Home Blog Page 42

36वें राष्ट्रीय खेलों का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

0

धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे बड़े स्टेडियम, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 36वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन किया। इस मौके पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “विश्व का सबसे बड़ा स्टेडियम, विश्व का इतना युवा देश, और देश का सबसे बड़ा खेल उत्सव! जब आयोजन इतना अद्भुत और अद्वितीय हो, तो उसकी ऊर्जा ऐसी ही असाधारण होगी।” गुजरात में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हो रहा है। इस मौके पर केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे। आपको बता दें कि 29 सितंबर से 12 अक्टूबर 2022 तक नेशनल गेम्स आयोजित किया जाएगा। देश भर के लगभग 15,000 खिलाड़ी, कोच और अधिकारी 36 खेलों में भाग लेंगे, और यह अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय खेल आयोजन होगा।
विश्व का सबसे बड़ा स्टेडियम, विश्व का इतना युवा देश, और देश का सबसे बड़ा खेल उत्सव, जब आयोजन इतना अद्भुत और अद्वितीय हो, तो उसकी ऊर्जा ऐसी ही असाधारण होगी।
ये गुजरात का सामर्थ्य है, यहां के लोगों का सामर्थ्य है। कल अहमदाबाद में जिस तरह का शानदार, भव्य ड्रोन शो हुआ, वो देखकर तो हर कोई अचंभित है, गर्व से भरा हुआ है। टेक्नोलॉजी का ऐसा सधा हुआ इस्तेमाल, ड्रोन की तरह ही गुजरात को, भारत को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
इस समय नवरात्रि का पावन अवसर भी चल रहा है। गुजरात में मां दुर्गा की उपासना से लेकर गरबा तक, यहां की अपनी अलग ही पहचान है। जो खिलाड़ी दूसरे राज्यों से आए हैं, उनसे कहूंगा कि खेल के साथ ही यहां नवरात्रि आयोजन का भी आनंद जरूर लीजिये।
खेल के मैदान में खिलाड़ियों की जीत और उनका दमदार प्रदर्शन, अन्य क्षेत्रों में देश की जीत का भी रास्ता बनाता है। स्पोर्ट्स की सॉफ्ट पावर, देश की पहचान और देश की छवि को कई गुना ज्यादा बेहतर बना देती है।
मैं स्पोर्ट्स के साथियों को अक्सर कहता हूँ- Success starts with action! यानी, आपने जिस क्षण शुरुआत कर दी, उसी क्षण सफलता की शुरुआत भी हो गई। आज हमारे युवा हर खेल में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और अपने ही रिकॉर्ड ब्रेक भी करते जा रहे हैं।
आज फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे प्रयास एक जन-आंदोलन बन गए हैं। इसीलिए, आज खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा संसाधन भी दिए जा रहे हैं और ज्यादा से ज्यादा अवसर भी मिल रहे हैं। पिछले 8 वर्षों में देश का खेल बजट करीब 70 प्रतिशत बढ़ा है।
हमने युवाओं में उनके सपनों का भरोसा जगाया। देश अब केवल योजनाएं ही नहीं बनाता, बल्कि अपने युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ता है।
हमने स्पोर्ट्स स्पिरिट के साथ स्पोर्ट्स के लिए काम किया। TOPS जैसी योजनाओं के जरिए वर्षों तक मिशन मोड में तैयारी की। आज बड़े-बड़े खिलाड़ियों की सफलता से लेकर नए खिलाड़ियों के भविष्य निर्माण तक, TOPS एक बड़ी भूमिका निभा रहा है।
पहले भारत के खिलाड़ी 20-25 खेलों को खेलने ही जाते थे। अब भारत के खिलाड़ी करीब 40 अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेने जाते हैं। 8 साल पहले तक भारत के खिलाड़ी, सौ से भी कम इंटरनेशनल इवेंट्स में हिस्सा लेते थे। अब भारत के खिलाड़ी 300 से भी ज्यादा इंटरनेशनल इवेंट्स में शामिल होते हैं।
36वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन
आखिरी बार राष्ट्रीय खेल 2015 में, केरल में आयोजित हुए थे। सात साल बाद आयोजित हो रहे ये खेल 12 अक्तूबर तक गुजरात के छह शहरों में आयोजित किए जा रहे हैं। इस आयोजन में देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 15 हजार खिलाड़ी, प्रशिक्षक और ऑफिशियल्स हिस्सा लेंगे। गुजरात में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया जा रहा है। दरअसल ये खेल गोवा में होने थे और लगातार टलते जा रहे थे, लेकिन गुजरात सरकार ने सिर्फ तीन माह के अंदर इन खेलों के आयोजन की हामी भर ली। ये खेल अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, राजकोट, भावनगर और वडोदरा में आयोजित होंगे।

टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह, चोट की वजह से टीम में नहीं हो पाएंगे शामिल

0

टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोटिल होने की वजह से वर्ल्ड कप से बाहर हो गए हैं। बीसीसीआई सूत्रों की हवाले से खबर मिल रही है कि उनके बैक में स्ट्रेस फ्रैक्चर है और इस वजह से अगले महीने होनेवाले टूर्नामेंट में उनका खेलना संभव नहीं है। जसप्रीत बुमराह ने हाल ही में चोट के बाद वापसी की थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैच भी खेले, लेकिन उसके बाद हुए मैचों में नही खेले। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी वो पहले टी-20 मैच में नहीं खेल पाए थे।
बुमराह ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पहला टी20 नहीं खेले थे, लेकिन बारिश के कारण आठ-ओवर प्रति पारी में खेली गई नागपुर टी20 में वह जुलाई के बाद पहली बार भारत के लिए खेलते दिखे। उन्हों दो ओवर में 23 रन दिए, लेकिन कप्तान ऐरन फ़िंच को एक यादगार यॉर्कर डालकर अपना शिकार बनाया। हैदराबाद में खेले गए आख़िरी मैच में उन्होंने अपने स्पेल में कोई विकेट नहीं लिया और 50 रन दिए।
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ मार्क वॉ ने आईसीसी के वेबसाइट पर आनेवाले विश्व कप के अपने पांच संभावित सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में बुमराह का नाम लिया है। वॉ ने कहा कि मुझे लगता है वह हर प्रारूप में एक ज़बरदस्त गेंदबाज़ हैं। टी20 क्रिकेट में उनकी विकेट लेने की क्षमता उन्हें ख़ासा असरदार बनाती है। वह डेथ ओवरों और नई गेंद दोनों के साथ अच्छा काम कर सकते हैं।

सीबीआइ करेगी मध्य प्रदेश में 35 नर्सिंग कालेजों की संबद्धता व मान्यता की जांच

0

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने 35 नर्सिंग कालेजों की संबद्धता व मान्यता की जांच सीबीआइ को सौंप दी है। कोर्ट ने कहा कि नर्सिंग कालेजों की संबद्धता व मान्यता में गड़बड़ी एक बड़ा घोटाला है। प्रथम दृष्टया मान्यता और संबद्धता देने में कमियां मिली हैं, इसलिए भारतीय नर्सिंग परिषद, मध्य प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल व मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर की भूमिका की जांच की जाए।
कोर्ट ने सीबीआइ निदेशक को आदेश दिया है कि जांच के लिए अधिकारी नियुक्त करे। सीबीआइ को जांच के लिए सुविधाएं मध्य प्रदेश शासन उपलब्ध कराएगा। जांच 35 कालेजों की होगी। सीबीआइ को तीन महीने में जांच खत्म कर जनवरी में रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
भोपाल के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर जिन 35 कालेजों का रिकार्ड जब्त करके लाए थे, वह हाई कोर्ट के प्रिसिंपल रजिस्ट्रार की निगरानी में रखा जाएगा और जांच अधिकारी नियुक्त होने के बाद यह उसे सौंप दिया जाएगा। पांच जनवरी, 2023 को याचिकाओं की फिर से सुनवाई होगी। याचिकाओं की सुनवाई न्यायमूर्ति रोहित आर्या व न्यायमूर्ति एमआर फडके ने की। सुनवाई के दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग के डीएमई डा. जितेन शुक्ला, भारतीय नर्सिंग परिषद की सचिव कर्नल सरबजीत सिंह कौर, सीबीआइ के डीएसपी दीपक पुरोहित मौजूद रहे।

