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शुक्रादित्य योग से चमक सकती है किस्मत! करियर में तरक्की और अटका धन मिलने के संकेत, इन 3 राशियों को लाभ

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ज्योतिष शास्त्र में शुक्रादित्य योग को सुख-सुविधाओं, मान-सम्मान, रचनात्मकता और सफलता से जोड़कर देखा जाता है। 17 अक्टूबर से बनने वाले इस योग को लेकर ज्योतिषीय मान्यताओं में तीन राशियों के जातकों के लिए विशेष लाभ की संभावना जताई जा रही है। मान्यता है कि इस दौरान करियर में नए अवसर मिल सकते हैं, कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ सकती है और लंबे समय से अटका धन वापस मिलने की उम्मीद बन सकती है।

शुक्रादित्य योग का निर्माण तब होता है, जब सूर्य और शुक्र एक ही राशि में स्थित होते हैं। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र को सुख, वैभव, कला और भौतिक सुविधाओं से जोड़ा जाता है। इन दोनों ग्रहों की युति को कुछ राशियों के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि, इसका प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

इन 3 राशियों के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं योग
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 17 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक की अवधि को इन राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1. मेष राशि: करियर में मिल सकते हैं नए अवसर
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होने की संभावना जताई जा रही है। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत माने जा रहे हैं। यदि कोई भुगतान लंबे समय से अटका है, तो उससे जुड़ी बातचीत आगे बढ़ सकती है।
2. तुला राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत
तुला राशि में ही शुक्रादित्य योग बनने के कारण इस राशि के जातकों को विशेष रूप से अनुकूल परिणाम मिलने की ज्योतिषीय मान्यता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को नए संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुके काम पूरे होने और पुराने आर्थिक मामलों को सुलझाने में भी मदद मिल सकती है।
3. धनु राशि: कारोबार और आय में बढ़ोतरी की उम्मीद
धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि कारोबार के विस्तार और करियर में बदलाव के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को बेहतर विकल्प तलाशने का अवसर मिल सकता है। व्यापार में नई योजनाओं पर काम शुरू करने और पुराने संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। आर्थिक फैसले लेते समय सोच-विचार करना जरूरी रहेगा।

कब तक रहेगा शुक्रादित्य योग का प्रभाव?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करने से शुक्र के साथ उसकी युति बनी है। यह योग 6 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसका व्यक्तिगत प्रभाव जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग माना जाता है।

छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को बड़ी राहत, 30,870 रुपये होगा मासिक मानदेय; 7,900 जवानों को मिलेगा लाभ

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छत्तीसगढ़ में नगर सैनिकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने नगर सैनिकों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत उनका कुल मासिक मानदेय 19,500 रुपये से बढ़ाकर 30,870 रुपये करने की तैयारी है। इस प्रस्ताव से प्रदेश के करीब 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नई दरों को लागू करने के लिए शासन के अंतिम आदेश का इंतजार है।

मूल मानदेय, महंगाई भत्ता मिलाकर बनेगी नई राशि
गृह विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, नगर सैनिकों को मिलने वाली राशि में मूल मानदेय के साथ महंगाई भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता शामिल होगा। इसका गणित इस प्रकार है:

मूल मानदेय: 19,500 रुपये प्रतिमाह
महंगाई भत्ता (58 प्रतिशत): 11,310 रुपये
वर्दी धुलाई भत्ता: 60 रुपये
कुल प्रस्तावित मानदेय: 30,870 रुपये प्रतिमाह

इस हिसाब से प्रतिदिन की राशि लगभग 1,029 रुपये होगी।

पहले भी दो बार बढ़ चुका है मानदेय
छत्तीसगढ़ में नगर सैनिकों के मानदेय में इससे पहले भी बढ़ोतरी की गई थी। वर्ष 2017 में इसे 10,000 रुपये से बढ़ाकर 13,200 रुपये प्रतिमाह किया गया था। इसके बाद एक अप्रैल 2023 से प्रभावी वृद्धि के तहत मानदेय 19,500 रुपये तक पहुंचा। अब महंगाई, न्यायालय के निर्देशों और नगर सैनिकों की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए नए प्रस्ताव की तैयारी की गई है।

कानून-व्यवस्था से लेकर आपदा प्रबंधन तक निभाते हैं जिम्मेदारी
नगर सैनिक प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस की सहायता करने, अग्निशमन तथा आपदा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में योगदान देते हैं। कई बार उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी ड्यूटी करनी पड़ती है।

