मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के तहत टीही टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो गया है। करीब 2,957 मीटर लंबी इस सुरंग में रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया है। इस उपलब्धि से इंदौर से धार तक रेल सेवा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
कंक्रीट के मजबूत आधार पर बिछाई गई पटरियां
टीही टनल में सामान्य रेलवे ट्रैक की तरह पटरियों के नीचे गिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यहां बैलास्टलेस ट्रैक तकनीक अपनाई गई है, जिसमें पटरियों को मजबूत कंक्रीट के आधार पर स्थापित किया जाता है। इस तकनीक का उद्देश्य सुरंग के भीतर ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ट्रैक बिछाने के बाद कंक्रीट को सेट होने के लिए लगभग 15 से 20 दिन का समय लग सकता है।
विद्युतीकरण और फिनिशिंग का काम जारी
टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा होने के बाद अब विद्युतीकरण, प्रकाश व्यवस्था, एग्जॉस्ट फैन लगाने और अन्य तकनीकी कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। सुरंग के दोनों सिरों पर रेलवे लाइन को जोड़ने से संबंधित कुछ कार्य भी किए जा रहे हैं। रेलवे का लक्ष्य इन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना है।
टीही से धार तक 47 किलोमीटर रेलखंड तैयार करने की कवायद
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत टीही से धार तक लगभग 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण अंतिम चरण में है। इस हिस्से में ट्रैक, पुल-पुलिया, स्टेशन, प्लेटफॉर्म, सिग्नलिंग और विद्युतीकरण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने हाल ही में निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया तथा शेष कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
सीआरएस निरीक्षण के बाद आगे बढ़ेगी ट्रेन संचालन की प्रक्रिया
रेलखंड का निर्माण पूरा होने के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) का निरीक्षण महत्वपूर्ण होगा। इस निरीक्षण में रेल लाइन और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ही नियमित ट्रेन संचालन का रास्ता साफ होगा। इससे इंदौर, पीथमपुर और धार के बीच रेल संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।





