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MP के 7 सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों को NCISM की मान्यता, BAMS की 523 और PG की 117 सीटों पर प्रवेश

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मध्य प्रदेश के आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खबर है। NCISM ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश के सभी सात शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों को मान्यता दे दी है। मान्यता मिलने के बाद ये कॉलेज AYUSH NEET काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे। सातों संस्थानों में कुल 523 BAMS स्नातक और 117 MD/MS स्नातकोत्तर सीटों को मंजूरी मिली है।

भोपाल कॉलेज को सबसे ज्यादा PG सीटें
मान्यता प्राप्त सात कॉलेजों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इनमें पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज, भोपाल को BAMS की 75 और PG की 74 सीटें मिली हैं। वहीं शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज, इंदौर को BAMS की 75 और PG की 15 सीटें स्वीकृत हुई हैं।

इसके अलावा रीवा कॉलेज को BAMS की 75 और PG की 6, ग्वालियर को 75 और 5, उज्जैन को 75 और 17 सीटें मिली हैं। जबलपुर को BAMS की 75 तथा बुरहानपुर को 73 सीटों की मान्यता दी गई है। कुल सीटों में EWS कोटे की सीटें भी शामिल हैं।

AYUSH NEET काउंसलिंग में शामिल होंगे कॉलेज
NCISM की मान्यता के बाद इन संस्थानों के विद्यार्थी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। AYUSH UG में BAMS समेत अन्य पाठ्यक्रमों के लिए पात्र NEET-UG 2026 उम्मीदवारों की काउंसलिंग AYUSH Admissions Central Counseling Committee (AACCC) के माध्यम से होती है। सरकारी संस्थानों की AIQ सीटों के लिए AACCC ऑनलाइन काउंसलिंग आयोजित करता है।

इस मान्यता से प्रदेश में आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए सरकारी संस्थानों में उपलब्ध सीटों का दायरा बढ़ा है। साथ ही इंदौर में पहली बार 15 विषयों में PG शुरू होने की जानकारी भी सामने आई है।

4 शुभ योगों के महासंगम में इंदिरा एकादशी, 6 अक्टूबर को जानें पूजा और श्राद्ध का शुभ मुहूर्त

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पितृ पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी का धार्मिक महत्व विशेष माना जाता है। इस वर्ष इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को देर रात 2:07 बजे शुरू होकर 7 अक्टूबर को रात 12:34 बजे तक रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान करने से पितरों की शांति और मोक्ष की कामना की जाती है।

चार शुभ योगों का संयोग
इस बार इंदिरा एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि, सिद्ध, साध्य और शुभ योग का संयोग बताया गया है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6:17 बजे से रात 10:17 बजे तक रहेगा। सिद्ध योग सुबह 7:20 बजे तक और इसके बाद साध्य योग शुरू होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में इन योगों को पूजा और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

पूजा के लिए कौन सा मुहूर्त रहेगा खास?
6 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:39 से 5:28 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा। इसके अलावा सुबह 10:41 से दोपहर 12:09 बजे तक लाभ-उन्नति और दोपहर 12:09 से 1:37 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त बताया गया है।

पितरों के लिए श्राद्ध का समय
इंदिरा एकादशी पर उन पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा बताई जाती है, जिनका निधन एकादशी तिथि को हुआ हो। इसके लिए कुतुप मुहूर्त 11:46 बजे से 12:33 बजे, रौहिण मुहूर्त 12:33 से 1:20 बजे और अपराह्न काल 1:20 से 3:40 बजे तक बताया गया है।

कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा?
मान्यता के अनुसार व्रती सुबह स्नान कर भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान विष्णु को पंचामृत से अभिषेक कर पीले चंदन, फूल, अक्षत और तुलसी दल अर्पित किए जाते हैं। पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इंदिरा एकादशी के व्रत का पुण्य पितरों को समर्पित करने से उन्हें शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

UP में अपराधियों पर शिकंजा, 23,601 इनामी गिरफ्तार; 15,233 करोड़ की संपत्ति जब्त

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उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आंकड़े सामने आए हैं। सरकार के मुताबिक, 20 मार्च 2017 से अब तक 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसी अवधि में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 15,233 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत 995 लोगों पर कार्रवाई हुई। पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधियों के मारे जाने और 12,202 के घायल होने की जानकारी भी सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में दी गई है।

68 चिह्नित माफिया के खिलाफ कार्रवाई
प्रदेश स्तर पर चिह्नित 68 माफिया और उनके गिरोह के सदस्यों व सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों के मुताबिक, इनके खिलाफ 909 मुकदमे दर्ज किए गए और 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

