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अभिनेता अरुण बाली का निधन, लंबे समय से थे बीमार

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बॉलीवुड के विख्यात अभिनेता अरुण बाली का आज तड़के निधन हो गया है। अरुण बाली कई फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम करके लोगों का दिल चुके हैं। 79 साल की उम्र में अरुण बाली ने मुंबई में आखिरी सांस ली। मिली जानकारी के मुताबिक अरुण बाली लंबे समय से बीमार थे और आज तड़के 4:30 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह कई दिग्गज कलाकारों के साथ भी काम कर चुके थे।
अरुण बाली ने 1991 में ख्यात नाटक चाणक्य में राजा पोरस , दूरदर्शन के धारावाहिक स्वाभिमान में कुंवर सिंह सहित कई टीवी सीरियल्स में काम किया। 2000 के दशक में में कुमकुम में हर्षवर्धन वाधवा की तरह “दादाजी” भूमिकाओं के लिए पहचाने गए। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म व सीरियल निर्माता भी थे।
अरुण बाली की चर्चित फिल्में
दिवंगत अभिनेता अरुण बाली ने वैसे तो कई फिल्मों में काम किया। हाल के वर्षों में आई केदारनाथ फिल्म में उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई थी। इसके अलावा ओह माय गॉड (2012 फ़िल्म), पीके (2014), पानीपत (2019), लाल सिंह चड्ढा (2022) में अहम भूमिका निभाई थी।

दीपावली पर एडहॉक बोनस केंद्र सरकार के इन कर्मियों को मिलेगा

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वित्त मंत्रालय ने केंद्र सरकार के कर्मियों को दीपावली के मौके पर 2021-22 के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) देने की घोषणा की है। इसके तहत सभी पात्र कर्मियों को 30 दिन के वेतन जितनी राशि मिलेगी। केंद्र सरकार के ग्रुप बी और ग्रुप सी के अंतर्गत आने वाले वे अराजपत्रित कर्मचारी, जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस स्कीम के तहत नहीं आते हैं, उन्हें भी यह बोनस दिया जाएगा। एडहॉक बोनस का फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सभी योग्य कर्मियों को भी मिलेगा।
केंद्र सरकार में अस्थाई कर्मचारियों को होगा फायदा
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा 6 अक्तूबर को जारी आदेश के अनुसार, एडहॉक बोनस के तहत जो रकम दी जाती है, उसका निर्धारण करने के लिए एक नियम बनाया गया है। कर्मियों का औसत वेतन, गणना की उच्चतम सीमा के अनुसार, जो भी कम हो, उसके आधार पर यह बोनस जोड़ा जाता है। यदि किसी कर्मी को सात हजार रुपये मिल रहे हैं, तो उसका 30 दिनों का मासिक बोनस लगभग 6907 रुपये रहेगा। इस तरह के बोनस का फायदा, केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों को ही मिलेगा, जो 31 मार्च 2022 को सेवा में रहे हैं। उन्होंने साल 2020-22 के दौरान कम से कम छह महीने तक लगातार ड्यूटी दी है।
सेवा के बीच कोई ब्रेक नहीं है तो मिलेगा बोनस
वित्त मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, जो कर्मचारी अस्थायी तौर से एडहॉक बेस पर नियुक्त हुए हैं, उन्हें भी ये बोनस मिलेगा, बशर्ते उनकी सेवा के बीच कोई ब्रेक न रहा हो। ऐसे कर्मचारी जो, 31 मार्च 2022 को या उससे पहले सेवा से बाहर हो गए, उन्होंने त्यागपत्र दे दिया हो या सेवानिवृत हुए हों, उसे स्पेशल केस माना जाएगा। इसके तहत वे कर्मी, जो अमान्य तरीके से मेडिकल आधार पर 31 मार्च से पहले रिटायर हो गए या दिवंगत हो गए हैं, लेकिन उन्होंने वित्तीय वर्ष में छह माह तक नियमित ड्यूटी की है, तो उसे एडहॉक बोनस के योग्य माना जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारी की नियमित सेवा की निकटवर्ती संख्या को आधार बनाकर ‘प्रो राटा बेसिस’ पर बोनस तय होगा।
केंद्र सरकार ये कर्मी भी होंगे बोनस के पात्र
वे कर्मचारी, जो प्रतिनियुक्ति, विदेश सेवा, केंद्र शासित प्रदेश या किसी पीएसयू में 31 मार्च 2022 को कार्यरत हैं तो उन्हें लेंडिंग डिपार्टमेंट यानी उधार देने वाला विभाग, यह बोनस नहीं देगा। ऐसे केस में उधार लेने वाले संगठन की जिम्मेदारी बनती है कि वह एडहॉक बोनस, पीएलबी, एक्सग्रेसिया और इंसेंटिव स्कीम आदि प्रदान करे, बशर्तें वहां ऐसे प्रावधान चलन में हों। यदि कोई कर्मचारी ‘सी’ या इससे ऊपर के ग्रेड में है और उसे वित्तीय वर्ष के दौरान बीच में ही विदेश सेवा से वापस बुला लिया जाता है, तो इसे लेकर एडहॉक बोनस का नियम बनाया गया है। इसके तहत वित्तीय वर्ष में विदेशी विभाग से यदि उस कर्मी के मूल विभाग को बोनस और एक्सग्रेसिया राशि मिली है, तो संबंधित कर्मी को वह राशि दे दी जाएगी। रिवर्ट होने के बाद भी यदि कर्मी का केंद्र सरकार की तरफ बोनस बकाया है ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार उसके एडहॉक बोनस पर प्रतिबंध लगा सकती है।
रिटायरमेंट के बाद जॉब में हैं तो लागू होगा ये नियम
राज्य सरकार, संघ क्षेत्र और पीएसयू से कोई कर्मचारी यदि रिवर्स डेपुटेशन पर केंद्र सरकार में आता है तो उन्हें एडहॉक बोनस दिया जाएगा। ऐसे कर्मी, जो सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद दोबारा से जॉब में आए हैं, उन्हें नए कर्मचारी मानकर बोनस का निर्धारण होगा। ऐसे कर्मचारी, जो वित्तीय वर्ष के दौरान अर्ध वेतन अवकाश पर हैं, ईओएल पर हैं या शैक्षणिक अवकाश लिए हुए हैं, इन्होंने यदि उक्त अवधि के अलावा नियमों से परे कोई अवकाश लिया है, तो वह अवधि गिनी नहीं जाएगी। हालांकि एडहॉक बोनस के लिए वह पीरियड ब्रेक इन सर्विस, नहीं माना जाएगा। अनुबंध वाले कर्मचारी, जो दूसरे भत्ते जैसे महंगाई भत्ता व अंतरिम राहत आदि के लिए योग्य है, तो उसे एडहॉक बोनस भी मिलेगा। यदि कोई कर्मचारी उक्त भत्तों की श्रेणी में नहीं आता है तो उसे केजुअल लेबर के हिसाब से बोनस दिया जाएगा।
एडहॉक बोनस के लिए पार्ट टाइम कर्मी नहीं होंगे पात्र
यदि कोई कर्मचारी, वित्तीय वर्ष में सस्पेंड रहा है, तो उसके लिए बोनस के अलग नियम बनाए गए हैं। ऐसे कर्मी, जब सेवा में दोबारा आते हैं और उन्हें पहले वाले सभी लाभ मिलते हैं तो उस स्थिति में उन्हें एडहॉक बोनस के योग्य माना जाएगा। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में ट्रांसफर होने वाले कर्मी एडहॉक बोनस के योग्य माने जाएंगे, यदि उनकी सेवा में कोई ब्रेक नहीं है। ऐसे मामले में दोनों विभागों के सर्विस पीरियड को जोड़ा जाएगा। ऐसे कर्मी जो प्रतियोगी परीक्षा पास कर एक विभाग से दूसरे विभाग में चले गए हैं, वे भी एडहॉक बोनस के योग्य होंगे। हालांकि ऐसे मामलों में जो बोनस की राशि दी जाएगी, वह उस विभाग द्वारा जारी होगी, जहां वह कर्मचारी 31 मार्च 2022 को कार्यरत रहा है। वे कर्मचारी, जिन्हें सरकारी विभाग से ट्रांसफर किया गया है, क्या वे एडहॉक बोनस के योग्य होंगे, इस बाबत कहा गया है कि उनका बोनस वह विभाग काउंट करेगा, जहां पर वे 31 मार्च को सेवा में थे।
इन कर्मियों के लिए बोनस मिलने का होगा ये नियम
सामान्य निर्धारित वेतन पर काम करने वाले पार्ट टाइम कर्मियों को यह बोनस नहीं मिलेगा। वे कर्मचारी जो पिछले तीन साल से अलग अलग विभागों में काम कर रहे थे और 31 मार्च 2022 को भी वे किसी विभाग में थे, इनके लिए भी एक नियम बनाया गया है। इनकी योग्यता तीन साल के कार्यकाल से तय होगी। एक साल में 240 दिन के दौरान वे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में चले गए हों और उन्हें एक्सग्रेसिया या दूसरे भत्ते नहीं मिलें हों, तो उन्हें यह बोनस मिलेगा। यदि कोई केजुअल लेबर है और उसे वित्तीय वर्ष में नियमित किया गया है, लेकिन वह 3
1 मार्च 2022 को छह माह की नियमित सेवा वाली योग्यता पूरी नहीं करता है, तो उसे एडहॉक बोनस का फायदा नहीं मिलेगा। उसे नियमित कर्मी की भांति इस बोनस का लाभ नहीं दिया जा सकता।

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कोर्ट में अगली सुनवाई 11 अक्टूबर को

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ज्ञानवापी मस्जिद में कथित ‘शिवलिंग’ की कार्बन डेटिंग के लिए हिंदू महिला याचिकाकर्ताओं की याचिका पर वाराणसी की जिला अदालत अगली सुनवाई 11 अक्टूकबर को करेगी। ज्ञानवापी मामले में पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा कि कोर्ट ने हमें दो बिंदुओं पर स्पष्ट करने के लिए कहा कि क्या ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर पाया गया ढांचा इस सूट संपत्ति का हिस्सा है या नहीं? दूसरा, क्या न्यायालय वैज्ञानिक जांच के लिए आयोग जारी कर सकता है? हमने अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है।
हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा है कि हमने कहा कि यह हमारी वाद संपत्ति का हिस्सा है और सीपीसी के आदेश 26 नियम 10ए के आधार पर न्यायालय को वैज्ञानिक जांच का निर्देश देने का अधिकार है। मुस्लिम पक्ष ने जवाब के लिए कुछ समय मांगा है। अब मामले की सुनवाई 11 अक्टूबर को होगी।
महिलाओं ने अपनी याचिका में कहा कि इस तरह की जांच में कार्बन डेटिंग प्रक्रिया शामिल हो सकती है और इसे एक सरकारी निकाय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जा सकता है। हालांकि, पांच हिंदू महिलाओं में से एक ने चार अन्य महिलाओं द्वारा वैज्ञानिक जांच याचिका पर आपत्ति जताते हुए एक अलग दृष्टिकोण लिया था, जिसमें कहा गया था कि कार्बन डेटिंग सहित कोई भी परीक्षण ‘शिवलिंग’ को नुकसान पहुंचा सकता है।