देश के दूसरे सीडीएस लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान बने

0

भारत सरकार ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वे सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। जनरल बिपिन रावत की मृत्यु के नौ महीने बाद सरकार ने बुधवार को लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है। आपको बता दें कि देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मौत के बाद से ही ये सैन्य पद खाली था।अनिल चौहान देश के डीजीएमएओ, सेना की पूर्वी कमान के कमांडर रह चुके हैं। इन दिनों वे नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरियट में मिलिट्री एडवाइजर के पद पर तैनात थे। जनरल चौहान उत्तराखंड से चुने गये दूसरे सीडीएस हैं।
देश के नए सीडीएस लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) मूल रूप से उत्तराखंड के पौडी जिले के रहने वाले हैं। उनकी शिक्षा-दीक्षा कोलकाता में हुई और वर्तमान में उनका परिवार भी वहीं रह रहा है। चौहान के रूप में देश को उत्तराखंड से दूसरा सीडीएस मिला है। इससे पहले सीडीएस दिवंगत बिपिन रावत भी उत्तराखंड के पौड़ी जिले निवासी थे। संयोग है कि देश के दूसरे सीडीएस भी इसी जिले से हैं।

महाकाल की नगरी में घर-घर सजेगी रंगोली – मुख्यमंत्री

0

विस्तारीकरण के बाद भव्य रूप में तैयार महाकाल परिसर के लोकार्पण पर उज्जैन नगरी के हर घर-दुकान में रंगोली सजाई जाएगी। बाहर से आने वाले अतिथियों को उत्साह के साथ शिवमय वातावरण का अनुभव होगा। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही। वे मंगलवार को अपने आवास से महाकाल परिसर के लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।
प्रत्येक उज्जैनवासी लोकार्पण के आयोजन से जुड़ने के लिए उत्सुक है। सभी को लग रहा है कि यह उनका ही काम है। इस आयोजन से उज्जैन, मालवा-निमाड़ और पूरा मध्यप्रदेश जुड़ेगा और हम तो चाहते हैं कि पूरा देश भी जुड़े, हर व्यक्ति, वर्ग, पंथ, समाज और संस्था इस आयोजन से जुड़े।

देवी चंद्रघंटा की पूजा नवरात्रि के तीसरे दिन होती है

0

शारदीय नवरात्रि के पावन त्योहार में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता के मस्तक में घंटा के आकार का अर्द्धचंद्र है। इसलिए इनका नाम चंद्रघंटा है। इनके चण्ड भयंकर घंटे की ध्वनि से सभी दुष्ट दैत्य-दानव और राक्षसों के शरीर का नाश होता है। आइए जानते है नवरात्र के तीसरे दिन का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र, ज्योतिष उपाय व अन्य खास बातें।
देवी चंद्रघंटा का स्वरूप
माता के शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। देवी के तीन नेत्र और दस हाथ हैं। इनके कर-कमल गदा, धनुष-बाण, खड्ग, त्रिशूल और अस्त्र-शस्त्र लिए, अग्नि जैसे वर्ण वाली ज्ञान से जगमगाने वाली और दीप्तिमती हैं। ये सिंह पर आरूढ़ हैं तथा युद्ध में लड़ने के लिए उन्मुख हैं। मां की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएं विनष्ट हो जाती है। देवी की कृपा से जातक पराक्रमी और निर्भयी हो जाता है।
मां चंद्रघंटा पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। फिर स्वच्छ कपड़े पहनकर पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़कें। मां चंद्रघंटा का ध्यान करें। उनके सामने दीपक प्रज्वलित करें। अब देवी को चावल, सिंदूर, फूल आदि चीजें अर्पित करें। इसके बाद मां चंद्रघंटा को फल और केसर-दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाएं। फिर आरती करें और माता से किसी भी गलती के लिए क्षमा याचना करें।

