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रांची IIIT में छात्र की संदिग्ध मौत पर बवाल, निदेशक और डीन के इस्तीफे की मांग; अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे विद्यार्थी

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झारखंड की राजधानी रांची स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कैंपस में तनाव का माहौल है। हॉस्टल में छात्र का शव मिलने के बाद विद्यार्थियों में आक्रोश फैल गया। छात्रों ने संस्थान के निदेशक और एकेडमिक डीन के इस्तीफे की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं में कथित लापरवाही की जांच कराने की मांग भी उठाई है।

हॉस्टल के कमरे में मिला छात्र का शव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार के पूर्णिया निवासी आदित्य कुमार IIIT रांची में प्रथम वर्ष के छात्र थे। शनिवार रात हॉस्टल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिलने के बाद विद्यार्थियों ने दरवाजा खोला, जहां आदित्य का शव मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।

आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद छात्रों ने संस्थान की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि छात्र को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। छात्रों के अनुसार, उसे कमरे से बाहर निकालने के बाद सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की गई, लेकिन एंबुलेंस की उपलब्धता और जरूरी सुविधाओं को लेकर समस्याएं सामने आईं।

छात्रों ने दावा किया कि एंबुलेंस की चाबी मिलने में करीब 15 से 20 मिनट की देरी हुई और वाहन में ऑक्सीजन जैसी जरूरी सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संस्थान में आपातकालीन सेवाओं की स्थिति और घटना के दौरान हुई गतिविधियों की जांच की मांग तेज हो गई है।

निदेशक और एकेडमिक डीन के इस्तीफे की मांग
छात्रों का कहना है कि संस्थान प्रबंधन को हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने निदेशक और एकेडमिक डीन के इस्तीफे के साथ कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

विद्यार्थियों ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं, एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर हॉस्टल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस जांच जारी, परीक्षा के दबाव की आशंका
पुलिस के मुताबिक, छात्र की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में परीक्षा के दबाव की आशंका जताई गई है, क्योंकि संस्थान में परीक्षाएं 8 अक्टूबर से शुरू हुई थीं। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी संज्ञान लेने की जानकारी दी है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में कथित तौर पर चिकित्सा सहायता मिलने में देरी, प्रशासनिक लापरवाही और छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जाएगी।

नेपाल में फिर तबाही! बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़ से 6 पुल और दर्जनों घर बहे, 10 लोग लापता

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नेपाल में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को एक बार फिर प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई। गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण कई मकान और पुल बह गए। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, इस घटना में कम से कम 10 लोग लापता हैं। बाढ़ के बाद नदी किनारे बसे गांवों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।

भूस्खलन के कारण आई अचानक बाढ़
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोरखा जिले के चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह बाधित हुआ था। आशंका है कि मलबे से बना अस्थायी अवरोध टूटने के बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बहा, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। हालांकि, बाढ़ के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए अधिकारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

छह पुल और करीब 35 मकान बाढ़ में बहे
नेपाल के स्थानीय समाचार पोर्टल ऑनलाइनखबर और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाढ़ के तेज बहाव में छह पुल बह गए। इनमें दो मोटर वाहन पुल और चार झूला पुल शामिल हैं। चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के पैन्यू और बगर क्षेत्रों में करीब 35 मकानों के बहने की खबर है। जगत, सल्लेरी, दोभान और घट्टेखोला सहित कई बस्तियों में भी नुकसान हुआ है।

10 लोग लापता, राहत-बचाव अभियान जारी
बाढ़ के बाद कम से कम 10 लोगों के लापता होने की सूचना है। नेपाली सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सेना ने 49 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।

कई जिलों में अलर्ट, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। गोरखा के अलावा धादिंग, तनहूं, चितवन तथा पूर्वी और पश्चिमी नवलपरासी के नदी किनारे बसे इलाकों में भी चेतावनी जारी की गई। अधिकारियों ने लोगों से नदी के पास जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।

पहले भी नेपाल में आई थी विनाशकारी बाढ़
नेपाल अभी अगस्त 2026 में आई विनाशकारी बाढ़ के प्रभावों से उबरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में बूढ़ी गंडकी नदी में आई ताजा बाढ़ ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन करने, लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में जुटा है।