साइबर अपराध पर भी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस थानों में साइबर सेल और हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। सरकार के अनुसार, अगस्त 2019 से जून 2026 के बीच साइबर अपराध से जुड़े मामलों में 874.58 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज या होल्ड कराई गई। इसके लिए साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 का इस्तेमाल किया गया।

सरकार ने इन आंकड़ों को अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई के तौर पर जारी किया है। आंकड़ों में गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती, गैंगस्टर एक्ट और साइबर अपराध से जुड़े मामलों की कार्रवाई शामिल है।

वित्तीय मजबूती के बावजूद नए संकट का खतरा, RBI गवर्नर ने किया अलर्ट

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भारतीय वित्तीय व्यवस्था फिलहाल मजबूत स्थिति में है, लेकिन भविष्य के संभावित जोखिमों को लेकर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सतर्क रहने की जरूरत बताई है। 3 अक्टूबर 2026 को आयोजित कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय मजबूती को भविष्य के संकट से सुरक्षा की गारंटी नहीं माना जा सकता।

मल्होत्रा के मुताबिक लंबे समय तक वित्तीय स्थिरता रहने से संस्थानों और निवेशकों में अधिक जोखिम लेने तथा कर्ज बढ़ाने की प्रवृत्ति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत पहले भी वित्तीय तनाव के दौर देख चुका है और कमजोरियों को समय रहते पहचानना जरूरी है।

बैंकिंग सिस्टम से बाहर से भी आ सकता है संकट
RBI गवर्नर ने चेताया कि अगला वित्तीय संकट जरूरी नहीं कि किसी बैंक या वित्तीय संस्था से ही शुरू हो। भू-राजनीतिक घटनाएं, साइबर हमले और तकनीकी गड़बड़ियां भी वित्तीय व्यवस्था में बड़े व्यवधान का कारण बन सकती हैं। वैश्विक वित्तीय नेटवर्क की बढ़ती आपसी निर्भरता के कारण एक जगह पैदा हुआ संकट दूसरे क्षेत्रों तक तेजी से फैल सकता है।

उन्होंने वित्तीय स्थिरता के लिए बैंकों के साथ-साथ NBFC, वित्तीय बाजार, पेमेंट सिस्टम, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क को भी मजबूत बनाने पर जोर दिया। उनके अनुसार लक्ष्य हर संकट को रोकना नहीं, बल्कि वित्तीय व्यवस्था को ऐसे तैयार करना है कि वह झटकों को सह सके और उनके प्रभाव को सीमित रखे।

RBI गवर्नर ने बेहतर डेटा, जोखिम की निगरानी, मजबूत संस्थानों और प्रभावी नियमन को वित्तीय स्थिरता के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में सतर्कता और सिस्टम की मजबूती बनाए रखना जरूरी है।

किसानों से नियमित संवाद करें मंडी सचिव, समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश

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उत्तर प्रदेश में मंडी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और किसान हितैषी बनाने की दिशा में मंडी परिषद ने नए निर्देश जारी किए हैं। मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने नवनियुक्त मंडी सचिवों से संवाद करते हुए किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने और उनसे नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।

निदेशक ने कहा कि मंडियां किसानों के लिए केवल कृषि उपज की बिक्री का केंद्र नहीं हैं, बल्कि उन्हें बेहतर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उन्होंने मंडी सचिवों से कहा कि मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी शिकायतों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।

उन्होंने किसानों और आढ़तियों से नियमित संवाद स्थापित करने तथा मंडी व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेकर उनका समाधान कराने पर जोर दिया। साथ ही कृषि उपज की खरीद-बिक्री से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

नवनियुक्त सचिवों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
मंडी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नवनियुक्त मंडी सचिवों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसमें मंडी संचालन, विभागीय प्रक्रियाओं, किसानों की शिकायतों के त्वरित समाधान, राजस्व संबंधी कार्यों और मंडी व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी जैसे विषय शामिल होंगे। किसानों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने पर भी प्रशिक्षण में विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मंडी परिषद के मुताबिक, सचिवों की भूमिका किसानों और मंडी प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की है। इसलिए उनसे संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने की अपेक्षा की गई है।

पशुपालकों के लिए बड़ी खबर, देशभर में खुलेंगी 75 हजार नई डेयरियां

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पशुपालकों और डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशभर में 75 हजार नई सहकारी डेयरियां खोलने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत सबसे अधिक डेयरियां मध्य प्रदेश में स्थापित की जाएंगी।

सरकार का फोकस ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के जरिए गांव-गांव तक डेयरी नेटवर्क मजबूत करने पर है। इसके तहत दूध संग्रहण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाने के साथ पशुपालकों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे छोटे पशुपालकों को अपने दूध के लिए संगठित बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

अमित शाह ने पशुपालन में नस्ल सुधार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि गायों की नस्ल सुधार के लिए 50 एकड़ जमीन की मांग को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। साथ ही दूध के अलावा गोबर से बायोगैस और जैविक खाद बनाने तथा दुग्ध उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक, डेयरी सहकारिता के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और महिलाओं की डेयरी क्षेत्र में भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

संसदीय समितियों में बड़ा फेरबदल, शशि थरूर को फिर मिली अहम जिम्मेदारी; कीर्ति आजाद की छुट्टी

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संसद की विभाग संबंधी स्थायी समितियों का 2026-27 के लिए पुनर्गठन कर दिया गया है। नई सूची में कई मौजूदा अध्यक्षों को बरकरार रखा गया है, जबकि कुछ समितियों की कमान नए सांसदों को सौंपी गई है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर को विदेश मामलों की संसदीय समिति का अध्यक्ष फिर से नियुक्त किया गया है। वहीं कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी कृषि समिति के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। मुकुल वासनिक को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की समिति की जिम्मेदारी भी बरकरार रखी गई है।

इस पुनर्गठन में कीर्ति आजाद को बड़ा बदलाव झेलना पड़ा है। वह इससे पहले रसायन एवं उर्वरक संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष थे। अब उनकी जगह TMC की काकोली घोष दस्तीदार को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

इसके अलावा भाजपा के सुधांशु त्रिवेदी को वाणिज्य समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि रामगोपाल यादव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। संजय कुमार झा को परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति समिति की जिम्मेदारी फिर मिली है।

संसदीय स्थायी समितियां संबंधित मंत्रालयों के बजट, नीतियों और विधेयकों की समीक्षा करती हैं तथा विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों और विशेषज्ञों से जानकारी लेकर संसदीय निगरानी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

जंतर-मंतर पर CEC के खिलाफ प्रदर्शन, कई नेता हिरासत में; 12 मेट्रो स्टेशन बंद, इंटरनेट भी रोका गया

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

हिरासत में लिए गए नेताओं में AAP की आतिशी, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज, RJD सांसद मनोज झा तथा कई छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई है; दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने करीब 550 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी, जबकि अन्य रिपोर्टों में यह संख्या 700 से अधिक बताई गई।

12 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट बंद
प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य दिल्ली के 12 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार कुछ समय के लिए बंद किए गए। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अनुसार बाद में इन स्टेशनों के गेट खोल दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई थी।

जंतर-मंतर के आसपास 12 घंटे इंटरनेट बंद
प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 12 घंटे के लिए निलंबित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक सेवा सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक प्रभावित रही।

प्रदर्शनकारियों की ओर से यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के बीच किया गया। वहीं निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं को शामिल करने और प्रक्रिया को लेकर अपने स्तर पर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में तीन FIR भी दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार इनमें निषेधाज्ञा के उल्लंघन और सरकारी काम में बाधा डालने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

एशियन गेम्स में भारत का दबदबा, पुरुष हॉकी टीम ने पांचवीं बार जीता गोल्ड

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भारत की पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। जापान के आइची-नागोया में खेले गए फाइनल में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का पांचवां गोल्ड मेडल जीता और लगातार दूसरी बार चैंपियन बना।

फाइनल में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे। उनके अलावा जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने भी गोल कर भारत की जीत में अहम योगदान दिया। मलेशिया की ओर से एकमात्र गोल शेल्लो सिल्वेरियस ने किया।

इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में जीत के साथ भारत ने पहली बार एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का खिताब लगातार दूसरी बार अपने नाम किया।

इस स्वर्ण पदक के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया है। खास बात यह है कि एशियन गेम्स 2026 में भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026 के 13वें संस्करण का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026 के 13वें संस्करण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संगीत भारतीय संस्कृति और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने हार्मोनिका महोत्सव में देश-विदेश से जुड़े कलाकारों और संगीत प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश कला और संस्कृति की विविध परंपराओं का केंद्र रहा है। प्रदेश में लगातार सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि कलाकारों को बेहतर अवसर मिल सकें और संगीत की विभिन्न विधाओं को बढ़ावा मिले।

उन्होंने कहा कि हार्मोनिका जैसे वाद्य यंत्र की अपनी विशिष्ट पहचान है। इसके माध्यम से विभिन्न संगीत शैलियों और संस्कृतियों को एक मंच पर लाने का प्रयास सराहनीय है। महोत्सव संगीत प्रेमियों के लिए अनुभव साझा करने और कलाकारों के बीच संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन की सफलता की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख कला एवं संगीत केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।