हर व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत अच्छे से करना चाहता है। शास्त्र कहते हैं कि सुबह की शुरुआत जितनी सकारात्मक होगी। आपका दिन भी उतना ही अच्छा जाएगा। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए समय पर सोना और वक्त पर जागना जरूरी है। साथ ही कुछ मंत्र भी महत्वपूर्ण हैं। आज हम आपको 5 मंत्रों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनका जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि आ सकती है। आइए जानते हैं इन मंत्रों के बारे में।
पहला मंत्र
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जातक को सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखना चाहिए। दोनों हथेलियों को मिलाकर मंत्र का जाप करना चाहिए। मान्यता है कि इस मंत्र का जाप करने से सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती है।
कराग्रे वसते लक्ष्मी: कर्मधे सरस्वती।
करमुले तू गोविंदा: प्रभाते करदर्शनम।।
दूसरा मंत्र
स्नान करते समय भी मंत्र का जाप करें। इस मंत्र के द्वारा हम पवित्र नदियों का स्मरण करते हैं।
गंगेच यमुना चैवा गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिंधु कावेरी जलऽस्मिन्संनिधिम् कुरु।।
तीसरा मंत्र
प्रतिदिन सुबह सूर्य देव को जल चढ़ाना चाहिए। जल चढ़ाते समय ऊँ सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें।
चौथा मंत्र
हमारे बड़े हमेशा हमें खाने का सम्मान करने की सलाह देते हैं। कहा जाता है कि भोजन का अनादर करना देवताओं का अपमान करने के बराबर है। इसलिए जब भी भोजन करें तो उनके सम्मान में इस मंत्र का जाप करें।
ऊँ सह नावतु। नऊ भुंकटु सह।।
कम वीर्य होत आहे। तेजस्विनावधिमस्तु हे माझे ज्ञान। ओम शांति।।
पांचवां मंत्र
रात्रि में सोने से पहले शयन मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है। इस मंत्र से भगवान विष्णु हमारी रक्षा करते हैं।
जले रक्षतु वराह: स्थले रक्षतु वामनः।
अतव्य नरसिंहश्च सर्वता पातु केशव।।
प्रतिदिन करें इन 5 मंत्रों का जाप, जीवन में आएगी खुशियों की बहार
पहली बीवी और बच्चों को नहीं पाल सकता मुस्लिम पुरुष, तो दूसरे निकाह की अनुमति नहीं- इलाहाबाद हाई कोर्ट
इस्लाम में प्रचलित बहु-विवाह के संबंध में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अहम फैसला किया है। हाई कोर्ट ने एक मुस्लिम युवक को दूसरे निकाह की अनुमति नहीं दी। कोर्ट ने कहा, ‘यदि कोई मुस्लिम पुरुष अपनी पहली बीवी और बच्चों
को पालने में सक्षम नहीं है, तो पवित्र कुरान के आदेश के अनुसार, वह दूसरी महिला से शादी नहीं कर सकता है।’ अदालत ने यह भी कहा कि मुस्लिम पुरुष को दूसरे निकाह का कानूनी अधिकार तभी है, जब पहली शादी कायम रहे।
जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस राजेंद्र कुमार की पीठ ने यह टिप्पणी की। याचिकाकर्ता मुस्लिम शख्स अपनी पहली बीवी की इच्छा के खिलाफ दूसरा निकाह करना चाहता था। हाई कोर्ट से पहले फैमिली कोर्ट में उसकी याचिका खारिज हो चुकी है। इसका बाद शख्स ने अपने दाम्पत्य अधिकारों का हवाला देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि पवित्र कुरान के आदेश के अनुसार एक मुस्लिम पुरुष अधिकतम चार महिलाओं से निकाह कर सकता है लेकिन अगर वह सभी के साथ न्याय नहीं कर सकता है तो उसे केवल एक शादी की अनुमति है।
