Home Blog

कनाडा की तर्ज पर कानूनी शरण के रास्ते खोलेगा UK

0

कनाडा की तर्ज पर कानूनी शरण के रास्ते खोलेगा UK
यूनाइटेड किंगडम सरकार अगले हफ्ते इमिग्रेशन और असाइलम बिल लाने वाली है। इससे शरणार्थियों के लिए कनाडा की तर्ज पर नए कानूनी रास्ते खुलेंगे, साथ ही मानवाधिकार और आधुनिक गुलामी के दावों से जुड़े नियमों को सख्त किया जाएगा।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा कि इन सुधारों का मकसद असली शरणार्थियों की सुरक्षा करना और ब्रिटेन की असाइलम व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल करना है।

प्रस्तावित ढांचे के तहत, कम्युनिटी ग्रुप, चैरिटी, चर्च और चुनिंदा यूनिवर्सिटीज को यूनाइटेड किंगडम में सुरक्षा चाहने वाले शरणार्थियों को स्पॉन्सर करने की इजाजत दी जाएगी। यह मॉडल कनाडा के कम्युनिटी स्पॉन्सरशिप प्रोग्राम पर आधारित है, जिसने 1979 से अब तक लगभग 4,00,000 शरणार्थियों को फिर से बसाने में मदद की है।

होम ऑफिस ने कहा कि कनाडाई सिस्टम के तहत स्पॉन्सर किए गए शरणार्थियों में बेहतर एकीकरण के नतीजे दिखे हैं। पारंपरिक सरकारी योजनाओं के ज़रिए आने वालों की तुलना में, इनमें से ज्यादा लोगों को एक साल के भीतर नौकरी मिल गई। अगले साल एक और रास्ता शुरू होने की उम्मीद है, जिससे नियोक्ता शरणार्थियों को स्पॉन्सर कर सकेंगे।

यूनिवर्सिटीज और कंपनियों की होगी बड़ी भूमिका
यूनिवर्सिटी-स्पॉन्सर्ड रिफ्यूजी रूट के लिए आवेदन इस साल के आखिर में शुरू होने की उम्मीद है, और पहले शरणार्थियों के 2027 से आने की संभावना है। नियोक्ताओं को भी एक खास वर्क पाथवे के जरिए शरणार्थियों को स्पॉन्सर करने का विकल्प दिया जाएगा।

हालांकि, मंत्रियों ने उन शरणार्थियों की संख्या का खुलासा नहीं किया है जिन्हें मंज़ूरी दी जाएगी, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि शुरुआत में आने वालों की संख्या सीमित होगी और इसे मौजूदा यूनाइटेड किंगडम रीसेटलमेंट स्कीम से कहीं ज्यादा बढ़ाने से पहले सीमित स्तर पर शुरू किया जाएगा।

असाइलम अपीलों और आधुनिक गुलामी के दावों पर सख्ती
नए कानूनी रास्तों के साथ-साथ, सरकार असाइलम और डिपोर्टेशन की अपीलों पर सख्त पाबंदियां लगाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित कानून मानवाधिकारों पर यूरोपीय कन्वेंशन के अनुच्छेद 8 के तहत परिवार की परिभाषा को सीमित करेगा, जिससे इसमें मुख्य रूप से करीबी रिश्तेदार ही शामिल होंगे।

बिल में आधुनिक गुलामी से सुरक्षा के इस्तेमाल को भी सख्त करने की कोशिश की जाएगी। अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए विदेशी नागरिक और जाली दस्तावेज़ जमा करने वाले लोग उन सुरक्षा उपायों के लिए अपनी पात्रता खो सकते हैं जो अभी डिपोर्टेशन में देरी कराते हैं।

मंत्रियों का तर्क है कि आखिरी समय में किए जाने वाले दावों का इस्तेमाल करके लोगों को निकाले जाने से रोकने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए ये बदलाव जरूरी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वाेच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वाेच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, सु दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल की ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल में होंगे शामिल

