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‘अमेरिका बहुत जल्द ईरान पर फैसला करेगा’, ट्रंप के बयान से बढ़ी हलचल; तेहरान के साथ तनाव बरकरार

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान को लेकर फैसला करेगा। उनके इस बयान से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और दोनों देशों के बीच आगे की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका का अगला कदम क्या होगा।

ईरान की अर्थव्यवस्था पर ट्रंप ने साधा निशाना
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर बताया। उन्होंने दावा किया कि ईरान में महंगाई करीब 300 प्रतिशत तक पहुंच गई है और वहां की सरकार को सैन्य कर्मियों को भुगतान करने में भी परेशानी हो रही है। ये आंकड़े और दावे ट्रंप के बयान पर आधारित हैं।

सैन्य कार्रवाई या कूटनीति, क्या होगा अमेरिका का अगला कदम?
ट्रंप ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ नए आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा, कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ाएगा या सैन्य विकल्पों पर विचार करेगा। ऐसे में उनके बयान को किसी नई सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।

इससे पहले 8 अक्टूबर को ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

फिलहाल, ट्रंप के ताजा बयान के बाद सभी की नजर अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम और ईरान के रुख पर है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि वॉशिंगटन तनाव कम करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाता है या ईरान पर दबाव बढ़ाने की नई रणनीति सामने लाता है।

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान, 500 करोड़ रुपये की निधि प्रस्तावित

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छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का लाभ स्थानीय युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों और छोटे व्यवसायियों तक पहुंचे।

500 करोड़ रुपये की मिशन निधि, 1,000 करोड़ से अधिक जुटाने की योजना
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ रुपये की मूल मिशन निधि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), केंद्र सरकार की योजनाओं और विभिन्न विभागों के समन्वय से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाने की कार्ययोजना बनाई गई है। इससे राज्य में पर्यटन अधोसंरचना और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

चित्रकोट, मैनपाट और सिरपुर सहित प्रमुख स्थलों का होगा विकास
मिशन के पहले चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित करने की योजना है। यहां सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली और सुरक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।

इसके साथ ही बस्तर और सरगुजा अंचल के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तथा धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों को भी पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। विकास के दौरान स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा जाएगा।

1,000 पर्यटन उद्यमी और 250 महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत 1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने और 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन आधारित गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों और 500 टूर गाइड तथा फ्रंटलाइन कर्मियों को प्रशिक्षण देने की योजना है।

स्थानीय युवाओं और महिलाओं को होमस्टे, पारंपरिक खानपान, हस्तशिल्प, लोककला, पर्यटक मार्गदर्शन और परिवहन जैसी गतिविधियों में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने की तैयारी
मिशन के अंतर्गत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने और उनके औसत प्रवास को बढ़ाकर दो दिन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पर्यटकों के ठहरने के लिए 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने की कार्ययोजना भी प्रस्तावित है।

इसके लिए होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही चार प्रमुख पर्यटन सर्किट और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है, ताकि पर्यटक एक ही यात्रा में प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का अनुभव कर सकें।

डिजिटल सुविधाओं से आसान होगी पर्यटन यात्रा
पर्यटकों की सुविधा के लिए बहुभाषी वेबसाइट, मोबाइल एप, डिजिटल बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पर्यटन सूचना और रियल टाइम नेविगेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे पर्यटकों को पर्यटन स्थलों, आवास, परिवहन और स्थानीय आकर्षणों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। <

‘पर्यटन से समृद्धि’ बनेगा सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को पर्यटन परियोजनाओं को समय-सीमा के भीतर आगे बढ़ाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन विकास को केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित न रखते हुए स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आर्थिक समृद्धि से जोड़ने पर जोर दिया।

राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ने, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनने और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।

किशोर कुमार गायन और अभिनय से हमारी स्मृतियों में हमेशा रहेंगे मौजूद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी सिनेमा के महान गायक और अभिनेता किशोर कुमार को याद करते हुए कहा कि उनकी आवाज, गायन शैली और अभिनय प्रतिभा हमेशा लोगों की स्मृतियों में जीवंत रहेंगी। किशोर कुमार ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और संगीत प्रेमियों के दिलों में अमिट स्थान बनाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किशोर कुमार का व्यक्तित्व और उनका कला संसार आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित करता है। उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और अभिनय में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनके गीतों में भावनाओं की गहराई, सहजता और जीवन के विविध रंग देखने को मिलते हैं।
खंडवा की धरती के सपूत थे किशोर कुमार