इस साल का दादासाहब फाल्के पुरस्कार आशा पारेख को दिया जाएगा

0

गुजरे जमाने की अभिनेत्री आशा पारेख को इस साल का प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया जाएगा। भारतीय सिनेमा में शानदार योगदान के लिए आशा पारेख को भारत का सर्वोच्च फिल्म सम्मान दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को यह ऐलान किया। 30 सितंबर को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा। Asha Parekh ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत फिल्म आसमान (Aasmaan) से की थी। उनका सबसे सफल फिल्मों में दो बदन, उपकार और कारवां जैसी कई फिल्में हैं। आशा पारेख 1950 से 1973 तक हिंदी फिल्मों में शीर्ष अदाकारा रहीं। उन्हें 1992 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। आशा पारेख को आखिरी बार 1999 में फिल्म ‘सर आंखों पर’ में नजर आई थीं।
पिछले साल रजनीकांत को 2019 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। फिर कोरोना महामारी के कारण पुरस्कारों का ऐलान नहीं हो सका था। इस बार हालात सामान्य होने पर फिर से पुरस्कारों का ऐलान किया गया है। आशा पारेख की अन्य सफल फिल्मों में शामिल हैं – दिल देके देखो, जब प्यार किसी से होता है (1961), फिर वही दिल लाया हूं (1963), तीसरी मंजिल (1966), बहारों के सपने (1967), प्यार का मौसम। उन्होंने दारा सिंह के साथ धर्मेंद्र और लंबरदारनी के साथ कंकन दे ओहले जैसी पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया है।

सोनिया गांधी को पर्यवेक्षकों ने सौंपी रिपोर्ट

0

राजस्थान में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच प्रदेश प्रभारी अजय माकन और पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक इसमें मंत्री शांति धारीवाल के घर विधायकों की बैठक बुलाने वाले मंत्रियों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। कांग्रेस पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में अनुशासहीनता के लिए राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी समेत तीन नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। खास बात ये है कि इसमें अशोक गहलोत का नाम नहीं है। यानी अनुशासनहीनता के लिए अशोक गहलोत को दोषी नहीं माना गया है। अशोक गहलोत ने अभी तक कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन नहीं भरा है। माना जा रहा है कि सोनिया गांधी का आदेश मिलने के बाद ही अशोक गहलोत अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरेंगे।
डैमेज कंट्रोल में जुटे अशोक गहलोत
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक गलत चाल के बाद डैमेज कंट्रोल में जुट गये हैं। मंगलवार की शाम उन्होंने अपने कुछ मंत्रियों और विधायकों के साथ अनौपचारिक मीटिंग की। इससे पहले अशोक गहलोत ने फोन पर पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात की। रविवार को हुए घटनाक्रम के बाद पहली बार दोनों के बीच बातचीत हुई। माना जा रहा है कि गहलोत ने कहा है कि हमने कभी आलाकमान को चुनौती नहीं दी। जो कुछ हुआ उसमें विधायकों की अपनी मर्जी थी। अशोक गहलोत ने बातचीत तब की है, जब मुख्यमंत्री पद के दूसरे दावेदार सचिन पायलट दिल्ली पहुंचे हुए हैं और सोनिया गांधी से मुलाकात करने वाले हैं। ऐसे में राजस्थान की लड़ाई का फैसला दिल्ली दरबार में होना तय है।
अशोक गहलोत की सफाई के बावजूद गतिरोध बरकरार है। जयपुर से निराश होकर लौटे पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन भी अपनी रिपोर्ट सोनिया गांधी को सौंपने जा रहे हैं। आपको बता दें कि माकन ने गहलोत गुट के रवैये को अनुशासनहीनता कह दिया था। उसके बाद से ही अशोक गहलोत अपनी सफाई देने में जुटे हैं। सोमवार को पर्यवेक्षकों के जयपुर से निकलने से पहले अशोक गहलोत ने होटल में मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत की थी। सूत्रों का कहना है कि गहलोत ने खड़गे के सामने भी अपनी सफाई दी और कहा कि उन्होंने विधायकों को इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा था।

कमल नाथ और दिग्विजय सिंह की भूमिका कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में बढ़ी

