन पर गोली चलाई। स्पेशल सेल की टीम ने इनको 19 जून को गिरफ़्तार किया।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जानकारी दी कि 6 हमलावरों ने सिद्धू मूसेवाला पर गोलियां चलाई थीं। पुलिस को संदेह है कि बदमाशों ने एके सीरीज की असॉल्ट राइफल और पिस्टल से गोलीबारी की थी। पुलिस ने कहा है कि स्पेशल सेल लगातार केस पर काम कर रही है। शूटर मनप्रीत मनु ने मूसेवाला पर गोलियां चलाई थीं और सभी 6 शूटर्स ने कई राउंड गोलीबारी की थी। बोलेरो कार को शूटर कशिश चला रहा था। उसके साथ इसमें अंकित, सिरसा और प्रियव्रत बैठे थे। वहीं कोरोला कार में मनप्रीत, जगदीप, रूपा और केशव थे। जगरूप रूपा कोरोला कार को चला रहा था।

मूसेवाला हत्याकांड के बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में कबूल किया था कि मूसेवाला को उसके गैंग ने ही मरवाया है। हालांकि, इसमें उसका कोई हाथ नहीं है। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई इन दिनों पंजाब पुलिस की गिरफ्त में है। पंजाब पुलिस 14 जून को लॉरेंस को गिरफ्तार कर एक दिन की ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब ले गई थी। वहीं गोल्डी बराड़ कनाडा में बैठा है। इंटरपोल की ओर से गोल्डी बराड़ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।

मंगलवार को पीएम मोदी से मिलेंगे तीनों सेना के प्रमुख

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देश में चल रहे तमाम विरोध-प्रदर्शन के बीच मंगलवार को तीनों सेना के प्रमुख पीएम नरेन्द्र मोदी से मिलेंगे और उन्हें अग्निपथ योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगे। इस बैठक में सेना की नई भर्ती योजना के बारे में विस्तार से चर्चा होगी। आपको बता दें कि 14 जून को इस योजना के ऐलान के बाद से ही देशभर में इसका विरोध हो रहा है। वैसे, सोमवार को पीएम ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि कई फैसले शुरू में अनुचित लग सकते हैं, लेकिन बाद में वे राष्ट्र निर्माण में मदद करते हैं। वैसे उन्होंने सीधे तौर पर इस योजना का नाम नहीं लिया, पर ये जरुर कहा कि यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि यहां कई अच्छी योजनाएं राजनीति के रंग में फंस जाती हैं।

अग्निवीरों के लिए कई विकल्पों का ऐलान

    • गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत नौकरियां आरक्षित करने की भी घोषणा की है।
    • सीएपीएफ और असम राइफल्स में अग्निवीरों को आयु में तीन वर्ष की छूट दी गई है।
    • इस कदम से अर्धसैनिक बलों में दमकलकर्मियों को नौकरी देने की राह भी आसान हो जाएगी।
    • भारतीय नौसेना, अग्निशामकों के लिए मर्चेंट नेवी में रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। इसके लिए जहाजरानी मंत्रालय की ओर से छह सर्विस रूट को भी शामिल किया गया है।
    • कई राज्य सरकारों ने कहा है कि वो अपने राज्य में होने वाले पुलिस भर्तियों में भी अग्निवीरों को वरीयता देंगी।
    • 4 जून को तीनों सेनाओं के प्रमुखों की उपस्थिति में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निपथ योजना का ऐलान किया था। इस योजना के तहत चुने गए युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा और ये भर्ती चार साल के लिए होगी। कुल उम्मीदवारों में से केवल 25 फीसदी की नियुक्ति चार साल बाद स्थायी तौर पर की जाएगी। युवाओं में इसी शॉर्ट टर्म को लेकर गुस्सा है।

मध्‍य प्रदेश में चुनाव के बाद होगी भर्ती, सामान्य प्रशासन विभाग ने खाली पदों की मांगी जानकारी

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मध्य प्रदेश में विभाग और जिला स्तर पर रिक्त पदों की पूर्ति के लिए नगरीय निकाय चुनाव के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने तैयारी प्रारंभ कर दी है। सभी विभागों को रिक्त पदों की वर्गवार जानकारी 15 दिन में देने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, यह भी निर्णय लिया गया है कि दिव्यांगजनों को सीधी भर्ती के प्रथम श्रेणी के पदों पर छह प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

प्रदेश के विभिन्न् विभाग में लगभग एक लाख पद रिक्त हैं। इन्हें भरने की कार्ययोजना बनाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग सभी विभागों को निर्देश दे चुका है। गृह विभाग, स्कूल शिक्षा, कृषि सहित कुछ अन्य विभागों द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से चयन प्रक्रिया भी कराई है।