किशोर कुमार का जन्म मध्यप्रदेश के खंडवा में हुआ था। उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा के बल पर हिंदी फिल्म संगीत में विशेष मुकाम हासिल किया। रोमांटिक गीतों से लेकर हास्य और भावपूर्ण नगमों तक, उनकी आवाज ने हर तरह के गीत को यादगार बनाया। उनके लोकप्रिय गीत आज भी श्रोताओं के बीच उतने ही पसंद किए जाते हैं।

किशोर कुमार ने केवल गायक के रूप में ही नहीं, बल्कि अभिनेता, संगीतकार और फिल्म निर्माता के रूप में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी अनूठी शैली ने हिंदी सिनेमा को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किशोर कुमार की कला और संगीत की विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती रहेगी। उनके गीत समय की सीमाओं से परे हैं और आज भी लोगों को आनंद, संवेदना और प्रेरणा प्रदान करते हैं।

किशोर कुमार का नाम भारतीय संगीत जगत में सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा। मध्यप्रदेश के लिए भी यह गौरव की बात है कि खंडवा की धरती ने देश को ऐसी महान कला प्रतिभा दी, जिसने अपनी आवाज से करोड़ों लोगों के दिलों में स्थायी स्थान बनाया।

ICC रैंकिंग में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की बड़ी छलांग, भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना नंबर-1 पर बरकरार

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ताजा रैंकिंग में भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के प्रदर्शन की झलक देखने को मिली है। भारतीय महिला टीम की नवनियुक्त कप्तान स्मृति मंधाना ने वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी खिलाड़ी एलिस पेरी ने टॉप-10 में वापसी कर ली है।

790 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष पर स्मृति मंधाना
13 अक्टूबर 2026 को जारी ताजा महिला वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में स्मृति मंधाना 790 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं। कप्तानी की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उनका शीर्ष स्थान बरकरार रहना भारतीय क्रिकेट के लिए अहम उपलब्धि है।

एलिस पेरी की टॉप-10 में वापसी
ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी क्रिकेटर एलिस पेरी ने रैंकिंग में सुधार करते हुए शीर्ष-10 बल्लेबाजों में वापसी की है। उनकी वापसी से ऑस्ट्रेलियाई खेमे को मजबूती मिली है। ताजा रैंकिंग में खिलाड़ियों के स्थान उनके हालिया प्रदर्शन और रेटिंग अंकों के आधार पर तय होते हैं।

टी-20 रैंकिंग में भी भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदगी
महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी भारतीय बल्लेबाजों ने शीर्ष-10 में अपनी जगह बनाए रखी है। यह भारतीय महिला क्रिकेट में बल्लेबाजी की निरंतरता को दर्शाता है।

ICC की ताजा रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों का शीर्ष स्थान पर बने रहना और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की वापसी अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा को और रोचक बनाती है।

बाढ़-अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को योगी सरकार की राहत, 9 लाख किसानों के खातों में आएंगे ₹493 करोड़

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उत्तर प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों को कृषि अनुदान के रूप में 493 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे। इस पहल से प्रदेश के करीब 9 लाख किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

DBT के जरिए किसानों तक पहुंचेगी सहायता राशि
सरकार की ओर से दी जाने वाली यह आर्थिक सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई में किसानों की मदद करना और उन्हें आर्थिक संकट से उबारना है।

बाढ़ और लगातार हुई भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में कृषि फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में कृषि अनुदान की राशि किसानों को अगली फसल की तैयारी और खेती से जुड़े जरूरी खर्चों में सहारा दे सकती है।

करीब 9 लाख किसानों को मिलेगा लाभ
इस सहायता योजना के तहत लगभग 9 लाख किसानों तक आर्थिक मदद पहुंचाने का लक्ष्य है। सरकार का प्रयास है कि आपदा प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिले, ताकि फसल खराब होने से उनकी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने पर जोर
उत्तर प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित कृषि क्षेत्रों में किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की इस पहल से प्रभावित किसानों को तत्काल वित्तीय सहयोग मिलेगा और कृषि गतिविधियों को दोबारा गति देने में मदद मिलेगी।

493 करोड़ रुपये की यह सहायता किसानों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन सकती है। हालांकि, प्रत्येक किसान को मिलने वाली राशि उसके नुकसान के आकलन और पात्रता के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ केस दर्ज, गेट फांदकर पहुंचे थे प्रदर्शनकारी

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ केस दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, दोनों प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने के लिए गेट फांदकर अंदर गए थे। इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है।