PM मोदी ने तमिलनाडु CM विजय को दिया बड़ा ऑफर! विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र के सहयोग का भरोसा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति और विकास योजनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु को 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग का भरोसा भी दिलाया।

मुख्यमंत्री विजय ने रखीं राज्य की प्रमुख मांगें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री के सामने चेन्नई मेट्रो के तीसरे चरण को मंजूरी देने, कोयंबटूर और मदुरै की प्रस्तावित मेट्रो परियोजनाओं पर दोबारा विचार करने और समग्र शिक्षा योजना के तहत लंबित धनराशि जारी करने की मांग रखी। राज्य सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से सार्वजनिक परिवहन और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मोदी ने दिया विकास में सहयोग का भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में सरकार बदलने के बावजूद राज्य के विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता में बदलाव नहीं होगा। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर जोर दिया।

13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण में पूनमल्ली से वडापलानी तक करीब 15 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन किया। इस खंड के निर्माण पर लगभग 4,900 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा रहीं।

तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त और समावेशी शासन के जरिए विकास को गति देने की बात कही। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को तमिलनाडु की आगामी विकास योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या है ‘बड़े ऑफर’ की वास्तविकता?
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट्स में प्रधानमंत्री की ओर से मुख्यमंत्री विजय को किसी विशेष राजनीतिक पद, गठबंधन या अलग आर्थिक पैकेज का औपचारिक ऑफर दिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। खबरों में मुख्य रूप से तमिलनाडु के विकास के लिए केंद्र के सहयोग और मुख्यमंत्री की ओर से रखी गई मांगों का उल्लेख है।

‘दृश्यम 3’ ने ‘मिर्जापुर’ को पछाड़ा, 2026 की चौथी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्म बनी

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बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की क्राइम-थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के महज नौ दिनों में फिल्म ने कमाई के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने ‘मिर्जापुर द मूवी’ को पीछे छोड़ते हुए साल 2026 की चौथी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्मों में जगह बना ली है।

नौ दिनों में 286 करोड़ रुपये के करीब पहुंची कमाई
बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों के मुताबिक, ‘दृश्यम 3’ ने शुरुआती सात दिनों में भारतीय बाजार में लगभग 245.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके बाद आठवें दिन फिल्म ने करीब 14.50 करोड़ रुपये और नौवें दिन लगभग 26.50 करोड़ रुपये की कमाई की। इस तरह फिल्म का कुल घरेलू नेट कलेक्शन लगभग 286.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। ये आंकड़े शुरुआती बॉक्स ऑफिस अनुमानों पर आधारित हैं और इनमें बदलाव संभव है।

110 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म ने कमाया अच्छा मुनाफा
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का बजट करीब 110 करोड़ रुपये बताया गया है। नौ दिनों के कारोबार के आधार पर फिल्म का प्रदर्शन मजबूत रहा है। एबीपी लाइव की रिपोर्ट में कोइमोई के आंकड़ों का हवाला देते हुए फिल्म का मुनाफा लगभग 159.55 प्रतिशत बताया गया है। इसी आधार पर इसे 2026 की चौथी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्म बताया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग ट्रेड पोर्टल मुनाफे की गणना में अलग मानक अपना सकते हैं।

अजय देवगन के विजय सलगांवकर ने फिर जीता दर्शकों का दिल
‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी में अजय देवगन विजय सलगांवकर की भूमिका निभा रहे हैं। सस्पेंस, रहस्य और अप्रत्याशित मोड़ों से भरपूर इस कहानी ने पहले भी दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की है। तीसरे भाग को लेकर बनी उत्सुकता का असर फिल्म की कमाई में भी दिखाई दे रहा है।

फिल्म ने अपने पहले सप्ताह में ही ‘दृश्यम 2’ के घरेलू बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया था। अब इसकी नजर आगे के कारोबार और नए रिकॉर्ड पर है।

बॉक्स ऑफिस पर आगे भी कायम रह सकता है फिल्म का दबदबा
‘दृश्यम 3’ की शुरुआती सफलता ने इसे साल की चर्चित फिल्मों में शामिल कर दिया है। आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई किस स्तर तक पहुंचती है, यह दर्शकों की प्रतिक्रिया और सिनेमाघरों में इसकी पकड़ पर निर्भर करेगा। फिलहाल, अजय देवगन की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है।

