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काशी में पीएम मोदी ने 150 करोड़ के अरविंद मिल्स प्लांट का किया उद्घाटन, 1000 महिलाओं को मिलेगा रोजगार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 25 अक्टूबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के मिर्जामुराद स्थित खोचवां में अरविंद लिमिटेड (अरविंद मिल्स) के करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। लगभग 7 से 8 एकड़ में फैली इस औद्योगिक इकाई से पूर्वांचल में कपड़ा और परिधान निर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस प्लांट में कुल 1,000 महिलाओं को रोजगार देने की योजना है।

300 से ज्यादा महिलाओं को मिल चुका है रोजगार
प्लांट में स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 300 से अधिक महिलाओं की भर्ती की जा चुकी है और उन्हें कामकाज का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन के बाद महिला कर्मचारियों से संवाद किया और उनके काम, प्रशिक्षण तथा कार्यस्थल पर आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान पीएम मोदी ने ‘अपना हुनर, अपनी पहचान’ की भावना पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं के कौशल और उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के साथ प्लांट में तैयार होने वाले उत्पादों की जानकारी भी ली।

जॉकी, यूएस पोलो और एरो जैसे ब्रांड्स के बनेंगे कपड़े
काशी में स्थापित इस प्लांट में स्पोर्ट्सवियर, अंडरगारमेंट और अन्य परिधानों का निर्माण किया जाएगा। यहां तैयार होने वाले उत्पाद जॉकी, यूएस पोलो और एरो जैसे प्रमुख ब्रांड्स के लिए बनाए जाएंगे। इससे पूर्वांचल में गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग और उससे जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलने की संभावना है।

अरविंद लिमिटेड का यह पूर्वांचल में पहला बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है। कंपनी धागे और कपड़े से लेकर तैयार परिधानों तक के कारोबार में सक्रिय है।

दूसरे चरण में भी बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
कंपनी की योजना प्लांट का विस्तार दो चरणों में करने की है। पहले चरण के संचालन के बाद दूसरे चरण का निर्माण शुरू किया जाएगा। इससे भविष्य में क्षेत्र में और अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस परियोजना का लाभ वाराणसी के साथ आसपास के पूर्वांचल के जिलों के लोगों को भी मिल सकता है।

महिला सशक्तीकरण और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने प्लांट में तैयार कपड़ों और खादी से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे।

काशी में इस औद्योगिक इकाई की शुरुआत को स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब प्लांट के पूर्ण संचालन और प्रस्तावित विस्तार के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने पर नजर रहेगी।

रजनीकांत ने खुद का रिकॉर्ड तोड़ा, ‘जेलर 2’ बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्म, 8 साल बाद ‘2.0’ पीछे

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साउथ सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत ने बॉक्स ऑफिस पर एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उनकी फिल्म ‘जेलर 2’ ने आठ साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए दुनिया भर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्म का खिताब अपने नाम कर लिया है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने रजनीकांत की ही ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘2.0’ को पीछे छोड़ दिया है। 26 अक्टूबर 2026 को सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने 11 दिनों में दुनियाभर में करीब 710 से 712 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।

691 करोड़ का रिकॉर्ड टूटा
साल 2018 में रिलीज हुई रजनीकांत और अक्षय कुमार की फिल्म ‘2.0’ ने दुनियाभर में लगभग 691 करोड़ रुपये की कमाई की थी। लंबे समय तक यह फिल्म सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्मों में शीर्ष पर बनी रही। अब ‘जेलर 2’ ने इस आंकड़े को पार कर नया रिकॉर्ड बना दिया है।

ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘जेलर 2’ ने 25 अक्टूबर को अपने प्रदर्शन के 11वें दिन 700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। इसके साथ ही यह दुनियाभर में 700 करोड़ रुपये से अधिक कमाई करने वाली पहली तमिल फिल्म बन गई है।

भारत में भी शानदार प्रदर्शन
फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर भी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 11 दिनों में इसका भारत में नेट कलेक्शन करीब 398.70 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन लगभग 466.85 करोड़ रुपये रहा। वहीं, विदेशी बाजारों से फिल्म ने करीब 243.50 करोड़ रुपये की कमाई की है।

रविवार को फिल्म ने भारत में लगभग 25.70 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। दूसरे वीकेंड में भी दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहने से फिल्म की कमाई में मजबूती देखने को मिली।