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल की ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दो दिवसीय भ्रमण पर बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शाम 6:30 बजे सनसेट पॉइंट का अवलोकन कर ग्राम पंचायत कुकरू में आयोजित रात्रि चौपाल में शामिल होंगे और ग्रामीणों से सीधा संवाद करेगे। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुकरू रेस्ट हाउस से हेलीपैड के लिए प्रस्थान करेंगे और 12:10 बजे भोपाल के लिए रवाना होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 जून को प्रातः 6:30 बजे सनराइज एवं बुच प्वाइंट पर मेडिटेशन करेंगे। इसके बाद वे स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 7:30 बजे पौध-रोपण कार्यक्रम के बाद कॉफी प्लांटेशन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद 10 बजे मुख्यमंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और 11 बजे प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के सामूहिक श्रवण में शामिल होंगे।

अधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जिले के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरु में आयोजित कार्यक्रम की समुचित तैयारियों का शुक्रवार को कमिश्नर श्रीकांत बनोठ, आईजी मिथलेश कुमार शुक्ल, डीआईजी वीरेंद्र कुमार सिंह, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और एसपी वीरेंद्र जैन ने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, रात्रि चौपाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेडिटेशन, महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद और “मन की बात” कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय सीमा में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों ने की भेंट

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों ने की भेंट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को पूरा प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने निवास पर भेंट के लिए आये अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी एशिया कप-2026 में पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। टूर्नामेंट का आयोजन जापान के काकामिगाहारा शहर में 29 मई से 06 जून 2026 तक किया गया था। पदक विजेता पुरूष और महिला खिलाड़ियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन पर मध्यप्रदेश सरकार ने प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सिवनी और बड़वानी के खिलाड़ियों में से कुछ खिलाड़ी बहुत साधारण परिवार से हैं। अपनी प्रतिभा के दम पर इन खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण और 4 कांस्य पदक प्राप्त किए हैं। निश्चित ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले एशियाई खेलों में इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी हॉकी में कई ओलम्पियन दे चुका हैं, कुछ वर्ष इस खेल में पीछे रहा, लेकिन अब हरियाणा जैसे राज्यों के समान अग्रणी हो रहा हैं।

खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जापान में हुए टूर्नामेंट के लिए समीर दाद जैसे कोच खिलाड़ियों को दक्ष बनाने में लगे थे। अंडर-18 की श्रेणी में 6 पुरुष खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण पदक और 4 महिला खिलाड़ियों ने 4 कांस्य पदक जीते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेता खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया। इस अवसर पर आयुक्त खेल एवं युवक कल्याण संजीव कुमार सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण किया

0

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण किया
मुख्यमंत्री ने एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण समारोह में स्वास्थ्य सेवाओं में हुए बदलाव को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज नहीं दे सकीं, बल्कि ‘हर जिले में एक माफिया पालने” का काम करती थीं, जबकि उनकी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ की अवधारणा को साकार कर प्रदेश की तस्वीर बदल दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल थी। उस समय गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वयं बीमार था। उन्होंने कहा कि बीमार मेडिकल कॉलेज नहीं था, बल्कि तत्कालीन सरकारों की मानसिकता बीमार थी, जिसने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को इलाज के अभाव में मरने के लिए छोड़ दिया था। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कोई ठोस कार्य नहीं किया गया।

अब दूर शहरों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। गोरखपुर के साथ-साथ महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, अंबेडकरनगर, बलिया, गाजीपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर और चंदौली सहित सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं और वहां पढ़ाई तथा अस्पताल दोनों संचालित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीज इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई और लखनऊ की ओर पलायन करने को मजबूर थे। एम्स दिल्ली में पूर्वांचल और बिहार के मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती थीं क्योंकि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2005 में गोरखपुर में आईसीयू, डायलिसिस और प्लेटलेट्स सेपरेशन जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं।

