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चुनाव आयोग के समर्थन में उतरे 124 पूर्व नौकरशाह, खुला पत्र लिखकर दिया संदेश

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चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच 124 पूर्व नौकरशाहों ने आयोग के समर्थन में खुला पत्र लिखकर अपनी बात रखी है। पत्र में उन्होंने चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों के संदर्भ में सबूतों के महत्व पर जोर दिया है। ‘संदेह नहीं, सबूत’ संदेश के जरिए उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय तथ्यों तथा प्रमाणों को आधार बनाया जाना चाहिए।

चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मतदाता सूची में संशोधन, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। वहीं, आयोग की कार्यप्रणाली के समर्थन में सामने आए पूर्व नौकरशाहों के इस पत्र ने बहस को एक नया आयाम दिया है।

पूर्व अधिकारियों ने पत्र में चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली के आरोप लगाने वालों को अपने दावों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। पत्र में यह भी कहा गया है कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन आरोपों की जांच तथ्यों और कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर होनी चाहिए।

SIR पर भी जताया समर्थन
124 पूर्व अधिकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। पत्र में मृत मतदाताओं, दोहरी प्रविष्टियों और स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके लोगों के नामों की जांच का जिक्र किया गया है। साथ ही, अधिकारियों ने मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों में नोटिस, सुनवाई और अपील की व्यवस्था का उल्लेख किया।

लोकतंत्र में प्रमाण और पारदर्शिता पर जोर
पूर्व नौकरशाहों का कहना है कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। वहीं, चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए कानूनी रास्ते उपलब्ध हैं। इस खुले पत्र के सामने आने के बाद चुनाव आयोग की भूमिका, SIR और चुनावी पारदर्शिता को लेकर जारी बहस फिर चर्चा में आ गई है।

उत्तरकाशी में भूकंप के तेज झटके, 4.2 तीव्रता से कांपी धरती; चार दिन में दूसरी बार आया भूकंप

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार, 10 अक्टूबर की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज की गई। झटके महसूस होने के बाद लोगों में हलचल देखने को मिली। भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के आसपास बताया गया है।

रात 8:07 बजे महसूस हुए झटके
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उत्तरकाशी और आसपास के इलाकों में रात करीब 8:07 बजे धरती डोली। अचानक आए झटकों से लोगों में चिंता बढ़ गई। बताया जा रहा है कि चार दिनों के भीतर उत्तराखंड में दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले बागेश्वर क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।

नुकसान की जानकारी का इंतजार
भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में नहीं हुई है। हालांकि, स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है उत्तराखंड
उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील है। ऐसे में भूकंप के झटके महसूस होने पर लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

‘दृश्यम 3’ ने तोड़ा ‘तान्हाजी’ का रिकॉर्ड, अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी फिल्म बनी

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बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के महज आठ दिनों में फिल्म ने दुनियाभर में 407 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ फिल्म ने अजय देवगन की पिछली हिट फिल्मों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं और दुनियाभर की कमाई के मामले में उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म बन गई है।

आठ दिन में 400 करोड़ रुपये के पार
फिल्म ने 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी। शुरुआती वीकेंड में जबरदस्त कमाई के बाद दूसरे सप्ताह में भी इसका प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। ट्रेड रिपोर्टों के मुताबिक, आठवें दिन फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगभग 14.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ भारत में इसकी कुल नेट कमाई करीब 260 करोड़ रुपये और दुनियाभर में ग्रॉस कलेक्शन लगभग 407 करोड़ रुपये पहुंच गया।

‘तान्हाजी’ और ‘सिंघम अगेन’ को छोड़ा पीछे
अजय देवगन की 2020 में रिलीज हुई फिल्म ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ ने दुनियाभर में लगभग 367 करोड़ रुपये की कमाई की थी। वहीं, ‘सिंघम अगेन’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी ‘दृश्यम 3’ से पीछे रह गया है। नई फिल्म ने आठ दिनों में ही इन दोनों फिल्मों के लाइफटाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन को पार कर लिया है।

हालांकि, भारत में नेट कलेक्शन के आधार पर ‘तान्हाजी’ का रिकॉर्ड अभी अलग है। फिल्म की घरेलू लाइफटाइम नेट कमाई लगभग 279.59 करोड़ रुपये रही है, जबकि ‘दृश्यम 3’ आठवें दिन तक करीब 260 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन पर पहुंची थी। इसलिए घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ‘तान्हाजी’ का रिकॉर्ड तोड़ना अभी बाकी है।

स्टारकास्ट और कहानी ने बढ़ाया रोमांच
‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आ रहे हैं। फिल्म में तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। जयदीप अहलावत और प्रकाश राज भी फिल्म का हिस्सा हैं। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी यह क्राइम थ्रिलर दर्शकों को सस्पेंस और रोमांच से बांधे रखने में सफल रही है।

