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‘आवारापन 2’ का दमदार टीजर रिलीज

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‘आवारापन 2’ का दमदार टीजर रिलीज
इमरान हाशमी के फिल्म आवारापन 2 का दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। जब से इस फिल्म का अनाउंसमेंट हुआ है। तब से कहानी को लेकर फैंस की उत्सुकता काफी बढ़ गई है। अब मेकर्स ने फिल्म के टीजर के साथ इस उत्सुकता को ओर भी बढ़ा दिया है।

दर्द से मेरा पुराना रिश्ता है। इसी डायलॉग के साथ इमरान ने एक बार फिर से दर्शकों का दिल जीतने की तैयारी कर ली है। अपनी लवर एरा वाली इमेज के साथ वो वापसी करने जा रहे हैं।

आवारापन 2 का शानदार टीजर
बहुत लंबे इंतजार के बाद आवारापन 2 का टीजर सामने आया है। इसमें इमरान हाशमी का वही अंदाज दिखाई दे रहा है जिसने दर्शकों के दिल में कभी प्यार की चिंगारी जलाई थी। प्यार, दर्द और एक्शन का कॉकटेल इस वीडियो में दिखाई दे रहा है। कुछ शानदार डायलॉग भी है जिसमें इमरान बोल रहे हैं कि कुछ लोगों की कहानी उनकी मर्जी से खत्म नहीं होती, उनकी कहानी दूसरे लोगों के लिए लिखी जाती है। इसके बाद वो बाइक पर एंट्री लेते हैं। इसके बाद इमरान आलिया हामिद की कब्र के पास बैठे दिखाई देते हैं। जिसका किरदार आवारापन में श्रिया शरण ने निभाया था। इससे यह जाहिर हो रहा है की कहानी जहां खत्म हुई थी फिर से वहीं से शुरू होगी।

रामगढ़ सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर है : मंत्री अग्रवाल

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आषाढ़ के प्रथम दिवस पर दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का हुआ भव्य शुभारंभ

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया उद्घाटन

रामगढ़ सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर है : मंत्री अग्रवाल

समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि

आषाढ़ मास के प्रथम दिवस पर सरगुजा अंचल की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के प्रतीक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का शुभारंभ सोमवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया। पारंपरिक गरिमा, सांस्कृतिक उल्लास और ऐतिहासिक चेतना से ओतप्रोत इस आयोजन में लोक संस्कृति, साहित्य, पुरातत्व और पर्यटन का अद्भुत समागम देखने को मिला। महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर स्कूली बच्चों एवं स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, वहीं नई दिल्ली से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर सांसद चिंतामणि महाराज, लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जिला एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

मंत्री अग्रवाल ने रामगढ़ महोत्सव के 50 वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान आगंतुकों को विश्व की प्राचीनतम रंगशाला के रूप में प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इतिहास एवं पुरातत्व विशेषज्ञ इन स्थलों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी भी प्रदान करेंगे, जिससे नई पीढ़ी अपनी ऐतिहासिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकेगी।

उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव क्षेत्रीय पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ सरगुजा की ऐतिहासिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

सांसद चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि रामगढ़ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का समय यहां व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास ने भी यहीं मेघदूतम् की रचना की थी। सीताबेंगरा, जोगीमारा, राम-जानकी मंदिर तथा हाथीपोल जैसे ऐतिहासिक स्थल विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से रामगढ़ को विश्वस्तरीय पहचान दिलाई जाएगी।

लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि रामगढ़ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक एवं साहित्यिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने इस धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रचारित एवं संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कलेक्टर अजीत वसंत ने उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि रामगढ़ महोत्सव सरगुजा की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों, लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को विशेष स्थान दिया गया है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रामगढ़ की ऐतिहासिक पहचान भविष्य में विश्वस्तर पर और अधिक सशक्त होगी तथा अधिकाधिक पर्यटक इस धरोहर से जुड़ेंगे। उन्होंने सभी आगंतुकों से महोत्सव के विभिन्न आयोजनों में सहभागिता कर सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का आनंद लेने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष राम किशुन सिंह, पूर्व सांसद कमलभान सिंह मरावी, जिला पंचायत सदस्य राधा रवि एवं रायमुनिया कुरियम, जनपद पंचायत अध्यक्ष आलोक सिंह, उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह, पार्षद आलोक दुबे, एल्डरमैन करता राम गुप्ता, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, साहित्यकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

