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छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों को बड़ी सौगात, रायपुर-कुरूद के बीच चलेंगी दो नई मेमू ट्रेनें; बड़ी रेललाइन का काम पूरा

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छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे ने रायपुर से कुरूद के बीच दो नई मेमू (MEMU) पैसेंजर ट्रेनों के संचालन को मंजूरी दे दी है। इससे राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। नई ट्रेनों से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और व्यापारियों को विशेष लाभ मिल सकता है।

रायपुर-कुरूद के बीच मिलेंगी दो नई रेल सेवाएं
रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर-कुरूद मार्ग पर दो मेमू ट्रेनों को मंजूरी दी गई है। इनमें गाड़ी संख्या 68772/68771 और 68774/68773 शामिल हैं। इसके अलावा रायपुर से रावघाट के बीच भी एक नई मेमू ट्रेन को स्वीकृति मिली है। इस तरह छत्तीसगढ़ को कुल तीन नई मेमू रेल सेवाओं की सौगात मिली है।

छात्रों और नौकरीपेशा यात्रियों को मिलेगी राहत
नई ट्रेनों के संचालन से रायपुर आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए, कर्मचारियों को नौकरी के सिलसिले में और किसानों व व्यापारियों को अपने कामकाज के लिए आवागमन में सुविधा मिल सकती है। वहीं, इलाज के लिए राजधानी पहुंचने वाले लोगों का सफर भी आसान होने की संभावना है।

समय-सारणी का इंतजार
नई मेमू ट्रेनों के संचालन की मंजूरी मिलने के बाद अब यात्रियों की नजर रेलवे की ओर से जारी होने वाली समय-सारणी और परिचालन शुरू होने की तारीख पर है। ट्रेन के प्रस्थान और आगमन का समय तथा बीच के स्टेशनों पर ठहराव की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद यात्री अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।

नई रेल सेवाओं से क्षेत्रीय परिवहन को बढ़ावा मिलने और रायपुर-कुरूद के बीच यात्रियों को सुविधाजनक रेल विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।

ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के गेट पर भीषण हादसा, ट्रक की चपेट में आए 50 से ज्यादा श्रद्धालु; 15 की मौत, ड्राइवर और मालिक गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के गेट पर एक दर्दनाक हादसे ने श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मचा दी। मंदिर के प्रवेश द्वार के पास ट्रक की चपेट में आने से 50 से अधिक श्रद्धालु प्रभावित हुए। हादसे में 15 लोगों की मौत की खबर है। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच यह हादसा हुआ। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।

ट्रक चालक और मालिक गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक के चालक और मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और ट्रक श्रद्धालुओं के बीच कैसे पहुंचा, इसकी पड़ताल की जा रही है।

हादसे से क्षेत्र में शोक
धार्मिक स्थल के पास हुए इस हादसे से क्षेत्र में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के प्रभावित होने की खबर ने लोगों को झकझोर दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना को मिली बड़ी सफलता, 2.95 किमी लंबी टीही टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा

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मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के तहत टीही टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो गया है। करीब 2,957 मीटर लंबी इस सुरंग में रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया है। इस उपलब्धि से इंदौर से धार तक रेल सेवा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

कंक्रीट के मजबूत आधार पर बिछाई गई पटरियां
टीही टनल में सामान्य रेलवे ट्रैक की तरह पटरियों के नीचे गिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यहां बैलास्टलेस ट्रैक तकनीक अपनाई गई है, जिसमें पटरियों को मजबूत कंक्रीट के आधार पर स्थापित किया जाता है। इस तकनीक का उद्देश्य सुरंग के भीतर ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ट्रैक बिछाने के बाद कंक्रीट को सेट होने के लिए लगभग 15 से 20 दिन का समय लग सकता है।

विद्युतीकरण और फिनिशिंग का काम जारी
टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा होने के बाद अब विद्युतीकरण, प्रकाश व्यवस्था, एग्जॉस्ट फैन लगाने और अन्य तकनीकी कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। सुरंग के दोनों सिरों पर रेलवे लाइन को जोड़ने से संबंधित कुछ कार्य भी किए जा रहे हैं। रेलवे का लक्ष्य इन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना है।

टीही से धार तक 47 किलोमीटर रेलखंड तैयार करने की कवायद
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत टीही से धार तक लगभग 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण अंतिम चरण में है। इस हिस्से में ट्रैक, पुल-पुलिया, स्टेशन, प्लेटफॉर्म, सिग्नलिंग और विद्युतीकरण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने हाल ही में निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया तथा शेष कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।

सीआरएस निरीक्षण के बाद आगे बढ़ेगी ट्रेन संचालन की प्रक्रिया
रेलखंड का निर्माण पूरा होने के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) का निरीक्षण महत्वपूर्ण होगा। इस निरीक्षण में रेल लाइन और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ही नियमित ट्रेन संचालन का रास्ता साफ होगा। इससे इंदौर, पीथमपुर और धार के बीच रेल संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

नवरात्रि का सातवां दिन आज मां कालरात्रि की आराधना, शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज के संहार से जुड़ी है पौराणिक कथा

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शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जा रही है। मां कालरात्रि को दुष्टों का संहार करने वाली और अपने भक्तों को भय से मुक्ति दिलाने वाली देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां की उपासना से साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। देवी के इस स्वरूप को ‘शुभंकरी’ भी कहा जाता है।

अत्यंत शक्तिशाली है मां कालरात्रि का स्वरूप
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत उग्र है। उनका वर्ण घने अंधकार के समान काला, केश बिखरे हुए और तीन नेत्र बताए गए हैं। वे गर्दभ यानी गधे पर सवार रहती हैं। उनके चार हाथों में अस्त्र-शस्त्र तथा अभय और वरद मुद्रा का वर्णन मिलता है। उनका उग्र स्वरूप बुराई, भय और नकारात्मक शक्तियों के विनाश का प्रतीक माना जाता है।

शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज के संहार से जुड़ी कथा
देवी महात्म्य की पौराणिक कथा के अनुसार, शुंभ-निशुंभ और उनके सहयोगी असुरों के अत्याचार से देवता परेशान थे। इसी युद्ध में रक्तबीज नामक असुर भी देवी के लिए बड़ी चुनौती बना। उसे वरदान प्राप्त था कि उसके रक्त की प्रत्येक बूंद धरती पर गिरते ही उसके समान एक नया असुर उत्पन्न हो जाता था। ऐसे में उसका वध करना कठिन हो गया था।

धार्मिक कथाओं में वर्णन मिलता है कि देवी ने रक्तबीज के रक्त को धरती पर गिरने से रोककर उसका संहार किया। मां दुर्गा के उग्र काली स्वरूप की यह कथा बुराई पर शक्ति की विजय का संदेश देती है। शुंभ-निशुंभ के विरुद्ध युद्ध में भी देवी ने असुरों का सामना कर धर्म की रक्षा की।

ऐसे करें मां कालरात्रि की पूजा
नवरात्रि के सातवें दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल की सफाई के बाद मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। देवी को रोली, अक्षत, फूल, धूप और दीप अर्पित करें। इसके बाद मां के मंत्र का जाप कर आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि तथा कल्याण की प्रार्थना करें।

मां कालरात्रि का प्रमुख मंत्र है—

ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

गुड़ का भोग लगाने की मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ अथवा गुड़ से बनी मिठाई का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। भक्त इस दिन देवी से भय, संकट और बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। पूजा के दौरान श्रद्धा, संयम और सात्विकता का विशेष महत्व बताया गया है।

भक्तों को निर्भयता और साहस का संदेश
मां कालरात्रि का स्वरूप यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी साहस और विश्वास बनाए रखना चाहिए। नवरात्रि के सातवें दिन देवी की आराधना कर श्रद्धालु अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को भक्तों का कल्याण करने वाली और दुष्ट शक्तियों का विनाश करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: भोपाल से खाटूश्यामजी जा रही ट्रैवलर नाले में गिरी, MP के 8 श्रद्धालुओं की मौत

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राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मध्य प्रदेश से खाटूश्यामजी के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी टेम्पो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गहरे नाले में जा गिरी। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। इस दुर्घटना में मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं की जान जाने से उनके परिवारों में शोक की लहर है।

सुबह करीब 6 बजे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा कोटा जिले के सीमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल प्लाजा के पास एक्सप्रेस-वे पर हुआ। ट्रैवलर में सवार यात्री भोपाल और बैतूल से धार्मिक यात्रा पर निकले थे। वाहन के अनियंत्रित होने के बाद वह सड़क से नीचे नाले में जा गिरा। शुरुआती रिपोर्टों में चालक को झपकी आने की आशंका भी जताई गई है, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

रेस्क्यू ऑपरेशन में आई मुश्किलें
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। वाहन में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। नाले में पानी और गाद जमा होने के कारण राहत कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। घायलों को उपचार के लिए कोटा के एमबीएस अस्पताल और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया।

मृतकों की संख्या आठ, घायलों का उपचार जारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में आठ लोगों की जान गई है और कई यात्री घायल हुए हैं। मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से घायलों के उपचार तथा मृतकों की पहचान से जुड़ी कार्रवाई की गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

धार्मिक यात्रा मातम में बदली
खाटूश्यामजी के दर्शन की उम्मीद लेकर निकले श्रद्धालुओं की यात्रा इस भीषण दुर्घटना के कारण दुखद हादसे में बदल गई। हादसे की खबर से मध्य प्रदेश में उनके परिजनों और परिचितों के बीच शोक व्याप्त है। दुर्घटना के कारणों और अन्य विवरणों को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

रूस से तेल-गैस खरीदने पर भारत को बड़ी राहत, ट्रंप ने फिलहाल टाला 100% टैरिफ का खतरा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने संबंधी प्रावधानों से फिलहाल छूट देने का फैसला किया है। इससे भारत को बड़ी राहत मिली है। नए अमेरिकी कानून के तहत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया था। हालांकि, ट्रंप के ताजा आदेश से इन प्रतिबंधों और टैरिफ का तत्काल खतरा टल गया है।

अमेरिका ने राष्ट्रीय हित का दिया हवाला
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने 16 अक्टूबर को जारी कार्यकारी आदेश में कहा कि मौजूदा समय में इन प्रतिबंधों से छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। यह फैसला रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से बनाए गए नए कानून के प्रावधानों के लागू होने से पहले लिया गया।

भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से कच्चा तेल खरीदता है। रूस से तेल की खरीद भारतीय ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। ऐसे में अमेरिका की ओर से 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारतीय निर्यातकों और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ सकता था। फिलहाल छूट मिलने से भारत को तत्काल राहत मिली है।

आगे भी बदल सकती है स्थिति
ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल संबंधित प्रावधानों से छूट दी है, लेकिन इसे स्थायी राहत नहीं माना जा सकता। आदेश के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति या उनके वरिष्ठ अधिकारी भविष्य में जरूरत पड़ने पर दोबारा कार्रवाई का फैसला कर सकते हैं। इसलिए भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर आगे के घटनाक्रम पर नजर बनी रहेगी।

यमन में राष्ट्रपति भवन परिसर पर हूतियों का मिसाइल हमला, 5 मिसाइलें दागने का दावा; प्रधानमंत्री और मंत्री सुरक्षित

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यमन में जारी संघर्ष के बीच हूती विद्रोहियों ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को देश की अस्थायी राजधानी अदन स्थित राष्ट्रपति भवन परिसर पर मिसाइल हमला किया। यमन सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, परिसर को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी गईं। हमले के बाद इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, परिसर में मौजूद प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों की मौत की खबर भी सामने आई है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरयानी ने बताया कि हूतियों ने राष्ट्रपति भवन परिसर पर पांच मिसाइलें दागीं। शुरुआती रिपोर्टों में दो सुरक्षा गार्डों की मौत की जानकारी दी गई है। वहीं, कुछ अन्य रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अधिक बताई गई है। घटना में हताहतों की अंतिम संख्या की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

सैन्य मुख्यालय और हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
हूती विद्रोहियों से जुड़ी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, हमले में परिसर के भीतर स्थित सऊदी अधिकारियों के सैन्य अभियान मुख्यालय और हथियारों के भंडार को निशाना बनाया गया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने भी हमले को सऊदी सैन्य मौजूदगी के खिलाफ कार्रवाई बताया। हालांकि, लक्ष्यों को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सऊदी अरब के साथ बढ़ रहा तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज हो रहा है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने भी हाल के दिनों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों की कोशिशों का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते टकराव से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

अदन स्थित राष्ट्रपति भवन परिसर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का प्रमुख केंद्र है। ऐसे संवेदनशील सरकारी परिसर को निशाना बनाए जाने से देश में जारी संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

एमपी जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप: नित्या की दोहरी सफलता, मेधांश और प्रणीत ने भी दर्ज की जीत

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मध्य प्रदेश जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नित्या ने दोहरी सफलता हासिल कर ध्यान आकर्षित किया, वहीं मेधांश और प्रणीत ने भी अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की।

चैंपियनशिप में खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिले। नित्या के दोहरी सफलता हासिल करने से प्रतियोगिता में उनकी स्थिति मजबूत हुई। वहीं, मेधांश और प्रणीत की जीत ने भी आगे के मुकाबलों के लिए उनकी उम्मीदों को बढ़ाया।

जूनियर स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव हासिल करने का अवसर देना है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों के परिणाम और अगले दौर में पहुंचने वाले खिलाड़ियों की जानकारी सामने आने के साथ चैंपियनशिप का रोमांच और बढ़ने की उम्मीद है।

हत्या को गैर-इरादतन हत्या में बदलने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कहा- ‘यह दयनीय स्थिति’

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सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एक फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है, जिसमें हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को उम्रकैद से घटाकर 10 साल कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्यायाधीशों को आपराधिक कानून के बुनियादी प्रावधानों की जानकारी होनी चाहिए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार और आरोपी चिंतामणि उर्फ चिंटू पटेल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

जस्टिस जेबी पार्डीवाला की पीठ ने क्या कहा?
14 अक्टूबर 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के नवंबर 2024 के आदेश पर सवाल उठाए। जस्टिस पार्डीवाला ने टिप्पणी की कि हाई कोर्ट के न्यायाधीशों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 के भाग एक और भाग दो के बीच अंतर की जानकारी होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने मामले में घातक चोटों की प्रकृति और मृतका को चोटें किस तरह लगीं, इन महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया। शीर्ष अदालत ने पूछा कि हाई कोर्ट का आदेश रद्द कर निचली अदालत के फैसले को फिर से बहाल क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?

यह मामला फरवरी 2021 में छत्तीसगढ़ में रायमोती पटेल नामक महिला की मौत से जुड़ा है। आरोप के मुताबिक, चिंतामणि उर्फ चिंटू पटेल ने नशे की हालत में महिला को धक्का दिया था, जिसके बाद वह ईंटों पर गिर गई और उसकी मौत हो गई। महिला ने मौत से पहले अपने पति को बताया था कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट की थी।

मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत ने सितंबर 2022 में चिंतामणि को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने नवंबर 2024 में दोषसिद्धि को हत्या से बदलकर गैर-इरादतन हत्या की श्रेणी में कर दिया और सजा घटाकर 10 साल कर दी। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में हत्या का मकसद और पूर्व साजिश साबित नहीं होने समेत अन्य पहलुओं पर विचार किया था।

IPC की धारा 304 के भाग एक और दो में क्या अंतर है?

धारा 304, भाग एक: ऐसे मामलों से संबंधित है, जहां गैर-इरादतन हत्या में मृत्यु कारित करने या ऐसी चोट पहुंचाने का इरादा शामिल हो, जिससे मृत्यु होने की आशंका हो।

धारा 304, भाग दो: ऐसे मामलों से संबंधित है, जहां आरोपी को अपने कृत्य से मृत्यु होने की आशंका का ज्ञान हो, लेकिन मृत्यु कारित करने का इरादा न हो।

सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी का प्रमुख कारण यही था कि हाई कोर्ट के फैसले में इन कानूनी प्रावधानों और मामले के तथ्यों का आकलन किस तरह किया गया।

अब सुप्रीम कोर्ट में आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और चिंतामणि पटेल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत इस बात पर विचार करेगी कि हाई कोर्ट का फैसला रद्द कर निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा बहाल की जानी चाहिए या नहीं। फिलहाल, शीर्ष अदालत की टिप्पणी के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

EPFO के नए नियम: बीमारी में बिना लिमिट, पढ़ाई के लिए 10 और शादी के लिए 5 बार निकाल सकेंगे PF एडवांस

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ खाते से एडवांस निकालने के नियमों को आसान बनाया है। नए नियमों के तहत कर्मचारी बीमारी, पढ़ाई, शादी और मकान से जुड़ी जरूरतों के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं। निकासी के अलग-अलग कारणों के लिए सीमा तय की गई है, जबकि पात्र सदस्यों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 12 महीने रखी गई है।

किस काम के लिए कितनी बार निकाल सकेंगे PF का पैसा?

1. बीमारी के इलाज के लिए: कर्मचारी अपने या पात्र परिवार के सदस्यों के इलाज के लिए पीएफ एडवांस ले सकते हैं। इस श्रेणी में निकासी की संख्या पर कोई निर्धारित सीमा नहीं है। हालांकि, योजना की अन्य शर्तें लागू रहेंगी।

2. पढ़ाई के लिए 10 बार: शिक्षा से जुड़े खर्चों के लिए सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 10 बार पीएफ एडवांस लिया जा सकता है।

3. शादी के लिए 5 बार: कर्मचारी अपनी या पात्र परिवार के सदस्यों की शादी के लिए सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 5 बार एडवांस निकाल सकते हैं।

4. मकान के लिए 5 बार: घर या प्लॉट खरीदने, मकान बनाने, होम लोन चुकाने तथा मकान की मरम्मत या सुधार जैसे पात्र आवासीय उद्देश्यों के लिए कुल 5 बार निकासी की सुविधा है।

5. विशेष परिस्थितियों में साल में 2 बार: विशेष परिस्थितियों के लिए निर्धारित श्रेणी के अंतर्गत एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 2 बार पीएफ एडवांस लिया जा सकता है।

कितना पैसा निकाल सकते हैं?
नए नियमों के तहत पात्र सदस्य अपने पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखने का प्रावधान है, ताकि रिटायरमेंट के लिए बचत सुरक्षित रहे। आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम 12 महीने की सदस्यता अवधि की शर्त भी लागू होती है। वास्तविक पात्र राशि और निकासी पर लागू शर्तें संबंधित प्रावधानों पर निर्भर करेंगी।

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
पीएफ सदस्य अपने UAN के माध्यम से EPFO के आधिकारिक सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करके पात्रता और KYC विवरण की जांच कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित एडवांस क्लेम के लिए आवेदन किया जा सकता है। आधार, बैंक खाते और अन्य जरूरी विवरण अपडेट होने से क्लेम प्रक्रिया में मदद मिलती है।

ध्यान दें: पीएफ से एडवांस निकालना और नौकरी छोड़ने के बाद पूरे पीएफ का अंतिम भुगतान लेना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। दोनों के नियमों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।