फिल्म की तेज रफ्तार कमाई ने बॉलीवुड में एक बार फिर फ्रेंचाइजी फिल्मों की लोकप्रियता को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजरें इसके दूसरे वीकेंड और आने वाले दिनों की कमाई पर टिकी हैं।

साइबर अपराधों से बचाव के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे से लोगों को बचाने के लिए साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने लोगों से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक ने आम लोगों के जीवन को आसान बनाया है। बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, सरकारी सेवाओं और खरीदारी जैसे अनेक कार्य अब डिजिटल माध्यमों से हो रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, लिंक के जरिए ठगी और व्यक्तिगत जानकारी चुराने जैसी साइबर अपराध की घटनाएं भी चुनौती बन रही हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना आवश्यक है।

जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का मजबूत आधार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शासन, पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के बीच समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना होगा, ताकि लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों को समझ सकें और समय रहते सतर्क हो सकें।

उन्होंने डिजिटल लेनदेन करते समय सावधानी बरतने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, OTP और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा संदिग्ध कॉल और संदेशों से बचने की सलाह दी।

साइबर सुरक्षा में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों से निपटना केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। परिवारों, युवाओं और विद्यार्थियों के बीच साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाकर डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों को कम करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने साइबर जागरूकता को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सतर्क नागरिक और जागरूक समाज ही सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: महिलाओं को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाएंगी साड़ियां

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर अहम फैसले किए हैं। योगी कैबिनेट ने महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ियां वितरित करने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों को महिला कल्याण और आंगनबाड़ी सेवाओं से जुड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

महिलाओं को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर
योगी सरकार के इस फैसले से पात्र महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। इससे त्योहारों और घरेलू जरूरतों के दौरान परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, योजना के तहत लाभार्थियों की पात्रता, वितरण की समयसीमा और सिलेंडर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार स्पष्ट होगी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बांटी जाएंगी साड़ियां
कैबिनेट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ियां वितरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साड़ी वितरण के फैसले से कार्यकर्ताओं को विभागीय व्यवस्था के तहत निर्धारित लाभ मिलेगा।

महिला कल्याण पर सरकार का जोर
उत्तर प्रदेश सरकार की इन घोषणाओं से महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों को गति मिलने की उम्मीद है। मुफ्त गैस सिलेंडर से जहां पात्र परिवारों को राहत मिल सकती है, वहीं साड़ी वितरण से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लाभ होगा।

कैबिनेट के फैसलों के बाद अब संबंधित विभागों की ओर से इनके क्रियान्वयन, पात्रता और वितरण संबंधी दिशा-निर्देशों पर नजर रहेगी।

पनामा में 7.6 तीव्रता के भूकंप से कांपी धरती, पांच देशों में सुनामी का अलर्ट जारी

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मध्य अमेरिकी देश पनामा के पास 7.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से धरती कांप उठी। भूकंप के बाद समुद्री क्षेत्रों में सुनामी की आशंका को देखते हुए पांच देशों के लिए चेतावनी जारी किए जाने की खबर है। इस घटनाक्रम के बाद संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

भूकंप की तीव्रता अधिक होने के कारण समुद्र में उठने वाली संभावित ऊंची लहरों को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुनामी की चेतावनी जारी होने के बाद तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और प्रशासन की निगाहें स्थिति पर बनी हुई हैं। ऐसे हालात में समुद्र तटों से दूर रहना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होता है।

तटीय इलाकों में सतर्कता जरूरी
भूकंप के बाद सुनामी का खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि भूकंप का केंद्र कहां था, उसकी गहराई कितनी थी और समुद्र तल पर उसका कितना प्रभाव पड़ा। प्रभावित देशों में लोगों को आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने और समुद्र के पास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

हालांकि, सुनामी की चेतावनी वाले पांच देशों के नाम, संभावित लहरों की ऊंचाई और भूकंप से हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। स्थिति से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए संबंधित देशों की आपदा प्रबंधन एजेंसियों और प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र की सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी है।

CJP प्रोटेस्ट से ठप हुआ जनजीवन, ट्रेनें रद्द और 45 मेट्रो स्टेशन बंद; दीपके बोले- प्रदर्शन तो होगा

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CJP प्रोटेस्ट के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कई ट्रेनों को रद्द करने, 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठाए गए हैं। इन प्रतिबंधों से आम लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है।

प्रदर्शन को लेकर दीपके ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि तमाम पाबंदियों के बावजूद प्रदर्शन किया जाएगा। उनके इस बयान से विरोध प्रदर्शन को लेकर तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जाने की बात सामने आई है।

