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उर्फी जावेद ईद पर बोल्डनेस बिखरने को लेकर फिर हुई ट्रोल

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उर्फी जावेद के फैशन सेंस का सुर्खियों में रहना अब आम बात है। अपने हॉट अंदाज के लिए जानी जाने वाली उर्फी बिग बाॅस ओटीटी के बाद से लाइमलाइट में आईं थीं। कभी लोग उनके ड्रेसिंग सेंस की तारीफ करते हैं तो कभी वे उनके फैशन के लिए ट्रोल हो जाती हैं। हाल ही में कॉफी विद करण शो में रणवीर सिंह ने उर्फी को फैशन आइकन का टाइटल दिया था। जिसके बाद उर्फी ने इस पर अपना रिएक्शन भी दिया था। लेकिन अब एक बार फिर अपने कपड़ों पर एक्सपेरिमेंट को लेकर उर्फी ट्रोल हो गई हैं। उर्फी के ईद के ड्रेस को लेकर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। इस लुक में उर्फी ने हद से ज्यादा कट ब्लाउज पहना था। उर्फी का यह अवतार बेहद ही रिवीलिंग नजर आ रहा था।

र्फी ने ईद पर पहने ऐसे कपड़े

उर्फी ईद के जश्न में साड़ी पहने नजर आई थीं। इस दौरान उन्होंने पीले रंग की साड़ी पहनी थी। इस साड़ी को उनके दोस्त ने ही हैंड प्रिंट किया था। इसके साथ उर्फी ने नीले रंग का रिवीलिंग ब्लाउज पहना था। साड़ी के साथ इस ब्लाउज का कॉम्बिनेशन तो बहुत अच्छा था। लेकिन इसके बावजूद भी वे अपनी बोल्डनेस को लेकर ट्रोल हो गईं। उन्होंने बहुत ही कम कपड़े वाला ब्लाउज पहन रखा था। जिसकी वजह से ट्रोलर्स ने उन्हें ट्रोल कर दिया।

उर्फी को भारी पड़ी अपनी बोल्डनेस

उर्फी ने अपने इस लुक में लाइट मेकअप किया था। साथ ही बालों को बांध रखा था। ईद लुक पर उर्फी के इस रिवीलिंग अंदाज ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। लोग उनके इस लुक को लेकर काफी कुछ बोल रहे हैं। साथ ही उनके क्लीवेज को लेकर उन्हें स्लट शेम भी कर रहे हैं। ईद पर उर्फी की ये बोल्ड तस्वीरें उन्हीं के लिए भारी पड़ गईं। एक ट्रोलर ने उर्फी को ट्रोल करते हुए कहा कि ‘ईद और ऐसे कपड़े’। लेकिन इस बार भी ट्रोलर्स की बातों से उर्फी को कोई फर्क नहीं पड़ता।

ED ने सोनिया गांधी को 21 जुलाई को पेश होने के लिए भेजा समन

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नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया गांधी को प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने 21 जुलाई को पेश होने के लिए नया समन जारी किया है। सोनिया ने और समय मांगा था। 75 वर्षीय सोनिया गांधी के अनुसार गत 2 जून को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उन्हें जून के मध्य में अस्पताल से रिहा कर दिया गया था और एजेंसी के सामने पेश होने के लिए और समय मांगा था। इसी मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने गांधी के बेटे राहुल गांधी से पांच दिनों में 10-12 घंटे तक कई पूछताछ की थी। वित्तीय अपराधों की जांच करने वाली एजेंसी नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार की भूमिका की जांच कर रही है। इसमें यंग इंडियन का एजेएल (एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) का अधिग्रहण शामिल है, जो कंपनी नेशनल हेराल्ड अखबार चलाती है, जो एक कांग्रेस का मुखपत्र है। इससे पहले एजेंसी ने जांच के तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन बंसल से पूछताछ की थी।