प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री वर्चुअली हुए सम्मिलित

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि के अभियान को मिशन मोड में लेने के लिए उनका आभार मानते हुए कहा है कि इस पवित्र लक्ष्य से हम आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित स्वरूप में छोड़ पाएंगे। इन अभियानों से मानव जीवन के साथ जीव-जन्तुओं की सुरक्षा की व्यवस्था भी होगी। मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती की दिशा में 2021 से कार्य आरंभ हुआ और अब तक 59 हजार से अधिक किसान इस अभियान से जुड़ चुके हैं। डिजिटल कृषि में क्राप सर्वे, रिफेरेंस रजिस्ट्री, फार्मा रजिस्ट्री और पीएम किसान डाटा बेस का उपयोग कर प्रदेश के किसानों के हित में कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री चौहान ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि पर हुई बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री चौहान बैठक में निवास कार्यालय से वर्चुअली शामिल हुए। केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय स्वाेस्य् औ एवं परिवार कल्या ण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया उपस्थित थे। प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि पर प्रस्तुतिकरण हुआ। बैठक में मणिपुर, असम, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा एवं अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि क्षेत्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को प्रोत्साहन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग का अमला किसानों से लगातार संपर्क में है। किसान भाई सरलता से प्राकृतिक खेती कर पाएँ, इस उद्देश्य से किसान भाइयों को देशी गाय पालने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप प्रतिमाह 900 रूपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि पाठ्यक्रमों में स्नातक और स्नातकोत्तर कर रहे विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जा रहा है। डिजिटल कृषि के क्षेत्र में ई-उपार्जन और फसल बीमा योजना से कृषकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। किसान को घर और खेत से ही कृषि उपज विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे नवाचार एक दिशा में हों, इस उद्देश्य से आज की बैठक की गई है। प्राकृतिक खेती गाय पर आधारित परंपरागत खेती है, जो धरती के सभी तत्वों के संरक्षण पर आधारित है। एक समय यह कहा जाता था कि भारत-भूमि में दूध और घी की नदियाँ बहती हैं। वर्तमान में प्राकृतिक खेती से ही यह स्थिति पुन: निर्मित होगी। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में प्राकृतिक खेती को सम्मिलित करने, कृषि विभाग के विस्तार कर्मचारियों को प्राकृतिक खेती पर किसान का सकारात्मक मानस निर्मित करने, सफल प्राकृतिक खेती वाले गाँवो में किसान का भ्रमण कराने जैसी गतिविधियों को मिशन मोड में अपनाने और गौ-शालाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का सुझाव दिया।
केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता के परिणाम स्वरूप ही भारत में डिजिटल कृषि से संबंधित गतिविधियों का क्रियान्वयन शुरू हो पाया है। कृषि विविधता से परिपूर्ण हमारे देश में कृषि की विभिन्न उपजों का उत्पादन देश की मांग के अनुसार करने में इस अभियान से मदद मिलेगी और देश विभिन्न उत्पादों में आत्म-निर्भर हो सकेगा। आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस पर आधारित तकनीकें किसानों के उत्पाद का सही मूल्य दिलाने में मदद करेंगी। साथ ही किसान की आय दोगुनी करने के प्रयासों को संस्थागत स्वरूप में आगे बढ़ाया जा सकेगा।
केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पात्र व्यक्ति का हक उस तक पारदर्शिता के साथ निर्बाध रूप से पहुँचे, यह सुनिश्चित करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रतिबद्ध हैं। केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में डिजिटल कृषि से क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किसानों का मानस बनाने और उन्हें प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए सघन प्रयास किए जा रहे हैं।
केन्द्रीय स्वा।स्य्ान एवं परिवार कल्या ण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री मनसुख मांडविया ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का मानव स्वास्थ्य पर घातक प्रभावों को देखते हुए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपयोग से उत्पादन तो बढ़ा है, पर इससे खाद्य सामग्री का पोषण असंतुलन भी बढ़ा है। प्राकृतिक खेती के उत्पाद, स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभप्रद हैं। इनका मूल्य भी किसानों को अधिक मिलेगा। डिजिटल कृषि से किसान के उत्पाद का वैल्यू एडिशन करने और योजना का लाभ किसानों को सरलता से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