कुछ विभागों द्वारा अभी तक सामान्य प्रशासन विभाग को रिक्त पदों की जानकारी नहीं भेजी है। इन सभी को पत्र लिखकर 15 दिन में वर्गवार (अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित) रिक्त पदों की जानकारी देने के लिए कहा है। इसके आधार पर भर्ती की कार्ययोजना तैयार होगी। उधर, विभाग ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत अब प्रदेश के सीधी भर्ती के प्रथम श्रेणी के पदों पर दिव्यांगजनों को छह प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। अभी यह व्यवस्था द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए थी।

25 जुलाई से प्रारंभ होगा मध्‍य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र

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मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 25 जुलाई से प्रारंभ होगा। यह पांच दिन चलेगा। इसमें सरकार वित्तीय वर्ष 2022-23 का प्रथम अनुपूरक अनुमान (बजट) प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश नगर पालिक विधि संशोधन और भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

प्रदेश में त्रिस्तरीय (ग्राम, जनपद और जिला) पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव की प्रक्रिया 18 जुलाई को पूरी हो जाएगी। इसके एक सप्ताह बाद विधानसभा का मानसून सत्र प्रारंभ होगा।

इसकी अधिसूचना दो-तीन दिन में जारी हो जाएगी ताकि विधायकों को प्रश्न, ध्यानाकर्षण, याचिका और शून्यकाल की सूचना देने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। सत्र के दौरान वित्त विभाग वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए प्रथम अनुपूरक अनुमान प्रस्तुत करेगा। इसके पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना है।

इसमें प्रमुख रूप से अधोसंरचना विकास के कार्यों के लिए प्रविधान किया जाएगा। साथ ही महापौर का चुनाव सीधे जनता के माध्यम से कराने के लिए मध्य प्रदेश नगर पालिक विधि अधिनियम में अध्यादेश के माध्यम से किए गए संशोधन के स्थान पर संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, मध्य प्रदेश राजस्व मंडल में खंडपीठ गठित करने की व्यवस्था के लिए भू-राजस्व संहिता में अध्यादेश के माध्यम से किए गए संशोधन के स्थान पर विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा।

वापस नहीं होगी ‘अग्निपथ योजना’, भविष्य में भी इसी योजना के तहत होंगी सैनिकों की सभी भर्तियां: रक्षा मंत्रालय

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सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना को लेकर आज भी देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। वहीं कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस योजना का विरोध किया है। लेकिन सरकार इसे वापस लेने के मूड में बिल्कुल नहीं है। तीनों सेनाओं की तरफ से अग्निपथ योजना को लेकर आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बात साफ कर दी गई कि इस योजना को वापस नहीं लिया जाएगा। सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी (Lt General Anil Puri) ने बताया कि इस योजना के बारे में 1989 से चर्चा चल रही थी और काफी सोच-विचार के बाद इसे लागू किया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह एक प्रगतिशील कदम है और भारतीय सशस्त्र बलों की इस योजना की सख्त जरूरत है, इसलिए इसको वापस लेने का सवाल नहीं खड़ा होता।

इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में थल सेना की ओर लेफ्टिनेंट जनरल बंसी पोनप्‍पा, नौसेना की तरफ से वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और एयरफोर्स की ओर से एयर मार्शल सूरज झा शामिल हुए। इनके अलावा तीनों सेना के एचआर हेड भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह सुधार लंबे समय से लंबित था। हम इस सुधार के साथ देश की तीनों सेनाओं में युवावस्था और अनुभव का अच्छा मिश्रण लाना चाहते हैं।उन्होंने तोड़फोड़ करनेवालों को भी ऐसा नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि हमारे साथ जो अग्निवीर में जुड़ना चाहता है वो लिखित में प्रतिज्ञा लेगा कि उसने किसी प्रदर्शन या तोड़फोड़ में हिस्सा नहीं लिया। फौज में पुलिस वेरिफिकेशन के बिना कोई नहीं आ सकता। इसलिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अनुरोध है कि अपना समय खराब न करें।

उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि पहले इस योजना के बारे में विस्तार से जान लें। उन्होंने कहा जो इसकी डीटेल्स जानना चाहते हैं वो आर्मी के भर्ती केन्द्रों में जाएं। आर्मी के 84 भर्ती केंद्र हैं, हमारी यूनिट के 350 केंद्र हैं। वहां युवाओं को जाकर कहना है कि हमें ‘अग्निपथ’ के बारे में बताएं। आप वीडियो देखें आपको पता चलेगा कि कश्मीर में युवाओं को कैंप में ट्रेनिंग तक दी जाती है। लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने कहा कि अगले 4-5 वर्षों में, हम 50-60,000 तक भर्तियां करेंगे और बाद में यह बढ़कर 1,25,000 तक हो जाएगा। भविष्य में तीनों सेनाओं में अफसर रैंक के नीचे की सभी भर्तियां ‘​अग्निपथ योजना’ के जरिए ही होंगी।