रजनीकांत फिर बने बॉक्स ऑफिस के बादशाह
‘जेलर 2’ की सफलता ने रजनीकांत की लोकप्रियता को एक बार फिर साबित किया है। फिल्म में वह अपने चर्चित किरदार टाइगर मुथुवेल पांडियन के रूप में नजर आ रहे हैं। फिल्म में एक्शन, कॉमेडी और बड़े सितारों की मौजूदगी दर्शकों को आकर्षित कर रही है।

फिल्म में रजनीकांत के साथ रम्या कृष्णन, योगी बाबू, मोहनलाल, शिवा राजकुमार, जैकी श्रॉफ, एस. जे. सूर्या, विद्या बालन और मिथुन चक्रवर्ती सहित कई कलाकार नजर आ रहे हैं। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने तैयार किया है।

अब आगे किस रिकॉर्ड पर होगी नजर?
‘जेलर 2’ की कमाई की रफ्तार को देखते हुए अब फिल्म के 800 करोड़ और 900 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, अंतिम कलेक्शन दर्शकों की आगे की प्रतिक्रिया और सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

फिलहाल इतना तय है कि ‘जेलर 2’ ने ‘2.0’ का आठ साल पुराना वैश्विक रिकॉर्ड तोड़कर तमिल सिनेमा के बॉक्स ऑफिस इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।

वनडे सीरीज के लिए विराट कोहली ने शुरू किया अभ्यास, पूरे जोश में दिखे ‘किंग’

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच आगामी वनडे सीरीज से पहले स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में नेट प्रैक्टिस करते हुए कोहली शानदार लय में नजर आए। उनके अभ्यास का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर फैंस के बीच उत्साह बढ़ गया है।

करीब दो घंटे तक नेट्स में बहाया पसीना
विराट कोहली ने शुक्रवार को मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (ब्रेबोर्न स्टेडियम) में लगभग दो घंटे तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों का सामना किया। कोहली को कवर ड्राइव लगाते, बैकफुट पर रक्षात्मक शॉट खेलते और स्पिनरों के खिलाफ आगे बढ़कर बल्लेबाजी करते देखा गया।

उनके फुटवर्क, टाइमिंग और शॉट चयन ने अभ्यास सत्र को खास बना दिया। भारतीय क्रिकेट फैंस अब न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मुकाबलों में कोहली के प्रदर्शन का इंतजार कर रहे हैं।

10 रुपये की चाय बेचकर हर महीने 9 लाख का कारोबार, PM मोदी और एलन मस्क से प्रेरित है दुकानदार

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चाय की एक छोटी-सी दुकान भी बड़े कारोबार का रूप ले सकती है। इसकी मिसाल इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक सफलता की कहानी है। ‘शर्मा कैफे रेस्टोरेंट’ नाम से चाय का कारोबार चलाने वाले दुकानदार का दावा है कि उनकी दुकान पर रोज करीब 3,000 कप चाय बिकते हैं। महज 10 रुपये प्रति कप की कीमत के हिसाब से उनका मासिक टर्नओवर करीब 9 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। इस कारोबारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एलन मस्क से प्रेरणा लेने की बात भी कही है।

रोज बिकते हैं करीब 3,000 कप चाय
कंटेंट क्रिएटर आयुष गोस्वामी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस दुकानदार का वीडियो साझा किया है। बातचीत में दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान करीब 55-56 साल से चल रही है। यहां रोज लगभग 3,000 कप चाय बिकने का दावा किया गया है।

यदि एक कप चाय की कीमत 10 रुपये मानी जाए, तो रोजाना की बिक्री करीब 30,000 रुपये होती है। इस हिसाब से 30 दिनों में कुल बिक्री 9 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह कारोबार का टर्नओवर है, शुद्ध मुनाफा नहीं। इसमें से दूध, चायपत्ती, चीनी, कर्मचारियों के वेतन, बिजली और अन्य खर्च निकालने होते हैं। दुकानदार के मुताबिक, उनके यहां करीब 30 से 35 लोग काम करते हैं।

PM मोदी और एलन मस्क से मिलती है प्रेरणा
जब दुकानदार से पूछा गया कि क्या युवा कम पूंजी लगाकर बड़ा कारोबार खड़ा कर सकते हैं, तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कारोबारी एलन मस्क का उदाहरण दिया। उनका मानना है कि सफलता के लिए जरूरी नहीं कि किसी के पास विरासत में मिली बड़ी संपत्ति हो। मेहनत, अनुभव और लगातार सीखने की इच्छा के दम पर भी आगे बढ़ा जा सकता है।