भारत की 94 साल की भगवानी देवी ने 100 मीटर स्पर्धा में जीता गोल्‍ड मेडल

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भारत की 94 वर्षीय धाविका भगवानी देवी ने यहां हुए विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप के 100 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 24.74 सेकेंड के साथ पहला स्थान हासिल किया। भगवानी देवी ने इसके साथ ही गोला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, “भारत की 94 वर्षीय भगवानी देवी ने साबित किया है कि उम्र कोई बाधा नहीं है। उन्होंने तांपेरे में हुए विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप के 100 मीटर स्पर्धा में 24.74 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण जीता। उन्होंने गोला फेंक में कांस्य अपने नाम किया। वाकई शानदार प्रदर्शन।” विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन 29 जून से 10 जुलाई तक हुआ था। यह 35 या इससे अधिक आयु वर्ग के पुरुष और महिला एथलीटों के लिए एथलेटिक्स ट्रैक और फील्ड खेल का विश्व चैंपियनशिप कैलिबर इवेंट है।

अर्जुन बबूता ने 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता

युवा भारतीय निशानेबाज अर्जुन बबूता ने सोमवार को यहा आइएसएसएफ विश्व कप की पुरुष 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। स्वर्ण पदक के मुकाबले में अर्जुन ने टोक्यो ओलिंपिक के रजत पदक विजेता लुकास कोजेंस्की को 17-9 से हराया।

पंजाब के 23 साल के अर्जुन 2016 से भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले वह रैंकिंग मुकाबले में 661.1 अंक के साथ शीर्ष पर रहते हुए स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह बनाने में सफल रहे थे। यह अर्जुन का सीनियर टीम के साथ पहला स्वर्ण पदक है।

मध्‍य प्रदेश में भारी वर्षा, नर्मदा और बेतवा नदी उफान पर

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प्रदेश में भारी वर्षा के कारण नर्मदा, बेतवा सहित अन्य नदियां उफान पर हैं। सरकार ने नदी के किनारे रहने वालों को चेतावनी जारी की है। विदिशा में बीती रात साढ़े तीन घंटे में आठ इंच वर्षा हुई और कई स्थानों पर पानी भर गया। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत और बचाव के कार्य चल रहे हैं। गृह और राजस्व विभाग ने सभी कलेक्टरों को स्थिति पर नजर रखने और आपदा प्रबंधन टीम को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। उधर, गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने स्टेट कमांड सेंटर का अवलोकन कर आपदा प्रबंधन के कार्यों की समीक्षा की।

प्रदेश में बीते दो दिन से हो रही वर्षा के कारण नर्मदा, बेतवा सहित अन्य नदियां उफान पर हैं। विदिशा, हरदा, भोपाल, बैतूल सहित अन्य जिलों में निचले इलाकों में पानी भर गया। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कहीं भी अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है लेकिन सभी अधिकारियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही ऐसे लोग, जो नदी के किनारे रह रहे हैं, उन्हें चेतावनी दी गई है कि पानी बढ़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। वहीं, जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को जलाशयों की स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा है। किसी भी जलाशय के गेट खोलने के पहले आवश्यक सूचना देने की जो प्रक्रिया है, उसका अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।

उधर, गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा, अपर मुख्य सचिव गृह डा.राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की। डा.मिश्रा ने बताया कि 1070 और 1079 टोल फ्री नंबर जारी कर दिए हैं, जिस पर आपदा से संबंधित सूचना दी जा सकती है। 96 क्विक रिस्पांस टीम काम कर रही हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए 19 टीम आरक्षित रखी गई हैं। सभी 52 जिला मुख्यालयों पर इमरजेंसी आपरेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं।

दूसरे चरण का नगरीय निकाय चुनाव प्रचार थमा

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मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार सोमवार को शाम पांच बजे थम गया। बुधवार को सुबह सात से शाम पांच बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके लिए छह हजार 280 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 49 लाख नौ हजार 280 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि निकाय चुनाव के अंतिम चरण में 43 जिलों के पांच नगर निगम (कटनी, रतलाम, देवास, रीवा और मुरैना) के महापौर, पार्षद के साथ 40 नगर पालिका और 169 नगर परिषद के पार्षद पद के लिए मतदान होगा। यह इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से कराया जाएगा। इसके लिए 12 हजार 72 ईवीएम की व्यवस्था की गई है। नगर निगम और नगर पालिका में प्रत्येक वार्ड के लिए दो-दो और नगर परिषद के प्रत्येक वार्ड के लिए एक ईवीएम आरक्षित रखी गई है।