फिलहाल, प्रदर्शन के सटीक स्थान, प्रतिबंधों की अवधि और ट्रेनों व मेट्रो सेवाओं पर पड़ने वाले वास्तविक असर की विस्तृत जानकारी की पुष्टि आवश्यक है। यात्रियों को सलाह है कि यात्रा से पहले संबंधित रेलवे और मेट्रो की आधिकारिक सूचनाएं जांच लें।

मुस्कुराकर टाल देते हैं बात, लेकिन कभी नहीं भूलते अपमान! मूलांक 4 और 8 वालों की जानें खासियत

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अंक ज्योतिष में हर मूलांक के व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व को अलग-अलग विशेषताओं से जोड़कर देखा जाता है। कुछ लोगों के बारे में माना जाता है कि वे सामने से मुस्कुराकर बात टाल देते हैं, लेकिन किसी के व्यवहार या अपमान को लंबे समय तक याद रखते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 4 और मूलांक 8 वाले लोगों के व्यक्तित्व में ऐसी प्रवृत्तियां देखने की बात कही जाती है।

मूलांक 4 वाले होते हैं व्यावहारिक और दृढ़ निश्चयी
अंक ज्योतिष के अनुसार, किसी भी महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 4 होता है। इन लोगों को आमतौर पर स्वतंत्र सोच वाला, व्यावहारिक और अपने फैसलों पर दृढ़ रहने वाला बताया जाता है।

मान्यता है कि मूलांक 4 वाले लोग दूसरों के व्यवहार को बारीकी से समझते हैं। यदि कोई उनके साथ गलत व्यवहार करता है, तो वे तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय परिस्थिति को समझना पसंद कर सकते हैं। हालांकि, वे किस तरह प्रतिक्रिया देंगे, यह उनके व्यक्तिगत स्वभाव और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

मूलांक 8 वाले नहीं भूलते अपनी जिंदगी के अनुभव
किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 8 होता है। अंक ज्योतिष में इस मूलांक को अनुशासन, धैर्य, मेहनत और दृढ़ संकल्प से जोड़ा जाता है।

ऐसी मान्यता है कि मूलांक 8 वाले लोग रिश्तों और व्यवहार को गंभीरता से लेते हैं। यदि उनका विश्वास टूटता है या उन्हें अपमान का सामना करना पड़ता है, तो वे उस अनुभव को लंबे समय तक याद रख सकते हैं। वे कई बार तुरंत विवाद करने के बजाय समय लेकर अपनी प्रतिक्रिया देना पसंद करते हैं।

क्या सच में मूलांक 4 और 8 वाले लोग बदला नहीं भूलते?
अंक ज्योतिष में मूलांक 4 और 8 को लेकर कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि इन तारीखों पर जन्म लेने वाला हर व्यक्ति एक जैसा व्यवहार करे। किसी व्यक्ति की याददाश्त, गुस्सा, क्षमा करने की प्रवृत्ति और रिश्तों को निभाने का तरीका केवल जन्मतिथि से तय नहीं होता।

बंगाल में अगले साल होंगे छात्रसंघ चुनाव, CM शुभेंदु अधिकारी बोले- ‘दिमागी नक्सलियों की जड़ें उखाड़ फेंकेंगे’

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अगले साल राज्य में छात्रसंघ चुनाव कराने का एलान किया है। इस घोषणा के साथ ही उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों और कथित अराजकता को लेकर कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि राज्य में ‘दिमागी नक्सलियों’ की जड़ें उखाड़ फेंकी जाएंगी। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। छात्रसंघ चुनाव की घोषणा को कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति को फिर से सक्रिय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में छात्र राजनीति लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए अहम रही है। छात्रसंघ चुनावों के जरिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संगठनों की ताकत का आकलन किया जाता है। ऐसे में अगले साल चुनाव कराने की घोषणा से राज्य के शैक्षणिक परिसरों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

हालांकि, छात्रसंघ चुनाव की तारीख, कार्यक्रम और आयोजन से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। मुख्यमंत्री के इस एलान पर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी।

राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात के बाद राहुल गांधी का बड़ा दावा, बोले- वोट चोरी के हमारे पास सबूत

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वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद दावा किया कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के सबूत मांगे थे और विपक्ष के पास इसके प्रमाण मौजूद हैं। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध तेज कर दिया है।

राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं राष्ट्रपति के सामने रखीं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची और चुनावी व्यवस्था में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के पास वोट चोरी से जुड़े सबूत हैं। उन्होंने इस मामले में अपनी बात रखते हुए चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास को महत्वपूर्ण बताया।

वहीं, इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं। विपक्ष की मांग है कि चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच कराई जाए और जिम्मेदारी तय की जाए। हालांकि, राहुल गांधी के दावे और कथित अनियमितताओं की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों तथा आधिकारिक जांच के आधार पर ही की जा सकेगी।