दुकानदार ने प्रधानमंत्री मोदी के शुरुआती संघर्ष और एलन मस्क की कारोबारी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को सफलता की सीढ़ियां नीचे से चढ़नी पड़ती हैं। उनकी यह सोच युवाओं को छोटे स्तर से शुरुआत करने के लिए प्रेरित करती है।

युवाओं को दी छोटी शुरुआत करने की सलाह
दुकानदार ने नए कारोबारियों को सलाह दी कि शुरुआत में बहुत बड़ी रकम दांव पर लगाने के बजाय छोटे निवेश से काम शुरू करना चाहिए। उन्होंने 10 हजार, 20 हजार या 50 हजार रुपये जैसे छोटे निवेश से शुरुआत करने और अनुभव के आधार पर कारोबार को आगे बढ़ाने की बात कही।

उनके अनुसार, कारोबार में नुकसान होने की आशंका रहती है, लेकिन उससे मिलने वाला अनुभव भविष्य में बेहतर फैसले लेने में मदद करता है। छोटे स्तर पर काम शुरू करके ग्राहकों की पसंद समझना और गुणवत्ता बनाए रखना कारोबार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

चाय की दुकान से मिली रोजगार की सीख
इस कहानी का एक अहम पहलू रोजगार भी है। दुकानदार के मुताबिक, उनके प्रतिष्ठान में 30-35 लोग काम करते हैं। इससे पता चलता है कि लंबे समय तक ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने वाला छोटा कारोबार भी कई लोगों की आजीविका का साधन बन सकता है।

हालांकि, 9 लाख रुपये की मासिक बिक्री का आंकड़ा दुकानदार के दावे और वायरल वीडियो पर आधारित है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी यह कहानी बताती है कि कारोबार शुरू करने के लिए केवल बड़े निवेश के बजाय मेहनत, अनुभव, गुणवत्ता और ग्राहकों की जरूरतों को समझना भी महत्वपूर्ण है।

बिलासपुर में मनियारी नदी पर बनेगा नया पुल, 15 साल पुरानी मांग पूरी; 7.67 करोड़ रुपये मंजूर

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छत्तीसगढ़ के तखतपुर-बरेला मार्ग पर मनियारी नदी में बने अंग्रेजों के जमाने के पुराने और जर्जर पुल की जगह अब नया उच्चस्तरीय पुल बनाया जाएगा। राज्य शासन ने पुल और उसके पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 67 लाख 11 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले से क्षेत्र के लोगों को बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

15 वर्षों से हो रही थी नए पुल की मांग
मनियारी नदी पर स्थित पुराने पुल की ऊंचाई कम होने के कारण बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही पानी पुल के ऊपर से बहने लगता था। ऐसी स्थिति में तखतपुर, बरेला और आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क प्रभावित हो जाता था। क्षेत्र के लोग करीब 15 वर्षों से यहां नए पुल के निर्माण की मांग कर रहे थे। इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे गए।

लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की पहल
क्षेत्रीय विधायक धर्मजीत सिंह की पहल पर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद पुल निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना के तहत मौजूदा जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्चस्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इससे बारिश के दौरान सड़क संपर्क बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विद्यार्थियों, किसानों और मरीजों को मिलेगी राहत
पुराने पुल पर पानी भरने से स्कूली बच्चों, किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कतें आती थीं। नया पुल बनने से इन समस्याओं में कमी आने और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित होने की उम्मीद है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
मनियारी नदी पर नया पुल बनने से तखतपुर-बरेला मार्ग की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन के साथ कृषि और व्यापार संबंधी गतिविधियों में भी सुविधा मिल सकती है। अब क्षेत्रवासियों की नजर निर्माण कार्य शुरू होने और निर्धारित समय-सीमा में पुल तैयार होने पर है।

सिंहस्थ-2028 से पहले 163 करोड़ रुपये से संवरेगा कालभैरव मंदिर, सबसे पहले सुधरेगा दर्शन मार्ग

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सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन के प्रसिद्ध श्री कालभैरव मंदिर का कायाकल्प करने की योजना पर काम तेज हो रहा है। मंदिर परिसर को ‘श्री कालभैरव महालोक’ के रूप में विकसित करने के लिए करीब 163 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इसके तहत पार्किंग, धर्मशाला, सुविधा केंद्र और नई अप्रोच रोड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं के दर्शन मार्ग को सुगम और सुरक्षित बनाना है।