कामजोंग और उखरुल जिलों में बढ़ा तनाव, प्रशासन ने लागू किए प्रतिबंध

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मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में नागा और कुकी समुदायों से जुड़े सशस्त्र समूहों के बीच हुई हिंसक घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत की खबर है। चसाद गांव और आसपास के इलाकों में आगजनी की घटनाओं में 10 घरों और 20 दुकानों को जला दिया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, चसाद गांव में एक महिला की गोली लगने से मौत के बाद तनाव बढ़ा। इसके बाद हुई गोलीबारी में अन्य लोगों की भी जान गई। अलग-अलग घटनाओं में कामजोंग और उखरुल जिलों में मौतें दर्ज की गई हैं। हमलों में शामिल लोगों की पहचान और घटनाओं के कारणों की जांच की जा रही है।

प्रशासन ने लागू की निषेधाज्ञा
स्थिति को नियंत्रित करने और हिंसा को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कामजोंग जिला प्रशासन ने चसाद पुलिस गेट जंक्शन के आसपास प्रतिबंध लागू किए हैं। आदेश के तहत निर्धारित क्षेत्र में लोगों के जमावड़े और हथियार लेकर चलने पर रोक लगाई गई है। वहीं, हिंसा के विरोध में कांगपोकपी जिले में 24 घंटे के बंद का आह्वान भी किया गया है।

शांति बहाली प्रशासन के सामने चुनौती
लगातार सामने आ रही गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने की चुनौती है। फिलहाल, प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और घटनाओं की जांच जारी है।

बीज से बाजार तक किसानों को मिल रही हर सुविधा, CM योगी बोले- डबल इंजन सरकार में किसान कर्ज के जाल से हुए मुक्त

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि डबल इंजन सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों और किसान कल्याण की योजनाओं से प्रदेश की खेती-किसानी को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री ने कृषि विकास दर में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

सीएम योगी के मुताबिक, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर लगभग 8 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों और सरकार की नीतियों का परिणाम बताया। सरकार का जोर किसानों को बेहतर बीज, खाद, सिंचाई, कृषि तकनीक और फसल के उचित बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने पर है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है। कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, सिंचाई व्यवस्था में सुधार और कृषि उत्पादों के विपणन को बेहतर बनाने जैसे प्रयासों से किसानों को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

सरकार की प्राथमिकता खेती को लाभकारी बनाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों को कर्ज के दबाव से बाहर निकालना है। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना भी सरकार के एजेंडे में शामिल है।

बीज से बाजार तक सुविधाओं पर जोर
उत्तर प्रदेश में कृषि विकास को गति देने के लिए उत्पादन से लेकर उपज के विपणन तक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधन और बाजार तक पहुंच मिले, जिससे उनकी आय में सुधार हो और प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

एमपी के पटवारियों को बड़ी राहत: नियमों के तहत काम करने पर नहीं होगी कानूनी कार्रवाई, सोमवार से शुरू होगी फ्री रजिस्ट्री

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मध्य प्रदेश में पटवारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नियमों के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाले पटवारियों को कानूनी कार्रवाई से राहत देने की व्यवस्था की गई है। इससे राजस्व विभाग के कामकाज में लगे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, प्रदेश में सोमवार से फ्री रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है।

पटवारियों को राहत देने का उद्देश्य नियमों के अनुसार काम करने वाले कर्मचारियों को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई की आशंका से बचाना है। हालांकि, यह राहत नियमानुसार कार्य करने की शर्त पर आधारित होगी। इससे राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन में कर्मचारियों का भरोसा बढ़ने और प्रशासनिक कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, सोमवार से शुरू होने वाली फ्री रजिस्ट्री को लेकर भी लोगों की नजरें टिकी हैं। इस व्यवस्था से संबंधित पात्र लोगों को राहत मिलने की संभावना है। इसके नियम, पात्रता और प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही लाभ की स्थिति स्पष्ट होगी।

प्रदेश में पटवारियों को राहत और फ्री रजिस्ट्री की शुरुआत से जुड़े इन फैसलों को राजस्व व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनसे आम नागरिकों और राजस्व विभाग के कामकाज पर क्या असर पड़ेगा, यह लागू होने वाली विस्तृत व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