0

भोपाल । राजस्थान के सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता कमल नाथ और दिग्विजय सिंह की भूमिका बढ़ गई है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कमल नाथ से राजस्थान में पार्टी की दुविधा और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत के विकल्प पर सोमवार को विचार-विमर्श किया। वहीं, भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से भी उन्होंने परामर्श किया। पार्टी नेताओं का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में प्रदेश के दोनों नेताओं की भूमिका अहम हो गई है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ गांधी परिवार के विश्वस्त लोगों में हैं। सोनिया गांधी उनसे हर छोटे-बड़े मामले में सलाह लेती हैं। जब पार्टी के ही वरिष्ठ नेताओं ने नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए थे, तब भी उन्होंने कमल नाथ को ही जी-23 के नेताओं से बात करने की जिम्मेदारी दी थी। इसमें वे काफी हद तक सफल भी रहे।
महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार पर आए संकट के समय भी उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार से लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से चर्चा की थी। कमल नाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से समन्वय का काम भी देखा था। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर भी चर्चा हुई थी पर उन्होंने यह कहते हुए इन्कार कर दिया था कि वे मध्य प्रदेश नहीं छोड़ेंगे।
कमल नाथ के नजदीकी लोगों का कहना है कि राजस्थान के घटनाक्रम के बाद अशोक गहलोत को अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना नहीं है। नई परिस्थिति में एक बार फिर उनसे अध्यक्ष बनने को लेकर बात की गई पर उन्होंने फिर यही कहा कि सोनिया गांधी जो भी जिम्मेदारी देंगी, उसे वे निभाएंगे पर मध्य प्रदेश नहीं छोड़ेंगे।
दरअसल, वे मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। यदि राज्य में पार्टी नेतृत्व बदलता है तो इसका असर चुनाव की संभावनाओं पर पड़ेगा। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व भी दबाव नहीं बना रहा है पर उनसे अध्यक्ष चुनाव को लेकर सभी पक्षों से संवाद करने के लिए कहा गया है।

टीम इंडिया ने AUS को सीरीज हराकर पाकिस्तान का बड़ा रिकॉर्ड कर दिया ध्वस्त

0

टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को तीसरे और फाइनल टी-20 मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से जीत ली। ताजा जानकारी यह है कि सीरीज में हार तो ऑस्ट्रेलिया को झेलना पड़ी, लेकिन असली चोट पाकिस्तान को पहुंची है। दरअसल, टीम इंडिया ने एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल टी20 मैच जीतने के पाकिस्तान के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। हैदराबाद में खेले गए इस मैच में टीम इंडिंया ने साल 2022 की 21वीं जीत दर्ज की। इससे पहले पाकिस्तान ने साल 2021 में इंटरनेशनल टी-20 में 20 मैच जीते थे।
साल 2022 में टी-20 में टीम इंडिया का प्रदर्शन
टी-20 मैचों के लिहाज से भारतीय टीम के लिए साल 2022 शानदार रहा है। साल की शुरुआत में फरवरी में वेस्टइंडीज को टी20 सीरीज में 3-0 से हराया था। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज में 3-0 से जीत दर्ज की। जून में फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज खेली जो 2-2 से बराबर रही, क्योंकि फाइनल मैच बारिश के कारण नहीं हो सका था। टीम इंडिया ने जुलाई में इंग्लैंड का दौरा किया जहां 2-1 से टी-20 सीरीज जीती। इसके बाद आयरलैंड को 2-0 से हराया। जुलाई-अगस्त में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज का दौरा किया जहां पांच टी-20 मैचों की सीरीज 4-1 से जीती। हालांकि इसके बाद टीम इंडिया एशिया कप जीतने में नाकाम रही।
अगले महीने ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप खेला जाना है। टीम इंडिया ने अपनी तैयारियों को पुख्ता करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज रखी थी। टी-20 वर्ल्ड कप से पहले अब टीम इंडिया का सामना दक्षिण अफ्रीका से है। 28 सितंबर से शुरू हो रही इस सीरीज में 3 वनडे और तीन टी-20 खेले जाएंगे। इसके बाद टीम इंडिया वर्ल्ड कप के लिए रवाना हो जाएगी।