कलेक्टर ने किया मंदिर परिसर का निरीक्षण
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान दर्शन व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। दर्शन मार्ग पर बिछे पत्थरों से श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए मार्ग पर चूरी डालने और रास्तों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही मंदिर परिसर में स्पष्ट संकेतक लगाने, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने और दर्शन के लिए बनाई गई जिगजैग व्यवस्था का लेवलिंग कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया। निर्माण के कारण रास्तों में होने वाले बदलावों की जानकारी भी संकेतकों के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाएगी।

तीन पार्किंग स्थल और धर्मशाला का होगा निर्माण
करीब 163 करोड़ रुपये की विकास योजना में तीन बड़े पार्किंग स्थल, श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला, सुविधा केंद्र और नई अप्रोच रोड प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करना और मंदिर तक पहुंचने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

अतिक्रमण हटाने और निकास मार्ग पूरा करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान मंदिर के बाहरी परिसर में सरकारी दुकानों के सामने किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया। मंदिर के पीछे निर्माणाधीन निकास मार्ग को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि दर्शन के बाद श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से बाहर निकल सकें। इसके अलावा परिसर में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को तत्काल दुरुस्त करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को कहा गया।

सिंहस्थ में बढ़ेगी व्यवस्थाओं की चुनौती
भगवान कालभैरव का मंदिर उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां भगवान को मदिरा अर्पित करने की विशिष्ट परंपरा के कारण भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पार्किंग, पेयजल, आवागमन, दर्शन और निकास व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन के लिए अहम होगा।

अब निगाह इस बात पर रहेगी कि विकास योजना के कार्य कितनी तेजी से पूरे होते हैं और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं कब तक मिल पाती हैं।

27 अक्टूबर से शुरू होगा कार्तिक मास, दीपदान से तुलसी-आंवला पूजन तक अपनाएं ये 7 नियम

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हिंदू धर्म में कार्तिक मास को पूजा-पाठ, स्नान, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। वर्ष 2026 में कार्तिक मास की शुरुआत 27 अक्टूबर से मानी जा रही है और इसका समापन 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन होगा। इस दौरान भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, तुलसी और आंवले के पूजन के साथ दीपदान की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में श्रद्धा और संयम के साथ किए गए शुभ कार्यों से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

कार्तिक मास का धार्मिक महत्व
कार्तिक मास को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना गया है। इस महीने में सुबह जल्दी उठकर स्नान करना, सूर्यदेव को अर्घ्य देना, मंत्र जाप करना और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि नियमित पूजा-पाठ और सात्विक जीवनशैली अपनाने से मन को शांति मिलती है तथा व्यक्ति में आत्मसंयम की भावना मजबूत होती है।

कार्तिक मास में अपनाएं ये 7 नियम
1. दीपदान से करें दिन का शुभ समापन
कार्तिक मास में दीपदान का विशेष महत्व है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, मंदिर में, तुलसी के पास और सुरक्षित स्थान पर शाम के समय दीपक जलाना शुभ माना जाता है। कुछ स्थानों पर नदी और तालाब के किनारे भी दीपदान किया जाता है। जलाशयों के पास दीप जलाते समय सुरक्षा और पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए।

2. तुलसी पूजन से घर में सुख-समृद्धि की कामना
कार्तिक मास में तुलसी के पौधे की पूजा करने की परंपरा है। सुबह तुलसी में जल अर्पित करें और शाम को घी या तेल का दीपक जलाकर प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी पूजन से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।

3. आंवले के वृक्ष की पूजा करें
कार्तिक महीने में आंवले के वृक्ष की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु वृक्ष में जल अर्पित कर उसकी परिक्रमा करते हैं और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता में आंवले को भगवान विष्णु से जुड़ा पवित्र वृक्ष माना जाता है।

4. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और सूर्य को अर्घ्य
इस महीने में सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने की परंपरा है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें और अपने इष्टदेव का स्मरण करें। यदि नदी या तीर्थस्थल पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही स्नान करके पूजा की जा सकती है। श्रद्धा के साथ किया गया यह अभ्यास आत्मअनुशासन और सकारात्मक दिनचर्या को बढ़ावा देता है।

5. खान-पान में रखें सात्विकता का ध्यान
कार्तिक मास में सात्विक भोजन करने और खान-पान में संयम बरतने की परंपरा है। कई धार्मिक मान्यताओं में बैंगन, करेला, उड़द और कुछ दालों के सेवन से परहेज बताया गया है। हालांकि, खान-पान के नियम अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं। बदलते मौसम में संतुलित आहार लें और किसी भी खाद्य पदार्थ को छोड़ने से पहले अपनी सेहत तथा पोषण संबंधी जरूरतों का ध्यान रखें।