छत्तीसगढ़ के चार शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, रायपुर को मिलेंगी सबसे ज्यादा 100 बसें

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छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश के चार शहरों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें (ई-बसें) संचालित करने की योजना है। इसमें राजधानी रायपुर को सबसे ज्यादा 100 बसें मिलने की जानकारी सामने आई है। इस पहल से शहरी परिवहन को बेहतर बनाने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

चार शहरों में मजबूत होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था
योजना के तहत प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इनमें रायपुर को 100 बसें मिलने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की क्षमता बढ़ने की संभावना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को आवागमन के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे और शहरों में यातायात व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

प्रदूषण कम करने पर रहेगा जोर
डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसें स्थानीय स्तर पर धुएं का उत्सर्जन नहीं करतीं। ऐसे में इनका संचालन शहरी वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।

यात्रियों को मिल सकती है राहत
ई-बसों की संख्या बढ़ने से शहरों में बस सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, बसों के संचालन की शुरुआत, निर्धारित रूट, किराया, समय-सारिणी और अन्य शहरों में बसों के वितरण का विस्तृत विवरण संबंधित विभाग की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगा।

छत्तीसगढ़ में 240 इलेक्ट्रिक बसों की यह योजना शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से आम यात्रियों को सुविधाजनक और अपेक्षाकृत स्वच्छ परिवहन विकल्प मिल सकता है।

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन बन रहा वैधृति योग, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्रि आज, 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना यानी कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस बार प्रतिपदा तिथि पर वैधृति योग और चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को दिल्ली में कलश स्थापना का प्रातःकालीन मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक बताया गया है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।
वैधृति योग में क्या रखें ध्यान?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, वैधृति योग और चित्रा नक्षत्र में घटस्थापना को लेकर कुछ सावधानियां बताई गई हैं। इसलिए श्रद्धालुओं को अपने क्षेत्र के पंचांग और स्थानीय विद्वान की सलाह के अनुसार मुहूर्त चुनना चाहिए। पंचांग के मुताबिक, वैधृति योग 11 अक्टूबर को रात लगभग 9:05 बजे तक रहेगा।

मां शैलपुत्री की पूजा से शुरू होगी नौ दिवसीय आराधना
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मां शैलपुत्री की आराधना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भक्त सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और पूजा स्थल की सफाई के बाद कलश स्थापित करते हैं।

कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, जल से भरा कलश, आम या अशोक के पत्ते, नारियल, अक्षत, रोली, पुष्प और दीपक जैसी पूजन सामग्री तैयार रखी जाती है। इसके बाद विधि-विधान से मां दुर्गा का आह्वान कर पूजा और आरती की जाती है।

नौ दिनों तक होगी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। नवरात्रि का पर्व देशभर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

एमपी में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत, हाईकोर्ट ने सरकार की अपील खारिज की

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मध्य प्रदेश में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के फैसले से कर्मचारियों को राहत मिली है। अदालत ने सरकार की अपील खारिज करते हुए पूर्व में दिए गए न्यायिक फैसलों के आधार पर राहत बरकरार रखी है। इस फैसले से लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों को उम्मीद मिली है।

पूर्व फैसलों के आधार पर राहत
मामले में हाईकोर्ट ने पहले दिए गए फैसलों और संबंधित कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अपना रुख स्पष्ट किया। अदालत ने कहा कि समान परिस्थितियों वाले मामलों में पूर्व में दिए गए न्यायिक निर्णयों के अनुरूप लाभ पर विचार किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों के सेवा संबंधी अधिकारों और सरकारी निर्णयों की न्यायिक समीक्षा का महत्व एक बार फिर सामने आया है।

कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है फैसला?
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा शर्तें, वेतन और अन्य लाभ लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे मामलों में अदालत के फैसले कर्मचारियों को कानूनी राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। हाईकोर्ट के इस निर्णय से संबंधित कर्मचारियों को पूर्व न्यायिक आदेशों के अनुसार राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, फैसले का वास्तविक लाभ किन कर्मचारियों को मिलेगा और उसका दायरा क्या होगा, यह संबंधित प्रकरण के आदेश तथा कर्मचारियों की पात्रता पर निर्भर करेगा।