जंतर-मंतर पर हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनाव प्रक्रिया और आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, प्रदर्शन स्थल पर निर्धारित नियमों का उल्लंघन किए जाने के आरोपों को लेकर पुलिस कार्रवाई कर सकती है।

सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों और आगे की कानूनी कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल, मामले में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष और केस की धाराओं की पुष्टि महत्वपूर्ण है।

दुष्यंत गौतम बने राज्यपाल, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु और केरल में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति

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देश के कई राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के साथ कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु और केरल में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति की खबर है। इन नियुक्तियों के तहत संबंधित राज्यों में संवैधानिक पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

राज्यपाल राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के प्रमुख होते हैं। उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राज्यपाल राज्य सरकार और केंद्र के बीच संवैधानिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नए राज्यपालों की नियुक्ति से संबंधित राज्यों में प्रशासनिक और संवैधानिक जिम्मेदारियों का नया दौर शुरू होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति की है। दुष्यंत गौतम को सिक्किम, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, ब्रज मोहन राम को ओडिशा और डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, ओम प्रकाश माथुर को केरल और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

शारदीय नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा को अर्पित करें ये 9 भोग, जानें किस दिन क्या चढ़ाने से मिलेगा आशीर्वाद

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शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर माना जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक दिन देवी के अलग-अलग स्वरूप को प्रिय भोग अर्पित करने से सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की जाती है। नवरात्रि में पूजा के साथ-साथ भोग, पुष्प और मंत्रों का भी विशेष महत्व है।

नवरात्रि के नौ दिनों में किस देवी को क्या अर्पित करें?
पहला दिन – मां शैलपुत्री
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन मां को गाय के दूध से बनी मिठाई, शुद्ध घी या घी से तैयार भोग अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है।

दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। इस दिन देवी को शक्कर, मिश्री और पंचामृत अर्पित किया जाता है। भक्त मां से तप, संयम, धैर्य और आत्मबल का आशीर्वाद मांगते हैं।

तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इस दिन मां को दूध, खीर या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे जीवन में शांति और साहस की प्राप्ति होती है।

चौथा दिन – मां कूष्मांडा
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को मालपुआ या मीठे पकवान अर्पित किए जा सकते हैं। भक्त अच्छे स्वास्थ्य, ऊर्जा और समृद्धि की कामना करते हैं।

पांचवां दिन – मां स्कंदमाता
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। इस दिन केले या केले से बने भोग का अर्पण करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां की कृपा से परिवार में सुख-शांति और संतान की खुशहाली बनी रहती है।

छठा दिन – मां कात्यायनी
छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना की जाती है। इस दिन देवी को शहद का भोग अर्पित करने की परंपरा है। भक्त मां से साहस, आत्मविश्वास और जीवन में सकारात्मकता की प्रार्थना करते हैं।

सातवां दिन – मां कालरात्रि
सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन मां को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई अर्पित की जाती है। मान्यता है कि देवी अपने भक्तों को भय और नकारात्मकता से रक्षा प्रदान करती हैं।

आठवां दिन – मां महागौरी
आठवें दिन मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन मां को नारियल, नारियल से बनी मिठाई या सफेद मिष्ठान का भोग लगाया जाता है। भक्त सुख, शांति और सौभाग्य की कामना करते हैं।

नौवां दिन – मां सिद्धिदात्री

नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन तिल, हलवा-पूरी, चना और अन्य पारंपरिक पकवान अर्पित करने की परंपरा है। कई परिवारों में कन्या पूजन कर छोटी बच्चियों को भोजन कराया जाता है और उपहार दिए जाते हैं।

भोग लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
नवरात्रि में मां दुर्गा को भोग अर्पित करते समय स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें। भोग सात्विक हो और पूजा स्थल साफ-सुथरा रहे। अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाज के अनुसार भोग में बदलाव भी किया जा सकता है।

धार्मिक मान्यताओं में भोग का महत्व केवल सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भक्त की श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का स्मरण करते हुए सच्चे मन से पूजा-अर्चना करें।

जेलेंस्की ने मांगा 60 दिन का युद्धविराम, रूस का जवाब- चुनाव के दिन ही रोकेंगे हमले

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक खींचतान तेज हो गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए रूस से 60 दिनों के पूर्ण युद्धविराम की मांग की है। हालांकि, रूस ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा है कि वह यूक्रेन में चुनाव के दिन हमले रोकने पर विचार कर सकता है। इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच युद्धविराम को लेकर मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं।

जेलेंस्की बोले- 60 दिन का युद्धविराम मिले तो कराएंगे चुनाव
जेलेंस्की ने अमेरिकी समाचार चैनल ABC को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 60 दिनों के लिए युद्ध रोकने पर सहमत होते हैं, तो यूक्रेन राष्ट्रपति चुनाव आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