स्व. प्यारेलाल खंडेलवाल की स्मृति में मुख्यमंत्री चौहान ने पौध-रोपण किया

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्व. प्यारेलाल खंडेलवाल की पुण्य-तिथि पर उनकी स्मृति में स्मार्ट सिटी उद्यान में पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान के साथ खंडेलवाल परिवार के सदस्यों ने नीम, टिकोमा और कदंब के पौधे लगाए। पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया, पूर्व महापौर आलोक शर्मा तथा नन्हीं सी उड़ान सोशल वेलफेयर सोसायटी के सदस्य भी पौध-रोपण में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री चौहान के साथ स्व. खंडेलवाल के पुत्र प्रकाश खंडेलवाल, अजीत खंडेलवाल सहित परिवार के सदस्य आदित्य खंडेलवाल, शशि खंडेलवाल और माधुरी खंडेलवाल ने पौधे लगाए। सोसाइटी के राहुल नागर, नरेंद्र उपला वाडिया, सोहन वर्मा और कुलदीप सिंह भी शामिल हुए। वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र पैगवार सहित आशीष अग्रवाल, अमित अग्रवाल और गोपाल पैगवार ने भी पौधे लगाये।

अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल में चल रही तनातनी

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय सक्सेना में चल रही तनातनी के बीच फिर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट में उपराज्यपाल की आपत्तियों पर निशाना साधते हुए लिखा, “LG साहिब रोज़ मुझे जितना डाँटते हैं, उतना तो मेरी पत्नी भी मुझे नहीं डाँटतीं. पिछले छः महीनों में LG साहिब ने मुझे जितने लव लेटर लिखे हैं, उतने पूरी ज़िंदगी में मेरी पत्नी ने मुझे नहीं लिखे. LG साहिब, थोड़ा chill करो और अपने सुपर बॉस को भी बोलो, थोड़ा chill करें.”
क्यों नाराज हैं अरविंद केजरीवाल?
दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। उपराज्यपाल विनय सक्सेना सरकार की कई नीतियों के खिलाफ जांच के आदेश दे चुके हैं। वहीं हाल ही में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दौरान 2 अक्टूबर को हुए कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इस पर एलजी सक्सेना नाराज हो गए और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर उन्होंने अरविंद केजरीवाल को पांच पन्ने की चिट्ठी में लिखकर सख्त नाराजगी जताई।
चिट्ठी में उपराज्यपाल ने लिखा कि मैं यह कहने को बाध्य हूं कि 2 अक्टूबर को ना तो आप, ना ही आपकी सरकार से कोई मंत्री मौजूद था। जबकि इस समारोह में देश की राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा के स्पीकर और कई विदेशी गणमान्य भी बापू को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए मौजूद थे। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया केवल कुछ मिनट मौजूद थे, और वह काफी लापरवाह दिखे। उपराज्यपाल की चिट्ठी पर आम आदमी पार्टी ने जवाब दिया कि सीएम ने पिछले कई वर्षों में हमेशा गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती कार्यक्रमों में भाग लिया है। लेकिन रविवार को सीएम गुजरात में थे और इसलिए वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

Annie Ernaux को साल 2022 का नोबेल पुरस्कार

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फ्रांसीसी लेखक एनी एर्नाक्स (Annie Ernaux) को साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार निजी यादों की परतों, जड़ों को स्पष्टता और साहस के साथ लिखने के लिए दिया गया। एनी ने अपनी लेखनी के जरिए साहसिक क्लिनिकल एक्यूटी (clinical acuity) पर कई लेख लिखे हैं। एनी एर्नॉक्स ने फ्रेंच, इंग्लिश में कई उपन्यास, लेख, नाटक और फिल्में भी लिखी हैं। फ्रांसीसी लेखिका एनी का जन्म 1940 में हुआ था। वह फ्रांस के नॉर्मंडी के छोटे से शहर यवेटोट में पली-बढ़ी थीं। यहां उनके माता-पिता की एक किराने की दुकान और कैफे था।
साल 2021 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार उपन्यासकार अब्दुलराजक गुरनाह को दिया गया था। उन्हें अपनी लेखनी के जरिए उपनिवेशवाद के प्रभावों, संस्कृतियों को लेकर लिखने के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। इससे पहले 2019 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार आस्ट्रियाई मूल के लेखक पीटर हैंडका को दिया गया था। उन्हें यह पुरस्कार इनोवेटिव लेखन और भाषा में नवीनतम प्रयोगों के लिए दिया गया था।