महापौर या पार्षद पद के लिए नोटा सहित 15 से कम प्रत्याशी होने पर एक और अधिक होने पर दो बैलेट यूनिट का उपयोग होगा। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा। वर्षा के कारण मतदान प्रभावित न हो, इसके लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के बैठने के लिए अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

मतदाता पर्ची के वितरण पर जोर

नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं को मतदाता पर्ची नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई थीं। भाजपा और कांग्रेस ने कम मतदान का कारण मतदाता पर्ची नहीं बंटने और मतदाताओं को सूचित किए बिना मतदान केंद्र परिवर्तित करने को बताया है। इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कलेक्टरों से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी मतदाताओं को मतदाता पर्ची का वितरण मतदान से पूर्व हो जाए।

भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने लगाया जोर

दूसरे चरण के चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने प्रचार में काफी जोर लगाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को रीवा और कटनी में महापौर और पार्षद प्रत्याशियों के पक्ष में रोड शो व जनसभा की। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने रतलाम में प्रबुद्धजनों से संवाद, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और रोड शो किया।

जोकोविच का दबदबा कायम, सातवीं बार विम्बलडन चैंपियन बने

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सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने सातवीं बार विम्बलडन ओपन अपने नाम कर लिया है। उन्होंने रविवार (10 जुलाई) को पुरुष एकल के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस को चार सेटों तक चले मुकाबले में हरा दिया। जोकोविच ने यह मैच 4-6, 6-3,6-4, 7-6 (7-3) से अपने नाम कर लिया। उन्होंने अपने करियर का 21वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में जोकोविच दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

ओपन एरा (1968 के बाद) में सबसे ज्यादा विम्बलडन जीतने के मामले में जोकोविच दूसरे स्थान पर पहुंच गए। उनसे आगे स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर हैं। फेडरर आठ विम्बलडन जीत चुके हैं। उन्होंने पिछली बार 2017 में इस खिताब को अपने नाम किया था। जोकोविच ने सातवीं बार चैंपियन बनकर अमेरिका के पीट सेम्प्रास की बराबरी कर ली। एमेच्योर एरा (1968 से पहले) ब्रिटेन के विलियम रेनशॉ ने सात खिताब जीते थे।

किर्गियोस पहली बार फाइनल में थे
दूसरी वरीय सर्बिया के नोवाक जोकाविच रिकॉर्ड 32वां ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहे थे। किर्गियोस करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में खेलने उतरे थे, लेकिन उन्हें पहली बार चैंपियन बनने के लिए इंतजार करना होगा।

नडाल के सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम
सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में स्पेन के राफेल नडाल पहले स्थान पर हैं। उन्होंने 22 खिताब जीते हैं। 35 वर्षीय नोवाक 22 खिताब के साथ दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। वहीं, रोजर फेडरर अब तीसरे स्थान पर खिसक गए। उनके नाम 20 ग्रैंड स्लैम हैं।

सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण संस्था ने जल्द सुनवाई के लिए अर्जी लगाएगी

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छह साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे मध्य प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रीष्म अवकाश समाप्त होने के बाद सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में सामान्य कामकाज शुरू हो रहा है। ऐसे में सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण संस्था (स्पीक) मामले की जल्द सुनवाई की अर्जी लगाएगी। ताकि प्रदेश के संदर्भ में जल्द फैसला आ जाए और मई 2016 में लगाई गई पदोन्नति पर रोक हट जाए।

संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट इसी महीने सुनवाई कर सकता है। ज्ञात हो कि इस अवधि में 70 हजार से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनमें से करीब 36 हजार को पदोन्नति नहीं मिली।

सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण मामले में मुद्दे तय कर दिए हैं। इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर केंद्र और राज्यों के संदर्भ में फैसला आना है। मध्य प्रदेश के प्रकरण में मई 2022 में सुनवाई तय की गई थी। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने भी अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के कर्मचारियों का डाटा प्रस्तुत कर दिया है। जिसमें सरकार ने बताया कि पदोन्नति में अनुसूचित जाति को 16 और अनुसूचित जनजाति को 20 प्रतिशत आरक्षण देना न्यायसंगत रहेगा।

इसके लिए आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्था से मध्य प्रदेश की अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों का सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक पिछड़ापन, सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व और समग्र प्रशासनिक दक्षता जैसे बिंदुओं पर सर्वे कराया गया है। इसके बाद कोर्ट में ग्रीष्म अवकाश घोषित होने के कारण सुनवाई नहीं हुई।

छह साल से लगी है पदोन्नति पर रोक

मध्य प्रदेश में पिछले छह साल से पदोन्नति पर रोक लगी है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को ‘मप्र लोक सेवा (पदोन्न्ति) नियम 2002″ खारिज किया है। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मई 2016 में यथास्थिति (स्टेटस-को) रखने के निर्देश दिए हैं। तब से प्रदेश में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति पर रोक लगी है।

सांसदों-विधायकों से मुलाकात करने राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू 15 को भोपाल आऐंगी

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भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू 15 जुलाई को भोपाल आएंगी। वे यहां मुख्यमंत्री आवास पर होने पर होने वाली बैठक में भाजपा के सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के मुलाकात करेंगी। वहीं, मतदान से एक दिन पहले 17 जुलाई को भाजपा विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है। इसमें 18 जुलाई को मतदान से संबंधित प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा।

वरिष्ठ भाजपा विधायक और प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसौदिया ने बताया कि बैठक सुबह दस बजे प्रस्तावित है। इसमें राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू का सांसदों और विधायकों से परिचय कराया जाएगा। वे सभी से संवाद भी करेंगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारी अपनी बात रखेंगे। वहीं, 18 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए एक दिन पहले 17 जुलाई को सभी विधायक भोपाल पहुंचेंगे।

शाम को विधायक दल की बैठक होगी। सूत्रों का कहना है कि इसमें सभी को मतदान की प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा ताकि किसी प्रकार की कोई त्रुटि न हो। विधायक भोपाल और सांसद दिल्ली में मतदान करेंगे। प्रदेश में 230 विधायक हैं। इनमें 127 भाजपा, 96 कांग्रेस, दो बसपा, एक सपा और चार निर्दलीय हैं। जबकि, लोकसभा के 29 और राज्य सभा के 11 सदस्य हैं।

14 जुलाई को यशवंत सिन्हा करेंगे कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक

उधर, राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा 14 जुलाई को कांग्रेस के विधायकों और सांसदों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में होगी। इसके लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा.गोविंद सिंह सभी विधायकों को पत्र लिखकर अनिवार्य रूप से रहने के लिए कह चुके हैं। इसमें छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ, राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा और राजमणि पटेल भी उपस्थित रहेंगे।

मतदान के लिए तैयारी पूरी

उधर, विधानसभा सचिवालय ने मतदान के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं। सभी विधायक भोपाल के विधानसभा भवन स्थित मतदान केंद्र पर मतदान करेंगे। 13 जुलाई को मतपेटी दिल्ली से भोपाल लाई जाएगी, जिसे पुलिस अभिरक्षा में विमानतल से विधानसभा भवन स्थित स्ट्रांग रूम में लाकर रखा जाएगा। 18 जुलाई को मतदान के बाद सहायक रिटर्निंग आफिसर विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह शाम को इसे विमान से दिल्ली ले जाएंगे।

नगरीय निकाय चुनाव का दूसरे चरण के सोमवार को थमेगा प्रचार

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मध्य प्रदेश में दूसरे चरण के नगरीय निकाय चुनाव का आज सोमवार को प्रचार थम जाएगा। बुधवार को सुबह सात से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। इसमें पांच नगर निगम, 40 नगर पालिका और 169 नगर परिषद के लिए छह हजार 829 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की है।

आयोग के अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में 38 जिलों के नगरीय निकायों के लिए चुनाव कराया जा रहा है। इसमें पांच नगर निगम के महापौर, पार्षद और 209 नगर पालिका व नगर परिषद के पार्षद पद का चुनाव होगा। मतदान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होगा। प्रत्येक वार्ड में अतिरिक्त ईवीएम की व्यवस्था की गई है ताकि माकपोल या मतदान के दौरान मशीन खराब होने पर तत्काल बदला जा सके।

कलेक्टरों को दी मतदान पर्ची वितरण की जिम्मेदारी

पहले चरण के नगरीय निकाय चुनाव में 60 प्रतिशत मतदान हुआ था। कम मतदान को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह से मुलाकात करके मतदान पर्ची का वितरण न होने, मतदान केंद्र के निर्धारण में मतदाता सूची का ध्यान न रखने की शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए आयोग ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान से पहले सभी मतदाताओं को मतदाता पर्ची मिलना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है।

20 जुलाई को होगी मतगणना

दूसरे चरण के मतदान की मतगणना अब 20 जुलाई को होगी। पहले यह 18 जुलाई को होनी थी लेकिन राष्ट्रपति पद के चुनाव को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा के अनुरोध पर आयोग ने इसे दो दिन आगे बढ़ा दिया है। दरअसल, दोनों ही दलों ने मांग की थी कि राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में भाग लेने के लिए सभी विधायक भोपाल में रहेंगे, इसलिए मतगणना की तारीख एक-दो दिन आगे बढ़ाई जाए।

गोवा में कांग्रेस में फूट पड़ी

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महाराष्ट्र की तरह गोवा में भी बागी विधायकों के पार्टी बदलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक गोवा कांग्रेस के 7 से 10 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और कभी भी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर सकते हैं। विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले बुलाई गई कांग्रेस पार्टी की मीटिंग से कई विधायक नदारद थे। सूत्रों के मुताबिक रविवार को गोवा कांग्रेस के तीन विधायक, विधानसभा सत्र से एक दिन पहले पार्टी की बैठक में शामिल नहीं हुए। इस बात की चर्चा जोरों पर है कि बैठक से नदारद रहे सभी विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। वैसे, गोवा कांग्रेस ने ऐसी किसी संभावना को खारिज करते हुए इसे अफवाह बताया है। वहीं कॉन्ग्रेस में फूट कूी खबरों के बीत गोवा विधानसभा के स्पीकर ने डिप्टी स्पीकर को चुने जाने का नोटिफिकेशन रद्द कर दिया है।

जिन विधायकों ने बागी तेवर अपनाए हैं, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत, मौजूदा विपक्ष के नेता माइकल लोबो, उनकी पत्नी देलिला लोबो, केदार नाइक और राजेश फलदेसाई शामिल हैं। शनिवार को कांग्रेस विधायकों की बैठक में दिगंबर कामत शामिल नहीं हुए थे। ये कांग्रेस की ओर से साल 2022 में गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री उम्मीदवार थे। बताया जा रहा है कि नेता विपक्ष नहीं बनाये जाने को लेकर नाराज हैं। इसी तरह बीजेपी से कांग्रेस में आये माइकल लोबो के बारे में भी कहा जा रहा है कि वो लगातार बीजेपी के संपर्क में हैं। वैसे लोबो ने इन अटकलों को अफवाह बताते हुए कहा कि यह जो बैठक अब की गई है, एक सप्ताह पहले ही की जानी थी, लेकिन कुछ विधायक समय पर गोवा नहीं पहुंच पाए।

क्या है दलीय स्थिति?

मौजूदा समय में गोवा की 40 सीटों वाली विधानसभा में सत्ताधारी एनडीए के 25 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 11 विधायक हैं। अगर कांग्रेस के 7 से 10 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी, तो उनके हाथ से नेता विपक्ष का पद भी चला जाएगा। आपको बता दें कि गोवा विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रत्याशियों ने राहुल गांधी के सामने एक एफिडेविट पर साइन किया था, जिसमें उन्होंने इस बात पर सहमति जताई थी कि वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा उन्होंने मंदिर, होली क्रॉस श्राइन और मस्जिद में भी इसी तरह की शपथ ली थी।