वर्ष 2007 में गोरखनाथ चिकित्सालय में पहला 10 बेड का आईसीयू, पहली डायलिसिस मशीन और पहली ब्लड सेपरेटर यूनिट स्थापित कराई गई थी। आज गोरखपुर में दो दर्जन से अधिक अस्पताल अत्याधुनिक आईसीयू सुविधाओं से लैस हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मुफ्त इलाज नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 12 करोड़ लोगों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी हर वर्ष 1200 से 1500 करोड़ रुपये गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब मरीजों के इलाज पर खर्च किए जा रहे हैं।
मार्कण्डेय चन्द को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सराहना करते हुए कहा कि गोरखपुर के हृदयस्थल बेतियाहाता में स्थापित यह अस्पताल फोर्टिस हॉस्पिटल के सहयोग से संचालित होगा और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने अस्पताल के संस्थापक स्वर्गीय मार्कण्डेय चन्द को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया और जीवनभर गोरखपुर तथा गोरक्षपीठ के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मार्कण्डेय चन्द के पुत्र सीपी चन्द और डॉ. अरुण चन्द ने अपने पिता की स्मृति को जीवंत रखते हुए पूर्वांचल को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि एस्ट्रोमेडिक्स न केवल लोगों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराएगा बल्कि रोजगार सृजन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चढ़ावा चोरी के 8 आरोपितों को भेजा जेल, 80 लाख और 1000 डॉलर बरामद

0

चढ़ावा चोरी के 8 आरोपितों को भेजा जेल, 80 लाख और 1000 डॉलर बरामद
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और सदस्य डा. अनिल कुमार मिश्र के इस्तीफे की शुक्रवार को दिनभर चर्चाओं के बीच श्रीराम मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार आठों आरोपितों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया।

दीवानी न्यायालय के रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह ने सभी आरोपितों को 29 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार अयोध्या भेज दिया। शासन ने इस संवेदनशील मामले की विवेचना पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष त्रिपाठी को सौंपी है। अब इनको एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस की रिमांड अर्जी पर सुनवाई होगी।

आरोपितों के पास से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये नकद के अलावा एक हजार अमेरिकी डालर और विदेशी मुद्राएं भी बरामद हुई हैं। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर गुरुवार को मंदिर के सेवक, गिनती करने वाले कर्मचारी, पूर्व बैंक अधिकारी सहित आठ लोगों और अज्ञात के खिलाफ रामजन्मभूमि थाने में चढ़ावे में चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसके तुरंत बाद इन्हें रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

गोपाल राव ने इस्तीफे की खबरों का किया खंडन
इस घटनाक्रम के समानांतर चंपतराय और अनिल मिश्र के इस्तीफा देने की चर्चा दिन भर टीवी चैनलों से लेकर इंटरनेट मीडिया पर छायी रहीं। कुछ चैनलों ने एक पदाधिकारी के हवाले से भी इनके इस्तीफे की पुष्टि का दावा तक कर दिया।

हालांकि अयोध्या में मौजूद मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महांत नृत्य गोपाल दास और मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव ने इस्तीफे की खबरों का खंडन किया। चंपतराय और अनिल मिश्र की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आने के कारण अटकलों को बल मिलता रहा।

चंपतराय के एक प्रतिनिधि ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। उधर, दोपहर करीब तीन बजे सभी आरोपितों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफेद मास्क से चेहरा ढककर काले शीशे वाली स्कार्पियो से दीवानी न्यायालय लाया गया। अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा और प्रभारी संयुक्त निदेशक पीके यादव ने बताया कि आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

किसी भी स्टेज में पुलिस कर सकती है कस्टडी की रिमांड
वरिष्ठ अधिवक्ता सईद खान के अनुसार, नए बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत पुलिस विवेचना के दौरान किसी भी चरण में न्यायालय से पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है। मामले की शुरुआत पांच जून को तब हुई, जब पूर्व मंत्री व सपा नेता पवन पांडेय ने दानपात्रों से करोड़ों रुपये चोरी का आरोप लगाया।

सात जून को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को एक्स पर उठाया। इसके बाद मामला तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून को एसआइटी गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

एसआइटी की प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एफआइआर दर्ज करने की संस्तुति की गई। गुरुवार रात दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने मंदिर व्यवस्था से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट कर्मी अनुकल्प मिश्र, उसके बहनोई लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल तथा सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो का किया विमोचन

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो का किया विमोचन
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार का अपना पक्का घर होने का सपना होता है और राज्य सरकार इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल गृह निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आर्थिक चुनौतियों से उबरते हुए मंडल ने लगभग 7,388 संपत्तियों का विक्रय कर 1,532 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंडल के अध्यक्ष तथा पूरी टीम को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों और वायदों को तेजी से पूरा किया है। सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद साढ़े दस लाख से अधिक परिवार के आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 नए आवास तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराए गए हैं तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी विशेष आवास योजना संचालित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन हमारे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से 450 से अधिक शासकीय सेवाएं अब मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी प्रारंभ की गई है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 65 हजार घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के माध्यम से सरकार घर में सोलर संयंत्र लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी भी दे रही है और इन परिवारों लिए आने वाले समय में बिजली पूरी तरह मुफ्त हो जाएगी और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच पाएंगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से लंबित बिजली बिल के भुगतान का भी बड़ा अवसर दिया है और बिल पर लगने वाले सरचार्ज समेत आकर्षक छूट का प्रावधान किया है। साय ने कहा कि सरकार न केवल जनहितैषी योजनाएं लागू कर रही है बल्कि सुशासन तिहार के माध्यम से उसका फीडबैक लेने लोगों के बीच भी गई। दो महीने लगातार जनता से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार का काम किया गया है। उन्होंने इस दौरान शासन की विभिन्न नवाचारी पहल की जानकारी देते हुए सुशासन और पारदर्शी सरकार के संकल्प को दोहराया।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग में व्यापक प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। गृह निर्माण मंडल को अधोसंरचना विकास मंडल के रूप में नई पहचान देकर प्रदेश के पूंजीगत व्यय और विकास कार्यों में इसकी भूमिका का विस्तार किया गया है। मंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय करने वाले विभागों को वित्तीय और मानव संसाधन के माध्यम से सक्षम बनाने का काम किया है ताकि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि अब किसी भी नई आवासीय परियोजना का निर्माण तभी प्रारंभ होगा जब पर्याप्त बुकिंग सुनिश्चित हो जाएगी, जिससे अनावश्यक निर्माण और वित्तीय जोखिम से बचा जा सके। मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू कर वर्षों से लंबित संपत्तियों के विक्रय को गति दी तथा वित्तीय अनुशासन स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप मंडल की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब यह अधोसंरचना विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है।

मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मंडल ने नई कार्य संस्कृति अपनाई है। गृह निर्माण मंडल का विस्तार कर अधोसंरचना विकास मंडल बनाया जाना प्रदेश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने रिकॉर्ड संपत्तियों का विक्रय कर नई उपलब्धियां हासिल की हैं और भविष्य में मांग आधारित, गुणवत्तापूर्ण तथा वित्तीय रूप से व्यवहारिक परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में लकी ड्रा के नौ विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। सारंगढ़ की श्रीमती पूजा बरेठ को प्रथम पुरस्कार के रूप में कार प्रदान की गई। इसके अलावा स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित अन्य आकर्षक पुरस्कार भी वितरित किए गए।

इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ,आयुक्त अवनीश शरण, तथा विभाग एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और हितग्राही उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर की महिलाएं बनेंगी ‘ड्रोन दीदी’

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर की महिलाएं बनेंगी ‘ड्रोन दीदी’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाएं नई पहचान बना रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत जिले की चयनित महिलाएं इन दिनों रायपुर स्थित आईटीएम विश्वविद्यालय में ड्रोन संचालन एवं रिमोट पायलटिंग का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