रुक–रुककर वर्षा का सिलसिला मध्य प्रदेश में जारी रहेगा

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भाेपाल । अलग–अलग स्थानाें पर बनी तीन मौसम प्रणालियाें के असर से मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी के अलावा अरब सागर से भी मिली रही नमी के कारण प्रदेश में रुक–रुककर वर्षा का सिलसिला बना हुआ है।
इसी क्रम में गुरुवार काे सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक पचमढ़ी में आठ, इंदौर में छह, मंडला में पांच, उज्जैन में पांच, मलाजखंड में चार, नौगांव में तीन, सागर में दाे, रतलाम में दाे, बैतूल में 0.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। ग्वालियर में बूंदाबांदी हुई। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक शुक्रवार काे सागर एवं जबलपुर संभागाें के जिलाें में कहीं–कहीं भारी वर्षा भी हाे सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में बंगाल की खाड़ी एवं उससे लगे द क्षि ण आंध्रा तट पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से पश्चिमी मध्य प्रदेश से हाेकर उत्तर प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। उत्तराखंड पर एक पश्चिमी विक्षाेभ ट्रफ लाइन के रूप में बना हुआ है।

प्रदेश स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का मांडू में कल शिवराज करेंगे शुभारंभ

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पर्यटन नगरी मांडू में शुक्रवार से भाजपा का प्रदेश स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग शुरू होगा। विधानसभा चुनाव-2023 के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेन्द्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ पार्टी के कई बड़े नेता भाजपा के पदाधिकारियों को विभिन्न सत्रों में संबोधित करेंगे। मांडू की एक होटल में इसका आयोजन किया जा रहा है।
तीन दिन में होंगे 15 सत्र
प्रशिक्षण वर्ग में तीन दिन में उद्घाटन और समापन सत्र के साथ कुल 15 सत्र होंगे। इनमें विभिन्न विषयों पर पार्टी के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर पार्टी की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा होगी। 250 से 300 पदाधिकारियों को आमंत्रित किया है।
मंथन के बाद होगी रणनीति तैयार
प्रशिक्षण वर्ग विधानसभा चुनाव के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। बताया जाता है कि इसमें मालवा-निमाड़ की 66 सीटों को लेकर विशेष रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही आदिवासी मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए रणनीति तैयार होगी।

अंडर-17 एशियाई कप क्वॉलिफायर्स में कुवैत को 3-0 से हराया

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थांगलसुन गंगटे के दो गोल की मदद से भारत ने एएफसी अंडर-17 एशियाई कप क्वॉलिफायर्स फुटबॉल प्रतियोगिता में कुवैत को 3-0 से करारी शिकस्त देकर अपना विजय अभियान जारी रखा. भारत ने अपने पहले मैच में मालदीव को 5-0 से पराजित किया था. गंगटे के दो गोल से भारत ने कुवैत के खिलाफ भी तीन अंक हासिल किए. इस तरह से भारतीय टीम ने अभी तक एक भी गोल नहीं गंवाया है.
भारत की इस जीत में गोलकीपर साहिल ने भी अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कई शानदार बचाव किए जिससे भारत ने टूर्नामेंट में अभी तक गोल नहीं खाने का अपना रिकॉर्ड कायम रखा. भारतीय टीम ने शुरू से ही हमलावर तेवर अपनाए जिसका उसे फायदा भी मिला. उसने लगातार कुवैत के गोल पर हमले किए जिसका फायदा उसे 16वें मिनट में मिला, जब गंगटे ने टीम को बढ़त दिलाई. साहिल ने इसके बाद दो शानदार बचाव किए जिससे भारत मध्यांतर तक 1-0 से आगे रहा.
कोरू के पास 60वें मिनट में गोल करने का अच्छा मौका था, लेकिन उनका हेडर क्रॉसबार से ऊपर निकल गया. इसके चार मिनट बाद हालांकि वह भारत की बढ़त को दोगुना करने में सफल रहे. साहिल ने 69वें मिनट में एक और शानदार बचाव किया जिसके दो मिनट बाद गंगटे ने अपना दूसरा और टीम की तरफ से तीसरा गोल दागा. भारतीय टीम ने इसके बाद कुवैत को कोई मौका नहीं दिया और तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए.
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