6. वाणी पर संयम रखें, जप-ध्यान करें
कार्तिक मास को आत्मचिंतन और साधना का समय भी माना जाता है। इस दौरान कम बोलने, विवादों से बचने, दूसरों की निंदा न करने और नियमित मंत्र जाप करने की सलाह दी जाती है। श्रद्धालु भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप, भगवद्गीता का पाठ और ध्यान कर सकते हैं। इन अभ्यासों से मन को एकाग्र करने में मदद मिल सकती है।

7. जरूरतमंदों को दान दें
कार्तिक मास में अन्न, वस्त्र, कंबल और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों की सहायता, गौसेवा और धार्मिक स्थलों पर सेवा को भी पुण्यकारी परंपरा का हिस्सा माना गया है। दान अपनी सामर्थ्य के अनुसार करें; इसके लिए बड़ी राशि खर्च करना आवश्यक नहीं है।

महाराष्ट्र SIR में 33% मतदाताओं के नाम कटने का दावा, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को भेजा नोटिस

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महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि राज्य में ड्राफ्ट मतदाता सूची से करीब 33 प्रतिशत यानी लगभग 3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इस मामले में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।

3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का दावा
याचिकाकर्ता अरुण आनंदगिरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पी. दातार ने अदालत को बताया कि महाराष्ट्र में करीब 9 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 3 करोड़ के नाम ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद हटाए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब 1.22 करोड़ मतदाताओं के नाम तार्किक विसंगतियों (Logical Discrepancies) के आधार पर प्रभावित हुए हैं।

याचिका में मुंबई और पुणे जैसे शहरों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से गायब होने का मुद्दा भी उठाया गया। दलील दी गई कि पुनर्विकास परियोजनाओं के कारण स्थान बदलने वाले कई लोगों को भी सूची में शामिल नहीं किया गया। हालांकि, ये आंकड़े और आरोप याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में रखे गए हैं; इन पर अभी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है।

फॉर्म-6 को लेकर भी उठाए सवाल
याचिकाकर्ता ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरने को कहा जा रहा है। यह फॉर्म सामान्यतः नए मतदाता के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होता है। ऐसे में पहले मतदान कर चुके लोगों के सामने घोषणा से जुड़ी व्यावहारिक और कानूनी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

इस पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आश्वासन दिया कि फॉर्म भरने के कारण किसी को अभियोजन का सामना नहीं करना पड़ेगा। याचिकाकर्ता ने हटाए गए मतदाताओं के लिए अलग फॉर्म की व्यवस्था करने की मांग भी की।

अंतिम मतदाता सूची पर रोक लगाने से फिलहाल इनकार
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि मतदाता सूची से इतने बड़े पैमाने पर नाम हटने के कारण प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए अधिक समय की जरूरत है। उन्होंने दावों और आपत्तियों की समयसीमा बढ़ाने तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग की।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग का पक्ष सुने बिना तत्काल कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने नोटिस जारी करते हुए मामले को 5 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया है। इस प्रकार, फिलहाल मतदाता सूची की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगी है और नाम हटाए जाने से जुड़े आरोपों पर आयोग का जवाब आने के बाद आगे की सुनवाई होगी।

जामिया मामले में FIR दर्ज होने पर भड़के इमरान मसूद, कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया से जुड़े मामले में FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नाराजगी जताई है। इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। जामिया परिसर में हुए घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी चर्चा जारी है।

इमरान मसूद की प्रतिक्रिया के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। हालांकि, FIR में दर्ज आरोपों, पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और सांसद के बयान के सटीक विवरण की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से किया जाना जरूरी है।

रामलीला मैदान में रैली से पहले राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- ‘मोदी जी, CEC को हटाइए, 30 सेकंड में रुक जाएगा आंदोलन’

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दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली विपक्षी INDIA गठबंधन की महारैली से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें हटा दें, तो 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा। राहुल गांधी का यह बयान दिल्ली के व्यापारियों की ओर से रैली स्थगित करने की अपील के बाद आया है।

‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सरकार पर निशाना
राहुल गांधी लगातार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाए गए और सवाल उठाने वालों पर लाठियां चलाई गईं। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए जनता को आगे आना होगा। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं; चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का बचाव किया है।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली
कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन मार्च और महारैली का आह्वान किया है। राहुल गांधी ने छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों से इसमें शामिल होने की अपील की है। विपक्ष इस कार्यक्रम के जरिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही का मुद्दा उठाने की तैयारी में है।