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संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव आयोजित

मुख्यमंत्री साय ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

3 महीने बढ़ाई जाएगी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना : सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों के साथ लंबित बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे उपभोक्ता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

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संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव आयोजित

मुख्यमंत्री साय ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

3 महीने बढ़ाई जाएगी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना : सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों के साथ लंबित बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे उपभोक्ता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।

जर्मनी के स्टेड में अंधाधुंध गोलीबारी, 5 लोगों की मौत

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जर्मनी के स्टेड में अंधाधुंध गोलीबारी, 5 लोगों की मौत
जर्मनी में खुलेआम सड़क पर गोलीबारी हुई है, पुलिस ने बताया कि सोमवार को उत्तरी जर्मनी के शहर स्टेड में हुई गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई.जर्मन समाचार एजेंसी dpa ने पुलिस के हवाले से बताया कि दो संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है. कई प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कई गोली चलाने वालों की संख्या 1 से ज्यादा थी. हालांकि, पुलिस ने अब तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.

घटना के बारे में और जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी. पुलिस ने कहा कि वे शहर के केंद्र के बाहर एक इलाके में बड़ा ऑपरेशन चला रहे हैं. स्टेड की आबादी लगभग 50,000 है और यह हैम्बर्ग के पश्चिम में स्थित है.

स्थानीय मीडिया ने बताया कि यह घटना सेंट्रल स्टेड के एक यूथ सेंटर में हुई है. अभी तक पुलिस ने इस गोलीबारी की घटना के कारणों का खुलासा नहीं किया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पीलीभीत-मुरादाबाद दौरा करेंगे

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पीलीभीत-मुरादाबाद दौरा करेंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पीलीभीत और मुरादाबाद के दौरे पर रहेंगे। वे सबसे पहले पीलीभीत पहुंचेंगे, जहां 569 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। यहां वे जमीन का पट्टा वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

पीलीभीत के बाद मुख्यमंत्री मुरादाबाद पहुंचेंगे, जहां वह सर्किट हाउस में आयोजित मुरादाबाद मंडल में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा और नए कार्यों की कार्ययोजना के संबंध में बैठक करेंगे।

मुख्यमंत्री मुरादाबाद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा भी करेंगे। इसके बाद मुरादाबाद सदर, मुरादाबाद देहात व कुन्दरकी विधान सभा क्षेत्रों तथा नगर निगम मुरादाबाद एवं मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों का लोकार्पण/ शिलान्यास करेंगे।

यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यहां दानवीर भामाशाह जयंती एवं व्यापारी कल्याण दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन होगा। साथ ही मुख्यमंत्री गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री मुरादाबाद के सर्किट हाउस में ही रात्रि विश्राम करेंगे।

यूपी के हर जिले में बनेगी 10 सदस्यीय स्कूल सुरक्षा समिति – मुख्यमंत्री योगी

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यूपी के हर जिले में बनेगी 10 सदस्यीय स्कूल सुरक्षा समिति – मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ में पिछले सोमवार को कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद सभी जिलों में स्कूलों की अग्निसुरक्षा के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित होने वाली समिति में एडीएम, पुलिस आयुक्त या एसएसपी द्वारा नामित पुलिस अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, राज्य आपदा मोचन बल द्वारा नामित अधिकारी के अलावा एनसीसी द्वारा नामित अधिकारी को समिति का सदस्य बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गठित की जाने वाली समिति अपने-अपने जिलों में 200-200 स्कूलों को चिह्नित करेगी।

इनमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 100 विद्यालय, 60 निजी विद्यालय व 40 सरकारी व गैर सरकारी महाविद्यालय शामिल होंगे।
अग्निसुरक्षा को लेकर होगी जांच

चिह्नित स्कूलों में अग्निसुरक्षा के उपायों की जांच की जाएगी। विद्यार्थियों को अग्निसुरक्षा व आपदा से बचाव को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके लिए राज्य आपदा मोचन बल, पीएसी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, अग्निसुरक्षा विभाग, एनसीसी, एनएसएस, सीआइएसएफ, सिविल डिफेंस विभागों के साथ समन्वय बनाकर विद्यार्थियों को मास्टर ट्रेनर के जरिये प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