करवाचौथ के दिन सर्वार्थ सिद्धि के साथ बन रहे हैं
करवाचौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा
जाता है। इस साल करवाचौथ का व्रत 13 अक्टूबर को रखा जाएगा। साथ ही इस साल
करवा चौथ पर बहुत ही शुभ संयोग बन रहे हैं। करवा चौथ पर इस बार 46 साल
बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसके प्रभाव से सुहागिनों को शुभ फल की
प्राप्ति होगी। दरअसल इस दिन कुल मिलाकर 5 विशेष संयोग बन रहे हैं, जिससे
इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया
है। इन दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। साथ ही चांद
निकलने तक अन्न, जल का त्याग करती हैं। साथ ही इस दिन मां पार्वती, भगवान
शिव और गणेशजी की पूजा करने का विधान होता है।
चंद्रमा की पूजा करने का शुभ समय और विशेष योग करवा चौथ पर बन रहे ये विशेष योग
करवा चौथ पर सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि योग से हो रही है। इस दिन शुक्र और बुध दोनों एक राशि यानी कन्या राशि में रहेंगे, इसलिए लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण हो रहा है।
कन्या राशि में ही बुध और सूर्य बुधादित्य योग का भी निर्माण कर रहे हैं। गुरु और बुध अपनी स्वराशियों में स्थित होंगे।साथ ही चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे। करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा की पूजा करना शुभ मंगलकारी माना जाता है। पंचाग के मुताबिक करवाचौथ के दिन शाम में रोहिणी नक्षत्र 6 बजकर 41 मिनट पर शुरू हो रहा है। इसलिए इस नक्षत्र में पूजा
करना शुभ फलदायी माना जाता है। इस नक्षत्र में पूजा करने से चंद्रमा ग्रह
का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही घर में सुख- समृद्धि का वास रहता
है।
फेफड़े ई-सिगरेट पीने से भी खराब होते हैं
यदि आप भी E-Cigarette पीने के शौकीन है तो अलर्ट हो जाएं क्योंकि हाल ही में अमेरिका स्थित रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि किशोर बच्चों में भी ई-सिगरेट के जरिए धूम्रपान के
कारण फेफड़ों में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। अमेरिकी में बीते कुछ सालों में E-Cigarette का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा सालाना होने वाले वार्षिक राष्ट्रीय युवा तंबाकू सर्वेक्षण के आंकड़ों से भी यह
खुलासा हुआ है कि हाई स्कूल के लगभग 14.1 प्रतिशत छात्रों और मिडिल स्कूल के लगभग 3.3 प्रतिशत छात्रों ने हाल में ई-सिगरेट जैसे उत्पादों का उपयोग किया। अमेरिका में यह सर्वे CDC और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने जनवरी से मई 2022 के बीच किया था।
अमेरिकी बच्चों के ये हाल CDC और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के इस सर्वे शामिल 84.5 प्रतिशत
छात्रों ने कहा कि वे ज्यादातर फलों या अन्य मीठे स्वादों के फ्लेवर्ड -सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं। Campaign for Tobacco-Free Kids के अध्यक्ष Matthew Myers का कहना है कि बच्चे न केवल ई-सिगरेट के साथ
प्रयोग कर रहे हैं, बल्कि उच्च-निकोटीन उत्पादों के आदी भी हो चुके हैं, जो काफी खतरनाक संकेत है।