मानदेय में प्रस्तावित बढ़ोतरी से इन जवानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने और कार्य के प्रति उनका मनोबल बढ़ने की उम्मीद है। अब नगर सैनिकों की नजर शासन की अंतिम मंजूरी और नई दरों के लागू होने की तारीख पर रहेगी।

भोपाल रिटायर्ड IAS मर्डर केस में बड़ा एक्शन, 21 दिन बाद SIT गठित; AIG करेंगे जांच की अगुवाई

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या के मामले में जांच को गति देने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। घटना के 21 दिन बाद एसआईटी गठित किए जाने के बाद मामले की जांच की जिम्मेदारी अब विशेष टीम संभालेगी। टीम की अगुवाई एआईजी (AIG) करेंगे।

इस मामले में एसआईटी के गठन को जांच की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेष जांच दल हत्या से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और अब तक की जांच में सामने आए पहलुओं की पड़ताल करेगा। टीम मामले की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वारदात किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन शामिल हो सकता है।

घटना के 21 दिन बाद एसआईटी गठित होने से मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हैं। हालांकि, जांच से जुड़े विस्तृत तथ्यों, एसआईटी में शामिल अन्य अधिकारियों और अब तक की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

मुख्य आरोपी 21 दिन बाद भी फरार
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर की रात रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके केयरटेकर वरुण कुमार पर संदेह है, जो घटना के बाद से फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन तथा पंजाब सहित कई स्थानों पर तलाश की है।

पांच सदस्यीय एसआईटी करेगी जांच
एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एआईजी उमेश तिवारी करेंगे। टीम में अपराध शाखा और रातीबड़ थाने के पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल किया गया है। दल को मामले की आगे की विवेचना, संदिग्ध की गिरफ्तारी और जांच की प्रगति से वरिष्ठ अधिकारियों को साप्ताहिक जानकारी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आईएएस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की थी। अब एसआईटी के गठन के बाद हत्या के पीछे की वजह और अन्य संभावित पहलुओं की जांच पर विशेष ध्यान रहेगा।

PM किसान की अगली किस्त का इंतजार जल्द हो सकता है खत्म, दिवाली के आसपास मिल सकते हैं ₹2,000; किसान तुरंत निपटा लें ये काम

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के लाभार्थी किसानों को अगली किस्त का इंतजार है। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। अब किसानों की नजर अगली किस्त पर टिकी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 24वीं किस्त दिवाली के आसपास जारी होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।

9 करोड़ से अधिक किसानों को मिलती है सहायता
पीएम किसान योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से ₹2,000 की किस्त भेजी जाती है। जून 2026 में जारी 23वीं किस्त के दौरान 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला था। इस बार भी बड़ी संख्या में किसानों को अगली किस्त मिलने की उम्मीद है।

किस्त पाने के लिए तुरंत पूरे करें ये जरूरी काम
किसानों को भुगतान में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए अपनी जानकारी और पात्रता की जांच कर लेनी चाहिए।
1. ई-केवाईसी पूरी करें: पीएम किसान योजना के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। इसे आधिकारिक पोर्टल पर ओटीपी के माध्यम से या अधिकृत सीएससी केंद्र पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया से पूरा किया जा सकता है।
2. बैंक खाते की जानकारी जांचें: सुनिश्चित करें कि बैंक खाता सक्रिय है और खाते से संबंधित जानकारी सही है, ताकि भुगतान में बाधा न आए।
3. आधार और अन्य विवरण मिलाएं: आधार से संबंधित जानकारी और पोर्टल पर दर्ज विवरण में गड़बड़ी होने पर उसे ठीक कराएं।
4. भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन कराएं: पात्रता के लिए भूमि संबंधी रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी हो सकता है। यदि पोर्टल पर कोई जानकारी लंबित दिखाई दे, तो संबंधित कृषि विभाग से संपर्क करें।
5. लाभार्थी स्टेटस चेक करें: पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प के माध्यम से भुगतान और पात्रता की स्थिति देखें।

ऐसे चेक करें अपनी किस्त का स्टेटस
आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
‘Know Your Status’ विकल्प चुनें।
मांगी गई पंजीकरण संबंधी जानकारी दर्ज करें।
स्क्रीन पर दिखाई देने वाली स्थिति में भुगतान और अन्य लंबित औपचारिकताओं की जांच करें।

सरकार की घोषणा का करना होगा इंतजार
किसानों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि 24वीं किस्त की तारीख और भुगतान कार्यक्रम की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए दिवाली के आसपास किस्त आने की खबर को संभावित तारीख के रूप में ही देखें। किसानों को सलाह है कि वे किसी अनधिकृत लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और अपडेट के लिए केवल सरकारी पोर्टल तथा आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें।