किदांबी श्रीकांत का जोरदार प्रदर्शन

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किदांबी श्रीकांत का जोरदार प्रदर्शन
दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने रविवार को यूएस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। पुरुषों के सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीकांत ने जापान के युदाई ओकिमोटो को हराया। श्रीकांत इस साल अपने पहले फाइनल में पहुंचे हैं। 33 वर्षीय खिलाड़ी ने चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ओकिमोटो को एक घंटे 12 मिनट तक चले मुकाबले में 22-20, 15-21, 21-19 से हराया।

श्रीकांत ने शुरुआती गेम में अपना धैर्य बनाए रखा
ओकिमोटो ने 11-17 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए गेम प्वाइंट हासिल किया था, जिसके बाद श्रीकांत ने शुरुआती गेम में अपना धैर्य बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ी ने प्वाइंट बचाया और अगले दो प्वाइंट जीतकर मैच में बढ़त बना ली। हालांकि, जापानी शटलर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गेम को 21-15 से अपने नाम किया।

श्रीकांत ने लगातार छह अंक जीतकर बढ़त हासिल की
तीसरे और आखिरी गेम में भी रोमांच बना रहा। श्रीकांत ने 10-5 की बढ़त बनाई, लेकिन ओकिमोटो ने स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया। इसके बाद श्रीकांत ने लगातार छह अंक जीतकर बढ़त हासिल की। हालांकि, उन्होंने लगातार पांच अंक गंवा दिए और स्कोर 18-18 हो गया। ऐसे दबाव भरे समय में श्रीकांत ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया और लगातार अंक लेकर गेम को 21-19 से अपने नाम किया। अब फाइनल में उनका सामना चीनी ताइपे के आठवीं वरीयता प्राप्त सू ली यांग से होगा।

रौनक चौहान का शानदार अभियान सेमीफाइनल में समाप्त
वहीं, भारत के 19 वर्षीय खिलाड़ी रौनक चौहान का शानदार अभियान सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। उन्हें सू ली यांग ने 21-17, 21-19 से हराया। रौनक ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने क्वालिफाइंग दौर के दोनों मुकाबले जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ी शंकर सुब्रमण्यम को हराया। इसके बाद उन्होंने दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी चाउ टिएन चेन को 21-17, 26-24 से हराकर बड़ा उलटफेर किया।

छत्तीसगढ़ हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में होगा शामिल

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छत्तीसगढ़ हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में होगा शामिल
छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर (Large Diameter) ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया। यह कदम इस क्षेत्र में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन करने और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

बैठक में निदेशक मंडल ने परियोजना की अब तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरा भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

एनसीएल के निदेशक मंडल की बैठक में अमिताभ मुखर्जी, आशीष चटर्जी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक रजत बंसल, उपेंद्र कुमार तथा विनय कुमार उपस्थित रहे।

एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत) तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी अब तक लौह अयस्क परियोजनाओं पर केंद्रित रही है, लेकिन बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि के बाद यह बहु-खनिज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

एनसीएल द्वारा स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप की पहचान की गई। इसके बाद लगभग 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जहां 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए। इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है।

बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख हीरा उत्पादक देशों के अनुभव बताते हैं कि प्रारंभिक चरण में इस प्रकार की सफलता भविष्य में बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का संकेत हो सकती है। इसलिए बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण खनिज परियोजना माना जा रहा है।

बैठक में राज्य की अन्य प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैलाडीला डिपॉजिट-4 में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। वहीं बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है।

वृश्चिक और कुंभ राशि की धन एवं वित्तीय अनुकूलता

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वृश्चिक और कुंभ राशि की धन एवं वित्तीय अनुकूलता
वृश्चिक और कुंभ राशि वालों का धन के प्रति दृष्टिकोण और वित्तीय मामलों में प्राथमिकताएँ भिन्न होती हैं, जो उनके रिश्ते में एक मज़बूत या कमज़ोर पहलू साबित हो सकता है। इसलिए, उनके व्यवहार के तरीकों में समानता और अंतर का तुलनात्मक विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है, ताकि एक स्वस्थ वित्तीय तालमेल स्थापित किया जा सके और उनकी साझेदारी सफल हो सके।