भारतीय डॉक्टर ने किया किया खुलासा वहीं अमेरिकन ऑन्कोलॉजी इंस्टीट्यूट के कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ विशेष गुमदल का कहना है कि यह प्रचारिक किया जा रहा है कि ई-सिगरेट और
वेपिंग सिगरेट पीने से बेहतर हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। कई रिसर्च में पता चला है कि सिगरेट के धुएं में पाए जाने वाले कई रसायन वेप के धुएं में भी पाए जाते हैं. इसमें 50 से अधिक ज्ञात कार्सिनोजेन्स की पहचान की गई है,
जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। धूम्रपान की तरह ई- सिगरेट में भी निकोटिन होता है, जिससे नशे की लत लग
सकती है। हालांकि वेपिंग को फेफड़ों के कैंसर से जोड़ने वाले वैज्ञानिक सबूत अभी नहीं मिले है और इस संबंध में पर्याप्त शोध भी नहीं हुआ है। पश्चिमी देशों में भी ये आदतें लोगों के लिए बिल्कुल नई हैं और फेफड़ों
के कैंसर के कारण की एक कड़ी स्थापित करने के लिए कुछ दशकों के शोध की जरूरत हो सकती है।
सुहागिन महिलाएं करवा चौथ पर पति की लंबी उम्र के लिए करें सुहाग सामग्री का दान
पति की लंबी आयु की कामना और सुख-समृद्धि के लिए करवा चौथ पर्व श्रद्धा-उल्लास से मनाया जाएगा। सुहागिनें सरगी यानी फल, ड्राईफ्रूट, मिठाई का सेवन करके निर्जला व्रत रखने की परंपरा निभाएंगी। पर्व के एक दिन पहले बुधवार की रात्रि में अथवा गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में सुहागिनें सरगी खाकर व्रत रखेंगी। इस दिन पूजा के पश्चात चंद्रमा को छलनी से देखने की परंपरा होने से स्त्रियों ने विविध डिजाइन की छलनी की खरीदारी की। बुधवार को भी छलनी, मिट्टी का करवा और पूजन सामग्री खरीदने महिलाएं उमड़ेंगी। पर्व को लेकर बाजार में भी रौनक छाने लगी है।
मेहंदी रचाने कराई बुकिंग सुहागिनें करवा चौथ पर 16 श्रृंगार करेंगी। मेहंदी रचाने के लिए इन्होंने एक दिन पहले पहले से बुकिंग करवा ली है। बैजनाथपारा, छोटापारा में मेहंदी लगवाने के लिए इन्हें घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इससे बचने के लिए मंगलवार को बुकिंग कराने महिलाएं पार्लरों में पहुंची। खूब बिका मिट्टी का करवा और छलनी
पर्व के एक दिन पहले महिलाओं ने मिट्टी का करवा और छलनी की खरीदारी की। साथ ही माता को अर्पित करने के लिए श्रृंगार सामग्री में चूड़ी, बिंदी, साड़ियों की खरीदारी की।
करें सुहाग सामग्री दान
महामाया मंदिर के पुजारी पं.मनोज शुक्ला ने बताया कि पति की लंबी आयु के लिए व्रत करने की परंपरा हजारों साल से निभाई जा रही है। इष्ट देवी देवता, भगवान गणेश, शंकर, पार्वती, विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करके मिट्टी के कलश यानी करवा में चावल, उड़द दाल, सुहाग सामग्री भरकर दान करना चाहिए।
श्री महाकाल लोक का द्वार भक्तों के लिए खुले
उज्जैन। ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर मंदिर के नव विस्तार क्षेत्र श्री महाकाल लोक का प्रवेश द्वार बुधवार को भगवान महाकाल के भक्तों के लिए खुल गया। सुबह से ही महाकाल लोक को देखने लोगों की भीड़
जुटी। लोगों ने प्रांगण में स्थापित भगवान शिव सहित विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों और 25 फीट ऊंची एवं 500 फीट लंबी दीवार पर बनाए शैल चित्रों के साथ मोबाइल से तस्वीरें खिंचवाई। शिल्पकारों के कार्य की प्रशंसा की। कुछ मूर्तियों की भाव, भंगिमाओं को सुधारने की बात भी की।
भक्तों ने कहा कि श्री महाकाल लोक अद्भुत है। यहां आकर आनंद और उत्साह की अनुभूति हो रही है। निश्चित ही श्री महाकाल लोक को देखने के लिए दुनिया भर से लोग जुटेंगे। उज्जैन में अब धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इंतजार अब दूसरे चरण के शेष कार्य पूर्ण होने का है।
मालूम हो कि एक दिन पहले मंगलवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किया था। उन्होंने मंच से उद्बोधन में उज्जैन और मंदिरों का महत्व बताया था। उन्होंने कहा था कि हमारे तीर्थ
स्थल ज्ञान, दर्शन और कला की राजधानी रहे हैं। हमारे तीर्थों ने हमें ज्ञान, दर्शन और कला का संदेश दिया हैं, सामर्थय दिया है। ये एस्ट्रोनॉमी के शीष केंद्र रहे हैं। हमारे आध्यात्मिक केंद्र, तीर्थ स्थल आस्था के साथ विज्ञान और शोध की परंपरा को पुनर्जीवित कर रहे हैं।
नंदी द्वार से प्रवेश करते ही दिखते हैं ये नजारें
महाकाल पथ :- महाकाल मंदिर में प्रवेश के लिए त्रिवेणी संग्रहालय के पीछे रूद्रसागर के किनारे 26 फीट ऊंचा लाल पत्थर से नंदी द्वार बनाया है। 920 मीटर लंबा महाकाल पथ बनाया है, जिसके एक ओर 25 फीट ऊंची और 500 मीटर लंबी लाल पत्थर की दीवार बनाई है। दीवार पर शिव महापुराण में उल्लेखित घटनाओं के शैल चित्र उकेरे गए हैं। घटनाओं का संस्कृत में संदर्भ लिखा है। इसके ठीक सामने 108 शिव स्तंभ हैं। इन स्तंभों पर भगवान शिव एवं उनके गणों की विभिन्न मुद्राएं बनाई हैं।
मूर्तियाें की स्थापना : कमल सरोवर बनाया हैं, जिसके बीच आदि योगी शिव की विशाल मूर्ति स्थापित की है। इसी ओर सप्त ऋषियों की विग्रह स्वरूप में मूर्ती, नवग्रहों की विग्रह स्वरूप मूर्तियां, 25 फीट ऊंचा शिव स्तंभ,
भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर के संहार को दर्शाती 70 फीट लंबी मूर्ति, भगवान गणेश, कार्तिकेय और माता पार्वती की मूर्ती, वीरभद्र द्वारा दक्ष के शिरच्छेदन की मूर्ती स्थापित की है। इसी तरह प्रसाद एवं टिकट काउंटर बनाया गया है। यहीं त्रिवेणी मंडपम (कमर्शियल प्लाजा) है। रूद्रसागर किनारे 111 फीट लंबी दीवार पर शिव विवाह के शैल चित्र बनाए गए हैं।
राज्य खेल मलखंब का प्रदर्शन प्रधानमंत्री मोदी ने देखा
प्रधानमंत्री मोदी ने “श्री महाकाल लोक” के अवलोकन के दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ मध्यप्रदेश के राज्य खेल मलखंब के खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी देखा। प्रधानमंत्री ने मलखंब के प्रशिक्षित एवं दक्ष खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न शारीरिक अभ्यास और क्रियाओं का अवलोकन किया |
पीपल, गुलमोहर और खिरनी के पौधे मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वाल्मीकि युवा एकता संगठन भोपाल के कार्यकर्ताओं के साथ स्मार्ट सिटी उद्यान में पीपल, गुलमोहर और खिरनी के पौधे लगाए। संगठन के संदीप कल्याणे, अतुल घेंघट, गौतम चौहान, मोनिश चौहान और आकाश परोचे भी पौध-रोपण में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री चौहान को संगठन की ओर से अंग-वस्त्र, वाल्मीकि रामायण की प्रति तथा महर्षि वाल्मीकि जी का चित्र भेंट किया गया। वाल्मीकि युवा एकता संगठन, समाज सेवा तथा पर्यावरण-संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय है। संगठन द्वारा पौध-रोपण के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।
ए’ सर्टिफिकेट मिला आयुष्मान खुराना की ‘डॉक्टर जी’ को
ए’ सर्टिफिकेट मिला आयुष्मान खुराना की ‘डॉक्टर जी’ को
आयुष्मान खुराना और जंगली पिक्चर्स, जो बधाई हो और बरेली की बर्फी जैसे सूक्ष्म सामाजिक संदेश के साथ सबसे अनूठी कहनी को आगे लाने के लिए जाने जाते हैं, वह इस बार एक और एंटरटेनमेंट से भरपूर डॉक्टर जी यानी आयुष्मान खुराना के साथ वापस आ गए हैं। बता दें कि फ़िल्म का यह नाम अपने आप में एक शैली बन गया है। विक्की डोनर में स्पर्म डोनर होने से लेकर शुभ मंगल सावधान में इरेक्टाइल डिसफंक्शन से निपटने के लिए उनकी अवधारणा से प्रेरित फिल्मों के लिए जाना जाता है।
उनकी फिल्में बोल्ड प्रकृति की होने के बावजूद हमेशा एक पारिवारिक मनोरंजन के रूप में सामने आई हैं। ऐसे में इस बार, उनकी अगली फिल्म, डॉक्टर जी, उन्हें एक मेडिकल कैंपस कॉमेडी-ड्रामा में एक पुरुष स्त्री रोग विशेषज्ञ की भूमिका निभाते हुए दिखाता है। जिसके लिए मेकर्स को ए सर्टिफिकेशन हासिल हुआ है, यानी फ़िल्म को 18+ दर्शकों द्वारा ही देखा जा सकता है, जो आयुष्मान के लिए पहली बार है।
आयुष्मान खुराना अभिनीत ‘डॉक्टर जी’ एक महत्वाकांक्षी ऑर्थोपेडिक सर्जन की यात्रा है, जो स्त्री रोग विभाग में प्रवेश करता है, एक ऐसे महिला प्रधान विभाग में एकमात्र पुरुष होने के नाते, इसमें फिट होने के लिए उसका संघर्ष फ़िल्म में देखने मिलता है। इसमें चिकित्सा के लोकाचार को निभाते हुए कैंपस में रहना और डॉक्टर बनने की यात्रा को दिखायागया है। फिल्म असल जीवन से प्रेरित घटनाओं को हास्यपूर्ण तरीके से दिखाने का वादा करती है।
सोना, चांदी के भाव में त्योहारों से पहले आई भारी गिरावट
सोना, चांदी के भाव में त्योहारों से पहले आई भारी गिरावट
धनतेरस-दीपावली से पहले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। इस कारोबारी हफ्ते के पहले दिन यानी 10 अक्टूबर की सुबह, भारतीय सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को 999 प्योरिटी वाले दस ग्राम सोने की कीमत 51,317 रुपये हो गई है। इस तरह 999 प्योरिटी वाला 10 ग्राम सोना, 448 रुपये सस्ता हो गया है। वहीं 999 प्योरिटी वाली एक किलो चांदी की कीमत 58 हजार से करीब आ गई है। इस तरह चांदी की कीमतों में 2,074 रुपये की कमी दर्ज की गई है।
995 प्योरिटी, 10 ग्राम सोना – 51,112 रुपये
916 प्योरिटी, 10 ग्राम सोना – 47,006 रुपये
750 प्योरिटी, 10 ग्राम सोना – 38,488 रुपये
585 प्योरिटी, 10 ग्राम सोना – 30,020 रुपये
999 प्योरिटी, एक किलो चांदी – 58,774 रुपये
आपको बता दें कि सोने-चांदी के दाम में सुबह और शाम दोनों समय बदलाव देखने को मिलता है। इसलिए खरीदते वक्त इसका ख्याल रखें। वहीं शहरों के मुताबिक रेट में थोड़ा-बहुत बदलाव हो सकता है। अगर सोने के टाइप की बात करें, तो 24 कैरेट गोल्ड को प्योरेस्ट गोल्ड कहते हैं। इसमें किसी प्रकार की मिलावट नहीं होती है। इसे 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला गोल्ड कहा जाता है। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड में 91.67 प्रतिशत सोना, 21 कैरेट गोल्ड में 87.5 प्रतिशत सोना, 18 कैरेट में 75 प्रतिशत और 14 कैरेट गोल्ड में 58.5 प्रतिशत प्योर गोल्ड होता है।