पापांकुशा एकादशी 21 या 22 अक्टूबर? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

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हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने तथा व्रत रखने की परंपरा है। इस बार एकादशी की तिथि 21 अक्टूबर से शुरू होने के कारण श्रद्धालुओं के बीच व्रत की सही तारीख को लेकर असमंजस है। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा।

पापांकुशा एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 22 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 22 अक्टूबर को व्रत रखा जाएगा।

व्रत की तारीख: 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार
एकादशी तिथि प्रारंभ: 21 अक्टूबर, दोपहर 2:11 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 22 अक्टूबर, दोपहर 2:47 बजे

पूजा का शुभ समय: स्थानीय पंचांग के अनुसार सुबह और अभिजीत मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं।
व्रत का पारण: 23 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 6:27 से 8:42 बजे तक (दिल्ली के लिए प्रकाशित पंचांग समय)। अपने शहर के अनुसार समय की पुष्टि करें।

पापांकुशा एकादशी की पूजा विधि
पापांकुशा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें।

भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, धूप-दीप और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम या ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें। श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान भी कर सकते हैं।

एकादशी व्रत में अन्न और चावल का सेवन न करने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी धार्मिक मान्यताओं और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार या उपवास रख सकते हैं।

पापांकुशा एकादशी व्रत कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार, विंध्य पर्वत पर क्रोधन नाम का एक निर्दयी बहेलिया रहता था। उसने अपना जीवन हिंसा और गलत कार्यों में बिताया। जब उसके जीवन के अंतिम दिन निकट आए, तो यमदूत उसे लेने आने वाले थे। भयभीत बहेलिया एक ऋषि की शरण में पहुंचा और अपने उद्धार का उपाय पूछा।

ऋषि ने उसे पापांकुशा एकादशी का व्रत करने तथा भगवान विष्णु की भक्ति और पूजा करने की सलाह दी। बहेलिए ने श्रद्धापूर्वक व्रत किया। धार्मिक कथा के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से उसे पापों से मुक्ति और भगवान की कृपा प्राप्त हुई।

इस कथा के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति, प्रायश्चित और सत्कर्म व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

क्या है पापांकुशा एकादशी का धार्मिक महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत व्यक्ति को पापों से मुक्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा देता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना, मंत्र जाप, कथा श्रवण और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।

श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि व्रत, पूजा और पारण के समय का निर्धारण अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार करें।

छत्तीसगढ़ के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, साल में दो बार होगी विशेष TET परीक्षा

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छत्तीसगढ़ के शासकीय शिक्षकों के लिए बड़ी राहत और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) साल में कम से कम दो बार आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के पर्याप्त अवसर देना और नौकरी में बने रहने तथा पदोन्नति से जुड़ी पात्रता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करना है।

CGSSSB कराएगा कंप्यूटर आधारित परीक्षा
राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार, विशेष टीईटी परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSSB) के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से आयोजित की जाएगी। शासन ने लोक शिक्षण संचालनालय को साल में कम से कम दो बार परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर की ओर से प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

किन शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य?
कक्षा 1 से 8 तक अध्यापन करने वाले सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण है। जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष या उससे अधिक समय शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने और पदोन्नति प्राप्त करने के लिए संबंधित स्तर की टीईटी उत्तीर्ण करनी होगी। यह व्यवस्था सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया फैसला
विशेष टीईटी आयोजित करने का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में लिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 24 सितंबर 2026 को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा था, जिस पर राज्य सरकार ने सहमति प्रदान की। नियमित अंतराल पर परीक्षा आयोजित होने से शिक्षकों को पात्रता हासिल करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे।

शिक्षकों को अब परीक्षा कार्यक्रम का इंतजार
सरकार की मंजूरी के बाद अब शिक्षकों की नजर परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया, पाठ्यक्रम और अन्य दिशा-निर्देशों पर है। इनका विस्तृत विवरण संबंधित विभाग और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की ओर से जारी किया जाना अपेक्षित है।

इस फैसले से प्रदेश के उन शिक्षकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें टीईटी उत्तीर्ण करने की आवश्यकता है। साल में कम से कम दो बार परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था से उन्हें अपनी पात्रता पूरी करने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।

कार्बाइड गन पर सख्ती से रोक लगाएं, हादसा हुआ तो कलेक्टर-एसपी होंगे जिम्मेदार: CM मोहन यादव

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मध्यप्रदेश में त्योहारों के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्बाइड गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कार्बाइड गन से होने वाले हादसों को रोकने के लिए प्रशासन पहले से सतर्क रहे। किसी जिले में अप्रिय या विषम स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों, पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्बाइड गन से निकलने वाले प्लास्टिक और धातु के छोटे टुकड़े आंखों, चेहरे और त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इनके इस्तेमाल, बिक्री और उपलब्धता पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।

अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण पर भी कार्रवाई
सीएम ने दीपावली के दौरान अवैध पटाखों की बिक्री, प्रतिबंधित आतिशबाजी के उपयोग और विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। पटाखा दुकानों को लाइसेंस देते समय निर्धारित नियमों का पालन और मौके पर सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर नियमित पुलिस गश्त हो। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ सामाजिक और सांप्रदायिक तनाव की आशंका वाले क्षेत्रों में भी आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए।

आगजनी से निपटने के लिए अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आगजनी या किसी अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन वाहनों, आवश्यक उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही एंबुलेंस की व्यवस्था दुरुस्त रखने और अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना होने पर घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।

खाद्य पदार्थों में मिलावट पर भी सरकार सख्त
बैठक में मुख्यमंत्री ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विशेष जांच दल गठित कर खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को यह हिदायत दी कि जांच के नाम पर व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए।

बैठक में बताया गया कि मिलावट के मामलों में अब तक 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 42 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि त्योहारों की खुशियों के बीच लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि संभावित खतरे की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

दुनिया के सामने आया ‘मक्का रक्षा समझौते’ का मसौदा, जानें किन शर्तों पर बनी सहमति

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पश्चिम एशिया की बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ का पूरा मसौदा सामने आ गया है। तीनों देशों ने 7 अगस्त 2026 को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। अब तुर्किये ने इसे संसद की मंजूरी के लिए पेश किया है, जिसके बाद इसकी 16 धाराओं और आपसी रक्षा सहयोग की शर्तों का खुलासा हुआ है।

इस समझौते का सबसे अहम प्रावधान यह है कि किसी एक सदस्य देश पर बाहरी सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसके तहत अन्य सदस्य देश हमले का सामना कर रहे देश की मदद करेंगे। हालांकि, सहायता का स्वरूप और सीमा संबंधित जरूरतों के आकलन तथा उपलब्ध सैन्य संसाधनों के आधार पर तय होगी।

सहायता का स्वरूप और सीमा संबंधित जरूरतों के आकलन तथा उपलब्ध सैन्य संसाधनों के आधार पर तय होगी।

समझौते की प्रमुख शर्तें
1. एक देश पर हमला, सभी पर हमला: समझौते की धारा 2 के अनुसार, किसी एक सदस्य देश पर बाहरी सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। अन्य देश उपलब्ध संसाधनों और सैन्य क्षमताओं के अनुसार सहायता देंगे।
2. रक्षा उद्योग और हथियारों में सहयोग: तीनों देश रक्षा तकनीक, संयुक्त अनुसंधान, हथियारों के उत्पादन और सैन्य क्षमताओं के विकास में सहयोग करेंगे।
3. खुफिया जानकारी साझा करना: समझौते में सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों का प्रावधान है। गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा के लिए भी नियम निर्धारित किए गए हैं।
4. सैन्य प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सहायता: तीनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, रक्षा संस्थानों के बीच कर्मियों के आदान-प्रदान और जरूरत पड़ने पर रसद संबंधी सहयोग को बढ़ावा देंगे। इसमें ईंधन, कलपुर्जों और अन्य सैन्य उपकरणों की सहायता भी शामिल हो सकती है।
5. रणनीतिक रक्षा समिति का गठन: समझौते के तहत विदेश मंत्रियों, रक्षा मंत्रियों और सैन्य प्रमुखों वाली रणनीतिक राजनीतिक एवं रक्षा समिति बनाई जाएगी। यह समिति सहयोग की दिशा तय करेगी और समझौते के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं पर विचार करेगी। इसकी बैठक साल में दो बार होगी।
6. दस साल से पहले बाहर निकलने पर रोक: समझौते में कोई निश्चित समाप्ति तिथि नहीं है। इसके लागू होने के दस साल पूरे होने के बाद ही कोई सदस्य देश इससे अलग हो सकता है। इसके लिए अन्य देशों को राजनयिक माध्यमों से कम से कम तीन महीने पहले लिखित सूचना देनी होगी।

क्या नाटो जैसा सैन्य गठबंधन बनेगा?
समझौते में एक सदस्य पर हमले को सभी पर हमला मानने का प्रावधान नाटो के सामूहिक रक्षा सिद्धांत से मिलता-जुलता है। हालांकि, इसमें हर परिस्थिति में एक जैसी सैन्य कार्रवाई या सैनिकों की निश्चित संख्या भेजने की बाध्यता स्पष्ट नहीं की गई है। सहायता का फैसला जरूरतों और उपलब्ध क्षमताओं के आधार पर होगा।

भारत के लिए क्यों अहम है यह समझौता?
पाकिस्तान और तुर्किये के साथ सऊदी अरब का यह रक्षा सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। भारत के लिए भी इस घटनाक्रम पर नजर रखना महत्वपूर्ण है, खासकर रक्षा तकनीक, सैन्य सहयोग और पश्चिम एशिया में बदलते रणनीतिक संबंधों के संदर्भ में। हालांकि, समझौते में किसी देश को स्पष्ट रूप से दुश्मन घोषित नहीं किया गया है।

फिलहाल समझौते को तुर्किये की संसद से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया जारी है। इसकी वास्तविक प्रभावशीलता और सैन्य सहयोग का दायरा आगे की संसदीय प्रक्रिया तथा तीनों देशों के फैसलों से स्पष्ट होगा।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाका: 5 गोल्ड समेत 27 मेडल जीते, कुल पदक 62; टॉप-5 में बनाई जगह

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एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने बुधवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया। तीसरे दिन भारत ने पांच स्वर्ण पदकों सहित कुल 27 पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही भारत की कुल पदक संख्या 62 पहुंच गई और भारतीय दल पदक तालिका में छठे स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया।

सचिन, सिमरन और प्रवीण ने चमकाया देश का नाम
भारतीय खिलाड़ियों की इस सफलता में पैरा एथलेटिक्स का बड़ा योगदान रहा। सचिन खिलारी ने पुरुषों की शॉटपुट F46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 100 मीटर T12 दौड़ में स्वर्ण अपने नाम किया। प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद में, दिलीप गावित ने 100 मीटर दौड़ में और आयुष वर्मा ने शॉटपुट F53 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में पांच गोल्ड डाले।

पदक तालिका में भारत पांचवें स्थान पर
बुधवार के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में 14 स्वर्ण, 22 रजत और 26 कांस्य सहित कुल 62 पदक हो गए। भारत ने ईरान को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष पांच देशों में जगह बनाई। चीन पदक तालिका में पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि जापान और उज्बेकिस्तान क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। दक्षिण कोरिया चौथे स्थान पर है।

तीरंदाजी, तैराकी और पावरलिफ्टिंग में भी सफलता
पैरा एथलेटिक्स के अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने अन्य खेलों में भी पदक जीते। तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला कंपाउंड डबल्स में रजत पदक हासिल किया। तैराक रवि कार्तिक बुधिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक S13 स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि पावरलिफ्टिंग में कस्तूरी राजमणि ने महिलाओं की 67 किलोग्राम वर्ग में रजत अपने नाम किया।

भारतीय दल से आगे भी बड़ी उम्मीदें
एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन जारी है। खेलों के तीसरे दिन मिले पदकों ने भारत की स्थिति मजबूत कर दी है। अब भारतीय दल की नजरें आगामी मुकाबलों में और स्वर्ण पदक जीतने तथा पदक तालिका में अपनी स्थिति बेहतर करने पर टिकी हैं।

‘जेलर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 8 बजे तक 308 करोड़ रुपये की कमाई का दावा

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सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने रिलीज के पहले सप्ताह में ही घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। दर्शकों के बीच फिल्म को मिल रही लोकप्रियता और दशहरा की छुट्टी का फायदा इसकी कमाई में नजर आया है।

सातवें दिन भी जारी है कमाई का सिलसिला
बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइटों के आंकड़ों के मुताबिक, ‘जेलर 2’ ने 21 अक्टूबर को अपने सातवें दिन भी मजबूत प्रदर्शन किया। Sacnilk के लाइव आंकड़ों में शाम तक फिल्म की भारत में नेट कमाई लगभग 300 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई थी, जबकि घरेलू ग्रॉस कलेक्शन इससे अधिक दर्ज किया गया। हालांकि, दिन का अंतिम कलेक्शन बाद में अपडेट होना था।

दुनियाभर में 500 करोड़ के पार पहुंची फिल्म
रजनीकांत की इस एक्शन-ड्रामा फिल्म का निर्देशन नेल्सन दिलीपकुमार ने किया है। फिल्म में रजनीकांत के साथ मोहनलाल, विद्या बालन और अन्य कलाकार भी नजर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 500 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।

फिल्म की लगातार कमाई ने ट्रेड विश्लेषकों और दर्शकों का ध्यान खींचा है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि ‘जेलर 2’ आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस पर कौन-सा नया रिकॉर्ड बनाती है।