साझा लक्षण
वृश्चिक और कुंभ राशि के लोगों के वित्तीय व्यवहार में कुछ महत्वपूर्ण समानताएं हैं, साथ ही कुछ अन्य अंतर भी हैं। दोनों ही व्यक्ति व्यक्तिगत हितैषी होते हैं और अपनी रणनीतिक योजनाओं के आधार पर निवेश और बचत संबंधी निर्णय ले सकते हैं। वे धन और उसकी सुरक्षा को महत्व देते हैं, हालांकि धन के अर्थ के बारे में उनकी धारणा थोड़ी भिन्न हो सकती है। दोनों ही दीर्घकालिक योजना बनाने के लिए तत्पर रहते हैं, हालांकि इसके कारण काफी भिन्न होते हैं – वृश्चिक राशि स्थिरता और सुरक्षा के लिए, जबकि कुंभ राशि वित्तीय मामलों में अपनी इच्छानुसार कार्य करने की स्वतंत्रता के लिए।

अलग-अलग दृष्टिकोण
इन दोनों में सबसे बड़ा अंतर इनके वित्तीय प्रबंधन के तरीके में है। बजट के मामले में, वृश्चिक राशि वाले अधिक संयमित होते हैं और जोखिम लेने या साहसिक कार्यों पर पैसा खर्च करने की संभावना कम रखते हैं। वे स्थिर आय देने वाली रूढ़िवादी बचत और निवेश को प्राथमिकता दे सकते हैं। दूसरी ओर, कुंभ राशि वाले धन प्रबंधन में अधिक नवोन्मेषी होते हैं और अधिक लाभ की संभावना के लिए जोखिम भरे कार्यों में शामिल होने से भी नहीं हिचकिचाते। वे अक्सर पारंपरिक वित्तीय प्रणालियों पर उतना ध्यान केंद्रित नहीं करते और नई तकनीक या निवेश के नए साधनों के प्रति अधिक खुले होते हैं।

इसे कारगर बनाना
रिश्ते में वित्तीय पारदर्शिता बेहद ज़रूरी है। वृश्चिक राशि कुंभ राशि के लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है, क्योंकि इससे कुंभ राशि के जातकों को अपने विचारों और नए व्यावसायिक अवसरों के प्रति अधिक यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाने में मदद मिलती है, वहीं कुंभ राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए वित्तीय दृष्टि से नए रास्ते खोल सकते हैं। वृश्चिक राशि के जातकों का नकारात्मक पहलू यह है कि वे अपने कार्यों में अत्यधिक सुरक्षात्मक और रूढ़िवादी हो सकते हैं, लेकिन यह एक मजबूत वित्तीय नींव बनाने में सहायक हो सकता है। कुंभ राशि के जातक बहुत रचनात्मक होते हैं और अक्सर उनके पास चीजों के प्रति नए विचार और दृष्टिकोण होते हैं। इन दृष्टिकोणों का उचित संयोजन संभव है, जो एक तर्कसंगत और प्रभावी वित्तीय रणनीति के लिए सहायक होगा। इसलिए, दंपतियों के लिए ऐसे साझा वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है जो उनकी मान्यताओं और लक्ष्यों के अनुरूप हों।

सफलता की संभावना
वृश्चिक और कुंभ राशि के लोग भले ही काफी अलग हों, लेकिन वे ऐसे व्यवसाय में अच्छे साझेदार बन सकते हैं जहाँ उन्हें पैसा कमाना हो और एक-दूसरे का सम्मान करना हो। वृश्चिक राशि वाले व्यक्ति बारीकियों पर ध्यान देंगे और अच्छी तरह से योजना बनाएंगे ताकि कुंभ राशि वाले व्यक्ति द्वारा अपनाए जाने वाले नए अवसरों से उन्हें भरपूर धन प्राप्त हो सके। वे आत्मनिर्भरता और भविष्य की योजना बनाने की क्षमता जैसे आपसी मूल्यों का लाभ उठाकर एक आर्थिक रूप से स्थिर संबंध स्थापित कर सकते हैं, जिससे एक-दूसरे की ताकत भी बढ़ेगी। वृश्चिक और कुंभ राशि के लोग यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके आर्थिक मतभेद उनके रिश्ते के लिए खतरा न बनें, बल्कि सीखने के अवसर बनें। यदि वे दोनों एक-दूसरे को और उनके अलग-अलग दृष्टिकोणों को समझते हैं और अपने आर्थिक जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और सफलता जैसे समान वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करते हैं, तो उनका रिश्ता अच्छा हो सकता है।