यह प्रशिक्षण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के साथ उन्हें कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं देने के लिए दक्ष बन रही हैं।

प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन दीदियों को ड्रोन की तकनीकी संरचना, सुरक्षित उड़ान संचालन, रिमोट पायलटिंग, फसलों में उर्वरक एवं कीटनाशकों का वैज्ञानिक छिड़काव, ड्रोन के रखरखाव तथा कृषि क्षेत्र में उसके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये ड्रोन दीदियां जशपुर जिले के किसानों को ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक, कीटनाशक एवं अन्य कृषि कार्यों की सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे कृषि कार्य कम समय में, कम लागत पर और अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। साथ ही वैज्ञानिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान प्रशिक्षण के लिए रवाना हो रही ड्रोन दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इससे पूर्व 17 अप्रैल 2026 को रणजीता स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम के दौरान ड्रोन दीदी एवं उन्नत सॉयल टेस्टिंग मशीन भी प्रदान की गई थी।

उप संचालक कृषि, जशपुर के अनुसार प्रशिक्षण के बाद ड्रोन दीदियां जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसानों को तकनीक आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे खेती में समय की बचत, लागत में कमी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग का विश्वास है कि यह पहल जशपुर में तकनीक आधारित कृषि को नई गति देने के साथ महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तता और किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कनाडा के प्रतिनिधिमंडल से की सौजन्य भेंट

0

कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कनाडा के प्रतिनिधिमंडल से की सौजन्य भेंट

मध्य प्रदेश शासन के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना से आज कनाडा के उच्चायोग के सस्केचेवान इंडिया कार्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में सस्केचेवान इंडिया कार्यालय के प्रबंध निदेशक स्कॉट मैथीज तथा व्यापार आयुक्त हरीश वैद्यनाथन शामिल थे।

भेंट के दौरान मध्य प्रदेश एवं कनाडा के सस्केचेवान प्रांत के बीच कृषि, कृषि अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि निवेश तथा व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार किसानों की आय में वृद्धि, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने तथा आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान, नवाचार, उन्नत कृषि तकनीक, बीज उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से किसानों को व्यापक लाभ मिल सकता है।

कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश में कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों में उपलब्ध निवेश और सहयोग की संभावनाओं की सराहना करते हुए भविष्य में तकनीकी सहयोग, निवेश, ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान तथा व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने में रुचि व्यक्त की।

बैठक में दोनों पक्षों ने कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, अनुसंधान एवं नवाचार तथा कृषि व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में साझेदारी को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में मिलकर कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोच को साकार कर रहा टेक्सटाइल पार्क, स्थानीय रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोच को साकार कर रहा टेक्सटाइल पार्क, स्थानीय रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

मुख्यमंत्री की पहल पर नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में लग रही पहली यूनिट, 235 करोड़ का निवेश, 4600 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

81 एकड़ में विकसित हो रहा टेक्सटाइल पार्क, निवेशकों के लिए तैयार की जा रही सभी जरूरी अधोसंरचनाएं

रायपुर. 26 जून 2026. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टेक्सटाइल पार्क में निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय की गंभीर कोशिशों से नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट लगने जा रही है। 235 करोड़ रुपए के निवेश से लगने वाली इस यूनिट से 4600 से अधिक लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून को टेक्सटाइल पार्क की पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां अपनी मेन्युफेक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के टेक्सटाइल व गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर तैयार करने के विजन को साकार करने नवा रायपुर में 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र तथा सहायक उद्योगों के लिए सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इस टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूमि आबंटित की जा चुकी है। इन तीनों इकाईयों द्वारा लगभग 445 करोड़ रुपए के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा नवा रायपुर में सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।

राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में विशेष प्राथमिकता दी है। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने महिला कर्मचारियों हेतु 6 हजार रुपए तथा पुरुष कर्मचारियों हेतु 5 हजार रुपए प्रतिमाह की रोजगार सहायता पांच वर्षों तक देने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपु से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।