उनका तर्क है कि लगातार जारी रूसी हमलों के बीच स्वतंत्र और सुरक्षित चुनाव कराना मुश्किल है। चुनावी प्रक्रिया के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना और नागरिकों को मतदान का अवसर देना जरूरी है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति का चुनाव कौन करेगा, इसका फैसला यूक्रेन की जनता को करना चाहिए।

रूस ने 60 दिन के प्रस्ताव को किया खारिज
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जेलेंस्की की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस अस्थायी युद्धविराम के बजाय व्यापक और दीर्घकालिक शांति समझौता चाहता है। रूस का आरोप है कि यूक्रेन 60 दिनों के युद्धविराम का इस्तेमाल अपनी सैन्य स्थिति मजबूत करने के लिए कर सकता है।

पेसकोव के मुताबिक, यदि यूक्रेन वास्तव में चुनाव कराना चाहता है, तो पुतिन मतदान के दिन रूसी सेना को हमले रोकने का आदेश देने के लिए तैयार हो सकते हैं। यानी रूस ने फिलहाल 60 दिनों के युद्धविराम के बजाय केवल चुनाव के दिन हमले रोकने का संकेत दिया है।

ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे और यूक्रेन में नए राष्ट्रपति की जरूरत की बात कही थी। इसके जवाब में जेलेंस्की ने कहा कि देश के नेतृत्व का फैसला यूक्रेन के नागरिकों को ही करना चाहिए।

इस बीच, रूस और यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने दोनों देशों के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के समझौते की घोषणा की थी, लेकिन यूक्रेन ने रूसी हमले जारी रहने की बात कही। ऐसे में व्यापक युद्धविराम की संभावनाओं पर अनिश्चितता बनी हुई है।

क्या युद्धविराम से चुनाव का रास्ता खुलेगा?
यूक्रेन में युद्ध के दौरान चुनाव कराने का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। जेलेंस्की का कहना है कि चुनाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा और स्थिरता जरूरी है, जबकि रूस तत्काल युद्धविराम के बजाय दीर्घकालिक समझौते पर जोर दे रहा है।

फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच 60 दिनों के युद्धविराम पर सहमति नहीं बनी है। आने वाले दिनों में अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्षों की कूटनीतिक पहल इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में जैव-सुरक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई ऊंचाई, BSL-3 प्रयोगशाला से बढ़ेंगे वैज्ञानिक नवाचार के अवसर: CM विष्णु देव साय

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छत्तीसगढ़ में जैव-सुरक्षा अनुसंधान और वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बीएसएल-3 (BSL-3) प्रयोगशाला की स्थापना से प्रदेश में उच्चस्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। इससे संक्रामक रोगों के अध्ययन, रोगजनकों की पहचान और आधुनिक जैव-चिकित्सा अनुसंधान की क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

जैव-सुरक्षा अनुसंधान के लिए मजबूत होगा बुनियादी ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाएं किसी भी प्रदेश की अनुसंधान क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। बीएसएल-3 प्रयोगशाला जैसी उच्चस्तरीय सुविधा से वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को विशेष जैव-सुरक्षा मानकों के तहत अनुसंधान करने का अवसर मिलेगा। इससे स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का वैज्ञानिक समाधान खोजने में सहायता मिल सकती है।

क्या है BSL-3 प्रयोगशाला?
बीएसएल-3 यानी बायोसेफ्टी लेवल-3 प्रयोगशाला ऐसी विशेष सुविधा होती है, जहां उन सूक्ष्मजीवों और रोगजनकों पर नियंत्रित परिस्थितियों में शोध किया जाता है, जो गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं और जिनके संक्रमण का जोखिम विशेष सावधानियों की मांग करता है। ऐसी प्रयोगशालाओं में वायु प्रवाह नियंत्रण, सुरक्षित प्रवेश व्यवस्था, विशेष उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों सहित कड़े जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं।

स्वास्थ्य और वैज्ञानिक नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन
बीएसएल-3 प्रयोगशाला से प्रदेश में संक्रामक रोगों की निगरानी, रोगों के अध्ययन और संभावित स्वास्थ्य संकटों से निपटने की वैज्ञानिक तैयारियों को मजबूती मिल सकती है। इसके साथ ही शोध संस्थानों, वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच सहयोग के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक को प्रदेश के विकास से जोड़ने पर जोर दिया। इस प्रकार की सुविधाएं छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य अनुसंधान, जैव-सुरक्षा और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं।